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स्टाफ का टॉयलेट इस्तेमाल करने पर टीचर ने बच्ची को बेरहमी से पीटा

रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर में पिछले सप्ताह एक सरकारी स्कूल में स्टाफ के शौचालय का इस्तेमाल करने पर 7 साल की मासूम बच्ची को बेरहमी से पीटेने और उसे पढ़ाई बीच में ही छोड़कर घर भेजने का कथित मामला सोमवार को उजागर हुआ।

बच्ची के पिता इंतजार अली ने पुलिस अधीक्षक से इस घटना की शिकायत करते हुए टीचर द्वारा उनके साथ भी मारपीट करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार यह मामला भोट थाना क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। स्कूल में बच्चों और स्टाफ के लिए अलग टॉयलेट बना है।

टॉयलेट गंदा होने के कारण बच्चे अक्सर घर जाकर ही टॉयलेट करते हैं। गत 27 सितंबर को 7 साल की छात्रा जब शौचालय गंदा होने की वजह से स्टाफ के टॉयलेट में जाने लगी तो टीचर मनीषा त्रिपाठी ने गुस्से से आगबबूला होकर छात्रा की जमकर पिटाई कर दी और उसे तुरंत दूसरी छात्राओं के साथ घर भेज दिया।

भोट थाना क्षेत्र के पजावा गांव निवासी इंतजार अली ने पुलिस अधीक्षक से टीचर की शिकायत करते हुए कहा कि छात्रा के कंधे व कमर पर चोट के निशान साफ देखे जा सकते हैं। इसे देखकर उन्होंने जब अपनी पत्नी के साथ स्कूल में जाकर मामले की शिकायत की तो आरोपी टीचर मनीषा, एक अन्य टीचर हरीश कुमार और पूर्व ग्राम प्रधान के भाई नबी हसन ने उनके साथ मारपीट कर उन्हें स्कूल से भगा दिया।

उन्होंने बताया कि पुलिस में भी इसकी शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। थानाध्यक्ष का कहना है कि यह मामूली विवाद था, जिसे पूर्व प्रधान के कहने पर सुलझा दिया गया। थानाध्यक्ष ने दलील दी कि बच्चे के मामूली चिकोटी काटने पर त्वचा पर नीला निशान पड़ गया होगा। उन्होंने कहा कि बच्चे के पिता ने भी समझौता करने की पहल की है। इसे गलत बताते हुए पीड़ित पिता ने अपनी शिकायत पुलिस अधीक्षक से करते हुए टीचर के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

उदयपुर : कन्हैयालाल हत्याकांड का मुख्य गवाह राजकुमार शर्मा को ब्रेन हेमरेज

उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड के मुख्य चश्मदीद गवाह राजकुमार शर्मा को ब्रेन हेमरेज होने के बाद यहां महाराणा भूपाल सार्वजनिक चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

उदयपुर दौरे पर आए जिले के प्रभारी मंत्री रामलाल जाट ने आज एमबी चिकित्सालय पहुंचकर कन्हैयालाल हत्याकांड के मुख्य गवाह राजकुमार शर्मा की तबीयत की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टर से बातचीत की और इलाज में कोई लापरवाही न बरतने के साथ ही जो भी संभव उपाय हों करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजकुमार के परिजनों से भी मुलाकात की।

इसी बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजकुमार की स्थिति खराब होने पर आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल लाखन पोसवाल और उदयपुर जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी ली।

उनकी स्थिति गंभीर होने पर मुख्यमंत्री ने जयपुर से एसएमएस अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ग्रीन कॉरिडोर तैयार करवाकर उदयपुर के एमबी अस्पताल के लिए भेजी है। यह भी निर्देश दिया है कि मरीज के इलाज में कोई कोताही न की जाए, जो भी संभव इलाज हो सके वह किया जाए।

गौरतलब है कि बहुचर्चित कन्हैया हत्याकांड के मामले में राजकुमार शर्मा मुख्य गवाह है। राजकुमार शर्मा को एक अक्टूबर को ब्रेन हेमरेज हुआ था जिसके बाद उनके परिवार के लोग एमबी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। फिलहाल राजकुमार शर्मा की हालत नाजुक बनी हुई है।

इटावा : लंका दहन से पहले रामलीला पंडाल में लगी भीषण आग

इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की भरथना तहसील में चल रही रामलीला के पंडाल में सोमवार को ‘लंका दहन’ का प्रहसन होने से पहले ही बिजली का शॉर्ट सर्किट होने से भीषण आग लग गयी।

आग इतनी भयानक थी कि पूरा मंच धू-धू कर जलने लगा। भीषण आग को देखते हुए मंच के पीछे बैठे कलाकार मंच छोड़ कर भाग गए। उधर, रामलीला देखने आए श्रद्धालुओं में भी भगदड़ मच गई।

पुलिस के अनुसार आग लगने की सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंची दमकल की टीम ने 20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

भरथना में जवाहर रोड स्थित मिडिल स्कूल के प्रांगण में चल रही ऐतिहासिक 124वीं रामलीला में बिजली के शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। देखते देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इससे पंडाल में अफरातफरी मच गई। इस बीच आग की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मश्क्कत के बाद आग पर काबू पाया।

दुर्गाष्टमी पर राजगढ़ धाम पर उमड़ा आस्था का सैलाब

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अजमेर।
श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ मनाए जा रहे विशाल छठ मेले के दौरान दुर्गाष्टमी पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड पडा। धाम पर श्रद्धालुओं का रैला देर रात तक अखण्ड ज्योति के दर्शन करने व चमत्कारी चिमटी पाने के लिए आता रहा।

धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया कि शारदीय नवरात्रा महोत्सव के लक्खी छठ मेले में बाबा भैरव का मुख्य मंदिर गत तीन वर्षों में बाबा के आदेशानुसार विशेष अवसरों पर ही श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ हेतु खोला गया।

छठ मेले में भजन संध्या में आए भारत के विश्वविख्यात भजनगायक लखबीर सिंह लक्खा और अजमेर के जाने माने भजनगायक विमल गर्ग ने भजन सुनाए तो श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। पुष्कर निवासी प्रसिद्ध नगाड़ा वादक नाथूलाल सोलंकी एण्ड पार्टी ने नगाडे की गूंज से सबकों मोहित कर दिया।

प्रदेश के कई जिलों से आए श्रद्धालुओं ने बाबा भैरव व मां कालिका के झण्डे चढाकर सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की परिक्रमा कर अखण्ड ज्योत के दर्शन किए। शारदीय नवरात्रा मेला महोत्सव के दौरान धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ चेरिटेबिल ट्रस्ट द्वारा की ओर से समस्त व्यवस्थाएं की गई हैं।

शारदीय नवरात्रा की दुर्गाष्टमी पर झुन्झनूं के अजय मोटासरा व सुभाष बुगालिया, अरमान मोबाईल अजमेर के जसवन्त राजानी ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर भैरव बाबा की प्रसादी की। इस दौरान बाबा भैरव व मां कालिका के ध्वज भी चढाए गए। आरके ऊंट-घोड़ी पार्टी झुन्झनूं की ओर से रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। ऊंट-घोड़ी के नृत्य को देख श्रद्धालु आश्चर्यचकित हो गए।

चम्पालाल महाराज ने धाम पर चल रहे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ महाअभियान में हजारों भक्तों को संबोधित करते हुए कन्या भ्रूण हत्या को रोकने का संदेश दिया देते हुए कहा कि बेटी भाग्य विधाता से अपना भाग्य स्वयं लिखाकर लाती है। बेटी लक्ष्मी का रूप होती है। बेटी को जो इंसान कोख में मारकर पाप करता है उसे भगवान कभी माफी नहीं करता है। उन्होंने कहा कि नशा नाश का कारण है, नशा अपराध की जड़ है। इसलिए नशे का त्याग करना चाहिए।

अष्टमी पर बाघसूरी के श्री देवरी माता मेले में उमड़े श्रद्धालु

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नसीराबाद/ बाघसूरी।
शारदीय नवरात्र महोत्सव के उपलक्ष्य में अष्टमी को नसीराबाद उपखंड क्षेत्र का सबसे विशाल मेला बाघसूरी गांव की पहाड़ी स्थित देवरी माता मंदिर की तलहटी पर धूमधाम से भरा। परंपरागत परिधान पहने महिला, पुरुष और बच्चों का सैलाब मेले की रौनक में चार चांद लगा रहा था। देवरी माता के जयकारों से समूचा मेला क्षेत्र गूंज उठा।

अष्टमी के कारण मंदिर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने देवरी माता के दर्शन कर खुशहाली की कामना की। देवरी माता के मेले में ग्राम नाहरपुरा, न्यारा, बनेवड़ा, झड़वासा, मोतीपुरा भवानीखेड़ा, बुबानिया, धोलादातां, नांदला सहित आसपास क्षेत्र के गांवों से श्रद्धालु झंडों के साथ उमड़े।

श्रद्धालुओं ने देवरी माता के दर्शन कर खीर, चूरमे व नारियल का भोग लगाकर खुशहाली की कामना की तथा डीजे की धुन पर नाचते गाते मंदिर पर झंडे चढ़ाएं। मेला कमेटी की ओर से मिठाई वितरित की गई। मेले मे सजी दुकानों पर मेलार्थियों ने जमकर खरीदारी की तथा झूले आदि का आनंद उठाया। खान पान की दुकानों पर ग्राहकों का तांता लगा रहा।

इस मौके पर मेले के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक एवं कांग्रेस प्रदेश सचिव महेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति की धरोहर हैं। इनसे सामाजिक समरसता बढती है। नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा ने मेले में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता को मुख्य आकर्षण बताते हुए कहा कि इसमें न केवल खिलाड़ी अपना दमखम दिखाते हैं बल्कि परस्पर सौहार्द व भाईचारा बढ़ता है।

इससे पहले विधायक लांबा व पीसीसी सचिव गुर्जर, सरपंच रेशमी देवी काठात, मेला कमेटी अध्यक्ष शंभू लाल पाराशर, पंचायत समिति सदस्य भूली गुर्जर, सरपंच मस्तान काठात आदि ने मेले का ध्वजारोहण कर विधिवत शुभारंभ किया। अतिथियों ने देवरी माता के दर्शन कर मत्था टेका। मेला कमेटी की ओर से मुख्य अतिथियों व जनप्रतिनिधियों का माल्यार्पण कर व साफा बांधकर अभिनंदन किया।

मेला कमेटी अध्यक्ष पाराशर ने बताया कि मेले का मुख्य आकर्षण कबड्डी प्रतियोगिता रहीं जिसमें जिले की कई बड़ी टीमों ने भाग लिया। जगदंबा मेला कमेटी की ओर से भामाशाहों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। भामाशाह शिवप्रसाद काबरा, नेमीचंद सोनी, रामलाल शर्मा, रामकिशन पांडर, लालसिंह रावत, त्रिलोक चंद सोनी, कल्याणमल सेन, पारसमल लुणावत, संदीप कुमार सोनी, कालूराम पाराशर, मानसिंह रावत, गिरधर शर्मा, मुकेश कुमार सोनी, अमोलक सोनी, तेजमल तेली, भारमल बारोडियां, मुकेश कुमार प्रजापति, प्रदीप कुमार गुप्ता, भंवर लाल, आजाद सिंह रावत, अभिलाषा राजोरा, रमेश अग्रवाल, बलवंत सिंह राठौड़, बालकिशन रावत, पिंटू सिंह रावत, गोरांग हल्दार, बाबूसिंह राठौड़ व अंजय कुमार गुप्ता आदि ने भविष्य में भी सहयोग का भरोसा दिलाया।

काम ना आया मिलर का शतक, रोमांचक मुकाबले में भारत की जीत

गुवाहाटी। भारत ने डेविड मिलर (106 नाबाद) के विस्फोटक शतक के बावजूद दक्षिण अफ्रीका को दूसरे टी20 मैच में रविवार को 16 रन से मात देकर तीन मैचों की शृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 20 ओवर में 238 रन का लक्ष्य दिया, जिसके जवाब में प्रोटियाज 221 रन ही बना सके।

दक्षिण अफ्रीका को इस विशाल लक्ष्य तक पहुंचाने का प्रयास करते हुए मिलर ने 47 गेंदों पर आठ चौकों और सात छक्कों की बदौलत 106 रन की नाबाद पारी खेली। क्विंटन डी कॉक ने उनका साथ देते हुए 48 गेंदों पर तीन चौकों और चार छक्कों के साथ नाबाद 69 रन बनाए। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 174 रन की साझेदारी की लेकिन प्रोटियाज को जीत तक नहीं पहुंचा सके।

इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका के सामने 237 रन का स्कोर खड़ा करने के लिए सूर्यकुमार यादव ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में लगातार तीसरा अर्द्धशतक जड़ते हुए 22 गेंदों पर 61 रन बनाए। लोकेश राहुल ने 28 गेंदों पर पांच चौकों और चार छक्कों के साथ 57 रन की पारी खेली, जबकि विराट कोहली 28 गेंदों पर सात चौकों और एक छक्के के साथ 49 रन बनाकर नाबाद रहे।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान रोहित शर्मा ने राहुल के साथ मिलकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 59 गेंदों में 96 रन की साझेदारी की। सलामी बल्लेबाज पहले दो ओवरों में समय लेने के बाद तीसरे ओवर से हमलावर हुए और भारत ने पावरप्ले में 57 रन जोड़े।

रोहित-राहुल की जोड़ी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा (15) अर्द्धशतकीय साझेदारियां की हैं। राहुल ने 28 गेंदों पर पांच चौकों और चार छक्कों की बदौलत 57 रन बनाये जबकि रोहित ने 37 गेंदों पर सात चौके और एक छक्का लगाते हुए 43 रन की पारी खेली। यह जोड़ी मैच को प्रोटियाज से दूर ले जा रही थी लेकिन केशव महाराज ने दोनों बल्लेबाजों को आउट किया।

दक्षिण अफ्रीका ने पहले दो लिए ही थे कि सूर्यकुमार और विराट की जोड़ी ने ताबड़तोड़ अंदाज में रन बनाना शुरू कर दिये। दोनों के बीच 42 गेंदों पर 102 रन की विस्फोटक साझेदारी हुई। सूर्यकुमार ने 22 गेंदों पर पांच चौकों और पांच छक्कों के साथ 61 रन की अविश्वसनीय पारी खेली और टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे कम गेंदों (573) पर 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बने। कोहली ने 28 गेंदों पर सात चौके और एक छक्का लगाकर नाबाद 49 रन बनाए और वह टी20 क्रिकेट में 11,000 रनों तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने।

सूर्यकुमार 19वें ओवर की पहली गेंद पर रनआउट हो गए, जिसके बाद क्रीज़ पर आए दिनेश कार्तिक ने एक चौके और दो छक्कों के साथ नाबाद 17(7) रन बनाकर भारत को 20 ओवर में 237 रन तक पहुंचाया। यह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे बड़ा स्कोर है।

दक्षिण अफ्रीका लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरू से ही दबाव में रही। कप्तान टेम्बा बावुमा पहला ओवर मेडन खेलने के बाद दूसरे ओवर में शून्य रन पर पवेलियन लौट गए, जबकि राइली रूसो शृंखला में दूसरी बार शून्य रन पर आउट हुए।

दक्षिण अफ्रीका के दो विकेट सिर्फ एक रन पर गिरने के बाद एडेन मार्करम ने क्विंटन डी कॉक के साथ तीसरे विकेट के लिए 46 रन की साझेदारी की। मार्करम ने रनगति बढ़ाने के प्रयास में आउट होने से पहले 19 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के के साथ 33 रन बनाए। प्रोटियाज ने पहले 10 ओवरों में केवल 70 रन बनाए थे और उसे 60 गेंदों पर 168 रन की आवश्यकता थी।

विकेट पर मौजूद डेविड मिलर और डीकॉक ने दक्षिण अफ्रीका की गाड़ी को पटरी पर लाते हुए अगले छह ओवर में 86 रन जोड़े। कप्तान रोहित ने रनों पर लगाम लगाने के लिए 17वां ओवर दीपक चाहर को सौंपा जिन्होंने छह गेंदों पर मात्र आठ रन दिए। दक्षिण अफ्रीका को आखिरी तीन ओवरों में 74 रन चाहिए थे मगर 19वें और 20वें ओवर में कुल 46 रन बटोरने के बावजूद भी वह 20 ओवर में 221/3 के स्कोर तक ही पहुंच सकी।

भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने चार ओवर में दो विकेट लिए लेकिन 15.50 की दर से 62 रन भी दिए। अक्षर पटेल ने चार ओवर में 53 रन देकर एक विकेट लिया। दीपक चाहर ने चार ओवर में एक मेडन के साथ 24 रन दिए, हालांकि उन्हें कोई विकेट हासिल नहीं हुआ।

सबगुरु राशिफल : 3 अक्टूबर सोमवार को आपके भाग्य में क्या होगा बदलाव

सबगुरु न्यूज। अश्विन मास, शुक्ल पक्ष, अष्टमी तिथि, नवरात्र अष्टमी पूजन, वार सोमवार, सम्वत 2079, शिशिर ऋतु, रवि दक्षिणायन, शाम 04.38 बजे बाद नवमी तिथि प्रारम्भ।

मेष :- आज आप काफी अच्छे मूड में रहेंगे। तरोताजा होने के लिए अच्छी तरह से आराम करें। आत्मसंयम रहें। पिता से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। भवन सुख में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। परीक्षा-प्रतियोगिता में सफलता मिलने की प्रबल संभावना है। कोई पुरानी बात याद आने से भी थोड़ी देर के लिए आपका मूड खराब हो सकता है। जीवनसाथी आपको धूम्रपान की लत से छुटकारा पाने के लिए प्रेरित करेगा। आज अकस्मात व्यय से परेशानी होगी। प्रेम सम्बंधो में मधुरता आएगी। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। आर्थिक लाभ की स्थिति अच्छी बनी हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में किया जा रहा प्रयास सार्थक होगा।

वृषभ :- कामकाज में अच्छा धनलाभ होगा। नया आर्थिक करार अंतिम रूप लेगा और धन आपकी तरफ आएगा। गुस्से पर नियंत्रण रखें। उन लोगों पर नजर रखें जो आपको गलत राह पर ले जा सकते हैं। प्यार-मोहब्बत के लिहाज से दिन थोड़ा मुश्किल रहेगा। पड़ोसियों का दखल शादीशुदा जिन्दगी में दिक्कत पैदा करने की कोशिश कर सकता है। अपने भविष्य की योजना बनाने के लिए अच्छा दिन है। मतभेदों की एक लम्बी श्रृंखला के पनपने के कारण आपको सामंजस्य बिठाने कें मुश्किल आएगी। किसी संत पुरुष के दर्शन सम्भव हैं। अपने स्वभाव को अस्थिर न होने दें।

मिथुन :- आज धन का अधिक से अधिक खर्च होगा। ऐसी जानकारियों को उजागर न करें जो व्यक्तिगत और गोपनीय हों। सम्भव है कि आपके जीवनसाथी की वजह से आपकी प्रतिष्ठा को थोड़ी ठेस पहुँचे। कुछ कामों में फालतू पैसा भी खर्च हो सकता है। आज आप न कोई बड़ा खर्चा करें, न ही ऐसा कोई वादा करें। किसी से किया गया कोई बड़ा वादा आपको परेशानी में भी डाल सकता है। आज लोग आपको विश्वास भरी निगाहों से देखेंगे। आपके निरंतर किए जा रहे कामों की प्रशंसा करेंगे। आज आपका सामाजिक रूप से मानहानि का प्रसंग उपस्थित न हो इसका ध्यान रखना होगा। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ अनुभव करेंगे।

कर्क :- आज किसी सात्विकता में वृद्धि होगी। फिर भी स्वास्थ्य संभालिएगा। अपने गुस्से पर काबू रखें। कार्यभार आज कुछ अधिक रहेगा। परिजनों से विवाद से बचें। नए दोस्त बनेंगे। असहाय लोगों की मदद करें, उन्नति होगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई में अवरोध आएगा। ऋण लेन-देन का लाभ होगा। रुके हुए धन की प्राप्ति होगी। सुख-ऐश्वर्य बढ़ेगा। शुभ व सामाजिक कार्यों में संग्लन होंगे। शुभ समाचार मिलेगा। निराशावादी रवैये से बचें क्योंकि न सिर्फ यह आपकी संभावनाओं को कम कर देगा, बल्कि शरीर के आंतरिक संतुलन को भी बिगाड़ देगा। किए गए कामों से सफलता मिल सकती है।

सिंह :- आज आप में गजब का आत्मविश्वास रहने के आसार हैं जो आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने में भी सहायक सिद्ध होगा। अपने प्रेमी या जीवनसाथी की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। समझदारी से काम लें और बातचीत कर मसले को सुलझाएं। वैवाहिक जीवन में आप कुछ निजता की जरूरत महसूस करेंगे। स्वजनों से निकटता बढ़ेगी। जीवनसाथी का साथ अधिक ऊर्जावान बना देगा। सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। स्वजनों से शुभ संदेश मिलेंगे। दोस्तों और भाइयों से भी मदद मिल सकती है। किसी खास काम के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।

कन्या :- आज मनोरंजन में समय बीतेगा। आज का दिन व्यक्तिगत मामलों में उत्साहपूर्ण और मंगलमय है। व्यावसायिक साझीदार सहयोग करेंगे और आप साथ मिलकर टलते आ रहे कामों को पूरा कर सकते हैं। भागीदारी मे लाभ होगा। शुभ काम की संभावना है। अध्ययन या किसी लटके हुए काम की सफलता में आ रही रुकावट दूर होगी। इस समय आपका आकर्षण धर्म की ओर रहेगा। समाज सेवा से आपको मानसिक शांति मिलेगी। भाग-दौड़ की जिन्दगी को आराम देने का यही सही समय है। संपत्ति को लेकर विवाद खड़े हो सकते हैं। संभव हो तो इसे ठण्डे दिमाग से सुलझाने की कोशिश करें। कानूनी दखल फायदेमंद रहेगा।

तुला :- आज आपके विरोधी भी दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे। आज किसी पड़ोसी का व्यवहार आपको आहत कर सकता है। आप उसकी बात को नजरअंदाज करने की कोशिश करें। समय के साथ व्यवहार बदल जाएगा। आज आप समय का सही सदुपयोग करें। तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। आज आप अपने बिजनेस में कुछ नया करने की योजना बना सकते हैं। अपने अतिरिक्त धन को सुरक्षित जगह पर रखिए। शत्रु चिन्ता का दमन, प्रबल से प्रबल विरोधियों के होने पर भी अन्त में सर्वत्र विजय विभूति सफलता की प्राप्ति होगी। किसी मित्र या रिश्तेदार से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभ होगा।

वृश्चिक :- आज आप मांगलिक आयोजनों की तैयारी में लगे रहेंगे।अचानक हुई रोमांटिक मुलाकात आपके लिए उलझन पैदा कर सकती है। अपने चारों ओर होने वाली गतिविधियों का ध्यान रखें, क्योंकि आपके काम का श्रेय कोई दूसरा ले सकता है। आज आपक मानसिक रूप से परेशान रह सकते है। आज आप अपने व्यवसाय में उच्च अधिकारी के साथ कार्य करते समय संभलकर रहें। आपकी मनोकामनाएं दुआओं के जरिए पूरी होंगी। आज का दिन काम को सुधारने में विशेष योगदान दे रहा है। किसी विशेषज्ञ की सलाह आपके लिए आगे चलकर उपयोगी सिद्ध होगी।

धनु :- आज शान्त और तनाव-रहित रहें। मित्रों के साथ आर्थिक विषय पर कार्य करेंगे। संतानों के लिए समय अनुकूल है। पिता से लाभ होगा और मित्रों से भरपूर सहयोग मिलेगा। परिवारजनों के साथ समय आनंदपूर्वक बीतेगा। जरूरत से ज्यादा वक्त व पैसा मनोरंजन पर खर्च न करें। वैवाहिक जीवन में शारीरिक सुख मिलेंगा। अचानक धन लाभ हो सकता है। आपके मन में कुछ बड़े विचार आ सकते है। अपने जीवनसाथी से किसी भी बारे में शिकायत न करें। नौकरी में अफसरों से मतभेद हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र का विस्तार तथा स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं।

मकर :- आप नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो आपको सफलता मिलने के अच्छे आसार हैं। परन्तु स्थिरता आने में थोड़ा समय और लगेगा। गप्पबाजी और अफवाहो से दूर रहें। आप आज ऊर्जा से भरपूर होंगे और कुछ असाधारण करेंगे। कम समय में काम को पूर्ण करेंगे। मेहनत अधिक होगी। वैवाहिक चर्चा से प्रसन्न रहेंगे। आज एक समय में एक ही काम करें पूरे फोकस के साथ, जल्द ही सफलता मिलेगी। सफर के लिए दिन ज्यादा अच्छा नहीं है। परिवार के किसी सदस्यों के साथ वैचारिक मतभेद उत्पन्न होंगे। आकस्मिक मुनाफे के जरिए आर्थिक हालात सुदृढ़ होंगे। आज के दिन आपकी योजनाओं में आखिरी पल में बदलाव हो सकते हैं।

कुंभ :- आज प्रतिस्पर्धियों पर आप विजय प्राप्त कर सकेंगे। व्यापार में परेशानी रहेगी अर्थात खर्च रहेगा। बाहरी लोगों के हस्तक्षेप के बावजूद आपको जीवनसाथी के द्वारा हर संभव तरीके से सामर्थ मिलेगा। व्यापार अच्छा लाभ देगा। नौकरी में अधिकारी खुश रहेंगे। कृषि ठीक-ठीक रहेगी व लाभ मिलेगा। भाई से सहयोग प्राप्त होगा। आज आप आसानी से पैसे इकट्ठा कर सकते हैं। परिवार से मनमुटाव की स्थिति रहेगी। आज आप मानसिक उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कार्यक्षेत्र दोस्तों की मदद से वित्तीय कठिनाईयाँ हल हो जाएंगी। व्यवसाय में वृद्धि होने के साथ अच्छा मुनाफा होगा।

मीन :- यदि आज आप अपने लिए कुछ खास करना चाहते हैं तो आज का दिन एकदम उचित है। आपके पराक्रम में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरुरत है। माता-पिता का सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य के लेकर कुछ चिंता हो सकती है। आमदनी के नए स्रोत मिलेंगे।निकटता आएगी। विद्यार्थियों के लिए आज का दिन मुश्किल भरा हो सकता है। परिश्रम से कार्यों में सफलता प्राप्त करेंगे। नौकरी व व्यावसायिक कार्य सफल होंगे। आज जीवनसाथी के बीच वाद-विवाद हो सकता है।

विधायकों ने मेरी ना मानी, यह नौबत क्यों आई, इस पर हो रिसर्च : अशोक गहलोत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में गत 25 सितंबर को नए मुख्यमंत्री को लेकर हुए घटनाक्रम पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि आखिर 102 विधायकों ने नए मुख्यमंत्री को लेकर ऐसा व्यवहार क्यों किया और यह नौबत क्यों आई, इस पर रिसर्च होना चाहिए।

गहलोत ने आज गांधी जयंती पर सचिवालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि के बाद मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने उनके मुख्यमंत्री बने रहने के सवाल पर कहा कि वे अपना काम कर रहे हैं, मैं मुख्यमंत्री रहूं या नहीं, इसका निर्णय पार्टी आलाकमान को करना है। कांग्रेस में एक लाइन के प्रस्ताव की परंपरा रही है। राजस्थान में इस परंपरा का पालन नहीं किया गया। इसका मुझे दुख है कि जिस विधायक दल के वह खुद नेता है और उसके विधायकों ने उनकी बात नहीं मानी। यह इस तरह पहली बार हुआ हैं, आखिर 102 विधायक नाराज क्यों हो गए। इस पर रिसर्च होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आखिर विधायकों को इस्तीफा देनें की नौबत क्यों आई। पार्टी पर्यवेक्षक आलाकमान का प्रतिनिधि होते है। पर्यवेक्षकों की बैठक का बहिष्कार कर दिया गया। यह नौबत क्यों आई। इस पर हमें विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि जब यह लगा कि मैं अध्यक्ष बन जाऊंगा तो नया मुख्यमंत्री आएगा। इससे 102 विधायक इस कदर भड़क गए कि उन्होंने किसी की नहीं मानी। उन्हें इतना क्या भय था, ऐसा क्यों हुआ, क्या कारण रहे, इस पर तो रिसर्च करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कहा कि 50 साल में पहली बार देखा गया कि हम एक लाइन का प्रस्ताव पारित नहीं करवा पाए जबकि वह हमारी ड्यूटी थी, लेकिन यहां पर यह स्थिति क्यों बनी, इस पर रिसर्च की जरूरत है। यह नौबत क्यों आई कि यहां के विधायक मेरी बात मानने को ही तैयार नहीं थे। विधानसभा अध्यक्ष के पास इस्तीफा देकर आ गए। शायद उन्हें डर था कि अब मैं दिल्ली जा रहा हूं तो वह हमें किसके भरोसे छोड़ कर जा रहे हैं। क्योंकि विधायक मुझे अभिभावक मानते हैं।

अशोक गहलोत ने कहा कि वह उन 102 विधायकों का साथ नहीं छोड़ने चाहते जिन्होंने संकट के समय सरकार बचाने में सहयोग दिया था। उन्होंने कहा कि अगर वह कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते तो यह 102 विधायकों के साथ नाइंसाफी होती।

कांग्रेस आलाकमान 102 विधायकों की भावना का सम्मान नहीं करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कई बार कुछ कारणों से ऐसे फैसले हो जाते हैं। जिन्हें मानना होता है। मुझे नहीं मालूम की किस स्थिति के अंदर यह फैसला हुआ, मैं उस पर जाना नहीं चाहता। मैं किसी को दोष नहीं देता। जब एक बार फैसला हुआ है तो पर्यवेक्षक तो आएंगे। पर्यवेक्षक आलाकमान का प्रतिनिधि होता है। हम उसी ढंग से व्यवहार करते हैं।

पर्यवेक्षक को भी चाहिए के वे कांग्रेस अध्यक्ष के बिहाफ पर आए है। कांग्रेस अध्यक्ष की जो सोच है, पर्सनेलिटी, विचार है जो ओहदा है वैसे ही काम यहां आकर पर्यवेक्षक को करना चाहिए ताकि कांग्रेस अध्यक्ष का सम्मान बना रहे। राजस्थान का मामला तो अलग तरह का हो गया। यह तो इतिहास में लिखा जाएगा कि यह क्यों हुआ।

उन्होंने कहा कि हमेशा जब मुख्यमंत्री जाने लगता है या बदलने वाला होता है तो उस समय 80 प्रतिशत विधायक मुख्यमंत्री का साथ छोड़ देते हैं। नया आ रहा है। उसको पकड़ों। हमें मंत्री बनना है। हमें काम पड़ेंगे उनसे। ये कायदा होता है। मैं इसे बुरा नहीं मानता। क्या कारण था कि नया मुख्यमंत्री के नाम से ही 102 लोग भड़क गए। इस तरह आजतक कभी नहीं हुआ। इन विधायकों को क्या भय था, क्या फीलिंग थी मन के अंदर।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि कैसे उनकों मालूम पड़ा। कैसे अंदाज कर लिया। मैं नहीं कर पाया। वो कर पाए। विधायकों के भड़कने की नौबत क्यों आई। हमारे नेताओं को और सभी पक्षों को सोचना चाहिए। विधायकों में आक्रोश पैदा क्यूं हुआ है। हम में कुछ कमियां है तो इसे दूर करने के प्रयास करने चाहिए। राजस्थान में चुनाव जीतना हमारे लिए बहुत आवश्यक है। राजस्थान जीतेंगे तो आगे चुनाव जीतने की संभावना बढ़ेगी।

एक अन्य सवाल के जवाब में गहलोत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे डिजर्व करते हैं। दलित नेता है। 50 साल राजनीति करने का अनुभव है। कई बार बार चुनाव जीते हैं। संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है। पार्टी को इसका लाभ मिलेगा।

मुलायम सिंह यादव मेदांता अस्पताल में भर्ती, हालत नाजुक

लखनऊ/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक- संरक्षक मुलायम सिंह यादव को अचानक स्वास्थ्य खराब होने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सूत्रों के अनुसार मुलायम सिंह यादव कि तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें दिल्ली के निकट गुड़गांव के एक निजी अस्पताल मेदांता में भर्ती कराया गया है।

बताया जा रहा है मूत्र संक्रमण के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के दौरान उनको ऑक्सीजन स्तर कम होने से आईसीयू में भेजना पड़ा है।

सूत्रों ने बताया कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश यादव तथा उनकी पत्नी डिंपल यादव अस्पताल पहुंच गई हैं। अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव का इलाज कर रहे डॉक्टरों से लंबी बातचीत की है।

बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और पुत्रवधू अपर्णा यादव पहले ही मेदांता अस्पताल में पहुंच गए थे। सूत्रों के अनुसार मुलायम सिंह यादव की हालत नाजुक बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए उनके परिजन और शुभचिंतक अस्पताल में पहुंच रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री ने की मुलायम सिंह के शीघ्र स्वास्थ होने की कामना

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के संरक्षक एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की तबीयत रविवार को अचानक बिगड़ने पर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की हैै।

मौर्य ने ट्वीट कर कहा कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव जी की सेहत खराब होने की मीडिया के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई, मैं भगवान से उनके शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना एवं प्रार्थना करता हूं।

गौरतलब है कि यादव की तबियत बिगड़ने पर आज शाम उन्हें हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पाठक ने ट्वीट कर कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव जी के अस्वस्थ होने की सूचना प्राप्त हुई, मैं प्रभु श्रीम जी से शीघ्र स्वास्थ्य लाभ व दीर्घायु जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।

नवरात्रोत्सव : विशिष्ट दिन तथा कैसा न हो और कैसा हो?

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सबगुरु न्यूज। नवरात्रि के नौ दिनों में घटस्थापना के उपरांत पंचमी, षष्ठी, अष्टमी एवं नवमी का विशेष महत्त्व है। पंचमी के दिन देवी के नौ रूपों में से एक श्री ललिता देवी अर्थात महात्रिपुरसुंदरी का व्रत होता है। शुक्ल अष्टमी एवं नवमी ये महातिथियां हैं। इन तिथियों पर चंडीहोम करते हैं। नवमी पर चंडीहोम के साथ बलि समर्पण करते हैं।

नवरात्रि की पंचमीपर ललितापूजन : पंचमी के दिन देवीपूजन करने से ब्रह्मांड में विद्यमान गंधतरंगें पूजास्थान की ओर आकृष्ट होती हैं। इन गंधतरंगों के कार्य के कारण पूजक के मनोमयकोष की शुद्धि होती है।

नवरात्रि की षष्ठी तिथि का महत्त्व : षष्ठी के दिन देवी का विशेष पूजन किया जाता है और देवी की आंचलभराई भी की जाती है। इस काल में भक्त रातभर जागरण करते हैं, जिसे उत्तर भारत में जगराता भी कहते हैं। देवी की स्तुति वाले भजन गाने के लिए विशेष लोगों को बुलाया जाता है। देवी का पूजन किया जाता है।

नवरात्रि में जागरण करने का शास्त्रीय आधार : जागरण करना, यह देवी की कार्यस्वरूप ऊर्जा के प्रकटीकरण से संबंधित है। नवरात्रि की कालावधि में रात्रि के समय श्री दुर्गादेवी का तत्त्व इस कार्यस्वरूप ऊर्जा के बल पर इच्छा, क्रिया एवं ज्ञान शक्ति के माध्यम से व्यक्ति को कार्य करने के लिए बल प्रदान करता है। जागरण करने से उपवास के कारण सात्त्विक बने देह द्वारा व्यक्ति वातावरण में कार्यरत श्री दुर्गादेवी का तत्त्व इच्छा, क्रिया एवं ज्ञान इन तीनों स्तरों पर सरलता से ग्रहण कर पाता है। परिणामस्वरूप उसके देह में विद्यमान कुंडलिनी के चक्रों की जागृति भी होती है। यह जागृति उसे साधना पथ पर अग्रसर होने में सहायक सिद्ध होती है। यही कारण है कि, शास्त्रों ने नवरात्रि की कालावधि में उपवास एवं जागरण करने का महत्त्व बताया है।

नवरात्रि की सप्तमी काे देवीमां के `कालरात्रि’ रूप का पूजन : सप्तमी के दिन देवीमां के दैत्य-दानव, भूत-प्रेत इत्यादि का नाश करने वाले `कालरात्रि’ नामक रूप का पूजन करते हैं।

दुर्गाष्टमी (महाष्टमी) : दुर्गाष्टमी के दिन देवी के अनेक अनुष्ठान करने का महत्त्व है। इसलिए इसे `महाष्टमी’ भी कहते हैं। अष्टमी एवं नवमी की तिथियों के संधिकाल में अर्थात अष्टमी तिथि पूर्ण होकर नवमी तिथि के आरंभ होने के बीच के काल में देवी शक्ति धारण करती हैं। इसीलिए इस समय श्री दुर्गाजी के ‘चामुंडा’ रूप का विशेष पूजन करते हैं, जिसे `संधिपूजन’ कहते हैं।

सार्वजनिक नवरात्रोत्सव : कैसा न हो और कैसा हो?

शास्त्र के अनुसार जो कुछ भी हो, वही आदर्श तथा लाभदायक सिद्ध होता है। यदि दुर्गादेवी की मूर्ति मूर्तिविज्ञान के अनुसार बनी हो तो उसकी पूजा करने वालों को उसका लाभ मिलता है। दुर्भाग्य से आजकल लोगों की रूचि के अनुरूप, मूर्तिविज्ञान का आधार लिए बिना विभिन्न रूपों तथा आकारोंवाली मूर्ति की पूजा की जाती है। इससे दुर्गादेवी का अपमान होता है। हिंदुओं के त्यौहार केवल सामाजिक उत्सव नहीं अपितु तीव्र गति से आध्यात्मिक उन्नति करने हेतु हैं। इसलिए हमें इस त्यौहार में आने वाली बुराइयों को रोकने का प्रयास करना चाहिए।

वर्तमान में मनाए जाने वाले नवरात्रोत्सव का विकृत स्वरूप : हमने अधिकांश त्यौहार एवं उत्सवों की पवित्रता खो दी है। होली, नवरात्रोत्सव, दीपावली जैसे त्यौहारों पर लोग मद्य पीकर ऊधम मचाते हैं तथा धन का अपव्यय करते हैं। आज की पीढी भटक गई है।

उत्सवमंडप से संबंधित अनाचार : मंडप बनाने हेतु ज्वलनशील पदार्थों का प्रयोग, मूर्ति की सजावट, विद्युत जगमगाहट एवं संगीत कार्यक्रम पर अत्यधिक व्यय, मंडप में जुआ तथा मद्यपान।

अशास्त्रीय रूप की मूर्तियां : ‘प्लास्टर ऑफ पैरिस’ से बनी मूर्तियां, विचित्र रूप की मूर्तिया, विशालकाय मूर्तियां।

समाजविघातक विषयों का प्रसार : सिगरेट, गुटका आदि हानिकारक पदार्थों के उत्पादकों से (दान के स्वरूप में) निधि लेकर, ऐसे उत्पादों के विज्ञापनों के संदेशोंद्वारा समाज को व्यसनाधीन बनाने में सहायक होना।

समाजमन पर अनुचित संस्कार डालने वाले प्रसारण : चलचित्र के गीत, चलचित्र के संगीत पर / गीतों की ताल पर आधारित देवताओं की आरतियों की ध्वनिमुद्रिका (ऑडियो कैसेट) उच्च स्वर में लगाना, वाद्यवृंद, पॉप संगीत एवं नृत्य जैसे संस्कारहीन कार्यक्रमों का आयोजन।

चलचित्र के गीत, संगीत एवं बिजली की सजावट आदि के फलस्वरूप ध्वनि प्रदूषण : ऊंची आवाज में चलचित्र के गीत से ध्वनि प्रदूषण होना।

जुलूस में होने वाले अनुचित प्रकार : आवागमन-यंत्रणा में बाधक, कूर्मगति से चलने वाला जुलूस, अन्यों को बलपूर्वक गुलाल लगाना, मद्यपान, विचित्र अंगचलन कर नाचना, महिलाओं के साथ असभ्य वर्तन, बहरा कर देने वाले पटाखे।

उत्सव में क्या होना चाहिए ?: स्वच्छता, सात्त्विक सजावट, प्रत्येक जन मिलकर भाव भक्ति से पूजा की तैयारी करे, मिट्टी से बनी तथा प्राकृतिक रंगों से रंगी मूर्ति का उपयोग करें, पवित्रता बनाए रखने के लिए शुद्ध होने के उपरांत ही पूजा की तैयारी करना, आरती करना, विशिष्ट आरती भाव भक्ति से गाना तथा आरती के उपरांत प्रार्थना तथा नामजप करना, प्रसाद बनाते समय नामजप करते हुए बनाना, विसर्जन बहते जल में शास्त्रानुसार प्रवाहित करना।

उत्सव में क्या नहीं होना चाहिए? : महंगी प्रकाश व्यवस्था तथा साज-सज्जा तथा थर्माकोल की सजावट, मूर्ति प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी विशालकाय आकार में या विभिन्न वस्तुओं से बनी, लंबी आरती ऊंचे स्वर में गाना, प्रसाद बनाते समय बातें करते हुए बनाना, मूर्ति दान करना तथा विसर्जन करते समय ऊंचाई से जल में फेंक देना।आइए इस नवरात्रोत्सव को एकजुट होने तथा धर्मानुसार करने का प्रयत्न करें।

संदर्भ – ‘देवीपूजन से संबंधित कृत्यों का शास्त्र‘ एवं अन्य ग्रंथ