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एक साथ आगे बढ़ते हैं तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है : मोदी

केवडिया (गुजरात)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में अपने तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन सोमवार को कहा कि जब सब एक साथ मिलकर चलते हैं और एक साथ आगे बढ़ते हैं तो असंभव कार्य को भी संभव बनाया जा सकता है।

मोदी ने एकता दिवस समारोह में कहाकि मैं वर्ष 2022 में राष्ट्रीय एकता दिवस काे बहुत विशेष अवसर के रूप में देख रहा हूं। ये वो वर्ष है जब हमने अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे किए हैं। हम नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आज एकता नगर में ये जो परेड हुई है, हमें इस बात का अहसास भी दिला रही है कि जब सब एक साथ चलते हैं, एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आज यहां देशभर से आए हुए कुछ कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी करने वाले थे। भारत के विविध नृत्यों को भी प्रदर्शित करने वाले थे, लेकिन कल मोरबी की घटना इतनी दुख:द थी कि आज के इस कार्यक्रम में से उस कार्यक्रम को हटा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि मैं उन सभी कलाकारों से उनका यहां तक आना, उन्होंने जो पिछले दिनों मेहनत की है, लेकिन आज उनको मौका नहीं मिला। मैं उनके दुख को समझ सकता हूं, लेकिन कुछ परिस्थितियां ऐसी हैं। ये एकजुटता, अनुशासन, परिवार, समाज, गाँव, राज्य और देश, हर स्तर पर आवश्यक है। इसके दर्शन आज हम देश के कोने-कोने में कर भी रहे हैं।

आज देश भर में 75 हजार एकता दौड़ ‘रन फोर यूनिटी’ हो रही हैं, लाखों लोग जुड़ रहे हैं। देश का जन-जन लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की संकल्पशक्ति से प्रेरणा ले रहा है। आज देश का जन-जन अमृतकाल के ‘पंच प्राणों’ को जागृत करने के लिए राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए संकल्प ले रहा है।

राष्ट्रीय एकता दिवस ये अवसर केवड़िया-एकतानगर की ये धरती और स्टेचू ऑफ यूनिटी हमें निरंतर ये अहसास दिलाते हैं कि आज़ादी के समय अगर भारत के पास सरदार पटेल जैसा नेतृत्व न होता, तो क्या होता। क्या होता अगर साढ़े पांच सौ से ज्यादा रियासतें एकजुट नहीं हुई होतीं। क्या होता अगर हमारे ज्यादातर राजे-रजवाड़े त्याग की पराकाष्ठा नहीं दिखाते, मां भारती में आस्था नहीं दिखाते। आज हम जैसा भारत देख रहे हैं, हम उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते थे। ये कठिन कार्य, ये असंभव कार्य, सिर्फ और सिर्फ सरदार पटेल ने ही सिद्ध किया।

सरदार साहब की जन्मजयंती और ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ ये हमारे लिए केवल तारीख भर नहीं हैं। ये भारत के सांस्कृतिक सामर्थ्य का एक महापर्व भी है। भारत के लिए एकता कभी भी विवशता नहीं रही है। भारत के लिए एकता सदा-सर्वदा विशेषता रही है। एकता हमारी विशिष्टता रही है। एकता की भावना भारत के मानस में, हमारे अन्तर्मन में कितनी रची बसी है, हमें अपनी इस खूबी का अक्सर अहसास नहीं होता है, कभी-कभी ओझल हो जाती है। लेकिन आप देखिए, जब भी देश पर कोई प्राकृतिक आपदा आती है, तो पूरा देश एक साथ खड़ा हो जाता है।

आपदा उत्तर में हो या दक्षिण में, पूरब में या पश्चिमी हिस्से में, ये मायने नहीं रखती है। पूरा भारत एकजुट होकर सेवा, सहयोग और संवेदना के साथ खड़ा हो जाता है। कल ही देख लीजिए मोरबी में हादसा हुआ, उसके बाद हर एक देशवासी, हादसे का शिकार हुए लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहा है। स्थानीय लोग हादसे की जगह पर, अस्पतालों में, हर संभव मदद के लिए खुद आगे आ रहे थे। यही तो एकजुटता की ताकत है।

कोरोना का इतना बड़ा उदाहरण भी हमारे सामने है। ताली-थाली की भावनात्मक एकजुटता से लेकर राशन, दवाई और वैक्सीन के सहयोग तक, देश एक परिवार की तरह आगे बढ़ा। सीमा पर या सीमा के पार, जब भारत की सेना शौर्य दिखाती है, तो पूरे देश में एक जैसे जज़्बात होते हैं, एक जैसा जज़्बा होता है। जब ओलंपिक्स में भारत के युवा तिरंगे की शान बढ़ाते हैं, तो पूरे देश में एक जैसा जश्न मनता है। जब देश क्रिकेट का मैच जीतता है, तो देश में एक जैसा जुनून होता है। हमारे जश्न के सांस्कृतिक तौर-तरीके अलग-अलग होते हैं, लेकिन भावना एक जैसी ही होती है। देश की ये एकता, ये एकजुटता, एक-दूसरे के लिए ये अपनापन ये बताता है कि एक राष्ट्र के रूप में भारत की जड़ें कितनी गहरी हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की यही एकता हमारे दुश्मनों को खटकती है। आज से नहीं बल्कि सैकड़ों वर्षों पहले गुलामी के लंबे कालखंड में भी भारत की एकता हमारे दुश्मनों को चुभती रही है। इसलिए गुलामी के सैकड़ों वर्षों में हमारे देश में जितने भी विदेशी आक्रांता आए, उन्होंने भारत में विभेद पैदा करने के लिए हर मुमकिन कोशिश की। उन्होंने भारत को बांटने के लिए, भारत को तोड़ने के लिए सब कुछ किया।

उन्होंने कहा कि हम फिर भी उसका मुक़ाबला कर सके, क्योंकि एकता का अमृत हमारे भीतर जीवंत था, जीवंत धारा के रूप में बह रहा था, लेकिन वो कालखंड लंबा था। जो जहर उस दौर में घोला गया, उसका नुकसान देश आज भी भुगत रहा है। इसलिए ही हमने बंटवारा भी देखा और भारत के दुश्मनों को उसका फायदा उठाते भी देखा। इसलिए हमें आज बहुत सावधान भी रहना है। अतीत की तरह ही, भारत के उत्कर्ष और उत्थान से परेशान होने वाली ताक़तें आज भी मौजूद हैं। वो आज भी हमें तोड़ने की, हमें बांटने की हर कोशिश करती हैं।

मोदी ने कहा कि हमें जातियों के नाम पर लड़ाने के लिए तरह-तरह के नैरेटिव गढ़े जाते हैं। प्रान्तों के नाम पर हमें बांटने की कोशिश होती है। कभी एक भारतीय भाषा को दूसरी भारतीय भाषा का दुश्मन बताने के लिए कैम्पेन चलाए जाते हैं। इतिहास को भी इस तरह पेश किया जाता है ताकि देश के लोग जुड़ें नहीं, बल्कि एक दूसरे से दूर हों। एक और बात हमारे लिए ध्यान रखनी आवश्यक है। ये जरूरी नहीं है कि देश को कमजोर करने वाली ताकत हमेशा हमारे खुले दुश्मन के रूप में ही आए।

उन्होंने कहा कि कई बार ये ताकत गुलामी की मानसिकता के रूप में हमारे भीतर घर कर जाती है। कई बार ये ताकत हमारे व्यक्तिगत स्वार्थों के जरिए सेंधमारी करती है। कई बार ये तुष्टीकरण के रूप में, कभी परिवारवाद के रूप में, कभी लालच और भ्रष्टाचार के रूप में दरवाजे तक दस्तक दे देती है, जो देश को बांटती और कमजोर करती है। लेकिन, हमें उन्हें जवाब देना होगा। हमें जवाब देना होगा- भारत मां की एक संतान के रूप में। हमें जवाब देना होगा- एक हिंदुस्तानी के रूप में। हमें एकजुट रहना होगा, एक साथ रहना होगा। विभेद के जहर का जवाब हमें एकता के इसी अमृत से देना है। यही नए भारत की ताकत है।

मोदी ने कहा आज राष्ट्रीय एकता दिवस पर, मैं सरदार साहब द्वारा हमें सौपे दायित्व को फिर दोहराना चाहता हूं। उन्होंने हमें ये ज़िम्मेदारी भी दी थी कि हम देश की एकता को मजबूत करें, एक राष्ट्र के तौर पर देश को मजबूत करें। ये एकता तब मजबूत होगी, जब हर नागरिक एक जैसे कर्तव्य बोध से ये ज़िम्मेदारी संभालेगा। आज देश इसी कर्तव्य बोध से सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ इस मंत्र को लेकर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।

आज देश में हर कोने में, हर गांव में, हर वर्ग के लिए और हर व्यक्ति के लिए बिना भेदभाव के एक जैसी नीतियां पहुंच रही हैं। आज अगर गुजरात के सूरत में सामान्य मानवी को मुफ्त वैक्सीन लग रही है, तो अरुणाचल के सियांग में भी उतनी ही आसानी से मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध है।

उन्होंने कहा आज अगर एम्स गोरखपुर में है, तो बिलासपुर, दरभंगा और गुवाहाटी और राजकोट समेत देश के दूसरे शहरों में भी है। आज एक ओर तमिलनाडू में डिफेंस कॉरिडॉर बन रहा है, तो उत्तर प्रदेश में भी डिफेंस कॉरिडॉर का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज पूर्वोत्तर की किसी रसोई में खाना बन रहा हो या तमिलनाडु की किसी समयल-अरई में खाना बन रहा हो, भले भाषा अलग हो, भोजन अलग हो, लेकिन माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने वाला उज्ज्वला सिलिंडर हर जगह है। हमारी जो भी नीतियाँ हैं, सबकी नीयत एक ही है- आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना, उसे विकास की मुख्यधारा से जोड़ना।

प्रधानमंत्री ने कहा हमारे देश के करोड़ों लोगों ने दशकों तक अपनी मौलिक जरूरतों के लिए भी लंबा इंतजार किया है। बुनियादी सुविधाओं के बीच की खाई, जितनी कम होगी, उतनी ही एकता भी मजबूत होगी। इसलिए आज देश में सैचुरेशन के सिद्धांत पर काम हो रहा है। लक्ष्य ये कि हर योजना का लाभ, हर लाभार्थी तक पहुंचे। इसलिए आज हाउसिंग फॉर ऑल, डिजिटल कनेक्टिविटी फॉर ऑल, क्लीन कुकिंग फॉर ऑल, इलेक्ट्रिसिटी फॉर ऑल, ऐसे अनेक अभियान चलाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज शत प्रतिशत नागरिकों तक पहुँचने का ये मिशन केवल एक जैसी सुविधाओं का ही मिशन नहीं है। ये मिशन एकजुट लक्ष्य, एकजुट विकास और एकजुट प्रयास का भी मिशन है। आज जीवन की मौलिक जरूरतों के लिए शत प्रतिशत कवरेज देश और संविधान में सामान्य मानवी के विश्वास का माध्यम बन रहा है। ये सामान्य मानवी के आत्मविश्वास का माध्यम बन रहा है। यही सरदार पटेल के भारत का विज़न है- जिसमें हर भारतवासी के लिए समान अवसर होंगे, समानता की भावना होगी। आज देश उस विज़न को साकार होते देख रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में देश ने हर उस समाज को प्राथमिकता दी है जिसे दशकों तक उपेक्षा का शिकार होना पड़ा था। इसीलिए देश ने आदिवासी के गौरव को याद करने के लिए जन-जातीय गौरव दिवस मनाने की परंपरा शुरू की है। देश के कई राज्यों में आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका उसको लेकर के संग्रहालय भी बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मंगलवार को मैं मानगढ़ जाने वाला हूं उसके बाद मैं जांबूघोड़ा भी जाऊंगा। मेरा देशवासियों से आग्रह है कि मानगढ़ धाम और जांबूघोड़ा के इतिहास को भी जरूर जानें। विदेशी आक्रांतों द्वारा किए गए कितने ही नरसंहारों का सामना करते हुए हमें आजादी मिली है। आज की युवा पीढ़ी को ये भी सब जानना बहुत आवश्यक है। तभी हम आजादी की कीमत भी समझ पाएंगे। एकजुटता की कीमत भी जान पाएंगे।

मोदी ने कहा कि हमारे यहां कहा भी गया है “ऐक्यं बलं समाजस्य तद्भावे स दुर्बलः। तस्मात् ऐक्यं प्रशंसन्ति दृढं राष्ट्र हितैषिणः॥” अर्थात् किसी भी समाज की ताकत उसकी एकता होती है। इसीलिए मजबूत राष्ट्र के हितैषी एकता की इस भावना की प्रशंसा करते हैं, उसके लिए प्रयास करते हैं। इसलिए, देश की एकता और एकजुटता हम सबका सामूहिक दायित्व है। ये एकता नगर, भारत का एक ऐसा मॉडल शहर विकसित हो रहा है, जो देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में अभूतपूर्व होगा।

उन्होंने कहा लोगों की एकता से, जनभागीदारी की शक्ति से विकसित होता एकता नगर, आज भव्य भी हो रहा है और दिव्य भी हो रहा है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के रूप में दुनिया की सबसे विशाल प्रतिमा की प्रेरणा हमारे बीच है। भविष्य में, एकता नगर, भारत का एक ऐसा शहर बनने जा रहा है जो अभूतपूर्व भी होगा और अविश्वसनीय भी होगा। जब देश में पर्यावरण की रक्षा के लिए किसी मॉडल शहर की बात होगी, एकता नगर का नाम आएगा।

जब देश में बिजली बचाने वाले एलईडी प्रकाशित किसी मॉडल शहर की बात होगी, सबसे पहले एकता नगर का नाम आएगा। जब देश में सोलर पावर से चलने वाले क्लीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम की बात आएगी, तो सबसे पहले एकता नगर का नाम आएगा। जब देश में पशु-पक्षियों के संरक्षण की बात होगी, विभिन्न प्रजातियों के जीव-जंतुओं के संरक्षण की बात होगी तो सबसे पहले एकता नगर का नाम आएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कल ही मुझे यहां मियावाकी फॉरेस्ट और मेज गार्डेन का लोकार्पण करने का अवसर मिला है। यहां का एकता मॉल, एकता नर्सरी, विविधता में एकता को प्रदर्शित करने वाला विश्व वन, एकता फेरी, एकता रेलवे स्टेशन, ये सारे उपक्रम, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की प्रेरणा हैं। अब तो एकता नगर में एक और नया सितारा भी जुड़ने जा रहा है। आज मैं इस बारे में भी आपको बताना चाहता हूं। अभी जब हम सरदार साहब को सुन रहे थे।

उन्होंने जिस भावना को व्यक्त किया उस भावना को उसमें प्रतिबिंब में हम कर रहे हैं। आज़ादी के बाद देश की एकता में सरदार साहब ने जो भूमिका निभाई थी, उसमें बहुत बड़ा सहयोग देश के राजा-रजवाड़ों ने भी किया था। जिन राज-परिवारों ने सदियों तक सत्ता संभाली, देश की एकता के लिए एक नई व्यवस्था में उन्होंने अपने अधिकारों को कर्तव्यभाव से समर्पित कर दिया। उनके इस योगदान की आजादी के बाद दशकों तक उपेक्षा हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा मुझे विश्वास है कि सरदार साहब की प्रेरणा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर हम सबका मार्गदर्शन करेगी। हम सब मिलकर सशक्त भारत का सपना साकार करेंगे।

रेप पीड़िता के ‘टू-फिंगर टेस्ट’ पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने बलात्कार मामले की जांच के दौरान ‘टू-फिंगर टेस्ट’ कराए जाने को अवैज्ञानिक, पितृसत्तात्मक, लैंगिक भेदभावपूर्ण और पीड़िता को दोबारा आघात पहुंचाने वाला करार देते हुए जांच के तरीके पर तत्काल रोक लगाने का सोमवार को आदेश दिया।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने ‘टू-फिंगर टेस्ट’ पर तत्काल रोक लगाने का केंद्र सरकार को आदेश देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया से जांच करने वाले को दोषी ठहराया जाएगा।

शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बलात्कार पीड़िताओं का ‘टू-फिंगर टेस्ट’ नहीं किया जाए। इसके साथ ही सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों को अपने आदेश की प्रति भेजने का भी अदालत ने निर्देश दिया। शीर्ष न्यायालय ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के एक फैसले को पलटते हुए यह आदेश दिया।

तेलंगाना की एक अदालत ने बलात्कार के दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी थी, लेकिन राज्य के उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ की गयी अपील पर सुनवाई के बाद दोषियों को रिहा करने का आदेश दिया था।

शीर्ष अदालत ने सोमवार को तेलंगाना उच्च न्यायालय के उस फैसले को पलटते हुए निचली अदालत द्वारा दोषियों को आजीवन कारावास की सजा को कानून सम्मत करार दिया।

शीर्ष अदालत ने इस मामले की अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि ‘टू फिंगर टेस्ट’ का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। जांच का यह चलन गलत धारणा पर आधारित है, जो पीड़िता को दोबारा प्रताड़ित करता है। शीर्ष अदालत इस प्रकार के जांच का तरीका अपनाने को बार-बार हतोत्साहित करती रही है।

सर्वोच्च अदालत के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि यह खेदजनक है कि आज भी ‘टू फिंगर टेस्ट’ का चलन बना हुआ है। पीठ ने यह भी कहा कि इस अदालत ने बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामलों में ‘टू-फिंगर टेस्ट’ प्रक्रिया की बार-बार निंदा करते हुए इसे हतोत्साहित किया है।

शीर्ष अदालत ने आदेश देते हुए कहा कि तथाकथित परीक्षण का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। यह महिलाओं को फिर से पीड़ित और पुन: पीड़ित करता है। ‘टू फिंगर टेस्ट’ नहीं की जाना चाहिए। यह एक गलत धारणा पर आधारित है कि एक यौन सक्रिय महिला का बलात्कार नहीं किया जा सकता है। सच्चाई से आगे कुछ भी नहीं हो सकता है।

त्रिपुरा : 17 साल की लडकी से रेप का आरोप में भाजपा नेता अरेस्ट

अगरतला। त्रिपुरा के पूर्वी अगरतला की पुलिस ने एक बेसहारा किशोरी (17) की शिकायत के आधार पर, कुमारघाट से त्रिपुरा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के एक नेता को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है।

थाना प्रभारी परमिता साहा ने बताया कि आरोपी लक्ष्मण बसफोर शहर के राजकीय रेफरल अस्पताल इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल में सहायक स्टाफ के रूप में कार्यरत है। पूछताछ के दौरान, उसने अपराध स्वीकार कर लिया है। रविवार को उसको गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को विधानसभा चुनाव से बमुश्किल तीन महीने पहले, यहां दस दिनों में कई स्थानों पर दुष्कर्म की घटना सामने आई हैं, जो शर्मिंदगी का कारण है।

सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में सरकार महिलाओं की सुरक्षा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकने में कथित रूप से विफल हैं।

पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसके माता-पिता की मृत्यु हो गई है और वह अपने रिश्तेदार के घर में रहती हैं, जहां एक लक्ष्मण नाम के रिश्तेदार ने उसके साथ दुष्कर्म किया और यह सिलसिला कई महीनों तक चला, जिसके बाद वह तीन महीने की गर्भवती हो गई।

कांग्रेस विधायक सुदीप रॉयबर्मन ने कहा कि यह सरकार त्रिपुरा के लोगों को एक अच्छी नौकरी प्रदान करने में विफल रही, जिससे युवाओं का ड्रग रैकेट और कई अन्य असामाजिक गतिविधियों की ओर झुकाव हो गया है।

भाजपा पार्टी का अपने कार्यकर्ताओं पर कोई नियंत्रण नहीं है, वे निर्दयी हो जाते हैं और गुंडागर्दी में शामिल हो जाते हैं। त्रिपुरा में औसतन 13 महिलाओं के साथ प्रतिदिन बलात्कार होता है और यह दर दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

सबगुरु राशिफल : 1 नवम्बर मंगलवार को आपके भाग्य में क्या होगा बदलाव

सबगुरु न्यूज। कार्तिक मास, शुक्ल पक्ष, अष्टमी तिथि, गोपाष्टमी पूजन, वार मंगलवार, सम्वत 2079, हेमंत ऋतु, रवि दक्षिणायन, रात 11.04 बजे बाद नवमी तिथि प्रारम्भ।

मेष :- आज कोई शुभ समाचार मिल सकता है। कामकाज में सफलता मिलेगी। आज आपको प्रतियोगिता में आशाजनक परिणाम प्राप्त होंगे। बेवजह किसी से विवाद परेशानी उत्पन्न कर सकते है। नवीन लोगों के साथ मित्रता होगी। नौकरी और बिजनेस में अचानक बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। स्टूडेंट्स के लिए समय अच्छा रहेगा। आज आपको भूमि, रिअल-एस्टेट या सांस्कृतिक परियोजनाओं पर ध्यान केन्द्रित करने की जरूरत है। घर-परिवार के सभी सदस्यों की खुशियां बढ़ेंगी। पिछले दिनों से चल रही लेन-देन की कोई बडी डील तय हो जाने की खुशी होगी। आज अगर आप किसी की गोपनीय बातें जान गए हो तो वे बातें किसी को भी न बताएं।

वृषभ :- आज धन का अधिक से अधिक खर्च होगा। ऐसी जानकारियों को उजागर न करें जो व्यक्तिगत और गोपनीय हों। सम्भव है कि आपके जीवनसाथी की वजह से आपकी प्रतिष्ठा को थोड़ी ठेस पहुँचे। कुछ कामों में फालतू पैसा भी खर्च हो सकता है। आज आप न कोई बड़ा खर्चा करें, न ही ऐसा कोई वादा करें। किसी से किया गया कोई बड़ा वादा आपको परेशानी में भी डाल सकता है। आज लोग आपको विश्वास भरी निगाहों से देखेंगे। आपके निरंतर किये जा रहे कामों की प्रशंसा करेंगे। आज आपका सामाजिक रूप से मानहानि का प्रसंग उपस्थित न हो इसका ध्यान रखना होगा। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ अनुभव करेंगे।

मिथुन :- आज का दिन आपके लिए लाभदायी रहेगा। खानपान का ध्यान रखें। समस्याओं का निराकरण होगा। व्यापार में प्रगति होगी। राजकाज से लाभ होगा। कार्य में सफलता प्राप्त होगी। रोजगार को लेकर चल रही बातचीत एक नाजुक दौर में है, धैर्य रखें, और बहुत सोच-समझकर ही कदम आगे बढ़ाएं। जो चीज आपके लिए शौक भर थी, वह भी धनोपार्जन का मार्ग बन सकती है, लेकिन वहीं धन आने का कोई पुराना और भरोसेमंद जरिया धीरे-धीरे अपना ठिकाना बदल लेगा। सहकर्मियों और कनिष्ठों के चलते चिंता और तनाव के क्षणों का सामना करना पड़ सकता है।

कर्क :- आज परिवार से भरपूर सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करें। धर्म-कर्म में आस्था बढ़ेगी। विरोधी परास्त होंगे। सामाजिक दायित्व का निर्वाह करना पड सकता है। मित्रों व अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। रोजी व रोजगार में किया गया निवेश लाभप्रद रहेगा। कुछ लोगों के जीवन में नये अवसर आयेंगे जिन्हे नजरअंदाज न करें अन्यथा बाद में आत्मग्लानि होगी। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त होगी। आज दूसरों की बातों को इधर से उधर करने से बचें। महत्वपूर्ण कार्य में विलंब संभव है। परिजनों का सहयोग करना पडेगा। मन चलायमान रहेगा।

सिंह :- आज नौकरी और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। आय के साधनों में वृद्धि होगी। आकस्मिक धन मिलेगा। सम्बन्धों के प्रति त्याग से ही मधुरता आयेगी। परिवार में माहौद सुखद रहेगा। मन परेशान रहेगा, परन्तु कोई गलत निर्णय नहीं हो पाएगा। किसी अच्छे व्यक्ति की सलाह प्राप्त होगी। समस्या का निराकरण होगा। घर परिवार में वैचारिक मतभेद कम होने से जीवन का भरपूर आनंद उठाएंगे। पहले की अपेक्षा आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी। महिलाएं सन्तान के प्रति अति संवेदनशीलता न रखें।

कन्या :- आज का दिन आपके लिए फायदेमंद है। मित्रों एवं स्वजनों से भेंट होगी। बौद्धिक चर्चा में विवाद टालकर समाधानकारी व्यवहार ही करना होगा। नौकरी-पेशे वाले लोगों के लिए आज का दिन ऑफिस में दिन चुनौती भरा हो सकता है। काम का दबाव बढ़ने के साथ ही गलतियां हो सकती है। आपको काम की गुणवत्ता को बनाये रखना होगा। टीमवर्क के साथ काम आसानी से पूरा हो जाएगा। पराक्रम में वृद्धि होगी। परिजनों का सहयोग प्राप्त होगा। कोई उल्लेखनीय सफलता प्राप्त होगी। आज शाम का वक्त बच्चों के साथ गुजारना बेहतर रहेगा।

तुला :- आज परिवार में किसी से चल रहा मन-मुटाव खत्म हो जायेगा। संतान पक्ष की सफलता आज आपकी खुशियों को दोगुना कर देगी। किसी कीमती वस्तु की खरीददारी हो सकती है। घरेलू समस्याओं का निराकरण होगा। मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य आज पहले से बेहतर रहेगा। आज आप स्वादिष्ट भोजन का लुत्फ उठा सकते हैं। आज आपको मन में आए नकारात्मक विचार परेशान कर सकते हैं। आज का दिन बढ़िया रहेगा। मान-सम्मान और पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। किसी नये कार्य की शुरूआत हो सकती है।

वृश्चिक :- आज आप अपने नये काम में किसी करीबी जानकार की मदद ले सकते हैं, आपको फायदा जरूर होगा। कोई रूका हुआ कार्य पूरा होगा। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। राजकाज में सफलता मिलेगी। मुकदमे में विजय के प्रबल योग हैं। काफी दिनों से चली आ रही किसी समस्या का समाधान होगा। आप जिस काम को काफी दिनों से टाल रहे हैं, उस अधूरे काम को आज पूरा करने के लिये भी दिन ठीक है। उगाही के लिए अच्छा दिन है। मित्रों और परिवारजनों के साथ आनंद प्राप्त होगा। शारीरिक और मानसिक लाभ के लिए ध्यान व योग फायदेमंद साबित होंगे।

धनु :- आज आप कम समय में काम को पूरा करने की कोशिश में कामयाब होंगे। आज बड़ा लाभ होगा। दुष्ट जन हानि पहुंचा सकते हैं। दिन की शुरुआत में थोडा समय धर्म में दें। आज किसी असहाय की मदद जरूर करें। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें, अन्यथा उलझ सकते हैं। जिम्मेदारियों का बोझ उठाना पडेगा। कठिन परिश्रम से लाभ होगा। स्वास्थ्य में हीनता रहेगी। स्वजनों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पायेगा। नौकरी में संभलकर रहें। साथियों का सहयोग कम मिलेगा। ननिहाल पक्ष की तरफ से चिंताजनक समाचार आएगा।

मकर :- आज आपकी आकर्षक छवि मनचाहा परिणाम देगी। परिजनों के साथ होने वाली गलतफहमी से बचें। व्यर्थ में धन खर्च होगा। दिन सामान्य रहेगा। संतान का सहयोग प्राप्त होगा। बुद्धि के द्वारा कार्यों में सफलता मिलेगी। राजपक्ष से संतुष्टि होगी। मानसिक उचाट और दुविधा के कारण महत्वपूर्ण निर्णय नहीं ले सकेंगे। रोमानी नजरिए से वैवाहिक जीवन के लिए अच्छा दिन है। आत्मसम्मान में वृद्धि होगी। संतान से शुभ समाचार मिलेंगे। परिवारिक कार्य में भागदौड़ रहेगी। जरुरत से ज्यादा जज्बाती होना आपका दिन बिगाड़ सकता है।

कुंभ :- आज आपको काफी आरक्षित और सावधान रहने की जरूरत है। क्योकि कुछ लोग आपके रास्ते में बाधा बनने की कोशिश कर सकते हैं। रूके हुए कार्य में प्रगति होगी। व्यापार से लाभ होगा। नये मित्र बनेंगे। प्रसन्नता का समाचार मिलने का योग है। वैवाहिक जीवन का सुख प्राप्त होगा। आज आपको अपनी विशेषता के लिए खूब तारीफ मिलेगी। आपकी ऊँची बौद्धिक क्षमताएँ आपको कमियों से लड़ने में सहायता करेंगी। व्यक्तिगत संबंध संवेदनशील और नाजुक रहेंगे। ऐसे लोगों से साथ जुड़ें जो स्थापित हैं और भविष्य के रुझानों को समझने में आपकी मदद कर सकते हैं। मानसिक तनाव का शिकार हो सकते हैं।

मीन :- आज प्रभावशाली लोगों का सहयोग आपके उत्साह को दोगुना कर देगा। रिश्तेदारों के साथ अपने संबंधों को फिर तरोताजा करने का दिन है। दिनचर्या अच्छी रहेगी। धन का लाभ होगा। कोई रूका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। प्रियजन से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आज आपके कामकाज में कुछ परेशानियां उत्पन्न हो सकती है। घर में किसी को स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कते हो सकती है। घर में उल्लास का माहौल आपके तनावों को कम कर देगा। जीवनसाथी का बिगड़ता स्वास्थ्य आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

अर्थ गंगा का प्रचार करेगा पतंजलि योगपीठ

हरिद्वार। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में सोमवार को पतंजलि योगपीठ हरिद्वार और नमामि गंगे के बीच अर्थ गंगा के प्रचार और क्रियान्वयन के विषय पर एमओयू हुआ। शेखावत ने कहा कि हरिद्वार स्थित पतंजलि अनुसंधान संस्थान भारतीय आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का अदभुत समन्वय है। यहां हो रहे अनुसंधान चिकित्सा के क्षेत्र को नए अविष्कार देने में सक्षम हैं।

शेखावत ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण के सान्निध्य में यहां की प्रणाली को समीप से देख कर मैं बहुत प्रभावित हुआ। एमओयू के दौरान योग गुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण भी मंच पर उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने विशेष कार्यक्रम किसान संवाद में भी सहभागिता की और अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि पतंजलि योगपीठ वैश्विक स्तर पर भारतीयता को आगे बढ़ाते हुए देश के आर्थिक-सामाजिक विकास में अनुकरणीय योगदान दे रहा है। स्वामी रामदेव जी की देशभक्ति प्रेरक है।

गंगा किनारे रन फॉर यूनिटी का शुभारंभ

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने छठ के पावन अवसर पर सूर्य देव और मां गंगा को नमन करते हुए पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साथ हरिद्वार के चंडी घाट से रन फॉर यूनिटी 2022 का शुभारंभ किया। शेखावत ने कहा कि गंगा जी की निर्मलता और अविरलता के उद्देश्य से जुड़े अनेक आयोजनों में गंगा रन की भी अपनी लोकप्रियता है। जागरूक नागरिक इसमें बढ़-चढ़ कर भागीदारी करते हैं। शेखावत ने कहा कि छठी मैया का आशीर्वाद बना रहे।

पवित्र गंगा में शेखावत ने लगाई डूबकी

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने हर की पौड़ी हरिद्वार में पवित्र गंगा में डूबकी लगाई। उन्होंने कहा कि गंगा स्नान का भौतिक और आध्यात्मिक सुख प्राप्त किया। मां गंगा की पावन धाराओं से मिलती अनुभूति अलौकिक है।

रुक्मणी विवाह प्रसंग : प्रेम व भक्ति की सुन्दर व्याख्या

पुष्कर। तीथराज पुष्कर की खंडेलवाल धर्मशाला में हरिप्रसाद शर्मा परिवार की ओर से आयोजित भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन पंडित गौरव व्यास ने सूरदास एवं तुलसीदास जी के भक्ति प्रसंगों का वृतांत सुनाया।

उन्होंने श्री कृष्ण की गोवर्धन पूजा, कालिय नागदहन, चीरहरण, रास लीला आदि बाल लीलाओं की कवितामय व्याख्या करते हुए कंस-वध, रुक्मणी विवाह के दर्शन एवं रुक्मणी विवाह के दर्शन एवं रूक्मणी के प्रेम पत्र की ह्रदय स्पर्शी व्याख्या की।

कथा में जनाना अस्पताल की पूर्व अधीक्षक स्नेहलता मिश्रा, राजकीय महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डा एमएल अग्रवाल, शिक्षाविद अम्बाला, गुलाब व्यापारी पूनम अजमेरा आदि ने व्यास पीठ का माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर सैन भक्ति पीठ के पीठाधीश्वर अंचलानन्दाचार्य ने भी व्यास पीठ का अभिनन्दन कर प्रणाम किया।

सैनाचार्य ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कार्तिक मास में भागवत कथा का श्रवण करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने इस बात को कहते हुए ज़ोर दिया जो पितरों की स्मृति कथा कराते व माता पिता की सेवा करते हैं उन्हें किसी प्रकार का दोष नहीं लगता है। कथा में ज्योतिर्विद पं कैलाशनाथ दाधीच, लक्ष्मी नारायण पाराशर, सहित बह्मा गायत्री वेद विद्या पीठ के छात्रों ने कथा में स्वस्तिवाचन पाठ किया।

टी20 विश्व कप : मिलर-मार्करम की जोड़ी ने प्रोटियाज को दिलाई जीत

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पर्थ। दक्षिण अफ्रीका ने लुंगी एनगिडी (29/4) की शानदार गेंदबाजी के बाद एडेन मार्करम (52) और डेविड मिलर (59) के अर्द्धशतकों की बदौलत भारत को टी20 विश्व कप 2022 के सुपर-12 मुकाबले में रविवार को पांच विकेट से मात दी।

भारत ने ग्रुप-2 के मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 133 रन का लक्ष्य दिया। दक्षिण अफ्रीका ने यह लक्ष्य दो गेंदें रहते हुए हासिल कर लिया।

पर्थ की उछाल भरी पिच पर सूर्यकुमार यादव के अलावा सभी भारतीय बल्लेबाज असफल रहे। सूर्यकुमार ने 40 गेंदों पर छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से 68 रन बनाये और भारत को 133 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

दक्षिण अफ्रीका ने भी 134 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 40 रन ही बनाए थे, लेकिन मिलर और मार्करम ने इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मैच की काया पलट कर दी। दोनों ने चौथे विकेट के लिये 76 रन की साझेदारी करके मैच को प्रोटियाज की झोली में डाल दिया। मार्करम 16वें ओवर में आउट हो गए, लेकिन मिलर ने आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर चौका लगाकर अपनी टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया।

इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ग्रुप-2 के शीर्ष पर पहुंच गई है, जबकि भारत दूसरे स्थान पर है। भारत की जीत पर निर्भर पाकिस्तान सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई है।

भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी लेकिन दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने पिच के उछाल का शानदार प्रयोग किया। लुंगी एनगिडी (29/4) ने भारत को शुरुआती झटके देते हुए रोहित शर्मा, लोकेश राहुल और विराट कोहली को आउट किया। एनरिक नॉर्खिया ने दीपक हुड्डा को शून्य पर आउट किया जबकि एनगिडी ने हार्दिक पांड्या को भी पवेलियन भेज दिया।

भारत के पांच विकेट 49 रन पर गिरने के बाद सूर्यकुमार ने पारी को संभाला। उन्होंने दिनेश कार्तिक के साथ 52 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसमें कार्तिक ने सिर्फ छह रन का योगदान दिया। सूर्यकुमार ने अपनी जुझारू पारी में छह चौकों और तीन छक्कों के साथ 68 रन बनाए, जबकि कोई और भारतीय बल्लेबाज 20 रन के आंकड़े को भी नहीं छू सका। पारी के 19वें ओवर में सूर्यकुमार आउट हो गये जबकि भुवनेश्वर कुमार (04 नाबाद) और अर्शदीप सिंह (02 नाबाद) ने भारत को 20 ओवर में 133/9 के स्कोर तक पहुंचाया।

दक्षिण अफ्रीका की ओर से एनगिडी ने चार ओवरों में 29 रन देकर चार विकेट झटके जबकि वेन पार्नेल ने चार ओवर में 15 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। नॉर्खिया (चार ओवर, 23 रन) को एक विकेट प्राप्त हुआ।

भारत ने 133 रनों की रक्षा करते हुए शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका को परेशान किया। अर्शदीप सिंह ने अपने पहले ओवर में क्विंटन डी कॉक और पिछले मैच के शतकवीर राइली रूसो को पवेलियन भेज दिया। कप्तान टेम्बा बावुमा (10) ने एक बार फिर विकेट पर संघर्ष किया लेकिन असफल रहे। भारत ने कसी हुई गेंदबाजी के दम पर दक्षिण अफ्रीका को पहले 10 ओवरों में 40/3 के स्कोर पर रोका हुआ था।

दक्षिण अफ्रीका को जब 60 गेंदों पर 94 रनों की आवश्यकता थी तब मिलर-मार्करम की जोड़ी ने हाथ खोलने का निर्णय लिया। दोनों बल्लेबाजों ने अगले चार ओवरों में 45 रन जोड़े। इस दौरान मार्करम को 35 रन पर दो जीवनदान भी मिले। विराट कोहली ने 12वें ओवर में उनका कैच छोड़ा जबकि रोहित अगले ओवर में उन्हें रनआउट करने से चूक गए।

मार्करम ने इसका लाभ उठाते हुए 15वें ओवर में अपना अर्द्धशतक पूरा किया, हालांकि वह अगले ओवर में वह आउट हो गये। मार्करम ने आउट होने से पहले 41 गेंदों पर छह चौके और एक छक्का लगाकर 52 रन बनाए। ट्रिस्टन स्टब्स ने भी 18वें ओवर में अपना विकेट गंवाया, लेकिन मिलर ने अंत तक विकेट पर रहकर दक्षिण अफ्रीका की जीत सुनिश्चित की। मिलर ने 59 रनों की मैच जिताऊ पारी में 46 गेंदें खेलकर चार चौके और तीन छक्के जड़े।

भारत को अपने अगले मुकाबले में बुधवार को बांग्लादेश का सामना करना है, जबकि दक्षिण अफ्रीका का सामना गुरुवार को पाकिस्तान से होगा।

अशोक गहलोत ने गुजरात में पुल हादसे पर जताया दुख

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात के मोरबी में मच्छू नदी पर बने केबल पुल के टूटने से कई लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

गहलोत ने इस हादसे पर कहा कि गुजरात के मोरबी में मच्छू नदी पर बने केबल पुल के टूटने से कई लोगों के हताहत होने जानकारी मिली। मैं ईश्वर से घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।

इसी तरह भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनियां ने भी इस केबल पुल टूटने से हुए हादसे में मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, हादसे में घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया और कहा कि गुजरात के पुल टूटने की हृदय विदारक घटना से आहत हूं। शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और लापता लोगों के सकुशल लौटने की प्रार्थना करता हूं।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी हादसे पर दुख जताया और कहा कि गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे में कई लोगों की मृत्यु एवं घायल होने का समाचार अत्यंत दुःखद है।

सचिन पायलट ने कहाकि मेरी गहरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं, ईश्वर उन्हें संबल प्रदान करें। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और लापता हुए लोगों की सकुशलता की कामना करता हूं।

गुजरात के मोरबी में मच्छू नदी का झूला पुल टूटने से 132 की मौत

मोरबी में पुल टूटने से हुए हादसे पर मोदी ने जताया दुख

मोरबी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मोरबी में पुल टूटने से हुए हादसे में 68 लोगों के मारे जाने पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए दो लाख रुपए की सहायता की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ट्वीट करके कहा कि मोदी ने इस संबंध में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और अन्य अधिकारियों से बात की है। मोदी ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए बचाव दल तत्काल तैनात करने को कहा है और मोदी ने मोरबी दुर्घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक के परिजनों के लिए पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) से दो-दो लाख रुपए की सहायता तथा घायलों को 50,000 रुपए देने की घोषणा की है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मोरबी में हुए झूला पुल हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। शाह ने रविवार रात एक ट्वीट में कहाकि मैंने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी और अन्य अधिकारियों से बात की है।

स्थानीय प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल शीघ्र ही घटनास्थल पर पहुंच रहा है। प्रशासन को घायलों को तुरंत घटनास्थल पर तुरंत उपचार देने के निर्देश दिए गए हैं।

पटेल ने रविवार को कहा कि मोरबी झूलता पुल टूटने की दुर्घटना से अत्यंत व्यथित हूं, इस हादसे में जान गंवाने वाले नागरिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। राज्य सरकार इस हादसे के प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए की सहायता प्रदान करेगी।

पटेल ने अपने ट्वीट में कहा कि मोरबी झूलता पुल टूटने की दुर्घटना से अत्यंत व्यथित हूं। आज के सभी कार्यक्रम रद्द करके गांधीनगर पहुंच रहा हूं। मोरबी में राहत और बचाव कार्य जोरों पर चल रहा है और प्रभावितों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी स्थिति पर लगातार निगरानी करने और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने को कहा है।

पटेल ने कहा कि घायलों के तत्काल इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं और वह इस संबंध में ज़िला प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। एसडीआरएफ सहित कई टीमों को बचाव कार्य में लगाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं मोरबी के लिए रवाना हो रहा हूं। मोरबी की घटना में जान गंवाने वाले नागरिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। राज्य सरकार प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए की सहायता प्रदान करेगी।

उल्लेखनीय है कि मोरबी शहर के बी डिवीजन क्षेत्र में मच्छू नदी का झूलता पुल (ओवर ब्रिज) रविवार शाम अचानक टूट जाने के कारण नदी में गिर जाने से 68 लोग मारे गये और 25 घायल हो गए। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि अभी बचाव एवं राहत कार्य चल रहा है और घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर है।

गुजरात के मोरबी में मच्छू नदी का झूला पुल टूटने से 132 की मौत

गुजरात के मोरबी में मच्छू नदी का झूला पुल टूटने से 132 की मौत

मोरबी। गुजरात में मोरबी के बी डिवीजन क्षेत्र में रविवार को झूला पुल टूटने से मच्छू नदी में गिर गये 132 लोगों की मौत हो गई और तथा 2 लोग लापता बताए जा रहे हैं।।

जिला प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि पुल टूटने से उस पर आए सैकड़ों लोग मच्छु नदी में गिर गए। इस हादसे में 132 लोग मारे गए तथा 2 लोग लापता  हो गए। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। अभी नदी में लोगों की खोज की काम चल रहा है।

पुलिस ने बताया कि मच्छू नदी पर बना झुलता पुल शाम करीब साढ़े सात बजे अचानक टूट गया, जिसके कारण लोग नदी में गिर गए। पुल पर अधिकतर छठ पूजा के लिए आए थे।

वर्ष 2000 के बाद भारत में बड़े पुल हादसे

1. कुडालुंडी नदी रेल पुल (केरल), 21 जून 2001, 59 लोग मरे , 200 से अधिक घायल

2.रफीगंज बिहार रेल पुल, 10 सितंबर 2002, 130 लोग मरे, 150 घायल

3.वेलीगोंडा रेल पुल, 29 अक्टूबर 2005, 114 लोग मरे

4. भागलपुर पैदल पार पथ (बिहार), दिसंबर 2006, 30 से अधिक लोग मरे

5. पुंजागुट्टा फ्लाईओवर हैदराबाद, 9 सितंबर 2007, करीब 30 लोग मरे

6. कोटा-चंबल निर्माणाधीन पुल (राजस्थान),25 दिसंबर 2009, 48 लोग मरे, अनेक घायल

7. केबल पुल, सूरत (गुजरात) 10 जून 2014, 10 मरे, छह घायल

8. विवेकानंद फ्लाईओवर कोलकाता, 31 मार्च 2016, 27 मरे , 80 से अधिक घायल

9. सावित्री नदी पुल (महाराष्ट्र) दो अगस्त 2016, 28 लोग मरे

10. सानबोरडेम रिवर ब्रिज गोवा, 18 मई 2017, दो लोग मरे, 30 लापता

11. मादेर हाटा कोलकाता, चार सितंबर 2018, तीन लोग मरे, 25 घायल

12. सीएसटी ओवर ब्रिज मुंबई 14 मार्च 2019, छह लोग मरे, 30 घायल

13. मोरबी गुजरात केबल पुल हादसा, 30 अक्टूबर 2022, कम से कम 68 लोग मरे, 25 से अधिक घायल