मेदिनीपुर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी रैलियों की शृंखला को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मेदिनीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अब तक का सबसे ‘निर्मम’ प्रहार किया। मोदी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को भ्रष्टाचार में पीएचडी करने वाली सरकार करार दिया और वादा किया कि भाजपा के सत्ता में आते ही बंगाल को मछली उत्पादन में वैश्विक केंद्र बनाया जाएगा।
मछली पालन और तटीय अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल को प्रकृति ने विशाल समुद्री तट और नदियां दी हैं, लेकिन फिलहाल इस संपदा पर तृणमूल सिंडिकेट का कब्जा है। उन्होंने संकल्प जताया कि भाजपा की डबल इंजन सरकार बंगाल में ‘नीली क्रांति’ का विस्तार करेगी और राज्य को मछली उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल ने केंद्र की मत्स्य संपदा योजना को जानबूझकर यहां लागू नहीं होने दिया, जिससे मछुआरे समाज का भारी नुकसान हुआ है। भाजपा के सत्ता में आते ही बंगाल के ‘सी-फूड’ को पूरी दुनिया में निर्यात करने के लिए आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा।
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि बंगाल में तृणमूल की ‘निर्ममता’ को 15 साल पूरे हो चुके हैं, जो कोई छोटा समय नहीं होता। इन 15 वर्षों में भारत 3जी से 5जी तक पहुंच गया और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर तिरंगा गाड़ दिया, लेकिन बंगाल की तृणमूल सरकार ने सिर्फ लूट की संस्कृति को जन्म दिया।
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि शिक्षक भर्ती, मिड-डे मील, मनरेगा और साइक्लोन राहत कोष तक में भारी लूट मचायी गई है। स्थिति यह है कि जहां बालू माफिया करोड़ों के मालिक बन गए वहीं मेहनत से आलू उगाने वाला किसान आत्महत्या के लिए मजबूर है।
प्रधानमंत्री ने संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले कानून का विरोध करने के लिए भी तृणमूल को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल को डर है कि अगर गांव की बेटियां विधानसभा पहुंच गयीं तो वे इनके गुंडा राज और भ्रष्टाचार की पोल खोल देंगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के लिए ओबीसी का हक छीनकर धर्म के आधार पर आरक्षण देने का खेल चल रहा है, जो पूरी तरह असंवैधानिक और कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है।
उन्होंने आगे कहा, तृणमूल के इस ‘महाजंगल राज’ में दंगे और राजनीतिक हत्याएं बढ़ गई हैं। घुसपैठियों की हिम्मत बढ़ गई हैं। माताओं-बहनों पर अत्याचार की हदें पार हो गई हैं। इसलिए इस बार का चुनाव कोई उम्मीदवार या कार्यकर्ता नहीं, बल्कि बंगाल की जनता खुद लड़ रही है। आपके गुस्से से तृणमूल का हर गुंडा और नेता आज डर के मारे कांप रहा है। अब इनका रोना-धोना और धमकियां काम नहीं आएंगी। हर घर में एक ही संकल्प है— ‘पलटानो दरकार’ (बदलाव जरूरी है)।
पीएम मोदी ने सीधे-सीधे इन जातियों का नाम लेकर कहा कि महष्य, तेली और कुर्मी समाज की तृणमूल ने हमेशा उपेक्षा की। वह सिर्फ अपने वोट बैंक और घुसपैठियों की सगी है। अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल की जनता के लिए कई गारंटियां भी दीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा का मुख्यमंत्री बनते ही किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि के 9,000 रुपए सीधे जमा किए जाएंगे और पहली कैबिनेट बैठक में ही आयुष्मान भारत योजना लागू कर पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने मातृशक्ति भरोसा कार्ड के जरिये महिलाओं को सालाना 36,000 रुपए की मदद देने और सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू करने का वादा किया।
प्रधानमंत्री ने जनता से अपने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलवाकर जीत का संकल्प दिलाया। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए पुरजोर शब्दों में दावा किया कि इस बार बंगाल में भाजपा की सरकार बनना तय है और कई जिलों से तृणमूल का सूपड़ा साफ हो जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे आने वाली 23 तारीख को भारी संख्या में मतदान करें और हर बूथ पर इस ‘निर्मम सरकार’ को सजा दिलाकर बंगाल में असल परिवर्तन की नींव रखें।



