लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 की मौत, 9 घायल

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में सोमवार दोपहर लगी भीषण आग में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य घायल हुए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है।

योगी ने लखनऊ अग्निकांड में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। साथ ही घायलों को 50-50 हजार रुपए की मदद का ऐलान किया गया है।

लखनऊ अग्निकांड में सीएम योगी ने केजीएमयू में पीड़ितों के परिजनों से बात की। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि एक भी जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शेंगे नहीं। पीड़ित परिजनों से सीएम ने कहा कि हर एक जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।

मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि लखनऊ में अग्नि दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया एवं किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय पहुंचकर इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में घायल हुए लोगों एवं उनके परिजनों से भेंट कर उनका कुशल-क्षेम जाना व चिकित्सकों से घायलों के उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने कहा है कि सभी घायलों का समुचित उपचार कुशल चिकित्सकों के नेतृत्व में शीर्ष प्राथमिकता पर किया जा रहा है। इस हृदय विदारक दुर्घटना में अपनों को खोने वाले परिवारों का दुःख शब्दों में व्यक्त नहीं हो सकता। सरकार सभी पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा है कि प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

इससे पहले दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सभी घायलों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर और लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताते हुए घायलों के समुचित इलाज और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद के निर्देश दिए हैं। बसपा प्रमुख मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी हादसे को अति-दुखद बताया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस के मुताबिक आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम और विद्युत सुरक्षा विभाग की संयुक्त जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। कोचिंग संचालक से भी पूछताछ की जा रही है।

वहीं अग्निकांड को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक जिस बिल्डिंग में आज आग लगी उस बिल्डिंग का मानचित्र पास था लेकिन निर्माण उसके विपरीत किया गया था। एलडीए ने इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद बचाव का कोई रास्ता नहीं बचा था। सूचना के करीब आधे घंटे बाद तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंच सकी थीं। इस दौरान धुएं और लपटों के बीच छात्र जान बचाने के लिए छत और खिड़कियों से कूदने लगे। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

आग अलीगंज इलाके की उस इमारत में लगी जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंज़िल पर एक पेट शॉप और एक क्लिनिक है। दूसरी मंज़िल पर ‘लर्निंग स्पेस’ नाम की लाइब्रेरी (कोचिंग के लिए) और ‘हेड हॉपर स्टूडियो’ है, जो थ्रीडी आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम करता है।

मोदी ने की दो-दो लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को लखनऊ में भीषण अग्निकांड में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी साझा करते हुए कहा है कि मोदी ने घायलों के शीघ्र ठीक होने की कामना करते हुए कहा है कि अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आग लगने की घटना में हुई मौतों से बहुत दुख हुआ है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हों। बचाव कार्य चल रहा है और अधिकारी हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50- 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।

कोचिंग हादसा बेहद दुखद, कारणों की ईमानदारी से जांच हो : अखिलेश

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अलीगंज के कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

यादव ने बयान जारी कर कहा कि लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने से जिन्होंने अपनी जान गंवाई है, उनके प्रति हमारी श्रद्धांजलि। जिन्होंने अपनों को खोया है, उन शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि घायलों के लिए सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सपा प्रमुख ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि इसके पीछे के कारणों की ईमानदारी से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे किसी के घर के भी हो सकते थे। भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके, हम सबकी यही कोशिश होनी चाहिए।