Warning: Constant WP_MEMORY_LIMIT already defined in /www/wwwroot/sabguru/sabguru.com/18-22/wp-config.php on line 46
Sabguru News - 7250 का पृष्ठ 545 -
होम ब्लॉग पेज 545

हमीरपुर : चचेरे भाई ने बहन को गोली मारकर की हत्या

0

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश में हमीरपुर जिले के राठ क्षेत्र में एक युवक ने चचेरी बहन के प्रेम प्रसंग से नाराज होकर मंगलवार की शाम को अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने इस वारदात की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने मौके पर जाकर घटना स्थल का निरीक्षण किया है। मामला प्रेम प्रसंग का बताया जाता है।

पुलिस के मुताबिक राठ निवासी अतहर की बहन शहनाज खातून (28 वर्ष) उर्फ हीर मंगलवार को घर पर अकेली थी। कस्बे में चादर पोशी निकल रही थी। तभी शहनाज का चचेरा भाई रौशन पुत्र नसीम खान अपने साथी तौजीब पुत्र हलीम के साथ घर में आया और उस पर तमंचे से गोली चला दी।

जान बचाने के लिए हीर इधर उधर भागी और गिर गई। शोर शराबा सुनकर परिजन और पड़ोसियों ने मौके पर पहुंच कर खून से लथपथ हीर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने घटना स्थल पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने बताया कि शादी के सात साल बाद शहनाज के पति की मौत हो गई थी, तब से शाहनाज अपने मायके राठ में पिता महमूद के साथ रह रही थी।

उसकी शादी कानपुर देहात जिले के भोगनीपुर निवासी नूर आलम के साथ हुई थी। महमूद के उसके भाई नसीम के साथ मनमुटाव था। मंगलवार को नसीम का पुत्र रोशन अपने साथी तौजीब के साथ आया और शहनाज पर गोली चला दी जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

श्रीगंगानगर : पत्नी ने स्कूली छात्रा को घर बुलाया,पति ने की अश्लील हरकतें

श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में मुकलावा थाना क्षेत्र में एक दंपती पर स्कूली छात्रा से अश्लील हरकतें करने का मामला दर्ज हुआ है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक 13-14 वर्षीय एक स्कूली छात्रा सोमवार दोपहर को स्कूल से छुट्टी होने के बाद अपने घर जा रही थी। रास्ते में उसे एक युवती सपना बुलाकर अपने घर ले गई। घर जाने पर सपना इधर-उधर हो गई।

आरोप है कि सपना के पति पवन ने स्कूली छात्रा से अश्लील हरकतें कीं। यह छात्रा किसी तरह से पवन की चंगुल से भागकर गली में आ गई और शोर मचाते हुए घर पहुंची। घर वालों को जाकर सपना और पवन की हरकत के बारे में बताया।

कल देर शाम को यह मामला थाने में पहुंचा। पीड़ित छात्रा के पिता द्वारा दी गई रिपोर्ट पर पवन और सपना के खिलाफ धारा 354 और पोक्सों एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

रूस ने टेक कंपनी मेटा को आतंकवादी संगठनों की सूची में जोड़ा

मॉस्को। रूस ने टेक कंपनी मेटा को आतंकवादी और चरमपंथी संगठनों की सूची में शामिल किया है।

फेडरल सर्विस फॉर फाइनेंशियल मॉनिटरिंग के डेटाबेस के अनुसार मार्च के अंत में रूस ने फेसबुक और इंस्टाग्राम को चरमपंथी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। जब अधिकारियों ने मेटा पर यूक्रेन में रूस के सैन्य अभियान के दौरान ‘रसोफोबिया’ को सहन करने का आरोप लगाया था।

फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग को इस साल मई में 963 प्रमुख अमरीकियों की सूची में जोड़ा गया था, जिसमें अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार जुकरबर्ग को रूस में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

लड़कियों की शादी मामले में केन्द्र, राज्य को जवाब देने के लिए मिला अंतिम मौका

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लड़कियों की शादी की उम्र में असमानता, बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 में संशोधन करने और एक समान कानून की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए केन्द्र व राज्य सरकार को अंतिम मौका देते हुए 16 नवम्बर तक जवाब पेश करने को कहा है।

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की युगलपीठ में हुई। इस मामले को यूथ बार एसोसिएशन आफ इंडिया की ओर से एक जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता की ओर से मंगलवार को अदालत को बताया गया कि केन्द्र सरकार व राज्य सरकार इस मामले में जवाब पेश नहीं कर रही है।

अदालत ने इसे गंभीरता से लिया और दोनों को अंतिम मौका देते हुए 16 नवम्बर तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह भी कहा कि यदि सरकार इस मामले में जवाब पेश नहीं करती है तो अदालत संबद्ध मामलों के सचिव को भी पेश होने का निर्देश देने में नहीं हिचकेगी।

यूथ बार एसोसिएशन की ओर से इसी साल एक जनहित याचिका दायर कहा गया कि कुछ धर्मों में पर्सनल लॉ के नाम पर 18 साल के कम उम्र की लड़कियों को शादी की अनुमति है। अध्ययनों से साफ है कि लड़कियों की कम उम्र में शादी करने से अधिकांशतः मां व बच्चे के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। ऐसे मामलों में शिशु मृत्यु दर भी अधिक देखेने को मिली है।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि एक ओर केन्द्र सरकार 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के यौन शोषण को काूननी अपराध मानती है और उसके खिलाफ यौन शोषण संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) जैसा सख्त कानून बनाया गया है। दूसरी ओर पर्सनल लॉ के नाम पर 18 साल से कम उम्र की लड़कियों को शादी की अनुमति दी जा रही है और अदालतें भी उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के मामले में बंटी हुई हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि एक समान कानून नहीं होने से विभिन्न उच्च न्यायालय भी अलग अलग आदेश पारित कर रहे हैं। याचिका में इस मामले में दिल्ली, इलाहाबाद व पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय का हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से इस मामले में कर्नाटक की तरह प्रदेश में सख्त कानून बनाने व उच्च न्यायालय से इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए एक आदेश पारित करने की मांग की गयी है।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 में संशोधन का मामला वर्ष 2021 से लंबित है लेकिन केन्द्र सरकार अधिनियम में संशोधन को अभी तक मंजूरी नहीं दे पाई है। अधिवक्ता सनप्रीत सिंह अजमानी ने बताया कि अदालत ने इस मामले में केन्द्र व राज्य सरकार को अंतिम मौका देते हुए 16 नवम्बर तक जवाब पेश करने को कहा है।

अजमेर : स्मार्ट सिटी योजना के कार्यो की उच्च स्तरीय जांच की मांग

0

अजमेर। राजस्थान में अजमेर नगर निगम के उपमहापौर नीरज जैन ने शहर में स्मार्ट सिटी योजना के कार्यों में अधिकारियों एवं ठेकेदारों में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

जैन ने मंगलवार को मीडिया को जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस मूल भावना के साथ अजमेर को स्मार्ट सिटी कार्यों की सौगात दी। यहां के अधिकारियों और ठेकेदारों ने मिलीभगत कर स्मार्ट सिटी कार्यों की मूल भावनाओं से छेड़छाड़ की जिसका खामियाजा भविष्य में अजमेर की जनता को ही उठाना पड़ेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी कार्यों निर्माण में स्थानीय स्तर की घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है जिसके कारण निर्माण भी अच्छी गुणवत्ता वाले नहीं हो पाए हैं। इसका ज्वलंत उदाहरण सूचना केंद्र परिसर का ओपन थिएटर है जहां प्लास्टर उखड़े हुए हैं और कई जगह दरारें भी है।

इसी तरह आनासागर के चारों ओर बनाए गए पाथवे भी घटिया सामग्री से निर्मित किए गए हैं। यह निर्माण लंबे समय तक ठहरने वाले नहीं हैं। आनासागर के नो कंस्ट्रक्शन जोन में ही सैवन वंडर का निर्माण कर नियमों को धता बताई गई है।

शहर में बन रहा एलीवेटेड रोड निर्माण कार्य 2020 में ही पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन एडवांस राशि के बावजूद भी अब तक यह कार्य पूरा नहीं हुआ है और प्रशासनिक दावे के अनुसार एक भुजा पर शुरू किया जाने वाला यातायात भी शुरू नहीं हो सका है। जैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से अजमेर स्मार्ट सिटी निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

सबगुरु राशिफल : 12 अक्टूबर बुधवार को आपके भाग्य में क्या होगा बदलाव

सबगुरु न्यूज। कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, तृतीया तिथि, वार बुधवार, सम्वत 2079, शरद ऋतु, रवि दक्षिणायन, रात 01.59 बजे बाद चतुर्थी तिथि प्रारम्भ।

मेष :- आज आप धार्मिक प्रसंग में शामिल हो सकते हैं। रिस्की कार्यों से दूर रहें। आपके कार्य सरलतापूर्वक पूर्ण होते रहेंगे। कार्यक्षेत्र में उच्च अधिकारियों को प्रोत्साहन मिल सकता है। यह न केवल आपका मन हल्का करेगा, बल्कि आप दोनों के बीच मतभेद दूर करने में भी मदद करेगा। अपने परिवार के साथ रुखा व्यवहार न करें। यह पारिवारिक शान्ति को भंग कर सकता है। संभव है कि कोई आपसे अपने प्यार का इज़हार करे। कामकाज के मोर्चे पर यह एक मुश्किल दिन हो सकता है। प्रभावशाली लोगों के सहयोग आपका उत्साह दोगुना होगा। विवाद, मतभेद और दूसरों की आपमें कमियाँ निकालने की आदत को नजरअंदाज करें।

वृषभ :- अपनी दीर्घकालीन योजनाओं के साथ आगे बढ़ो, जैसा कि पहलुओं का दृढ़ संकल्प और संरचना का पक्ष है नई चीजों की कोशिश करने से डरो मत, खासकर जब आप अपने पसंदीदा लोगों के साथ हों। कार्यक्षेत्र में कोई आपसे दुर्व्यवहार कर सकता है। इसलिए तैयार रहें और प्रतिक्रिया न करें। आपकी लगन और मेहनत पर लोग गौर करेंगे और आज इसके चलते आपको कुछ वित्तीय लाभ मिल सकता है। आपकी ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा क्योंकि आपका प्रिय आपने लिए बहुत सारी खुशी की वजह साबित होगा। अपने उद्देश्यों की ओर शान्ति से बढ़ते रहें और सफलता मिलने से पहले अपने पत्ते न खोलें।

मिथुन :- आज मन चिंतामुक्त रह सकता है। कार्यों में विघ्न आने से कार्यपूर्ति में विलंब हो सकता है। सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त करने में असफल रह सकते है। दांपत्य जीवन में तकरार का वातावरण रह सकता है अतः जीवनसाथी से सम्मानजनक तरीके से आचरण रखें। शाम के समय सफलता मिल सकती है। आपके हँसने-हँसाने का अंदाज आपकी सबसे बड़ी पूंजी साबित होगा। आपको अपने जीवनसाथी से जुड़ी कोई ऐसी बात पता चल सकती है, जिसे आप कभी नहीं जानना चाहते थे। कार्यक्षेत्र में हिम्मत न हारें। ऐसे लोगों से जुड़ने से बचें जो आपकी प्रतिष्ठा को आघात पहुंचा सकते हैं। आपके खर्चे बजट को बिगाड़ सकते हैं।

कर्क :- आज आपके व्यापार-धंधे में खूब सफलता मिलेगी। कानूनन न फंसे, इसका ध्यान जरूर रखें। अगर आप कई दिनों से कामकाज में दिक्कत महसूस कर रहे हैं, तो आज के दिन आपको राहत महसूस हो सकती है। सुनी-सुनाई बातों पर आंखें मूंदकर यकीन न करें और उनकी सच्चाई को भली-भांति परख लें। किसी के साथ पैसों की लेन-देन को लेकर सफल रहेंगे। देश-विदेश में व्यवसाय करने वालों को फायदा होगा। सब कुछ दोबारा जांचें और दूसरी राय प्राप्त करें, यह गलत समय और भ्रम की स्थिति के रूप में कुछ भी नया शुरू करने का एक अच्छा समय नहीं है, लेकिन पुराने मुद्दों को खत्म करने के लिए यह अच्छी अवधि है।

सिंह :- नौकरी पेशा के लोगों लिए समय अनुकूल दिखाई दे रहा है। आज के दिन आप अत्यधिक संवेदनशील रह सकते हैं। कार्यक्षेत्र की बात की जाए तो आज का दिन कार्यक्षेत्र को लेकर आपके लिए अत्यधिक लाभकारी साबित होगा। आर्थिक लाभ की प्राप्ति होगी। किसी की वाणी तथा बर्ताव की वजह से आपके मन को चोट लग सकती है तथा माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें। आज आप बौद्धिक शक्ति से लेखनकार्य और सृजन कार्य अच्छी तरह से पूरे कर सकेंगे। आपका विचार किसी एक बात पर स्थिर नहीं रहेगा तथा उसमें लगातार परिवर्तन होता रहेगा। मित्रों से सहयोग मिल सकता है। यात्रा-प्रवास हो सके तो न करें।

कन्या :- आज स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही सेहत बिगाड़ सकती है। नकारात्मक विचारों को अपने पर प्रभावी न होने दें। आकस्मिक व्यय होने के संकेत हैं। मध्याह्न के बाद परिस्थिति में कुछ सुधार आ सकता है। स्वभाव में उग्रता रह सकती है। आज के दिन आपको मकान, वाहन, वगैरह के दस्तावेजों को अत्यंत संभालकर रखना होगा। परिवार का माहौल बिगड़े नहीं, इसके लिए वाद-विवाद टालें। माता का स्वास्थ्य बिगड़ेगा। धन-प्रतिष्ठा की हानि होगी। स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा चिंता न करें, क्योंकि इससे आपकी बीमारी और बिगड़ सकती है। व्यापार धंधे के लिए भावी योजना सफलतापूर्वक संपन्न होगी।

तुला :- आज आउटडोर गतिविधियां काफी थकावटी और तनाव देने वाली साबित होंगी। उधार मांगने वाले लोगों को नजरअंदाज करें। अपनी बातों पर काबू रखें, क्योंकि इसके चलते बड़े बुजुर्ग आहत महसूस कर सकते हैं। बेकार की बातें करके समय बर्बाद करने से बेहतर है कि आप शांत रहें। आज आप अपने आसपास के लोगों के इरादे आसानी से समझ सकते हैं। कोई करीबी व्यक्ति आज आपको बात-बात में खास जानकारी दे सकते हैं। हर चुनौती को अलग करते हुए लगे रहने का समय है। अपने कामकाजी जीवन में अपने संपर्कों का फायदा उठाने में सफल हो सकते हैं। कफ्यूजन की स्थिति कार्यक्षेत्र में निर्मित हो सकती है।

वृश्चिक :- शारीरिक-मानसिक सुख बने रहेंगे। मित्रों और स्वजनों के साथ आज का दिन खूब आनंद और उल्लास से व्यतीत करेंगे। आज मन खुश और शांत रहेगा। जीवनसाथी के प्रति विशेष आकर्षण अनुभव करेंगे, जिससे मधुरता रहेगी। आर्थिक लाभ के योग हैं। आज के दिन किसी से छेड़छाड़ या किसी से झगड़ा, वाद-विवाद करने से बचे, इससे भविष्य में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

धनु :- आपको आज के दिन हर प्रकार के कार्य में सफलता प्राप्त होगी लेकिन थोड़ा विलंब भी हो सकता है। धैर्य से काम करें आप अपने तमाम कार्य को जारी रखने की पूरी कोशिश करेंगे आर्थिक आयोजनों में अवरोध दूर होगा। किया गया हर कार्य सफलतापूर्वक पूरा होगा। घर परिवार और निजी जिंदगी से जुड़े कुछ खास काम आज आपके हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में सफलता के योग है। कफ्यूजन दूर करने के लिए दिमाग में नया तरीका आ सकता है। विद्यार्थी के लिए आज का दिन अति उत्तम रहेगा। आज यात्रा टालनी होगी।

मकर :- आज साधारण सी बात दांपत्य जीवन में कलह का कारण बन सकती है। सांसारिक विषयों पर अपने व्यवहार को उदासीन बनाए रखें। वाद-विवाद से बचें। अदालती कार्यवाही के संकेत है। सामाजिक दृष्टि से अपमानित हो सकते हैं। चिंता के भार से स्वास्थ्य को हानि पहुंचेगी। उग्र दलीलों या वाद-विवाद से किसी के साथ संघर्ष हो सकता है। कोर्ट-कचहरी के कार्य में सावधानीपूर्वक कदम उठाएं। भावनाओं के प्रवाह में बहकर आप कोई अविचारी कार्य न कर बैठें, इसका ध्यान रखें। वाणी और व्यवहार में संयम तथा विवेक बनाए रखने की सलाह है। अपने अतिरिक्त खर्चों पर रोक लगाए नहीं तो आपको भविष्य में बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

कुंभ :- आज के दिन आप चिंता के बोझ से मुक्ति पा लेंगे। कला के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन अत्यधिक लाभदायक सिद्ध होगा। आज के दिन आप परिजनों की तरफ से विशेष ध्यान देने की कोशिश करेंगे। इस समय आपके आर्थिक आयोजन भी पूरे होंगे आपकी इच्छा शक्ति को प्रोत्साहन मिलेगा, क्योंकि आप बहुत पेचीदा हालात से निकलने में कामयाब रहेंगे। भावुक फैसला लेते वक़्त अपनी तार्किकता न छोड़ें। अनुमान नुकसानदेह साबित हो सकता है, इसलिए हर तरह का निवेश करते वक़्त पूरी सावधानी बरतें। आज आपके प्रिय की मनोदशा ज्वार-भाटे की तरह उतार-चढ़ाव भरी होगी।

मीन :- आज पूरी तरह किसी काम के परिणाम आपके अनुसार मिल सकते हैं। आज वही होगा जो आप चाहेंगे। आर्थिक मामलों में मजबूती मिलेगी। आज आप खुद में बदलाव महसूस करेंगे। नौकरी की दिशा में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। नए अवसर पर खुले मन से विचार करना होगा। खुद को किसी भी गलत और गैर जरूरी चीज से दूर रखें, क्योंकि आप उसकी वजह से मुश्किल में फँस सकते हैं। अगर आप किसी विवाद में उलझ जाएं तो तल्ख़ टिप्पणी करने से बचिए। आपका जीवन-साथी थोड़ा अजीब व्यवहार कर सकता है। लेकिन सब्र का बांध न टूटने दें। स्त्री वर्ग अपनी वाणी पर काबू रखें।

सिंहस्थ के समय मन में आए भाव ने आज लिया मूर्त रूप : मोदी

उज्जैन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज श्री महाकालेश्वर की नगरी मध्यप्रदेश के उज्जैन में बने बेहद भव्य श्री महाकाल लोक के लोकर्पण के बाद श्री महाकाल को बारंबार प्रणाम करते हुए कहा कि सिंहस्थ के समय में उनके मन में जो विचार आए थे, आज उन्हें मूर्त रूप मिल गया है।

मोदी ने श्री महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद एक आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले सिंहस्थ के समय में उन्हें श्री महाकालेश्वर भगवान का बुलावा आया। उन्होंने बेहद विनम्र लहजे में कहा कि महाकाल का बुलावा आए तो बेटा आए बिना कैसे रह सकता था। उन्होंने कहा कि उस दौरान उनके मन में लगातार मंथन का दौर चल रहा था। उसी मंथन में एक विचार इस कल्पना का भी आया था। उस समय का भाव आज चरितार्थ हो गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री महाकालेश्वर और उज्जयिनी नगरी की महिमा बताते हुए कहा कि यहां 84 शिवलिंग, चार महावीर, छह विनायक, आठ भैरव, अष्ट मातृका, नवग्रह, 10 विष्णु, 11 रूद्र, 12 आदित्य, 24 देवियां और 88 तीर्थ हैं, जिनके केंद्र में राजाधिराज श्री महाकाल विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि यहां सब कुछ अलौकिक, अविश्वसनीय और असाधारण है।

इसी क्रम में उन्होंने कहा कि वे मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार का अभिनंदन करते हैं, जिन्होंने लगातार समर्पण के साथ इस सेवा कार्य को पूरा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्जैन ज्योतिषीय गणना का भी केंद्र रहा है। यहां श्रीकृष्ण ने भी शिक्षा प्राप्त की। उज्जैन के कण-कण में ईश्वरीय ऊर्जा और इतिहास सिमटा है।

उन्होंने कहा कि श्री महाकालेश्वर मंदिर देश का एकमात्र दक्षिणमुखी शिवलिंग है, जहां की भस्म आरती समूचे विश्व में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि हर भक्त जीवन में एक बार भस्मारती के दर्शन करना चाहता है।

आजादी के अमृत महोत्सव में विरासत पर गर्व के पंचप्राण का आह्वान

मोदी ने आज कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में गुलामी की मानसिकता से मुक्ति और अपनी विरासत पर गर्व के ‘पंचप्राण’ का आह्वान किया गया है। मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में गुलामी की मानसिकता से मुक्ति और अपनी विरासत पर गर्व के पंचप्राण का आह्वान किया गया है।

इसी क्रम में अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण चल रहा है। काशी का विश्वनाथ धाम, सोमनाथ और केदारनाथ ज्योतिर्लिंग विकास का नया अध्याय लिख रहे हैं। आजादी के बाद पहली बार हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा, स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजना जैसे कार्यों ने देश में आध्यात्मिक चेतना का गौरव स्थापित किया है।

उन्होंने कहा कि इसी क्रम में भव्य महाकाल लोक भविष्य के स्वागत के लिए तैयार हो रहा है।
मोदी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का सांस्कृतिक वैभव विशाल तभी हाेता है, जब उसकी सफलता का परचम विश्व पटल पर लहरा रहा होता है। सफलता के शिखर तक पहुंचने के लिए ये जरूरी है कि राष्ट्र अपने सांस्कृतिक उत्कर्ष को छुए।

देश के कई प्रमुख मंदिरों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तंजौर, कांचीपुरम, रामेश्वरम, वेल्लोर, मदुरई के मंदिरों समेत श्रीनगर का शंकराचार्य मंदिर बेजोड़ हैं। ये मंदिर सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि उस समय में ऐसे मंदिर किस तकनीक से बनाए गए होंगे।
उन्होंने कहा कि भारत आज रक्षा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ रहा है। अन्य क्षेत्रों में भी तरक्की हो रही है।

मोदी ने आज अपने लगभग साढ़े तीन घंटे के उज्जैन प्रवास के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ श्री महाकाल लोक का लोकार्पण किया। आमसभा में उनके साथ राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसूइया उइके, झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार, प्रहलाद पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा भी उपस्थित थे।

नरेंद्र मोदी उज्जैन में श्री महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद दिल्ली रवाना

नरेंद्र मोदी उज्जैन में श्री महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद दिल्ली रवाना

उज्जैन/इंदौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को विश्व प्रसिद्ध उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर के भव्य कॉरिडोर ‘श्री महाकाल लोक’ के लोकार्पण के बाद इंदौर होते हुए देर रात वापस दिल्ली रवाना हो गए।

मोदी रात्रि में साढ़े नौ बजे के आसपास इंदौर विमानतल से विशेष विमान में सवार होकर दिल्ली रवाना हो गए। उनके साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी रवाना हुए हैं। इसके पहले मोदी उज्जैन से हेलीकॉप्टर से यहां विमानतल पर पहुंचे। विमानतल पर मोदी को विधिवत विदाई दी गई।

मोदी लगभग पांच बजे विशेष विमान से गुजरात से इंदौर पहुंचे थे। इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से उज्जैन रवाना हुए। उज्जैन में लगभग साढ़े तीन घंटे बिताने के बाद मोदी रात्रि में हेलीकाप्टर से इंदौर पहुंचे थे।

इसके पहले मोदी ने उज्जैन में विश्व के एकमात्र दक्षिणमुखी स्वयंभू शिवलिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर के भव्य कॉरिडोर ‘श्री महाकाल लोक’ का लोकार्पण किया और महाकाल मंदिर के गर्भगृह में लगभग आधा घंटे रुककर विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के चार पुजारियों ने मोदी को श्री महाकालेश्वर भगवान की विधिवत पूजा संपन्न करवाई।

मंत्रोच्चार और पूजा के मध्य में मोदी ने मंदिर में साधना भी की। इस दौरान उनके हाथ में माला और भगवान शिव को अतिप्रिय माने जाते बिल्वपत्र भी थे। मोदी लगभग 10 मिनट शिवलिंग के पीछे बैठकर ध्यान की मुद्रा में साधना में लीन रहे। इसके बाद उन्हें विशेष रक्षासूत्र बांधा गया। गर्भगृह से बाहर निकल कर मोदी ने महादेव के अतिप्रिय ‘नंदीश्वर भगवान’ के पास बैठकर ध्यान किया। उन्होंने नंदीश्वर भगवान के पास भी करीब पांच मिनट साधना की।

मंदिर परिसर में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उनके साथ उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में बनाए गए आध्यात्म और तकनीकी के अदभुत संगम श्री महाकाल लोक परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण किया। मोदी ने लगभग 900 मीटर लंबे भव्य श्री महाकाल लोक के प्रवेश द्वार ‘नंदी द्वार’ पर रक्षा सूत्र से बनाए गए शिवलिंग का रिमोट दबा कर लोकार्पण किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मोदी परिसर में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ कुछ देर टहले। इस दौरान मुख्यमंत्री चौहान उन्हें लगातार श्री महाकाल लोेक के बारे में जानकारी देते हुए दिखाई दिए।

पैदल चलते हुए मोदी श्री महाकाल लोक परिसर में बनाए गए त्रिपुरासर संहार के दृश्य, सप्तर्षि मंडल परिसर, नवग्रह परिसर और रूद्रसागर के समीप भी गए। हर स्थान पर प्रधानमंत्री विशेष रुचि लेकर यहां के विहंगम और नयनाभिराम दृश्यों का अवलोकन करते दिखाई दिए। इसके बाद मोदी परिसर की सैर के लिए इलेक्ट्रिक वाहन में सवार हुए। इसी वाहन के माध्यम से उन्होंने पूरे महाकाल लोक की सैर की।

श्री महाकाल लोक में शिवपुराण से जुड़ी बहुत सी कथाएं प्रदर्शित की गईं हैं, जिनके बारे में वहां लगे बार कोड के माध्यम से जानकारी ली जा सकती है। यहां 108 स्तंभ बनाए गए हैं, जिनमें शिव तांडव से जुड़ी जानकारी नक्काशी और भित्ति चित्रों के माध्यम से दी गई है। श्री महाकाल लोक बुधवार से श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद अपने संबोधन में श्री महाकाल को बारंबार प्रणाम करते हुए कहा कि सिंहस्थ के समय में उनके मन में जो विचार आए थे, आज उन्हें मूर्त रूप मिल गया है। उन्होंने कहा कि पिछले सिंहस्थ (वर्ष 2016) के समय वे उज्जैन आए थे। उसी दौरान क्षिप्रा नदी के तट पर उनके मन में लगातार मंथन का दौर चल रहा था। उसी मंथन में एक विचार इस कल्पना का भी आया था और उस समय का भाव आज श्री महाकाल लोक के रूप में चरितार्थ हो गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री महाकालेश्वर और उज्जयिनी नगरी की महिमा बताते हुए कहा कि यहां 84 शिवलिंग, चार महावीर, छह विनायक, आठ भैरव, अष्ट मातृका, नवग्रह, 10 विष्णु, 11 रूद्र, 12 आदित्य, 24 देवियां और 88 तीर्थ हैं, जिनके केंद्र में राजाधिराज श्री महाकाल विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि यहां सब कुछ अलौकिक, अविश्वसनीय और असाधारण है।

इसी क्रम में उन्होंने कहा कि वे मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार का अभिनंदन करते हैं, जिन्होंने लगातार समर्पण के साथ इस सेवा कार्य को पूरा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्जैन ज्योतिषीय गणना का भी केंद्र रहा है। यहां श्रीकृष्ण ने भी शिक्षा प्राप्त की। उज्जैन के कण-कण में ईश्वरीय ऊर्जा और इतिहास सिमटा है। उन्होंने कहा कि श्री महाकालेश्वर मंदिर देश का एकमात्र दक्षिणमुखी शिवलिंग है, जहां की भस्म आरती समूचे विश्व में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि हर भक्त जीवन में एक बार भस्मारती के दर्शन करना चाहता है।

ओडिशा में अर्चना नाग हनी ट्रैप मामले की सीबीआई जांच की मांग

भुवनेश्वर। ओडिशा भाजपा महिला मोर्चा ने मंगलवार को अर्चना नाग हनी ट्रैपिंग और ब्लैकमेलिंग मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है।

ओडिशा भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष स्मृति पटनायक ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ बीजू जनता दल इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है क्योंकि इसमें पार्टी के कई नेता और मंत्री शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से सत्तारूढ़ पार्टी के संरक्षण में प्रभावशाली लोगों को हनी ट्रैप और ब्लैकमेल करने का काम चल रहा है।

पुलिस ने 28 वर्षीय अर्चना नाग को प्रभावशाली लोगों को ब्लैकमेल करने और उनसे करोड़ों रुपए वसूल करने के आरोप में पिछले छह अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। उसके घर से उसका मोबाइल, लैपटॉप, पेन ड्राइव और कंप्यूटर भी जब्त किया गया था।

उड़िया फिल्म निर्माता ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी और अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि अर्चना ने धमकी दी है कि अगर उन्होंने उसे तीन करोड़ रुपए नहीं दिए तो उसके साथ एक लड़की की अश्लील तस्वीरों को वायरल करके उनके करियर और प्रतिष्ठा को खराब कर दिया जाएगा।

भाजपा नेता ने इस मामले में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, प्रभावशाली लोगों और नौकरशाहों के शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार से पुलिस द्वारा जब्त किए गए गैजेट्स से प्राप्त बीजद नेताओं, मंत्रियों, पुलिस और नौकरशाहों की संलिप्तता के बारे में सभी जानकारी को सार्वजनिक करने की मांग की।

पटनायक ने बीजद के जिला परिषद सदस्य धर्मेंद्र साहू की आत्महत्या में स्कूल और जन शिक्षा मंत्री समीर रंजन दास की कथित संलिप्तता की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। धर्मेंद्र साहू, पुरी जिला के गोपा ब्लॉक में जिला परिषद जोन 11 का प्रतिनिधित्व करते थे और उन्होंने 24 सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। पटनायक ने राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से दोनों मामलों को सीबीआई को सौंपने की मांग की, जिससे इनकी निष्पक्ष जांच हो सके।

अखंड सुहाग को देने वाले ‘करवा चौथ व्रत’ का महत्व

0

भारतीय संस्कृति का लक्ष्य है कि जीवन का प्रत्येक क्षण व्रत, पर्व और उत्सवों के आनंद एवं उल्हास से परिपूर्ण हो। इनमें हमारी संस्कृति की विचारधारा के बीज छिपे हुए हैं। यदि भारतीय नारी के समूचे व्यक्तित्व को केवल दो शब्दों में मापना हो तो ये शब्द होंगे- तप एवं करुणा। हम उन महान ऋषि-मुनियों के श्रीचरणों में कृतज्ञतापूर्वक नमन करते हैं कि उन्होंने हमें व्रत, पर्व तथा उत्सव का महत्त्व बताकर मोक्षमार्ग की सुलभता दिखाई। हिन्दू नारियों के लिए ‘करवाचौथ’ का व्रत अखंड सुहाग को देने वाला माना जाता है।

विवाहित स्त्रियां इस दिन अपने पति की दीर्घ आयु एवं स्वास्थ्य की मंगलकामना कर भगवान रजनीनाथ को (चंद्रमा) अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन करती हैं। स्त्रियों में इस दिन के प्रति इतना अधिक श्रद्धाभाव होता है कि वे कई दिन पूर्व से ही इस व्रत की तैयारी का प्रारंभ करती हैं। यह व्रत कार्तिक कृष्ण की चंद्रोदयव्यापिनी चतुर्थी को किया जाता है। करक चतुर्थी को ही ‘करवा चौथ’ भी कहा जाता है।

वास्तव में करवा चौथ का व्रत हिन्दू संस्कृति के उस पवित्र बंधन का प्रतीक है, जो पति-पत्नी के बीच होता है। हिन्दू संस्कृति में पति को परमेश्वर की संज्ञा दी गई है। करवा चौथ पति एवं पत्नी दोनों के लिए नवप्रणय निवेदन तथा एक-दूसरे के लिए अपार प्रेम, त्याग एवं उत्साह की चेतना लेकर आता है। इस दिन स्त्रियां पूर्ण सुहागिन का रूप धारण कर, वस्त्राभूषणों को पहनकर भगवान रजनीनाथ से अपने अखंड सुहाग की प्रार्थना करती हैं। स्त्रियां सुहागचिन्हों से युक्त शृंगार कर ईश्वर के समक्ष दिनभर के व्रत के उपरांत यह प्रण लेती हैं कि वे मन, वचन एवं कर्म से पति के प्रति पूर्ण समर्पण की भावना रखेंगी।

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चौथ को (चतुर्थी) केवल रजनीनाथ की पूजा नहीं होती; अपितु शिव-पार्वती एवं स्वामी कार्तिकेय की भी पूजा होती है। शिव-पार्वती की पूजा का विधान इस हेतु किया जाता है कि जिस प्रकार शैलपुत्री पार्वती ने घोर तपस्या कर भगवान शिव को प्राप्त कर अखंड सौभाग्य प्राप्त किया, वैसा ही उन्हें भी मिले। वैसे भी गौरीपूजन का कुंआरी और विवाहित स्त्रियों के लिए विशेष माहात्म्य है।