पुणे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को पुणे के शहरी परिवहन ढांचे को विस्तार देने वाली करीब 21,800 करोड़ रुपए की मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने हिंजेवाड़ी से शिवाजीनगर तक मेट्रो की तीसरी लाइन यानी पिंक लाइन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही पुणे मेट्रो के दूसरे चरण के चार नए कॉरिडोर की आधारशिला रखी गई।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी पुणे के विकास को नई गति देगी और लोगों के लिए आवागमन को आसान बनाएगी। उन्होंने शहरों को केवल आबादी के रहने का स्थान नहीं, बल्कि देश की आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बताते हुए छोटे शहरों को भी विकास के नए केंद्र के रूप में तैयार करने पर जोर दिया।
हिंजेवाड़ी आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ेगी पिंक लाइन
प्रधानमंत्री ने 8,300 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से तैयार करीब 23 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन किया। यह कॉरिडोर हिंजेवाड़ी के आईटी हब को शिवाजीनगर स्थित जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा। इस मार्ग पर कुल 23 स्टेशन हैं। इससे आईटी पार्क में काम करने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी।
इस लाइन पर यात्री सेवाएं 4 नवंबर से शुरू होंगी। शुरुआती चरण में 17 स्टेशनों पर सेवा उपलब्ध होगी, जबकि शेष छह स्टेशन जनवरी 2027 तक चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जाने की योजना है।
इस कॉरिडोर की खास बात यह है कि इसका संचालन पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा। साथ ही, इसकी बिजली जरूरत का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा करने की व्यवस्था की गई है। परियोजना से निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और सड़क यातायात का दबाव घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दूसरे चरण के चार नए कॉरिडोर की रखी नींव
प्रधानमंत्री ने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण के तहत लगभग 13,500 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले चार नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी। इनमें शामिल हैं
लाइन 2ए: वनाज से चांदनी चौक तक।
लाइन 2बी: रामवाड़ी से विठ्ठलवाड़ी तक।
लाइन 4: खराड़ी से खडकवासला तक।
लाइन 4ए: नल स्टॉप से माणिक बाग तक।
इन नए मार्गों से खराड़ी, मगरपट्टा, हडपसर, स्वारगेट, पुणे कैंटोनमेंट, वारजे और आसपास के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक एवं आईटी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। नए कॉरिडोर मौजूदा मेट्रो नेटवर्क और अंतरशहरी बस सेवाओं से भी जुड़ेंगे, जिससे यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने में सुविधा होगी।
मेट्रो नेटवर्क को बताया आर्थिक विकास का आधार
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक शहरों की पहचान अब केवल उद्योग, कारोबार और स्थानीय उत्पादों से नहीं, बल्कि वहां की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और जीवन की सुगमता से भी होती है। मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं लोगों का यात्रा समय बचाती हैं। इससे शहर की उत्पादकता बढ़ती है और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है।
उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में देश का मेट्रो नेटवर्क बढ़कर करीब 1,200 किलोमीटर तक पहुंच गया है और 26 शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं। प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक यात्री इन सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। महाराष्ट्र में भी मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हुआ है। वर्ष 2014 में राज्य में जहां करीब 10 से 11 किलोमीटर मेट्रो लाइन चालू थी, वहीं अब लगभग 175 किलोमीटर नेटवर्क परिचालन में है और 680 किलोमीटर से अधिक के कॉरिडोर पर काम चल रहा है।
‘शक्ति से सशक्तीकरण’ और गरीबी उन्मूलन पर जोर
अपने संबोधन में मोदी ने ‘शक्ति से सशक्तीकरण’ और सुशासन के मंत्र को दोहराया। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास और गरीबी उन्मूलन एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अर्थव्यवस्था बढ़ने से सरकार के पास सार्वजनिक निवेश के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होते हैं। सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, मेट्रो, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाओं पर होने वाला खर्च रोजगार के अवसर भी पैदा करता है।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि विश्व बैंक की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 से 12 वर्षों में भारत में 50 करोड़ लोगों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को आवास, शौचालय, नल से जल और रसोई गैस जैसी सुविधाएं मिलने से उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है और समय की बचत के कारण वे अतिरिक्त आय अर्जित करने की दिशा में भी आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि गरीबी कम होने से नया मध्यम वर्ग मजबूत होता है, उसकी क्रय शक्ति बढ़ती है और बाजार में मांग पैदा होती है। इसका लाभ दुकानों से लेकर कारखानों तक पहुंचता है।
महाराष्ट्र के किसानों को दिया भरोसा
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र में प्रतिकूल मौसम और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य के किसान कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार उनकी सहायता के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और इस संकट से सामूहिक प्रयासों के जरिए निपटा जाएगा।
मोदी ने दीपावली के अवसर पर लोगों से अपील की कि वे सूखे और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को भी याद रखें, ताकि त्योहार की खुशियां उन तक भी पहुंच सकें। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।



