अजमेर। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने केन्द्रीय बजट को विकसित भारत-2047 के लिए दिशा देने वाला बताते हुए कहा है कि इससे आम नागरिकों की उम्मीदें पूरी होगी।
दिया कुमारी सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में केन्द्रीय बजट के सम्बन्ध में मीडियाकर्मियों को जानकारी दे रही थी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रस्तुत केन्द्रीय बजट देश को विकसित भारत की दिशा में मजबूती से आगे ले जाने वाला बजट है। पहली बार कर्तव्य भवन में निर्मित केन्द्रीय वित मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट तीन कर्तव्यों पर आधारित है। इसमें आर्थिक स्थिरता समावेशी विकास, भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ सबका साथ-सबका विकास को बल दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस बजट को देखकर निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि ज्ञान (जीवाईएएन) यानी जी-गरीब, वाई-युवा, ए-अन्नदाता, एन-नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मोदी सरकार समर्पित है। बजट के आधार तीन कर्तव्य तेज और सतत आर्थिक वृद्धि, आम नागरिकों की उम्मीदों को पूरा करना तथा सबका साथ-सबका विकास है।
उन्होंने बताया कि सतत आर्थिक वृद्धि के लिए इस बजट की सबसे बडी विशेषता आधारभूत संरचना पर भारी निवेश है। इसके तहत प्रोडक्शन और मेन्यूफेक्चर क्षेत्र को बढ़ावा देना है। इण्डिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 रेयर अर्थ कॉरीडोर, केमिकल पार्क केपीटल गुड्स प्रोडक्शन को बढ़ावा दिया गया है। इलेक्ट्रोनिक्स कम्पोनेट्स योजना का विस्तार 40 हजार करोड की लागत से किया गया है। दस हजार करोड से बायो फॉर्मा शक्ति योजना बनाई गई हैं।
चैम्पियन एमएसएमई को बनाने की एक नई पहल से मध्यम एंव लघु उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इसी सेक्टर के ग्रोथ के लिए 10 हजार करोड का एसएमई ग्रोथ फन्ड का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार के द्वारा बजट में 12.2 लाख करोड का पब्लिक केपीटल एक्सपेन्डिचर फन्ड प्रस्तावित किया गया है जो अब तक का सबसे अधिक हैं। इसके साथ ही कुल मिलाकर प्रभावी केपेक्स 17.1 लाख करोड, यानी देश की जीडीपी का 4.4 प्रतिशत तय किया गया है। इससे सड़के, रेलवे, लोजिस्टिक इन्डस्ट्रीयल एरिया, शहरी ढांचा और कनेक्टीविटी पर बड़े स्तर पर काम होगा। इन्फ्रॉस्ट्रक्चर वृद्धि से रोजगार पैदा होंगे, निवेश में वृद्धि होगी जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
दिया कुमारी ने बताया कि बजट में घोषित नए फ्राइट कॉरीडोर, 20 नए जलमार्ग, कॉस्टल कार्गो योजना, सात हाई स्पीड रेलवे कॉरीडोर, 20 हजार करोड का सीसीयूएस निवेश, सिटी इकोनोमिक रिजन्स का विकास, टीयर 2 और टीयर 3 शहरों में कॉपोरेट मित्रों की नियुक्ति सरकार के प्रथम कर्तव्य तेज और सतत आर्थिक वृद्धि को दर्शाता हैं।
उन्होंने बताया कि मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार लगातार आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन आदि सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। इसके तहत इस बजट में एक लाख एलाईड हेल्थ प्रोफेश्नल्स, डेढ लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षण और पांच मेडिकल हब बनाने तथा कैंसर की 17 आवश्यक दवाओं में कस्टम ड्यूटी में छूट की घोषणा कर सरकार ने आमजन को अच्छी मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की ओर कदम बढ़ाया है।
उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को अच्छी सुविधाएं देने के लिए पांच यूनिवर्सिटी टॉउनशिप तथा हर जिले में बालिका छात्रावास के निर्माण की घोषणा एक ऐतिहासिक कदम है। विश्व के सबसे युवा देश भारत के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं देने को प्रतिबद्ध मोदी सरकार के द्वारा अगले 10 वर्षों के लिए खेलो इंडिया मिशन की घोषणा इस बजट में की गई है।
उन्होंने बताया कि इस बजट में पर्यटन क्षेत्र, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने का माध्यम बनाया गया हैं। नेशनल इन्स्टीटूट ऑफ हॉस्पिटालिटी की स्थापना, 20 विशेष पर्यटन स्थलों की स्थापना, खगोल विज्ञान को बढ़ावा तथा 10 हजार गाइडों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत महत्व वाले सभी स्थानों के डिजीटल डॉक्यूमेन्ट्स तैयार करने के लिए नेशनल डेस्टीनेशन डिजीटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना की जाएगी। विरासत और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत के 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूर्वाेत्तर के पांच पर्यटन स्थलों का विकास तथा बौद्ध सर्किट की स्थापना की जाएगी। अवसंरचना आधारित पर्यटन क्षेत्र का विकास, पर्यटन स्थलों पर संपर्क और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस बजट में पर्यटन को केवल मनोरंजन नहीं बल्कि पर्यटन क्षेत्रों के विकास का मजबूत आधार बनाया गया है।
दिया कुमारी ने बताया कि मोदी द्वारा दिए गए नारे सबका साथ-सबका विकास को आधार मानते हुए इस बजट में सभी वर्गों जैसे महिला, किसान, युवा, गरीब आदि के उत्थान का ध्यान रखा गया है। भारत के अन्नदाता किसान भाईयों की आय में वृद्धि करने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए इस बजट में अत्यन्त सकारात्मक कदम उठाए गए है। भारत विस्तार नामक एआई टूल्स के माध्यम से कृषि प्रणालियों को तकनीक से जोडा जाएगा।
उच्च मूल्य वाली खेती को बढ़ावा देने के लिए नारियल, चंदन, कोको, काजू जैसी फसलों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय फाइबर योजना की शुरूआत कृषि क्षेत्र में रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर में भारत को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में ठोस कदम है। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज्य इनिशियटिव का प्रस्ताव दिया गया। इससे ग्रामीण युवाओं, बुनकरों, कुटीर खादी उद्योगों को फायदा होगा।
उन्होंने बताया कि बजट 2026-27 में ग्रामीण अर्थव्यवस्था किसान समृद्धि को मजबूती देने के लिए पशु पालन के क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। इस दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाते हुए पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पूंजी सब्सिडी योजना का प्रावधान किया गया है। पांच सौ जलाशयों और अमृत सरोवरों को एक कर मछली पालन के क्षेत्र को सशक्त बनाने का निर्णय ऐतिहासिक हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की पहचान रिफार्म, परफार्म और ट्रासंफार्म है।
हम गर्व से कह सकते हैं कि भारत केवल सुधारों की चर्चा नहीं करता बल्कि रिफार्म एक्सप्रेस पर सवार होकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस रिफार्म एक्सप्रेस का सबसे मजबूत इंजन हमारी नारी शक्ति हैं। इस बजट में महिला सशक्तिकरण के लिए जो रोडमैप प्रस्तुत किया गया है वह महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उनकी भूमिका को विस्तार देता है।
उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए डेढ लाख केयरगिवर्स और एक लाख एएचपी को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्थान के लिए (सेल्फ हेल्प इटंरप्रेन्योर) शीमार्ट को अब कम्यूनिटी स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों के रूप में स्थापित किया जाएगा।
एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं के लिए 10 हजार करोड के एसएमई ग्रोथ फण्ड की स्थापना की गई है। यह महिला उद्यामियों को इक्यूविटी सपोर्ट प्रदान करेगा। साथ ही लखपति दीदी योजना का भी विस्तार किया गया है। बजट में महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में कई पहल की गई है। इससे वे सुरक्षित और आर्थिक रूप से मजबूत हो पाएंगी।
उन्होंने बताया कि इसी के साथ सभी वर्गों के विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाएं प्रस्तावित की गई है। दिव्यांग कौशल योजना, सहायक उपकरण योजना, मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए उत्तर भारत में निमहन्स-2 की स्थापना, तीन आयुर्वेदिक एम्स का निर्माण, ईस्ट कोस्ट इन्ड्सट्रीयल कोरिडॉर की स्थापना, इनकम टैक्स स्लेब में स्थिरता, समुद्री उत्पादों पर शुल्क मुक्त आयात की सीमा एक से बढ़ाकर तीन प्रतिशत की गई, व्यापार को सरल बनाने के लिए टीयर 2 और टीयर 3 के अधिकृत आर्थिक ऑपरेटरों के लिए शुल्क स्थगन अवधि को 15 से बढ़ाकर 30 दिन किया गया हैं। ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा दिया गया है। आईटी डाटा सेन्टर एवं विदेशी निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है। इससे कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किये जा सके।
उन्होंने बताया कि भारत की सैन्य शक्ति को मजबूती प्रदान करने एवं आधुनिकीकरण करने हेतु रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वत्तीय मोर्चे पर भी यह बजट संतुलित है। सरकार ने वित्तीय घाटे को जीडीपी 4.4 प्रतिशत पर नियंत्रित रखते हुए यह संदेश दिया है कि विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी जरूरी हैं। टैक्स सिस्टम को सरल बनाने ईज ऑफ डूईंग बिजनस को बढाने, निर्यात को प्रोत्साहित करने और ईमानदार करदाताओं को राहत देने के कई कदम बजट में शामिल किए गए है। इससे आम आदमी और कारोबार दोनों को फायदा होगा। केन्द्र राज्य की साझेदारी को नई दिशा देने वाले एक प्रगतिशील, दूरगामी और प्रभावशाली बजट के लिए प्रधानमंत्री जी और केन्द्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया।
दिया कुमारी ने बताया कि बजट से राजस्थान प्रदेश को भी अभूतपूर्व लाभ होगा। बढ़ा हुआ पूंजीगत व्यय सडक, शहरी विकास, लोजिस्टिक और इन्डस्ट्रीयल ढांचे को मजबूती देगा। दिल्ली-मुम्बई इन्डस्ट्रीयल कॉरीडोर से जुडे ईलाकों को विशेष लाभ होगा। एमएसएमई से जुडी योजनाओं का सीधा लाभ राजस्थान के हेन्डीक्राफ्ट, टेक्सटाईल, मॉबर्ल, स्टोन, फूड प्रोसेसिंग और एग्रो बेस्ड इंडस्ट्रीज को मिलेगा। पर्यटन, कौशल विकास और नवीकरणीय ऊर्जा पर बजट का जोर राजस्थान की हेरिटेज अर्थव्यवस्था, युवाओं के रोजगार और सौर ऊर्जा में अग्रणी भूमिका को और मजबूत करेगा। यह बजट राजस्थान को देश की विकास यात्रा में विकसित भारत-2047 की आकांक्षा को पूरा किये जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



