बारां। राजस्थान में बारां नगर में जिला राष्ट्र सेविका समिति का पथ संचलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पथ संचलन में सेविकाओं के कदम से कदम मिले।
यह आयोजन बारां नगर क्षेत्र में दूसरी बार हुआ, जिसमें सैकड़ों राष्ट्र सेविकायें शामिल हुईं। पथ संचलन से पहले श्रीराम स्टेडियम प्रांगण में दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यवक्ता रीना शुक्ला ने सेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि 1936 में लक्ष्मीबाई केलकर ने राष्ट्र सेविका समिति की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि पथ संचलन का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और सामाजिक राष्ट्रीय के साथ ही सनातन संस्कृति कार्यों में उनकी अहम भूमिका को मजबूत करना है।
शुक्ला ने कहा कि संघ के पंच परिवर्तन जैसे विषयों में महिलाओं की भूमिका कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी एवं नागरिक कर्तव्यों में अधिक बढ़ जाती है। बौद्धिक सत्र के पश्चात पथ संचलन आरंभ हुआ।
घोष वाद्य यंत्रों की गूंज के साथ निकले पथ संचलन में सेविकाएं समान वेशभूषा में अनुशासित पंक्तियों में चल रही थीं। खड़गधारी सेविकाओं की ध्वज वाहिनी, कदमों की एकरूपता एवं अनुशासन ने नगरवासियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। सेविकाओं के चेहरों पर आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति की झलक स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
पथ संचलन श्रीराम स्टेडियम परिसर से प्रारंभ होकर चौथ माता मंदिर, हॉस्पिटल रोड, धर्मादा चौराहा, पुराना थाना, चौमुखा होते हुए श्रीजी मंदिर से सब्जीमंडी, प्रताप चौक से श्रीराम स्टेडियम पंहुचा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत वंदे मातरम के साथ हुआ। पूरे मार्ग में नगरवासियों ने जयघोष और नारों के साथ पथ संचलन का स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा एवम पटाखों की गड़गड़ाहट के साथ सेविकाओं का अभिनंदन किया गया। सर्व हिन्दू समाज ने पथ संचलन का भव्य स्वागत किया।



