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नक्की नौकायन को लेकर साढे पांच करोड़ की निविदा हुई प्राप्त

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माउंट आबू। राजस्थान में पर्वतीय पर्यटन स्थल मांउट आबू में बहुचर्चित नगर पालिका की आय का प्रमुख स्त्रोत नक्की नौकायन का ठेका लंबी प्रक्रिया के बाद आज किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाने की वजह से पालिका मंडल की बैठक बुलाई गई थी।

बैठक में पालिका आयुक्त ने बोट हाउस ठेका निविदा प्रक्रिया में तीन फर्मों की ओर से भाग लिए जाने की बात कही। जिस पर एक फर्म को तकनीकी कारणों से पहले ही निविदा प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था।

बैठक में जानकारी दी गई कि नक्की झील में नौका संचालन के लिए समस्त करों एवं कानूनी दायित्व की निविदादाता की जिम्मेवारी तय करने के साथ ठेके का आधार मूल्य आठ करोड़ की आरक्षित राशि से निर्धारित की गई थी। लेकिन इस प्रक्रिया में सम्मिलित होने वाली दो फर्मों की ओर से निर्धारित निविदा से काफी कम की निविदाएं आई हैं। जिसमें अधिकतम पांच करोड़ 50 लाख रूपये की राशि की निविदा प्राप्त हुई है। जिसे देखते हुए आगे की कार्यवाही संपादित करने को पालिका बोर्ड की बैठक आहूत किए जाने की जानकारी दी।

बैठक में अलग अलग राय व्यक्त करने पर बताया गया कि निर्धारित बोली तक राशि नहीं आने की स्थिति में वर्तमान में 70-30 शेयरिंग बेस पर ही ठेका संचालित किया जाना चाहिए। जिस पर नेता प्रतिपक्ष सुनील आचार्य ने कहा कि शेयरिंग बेस पर ठेका नहीं चलाया जा सकता। इससे नगरपालिका को भारी आर्थिक हानि हो रही है।

नक्की झील नौकाविहार संचालन ठेका पद्यति की प्रक्रिया संपादित करने के लिए कलक्टर के निर्देश पर पालिका आयुक्त शिवपाल सिंह की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है।

चेन्नई एयरपोर्ट पर 79.44 लाख मूल्य का 1,808 ग्राम सोना जब्त

चेन्नई। तमिलनाडु के चेन्नई सीमा शुल्क के अधिकारियों ने मंगलवार को अन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मलेशिया के कुआलालंपुर से आई एक महिला यात्री के पास से 79.44 लाख रुपए मूल्य का 1,808 ग्राम सोना जब्त किया।

हवाई अड्डे के सूत्रों के अनुसार सीमा शुल्क अधिकारियों ने खुफिया जानकारी के आधार पर कुआलालंपुर से आई सरिमाला नागमुथु को रोका और उसके सामान की तलाशी ली।

उसके सामान की जांच के दौरान सोने की 24 प्लेटें बरामद हुई जो तीन इमरजेंसी लैंप में छिपाकर रखी गई थी और 24 कैरेट शुद्ध थी। कुल मिलाकर 79.44 लाख रुपए मूल्य का 1,808 ग्राम सोना बरामद किया गया, जिसे सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के अंतर्गत जब्त किया गया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

उदयपुर में ग्राम विकास अधिकारी 40000 रूपए की रिश्वत लेते अरेस्ट

उदयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उदयपुर जिले की झाडोल तहसील की गोराणा ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी भेरूलाल को 40 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

ब्यूरो के उपहानिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि परिवादी द्वारा ब्यूरो में शिकायत कि की उसकी पत्नी द्वारा ग्राम पंचायत गोराणा में आपूर्ति की गई निर्माण सामग्री के बिलों को ऑनलाईन दर्ज करवाने की एवज में ग्राम विकास अधिकारी भैरूलाल 60 हजार रूपए की रिश्वत की मांग की जा रही है।

ब्यूरो टीम द्वारा शिकायत का सत्यापन करवाने के बाद आज ट्रैप की कार्यवाही करते हुए आरोपी ग्राम विकास अधिकारी भैरूलाल मेघवाल को परिवादी से 40 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। आरोपी को कल न्यायालय में पेश किया जाएगा।

आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है भारत : भाजपा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने आज कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत और देश का नेतृत्व निर्णायक है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत विश्व की एक बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है।

भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता संस्थानों की मजबूती और निर्णायक नेतृत्व पर निर्भर करती है। भारत के वित्तीय संस्थानों खासकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक काफी मजबूत हैं और उनमें पूंजी की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके साथ ही हमारा नेतृत्व भी सशक्त और निर्णायक है। इसलिए कोविड-19 महामारी के दुष्प्रभावों और वैश्विक उथल पुथल के बावजूद भारत को घबराने की जरूरत नहीं है।

अग्रवाल ने कहा कि कोरोना महामारी की त्रासदी और वैश्विक परिस्थितियों के बाद पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को बुरे दौर से उबरने की कोशिश कर रही हैं वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश में एक ऐसा निर्णायक नेतृत्व है जिसने हर निर्णय में देश हित को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि भारत की जरूरत के कच्चे तेल की खरीद को लेकर पश्चिमी देशों के हितों के अनुरूप नीति बनाने का दबाव था लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिर्फ भारत के हित को प्राथमिकता दी। इसी प्रकार से दूसरे देशों से द्विपक्षीय कारोबार रुपए में करने को लेकर भी समझौता किया ताकि रुपए के अवमूल्यन का आयात पर दुष्प्रभाव को न्यूनतम रखा जा सके।

उन्होंने कहा कि भारत में सरकारी योजनाओं का भ्रष्टाचार मुक्त क्रियान्वयन और लाभार्थियों के बैंक खातों में भुगतान, जनकल्याणकारी योजनाओं में सब्सिडी, लीकेज प्रूफ कर संग्रहण में वृद्धि के साथ साथ नीतिगत सुधारों ने अर्थव्यवस्था की चहारदिवारी मजबूत कर दी है। डिजीटल भुगतान के मामले में भारत ने अमरीका को पीछे छोड़ दिया है और अब तक 678 करोड़ ट्रांसेक्शन के साथ 11.28 लाख करोड़ रुपए का लेन देन हुआ है। ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक नीति, गतिशक्ति योजना, एमएसएमई उद्यमों को चार लाख करोड़ रुपए के पैकेज, रेल, सड़क, जलमार्ग, बंदरगाहों एवं हवाई अड्डों के विकास से इसे और बल मिला है। उन्होंने कहा कि हाल में अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित विशेषज्ञों ने कहा है कि भारत के बैंकों की स्थिति अमरीका एवं यूरोप के बैंकों की तुलना में काफी मजबूत है।

उन्होंने मुद्रास्फीति के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि यह सच है कि महंगाई से गरीब सबसे अधिक प्रभावित होता है। सरकार ने गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाईं हैं जिनमें पीएम किसान सम्मान निधि शामिल है। कोविड महामारी के दौरान 90 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया गया। आयुष्मान भारत योजना में गरीबों को पांच लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा दी गई है।

अग्रवाल ने कहा कि देश में 1991 के पहले समाजवादी अर्थव्यवस्था थी और फिर संप्रग के शासनकाल छद्म पूंजीवाद चला। अब 2014 से आठ वर्षों में निर्णायक नेतृत्व के कारण एक के बाद एक आर्थिक सुधार हुए और कोविड की अभूतपूर्व महामारी के बावजूद हमारी अर्थव्यवस्था विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी रही है। उन्होंने कहा कि इसी निर्णायक नेतृत्व के कारण भारत आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है।

अनिल देशमुख की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, ईडी की याचिका की खारिज

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को जमानत देने के बम्बई हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय की याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर यह कहते हुए विचार करने से इनकार कर कि उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है।

पीठ ने हालांकि स्पष्ट किया कि चूंकि उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में सिर्फ इस तथ्य पर विचार किया कि देशमुख जमानत के हकदार हैं या नहीं। इस वजह से उच्च न्यायालय के आदेश का ईडी के मुकदमे या किसी अन्य कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

पीठ ने कहा कि हम स्पष्ट करते हैं कि वो मुकदमे या किसी अन्य कार्यवाही के गुण-दोष को प्रभावित नहीं करेंगे। देशमुख और उनके कई सहयोगियों पर 2019-21 के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच की जा रही है।

वकील डॉ जयश्री पाटिल की एक शिकायत की प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर सीबीआई ने देशमुख और अज्ञात अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीबीआई की इस प्राथमिकी के आधार पर बाद में ईडी ने देशमुख के खिलाफ पीएमएलए के मामला दर्ज किया। नवंबर 2021 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बम्बई उच्च न्यायालय ने करीब एक साल से जेल में बंद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता देशमुख को चार अक्टूबर को जमानत दी थी।

श्री महाकालेश्वर के दरबार में मोदी, करीब आधे घंटे किया पूजन

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में विश्व के एकमात्र दक्षिणमुखी स्वयंभू शिवलिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर के भव्य कॉरिडोर श्री महाकाल लोक के लोकार्पण करने आज यहां पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की।

मंदिर के चार पुजारियों ने करीब आधा घंटे तक मोदी को श्री महाकालेश्वर भगवान की विधिवत पूजा संपन्न करवाई। मंत्रोच्चार और पूजा के मध्य में मोदी ने मंदिर में साधना भी की। इस दौरान उनके हाथ में माला और भगवान शिव को अतिप्रिय माने जाते बिल्वपत्र भी थे। मोदी लगभग 10 मिनट शिवलिंग के पीछे बैठकर ध्यान की मुद्रा में साधना में लीन रहे। इसके बाद उन्हें विशेष रक्षासूत्र बांधा गया।

गर्भगृह से बाहर निकल कर मोदी ने महादेव के अतिप्रिय ‘नंदीश्वर भगवान’ के पास बैठकर ध्यान किया। उन्होंने नंदीश्वर भगवान के पास भी करीब पांच मिनट साधना की। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शाम के बाद जलाभिषेक नहीं किया जाता। ऐसे में प्रधानमंत्री ने परंपरा अनुसार सिर्फ विशेष पूजन किया।

इसके पहले मोदी विशेष विमान से इंदौर पहुंचे। इंदौर से वे उज्जैन आए। मंदिर परिसर में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उनके साथ उपस्थित रहे।

पंचतत्व में विलीन हुए मुलायम सिंह यादव, अखिलेश ने दी मुखाग्नि

इटावा।  उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव का अंतिम संस्कार मंगलवार को इटावा स्थित उनके पैतृक गांव सैंफई में किए जाने के साथ ही ‘नेताजी’ के उपनाम से लोकप्रिय यादव का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया।

पूरे विधि विधान से उनका अंतिम संस्कार किए जाने से पूर्व यादव के पुत्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस मौके पर मुलायम परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे। अखिलेश के अलावा उनके भतीजे धर्मेन्द्र यादव, आदित्य यादव एवं अक्षय यादव ने भी अर्थी को कंधा दिया। इस दौरान उपस्थित रहे परिवार के अन्य सदस्यों में पुत्रवधू डिंपल यादव, भाई रामगोपाल यादव, शिवपाल सिंह यादव एवं दूसरी पत्नी स्व साधना गुप्ता के पुत्र प्रतीक एवं पुत्रवधू अपर्णा यादव सहित अन्य परिजन शामिल हैं।

इससे पहले नेताजी को श्रृद्धांजलि अर्पित करने वालों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री एवं अन्य नेता शामिल हैं। इस दौरान अपनी प्रतिक्रिया में राजनाथ सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह यादव से हमारे बहुत अच्छे रिश्ते थे। मुलायम सिंह जी को धरती से जुड़ा हुआ नेता माना जाता था। उनके जाने से भारत की राजनीति को बहुत बड़ी क्षति हुई है।

सैंफई मेला ग्राउंड के पंडाल में आज दोपहर मुलायम सिंह का पार्थिव देह लाए जाने के बाद उन्हें श्रृद्धासुमन अर्पित करने वालों का तांता लग गया। इस दौरान राजनाथ, बिरला और पवार के अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक के अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, राज्यसभा सदस्य जया बच्चन, उनके अभिनेता पुत्र अभिषेक बच्चन और उद्योगपति अनिल अंबानी एवं सुब्रत राय सहारा के अलावा अन्य लोगों ने यादव को श्रृद्धा सुमन अर्पित किए।

इस दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव जी का निधन अत्यंत दुःखद है आज सैफई पहुंचकर अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त कर, पार्थिव शरीर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से पुण्यात्मा की शांति एवं सद्गति हेतु प्रार्थना की।

सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने यादव के पार्थिव शरीर को उनके आवास पर अंतिम श्रृद्धांजलि अर्पित की। इस बीच योग गुरु बाबा रामदेव, एनसीपी के नेता प्रफुल्ल पटेल, कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, भाजपा सांसद वरूण गांधी और आप के सांसद संजय सिंह ने भी नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

नेताजी के उपनाम से लोकप्रिय सपा संस्थापक मुलायम सिंह को चाहने वाले हर आम और खास, मंगलवार को सुबह से ही सैंफई के मेला ग्रांउड स्थित पंडाल में एकत्र हो गए थे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक दिन में 11 बजे उनके पार्थिव शरीर को गांव के मेला पंडाल में अंतिम दर्शनों के लिए ले जाया गया।

गौरतलब है कि 83 वर्षीय यादव का निधन सोमवार को सुबह लगभग सवा आठ बजे गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में हो गया था। वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके पार्थिव शरीर को कल ही पैतृक गांव सैंफई स्थित उनके आवास पर लाया गया। जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सरकार की ओर से नेताजी को श्रृद्धांजलि अर्पित की।

आज सुबह लगभग साढ़े दस बजे उनके पार्थिव शरीर को आवास से अंतिम यात्रा के लिए लाकर शव वाहन पर रखा गया। हजारों की संख्या में वाहन के साथ चल रहे उनके समर्थक अपने प्रिय नेताजी की याद में जयकार के नारे लगाते हुए शव यात्रा के साथ आगे बढ़ेे। पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिये मेला ग्राउंड के पंडाल में रखा गया। जहां विभिन्न दलों के नेताओं और केन्द्रीय मंत्रियों ने उनके अंतिम दर्शन किए।

80 साल के हुए बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन

मुंबई। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन आज 80 वर्ष के हो गए। 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद में जन्में अमिताभ बच्चन ने अपने करियर की शुरुआत कोलकत्ता में बतौर सुपरवाइजर की, जहां उन्हें 800 रुपए मासिक वेतन मिला करता था।

वर्ष 1968 में कलकत्ता की नौकरी छोड़ने के बाद अमिताभ मुंबई आ गए। बचपन से ही अमिताभ बच्चन का झुकाव अभिनय की ओर था और दिलीप कुमार से प्रभावित रहने के कारण वह उन्हीं की तरह अभिनेता बनना चाहते थे। वर्ष 1969 में अमिताभ बच्चन को पहली बार ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म सात हिंदुस्तानी मे काम करने का मौका मिला। लेकिन इस फिल्म के असफल होने के कारण वह दर्शकों के बीच कुछ खास पहचान नहीं बना पाए।

वर्ष 1971 में अमिताभ बच्चन को राजेश खन्ना के साथ फिल्म आनंद में काम करने का मौका मिला। राजेश खन्ना जैसे सुपरस्टार के रहते हुए भी अमिताभ बच्चन दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहे। इस फिल्म के लिए उन्हें सहायक अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार दिया गया।

वर्ष 1973 में प्रदर्शित निर्माता प्रकाश मेहरा की फिल्म ‘जंजीर’ अमिताभ बच्चन के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। फिल्म की सफलता के बाद बतौर अभिनेता अमिताभ बच्चन फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए। फिल्म जंजीर की सफलता के बाद अमिताभ बच्चन की गिनती अच्छे अभिनेता के रूप मे होने लगी और वह फिल्म उद्योग में एंग्री यंग मैन कहे जाने लगे। वर्ष 1973 में अमिताभ ने जया भादुड़ी से शादी कर ली।

वर्ष 1975 में यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म दीवार ने अमिताभ बच्चन की पिछली सभी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए और शोले की सफलता के बाद तो उनके सामने सारे कलाकार फीके पड़ने लगे और अमिताभ बच्च्चन फिल्म इंडस्ट्री में सुपर स्टार के सिंहासन पर जा बैठे।

वर्ष 1984 में अपने मित्र राजीव गांधी के आग्रह पर अमिताभ ने राजनीति में प्रवेश किया और इलाहाबाद से चुनाव लड़ा तथा सांसद के रूप मे चुन लिए गए। अमिताभ बच्चन को अधिक दिनों तक राजनीति रास नहीं आई और तीन वर्ष तक काम करने के बाद उन्होंने सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया। इसकी मुख्य वजह यह थी कि उनका नाम उस समय बोफोर्स घोटाले में खींचा जा रहा था।

सासंद के पद से इस्तीफा देने के बाद अमिताभ बच्चन पुन: फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हो गए ओर उन्होंने फिल्मों में अभिनय करना जारी रखा लेकिन 90 के दशक के आखिर में उनकी फिल्में असफल होने लगी जिसके बाद अमिताभ बच्चन ने 1997 तक अपने आप को अभिनय से अलग रखा।

वर्ष 1997 में अमिताभ बच्चन ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा और एबीसीएल बैनर का निर्माण किया। इसके साथ ही अपने बैनर की निर्मित पहली फिल्म मृत्युदाता के जरिये अमिताभ बच्चन ने एक बार फिर से अभिनय करना शुरू किया। इसके बाद वर्ष 2000 में ही टीवी प्रोग्राम कौन बनेगा करोड़पति में भी अमिताभ को काम करने का मौका मिला। कौन बनेगा करोड़पति की कामयाबी के बाद अमिताभ बच्चन एक बार फिर से दर्शकों के चहेते कलाकार बन गए।

अमिताभ बच्चन को उनके सिने करियर में मान-सम्मान खूब मिला। अमिताभ को आठ बार फिल्म फेयर पुरस्कार से नवाजा गया। अमिताभ बच्चन चार बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किये गए। अमिताभ को पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्मविभूषण और दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

अमिताभ बच्चन ने कई फिल्मों में गीत भी गाए हैं। उन्होंने सबसे पहले वर्ष 1979 मे प्रदर्शित फिल्म मिस्टर नटवर लाल में मेरे पास आओ मेरे दोस्तों गीत गाया था। अमिताभ की इस वर्ष ब्रहास्त्र, झुंड, गुडबाय और रनवे 34 जैसी फिल्में प्रदर्शित हुई है। अमिताभ की आने वाली फिल्मों में उंचाई प्रमुख है। अमिताभ इन दिनों टीवी पर केबीसी को होस्ट कर रहे हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे भारत स्काउट एवं गाईड अजमेर मंडल की 11वीं जिला रैली का आयोजन

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अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे भारत स्काउट एवं गाईड अजमेर मंडल की 11 वीं जिला रैली का आयोजन दिनांक 9 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक जिला मुख्यालय (स्काउट डेन) अजमेर आयोजन किया जा रहा है।

कैप्टन शशि किरण मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी उत्तर पश्चिम रेलवे व स्टेट कॉमिश्नर(स्काउट) के अनुसार इस तीन दिवसीय जिला रैली का शुभारम्भ दिनांक 9 अक्टूबर को मंडल रेल प्रबंधक अजमेर नवीन कुमार परसुरामका ने किया था।

सोमवार को इस आयोजन के अंतर्गत महाराष्ट्र मंडल के सम्मुख स्थित ऑफिसर्स क्लब में ग्रेट कैम्प फायर और वेलडिक्ट्री कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा रजनी परसुरामका के मुख्य आतिथ्य किया गया। जिसमें बलदेव राम अपर मंडल रेल प्रबंधक (ओपी) व डिस्ट्रिक्ट चीफ कॉमिश्नर, अपर मंडल रेल प्रबंधक इंफ़्रा संजीव कुमार तथा विजय सिंह वरिष्ठ मण्डल परिचालन प्रबंधक व डिस्ट्रिक्ट कॉमिश्नर(स्काउट) सहित अजमेर मंडल के अन्य अधिकारी गण भी उपस्थित रहे।

इस रैली में लोक नृत्य, लोक गान, फैन्सी ड्रेस, स्कील ओरामा, प्रर्दशनी, ड्रांइग प्रश्नोत्तरी इत्यादि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रैली में अजमेर, खामली घाट तथा उदयपुर यूनिटो से कुल मिलाकर 77 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

सांप्रदायिक उन्माद की घटनाओं में गहलोत सरकार का अप्रत्यक्ष प्रश्रय : शेखावत

जयपुर। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सोमवार को राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में जिस प्रकार साम्प्रदायिक उन्माद फैल रहा है और उन्मादियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, इससे स्पष्ट है कि गहलोत सरकार ऐसे लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रश्रय दे रही है। राज्य में रोजाना कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो रही है। महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं और सरकार ‘किस्सा कुर्सी का’ खेल रही है। राज्य की जनता सब देख रही है और वह चुनाव में इसका बदला कांग्रेस से अवश्य लेगी।

मीडिया से रू-ब-रू होते हुए केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में ‘सर तन से जुदा’ जैसे नारे लग रहे हैं। इन्हें कौन प्रश्रय दे रहा है? जिस तरह से करौली, भीलवाड़ा, जोधपुर व उदयपुर की घटना हुईं और इन घटनाओं में जांच से लेकर मुआवजे तक जिस तरह से तुष्टीकरण हुआ, उसके चलते उन्माद फैलाने की मानसिकता वाले लोगों को प्रश्रय मिला है। अपने वोटबैंक को बचाने की खुदगर्जी से सत्ता पर बने रहने की लालसा से राजस्थान को ऐसे उमान्द में झौंकने वालों का हौसला बढ़ाया जा रहा है। जब ऐसे तत्वों के प्रति कार्रवाई में उदासीनता दिखाई जाती है तो सरकार का यह अप्रत्यक्ष प्रश्रय दिखाई देने लगता है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री जो यहां के गृह मंत्री भी हैं, उनके गृह जिले में ऐसे नारे लगाए जाएं और फिर कोई कार्रवाई होती हुई दिखाई नहीं दे तो जनता निश्चित रूप से डर के साये में जीने को मजबूर होगी। शेखावत ने कहा कि राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं। बालिकाओं के साथ दुष्कर्म हो रहे है। सोई हुई वृद्धा के पैर काटकर कड़े निकालने जैसी घटनाएं हो रही हैं। लेकिन, सरकार और पुलिस केवल अपराधों पर पर्दा डालने का काम कर रही है। घटनाओं के लिए रिश्तेदारों को दोषी ठहराना और बाद में बेशर्मी के साथ यह कहना कि हम ज्यादा केस रजिस्टर्ड करते हैं, इसलिए यह नंबर बढ़ रहा। यह सब समाज की आंखों में धूल झौंकने के समान है।

विफलता का ठीकरा दूसरों के सिर फोड़ रहे

ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं के दुरुपयोग के सवाल पर केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि मैं तो इस समय धन्यवाद देना चाहता हूं माननीय मुख्यमंत्री जी को, उन्होंने कम से कम इस समय जब राजस्थान में ‘किस्सा कुर्सी का’ चल रहा है, उसके लिए सेंट्रल एजेंसी और भाजपा को दोषी नहीं ठहराया, वरना अब तक तो यही परिपाटी उन्होंने बना रखी थी कि देश-प्रदेश मेें कहीं भी घटना हो, अपने फेल्योर का ठीकरा केन्द्र सरकार पर फोड़कर निकल जाओ।

भाजपा पर सरकार गिराने का आरोप को जनता समझ चुकी

शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भाजपा पर सरकार गिराने के षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते रहते हैं। उन्होंने इस आरोप को इतनी बार दोहराया कि अब यह ‘भेड़िया आया-भेड़िया आया’ जैसा लगने लगा है। वर्ष 2020 की उस घटना में यह कहा गया था कि भाजपा और केन्द्र सरकार ने बाउंसर्स के दम पर कांग्रेस विधायकों को रोक रखा है। उनके मोबाइल छीन रखें हैं। दूसरी ओर, अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को नाकारा-निकम्मा कहा जा रहा था। मैं आज दो साल बीत जाने के बाद मुख्यमंत्री से प्रश्न करना चाहता हूं कि वो जो 19 लोग गए थे, क्या उनमें से किसी ने भी बाहर आकर पुलिस या मीडिया के सामने यह कहा कि हमेें भाजपा ने उकसाया था। भाजपा का ऑपरेशन लोट्स था। शेखावत ने कहा कि आपने उनको मंत्री पद से नवाज दिया। फिर भी भाजपा नेतृत्व पर दोषारोपण कर रहे हैं, लेकिन लोग अब इस भेड़िया आया कथा को समझ गए हैं।

कांग्रेस में स्थानीय और राष्ट्रीय नेतृत्व में विचारों को गैप

मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों निवेश के लिए अडाणी के साथ जय शाह का नाम भी लिया था? के सवाल के जवाब में शेखावत ने कहा कि जब ये लोग किसी और राज्य में जाकर काम करें तो वे सत्ता द्वारा पोषित हो जाते हैं, लेकिन यही उद्यमी जब राजस्थान में निवेश करें तो उनके सामने रेड कॉरपेट बिछाया जाता है। जिन्हें आप रोज गाली दे रहे थे, उनके लिए आप यहां अभिनंदन के सत्र आयोजित कर रहे हो। यह दोहरी मानसिकता है। स्थानीय नेतृत्व और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच विचारों का गैप भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी योजनाओं के बूते रिपीट होने का दावा कर रही है, लेकिन ऐसी कौन-सी ऐसी योजना है, जिसे वो धरातल पर सही ठहरा सकते हैं। चिरंजीवी योजना को लेकर तो उनके विधायकों को ही विधानसभा में प्रश्न उठाने पड़े। केवल बजट अच्छा देने और उसकी आत्मप्रशंसा करने से कुछ नहीं होता।

कांग्रेस सरकार ईआरसीपी पर फैला रही भ्रम

ईआरसीपी के सवाल पर शेखावत ने खुलकर अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी पर गहलोत सरकार केवल भ्रम फैला रही है। बार-बार आग्रह के बावजूद भारत सरकार की जो मान्यताएं और परम्पराएं हैं, उसके अनुरूप काम ना करके केवल अपनी जिद के आधार पर इस परियोजना को उलझाने का षड्यंत्र मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कर रहे हैं। वे इन 13 जिलों की जनता को अपने राजनीतिक लाभ के लिए भ्रमित कर रहे हैं और कह रहे हैं कि इस परियोजना को अपने बूते पर पूरा करेंगे, जो ये कभी नहीं कर पाएंगे। शेखावत ने कहा कि मध्यप्रदेश इस पर निरंतर आपत्ति करता रहा है। जिस दिन मध्यप्रदेश कोर्ट में चला जाएगा, यह परियोजना रुक जाएगी। बाद में ‘मामला कोर्ट में है’ यह कहकर गहलोत अपना पल्ला झाड़ लेंगे। ईआरसीपी को लेकर इनका एकमात्र उद्देश्य यदि कोई है तो वह यह है कि इसका राजनीतिक लाभ कैसे प्राप्त किया जाए?

अपने गृह जिले की पेयजल परियोजनाएं ही पूरी नहीं कर पा रहे मुख्यमंत्री

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि गहलोत अपने गृह जिले जोधपुर की पेयजल परियोजनाएं ही पूरी नहीं कर पा रहे, जिसकी घोषणा उन्होंने वर्ष 2018 और बाद में वर्ष 2019 के बजट में की थी। वे ही धरातल पर नहीं उतर रहीं। ऐसे में राज्य की दूसरे क्षेत्र की जनता उनसे क्या अपेक्षा करेगी?

जल जीवन मिशन में बहुत पीछे है राजस्थान

शेखावत ने जल जीवन मिशन की अब तक की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि पूरे देश में आजादी से लेकर वर्ष 2019 तक जब यह मिशन शुरू हुआ था, तब तक देश में 3.23 करोड़ नल कनेक्शन थे, आज यह आंकड़ा बढ़कर 10.30 करोड़ को पारकर गया। 3.23 करोड़ घरों में नल पहुंचने में 72 साल लग गए, लेकिन तीन साल से भी कम समय हुआ है, अब तक सात करोड़ से ज्यादा कनेक्शन हम दे चुके हैं। गोवा, हरियाणा और तेलंगाना ने 100 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया। पंजाब, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और बिहार 95 से 99 प्रतिशत तक पहुंच गए। दुर्भाग्य से राजस्थान अभी 12 प्रतिशत से 26 प्रतिशत की उपलब्धि पर चल रहा है। 50 प्रतिशत कामों के टेंडर भी नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने राजस्थान को 27 हजार करोड़ रुपए की राशि जारी की है, उसमें से मात्र 4 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। भारत सरकार की सभी योजनाओं की स्थिति राजस्थान में कमोबेश इसी प्रकार की है। करप्शन भी है। राजस्थान में सबकुछ साफ और उजला नहीं है।