मोदी सरकार की विदाई के दिन नजदीक, ज्ञानेश कुमार को देना होगा इस्तीफा : मल्लिकार्जुन खरगे

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार की विदाई के दिन अब नजदीक आ गए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए और उनके इस्तीफे की मांग की। खरगे ने कहा कि वोट चोरी की कथित साजिश में भूमिका निभाने वालों की जांच कराई जाएगी और किसी को भी जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा।

खरगे रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी INDIA गठबंधन की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश की जनता सब देख रही है। सत्ता में बैठे लोगों को जनता की आवाज समझनी चाहिए। लोकतंत्र और संविधान के साथ खिलवाड़ करने वालों को देश की जनता माफ नहीं करेगी।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि देश में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की जिम्मेदारी निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराना है, लेकिन विपक्ष को उसकी कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाने पड़ रहे हैं।

खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि संसद और सार्वजनिक मंचों पर लगातार उठाता रहेगा।

मोदी-शाह पर भी साधा निशाना

महारैली में खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति संविधान से बड़ा नहीं हो सकता। सत्ता का इस्तेमाल लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने विपक्षी दलों से एकजुट होकर लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। खरगे के मुताबिक मताधिकार नागरिकों का सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार है और यदि चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं तो इसका जवाब देना सरकार और चुनाव आयोग दोनों की जिम्मेदारी है।

INDIA गठबंधन ने दिखाई एकजुटता

रामलीला मैदान में आयोजित इस महारैली में कांग्रेस सहित INDIA गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। रैली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनावी व्यवस्था, मतदाता सूची के पुनरीक्षण तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के मुद्दे उठाए।

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर कई स्थानों पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। गठबंधन ने इसे मताधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए चुनाव आयोग से पारदर्शिता बरतने की मांग की।

खरगे ने अपने संबोधन के जरिए विपक्षी एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने दावा किया कि जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और सरकार को अंततः जनता के सवालों का जवाब देना पड़ेगा।

रैली के जरिए INDIA गठबंधन ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपने राजनीतिक अभियान को तेज करने का संकेत दिया। हालांकि वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े विपक्ष के आरोपों पर चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार का पक्ष भी इस राजनीतिक बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा है।