मुंबई। शिवसेना (ठाकरे गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि उपराष्ट्रपति चुनाव के दौरान एक चमत्कार की उम्मीद है क्योंकि विपक्षी गठबंधन (इंडिया) कड़ी टक्कर देने के लिए एकजुट हो रहा है।
ठाकरे ने इस बात पर भी जोर दिया कि एक निष्पक्ष उपराष्ट्रपति भारत के लोकतंत्र की रक्षा करेगा और उनका मानना है कि इस पद को राजनीतिक प्रभाव से दूर रहना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि इंडिया गठबंधन अपने चुनाव में भाग लेने के निर्णय को लेकर एकजुट है और अपनी जीत को लेकर भी आश्वस्त है। आगे कहा कि विपक्ष जीतने और देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफा देते ही उपराष्ट्रपति चुनाव की गहमागहमी शुरू हो गई थी। धनखड़ ने अपने इस्तीफे में स्वास्थ्य संबंधी कारण बताए लेकिन जल्द ही संभावित बाहरी दबाव की बातें भी होने लगीं। आरोप लगाया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के दबाव के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया है। हालांकि कुछ बातें और भी कही गई जिसमें बताया गया कि धनखड़ विपक्ष का पक्ष ले रहे थे।
इसी बीच एनडीए ने उपराष्ट्रपति के पद पर सीपी राधाकृष्णन के नाम का ऐलान कर दिया। इंडिया गठबंधन ने भी न्यायमूर्ति बी.सुदर्शन रेड्डी के नाम की दावेदारी कर दी। ठाकरे ने विपक्ष के संकल्प की बात करते हुए कहा कि सभी विपक्षी नेता रेड्डी की जीत सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रहे हैं।
ठाकरे ने कहा कि विपक्ष उपराष्ट्रपति चुनाव में लड़ने और जीतने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बीच भाजपा ने कथित तौर पर उद्धव ठाकरे और एनसीपी (शरद पवार) के मुखिया शरद पवार से संपर्क साधा और इस चुनाव से दूर रहने को कहा। हालांकि इन प्रस्तावों के बाद भी विपक्ष ने इंडिया गठबंधन के बैनर तले अपने उम्मीदवार का साथ देने का फैसला किया है।