मुझे बस मेहनत करना आता है : हार्दिक पंड़या

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अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने कहा कि मैं हर टूर्नामेंट से पहले बहुत ज्यादा मेहनत करता हूं। मुझे तो बस मेहनत करनी आती है। इसी के साथ टीम के अन्य खिलाड़ियों ने भी अपने-अपने अनुभव साझा किए।

न्यूजीलैंड पर मिली 96 रनों से जीत के बाद हार्दिक पंड्या ने कहा कि उस जीत में बहतु सारी कठिनाई थी। उसमें वापसी की कहानी थी। ये जो जीत है, ये थोड़ी अलग है। 2024 के बाद से मैंने सोच लिया है कि जो टूर्नामेंट खेलूंगा, अब मैं नहीं हारूंगा। मैं हर टूर्नामेंट से पहले काफ़ी ज़्यादा मेहनत करता हूं। मुझे तो बस मेहनत करनी आती है। मैं अच्छा इंसान बनना चाहता हूं।

आप जिस हार्दिक पंड्या को देखते हो, उसमें मेरे फ़ीजियो, मेरे खाना बनााने वाले, और कई लोगों का योगदान है। और जब से मेरी लाइफ में महिका आई है, सब कुछ बदल गया है। अब मैं बस अच्छा करना चाहता हूं और जीतते रहना चाहता हूं। मैं अभी बहुत सीनियर बन चुका हूं। मुझे और 10 ट्रॉफ़ी जीतना है और 10 साल खेलना है। (2023 की इंजरी फ़ाइनल से पहले) वह काफ़ी इमोशनल बात है।

भारत में विश्व कप जीतना बहुत बड़ी बात है। कल से मुझे पता था कि हम चैंपियन हैं। मैंने महिका को भी यही बोला कि डोंट वरी, यह हम ही जीतने वाले हैं। हारना मेरे दिमाग़ में कभी रहा ही नहीं। आज किशन, अभिषेक सबको मैं यही बोला कि अपने अच्छे पलों को याद करो और जाकर खेलो। इशान किशन और सैमसन के साथ जो हुआ, वही लाइफ़ है। आप जब मेहनत करते हैं, सब की ख़ुशियों में अपनी ख़ुशियां तलाशते हैं, तो आपको मौक़ा ज़रूर मिलता है।

उन्होंने बहुत मेहनत की और शांत रहें, अब उन्हें उसका पुरुस्कार मिल रहा है।
तिलक वर्मा ने कहा कि टीम को ज़रूरत थी कि हम किसी भी पोज़ीशन पर बल्लेबाज़ी के लिए तैयार रहें। हमने तैयारी भी उसी तरह की। फ़ील्डिंग में हमने अच्छी फ़ील्डिंग की थी। आज भी हमारी टीम ने अच्छी फ़ील्डिंग की। हालांकि फ़ील्डिंग में यह हमारा परफ़ेक्ट दिन नहीं था। अगले दो दिन बड़ी पार्टी होने वाली है। फिर थोड़ा रेस्ट करेंगे और फिर आईपीएल है।

तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने कहा कि मैं मिचेल को सॉरी बोलने गया था। मैंने जान बूझ कर नहीं मारा था। अगर बल्लेबाज़ 250 बन रहे हैं तो हमें गेंदबाज़ के तौर पर उन्हें उस स्कोर से पहले रोकना चाहते हैं। इस फ़ीलिंग को पूरी तरह से समझने में दो-चार दिन लेगेंगे।

वरूण चक्रवर्ती ने कहा कि लगातार दो ट्रॉफ़ी जीतना बहुत अच्छा एहसास है। वॉशिंगटन सुदंर ने कहा कि सभी के सभी सपोर्ट स्टाफ़ ने कमाल का किया। इस टीम का हिस्सा होना बहुत बड़ी बात है। शिवम दुबे ने कहा कि टूर्नामेंट के पहले दिन से ही मेरा काम बड़े छक्के मारना था। कभी बैटिंग बाद में आई, कभी नहीं आई लेकिन मेरा काम सिक्सर मारना ही था। आज बहुत बड़ा स्टेज था। यह जीत काफ़ी बड़ी है। लोगों ने जिस तरह से हमें सपोर्ट किया, वह अदभुत है।

सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने कहा कि एक बात मेरे मन में काफ़ी समय से थी। मैं पहले भी इसे साझा करना चाहता था, लेकिन शायद आज उससे बेहतर दिन नहीं हो सकता। कप्तान और कोच को मुझ पर भरोसा था। एक समय ऐसा भी था जब मुझे खु़द पर शक़ होने लगा था। मैंने पहले कभी ऐसा अनुभव नहीं किया था। यह टूर्नामेंट मेरे लिए काफ़ी मुश्किल रहा। मैं बस अपनी प्रक्रिया पर ध्यान देने की कोशिश कर रहा था। हर मैच को अलग मानकर खेल रहा था। लेकिन यह आसान नहीं था।

फिर भी मुझे इस टीम से प्यार है, क्योंकि जिस तरह सभी ने मेरा साथ दिया वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। पूरे साल मैं टीम के लिए अच्छा कर रहा था, लेकिन इस बड़े टूर्नामेंट में वैसा नहीं कर पा रहा था। फिर भी टीम और मैनेजमेंट ने मुझ पर भरोसा बनाए रखा। टूर्नामेंट के बीच में मैं भावुक हो गया था और कोच व कप्तान से बात करना चाहता था। उन्होंने मुझसे कहा कि तुम हमारे लिए बड़े मैच जिताओगे। दर्शकों ने भी मुश्किल समय में हमारा खूब साथ दिया।