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भरत चरित्र पर राष्ट्रसंत गोविंददेव गिरी महाराज का व्याख्यान 12 को

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अजमेर। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या के कोषाध्यक्ष एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा के उपाध्यक्ष राष्ट्रसंत गोविंददेव गिरी महाराज का भगवान श्रीराम के छोटे भाई भरत जी के चरित्र से मानव जाति को जीवनोपयोगी संदेश पर उद्बोधन कार्यक्रम 12 अक्टूबर को शाम 6:30 बजे हंस पैराडाइज में होगा।

जिला महामंत्री उमेश गर्ग ने बताया कि अंतराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की ओर से भरत चरित्र पर पारिवारिक संयोजन के लिए उपयोगी एवं आकर्षक इस कार्यक्रम में गोविंद देव गिरी महाराज की अमृतवाणी में पारिवारिक जीवन में उत्कृष्ट संयोजन के लिए भरत चरित्र पर व्याख्यान होगा।

संयोजक सुनील दत्त जैन ने बताया कि अजमेर फायसागर रोड स्थित हंस पैराडाइज में आयोजित होने वाले इस विशिष्ट कार्यक्रम में शहर के समाज बंधु ही नहीं प्रत्येक जिज्ञासु श्रद्धालु सादर आमंत्रित हैं। उपरोक्त उत्सव में मुख्य अतिथि सत्यनारायण चौधरी, ओम प्रकाश, अशोक कुमार गर्ग, गिरधारीलाल मंगल, एडवोकेट लोकेश अग्रवाल होंगे।

जिला अध्यक्ष रमेश तापड़िया ने इस आयोजन को अजमेर शहर के लिए यह अनूठा अवसर बताते हुए शहर के सभी गणमान्य रसिक जिज्ञासु श्रद्धालुओं को कार्यक्रम में आने की अपील की है।उन्होंने कहा कि अगर परिवार में संस्कार चाहिए तो ऐसे कार्यक्रम होते रहना चाहिए जिसमें जन-जन की सहभागिता आवश्यक है।

अजमेर : गुलाबबाडी समपार फाटक रात्रि कालीन अवधि में बंद रहेगा

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अजमेर। गुलाबबाडी में स्थित समपार संख्या 44/स्पेशल को दिनाक 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक रात्रिकालीन अवधि में बन्द रखा जाएगा।

मुख्य जनसंपर्क निरीक्षक के अनुसार मदार-अजमेर लाईन पर स्थित समपार सख्या 44/स्पेशल पर ओवरहोलिंग का कार्य किया जाना है। जिस कारण गुलाबबाडी में स्थित इस समपार सख्या 44/स्पेशल को दिनाक 12 अक्टूबर रात्रि 10 बजे से 13 अक्टूबर सुबह 5 बजे तक एवं दिनाक 13 अक्टूबर को रात्रि 10 बजे से 14 की सुबह 5 बजे तक बन्द रहेगा। इस फाटक का उपयोग करने वाले आमजन आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में सीआरपीएफ होते हुए एकता नगर व आरयूबी नम्बर 43 अथवा अन्य वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें।

दोहरीकरण कार्य हेतु रेल यातायात प्रभावित

पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के पालनपुर-सामाख्याली रेलखंड के मध्य स्टेशनों पर दोहरीकरण लाइन के कमिश्निंग के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे पर संचालित निम्नलिखित रेल सेवाएं प्रभावित रहेंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार-

रद्द रेलसेवाएं (प्रारंभिक स्टेशन से)

1. गाड़ी संख्या 22483, जोधपुर-गांधीधाम एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक 12 अक्टूबर व 15 अक्टूबर को।
2. गाड़ी संख्या 22484, गांधीधाम-जोधपुर एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक 13 अक्टूबर व 16 अक्टूबर को।

मार्ग परिवर्तित रेलसेवाएं

1. गाड़ी संख्या 14321, बरेली-भुज एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक 12, 14 अक्टूबर व 16 अक्टूबर को बरेली से प्रस्थान करने वाली रेलसेवा परिवर्तित मार्ग वाया पालनपुर-मेहसाना-वीरमगाम-सामाख्याली होकर संचालित होगी।

2. गाड़ी संख्या 14322, भुज-बरेली एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक 13, 15 अक्टूबर व 16 अक्टूबर को भुज से प्रस्थान करने वाली रेलसेवा परिवर्तित मार्ग वाया सामाख्याली-वीरमगाम-मेहसाना पालनपुर होकर संचालित होगी।

फिरकी में फंसे प्रोटियाज, भारत ने शृंखला 2-1 से जीती

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नई दिल्ली। भारत ने स्पिन गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद शुभमन गिल की 49 रन की पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका को तीसरे एकदिवसीय मैच में मंगलवार को सात विकेट से हराकर तीन मैचों की शृंखला 2-1 से जीत ली।

दक्षिण अफ्रीका पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 99 रन पर सिमट गई, जिसके बाद भारत ने 100 रन का लक्ष्य 19.1 ओवर में तीन विकेट गंवाकर हासिल कर लिया।

भारत की ओर से स्पिनरों ने दर्शनीय प्रदर्शन करते हुए आठ विकेट झटके। कुलदीप यादव ने चार विकेट अपने नाम किये जबकि शाहबाज़ अहमद और वाशिंगटन सुंदर ने दो-दो विकेट लिए। इसके अलावा मोहम्मद सिराज ने भी दो विकेट चटकाए।

गिल ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 57 गेंदों पर आठ चौकों के साथ 49 रन बनाए, हालांकि वह एकदिवसीय क्रिकेट में अपने चौथे अर्द्धशतक से चूक गए और लक्ष्य से सिर्फ तीन रन की दूरी पर आउट हो गए। इसके बाद श्रेयस अय्यर ने छक्का लगाकर भारत को जीत तक पहुंचाया।

भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी और स्पिनर शुरू से ही दक्षिण अफ्रीका पर हावी रहे। सुंदर ने पारी के तीसरे ओवर में सलामी बल्लेबाजी क्विंटन डी कॉक को छह रन पर चलता किया।

मोहम्मद सिराज ने यानेमन मलान (15) और रीज़ा हेंड्रिक्स (03) का विकेट निकाला, लेकिन इसके बाद की पारी पूरी तरह से फिरकी गेंदबाजों के नाम रही। शाहबाज़ ने एडेन मार्करम को नौ रन पर चलता किया, जबकि सुंदर ने कप्तान डेविड मिलर को सात रन पर बोल्ड किया। हेनरिक क्लासेन ने दक्षिण अफ्रीका को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन वह भी 42 गेंदों पर चार चौकों के साथ 34 रन बनाकर शाहबाज़ का शिकार हो गए।

कुलदीप (18/4) ने 26वें ओवर में बिना रन दिए ब्योर्न फोर्टिन और आनरिक नॉर्खेया का विकेट निकाला। दक्षिण अफ्रीका के आठ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके और मार्को जैनसेन (14) का विकेट गिरने के साथ प्रोटियाज की पारी को 27.1 ओवर में 99 रन पर समाप्त हुई। यह दक्षिण अफ्रीका का भारत के खिलाफ सबसे छोटा और एकदिवसीय क्रिकेट में उनका चौथा सबसे छोटा स्कोर है।

भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए तेज़ शुरुआत की और गिल ने शिखर धवन के साथ पहले विकेट के लिये छह ओवर में 42 रन जोड़े। धवन हालांकि आठ रन के निजी स्कोर पर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रनआउट हो गये। धवन तीन मैचों की सीरीज में चार, 13 और आठ के निजी स्कोर के साथ कुल 25 रन ही जोड़ सके।

तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए किशन (10) ने दो दर्शनीय चौके जड़े, लेकिन फोर्टिन ने उन्हें विकेटकीपर डी कॉक के हाथों कैच आउट करवा दिया।

इसके बाद विकेट पर आए अय्यर ने गिल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिये 39 रन की साझेदारी की। जब भारत को तीन रनों की दरकार थी तब गिल 49 रन के स्कोर पर लुंगी एनगिडी की गेंद पर पगबाधा हो गए।

इसके बाद अय्यर ने छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई। अय्यर ने 28 रनों की अपनी नाबाद पारी में 23 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाए, जबकि संजू सैमसन दो रन बनाकर नाबाद रहे। इस जीत के साथ भारत ने एकदिवसीय सीरीज 2-1 से अपने नाम की।

भारत की बलिदानी परम्परा से ही सनातन संस्कृति अमिट : गजेन्द्र सिंह शेखावत

झुंझुनूं। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मंगलवार को दीनवा गांव में आयोजित शहीद राहुल जांगिड़ की प्रतिमा के अनावरण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि देश की बलिदानी परम्परा से ही हमारी सनातन संस्कृति अब तक अमिट है और आगे भी रहेगी, वरना दुनिया की कई संस्कृतियां समय के साथ धूल धूसरित होती चली गईं।

शेखावत ने कहा कि देश की सीमा मां की तरह पवित्र होती है, जिस प्रकार हम मां की रक्षा हम करते हैं, वही जज्बा देश की रक्षा के लिए रखना होता है। शहीद राहुल जांगिड़ के माता-पिता का अभिनंदन करते हुए शेखावत ने कहा कि यह उनके दिए संस्कारों का परिणाम था कि राहुल में देश सेवा की भावना उत्पन्न हुई, अन्यथा जिस बीस वर्ष से भी कम उम्र में वे शहीद हुए, वह उम्र खेलने-कूदने की होती है। राहुल ने इस उम्र में हंसते-हंसते देश के लिए अपने आप को कुर्बान कर दिया। शहीद राहुल हम सब के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस देश की आजादी में हजारों लोगों ने अपना सर्वस्व समर्पण किया है। निश्चित रूप से हम सब के लिए वे सम्मान के पात्र हैं। उनके बलिदान से हम प्रेरणा ले सकते हैं। सनातन संस्कृति को बनाए रखने के लिए गांव, गोरी, गोमती, गंगा और गोमाता की रक्षा की सुदीर्घ परम्परा रही है। हमारा पुराना इतिहास हम देख सकते हैं, जहां अनेक माताओं ने अपने बच्चों को इन मानदंडों की रक्षा के लिए कुर्बान कर दिया।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि शेखावाटी की धरती पर राव शेखाजी ने सामाजिक समरसता का भाव स्थापित किया। नारी की लज्जा की रक्षा के लिए अपने आप को और अपनी तीन पीढ़ियों को कुर्बान किया। इतिहासकार कर्नल टॉड ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि राजस्थान में इतने शहीद हैं कि हर गांव में शहीद स्मारक बनाया जा सकता है। राजस्थान के गांवों में ऐसे लोग भी है, जिन्होंने अपने पुरुषार्थ से गांव-गांव में पहचान बनाई। उनकी पहचान राजस्थानी गीतों में आज भी जीवंत है।

शेखावत ने कहा कि आजादी की लड़ाई के समय में इस देश के लाखों लोगों ने अपना बलिदान दिया। इस बलिदानी परम्परा के चलते ही हमारी यह सनातन संस्कृति हमेशा के लिए अक्षुण्ण रही। अन्यथा दुनिया में कई संस्कृतियां उत्पन्न हुई और समय के साथ समाप्त होती चली गई, लेकिन बलिदान की इस परम्परा ने भारत में सनातन संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखा है। देश का इतिहास हम सब के लिए मात्र प्वाइंट ऑफ रेफरेंस नहीं है, बल्कि प्रेरणा का स्त्रोत है।

कार्यक्रम में शेखावत ने शहीद के पिता दयानद जागिड़ और माता कमला देवी के पैर छूकर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम में सांसद नरेंद्र कुमार, सूरजगढ़ विधायक सुभाष पूनिया, जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि, कलेक्टर लक्ष्मण सिंह कुड़ी, पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन मावंडिया, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, पूर्व प्रधान सुशीला सिगड़ा, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी परवेज हुसैन सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे। दीनवा गांव के नौसैनिक राहुल जांगिड़ 19 साल की उम्र में 22 जून 2020 को विशाखापत्तनम में नौ सैनिक अड्डे पर हुए हादसे में शहीद हो गए थे।

नगर पालिका खेड़ली का अधिशासी अधिकारी 5 लाख रूपए रिश्वत लेते अरेस्ट

अलवर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अलवर जिले में नगर पालिका खेडली के अधिशासी अधिकारी किंगपाल सिंह जाट को आज परिवादी से पांच लाख रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

ब्यूरो के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि परिवादी द्वारा शिकायत दी गई कि नगर पालिका खेडली क्षेत्र में स्थित उसकी वैध पट्टाशुदा एवं निर्माण स्वीकृति प्राप्त करने के बाद निर्मित किए जा रहे भवन दुकानों को अवैध बताकर, निर्माण को नहीं तोडने एवं उसके पक्ष में रिपोर्ट देने की एवज में किंगपाल सिंह जाट अधिशासी अधिकारी द्वारा पांच लाख रूपए की रिश्वत राशि मांगकर परेशान किया जा रहा है।

शिकायत का सत्यापन किया जाकर आज ब्यूरो टीम द्वारा ट्रेप कार्यवाही करते हुए किंगपाल सिंह जाट निवासी गौरव पथ, नगर परिषद के पास, धौलपुर हाल अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका खेडली, जिला अलवर को परिवादी से पांच लाख रूपये की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में आरोपी के निवास, अन्य ठिकानों की तलाशी एवं पूछताछ जारी है। ब्यूरो द्वारा मामले में अचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।

चित्तौड़गढ़ : बलात्कारी को अरेस्ट करने गई पुलिस टीम पर प्राणघातक हमला

चित्तौड़गढ़। राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार थाना क्षेत्र में बलात्कार के वांछित आरोपी को पकड़ने गई पुलिस के दल पर आरोपी एवं उसके परिजनों ने धारदार हथियारों के साथ हमला कर तीन जवानों को गंभीर रूप से घायल कर दिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गंगरार निवासी इमरान खान पिछले छह माह से बलात्कार के एक मामले में वांछित चल रहा था जिसे पकड़ने के लिए आज सुबह गए पुलिस दल ने उसे उसके घर से पकड़ लिया और बाहर लाने लगी तो घर की महिलाओं एवं अन्य ने उसे छुड़ा लिया और पुलिस पर चाकू एवं डंडों से हमला कर दिया।

हमले में भीमराज नामक सिपाही के तीन चाकू लगे वहीं दो अन्य को भी गंभीर चोटें लग गई। थाने पर हमले की सूचना मिलने पर थानाधिकारी शिवलाल मीणा स्वयं मय जाप्ता पहुंचे और घायल सिपाहियों को अस्पताल पहुंचाया वहीं मौके से हमला करने वाले आरोपी एवं उसके परिजनों सहित चार को गिरफ्तार कर लिया है। घायल सिपाहियों को चित्तौड़गढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

आर्थिक समृद्धि के लिए केरल में दो महिलाओं की चढ़ाई बलि

तिरुवल्ला। केरल के पठानमथिट्टा जिले के एलंथूर गांव में आर्थिक समृद्धि के लिए कथित रूप से दो महिलाओं की बलि चढ़ा दी गई। यह पहली बार है जब केरल में इस तरह के मानव बलि की सूचना मिली है।

पुलिस ने मंगलवार को बताया कि इस साल सितंबर और जून से कोच्चि के कलाड़ी और कदवंतरा कस्बे की दो महिलाएं लापता हो गई थीं, जिसके बाद उनके परिजनों की शिकायत के आधार पर तलाशी शुरू कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि इस दौरान पता चला कि दोनों महिलाओं की बलि चढ़ाकर दफना दिया गया।

accused couple – Bhagaval Singh and Laila

इस मामले से संबंधित एक दंपती वैद्य भगवल सिंह, लैला और एक एजेंट मुहम्मद शिहाब को हिरासत में लिया गया है, जो पेरुंबवूर के मूल निवासी हैं। पूछताछ के दौरान दंपती ने बताया कि आर्थिक समृद्धि पाने के लिए, करीब 50 साल की दो महिलाओं को एजेंट की मदद से तिरुवल्ला बुलाया, जहां दोनों का गला काटकर कथित रूप से हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों के शवों को दफना दिया गया। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब केरल में इस तरह के मानव बलि की सूचना मिली है।

डॉक्टर कपल ने चढ़वाई महिलाओं की बलि

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई राज़ सामने आए हैं। इन हत्याओं की योजना तिरुवल्ला के डॉक्टर और उनकी पत्नी के लिए की गई थी। एक महिला को सबसे पहले कलाड़ी से लिया गया। पेरुम्बवूर में एजेंट ने डॉक्टर और उनकी पत्नी को विश्वास दिलाया कि मानव बलि से समृद्धि और धन आएगा। एजेंट ने अगवा की महिलाओं का विश्वास जीता और फिर उन्हें तिरुवल्ला ले गया। कलाडी की मूल निवासी महिला को एक अन्य कारण से पथानामथिट्टा ले जाया गया। कहते हैं कि यहां पूजा की जाती थी और बलि दी जाती थी।

फर्जी फेसबुक के जरिये एजेंट ने किया था डॉक्टर से संपर्क

बताया गया है कि इसका मुख्य योजनाकार वह एजेंट है, जो पेरुंबवूर का रहने वाला है। उसने एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया और सबसे पहले तिरुवल्ला के डॉक्टर से मिला। उसने फेसबुक के माध्यम से डॉक्टर को आश्वस्त किया कि यदि वह बलि चढ़ाने से जीवन में बहुत लाभ मिलेगा। इसके बाद एक महिला को कलाडी से तिरुवल्ला ले जाया गया। इसके बाद महिला की गला रेत कर हत्या कर दी गई। वहीं, 27 सितंबर को पोन्नुरुन्नी की रहने वाली दूसरी महिला को कदवंतरा से तिरुवल्ला ले जाया गया। इस महिला के मोबाइल टावर लोकेशन के बाद पुलिस जांच करते हुए तिरुवल्ला पहुंची थी।

पिनाराई ने दो महिलाओं की बलि की निंदा की

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पठानमथिट्टा जिले के एलांथुर में दो महिलाओं की हत्या पर शोक प्रकट करते हुए मंगलवार को कहा कि इस घटना ने मानवीय अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस ने 26 सितंबर को कदवंतर पुलिस में दर्ज एक गुमशुदगी मामले की जांच के दौरान इस क्रूरता के रहस्यों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों ने कहा है कि हत्याएं अंधविश्वास के तहत की गई थीं।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने गहनता से जांच से कर गुमशुदगी के एक मामले से दोहरे हत्याकांड का पता लगाया है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रवृत्तियों के खिलाफ सामाजिक सतर्कता के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हर किसी को ऐसी कुरीतियों की पहचान करने के लिए आगे आना चाहिए और उन्हें लोगों के ध्यान में लाना चाहिए और उन्हें रोकना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस अपराध में शामिल सभी लोगों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाने के लिए गहन जांच की जा रही है। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन, केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन और राज्य भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने भी हत्या की निंदा की और सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया।

अलवर : दो साल पहले बेटी की हत्या करने का ईनामी आरोपी पिता अरेस्ट

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में दो साल पहले हुए ब्लाइन्ड मर्डर का पर्दाफॉश करते हुए पुलिस ने 5 हजार के ईनामी आरोपी पिता को गिरफ्तार किया है।

थाना प्रभारी राजेश कुमार मीना ने बताया कि 16 अगस्त 2020 को तेजपाल मीना निवासी कलसाडा थाना मालाखेडा ने थाने पर रिपोर्ट पेश की कि उसकी बहन के ऊपर किसी ने फायर कर दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गयी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों को पकडऩे के लिये एक पुलिस टीम का गठन किया।

पुलिस ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि लगभग 2 वर्ष पूर्व कलसाडा की हेमा मीना पर फॉयरिंग कर मर्डर का आरोपी बाबूलाल मीना लक्ष्मणगढ चौराया, मालाखेडा के आस पास छिपकर बैठा है और जयपुर जाने के फिराक में है।

इस सूचना पर थानाधिकारी मय कांस्टेबलों के मौके पर पहुंचे जहां एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने आरोपी का पीछा कर ईनामी आरोपी को दबोच लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी बाबूलाल ने अपनी पुत्री हेमा तथा अपने पुत्र तेजपाल का साला रवि निवासी भरतपुर के प्रेम प्रसंग के चलते समाज में अपनी बदनामी के डर से प्री प्लानिंग के तहत अवैध देशी कट्टे से हेमा की गोली मारकर हत्या की थी।

2020 पालघर लिंचिंग की CBI जांच कराने में आपत्ति नहीं : महाराष्ट्र सरकार

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि वर्ष 2020 में राज्य के पालघर में दो हिंदू साधुओं की ‘नृशंस हत्या’ मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने में उसे कोई आपत्ति नहीं है।

महाराष्ट्र सरकार ने वकील शशांक शेखर झा और अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर एक नया हलफन दाखिल करके अपना पक्ष रखा। जूना अखाड़ा के पंचदासनम के वकील घनश्याम उपाध्याय और महंत श्रद्धानंद सरस्वती के अलावा दोनों मृतक साधुओं के परिवार के सदस्यों ने वकील बालाजी श्रीनिवासन और आशुतोष लोहिया के माध्यम से भी मामले की सीबीआई जांच के लिए याचिका दायर की थी।

हलफनामे में महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि वह पालघर की घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए मामले को सीबीआई को सौंपने के लिए तैयार है। सीबीआई से जांच कराने में उसे कोई आपत्ति नहीं होगी।

उद्धव ठाकरे की नेतृत्व वाली राज्य की पूर्ववर्ती महाविकास अघाड़ी सरकार ने मृतकों के परिजनों और अन्य की मांगों के बावजूद मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपने से इनकार कर दिया था। सरकार ने पहले ही मामले को राज्य की सीबी-सीआईडी ​​को स्थानांतरित कर दिया था।

आरोप है कि 16 अप्रैल 2020 को एक भीड़ ने महाराष्ट्र के पालघर जिले के गडचिंचले गांव मेंं जूना अखाड़े के दो साधुओं- चिकने महाराज कल्पवृक्षगिरि (70) और सुशीलगिरि महाराज (35) को उनके 30 वर्षीय ड्राइवर समेत पीट-पीट हत्या कर दी थी। दोनों साधु गुजरात के सूरत जा रहे थे।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर भीड़ को रोकने की कोशिश नहीं की या साधुओं को बचाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया।

महाराष्ट्र पुलिस हालांकि, इस मामले में 126 आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसके अलावा पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है। शीर्ष अदालत ने छह अगस्त 2020 को महाराष्ट्र सरकार से कहा था कि वह पालघर की नृशंस हत्याओं के मामले से संबंधित दायर आरोप पत्र को रिकॉर्ड में लाए।

आरटीआई के तहत 17 साल में 4.2 करोड़ लोगों ने मांगी सूचना : ट्रांसपैरेंसी

नई दिल्ली। सूचना का अधिकार (आरटीआई) दिवस 2022 की पूर्व संध्या पर जारी एक रिपोर्ट के अनुसार 2005 से अब तक कुल 4.2 करोड़ लोगों ने सरकार की विभिन्न एजेंसियों से सूचनाएं प्राप्त करने के लिए आरटीआई अधिनियम का इस्तेमाल किया है। देश में सूचना का अधिकार दिवस 12 अक्टूबर को मनाया जाता है।

ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल इंडिया (टीआईआई) की इस छठी वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान देश के सूचना आयोगों के समक्ष अब तक करीब 26 लाख द्वितीय अपील एवं शिकायत दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय और राज्य स्तरीय सूचना आयोगों में कुल 165 पदों में दो मुख्य सूचना आयुक्त सहित 42 पद रिक्त हैं।

टीआईआई द्वारा मंगलवार को जारी इस रिपोर्ट के अनुसार राज्यवार सूचना के अधिकार के प्रयोग में सबसे ज्यादा सूचनाएं केंद्र सरकार और उसके संगठनों से मांगी गई हैं। इसके बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु एवं केरल का स्थान है।

रिपोर्ट के अनुसार आरटीआई के तहत केन्द्र के बाद जिन सरकारों से सबसे ज्यादा जानकारियां मांगी गईं उनमें पांच अग्रणी राज्यों में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, एवं राजस्थान हैं। संख्या के आधार पर सबसे कम प्रयोग करने वाले राज्यों में मणिपुर, सिक्किम, मिजोरम, मेघालय तथा अरूणाचल प्रदेश का स्थान है। उत्तर प्रदेश और बिहार के आँकड़े समय से प्रकाशित ना होने के कारण इन राज्यों के आंकड़े कम है।

टीआईआई ने कहा है कि अधिकतर राज्य सूचना आयोगों ने कई वर्ष से वार्षिक रिपोर्ट नहीं प्रकाशित की। रिपोर्ट के अनुसार केवल 10 राज्य के आयोगों ने वर्ष 2020 की वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित की, वार्षिक रिपोर्ट के मामलों में छत्तीसगढ़, गुजरात , राजस्थान अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम का प्रदर्शन सबसे बेहतर है।

इसमें कहा गया है कि आरटीआई के क्रियान्वयन एवं निष्पादन के आधार पर टीआईआई द्वारा किये गये विश्लेषण में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के दौरान अधिकांश राज्य सूचना आयोग ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट के प्रकाशन की समय सीमा का पालन नहीं किया। केन्द्रीय सूचना आयोग सहित कुछ राज्यों ने ही साल 2020-21 एवं 2019 -20 तक अपनी वार्षिक रिपोर्ट को प्रकाशित किया था।

रिपोर्ट के अनुसार केंद्र एवं 10 राज्यों में ऑनलाइन आरटीआई अपील/आवेदन फाइलिंग पोर्टल चालू किए हैं जिनमें से आधे ही काम कर रहे हैं। टीआईआई की रिपोर्ट का कहना है कि सूचना का अधिकार अधिनियम आने के 17 वर्ष बाद भी व्याप्त गोपनीयता की कार्यसंस्कृति के कारण अधिकारियों की सोच में परिवर्तन की रफ़्तार धीमी है।

रिपोर्ट के अनुसार कानून के तहत सूचना का अधिकार मिलने के 17 वर्षों (2005-2022 ) में उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर देश के 4.2 करोड़ से अधिक ने इस अधिकार का इस्तेमाल किया है और 26 लाख से अधिक द्वितीय अपील एवं शिकायत सूचना आयोग में भेजी गई।

आरटीआई अधिनियम धारा 19(3) एवं धारा 18 के तहत इस दौरान कुल दर्ज कराई गई द्वितीय अपील एवं शिकायतों की संख्या करीब 26.25 लाख है। इनमें संख्या के आधार पर क्रमश: तमिलनाडु, महाराष्ट्र, केन्द्रीय सूचना आयोग सबसे ऊपर हैं।

टीआईआई के कार्यकारी निदेशक रमा नाथ झा ने कहा कि कानून लागू होने के 17 साल बाद भी देश में शक्तिशाली कुर्सियों पर बैठे लोगों की मानसिकता नहीं बदली हैं, वो सूचना देने की जगह टालमटोल करने में यकीन रखते हैं। आंकडों से पता चलता है कि 60 प्रतिशत से ज्यादा आरटीआई अर्जियां गांवों से लगाई जाती हैं न कि आरटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा।

झा ने बयान में कहा कि 17 वर्ष में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण आरटीआई की शक्ति कम हो गई है। लोक कल्याण एवं महत्वपूर्ण मामलों में सूचना अनुरोधों को बिना वज़ह खारिज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आरटीआई कार्यकर्ताओं और व्हिसलब्लोवर के खिलाफ हमलों और धमकियों के वज़ह से भी इस क़ानून की धार कमजोर हुई है।