तेलंगाना में TRS अध्यक्ष कविता ने अश्लील टिप्पणी करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

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हैदराबाद। तेलंगाना रक्षा समिति (टीआरएस) की अध्यक्ष के कविता ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित रूप से अश्लील टिप्पणी करने वाले एक पुलिस अधिकारी को तत्काल बर्खास्त कर गिरफ्तार करने की मांग की है।

कविता ने रविवार को कहा कि महिलाओं को ऐसे उत्पीड़न से सुरक्षा देने वाले कानून मौजूद होने के बावजूद पुलिस विभाग ने अब तक प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की। उन्होंने बंजारा हिल्स स्थित पार्टी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केवल अधिकारी को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद से अधिकारी के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और विभागीय अनुशासन नियमों के प्रावधानों का हवाला देते हुए सवाल किया कि जब एक पूर्व सांसद और विधान परिषद सदस्य तक को इस तरह के उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

कविता ने विधानसभा के मौजूदा सत्र में प्रस्तावित घृणा भाषण संबंधी कानून पेश किए जाने की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा पुलिस महानिदेशक के कार्यकाल में अपराध दर बढ़ी है। उन्होंने गांजा कारोबार में वृद्धि को लेकर पुलिस महानिदेशक की टिप्पणी पर भी सवाल उठाया और कहा कि इसकी तस्करी रोकना पुलिस की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि वह संबंधित अदालती फैसलों की प्रतियां पुलिस महानिदेशक को भेजेंगी और चेतावनी दी कि यदि अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाएंगी।

तेलंगाना आंदोलन के कार्यकर्ताओं के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कविता ने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी पर चुनाव से पहले उनसे किए गए आश्वासनों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने पहचान पत्र, पेंशन और बीमा कवरेज समेत सभी वादों को तत्काल लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विधानसभा के मौजूदा सत्र के दौरान सरकार को इन वादों को पूरा करने के लिए निश्चित समयसीमा के साथ स्पष्ट आश्वासन देना चाहिए।

कविता ने तेलंगाना जन समिति के नेता प्रो. एम कोदंडराम से भी आग्रह किया कि वे आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाना सुनिश्चित करें। उन्होंने पिछड़े वर्गों (बीसी) के आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस की कार्यशैली की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से नहीं उठा रही है और न ही सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली ले जा रही है।

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा कराई जा रही जातिगत जनगणना में जाति संबंधी विवरण के लिए अलग से एक कॉलम शामिल करने की भी मांग की।