आबूरोड सदर बाजार में हंगामा, पौन घंटा बाधित रहा रास्ता

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आबूरोड के सदर बाजार में नगर पालिका के कार्मिक से विवाद के दौरान रास्ते में रोक दिया गया ट्रैक्टर।

सबगुरु न्यूज-आबूरोड। मौसम का तूफानी मिजाज और उस पर नगर परिषद कार्मिकों और स्थानीय दुकानदार के बीच विवाद। आबूरोड के प्रमुख सदर बाजार में इस हंगामें ने लोगों का मजमा लगवा दिया। इसके चक्कर में ये मार्ग करीब पौन घंटे तक अवरूद्ध रहा। बाद में पुलिस ने अपने गर्म मिजाज दिखाए तो रास्ता खुला।

आबूरोड सदर बाजार का मार्ग अतिक्रमण से आधा हो चुका था। दोनों तरफ दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण यह स्थिति ये बन चुकी थी कि दो दो पहिया वाहन भी आमने सामने सहूलियत से नहीं निकल पाते थे। नगर पालिका ने व्यापारियो से चर्चा की। उन्हें आगाह किया कि वो स्वयं अपने स्तर पर अतिक्रमण हटाएं। ऐसा नहीं करने पर नगर पालिका अभियान चलाएगी। ऐसा हुआ भी।

दुकानदारों के द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाने पर नगर पालिका ने अतिक्रमण हटाना और सडक पर खींची गई सफेद रेखा के बाहर रखे सामान को उठाना शुरू किया। इसी क्रम में नगर पालिका का अतिक्रमण रोधी दस्ता मंगलवार को भी निकला। सदर बाजार की पुरानी बडी सब्जी मंडी रोड पर पडे दो दोपहिया वाहनो को उठाकर ट्रेक्टर में डाल दिया। बस फिर क्या था, हंगामा हो गया।

दरअसल, ये दोपहिया वाहन इसी कोने पर स्थित दुकानदार के थे। इस बात को लेकर दुकानदार ने जिस ट्रेक्टर में उसके दो पहिया वाहन डाले थे उसे ही रोक दिया। दुकानदार दोनों वाहनों को उतारने या इसके बदले में रसीद देने की बात पर अडा रहा। विवाद बढा तो आसपास के सभी व्यापारी भी वहां आ गए। अतिक्रमण रोधी दस्ते ने भी अतिरिक्त कार्मिकों को बुलवा लिया। दुकानदार जब्ती रसीद की मांग करने लगा।

काफी विवाद हुआ तो नगर पालिका के दस्ते ने दुकानदार को रसीद जब्ती की रसीद दी। दुकानदार के अनुसार इस जब्ती रसीद पर वो सब अंकन नहीं था जो दुकानदार को न्यायालय या नगर पालिका में राहत दिलवा पाए। इस बीच शहर पुलिस का पेट्रोलिंग वाहन भी पहुंच गया। पुलिसकर्मियों ने जब्ती रसीद पर वाहनों का नम्बर आदि लिखने का कहकर मामले को तुरंत निपटाने की समझाइश की तो नगर पालिका के सेनेट्री इंस्पेक्टर ने वो भी किया। तो बाद में व्यापारी उस पर मोहर और हस्ताक्षर करने की बात पर अड गया।

ऐसा करके ये रसीद दी तो उसमें गाडियों का नम्बर और अतिक्रमण के तहत जब्त करने का अंकन नहीं था। बाद में ट्रेक्टर ट्राॅली पर चढकर रसीद पर दोनों गाडियों के नम्बर लिखे। ये मामला खिंचता गया तो पुलिस थाने से और पुलिसकर्मी आए। उन्होंने सख्ती से सबसे पहले दुकानदार को ट्रेक्टर के आगे से हटाकर रास्ता खुलवाया। ट्रैक्टर रवाना हुआ और रास्ता खुला।

आबूरोड के सदर बाजार में नगर पालिका कार्मिक और दुकानदार के बीच हुई बहस।

– नगर पालिका को अधिकार नहीं, लेकिन यहां मामला अलग

दरअसल, आबूरोड नगर पालिका के पास नगर निगमों की तरह अपना ट्राफिक डिपार्टमेंट नहीं है। इसलिए कानूनी रूप से वो रास्ते में खडे वाहनों को उठाकर नहीं ले जा सकता है। लेकिन, आबूरोड का ये मामला कुछ अलग है। नगर पालिका कार्मिकों ने बताया कि दोनों वाहनों को बेतरतीब पार्किंग के लिए नही उठाया गया था। उन्होंने बताया कि ये वाहन दो तीन साल से भी ज्यादा समय से खराब स्थिति में यहीं खडे हुए हैं।

जिस जगह पर खडे हैं वो मुख्यमार्ग को पुरानी सब्जी मंडी की गली से जोडने वाला जंक्शन है। इसके काॅर्नर पर ही कई सालों ये खराब अवस्था में पडी हैं। इससे इस मोड पर दूसरे वाहनों को मुडने में भी समस्या आती है और इसके आसपास सफाई भी नहीं हो पाती है। कई बार दुकानदार को इसे कोने से हटाकर अन्य जगह सही तरीके से खडा करने को भी कहा लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसलिए मंगलवार को अतिक्रमण के तहत कार्रवाई की गई।

आबूरोड नगर पालिका के अभियान के दौरान आबूरोड के सदर बाजार का चौड़ा हुआ रास्ता।

– दोहरे मापदंड के आरोप

नगर पालिका के अतिक्रमण हटाने के अभियान में दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप भी दुकानदारों ने लगाए। उनका आरोप था कि नगर पालिका सदर बाजार में पुरानी बड़ी सब्जी से लेकर नई सब्जी मंडी तक के मार्ग के दुकानदारों का तो अतिक्रमण हटा रही है।

लेकिन, पुरानी सब्जी मंडी से पारसी चाल की तरफ जाने वाले मार्ग के बाजार में दोनों तरफ किए हुए अतिक्रमण को नहीं हटा रही है। उनका आरोप था कि उस मार्ग के दोनों तरफ के कुछ दुकानदार रेहड़ी खोमचे वालों से मासिक शुल्क लेकर सड़क के दोनों तरफ उन्हें खड़ा करवाते हैं। इसकी वजह से उधर का मार्ग भी सिकुड़ गया है। लेकिन, नगर पालिका तरफ के बाजार का अतिक्रमण नहीं हटाती है।