धार। मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला-कमाल मौलाना दरगाह परिसर के निकट जुमे की नमाज के लिए जिला प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच हुई बैठक में नया स्थान तय किया गया है। अब नमाज खसरा नंबर 611 और 612 की भूमि पर अदा की जाएगी। हालांकि क्षेत्र के कुछ रहवासियों ने इस भूमि पर अपना स्वामित्व बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई है। प्रशासन ने संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के बाद नमाज स्थल को लेकर स्थिति स्पष्ट होने पर देर शाम कलेक्टर राजीव रंजन मीणा, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा तथा राजस्व अधिकारियों ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में शहर काजी वकार सादिक, कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि अब्दुल समद तथा अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में सहमति बनी कि भोजशाला परिसर की बाउंड्रीवॉल से सटी खसरा नंबर 611 और 612 की भूमि पर जुमे की नमाज अदा की जाएगी। मुस्लिम समाज का कहना था कि पहले प्रस्तावित स्थान पर नमाज अदा करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था।
इस बीच नए स्थान के चयन का कुछ स्थानीय रहवासियों ने विरोध किया। उनका दावा है कि संबंधित भूमि पर उनका पुश्तैनी अधिकार है। प्रशासन ने उन्हें शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक भूमि स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा है, जिनकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र के रहवासी एवं कांग्रेस नेता अभिनव बिजवा ने कहा कि यदि स्वामित्व स्पष्ट किए बिना भूमि पर समतलीकरण अथवा अन्य कोई कार्य किया जाता है तो उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि अब्दुल समद ने बताया कि प्रस्तावित नमाज स्थल पर वर्षा के कारण कीचड़ है तथा वहां खेती भी की जा रही है। इसे देखते हुए प्रशासन से नमाज स्थल तक सुरक्षित पहुंच मार्ग, वजू के लिए पानी, सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।



