Warning: Constant WP_MEMORY_LIMIT already defined in /www/wwwroot/sabguru/sabguru.com/18-22/wp-config.php on line 46
Sabguru News - 7250 का पृष्ठ 525 -
होम ब्लॉग पेज 525

जवानों के बीच पहुंचे मोदी बोले, दीपावली आतंक के अंत का उत्सव

करगिल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेना की शौर्य गाथा तथा बलिदान और विजय की भूमि करगिल में वीर जवानों को संबोधित करते हुए सोमवार को कहा कि दीपावली आतंक के अंत का उत्सव है और सेना ने करगिल में आतंक का फन कुचलते हुए विजय पताका फहराया था।

प्रधानमंत्री बनने के बाद से जवानों के बीच दीपावली मनाने की अपनी परंपरा के तहत सोमवार को यहां पहुंचे श्री मोदी ने दुश्मन को बेहद सख्त संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत पर बुरी नजर डालने वालों को उनके दुस्साहस का उसी भाषा में करारा जवाब दिया जाएगा।

जवानों के बीच नौवीं बार दीपावली मनाने पहुंचे प्रधानमंत्री ने सैन्यकर्मियों के साथ मुलाकात की और उन्हें दीपोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कई वर्षों से आप सब मेरा परिवार हैं, मेरी दीपावली की मिठास और प्रकाश आप लोगों के बीच है, मेरी उमंग आप के पास है। यही मुझे बार-बार मां भारती के वीर बेटे बेटियों के खींच लाती है।

वर्ष 1999 की करगिल विजय का दीपावली के परिप्रेक्ष्य में उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि दीपावली का अर्थ है आतंक के अंत के साथ उत्सव, आतंक के अंत का उत्सव और यही करगिल ने भी किया था। करगिल में हमारी सेना ने आतंक के फन को कुचला था। पाकिस्तान के साथ ऐसा कोई युद्ध नहीं हुआ है जहां करगिल ने विजय पताका नहीं फहराया हो। उन्होंने कहा कि कारगिल का कुरूक्षेत्र भारतीय सेना के साहस और शौर्य का गवाह बन चुका है। यहां दुश्मन भारतीय सेना की बहादुरी के आगे बौना बन जाता है।

मोदी ने कहा कि भारत ने कभी किसी के साथ पहले युद्ध नहीं लड़ा। उन्होंने कहा कि हमने युद्ध को हमेशा अंतिम विकल्प माना है। चाहे वह लंका में हो या कुरूक्षेत्र में हो उसे अंत तक टाला है। हम युद्ध के पक्षधर नहीं है, लेकिन शांति भी बिना सामर्थ्य के संभव नहीं होती है। हमारी सेनाओं के पास सामर्थ्य भी है और रणनीति भी, अगर कोई हमारी तरफ नजर उठाकर देखेगा तो हमारी तीनों सेनाएं दुश्मन को उसी की भाषा में मुंहतोड़ जवाब देना जानती हैं।

प्रधानमंत्री ने जवानों से कहा आप सीमा पर कवच बनकर खड़े हैं तो देश के भीतर भी आतंकवाद और नक्सलवाद की जड़ों को उखाड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि साथ ही भ्रष्टाचार के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारी चाहे कितना ही ताकतवर हो वह बच नहीं सकता और वह बचेगा भी नहीं। उन्होंने कहा कि वर्षों तक कुशासन ने देश की प्रगति में बाधा पहुंचाई लेकिन अब राष्ट्रहित में बड़े से बड़े निर्णय तेजी से लिए जाते हैं और उन्हें तेजी से लागू किया जाता है।

सेना का बदलती परिस्थितयों के अनुरूप तैयार किये जाने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि नए दौर में युद्ध का स्वरूप बदल रहा है और उसी के अनुरूप हम सेना को तैयार कर रहे हैं। हर चुनौती का तेजी से सामना करने के लिए सुधार कर एकीकरण पर बल दिया जा रहा है जिससे सेना देश की रक्षा की अपनी जिम्मेदारी को निभा सके। सेनाओं को स्वदेशी हथियारों से लैस किया जा रहा है।

मोदी ने कहा कि जब भारत की ताकत बढ़ती है, तो वैश्विक शांति और समृद्धि की संभावना भी बढ़ती है। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ बहुत महत्वपूर्ण है। विदेशी हथियारों और प्रणाली पर हमारी निर्भरता कम से कम होनी चाहिए। सशस्त्र बलों में दशकों से सुधार की जरूरत थी, जिन्हें अब लागू किया जा रहा है। सशस्त्र बलों में महिलाओं को शामिल करने से हमारी ताकत बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए भावुक होकर कहा कि यहां आकर उनकी 23 वर्ष पुरानी यादें ताजा हो गई हैं जब वह यहां राहत सामग्री लेकर पहुंचे थे।दीपावली के मौके पर पूरी दुनिया को शुभकामनाएं देते हुए मोदी ने कहाकि भारत कामना करता है कि प्रकाश का यह पर्व विश्व के लिए शांति का मार्ग प्रशस्त करे।

मेरठ में चलती बस में लगी आग, बारातियों ने कूद कर बचाई जान

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में रविवार देर रात मुजफ्फरनगर से वापस लौट रही बारात की एक बस में अचानक आग लगने से तमाम बारातियों को कूद कर अपनी जान बचानी पड़ी, जिनमें कई बाराती घायल हो गए।

पुलिस ने सोमवार को बताया कि कस्बा किठौर क्षेत्र के गांव कायस्थ बड़ा निवासी राहत के पुत्र 20 वर्षीय समद की बारात रविवार सुबह मुजफ्फरनगर के दुल्हेरा गांव गई थी। देर रात बारात वापस लौट रही थी, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत करीब 55 बराती सवार थे।

बस में अचानक आग लग गई और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जिससे बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। बस के चालक और परिचालक बस को छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि गढ़ रोड स्थित जयभीमनगर के सामने पहुंचते ही अचानक शॉर्ट सर्किट से पूरी बस में आग फैल गई।

आग लगते ही चालक व परिचालक बस को बीच सड़क पर खड़ा छोड़ कर फरार हो गए। बस में मौजूद लोगों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने किसी तरह बारातियों को सकुशल बस से बाहर निकाला। कुछ बाराती जान बचाने के लिए चलती बस से कूद गए, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए।

दमकल विभाग को आग की सूचना दिए जाने के काफी देर बाद दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, तब तक बस पूरी तरह जलकर लोहे के ढांचे में बदल चुकी थी। बाद में जेसीबी द्वारा बस को सड़क के बीच से हटाकर नजदीक के पेट्रोल पंप से दूर खड़ा कराया गया।

भारत में 2022 का पहला आंशिक सूर्य ग्रहण मंगलवार को

हैदराबाद। भारत में 2022 का पहला आंशिक सूर्य ग्रहण मंगलवार को दिखाई देगा। प्लैनेटरी सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीएसआई) के निदेशक एन श्रीरघुनंदन कुमार ने सोमवार को एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि 15 दिनों से भी कम समय में एक और ग्रहण आठ नवंबर दिखाई देगा, जो पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा।

उन्होंने बताया कि देश में मंगलवार शाम 4.16 बजे से शुरू होने वाला सूर्य ग्रहण सबसे पहले जम्मू-कश्मीर के लेह में दिखाई देगा जबकि भारत के पश्चिमी भाग में लोग शाम 4.30 बजे से इस ग्रहण को देख सकेंगे।

कुमार ने कहा कि देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में यह शाम 4.40 बजे से दिखाई देगा और कन्याकुमारी में यह सबसे अंत में शाम 05.33 में दिखेगा और सबसे अंतिम समय तक यानी शाम 6 बजे तक दिखाई देगा।

यह ग्रहण पूरी दुनिया के लिए एक आंशिक ग्रहण है, जिसमें अधिकतम 82 प्रतिशत ग्रहण लगेगा और पृथ्वी के किसी भी स्थान पर पूर्ण सूर्य ग्रहण या सूर्य वलयाकार नहीं दिखाई देगा।भारत में इससे पहले सूर्य ग्रहण 21 जून, 2020 को हुआ था और अगला सूर्य ग्रहण लगभग पूरे भारत में दो अगस्त, 2027 को दिखाई देगा।

पीएसआई निदेशक ने कहा कि इस ग्रहण की शुरुआत आइसलैंड में दोपहर बाद 2:28 बजे होगी और यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व से गुजरने के बाद यह शाम 6:32 बजे भारत में समाप्त होगा।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में यह ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर बाद 2.28 बजे से शाम 6.32 बजे के बीच होगा और ग्रहण का सबसे बड़ा हिस्सा शाम 4.30 बजे दिखेगा।

भारत में सूर्यग्रहण 2 से 55 प्रतिशत के बीच

कुमार ने कहा कि भारत में सूर्य ग्रहण दो प्रतिशत से 55 प्रतिशत के बीच होगा, जो स्थान पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, जम्मू में लगभग 53 फीसदी, द्वारका में 33 प्रतिशत, भोपाल में 32 प्रतिशत, और गुवाहाटी में 30 प्रतिशत जबकि कन्याकुमारी में यह सबसे कम दो प्रतिशत ही देखने को मिलेगा।

कुमार ने कहा कि दो तेलुगू राज्यों तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में शाम 4.50 बजे से 5.10 बजे से ग्रहण दिखना शुरू होगा और सूर्यास्त तक दिखेगा। तेलुगु राज्यों में सूर्य ग्रहण 16 प्रतिशत से 19 फीसदी के बीच दिखेगा।

झूंठी जानकारियों से रहें सतर्क

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण और आठ नवंबर को चंद्रग्रहण को दुर्लभ बता रहे हैं और कह रहे हैं इसके गंभीर परिणाम होंगे। पीएसआई निदेशक ने आगाह किया कि लोगों को वैज्ञानिक आंकड़ों का उपयोग करना चाहिए और ऐसे झूठी बातों से सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण रूप से प्रायः सूर्य ग्रहण के बाद चंद्र ग्रहण होता है या कभी-कभी एक वर्ष में सूर्य ग्रहण से पहले चंद्र ग्रहण होता है। एक महीने में दो ग्रहण लगना कोई असामान्य बात नहीं है।

सूर्यग्रहण देखने में ये सावधानियां बरतें

कुमार ने कहा कि सूर्य ग्रहण को प्रत्यक्ष, दूरबीन या एक्स-रे फिल्मों के माध्यम से नहीं देखना चाहिए, बल्कि केवल सौर फिल्टर, ग्रेड 14 वेल्डर ग्लास और अप्रत्यक्ष रूप से ही देखना चाहिए। भारत में ग्रहण के दौरान धार्मिक परंपराओं के नाम पर गर्भवती महिलाओं पर विभिन्न प्रतिबंध लगाए जाते हैं लेकिन अगर ग्रहण गर्भवती महिलाओं, अजन्मे बच्चों के लिए हानिकारक होता तो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा राष्ट्रों के लिए चिकित्सा परामर्श जरूर जारी किया गया होता।

ब्रिटेन में ऋषि सुनक को प्रधानमंत्री बनने पर मोदी ने दी बधाई

0

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन में ऋषि सुनक को प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई दी है। मोदी ने भारतीय मूल के सुनक के माध्यम से ब्रिटेन में रह रहे भारतवंशियों को भी दिवाली की विशेष शुभकामना दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर अपने बधाई संदेश में कहा कि ऋषि सुनक ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने पर आपको हार्दिक बधाई। मैं विभिन्न वैश्विक मुद्दों और 2030 की वृहद योजना को लागू करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने की प्रतीक्षा करता हूं। ऐसे समय में जबकि हम अपने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को एक आधुनिक भागीदारी में परिवर्तित कर रहे हैं, ब्रिटेन में रह रहे भारतीयों के ‘सजीव सेतु’ (लिविंगब्रिज) को दिवाली की विशेष शुभकामनाएं।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में अपनी ब्रिटेन यात्रा के दौरान लंदन के व्हेंबली स्टेडियम में विश्व भर में फैले भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए ‘लिविंगब्रिज’ शब्द का प्रयोग किया था। इस शब्द प्रयोग से प्रधानमंत्री मोदी का तात्पर्य है कि विश्व में फैले भारतीय अपने निवास के देश और अपने मूल देश भारत के बीच सजीव सेतु की भूमिका निभाते हैं। सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद पर पहुंचने वाले पहले अश्वेत और पहले हिंदू धर्मावलंबी हैं।

ऋषि सुनक ने रचा इतिहास, बने ब्रिटेन के पहले अश्वेत प्रधानमंत्री

ऋषि सुनक ने रचा इतिहास, बने ब्रिटेन के पहले अश्वेत प्रधानमंत्री

लंदन। भारतीय मूल के ऋषि सुनक ने महज सात साल के संसदीय सफर में ब्रिटेन के नए और पहले अश्वेत प्रधानमंत्री बनकर एक कीर्तिमान स्थापित कर दिया।

सुनक ने 2020 से 2022 तक ब्रिटेन के राजकोष के चांसलर के रूप में कार्य किया, जिसे वित्त मंत्री भी कहा जाता है। इससे पहले सुनक 2019 से 2020 तक ट्रेजरी के मुख्य सचिव रहे। सुनक कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य हैं। वह 2015 से उत्तर यॉर्कशायर में रिचमंड (यॉर्क) के लिए संसद सदस्य रहे हैं।

सुनक का जन्म इंग्लैंड के साउथैम्प्टन नामक शहर में हुआ था। इनके माता-पिता भारतीय मूल के थे, जो पहले अफ्रीका में रहते थे। नब्बे के दशक में इनके माता-पिता पूर्वी अफ्रीका से इंग्लैंड में आए थे।

सुनक ने अपनी पढ़ाई विनचेस्टर कॉलेज में की थी। इन्होंने दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई लिंकन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में पूरी की। इसके बाद फूलब्राइट प्रोग्राम के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त कर स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से इन्होंने एमबीए की डिग्री प्राप्त की। स्टैनफोर्ड में पढ़ाई के दौरान इनकी मुलाक़ात इंफोसिस के फाउंडर और व्यापारी एन आर नारायणमूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से हुई थी।

यॉर्कशर के रिचमंड से सांसद ऋषि सुनक 2015 में पहली बार संसद पहुंचे थे। उस समय ब्रेग्जिट का समर्थन करने के चलते पार्टी में उनका कद लगातार बढ़ता चला गया। सुनक ने तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे की सरकार के संसदीय अवर सचिव के रूप में कार्य किया था। थेरेसा मे के इस्तीफा देने के बाद, सुनक ने पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के कंजरवेटिव नेता बनने के अभियान का समर्थक किया। जॉनसन ने प्रधानमंत्री नियुक्त होने के बाद, सुनक को ट्रेजरी का मुख्य सचिव नियुक्त किया।

वित्त मंत्री के रूप में सुनक ने ब्रिटेन में कोविड-19 महामारी के आर्थिक प्रभाव के मद्देनजर सरकार की आर्थिक नीति पर प्रमुखता से काम किया। पांच जुलाई 2022 को जॉनसन के साथ आर्थिक नीति के मुद्दे पर मतभेदों का हवाला देते हुए सुनक ने वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। सुनक और स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद के इस्तीफे के कारण जॉनसन सरकार संकट में पड़ गई और जॉनसन को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।

सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथैम्प्टन में भारतीय पंजाबी हिंदू स्वर्णकार माता-पिता यशवीर और उषा सुनक के घर हुआ। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके दादा-दादी भारत के पंजाब राज्य में पैदा हुए थे और 1960 के दशक में पूर्वी अफ्रीका से अपने बच्चों के साथ ब्रिटेन आए थे।

सुनक ने अगस्त 2009 में भारतीय अरबपति, इंफोसिस के संस्थापक, एनआर नारायण मूर्ति की पुत्री अक्षता मूर्ति से शादी की। दोनों की मुलाकात स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान हुई थी। इन दोनों की दो पुत्रियां हैं।

सुनक ने 2017 से हाउस ऑफ कॉमन्स में भगवद गीता पर शपथ ली है। सुनक एक टीटोटलर हैं। वह पहले ईस्ट लंदन साइंस स्कूल के गवर्नर थे। ब्रिटेन के जिस पार्टीगेट स्कैंडल के कारण बोरिस जॉनसन की अधिक किरकिरी हुई थी। उसकी आंच सुनक पर भी पड़ी। सुनक पर भी पार्टीगेट स्कैंडल में अर्थदण्ड लगाया गया था। उन्हें फिक्स्ड पेनल्टी नोटिस जारी किया गया था। इस घटना के पश्चात सुनक की लोकप्रियता में गिरावट देखने को भी मिली थी।

पंजाब : होशियारपुर में तीन साल बच्ची की रेप के बाद हत्या

होशियारपुर। पंजाब में होशियारपुर के मेहतियाना में रविवार रात एक खेत के सूखा चारा कमरे से एक तीन वर्षीय बच्ची की लाश मिली, जिसकी बलात्कार के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी।पुलिस ने बताया कि एक 14 वर्षीय किशोर पर हत्या और पोक्सो की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरिंदर पाल ने बताया कि बच्ची अपने घर से लापता हो गई थी। परिवार ने उसे ढूंढने की कोशिश की पर नाकाम रहा। गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों से पता चला कि एक किशोर बच्ची को अपने साथ ले गया था। बच्ची के शव का पोेस्टमार्टम सरकारी अस्पताल में किया गया जिसमें बलात्कार व गला घोंटे जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस किशोर की तलाश कर रही है।

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने 9 कुलपतियों को इस्तीफा देने का दिया निर्देश

तिरुवनंतपुरम। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए नौ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से 24 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11.30 बजे तक अपने पद से इस्तीफा देने को कहा है।

खान ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि केरल के नौ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को 24 अक्टूबर 2022 को पूर्वाह्न 11.30 बजे तक इस्तीफा देने का निर्देश पत्र जारी किया गया है। पत्र कुलपतियों और संबंधित विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को भी ईमेल किया गया है।

राजभवन ने ट्वीट किया कि 2022 की सिविल अपील संख्या 7634-7635 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 21.10.22 के फैसले के मद्देनजर (एसएलपी (सी) 2021 की संख्या 21108-21109) राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य के नौ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस्तीफा देने का निर्देश दिया है। इस बीच, लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) ने कुलपतियों को राज्यपाल के निर्देश की अवहेलना करने को कहा है।

राजीव गांधी फाउंडेशन का पंजीकरण रद्द करने के विरुद्ध होगी कानूनी लड़ाई : कांग्रेस

0

नई दिल्ली। कांग्रेस ने राजीव गांधी फाउंडेशन (आरजीएफ) और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट (आरजीसीटी) का पंजीकरण रद्द करने को गैरकानूनी बताते हए कहा है कि पार्टी इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने रविवार देर रात यहां जारी बयान में कहा कि दीपावली से ठीक पहले गृह मंत्रालय ने आरजीएफ और आरजीसीटी दोनों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। फाउंडेशन और चैरिटेबल ट्रस्ट के विरुद्ध सरकार ने घिसे-पिटे आरोपों को दोहराने का काम मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के मकसद से किया है। सरकार बढ़ती कीमतों, बढ़ती बेरोजगारी और औंधे मुंह गिरते रुपए के कारण गहरे संकट से घिरी अर्थव्यवस्था की स्थिति पर जनता के गुस्से को समझती है। इसलिए मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि आरजीएफ को 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद भारतीयों और अन्य राष्ट्रों के बीच सदभावना का सृजन करने, आईटी और दूरसंचार सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का उपयोग करके भारत का समावेशी और सतत विकास करने तथा पंचायत, जिला और नगरपालिका स्तर पर महिलाओं, युवाओं और स्थानीय स्वशासन का सशक्तीकरण कर हिंसा तथा बाढ़, सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों विशेषकर विकलांग लोगों को राहत प्रदान करने के मकसद से किया गया था। आरजीएफ ने देश के विभिन्न भागों इन विचारों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय है जिससे लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं।

रमेश ने कहा कि इसी तरह से आरजीसीटी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के सबसे गरीब क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए काम करता है। आरजीसीटी को 2002 में एक पेशेवर रूप से प्रबंधित, गैर-लाभकारी संस्था के रूप में पंजीकृत किया गया था।

ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में काम करने के लिए 2002 में राजीव गांधी महिला विकास परियोजना शुरू की, जिसके अंतर्गत एक ‘समूह-आधारित’ सामाजिक सशक्तिकरण प्रक्रिया का अनुपालन किया गया और प्रभावित क्षेत्रों के 20 लाख से अधिक गरीब परिवारों के जीवन में सुधार किया। इंदिरा गांधी नेत्र अस्पताल और अनुसंधान केंद्र ने लगभग 40 लाख रोगियों को व्यापक और गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा प्रदान की है, जिसमें 4.5 लाख से अधिक दृष्टि बहाल करने वाली सर्जरी भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं ने सभी कानूनों और विनियमों का पूरी तरह से पालन किया है और इनका हर वर्ष ऑडिट होता है। आरोपों का समुचित प्रत्युत्तर देकर पंजीकरण रद्द करने के विरुद्ध कानूनी करवाई की जाएगी।

जयपुर सहित कई शहरों में दीपावली पर की गई विशेष सजावट

0

जयपुर। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते गत दो साल में रोशनी एवं आतिशबाजी के साथ खुशियों का पर्व दीपावली नहीं मना पाने के बाद इस बार दीपावली पर राजस्थान में लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है वहीं राजधानी जयपुर सहित विभिन्न शहरों के प्रमुख बाजारों में दिवाली पर अलग अलग थीम पर विशेष सजावट कर लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

इस बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दीपावली का पर्व प्रदेशवासियों के लिए उल्लास और खुशियों भरा हो, इसके लिए राज्य सरकार आमजन के साथ मिलकर त्यौहार मनाने के ऐलान के बाद दीपावली पर लोगों में और उत्साह बढ़ गया और इस मौके की जाने वाली रोशनी एवं सजावट में और चार चांद लग गए।

जयपुर में दीपावली पर देवताओं सहित विभिन्न थीम पर बाजारों को सजाया गया है और इस बार शहर के परकोटे के बाहर के बाजारों में भी रोशनी एवं सजावट को लेकर काफी होड़ देखने को मिली और दीपोत्सव के तहत की जाने वाली रोशनी एवं सजावट एक से बढ़कर एक देखी जा सकती है।

इस मौके शहरवासियों के अलावा बाहर से आए पर्यटक भी रात में रोशनी एवं सजावट का लुत्फ उठा रहे हैं। इस बार शनिवार एवं रविवार दो दिन तक धनतेरस का पर्व रहने से देर रात तक बाजारों में काफी भीड़ रही। इसी के साथ रोशनी देखने के लिए लोगों के सड़कों पर उमड़ने से रौनक और बढ़ गई। हालांकि इस दौरान प्रमुख बाजारों में लोगों को सड़क पर जाम का सामना भी करना पड़ा।

जयपुर के प्रमुख बाजारों में जबरदस्त रोशनी एवं सजावट की गई है और जयपुर शहर के परकोटे के प्रमुख बाजारों को सतरंगी रोशनी से सजाया गया है। इस बार सांगानेरी गेट, न्यू गेट और अजमेरी गेट को रंगीन हाई मास्क लाइट से सजाया गया है। इनमें किशनपोल बाजार को भगवान श्रीकृष्ण की थीम पर सजाया गया है।

इसी तरह जौहरी बाजार में माता लक्ष्मी और गणेशजी कमल के फूल पर बैठे नजर आ रहे हैं। चांदपोल बाजार में भगवान शिव अपने हाथ पर बिठाकर गणेशजी को खिला रहे रहे हैं। छोटी चौपड़ पर अमरीका का डिज्नीलैंड तैयार किया गया है। इसके अलावा लाइट फाउंटेन बनाया गया है। इसी प्रकार त्रिपोलिया बाजार में अलग तरह की रोशनी एवं सजावट की गई है।

इसके अलावा चांदपोल बाजार में भगवान शिवजी और गणेशजी की झांकी भी सजाई गई है। इसी तरह बाजारों में दुकानदारों ने भी ग्राहकों को लुभाने के लिए तरह तरह की सजावट की है। इसके अलावा चांदपोल पर तिरंगे की थीम पर सजावट की गई है और यह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।

इसी तरह शहर के एमआई रोड को शानदार रोशनी से सजाया गया है और पांच बत्ती चौराहे पर सेल्फी पॉइंट भी बनाए गए हैं। जौहरी बाजार में एलएमबी की दीवार पर चालीस फुट ऊंची विशेष लाइट्स लगाई गई हैं। इसी तरह जयपुर के प्रमुख मंदिरों में भगवान का अलौकिक श्रृंगार किया जा रहा है और मंदिरों को रोशनी और विशेष सजावट से सजाया जा रहा है।

जयपुर शहर के परकोटे में बापू बाजार, इंदिरा बाजार, नेहरू बाजार सहित अन्य बाजारों में भी शानदार रोशनी एवं सजावट देखने को मिल रही है वहीं परकोटे के बाहर मानसरोवर, जगतपुरा, वैशाली नगर, झोटवाड़ा एवं खातीपुरा रोड़ सहित कई स्थानों पर जबरदस्त रोशनी एवं सजावट नजर आ रही है और लोग इसे देखने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। इस मौके कई बाजारों में रात में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के पिछले सप्ताह दीपावली पर्व के आयोजन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की और उन्होंने कहा कि प्रकाश और स्वच्छता का यह दीपावली पर्व समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द, प्रेम और भाई-चारे का संदेश देता है और इस बार पूरे प्रदेश में सजावट एवं रोशनी तथा विशेष आयोजन किए जाएंगे ताकि कोविड-19 से फीके हुए त्यौहार में फिर से चमक नजर आए।

इसका इस पर्व पर काफी असर देखने को मिला और जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, उदयपुर सहित विभिन्न शहरों में प्रमुख चौराहों, भवनों आदि को रोशनी से सजाया गया हैं जिससे जगह जगह रोशनी की जगमगाहट नजर आ रही है जो इस रोशनी के पर्व में और चार चांद लगा रही हैं।

इस बार दीपावली पर लोगों में खरीददारी के प्रति काफी रुझान देखने को मिल रहा है और लोग ज्वैलरी, कपड़े, घर का सामान, पटाखे आदि खूब खरीद रहे हैं और दो साल तक दीपावली नहीं मना पाने के बाद इस बार दिवाली को हर कोई खास बनाना चाह रहा हैं। बाजारों में इस मौके प्रशासन एवं पुलिस भी मुस्तैद हैं और व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस व्यवस्था के माकूल प्रबंध के तहत जगह जगह पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

फतेहपुर : मालगाड़ी के 25 डिब्बे पटरी से उतरे, रेल यातायात बाधित

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में रविवार को दिल्ली हावड़ा रेल लाइन पर रमवा रलवे स्टेशन के सामने एक मालगाड़ी के 25 खाली डिब्बे पलटने से उतर गए। इससे कुछ घंटों तक रेल यातायात बाधित रहा।

पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरने के कारण दिल्ली हावड़ा डाउन रुट की सभी ट्रेनें रोकनी पड़ीं। इससे कालका मेल, नीलांचल एक्सप्रेस और जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस सहित एक दर्जन पैसेंजर गाडियां विलंबित हो गईं।

रविवार को सुबह कानपुर से प्रयागराज की तरफ जाने वाली मालगाडी के 25 डिब्बे अचानक ब्रेक लेेने के कारण पटरी से उतर गए। मालगाडी के सामने जानवरों का एक झुंड आया, जिससे चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लिया और 25 डिब्बे पटरी से उतर गए।

सिंह ने बताया कि कानपुर से प्रयागराज की तरह जाने वाली मालगाडी के पलटने से एक दर्जन पैसेंजर गाडियां अलग बगल के रेलवे स्टेशनों पर खडी कर दी गईं। यात्रियों के परेशानी को देखते हुए पानी व खाने पीने की सामग्री फतेहपुर शहर से पहुंचाई गई। उन्होंने बताया कि बेपटरी हुए डिब्बों को रेलवे ट्रैक से हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।