अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र में सरकारी विद्यालय के एक अध्यापक ने रविवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अध्यापक बड्डनराम ने एक पत्र लिखकर छोड़ा है जिसमें आरोप है कि स्कूल प्रशासन उनका स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद भी जबरदस्ती काम करा रहा था। इस संबंध में संबंधित अध्यापक ने जिला अधिकारी तक अपनी फरियाद पहुंचाई, लेकिन स्कूल प्रशासन और जिला अधिकारी ने उनकी कोई बात नहीं सुनी। आखिर में उन्होंने परेशान होकर अपने घर पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
निर्भयपुरा गांव के बड़डन राम डेहला वास के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत थे और इसी जून में वह सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनके भतीजे सुरेंद्र ने बताया कि स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा उन पर काम को लेकर दबाव डाला जा रहा था। जून में वह सेवानिवृत्त होने वाले थे।
अपने खराब स्वास्थ्य को देखते हुए उन्होंने सेवा निवृत्ति से पहले अपना कार्यभार किसी दूसरे अध्यापक को सौंपने के लिए कई बार संस्था प्रधान को लिखित में प्रार्थना पत्र भी दिया, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। वह काफी दिन से परेशान थे और कई दिन से उन्होंने खाना भी छोड़ दिया था। आज अपराह्न करीब तीन बजे अकेले में उन्होंने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।



