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जैसलमेर : पानी की डिग्गी में डूबने से भाई बहन की मौत

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जैसलमेर। राजस्थान में जैसलमेर के मोहनगढ़ थाना अन्तर्गत रविवार को एक अत्यंत दुखद हादसे में खेलने के दौरान पानी की डिग्गी में डूबने से 2 सगे मासूम भाई बहनो की मृत्यु हो गई।

दिवाली से एक दिन पूर्व इस हादसे में परिवार में कृंदन एवं रुलाई का माहौल व्याप्त हो गया एवं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की जानकारी मिलने पर मोहनगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची व शवो को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया और बाद में परिवार को सुपुर्द किया।

थानाधिकारी भवानी सिंह ने जानकारी देते हुवे बताया कि मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में करणी नगर में 1405 आरडी पर रामचंद्र बांवरी खेती का काम करता था, उसके खेत में पानी की डिग्गी बनी हुई थी। रविवार उसके दोनों पुत्र कृष एवं पुत्री सपना उम्र तीन वर्ष खेल रहे थे।

खेलने के दौरान दोनो मासूम भाई बहन डिग्गी में गिर गए। थोड़ी देर में जब परिजनों ने उनको तलाशा तो नहीं मिलने पर उनकी तलाश शुरु हुई तो दोनों के शव डिग्गी में तैरते हुए दिखाई दिए।

उन्होंने बताया कि तुरंत दोनों को पानी से निकाल कर मोहनगढ़ से चिकित्सालय लाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना की जानकारी मिलने पर शौक की लगी व्याप्त हो गई।

दिवाली से एक दिन पूर्व इस दुखद हादसे में त्यौहार की खुषिया मातम में बदल गई। बच्चों की माता बेहोश सी हो गई। परिजनों ने बड़ी मुश्किल से उसे संभाला, बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द किया।

लक्ष्मी पूजन : प्रसन्नता और आनंद का दिन

कार्तिक अमावस्या को लक्ष्मी पूजन किया जाता है। सामान्यतः अमावस्या अशुभ मानी जाती है; यह नियम इस अमावस्या पर लागू नहीं होता है।। यह दिन शुभ माना जाता है; परंतु समस्त कार्यों के लिए नहीं। अतः इसे शुभ कहने की अपेक्षा आनंद का दिन, प्रसन्नता का दिन कहना उचित होगा।

इस दिन का इतिहास अब हम समझ लेते हैं। इस दिन की कथा इस प्रकार है – श्रीविष्णु ने लक्ष्मी सहित सर्व देवताओं को बलि के कारागृह से मुक्त किया एवं उसके उपरांत ये सर्व देवता, क्षीरसागर में जाकर सो गए। अब हम यह त्योहार मनाने की पद्धति जानकर लेते हैं। ‘प्रातःकाल में मंगलस्नान कर देवपूजा, दोपहर में पार्वण श्राद्ध एवं ब्राह्मण भोजन और संध्याकाल में अर्थात प्रदोष काल में फूल-पत्तों से सुशोभित मंडप में लक्ष्मी, श्री विष्णु इत्यादि देवता एवं कुबेर की पूजा, यह इस दिन की विधि है।

लक्ष्मीपूजन करते समय एक चौकी पर अक्षत से अष्टदल कमल अथवा स्वास्तिक बनाकर उस पर लक्ष्मी की मूर्ति की स्थापना करते हैं। कुछ स्थानों पर कलश पर ताम्रपात्र रखकर उस पर लक्ष्मी की मूर्ति की स्थापना करते हैं। लक्ष्मी के समीप ही कलश पर कुबेर की प्रतिमा रखते हैं। उसके पश्चात लक्ष्मी इत्यादि देवताओं को लौंग, इलायची एवं शक्कर डालकर बनाए गए गाय के दूध से बने खोये का नैवेद्य चढाते हैं।

धनिया, गुड, चावल की खीलें, बताशा इत्यादि पदार्थ लक्ष्मी को चढाकर तत्पश्चात सगे सम्बन्धियों में बांटते हैं। उसके उपरांत हाथ में मशाल लेकर पितृ मार्गदर्शन करते हैं। दक्षिण दिशा की ओर बत्ती दिखाकर पितृ-मार्गदर्शन करते हैं। ब्राह्मणों को एवं अन्य क्षुधा पीडितों को भोजन करवाते हैं। रात में जागरण करते हैं।

पुराणों में कहा गया है कि कार्तिक अमावस्या की रात लक्ष्मी सर्वत्र संचार करती हैं एवं अपने निवास के लिए उचित स्थान ढूंढने लगती हैं। जहां स्वच्छता, शोभा एवं रसिकता दिखती है, वहां तो वह आकृष्ट होती ही हैं; इसके अतिरिक्त जिस घर में चारित्रिक, कर्तव्यदक्ष, संयमी, धर्मनिष्ठ, देवभक्त एवं क्षमाशील पुरुष एवं गुणवती एवं पतिव्रता स्त्रियां निवास करती हैं, ऐसे घर में वास करना लक्ष्मी को भाता है।

इस पूजा में धनिया एवं खीलें चढाते हैं; इसका कारण यह है कि धनिया धनवाचक शब्द है। ‘खीलें’ समृद्धि का प्रतीक हैं। थोडा सा धान भूंजने पर उससे अंजलि भर खीलें बनती हैं। लक्ष्मी की समृद्धि होनी चाहिए, इस कारण समृद्धि का प्रतीक खीलें चढाई जाती हैं।

पूजा में लक्ष्मी मां को इस प्रकार से प्रार्थना करें कि हे विष्णुप्रिया, आप वर देने वाली हैं; आपको नमस्कार करता हूं। आपकी शरण में आए जीवों को जो गति प्राप्त होती है, वही गति मुझे आपकी पूजा से प्राप्त हो। जो देवी लक्ष्मी (सौंदर्य) रूप से सर्व जीवों में निवास करती हैं, उन्हें मैं तीन बार नमस्कार करता हूं। संपत्ति के अधिपति हे कुबेर, आपको भी मैं नमस्कार करता हूं। आपकी कृपा से मुझे धनधान्य और संपत्ति प्राप्त हो।

लक्ष्मी पूजन के समय वर्ष भर आय-व्यय लेखा की बही श्रीलक्ष्मी के समक्ष रखें एवं उनसे प्रार्थना करें, ‘हे लक्ष्मी! आपके आशीर्वाद से प्राप्त धन का उपयोग हमने सत्कार्य एवं ईश्वरीय कार्य के लिए किया है। उसका लेख-जोखा आपके सामने रखा है। आप अपनी सहमति देकर कृपा करें। अगले वर्ष भी हमारे कार्य आपकी कृपा से व्यवस्थित रूप से हो पाए।

मेरे पालन-पोषण हेतु मुझे चैतन्य देने वाले, मेरे प्रत्येक कार्य में सहभागी भगवान मुझ में वास कर कार्य करते हैं। तब वे भी भागीदार हैं। मैंने वर्ष भर क्या उपलब्धि की एवं उसका विनियोग कैसे किया, उसी पाई-पाईका लेखा इस आय-व्यय बही में दर्ज किया है। जांचने के लिए आज वह आपके समक्ष रखा है। आप साक्षी हैं। मैं आपसे कुछ नहीं छुपा सकता। जब से आप मेरे निकट आए हैं, तब से मैंने आपका आदर ही किया है। आपका विनियोग प्रभुकार्य के लिए ही किया है; क्योंकि उसमें प्रभु का भी भाग है। हे लक्ष्मीदेवी, आप निष्कलंक एवं स्वच्छ हैं, इसलिए मैंने आपका उपयोग बुरे कार्यों के लिए कभी नहीं किया।

लक्ष्मी पूजन के दिन नया झाड़ू लाकर उसकी पूजा करना तथा उससे झाड़ू लगाया जाता है, इसका क्या शास्त्र है?- इसको अलक्ष्मी निःसारण कहते है, आईये इसका महत्त्व जान लेते हैं। यद्यपि गुणों की निर्मिति की हो, फिर भी उन्हें महत्ता तब प्राप्त होती है जब दोष नष्ट होते हैं। यहां लक्ष्मी प्राप्ति का उपाय बताया, उसी प्रकार अलक्ष्मी का नाश भी होना चाहिए; अतः इस दिन नए झाडू का विक्रय करते हैं। इसे ‘लक्ष्मी’ कहते हैं।

इसमें ‘नए झाडू से मध्यरात्रि घर का कूडा सूप में भरकर बाहर फेंकना चाहिए, ऐसा कहा गया है। इसे अलक्ष्मी अर्थात कचरा अथवा दारिद्र्य निःसारण कहते हैं। सामान्यतः रात को कभी भी घर नहीं बुहारते और न ही कूडा फेंकते हैं; केवल इसी रात यह करना चाहिए। कूडा निकालते समय सूप बजाकर भी अलक्ष्मी को खदेड देते हैं।

दीपावली के विशेष दिनों में अभ्यंग स्नान क्यों करते हैैं? – शक संवत अनुसार आश्विन कृष्ण चतुर्दशी तथा विक्रम संवत अनुसार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी नरक चतुर्दशी के नाम से जानी जाती है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर को उसके अंत समय दिए वर के अनुसार इस दिन सूर्योदय से पूर्व जो अभ्यंगस्नान करता है, उसे नरकयातना नहीं भुगतनी पडती। अभ्यंगस्नान अर्थात सुगंधित तेल एवं उबटन लगाकर किया गया स्नान। बलिप्रतिपदा के दिन भी प्रातः अभ्यंग स्नान के उपरांत सुहागिनें अपने पति की आरती उतारती हैं।

दीपावली के दिनों में अभ्यंग स्नान करने से व्यक्ति को अन्य दिनों की तुलना में 6 प्रतिशत सात्विकता अधिक प्राप्त होती है। सुगंधित तेल एवं उबटन लगाकर शरीर का मर्दन कर अभ्यंग स्नान करने के कारण व्यक्ति में सात्विकता एवं तेज बढता है। नरक चतुर्दशी के दिन अभ्यंग स्नान करने से शक्ति का 2 प्रतिशत, चैतन्य का 3 प्रतिशत, आनंद का 1 दशमलव दो पांच प्रतिशत एवं ईश्वरीय तत्त्व का 1 प्रतिशत मात्रा में लाभ मिलता है।

श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ पर धनतेरस को उमड़ा जनसैलाब

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अजमेर।
राजगढ़ स्थित श्री मसाणिया भैरव धाम पर रविवार के दिन धनतेरस होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज ने चक्की वाले बाबा के मुख्य मन्दिर पर बाबा भैरव के साथ राजा-रानी कल्पवृक्ष के जोड़े तथा मां कालिका व सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की पूजा अर्चना की।

महाराज ने दीपावली के पावन पर्व पर देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं को धनतेरस, छोटी दीपावली, दीपावली, गोवर्धन पूजा व भाई दूज की बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य के लिए प्रार्थना की।

धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया कि श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ चैरीटेबल ट्रस्ट के द्वारा दीपावली के शुभ अवसर पर राजगढ़ भैरव धाम को विभिन्न प्रकार की रोशनियों व हजारों जगमगाते दीयों से दुल्हन की तरह सजाया गया।

भैरव भक्त मण्डल की ओर से दीपावली पर्व के उपलक्ष्य में ढोल नगाडों के साथ बाबा भैरव व मां कालिका के झण्डे चढ़ाए व धाम के मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज का मालाएं व साफा पहनाकर व शॉल ओढाकर स्वागत सत्कार किया गया। बड़ी संख्या मे पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा भैरव, मां कालिका व सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की परिक्रमा करते हुए चम्पालाल महाराज से आशीर्वाद लेकर विशेष चमत्कारी चिमटी प्राप्त की।

देख रहा है ना बिनोद, कैसे व्यापक जनहित के बहाने सिरोही आयुक्त पेट्रोल पंप बनवा दिये!

सिरोही में निर्माणाधीन विवादित पेट्रोल पंप की साइट।

सिरोही। स्थानीय विधायक संयम लोढ़ा के महत्वाकांक्षी टाउन हॉल प्रोजेक्ट को कथित रूप से लटकाने वाले और शहर के जोनल प्लान पास नहीं करवाकर विधायक की साख को बट्टा लगाने वाले सिरोही नगर परिषद के आयुक्त ने जिस तरह से पेट्रोल पंप के लिए गली निकाल कर उसके कन्वर्जन का रास्ता साफ कर दिया वो पूरे प्रकरण में उनकी भूमिका को संदिग्ध बनाता है।

सिरोही के विवादित हो चुके पेट्रोल पंप को लेकर नगर विकास विभाग के सिरोही नगर परिषद आयुक्त के बीच हुआ पत्राचार से जो खुलासा हुआ है वो वाकई चौंकाने वाला है। फरवरी 2022 में सबगुरु न्यूज ने ( http://सिरोही में रिहायशी इलाके में पेट्रोल पम्प के लिए भू-उपयोग परिवर्तन! – https://www.sabguru.com/18-22/administration-violating-ngt-guideline-to-establish-new-petrol-pump-in-sirohi/ ) सबसे पहले जब इसका खुलासा किया था तो उस समय दस्तावेजों के अभाव में नगर पालिका प्रशासन ने इस पर गहरी आपत्ति जताई थी। बाद जब अन्य माध्यमों से इसकी पत्रावली निकलवाई तो पनिहारी गार्डन के सामने वाले नवस्वीकृत पेट्रोल पंप के कन्वर्जन में बड़ा गोलमाल सामने आया।

सिरोही में कथित विवादित पेट्रोल पंप की भूमि के कनवर्जन के लिए आहूत राज्य स्तरीय भू-उपयोग परिवर्तन समिति की बैठक का आंशिक विवरण।
सिरोही में कथित विवादित पेट्रोल पंप की भूमि के कनवर्जन के लिए आहूत राज्य स्तरीय भू-उपयोग परिवर्तन समिति की बैठक का आंशिक विवरण।

इस तरह निकाली कन्वर्जन की गली

पत्रावली के दस्तावेजों के अनुसार सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक के निकट जिस स्थान पर पेट्रोल पम्प बन रहा है, वो क्षेत्र सिरोही के 2031 के मास्टर प्लान में रिहायशी जोन में आती है। गुलाब कोठारी बनाम राजस्थान सरकार के प्रकरण में राजस्थान हाईकोर्ट ने मास्टर प्लान का उल्लंघन करके कोई भी निर्माण की अनुमति देने पर रोक लगा दी थी। लेकिन, बाद में राजस्थान सरकार की अपील पर इसमे दो तरह से छूट मिली थी।

एक ये कि यदि व्यापक जनहित के मामला हो तो राज्य स्तरीय समिति कन्वर्जन कर सकती है। दूसरा जिस क्षेत्र का लेंड यूज चेंज करवाना है उस क्षेत्र का अलग से जोनल प्लान बनाया जाना चाहिए। इस प्रकरण में पहली गली का ही फायदा उठाया गया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 9 सितंबर 2020 को प्रमुख शासन सचिव भास्कर के सावंत की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय भू उपयोग परिवर्तन समिति की 126वीं बैठक शाम 4 से साढ़े पांच बजे तक हुई। इस बैठक में सिरोही के तत्कालीन आयुक्त शिवपाल सिंह और तत्कालीन अधिशासी अभियंता महेंद्रसिंह भी वीसी के माध्यम से मौजूद थे।

मुख्य नगर नियोजक आर के विजयवर्गीय द्वारा 9 सितंबर 2020 की बैठक में लिए निर्णय के अनुसार जनहित में सिरोही में पेट्रोल पम्प के लिए भूमि।का भू उपयोग परिवर्तन करने के लिए 7 दिसम्बर 2021 को जारी पत्र।

इसी बैठक में एजेंडा संख्या 30/ 126 पर लिए गए निर्णय के अनुसार 7 दिसम्बर 2021 को मुख्य नगर नियोजक आर के विजयवर्गीय ने पत्र जारी करके इस 525 वर्ग मीटर भूमि का व्यापक जनहित में भू उपयोग परिवर्तन करने के निर्देश जारी किए।

दरअसल, गुलाब कोठारी बनाम राज्य सरकार के मामले में व्यापक ‘जनहित’ में मिली ढील का फायदा उठाया। 126 बैठक की प्रोसिडिंग के अनुसार स्थानीय निकाय सिरोही के स्तर की बैठक में लिए निर्णय के अनुसार तत्कालीन आयुक्त ने 6 जुलाई 2020 इस प्रकरण को व्यापक जनहित के बताते हुए भूमि के भू उपयोग परिवर्तन की अभिशंसा की थी।

इसी आधार पर गुलाब कोठारी बनाम राज्य सरकार प्रकरण के बाद मिली छूट का फायदा उठा लिया। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि तत्कालीन आयुक्त, जो कि बैठक की प्रोसिडिंग के अनुसार शिवपाल सिंह थे, ने इस भूमि के रूपांतरण में व्यापक जनहित छिपे होने की जो दलील दी है वो इतनी हास्यास्पद है कि सिरोही का आम नागरिक पढ़ेगा तो उसे इस प्रकरण में भ्रष्टाचार की स्पष्ट बू आ जायेगी। इस सम्बंध में जनहित की दलील को जानने के लिए पिछले कई दिनों से पूर्व आयुक्त शिवपाल सिंह को फोन लगाया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

इन्हीं अधिकरियो को पास करना था जोनल प्लान

अशोक गहलोत सरकार के स्वायत मंत्री शांति धारीवाल के अधीन स्वायत्त शासन विभाग में किस कदर अनियमितता व्याप्त है ये प्रकरण इसका उदाहरण है। सिरोही नगर परिषद आयुक्त से लेकर एसटीपी, सीटीपी, प्रमुख शासन सचिव और स्वायत्त शासन मंत्री की जिस पूरी कड़ी ने इस पेट्रोल पंप को व्यापक जनहित के बताकर गुलाब कोठारी बनाम राजस्थान सरकार के प्रकरण की गली का फायदा उठाया इसी पूरी कड़ी को सिरोही का जोनल प्लान भी पारित करने था।

उन लोगों ने इसे इसलिए अटकाया कि उससे सिरोही में आदर्श नगर मोड़ से डीटीओ ऑफिस तक, अनादरा चौराहे से बाहरी घाटे तक, कुम्हारवाड़ा, शाहजी की बाड़ी समेत रिहायशी इलाको में शामिल व्यावसायिक महत्व के इलाकों का कनवर्जन हो जाता और स्थानीय लोगों के रोजगार के रास्ते खुलते, लेकिन इन्हें लाभ नहीं होता।

इस कारण लंबे अर्से से जोनल प्लान अटका हुआ है जिसे जनहित मानते हुए पूर्व आयुक्त शिवपाल सिंह, उनके बाद के कार्यवाहक आयुक्त महेंद्रसिंह और वर्तमान आयुक्त अनिल झिंगोनिया इसे पारित नहीं करवा पाए। जिससे इन स्थानों पर लोग व्यवसाय के लिए निर्माण नहीं कर पा रहे हैं और कर भी रहे हैं तो नगर परिषद उन्हें तंग करने लगती है। कुल मिलाकर सिरोही के लोगों का हाल ये कर दिया है कि निजी हित नहीं होने पर अधिकारी सत्ता के चाबुक से मारेंगे भी और रोने भी नहीं देंगे।

पुष्कर : श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान में संत महन्त भी भाग लेंगे

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पुष्कर। तीर्थराज पुष्कर में 26 अक्टूबर से होने वाली श्रीमद् भागवत कथा में के संत, महन्त, महात्माओं को आमंत्रित किया है।

समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि पुष्कर राज के विभिन्न आश्रमों, मंदिरों के महात्माओं के अलावा कथा में बाहर से भी महन्त, पीठाधीश्वर, जगद्गुरु एवं महामण्डलेश्वर भी पधारेंगे, समिति ने सभी को आमंत्रित किया है। समिति संयोजक ओमप्रकाश अर्चना शर्मा ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक खंडेलवाल धर्मशाला में होगा। कथावाचक पंडित गौरव व्यास भक्तों को कथा श्रवण कराएंगे।

शर्मा ने बताया कि जोधपुर से सैन भक्ति पीठ के पीठाधी़श्वर सैनाचार्य स्वामी अतलानन्दाचार्य, जगद्गुरु रामचंद्राचार्य, गया पीठ के युवराज वेंकटेश प्रपन्नाचार्य, बूढ़ा पुष्कर लक्ष्मी वेंकटेश मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी जनार्दनाचार्य, रम्या राम आश्रम के महन्त रमाया राम महाराज, गिरिशानन्द आश्रम के महन्त रामानन्द गिरि, भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी गजानन बाबा, जयनाथानन्द, रामसखा आश्रम के महन्त नन्दशरण महाराज, सिद्देश्वर गौ शाला के महन्त राम बालकदास गोवर्धन, चित्रकूट आश्रम के संत पाठक जी, बामदेव आश्रम के मधुसूदन दास समेत विभिन्न आश्रमों व धर्माचार्यो को भी न्यौता दिया है।

अजमेर डेयरी का 1200 करोड़ रूपए का बजट होगा : रामचंद्र चौधरी

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अजमेर। राजस्थान में अजमेर डेयरी का अगले वर्ष का बजट 1200 करोड़ रुपए का होगा। यह घोषणा अजमेर डेयरी के सदर रामचंद्र चौधरी ने आज जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड की 31वीं वार्षिक संवैधानिक आम सभा में की।

चौधरी ने कहा कि अजमेर डेयरी का भविष्य उत्तरोत्तर प्रगति की ओर है और अगले साल छह लाख लीटर दूध की उम्मीद के साथ डेयरी नया अध्याय जोड़ेगी और हमारा बजट 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 के लिए 1200 करोड़ रुपए का होगा।

अजमेर के जवाहर रंगमंच पर आयोजित वार्षिक आम सभा का कोरम निर्धारित समय से पूर्व ही पूरा हो गया। मां सरस्वती के दीप प्रज्वलन के बाद सर्वसम्मति से डेयरी के कार्यों व कार्य योजना को बजट के साथ एक मत से अनुमोदित कर दिया गया। आम सभा में अजमेर डेयरी सदस्य समितियों के अध्यक्षों ने शिरकत की।

आम सभा में चौधरी ने विस्तार से डेयरी की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए 31 मार्च 2023 होली तक दूध का भाव यथावत रखने की घोषणा की लेकिन इसमें यह भी जोर दिया कि यदि केंद्र की मोदी सरकार ने दूध पर जीएसटी लगाया तो हम कड़ा विरोध तो करेंगे ही। साथ ही दूध का भाव कम करने पर भी विचार हो सकता है।

पशुपालकों को इस दृष्टि से मानसिक रूप से तैयार होना होगा। चौधरी ने केंद्र सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि केंद्र ने राजस्थान को लम्पी संक्रमण रोकने के टीके विलंब से दिए जिसके चलते राज्य में गौवंश में बीमारी फैली। केंद्र की एफएमडी टीके व एफएमडी मुक्त योजना भी पूरी नहीं हो पाई। पशुपालकों के क्रेडिट कार्ड नहीं बन पाए, पशु बीमा भी आठ से दस प्रतिशत ही संभव हो पाया।

चौधरी ने डेयरी संचालक मंडल के निर्णयानुसार सभी पशुपालकों के परिवारों को चिरंजीवी योजना में लाने की घोषणा करते हुए आने वाले दिनों में पूरे जिले में शिविर आयोजित करने की बात कही तथा मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत इलाज व बीमा का लाभ उठाने की बात कही। आम सभा में संघ के संचालक मंडल के सभी सदस्यों के साथ प्रबंध संचालक मदनलाल बागड़ी, जिला परिषद के सीईओ हेमंत स्वरूप माथुर, आरसीडीएफ जयपुर के महाप्रबंधक आरके सुथार भी मौजूद रहे।

इस मौके पर बोरड़ा गांव निवासी छोटू खान की तीन भैंसे मरने की क्षति पूर्ति स्वरूप पच्चीस हजार रुपए प्रति भैंस के हिसाब से 75 हजार का चौक भी दिया गया। इसके अलावा एक अन्य आर्थिक सहयोग में कानपुरा के चेतन को दस हजार रुपए का चेक तथा प्रसव योजना के तहत कुछ महिलाओं को घी प्रदान किया गया। डेयरी सदर चौधरी ने राजस्थान सरकार से डेयरी के संविदाकर्मियों को भी स्थाई करने की मांग की। साथ ही पशुपालकों को भरोसा दिलाया कि पंद्रह दिसंबर तक किसी की भी दूध का भुगतान बकाया नहीं रहेगा।

अजमेर से राजस्थान राजस्व मंडल कहीं नहीं जा रहा है : रामलाल जाट

अजमेर। राजस्थान के राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने साफ शब्दों में कहा है कि अजमेर से राजस्थान राजस्व मंडल कहीं नहीं जा रहा है।

जाट ने आज यहां पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि प्रकरणों की पेन्डेंसी कम करने के लिए सरकार की ओर कुछ प्रयास किए जाते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि राजस्थान मंडल का विघटन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ लोग भ्रमित करने का काम कर रहे है लेकिन समझौते में अजमेर को मिले राजस्व मंडल को क़ही नहीं ले जाया जा रहा और न ही इसके विघटन का सवाल है।

जाट ने कहा कि हमें अभिभाषकों का भी फीडबैक मिला जिसमें कुछ चंद लोगों द्वारा भ्रमित अथवा गुमराह किए जाने की बात सामने आई है।

उन्होंने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर मुख्यपीठ तथा जयपुर में काम कर रहा है। राजस्थान राजस्व मंडल में भी 65 हजार से ज्यादा प्रकरण लम्बित है, सरकार लम्बित प्रकरणों को निपटाने की सोच रखती है लेकिन अजमेर के राजस्व मंडल से कोई छेडछाड नहीं की जा रही।

विराट कोहली, हार्दिक पांड्या ने पाकिस्तान से जीत छीनी

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मेलबर्न। भारत ने चेज़मास्टर विराट कोहली (82 नाबाद) और हार्दिक पांड्या (40) के साथ उनकी शतकीय साझेदारी की बदौलत पाकिस्तान को आईसीसी टी20 विश्व कप 2022 में रविवार को चार विकेट से मात दी।

पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को 160 रन का लक्ष्य दिया था, जिसे भारत ने मैच की आखिरी गेंद पर हासिल कर लिया। इस रोमांचक मैच में भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 31 रन पर ही चार विकेट गंवा दिए थे, लेकिन कोहली-पांड्या की जोड़ी ने 113 रन की साझेदारी बुनकर टीम को मज़बूत स्थिति में पहुंचा दिया।

आखिरी ओवर में भारत को 16 रन की दरकार थी। पांड्या एवं दिनेश कार्तिक इस ओवर में आउट भी हुए, लेकिन ओवर की चौथी गेंद पर कोहली के छक्के की बदौलत भारत ने छह विकेट के नुकसान पर 160 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया।

कोहली ने इस करिशमाई पारी में 53 गेंदों पर छह चौके और चार छक्के लगाकर नाबाद 82 रन बनाये जबकि पांड्या ने उनका साथ देते हुए 37 गेंदों पर एक चौके और दो छक्कों की मदद से 40 रन बनाए।

पाकिस्तान ने 159 रन स्कोर की रक्षा करते हुए पावरप्ले में भारत के चार विकेट चटका दिए। नसीम शाह ने एशिया कप 2022 की कहानी दोहराई और लोकेश राहुल उनकी गेंद को विकेटों पर खेल बैठे। हारिस रऊफ ने रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव को आउट किया जबकि अक्षर पटेल रनआउट होकर पवेलियन लौट गए।

भारत के चार विकेट महज़ 31 रन पर गिरने के बाद कोहली और पांड्या ने साझेदारी बुनना शुरू की। आधी पारी तक केवल 45 रन बनने के बाद भारत को 60 गेंदों में 116 रनों की दरकार थी। दोनों बल्लेबाजों ने 12वें ओवर में मोहम्मद नवाज को तीन छक्के लगाकर 20 रन बटोरे और यहां से भारतीय पारी का रुख बदल गया। पारी के 16वें और 17वें ओवर में भले ही पाकिस्तान ने रनगति रोकने का प्रयास किया लेकिन कोहली ने 19वें ओवर में हारिस रऊफ को दो छक्के जड़कर मैच को दोबारा भारत के पक्ष में झुका दिया।

कोहली इस पारी के साथ एक बार फिर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए, जबकि हार्दिक ने भी खेल के इस प्रारूप में भारत के लिए 1000 रन पूरे किए।

शादाब खान ने पाकिस्तान के लिए किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में सिर्फ 21 रन दिए, हालांकि उन्हें कोई विकेट हासिल नहीं हुआ। नसीम ने चार ओवर में 23 रन देकर एक विकेट लिया। हारिस रऊफ (चार ओवर, 36 रन) और नवाज़ (चार ओवर, 42 रन) ने दो-दो विकेट लिए।

इससे पूर्व, पाकिस्तान ने इफ्तिखार अहमद और शान मसूद के अर्द्धशतकों की बदौलत 20 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए। इफ्तिखार ने 34 गेंदों पर दो चौकों और चार छक्कों की बदौलत 51 रन बनाए जबकि शान ने 42 गेंदों पर पांच चौकों के साथ 52 रन की पारी खेली। नौंवे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे शाहीन अफरीदी ने 16(8) रन बनाए जबकि कोई और पाकिस्तानी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका।

भारत ने टॉस जीतकर पाकिस्तान को बल्लेबाजी के लिए बुलाया और दोनों सलामी बल्लेबाजों को 15 रन पर पवेलियन भेज दिया। टी20 विश्व कप में पदार्पण कर रहे अर्शदीप सिंह ने अपनी पहली गेंद पर बाबर आज़म का विकेट लिया जबकि अपने अगले ओवर में उन्होंने मोहम्मद रिज़वान को आउट किया।

शान और इफ्तिखार ने विकेट पर संयम के साथ कुछ समय बिताने के बाद अपने हाथ खोले। इफ्तिखार ने 12वें ओवर में अक्षर पटेल को तीन छक्के लगाते हुए अपना अर्द्धशतक पूरा किया, हालांकि अगले ही ओवर में वह शमी (15/1) का शिकार हुए।

शान-इफ्तिखार के बीच तीसरे विकेट के लिये 76 रन की साझेदारी के बाद पाकिस्तान ने तेज़ी से तीन विकेट गंवाए। हार्दिक पांड्या (30/3) ने मैच में भारत की वापसी कराते हुए शादाब खान, हैदर अली और मोहम्मद नवाज़ को पवेलियन भेजा, जबकि अर्शदीप (19/3) ने आसिफ अली का मूल्यवान विकेट निकाला।

भुवनेश्वर कुमार (22/1) ने आखिरी ओवर की पहली गेंद पर छक्का खाने के बाद शाहीन को आउट किया। लगातार विकेट गंवाने के बावजूद पाकिस्तान ने रनगति कायम रखी और आखिरी पांच ओवरों में 53 रन जोड़कर 20 ओवरों में 159/8 का स्कोर खड़ा किया।

राजीव गांधी फाउंडेशन का FCRA लाइसेंस रद्द, मोदी पर बरसे गहलोत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजीव गांधी फाउंडेशन एवं राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट का विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) लाइसेंस रद्द करने को केन्द्र की मोदी सरकार की राजनीतिक दुर्भावना का प्रतीक करार देते हुए कहा है कि सिर्फ राजनीतिक कारणों से इन संस्थानों पर हमला कर गांधी परिवार को बदनाम करने के लिए किया गया यह एक और कुप्रयास है।

गहलोत ने एफसीआरए लाइसेंस रद्द करने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में आज यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे कुप्रयासों से मोदी सरकार जनता की नजरो में खुद को ही एक्सपोज कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन एवं राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट का यह लाइसेंस रद्द करना मोदी सरकार की राजनीतिक दुर्भावना का प्रतीक है। इन दोनों संस्थानों का भूकम्प, सुनामी, कोविड समेत हर आपदा में पीड़ितों की मदद का इतिहास रहा है।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन अनाथों, महिलाओं एवं दिव्यांगों की सेवा का काम करता है। राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट महिला सशक्तिकरण एवं दृष्टिबाधितों की सेवा का कार्य कर रहा है।

सिर्फ राजनीतिक कारणों से इन संस्थानों पर हमला करना मोदी सरकार द्वारा गांधी परिवार को बदनाम करने के लिए किया गया एक और कुप्रयास ही है। मोदी सरकार कितनी भी कोशिश कर ले, गांधी परिवार को जनता की सेवा करने से नहीं रोक सकती है।

लखनऊ : घर में आग लगने से सेवानिवृत्त आईजी की मौत, पत्नी बेटा घायल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में रह रहे सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दिनेश चंद्र पांडेय के मकान में बीती देर रात अचानक लगी आग की चपेेट में आकर पांडेय की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और बेटा गंभीर रूप से घायल हैं।

पुलिस ने रविवार को बताया कि इंदिरा नगर, सी-ब्लाक में रहने वाले सेवानिवृत्त आइजी पांडेय के मकान में पहले तल पर देर रात आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पांडेय, उनकी पत्नी अरुणा और बेटा शशांक तीनों आग में फंस गए।

घटना की सूचना मिलने पर इंदिरानगर फायर स्टेशन से दमकल कर्मी और पुलिस मौके पर पहुंचे। घंटे भर की कड़ी मशक्कत के बाद फायर और पुलिस की संयुक्त टीम ने पहले तल पर फंसे तीनों लोगों को निकाल कर राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया। जहां, डाक्टरों ने पांडेय को मृत घोषित कर दिया, जबकि उनकी पत्नी और बेटे की हालत नाजुक बताई जा रही है।