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सबगुरु राशिफल : 24 अक्टूबर सोमवार को आपके भाग्य में क्या होगा बदलाव

सबगुरु न्यूज। कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, चतुर्दशी तिथि, वार सोमवार, सम्वत 2079, शरद ऋतु, रवि दक्षिणायन, शाम 05.27 बजे बाद अमावस्या तिथि प्रारम्भ।

मेष राशि :- आज स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। घुटनों और जोड़ों के दर्द से राहत मिल सकती है। सुबह व्यायाम करें, अतिरिक्त लाभ मिलेगा। पारिवारिक कारण या नौकरी को लेकर आप लंबी दूरी की यात्राओं पर जाने से बचें। कार्यक्षेत्र में आपको उच्च पद, प्रतिष्ठा व मान-सम्मान मिलने के संकेत हैं

वृषभ राशि :- आज आपकी कार्य-शक्ति गज़ब की रहेगी। जिसकी वजह से आप अपने कार्य समय से पूरा कर पाएंगे। बिज़नेस में पिता का सहयोग आपको बड़ा आर्थिक लाभ दे सकता है। आर्थिक मामलों के लिए यह अवधि बढ़िया रहेगी बस धन संबंधी लेन-देन में आपको जल्दबाज़ी करने से बचना होगा।

मिथुन राशि :- आज आप विपरीत लिंग वाले लोगों की ओर आकर्षित हो सकते हैं। सेहत पर ध्यान दें। अधिकारी आपसे खुश हो सकते हैं। स्टूडेंट्स को किसी मामले पर निराशा भी हो सकती है। फालतू विवादों से बचने की कोशिश भी करनी चाहिए। कारोबार में खर्चों पर कंट्रोल रखना होगा।

कर्क राशि :- आज घरेलू जीवन के लिए यह समय जटिल हो सकता है। भाई-बहनों को अपने स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सतर्कता बरतनी होगी। दाम्पत्य जीवन के लिए यह समय मिलाजुला रहने वाला होगा। रिश्तों में मधुरता कायम रहे इसके लिए बेहतर तो यही होगा कि आप उनके साथ थोड़ा संयम से पेश आएं।

सिंह राशि :- आज परिवार के साथ आप कुछ बेहतरीन पलों का आनंद उठा सकते हैं। सुख-सुविधाओं की वस्तुओं का उपभोग करने व उन्हें जुटाने के लिए इस अवधि में आप काफी प्रयासरत रहेंगे। दाम्पत्य जीवन के लिए यह समय काफी अनुकूल रहने की सम्भावना है। आपके वैवाहिक संबंध मजबूत रहेंगे।

कन्या राशि :- आज छोटी या लंबी दूरी की यात्रा से बचना होगा। वे जातक जिनका झुकाव धार्मिक प्रवृत्ति की ओर ज्यादा है, वे लोग ईश्वर की स्तुति का आयोजन कर सकते हैं।प्रेम प्रसंगों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। उनकी सेहत का पूरा ख्याल रखें। इसके अलावा इलाज पर अधिक खर्च होने से आपका बजट बिगड़ सकता है।

तुला राशि :- आज घरेलू जीवन के लिए यह समय अच्छा प्रतीत होता नहीं दिख रहा। कुछ न कुछ पारिवारिक अशांति आपके साथ लगी रहेगी। दाम्पत्य जीवन के लिए यह समय काफी अच्छा रह सकता है। जीवनसाथी के साथ शांति के कुछ ख़ुशनुमा पल आप बिता सकेंगे। सेहत की दृष्टि से यह आपके लिए उत्तम रहेगा।

वृश्चिक राशि :- आज आपका पारिवारिक जीवन आनंदमय बना रहेगा। आप एक नई ऊर्जा का संचार महसूस करेंगे।किसी ख़ूबसूरत पल को याद करके आप अपने को तरोताज़ा कर सकते हैं। अपने प्रेमी की तरफ आपका झुकाव अधिक रहेगा। रोमांस करने के भी आपको भरपूर मौक़े प्राप्त होंगे। कुछ स्टूडेंट्स गलत लोगों की संगत में पड़कर अपना समय खराब कर सकते हैं।

धनु राशि :- आज पारिवारिक स्तर पर ख़ुशियों में बढ़ोत्तरी संभव है। इस दौरान मनोरंजन हेतु आप परिवार के साथ कोई आयोजन कर सकते हैं। दाम्पत्य जीवन के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जीवनसाथी के स्वभाव में आपको गर्म मिज़ाजी देखने को मिल सकती है। स्वास्थ्य का मामला सामान्य रहेगा। आप अपने स्वभाव में आध्यात्मिकता की वृद्धि पाएंगे।

मकर राशि :- आज सम्बन्धों में मधुरता बनाएं रखने के लिए आपके लिए यह जरुरी है कि अपने पार्टनर की भावनाओं का आदर करें व बेवज़ह उनके साथ उलझने से बचें। मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए आप अपनी आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ा सकते हैं। ऑफिस से जुड़ी गलतफहमी या परेशानी भी खत्म हो जाएगी। लोग आपका सहयोग करेंगे, लेकिन पहल आपको ही करनी पड़ेगी।

कुंभ राशि :- आज नौकरी में परिवर्तन होने के आसार नज़र आ रहे हैं। जो लोग नई जॉब की तलाश में हैं उन्हें इस अवधि में सफलता मिल सकती है। शेयर बाजार व सट्टे-लॉटरी से जुड़े जातक अच्छा पैसा कमा सकते हैं। आर्थिक लाभ के लिए यह समय बहुत अनुकूल हो सकता है। धन कमाने के लिए आपकी भागा-दौड़ी लगी रहेगी।

मीन राशि :- आज पारिवारिक जीवन के लिए यह समय थोड़ा कष्टदायी हो सकता है। घरेलू लोगों में तालमेल की कमी आपको दृष्टिगोचर हो सकती है। पिता का भरपूर सहयोग व समर्थन आपको मिलने की उम्मीद रहेगी। प्रेम जीवन बहुत ही आनंदमय रहने के संकेत हैं। प्रियजन के साथ मनपसंद जगहों पर घूमने के मौक़े आपको मिल सकते हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से आज का दिन सामान्य रहेगा।

पुष्कर में धनपति कुबेर का मंदिर खोला गया

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अजमेर। राजस्थान में अजमेर के तीर्थराज पुष्कर स्थित ब्रह्मा जी के मंदिर पर आज धनतेरस के मौके पर धनपति कुबेर का मंदिर खोला गया। खास बात यह है कि यह दीपावली लक्ष्मी पूजन के पूर्व साल में एक बार ही खोला जाता है।

अजमेर प्रशासन के अधीन संचालित ब्रह्मा जी के मंदिर प्रबंधन कमेटी की ओर से पुजारी ने कपाट खोले और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान धनपति कुबेर की अभिषेक के साथ पूजा अर्चना की तथा आम लोगों के घर में धन, धान्य तथा धन लक्ष्मी तथा वैभव की कामना की।

उल्लेखनीय है कि देवताओं के खजांची के रूप में धनपति कुबेर का स्थान है और यहां ब्रह्मा मंदिर के गर्भगृह के सामने वे द्वारपाल के रूप में स्थापित है। धनपति कुबेर के दर्शन के लिए श्रद्धालु भी आकर्षित नजर आए।

पर्यटन नगरी जैसलमेर में दीपोत्सव पर सैलानियों का सैलाब

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जैसलमेर। विश्व विख्यात पर्यटन नगरी जैसलमेर में धनतेरस के दिन शुरु हुए दीपोत्सव के त्यौहार के अवसर पर भारी संख्या में सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा हैं।

त्यौहार के अवसर पर शहर में प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक इमारतों, चौराहों आदि को जिला प्रशासन द्वारा खूबसूरत रोशनी एवं आकर्षक साज सज्जा से सजवाया हैं। इसके अलावा सैलानियों को स्थानीय हैंडीक्राफ्ट एवं खानपान से रुबरु कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पहली बार एक नवाचार किया गया हैं। इसके तहत विश्व विख्यात सोनार किले में एक स्पेशल हाट बाजार एवं हैंडीक्राफ्ट मेले का आयोजन किया गया हैं।

कलेक्टर टीना डाबी ने इस हैंडीक्राफ्ट मेले की शुरुआत कर ना केवल स्थानीय चीजों की खरीदी एवं हाट बाजार में कई खानपान के स्टॉल पर जाकर हौसला अफजाई की। इस दौरान लंगा मंगणियारों ने भी शानदार लोक संगीत की प्रस्तुतियां देकर सैलालियों को झूमने से मजबूर कर दिया। इसके अलावा देश की सीमाओं की रक्षा कर सीमा सुरक्षा बल के जवानों व अधिकारियों एवं उनके परिवारजन के भी बीएसएफ मुख्यालय द्वारा हैडक्वार्टर में कई दिवाली मेलों का आयोजन किया गया।

बीएसएफ की 92वीं बटालियन, 87 बटालियन एवं 191 बटालियन परिसर में बीएसएफ के दिवाली मेलो का आयोजन हुआ जिसका उद्घाटना डीआईजी असीम व्यास ने किया। कलेक्टर ने बताया कि असल में दीपावली के अवसर पर पर्यटकों को रिझाने व आमजन को आकर्षित करने के लिए जिला प्रशासन इस बार कई नवाचार कर रहा हैं।

इस अवसर पर जैसलमेर के सुप्रसिद्ध सोनार किले में हाट बाजार का आयोजन किया गया हैं। शनिवार से शुरू हुआ हाट बाजार 24 अक्टूबर तक चलेगा। साथ ही इसी दौरान तीन दिवसीय हस्तशिल्प हाट का आयोजन किया गया हैं।

बस्ती में कार अनियंत्रित होकर ट्रक से भिडी, 5 की मौत

बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में मुंडेरवा थाना क्षेत्र के खजौला चौकी के समीप लखनऊ- गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को देर शाम हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में 5 व्यक्तियों की मौत हो गई।

पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि लखनऊ की तरफ से आ रही एक कार अनियंत्रित होकर एक ट्रक में पीछे घुस गई। इससे कार में सवार विनोद (39 वर्ष), नीलम (35 वर्ष), खुशबू (15 वर्ष), एहसास (19 वर्ष) और सुरपति देवी (65 वर्ष) की मौत हो गई।

सभी मृतक संतकबीर नगर के निवासी है। ये लोग दीपावली के अवसर पर अपने घर वापस जा रहे थे। दोनों वाहनों की टक्कर इतनी भीषण थी कि शव क्षतविक्षत हो गए। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से शवों को निकालकर इनकी शिनाख्त की।

गिनीज बुक में फिर दर्ज हुई अयोध्या, सर्वाधिक दीये जलने का अपना ही रिकार्ड तोड़ा

अयोध्या। उत्तर प्रदेश में रामनगरी अयोध्या ने दीपावली की पूर्व संध्या पर रविवार को एक बार फिर एक ही स्थान पर एक साथ सर्वाधिक दीये जलाने का कीर्तिमान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य विशिष्ट जनों की माैजूदगी में आज शाम अयोध्या में सरयू नदी के तट पर एक साथ 16 लाख दीपक जलाने के लक्ष्य को प्राप्त करने का उपक्रम प्रारंभ किया। शाम सात बजे छठे दीपोत्सव का प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आगाज किए जाने के बाद गिनीज बुक की टीम ने घोषित किया कि इस साल अयोध्या में दीपोत्सव पर 15 लाख 76 हजार दीप जलाए गए।

यह अपने आप में एक कीर्तिमान है। अयोध्या ने अपने ही पुराने कीर्तिमान को तोड़कर यह रिकॉर्ड कायम किया है। इससे पहले पिछले साल अयोध्या में पांचवें दीपोत्सव पर 11 लाख से अधिक दीये जलाने का रिकाॅर्ड बना था। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की तरफ सेे मुख्यमंत्री योगी को इस कीर्तिमान का प्रमाणपत्र भी सौंपा गया।

गौरतलब है कि पहली बार 2017 में आयोजित दीपोत्सव में 1.71 लाख दीप जले थे। हर वर्ष इनकी बढ़ती गई। साल 2018 में 3.01 लाख, 2019 में 4.04 लाख, 2020 में 6.06 लाख एवं 2021 में 9.41 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे, जिनकी संख्या बाद में बढ़कर 11 लाख से अधिक हो गई। इस बार दीपोत्सव 2022 में 15.76 लाख दीपों का रिकॉर्ड बना।

इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री योगी को शुभकामनाएं दी। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के ‘भव्य दीपोत्सव’ को देखा, परखा और अंततः एक साथ एक स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलन को नवीन विश्व कीर्तिमान का दर्जा दिया। कीर्तिमान रचने में अयोध्या स्थित अवध विश्वविद्यालय के शिक्षकों व छात्रों की बड़ी भूमिका रही।

राम की पैड़ी पर दीप प्रज्ज्वलन का नियत समय शुरू होते ही वहां मौजूद भारी हुजूम ने श्री राम जय राम जय जय राम के जाप के साथ, एक-एक कर 15.76 लाख दीप जलाए। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों द्वारा कीर्तिमान रचने की घोषणा के साथ ही पूरी अयोध्या जय श्री राम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठी। मंच संचालक ने जैसे ही यह जानकारी दी, समूची अयोध्या एक बार फिर जय सिया राम के गगनभेदी नारों से गूंज उठी। इससे पहले विगत वर्ष भी इसी स्थान पर दीप प्रज्ज्वलन का कीर्तिमान रचा गया था।

मुख्यमंत्री योगी ने गिनीज बुक के प्रमाणपत्र को मंच पर अपने हाथों से उठाकर समूची अयोध्या का अभिवादन किया। दूसरे कार्यकाल के पहले दीपोत्सव में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी भी इसके साक्षी बने। उन्होंने इस अविस्मरणीय, अदभुत उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी को शुभकामनाएं दीं।

भगवान राम के आदर्शों पर चलना सभी भारतीयों का कर्तव्य है : मोदी

भगवान राम के आदर्शों पर चलना सभी भारतीयों का कर्तव्य है : मोदी

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दी राजस्थान में 3 नए बोर्डों के गठन को मंजूरी

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के हर वर्ग के समग्र विकास एवं आर्थिक उत्थान के लिए राजस्थान चर्म शिल्प कला विकास बोर्ड, राजस्थान राज्य महात्मा ज्येातिबा फुले बोर्ड तथा राजस्थान राज्य धोबी कल्याण बोर्ड के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

गहलोत की राजस्थान चर्म शिल्प कला विकास बोर्ड की स्वीकृति से चर्म व्यवसाय से संबंधित व्यक्तियों के जीवन स्तर में वृद्धि होगी एवं उनका आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सकेगा। इस बोर्ड के गठन से राज्य के औद्योगिक विकास में चर्मकारों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित होगी। साथ ही, चर्मकारों के कार्यस्थल एवं विकास स्थल पर समस्त आधारभूत सुविधाओं यथा सड़क, पानी, बिजली, चिकित्सा, शिक्षा, उत्पादों के विपणन के लिए मार्केटिंग सेन्टर विकसित हो सकेंगे।

चर्मकारों को आधुनिक तकनीक आधारित चर्म रंगाई एवं अन्य उत्पादों के लिए देश में प्रतिष्ठित संस्थाओं के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था भी की जा सकेगी। बोर्ड के माध्यम से चर्मकारों की सामाजिक सुरक्षा हेतु योजनाऎं बनेंगी एवं उनका समयबद्ध क्रियान्वयन होगा। चर्मकारों के विकास हेतु समुचित वित्तीय सहयोग एवं बैंकों से वित्त का प्रबंध भी हो सकेगा।

चर्म उत्पादों की सरकारी खरीद में निविदा प्रक्रिया से मुक्त रखने का कार्य भी बोर्ड द्वारा किया जा सकेगा। चर्म उत्पादों की खरीद व तकनीकी प्रोद्यौगिकी में सहयोग के अलावा फुटवियर निर्माण एवं चर्म उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा। जिला/राज्य स्तर पर सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उनके वित्तीय प्रबंधन से संबंधित कार्य किए जाएंगे। राजस्थान में पंजीकृत चर्म दस्तकार, बोर्ड में पंजीयन करवाकर योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।

इसी तरह मुख्यमंत्री के राजस्थान राज्य महात्मा ज्योतिबा फुले बोर्ड के गठन के निर्णय से काछी, कुशवाह, माली, सैनी इत्यादि बागवान समाज के विभिन्न वर्गों की सामाजिक व शैक्षणिक स्तर में वृद्धि होगी। इस नवगठित बोर्ड द्वारा इनकी आर्थिक अभिवृद्धि के लिए विभिन्न योजनाएं प्रस्तावित की जाएगी तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

बोर्ड के गठन से बागवान समाज के लिए विभिन्न विकास एवं कल्याण से संबंधित योजनाओं का प्रारूप तैयार हो सकेगा तथा इन वर्गों की कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ही उनके परम्परागत व्यवसाय को भी अधिक लाभदायक स्थिति में लाया जा सकेगा।

इसके अलावा धोबी समाज के विभिन्न वर्गों की स्थिति का जायजा लेने के बाद प्रामाणिक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर इन वर्गों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा इनकी समस्याओं की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए सुझाव देने के उद्देश्य से राजस्थान राज्य धोबी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। इससे राज्य में धोबी समाज के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं के लिए विभिन्न विभागों से समन्वय बढ़ सकेगा तथा परम्परागत व्यवसाय के वर्तमान हालात में बदलाव लाकर इसे और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

इन बोर्डों के गठन से प्रदेश के विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए नवीन योजनाएं बनाई जा सकेंगी तथा उनके उत्थान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे। इससे हर वर्ग का पिछड़ापन समाप्त हो सकेगा तथा हर वर्ग सर उठाकर जीवनयापन कर सकेगा।

झारखंड : सॉफ्टवेयर इंजीनियर से गैंगरेप, 7 आरोपी अरेस्ट

रांची। झारखंड में चाईबासा पुलिस ने रविवार को सॉफ्टवेयर इंजीनियर गैंगरेप मामले का खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में शिवशंकर करजी उर्फ बाज, सुरेन देवगम, पुरमी देवगम उर्फ सेटी, प्रकाश देवगम उर्फ पेट्रा शामिल है। इनके आलावा दो नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है। इनके पास से पीड़िता का वॉलेट, 4500 रुपए, आधार कार्ड, एटीएम, ड्राइविंग लाइसेंस, एचडीएफसी बैंक का डेबिट कार्ड, तीन पासपोर्ट फोटो बरामद किया गया है।

पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर गैंगरेप मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर की शाम पुराना चाईबासा स्थित हवाईअड्डा मैदान में 9-10 अज्ञात युवकों द्वारा एक युवक एवं युवती के साथ मारपीट कर उन्हें जख्मी करते हुए, युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।

घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मामले का खुलासा करने के लिए डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी टीम ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन करते हुए हवाईअड्डा मैदान के आसपास स्थित गांवों शालीहातु, टेकराहातु, मुण्डुएदल, बारीपोखर, सिंहपोखरिया, कुदुबेड़ा, पुराना चाईबासा के वैसे युवकों का प्रोफाईल तैयार कर सत्यापन किया, जो हवाईअड्डा मैदान में निरंतर आते-जाते थे।

राजनीति के लिए कुछ लोगों ने अयोध्या को बना दिया वीरान : योगी

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अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों और राजनीतिक दलों पर कुत्सित राजनीति के वशीभूत होकर अयोध्या सहित आस्था के अन्य पवित्र स्थलों को उपेक्षित रखने और वीरान बनाने का आरोप लगाया है।

योगी ने रविवार को श्रीराम की नगरी अयोध्या में छठे दीपोत्सव के आयोजन के अवसर पर अपने संबोधन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कभी राजनीति के लिए, कुछ लोगों ने अयोध्या को वीरान बना दिया था, मगर जिस नगरी को स्वयं प्रभु श्रीराम ने ‘सुहावनी’ बताया हो, वह लंबे समय तक भला वीरान कैसे रह सकती है। उन्होंने कहा कि आज रामराज्य के संकल्प के महाउत्सव के रूप में दीपोत्सव मनाया जा रहा है।

इस अवसर पर मौजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या के रामकथा पार्क में रूस सहित 08 देशों और देश के 100 राज्यों की रामलीला के भव्य मंचन के बाद भगवान श्रीराम का प्रतीकाात्मक राज्याभिषेक किया। योगी ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कभी त्रेता युग में दीपावली का आयोजन अयोध्या वासियों ने भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के उपरांत जिस उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया था, आज वह उत्साह पूरे देश में रौशनी के पर्व दीपावली के रूप में दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब जानते हैं कि अयोध्या को कुछ लोगों ने अपनी कुत्सित राजनीति के लिए वीरान बना दिया था, लेकिन जिस अयोध्या के बारे में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने स्वयं इस बात को कहा हो कि जन्मभूमि मम पुरी सुहावनि, उत्तर दिश बह सरयू पावनी, आखिर वह अयोध्या वीरान कैसे हो सकती थी। आज से 6 साल पहले प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और उनकी प्रेरणा से अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके लिए हमें पूज्य संतों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। अयोध्यावासी और पूरा प्रदेश इस दीपोत्सव के साथ जुड़ता गया और आज ये देश का एक बड़ा उत्सव बन चुका है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी, प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राज्य के दोनों उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं केशव प्रसाद मौर्य सहित प्रदेश के अन्य मंत्री, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में साधु संतगण मौजूद थे।

भगवान राम के आदर्शों पर चलना सभी भारतीयों का कर्तव्य है : मोदी

भगवान राम के आदर्शों पर चलना सभी भारतीयों का कर्तव्य है : मोदी

अयोध्या : राम की पैड़ी पर मोदी ने किया दीपोत्सव का उद्घाटन

अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश में श्रीराम की नगरी अयोध्या में सदानीरा सरयू के तट पर राम की पैड़ी घाट से छठे दीपोत्सव का उद्घाटन कर 16 लाख दीयों से प्रज्वलित अदभुत रौशनी का अवलोकन किया।

इससे पहले उन्होंने राम रस में डूबी अयोध्या में सरयू तट पर एकत्र जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीराम भारत के कण-कण में हैं। जन-जन के मन में हैं। मोदी ने कहा कि आज अयोध्या जी, दीपों से दिव्य हैं, भावनाओं से भव्य हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने दीपोत्सव के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि दीपोत्सव का हर दीप, सत्य की विजय का प्रतीक है। हर दीप संदेश देता है कि जीत सदैव राम रूपी सत्य की होती है, रावण रूपी असत्य की नहीं। मोदी ने कहा हर दीप की ज्योति, ‘सबके साथ’ का प्रतीक है, हर दीप की ज्योति संसार के कल्याण की प्रतीक है। दीया आशा भी देता है, उष्मा भी देता है।

उन्होंने कहा कि हम उस सभ्यता और संस्कृति के वाहक हैं, पर्व और उत्सव जिनके जीवन का सहज-स्वाभाविक हिस्सा रहे हैं। दीपावली के दीपक, भारत के आदर्शों, मूल्यों और दर्शन के जीवंत ऊर्जापुंज हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान राम पूरे विश्व को प्रकाश देने वाले हैं। वो पूरे विश्व के लिए एक ज्योतिपुंज की तरह है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दीप से दीपावली तक, यही भारत का दर्शन है, यही भारत का चिंतन है, यही भारत की चिरंतर संस्कृति है। भारत की सनातन संस्कृति के शास्वत एवं सतत स्वरूप का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि मध्य काल से आधुनिक काल तक भारत ने न जाने कितने अंधकार भरे युगों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि जिस झंझावातों में बड़ी बड़ी सभ्याताओं के सूर्य अस्त हो गए, उनमें हमारे दीपक जलते रहे। प्रकाश देते रहे और फिर उन तूफानों को शांत कर उदीप्त हो उठे।

उन्होंने कहा कि आज अयोध्या जी, दीपों से दिव्य हैं, भावनाओं से भव्य हैं, आज अयोध्या नगरी, भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम अध्याय का प्रतिबिंब है। मोदी ने कहा कि हमने त्रेता की उस अयोध्या के दर्शन नहीं किए, लेकिन प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से आज हम अमृतकाल में अमर अयोध्या की अलौकिकता के साक्षी बन रहे हैं। हम उस सभ्यता और संस्कृति के वाहक हैं, पर्व और उत्सव जिनके जीवन का सहज-स्वाभाविक हिस्सा रहे हैं।

दीपावली के दीपकों का महत्व बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दीपावली के दीपक हमारे लिए केवल एक वस्तु नहीं है। ये भारत के आदर्शों, मूल्यों और दर्शन के जीवंत ऊर्जापुंज हैं। इस अवसर पर उन्होंने श्रीराम की आस्था के महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जगत प्रकास्य प्रकासक रामू। अर्थात, भगवान राम पूरे विश्व को प्रकाश देने वाले हैं। वो पूरे विश्व के लिए एक ज्योतिपुंज की तरह हैं।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल अनंदीबेन पटेल, राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद सरयू घाट पर मंच की अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था को बंद कर एक साथ 16 लाख दीपों की ज्योति से पूरी अयोध्या को आलोकित करती रोशनी का सबने दीदार किया। इस बीच रामकथा के विभिन्न प्रसंगों का लेजर लाइट शाे के माध्यम से रेखांकन किया गया।

भगवान राम के आदर्शों पर चलना सभी भारतीयों का कर्तव्य है : मोदी

भगवान राम के आदर्शों पर चलना सभी भारतीयों का कर्तव्य है : मोदी

अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश में श्रीरामनगरी अयोध्या में छठे दीपोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए भारत के जन जन की आस्था के केन्द्र श्रीराम के आदर्शोँ को कर्तव्य बोध का प्रतीक बताया। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि राम कर्तव्य-भावना से मुख नहीं मोड़ते हैं। भगवान राम के आदर्शों पर चलना सभी भारतीयों का कर्तव्य है।

मोदी ने यहां दीपोत्सव का उद्घाटन करने से पूर्व रामकथा पार्क में भगवान राम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक करने के बाद अपने संबोधन में यह बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्तमान परिस्थितियों में श्रीराम के आदर्शों के व्यवहारिक स्वरूप की भी व्याख्या की। उन्होंने कहा कि राम किसी को पीछे नहीं छोड़ते हैं। राम कर्तव्य-भावना से मुख नहीं मोड़ते हैं। इसलिए, राम, भारत की उस भावना के प्रतीक हैं, जो मानती है कि हमारे अधिकार हमारे कर्तव्यों से स्वयं सिद्ध हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान राम ने अपने वचन में, अपने विचारों में, अपने शासन में, अपने प्रशासन में जिन मूल्यों को गढ़ा, वो ‘सबका साथ-सबका विकास’ की प्रेरणा है। साथ ही भगवान राम के मूल्य ‘सबका विश्वास-सबका प्रयास’ का आधार भी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब श्रीराम का अभिषेक होता है, तो हमारे भीतर भगवान राम के आदर्श, मूल्य और अधिक दृढ़ हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि इसी वजह से भगवान राम आज भी भारत में जन जन की आस्था के केन्द्र हैं और जनसाामान्य के जीवन में व्यवहारिक एवं अनुकरणीय हैं। मोदी ने कहा कि भगवान राम, मर्यादापुरुषोत्तम कहे जाते हैं। मर्यादा, मान रखना भी सिखाती है और मान देना भी, और मर्यादा, जिस बोध की आग्रह होती है, वो बोध कर्तव्य ही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भगवान राम के संपूर्ण जीवन चरित्र से प्रकट हुए मूल्यों में कर्तव्य बोध काे प्रमुखता दी गई है। इस अवसर पर उन्होंने हाल ही में अाजादी के अमृत महोत्सव पर लालकिले की प्राचीर से उनके द्वारा देशवासियों से किए गए आह्वान का भी स्मरण कराया।

मोदी ने कहा कि लाल किले से मैंने सभी देशवासियों से पंच प्राणों को आत्मसात करने का आह्वान किया है। इन पंच प्रांणों की ऊर्जा जिस एक तत्व से जुड़ी है, वो है भारत के नागरिकों का कर्तव्य। आज अयोध्या नगरी में, दीपोत्सव के इस पावन अवसर पर हमें अपने इस संकल्प को दोहराना है, हमें श्रीराम से सीखना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्ति किया कि आजादी के अमृतकाल में भगवान राम जैसी संकल्प शक्ति, देश को नई ऊंचाई पर ले जाएगी। मोदी ने कहा कि आज़ादी के अमृतकाल के मौके पर उन्होंने देशवासियों से अपनी विरासत पर गर्व करने और गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने हमारी आस्था के स्थानों के गौरव को पुनर्जीवित किया है। हमने भारत के तीर्थों के विकास की एक समग्र सोच को सामने रखा है।

बीते आठ साल में हमने अपनी अस्मिता के प्रतीक चिन्हों का पुनरुद्धार कर देश ने हीन भावना की बेड़ियों को तोड़ा है। उन्हाेंने पिछली सरकारों पर देश की सनातन संस्कृति को उपेक्षित रखने और देशवासियाें को भारतीयता के प्रति हीन भावना से भरने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब राम के बारे में, हमारी संस्कृति और सभ्यता के बारे में बात करने तक से बचा जाता था। इसी देश में राम के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिन्ह लगाए जाते थे। बीते आठ वर्षों में देश ने हीनभावना की इन बेड़ियों को तोड़ा है। हमने भारत के तीर्थों के विकास की एक समग्र सोच को सामने रखा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब राष्ट्रनिर्माण का संकल्प होता है, नागरिकों में देश के लिए सेवाभाव होता है, तब भी राष्ट्र विकास की असीम ऊचाईयों को छूता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने देश की आस्था के स्थानों के गौरव को पुनर्जीवित किया है। मोदी ने कहा कि हमने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम से लेकर केदारनाथ ओर महाकााल महालोक तक, घनघोर उपेक्षा के शिकार हमारी आस्था के स्थानों के गौरव को पुनर्जीवित किया है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यममंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा बृजेश पाठक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। इससे पहले जनसमूह को संबोधित करते हुए योगी ने भी पिछली सरकारों पर कुत्सित राजनीति के वशीभूत होकर देश में अयोध्या सहित आस्था के अन्य स्थानों को उपेक्षित रखने और वीरान बनाने का आरोप लगाया।

योगी ने कहा कि अयोध्या को कुछ लोगों ने कुत्सित राजनीति के लिए वीरान बना दिया था। जिस अयोध्या के लिए राम ने स्वयं इस बात को कहा हो कि जन्मभूमि मम पुरी सुहावनि, उत्तर दिसि बह सरजू पावनि, आखिर वह अयोध्या कैसे वीरान हो सकती थी।

इससे पहले अयोध्या पहुंचने पर साकेत महाविद्यालय स्थित हेलीपेड पर प्रदेश की राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी कर उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने यहां स्थित श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला की पूजा अर्चना की। इस दाैरान उन्होंने भव्य राममंदिर केे निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण भी किया।