शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में चोरी के मामले में वांछित एक आरोपी सर्राफा व्यापारी की तलाश में दबिश देने पहुंची लखनऊ पुलिस और स्थानीय पुलिस पर उसे मकान की छत से नीचे फेंकने का आरोप लगा है। इस घटना में आरोपी उमेश गुप्ता (62) की मौत हो गई। मृतक की पत्नी की तहरीर पर छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) देवेंद्र कुमार ने बताया कि निगोही थाने में दर्ज प्राथमिकी में मृतक की पत्नी शांति देवी ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी बुधवार तड़के उनके घर पहुंचे और उमेश गुप्ता की तलाश में छत पर गए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उमेश को छत से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि लखनऊ के मलिहाबाद थाने में वर्ष 2025 में चोरी का एक मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर करीब 30 किलोग्राम चांदी उमेश गुप्ता के यहां बेचने की बात कही थी।
न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद मलिहाबाद पुलिस बुधवार तड़के करीब तीन बजे निगोही पुलिस के सहयोग से उमेश गुप्ता के घर पहुंची थी। दबिश के दौरान उमेश घर में नहीं मिला और टीम वापस लौट गई। इसके बाद सुबह करीब सात बजे उसका शव पड़ोस में निर्माणाधीन मकान में मिला।
मलिहाबाद थाना प्रभारी सुरेंद्र भाटी ने बताया कि उमेश के खिलाफ न्यायालय से आठ मई को वारंट लिया गया था। उसने गिरफ्तारी से राहत के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय का रुख किया था, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली थी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें सिर में चोट लगने को मृत्यु का कारण बताया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया और पुलिस सुरक्षा में मृतक का अंतिम संस्कार कराया गया।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।



