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महात्मा गांधी जयंती पर रेलवे अजमेर मंडल ने मनाया श्रमदान दिवस

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अजमेर। महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर रेलवे ने उनके स्वच्छता के प्रति संकल्प को पूर्ण करने के लिए 16 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाडा आयोजित कर जन जागरूकता अभियान चलाया।

स्वच्छता पखवाड़े के समापन अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक नवीन कुमार परसुरामका सहित रेल अधिकारियों व कर्मचारियों ने महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवस पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर परसुरामका ने सभी रेल अधिकारियों कर्मचारियों को इन महापुरुषों के आदर्शों के अनुरूप आचरण करने और स्वच्छता के प्रति सदैव सजग रहने का आह्वान किया।

इसी प्रकार मंडल के भीलवाड़ा, उदयपुर, मारवाड़ जंक्शन तथा आबूरोड सहित अन्य स्टेशनों व कार्यालयों में भी श्रमदान का आयोजन कर स्वच्छता के प्रति जागरूकता का प्रचार प्रसार किया गया। स्वच्छता पखवाडा के अंतिम दिन अजमेर स्टेशन पर संत निर॔कारी संस्था व स्टेशन स्टाफ ने सामूहिक श्रमदान किया। संत निर॔कारी संस्थान के सदस्यों बच्चों, माताओं, बहनों व बुजुर्ग सदस्यों ने अदभुत समर्पण के साथ श्रमदान किया।

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर प्रदीप कच्छावा सम्मानित

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अजमेर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अजमेर की ओर से समाज कल्याण सप्ताह के तहत शनिवार को अन्तरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस जय अम्बे वृद्ध आश्रम कोटडा के प्रागंण में मनाया गया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला क्लेक्टर कैलाश चन्द्र शर्मा, विभाग के उप निदेशक प्रफुल्ल चन्द्र चौबीसा, समाज कल्याण अधिकारी इन्द्रजीत चान्दोलिया उपस्थित थे। कार्यक्रम के अध्यक्ष विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामलाल जाट ने प्रदीप कुमार कच्छावा को माला व शाल ओढाकर कर सम्मानित किया।

कच्छावा को यह सम्मान बुजुर्गों, महिलाओं को अपने वाहन पर बैठाकर प्रत्येक माह पेंशन दिलवाना, उन्हें मेडिकल की दवाईयां, वैक्सीन की तीनों डोज लगवाना, चिंरजीवी योजना का लाभ दिलवाना, दिव्यांगों के रेलवे व रोडवेज विभाग के रियासत पास बनवाने, साधु-संतों को भोजन-साम्रगी मुहैया करवाना, बुजुर्ग विधवा महिलाओं के पेंशन के फार्म भरवाना व विभाग से लाभ दिलवाने का प्रयास करना। बुजुर्गों का फील गुड करवाना आदि सामाजिक कार्यो के लिए दिया गया।

महात्मा गांधी के देश में हिंसा का कोई स्थान नहीं : अशोक गहलोत

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जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महात्मा गांधी के विचार आज सारे विश्व के लिए प्रासंगिक बताते हुए कहा है कि गांधीजी के देश में हिंसा का कोई स्थान नहीं है।

गहलोत आज सवाई मानसिंह स्टेडियम में गांधी जयन्ती के अवसर पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा तथा गांधी सदभावना सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने विचारों और जीवनशैली से संसार को सत्य और अहिंसा का संदेश दिया। उनकी अहिंसावादी विचारधारा ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि आज सारा विश्व हिंसा व अशांति से जूझ रहा है। ऐसे समय में मात्र गांधीवादी सोच ही विश्व को शांति और अहिंसा की ओर अग्रसर कर सकती है। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरूआत दक्षिण अफ्रीका से की जहां उन्होंने सरकार की रंगभेद की नीति को समाप्त करने के लिए सत्याग्रह किया।

गांधी जी के द्वारा लिखी गई उनकी आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ सत्य और अहिंसा के दर्शन पर आधारित एक अद्वितीय रचना है। आज की युवा पीढ़ी को इसे जरूर पढ़ना चाहिए। इसके अध्ययन से युवा पीढ़ी में गांधीवादी सोच विकसित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि गांधी जी के द्वारा देश में सुदृढ़ की गई अहिंसावादी विचारधारा के कारण आज भारत का पूरे विश्व में सम्मान है।

गांधी जयन्ती के अवसर पर गहलोत ने गांधी जी की विचारधारा पर चलते हुए समाज की उत्कृष्ट सेवा करने वाले पांच गांधीवादी विचारकों को गांधी सद्भावना सम्मान से सम्मानित किया। इनमें प्रसिद्ध गांधीवादी विचारक डॉ. एसएन सुब्बाराव (मरणोपरान्त), नेमीचंद जैन (मरणोपरान्त), अमरनाथ भाई, गांधी पीस फाउण्डेशन के अध्यक्ष कुमार प्रशांत तथा भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के फाउंडर और चीफ पेट्रन डीआर मेहता शामिल थे।

इन्हें मुख्यमंत्री द्वारा पांच लाख रूपए की सम्मान राशि, मोमेन्टो, प्रशस्ति पत्र देकर व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले गांधीवादी विचारकों को प्रतिवर्ष गांधी सदभावना सम्मान दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के इंटीग्रेटेड पोर्टल का लोकार्पण भी किया।

कार्यक्रम में प्रदेशभर से लोगों ने एक साथ मिलकर सर्वधर्म प्रार्थना करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसके लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस, लंदन के प्रतिनिधि प्रथम भल्ला द्वारा मुख्यमंत्री को प्रोविजनल सर्टीफिकेट दिया गया। विभिन्न विद्यालयों से आए बच्चों ने हाथों में तिरंगा लहराते हुए वैष्णव जन तो तेने कहिये, दे दी हमे आजादी व धर्म वो एक ही सच्चा के गायन को सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के विचारों को प्रसारित करने के लिए पहली बार अधिकारिक तौर पर एक अलग विभाग का निर्माण किया गया है। राजस्थान ऐसा करने वाला एकमात्र राज्य है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के सिद्धांतों और आदर्शों पर चलते हुए हिंसामुक्त समाज की स्थापना के लिए शांति एवं अहिंसा विभाग की स्थापना की गई है। ये विभाग गांधी जी के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है, ताकि आमजन सभी प्रकार की हिंसा के उन्मूलन के लिए प्रेरित हों।

बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने दिया अपने पद से इस्तीफा

पटना। बिहार में अपने विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर कर चुके कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

सिंह ने अपना इस्तीफा उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को भेज दिया है। हालांकि, मंत्री का त्यागपत्र अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश अध्यक्ष और सिंह के पिता जगदानंद सिंह ने इसकी पुष्टि की है।

कृषि मंत्री के इस्तीफा पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि आज गांधी जयंती और शास्त्री जी की जयंती है। दोनों नेताओं ने हमेशा किसानों की चिंता की। किसान देश की जरूरत हैं। कृषि मंत्री हमेशा किसानों का सवाल उठाते रहते थे। किसानों के साथ राज्य में न्याय नहीं हो रहा। अपनी उपज को बेचने के लिए किसानों के पास आज कोई मंडी नहीं है। इस वजह से कृषि मंत्री बहुत आहत हैं।

गौरतलब है कि कृषि मंत्री सुधाकर सिंह अपने विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर काफी मुखर रहे हैं। उन्होंने पिछले दिनों कैमूर में सार्वजनिक तौर पर कहा था कि उनके विभाग के पदाधिकारी चोर हैं और वह चोरों के सरदार हैं। इसके बाद उन्होंने कृषि रोड मैप में भी गड़बड़ियों को लेकर आलोचना की थी।

सुजलॉन एनर्जी के संस्थापक तुलसी आर तांती का निधन

नई दिल्ली। देश में नवीनीकरण ऊर्जा के जनक कहे जाने वाले सुजलॉन एनर्जी के संस्थापक अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक तुलसी आर तांती का 64 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। तांती को कल कार्डियक अरेस्ट हुआ और उसी दिन उनका निधन हो गया। तांती अहमदाबाद से पुणे जा रहे थे तभी उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा है कि इस कठिन समय में कंपनी को अपने अत्यधिक अनुभवी निदेशक मंडल और वरिष्ठ प्रबंधन का समर्थन प्राप्त है जो तांती की विरासत को आगे ले जाने तथा कंपनी के लिए उनके दृष्टिकोण को साकार करने में सक्षम और प्रतिबद्ध हैं।

तांती का जन्म 1958 में गुजरात के राजकोट में हुआ था। उन्होंने 1995 में ऐसे समय में पवनचक्की बनाने वाली इस कंपनी की स्थापना की थी जब इस क्षेत्र में विदेशी कंपनियों का दबदबा था।

सुजलॉन के विकास के पीछे तांती प्रेरक शक्ति थे। उनके दृष्टिकोण और रणनीतिक कौशल ने सुजलॉन को बदल दिया तथा ऊर्जा क्षेत्र में एक ग्लोबल पावरहाउस बना दिया है। अक्षय ऊर्जा पर एक विश्व प्रसिद्ध विशेषज्ञ, तांती ऊर्जा के क्षेत्र में स्थायी व्यवसाय और एक स्थायी दुनिया बनाने में विश्वास करते थे।

सिरोही में 67 साल बाद हुआ वो हुआ जिसका इंतजार था

सिरोही। सिरोही के पूर्णविलय के 67 साल बाद सिरोही में गांधी जयंती के मौके पर महात्मा गांधी की आदमकद मूर्ति लग गई। गांधी उद्यान में मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा, सभापति महेंद्र मेवाड़ा की अध्यक्षता और कलेक्टर भंवरलाल व पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के आतिथ्य में प्रतिमा का अनावरण हुआ।

इस दौरान लोढ़ा ने कहा कि ये उनका सौभाग्य है कि उन्हें ये अवसर मिल रहा है कि वे महात्मा गांधी की मूर्ति का अनावरण कर सके। उन्होंने कहा कि भले सिरोही शहर में 40 से 46 हजार लोग हों लेकिन, यहां उपस्थित लोग जागृत आत्माएं हैं जो इस सुअवसर का साक्षी बनने के लिए यहां आई। उन्होंने वहां मौजूद बच्चों की तरफ मुखातिब होते हुए कहा कि वे महात्मा गांधी को पढ़ें, उनको पढ़ने से मानसिक और आत्मिक रूप से मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम अध्यक्ष सभापति महेंद्र मेवाड़ा ने कहा कि महात्मा गांधी गरीबों और महिलाओं की दयनीय स्थिति देखते हुए बैरिस्टरी छोड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में कूदे। वे चाहते तो बैरिस्टरी करके अपना एकाकी जीवन जी सकते थे।

कलेक्टर भंवरलाल ने कहा कि महात्मा गांधी की शहर में यह पहली मूर्ति है। उन्होंने कहा कि जिन आदर्शों पर महात्मा गांधी चले उनका अनुसरण करने के लिए खुद को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे कि अगर आप अपने चारों तरफ कोई परिवर्तन लाना चाहते हैं तो वो परिवर्तन पहले अपने आप में करें। नगर परिषद आयुक्त अनिल झिंगोंनिया ने बताया कि इस मूर्ति की ऊंचाई 6 फीट और अष्टधातु की है जिसका वजन करीब 350 किलोग्राम है।

इस दौरान बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रतन बाफना ने सिरोही मेडिकल कॉलेज में मेडिकल के विद्यार्थियों के लिए देहदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम के बाद सभी अतिथियों ने महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया।

‘मोर का नृत्य’ दिखाने के लिए एक्टिव टीम

कहावत है ‘जंगल में मोर नाचा किसने देखा’। अब इस कहावत को झुठलाने के लिए नेता हो या अधिकारी की खुद की अपनी पीआर टीमें सक्रिय कर ली है। ताकि वे ये दिखा सकें कि मोर ने नृत्य किया था।

कार्यक्रमों के आयोजनों के दौरान साहेब के जीवन के महत्वपूर्ण पल छूट नहीं जाए ये दिखाने के लिए नेताओं और अधिकारियों के ये पीआर मैन इतने ज्यादा एक्टिव रहते हैं कि धक्का मुक्की और फ्रेम बिगड़ने के कारण मीडिया को भी फोटो खींचने से परहेज करना पड़ जाता है। लेकिन, नेताओं और अधिकरियों के पीआर मैन से इतर एक डार्क जोन होता है जहां से मंच के साथ साथ उसके सामने पड़ी कुर्सियां भी फ्रेम में आ आ जाती हैं। तो जंगल में जिस मोर को नाचता हुआ नेताओं और अधिकारियों के सोशल मीडिया हेंडल नहीं दिखाना चाहते वो खाली कुर्सियॉँ ज्यादा चर्चा में आ जाते हैं।

वैसे महात्मा गांधी मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम में भी ऐसा दिखा। कार्यक्रम शुरू होने तक पीछे काफी कुर्सियां खाली रही। तभी मुख्य अतिथि को भी ‘जागृत आत्मा’ जैसे विशेषण का इस्तेमाल करना पड़ा गया। स्थिति ये थी कि नगर परिषद के कांग्रेस के 22 पार्षद भी हाथ हिलाते हुए बिना लोगों को लिए कार्यक्रम स्थल पर आते दिखे। जो लोग एकत्रित थे वो संयम लोढ़ा के नाम पर एकत्रित हुए, नगर परिषद के निर्वाचित पार्षदों का योगदान तो नगण्य था।

मूर्ति सिरोही की, चर्चा माउंट आबू की

माउंट आबू के उपखण्ड अधिकारी और आयुक्त के द्वारा महात्मा गांधी की मूर्ति के अवलोकन के दौरान हुए मोतियाबिंद की चर्चा इस मूर्ति के आवरण के पहले भी रही। अनावरण के पहले ही कई लोग ये बोलते हुए पर्दे के पीछे मूर्ति का चेहरा देखने को जाते थे कि कहीं इस मूर्ति का चेहरा भी तो माउंट आबू की कथित महात्मा गांधी की मूर्ति की तरह नहीं है। लेकिन, इसे देखकर उनके चेहरों पर उभरे संतुष्टि के भाव देखकर कहा जा सकता था कि मूर्तिकार के हुनर और सिरोही के अधिकारियों की आंखों के मोतियाबिंद मुक्त होने को लेकर उन्हें कोई शक नहीं हैं।

नाम नहीं होने पर रार

महात्मा गांधी की मूर्ति के अनावरण को लेकर भले ही हर्ष हो लेकिन, इस मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम के लिए छपे कार्ड और यहां लगे शिलापट्ट पर सभी पार्षदों के नाम नहीं होने को लेकर पार्षदों में नाखुशी दिखी। वैसे देखा जाए तो कार्ड पर निवेदक में नगर परिषद लिखा है। कानूनी रूप से परिषद में ही पार्षद समाहित होते हैं। अधिकारियों की ये दलील स्वाभाविक है। लेकिन, राजस्थान के कार्मिक विभाग के आदेशानुसार शिलापट्टों पर सम्बंधित संस्थानों के अधिकारियों का नाम लिखना भी अनुशासनहीनता माना गया है।

ऐसी नारेबाजी की हंस गए लोग

जिंदाबाद जिंदाबाद के नारे लगाने के आदि कार्यकर्ता कई बार हंसी के पात्र भी बन जाते हैं। महात्मा गांधी की मूर्ति अनावरण के दौरान भी ऐसा पल आया। सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने राजनीतिक कार्यकर्ताओं के विवेक पर पूरा भरोसा करते हुए बोला ‘महात्मा गांधी’ तो पीछे से राजनीति कार्यकर्ता बोल पड़े ‘जिंदाबाद’। ये सुनते ही कई लोगों के साथ खुद लोढ़ा भी हंस दिए। बाद में उन्होंने ‘महात्मा गांधी अमर रहें’ नारा बोला तो राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने शहीद महात्मा गांधी के लिए ‘जिंदाबाद’ की जगह ‘अमर रहे’ शब्द का इस्तेमाल किया।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार लोढ़ा क्यों बोले, ‘सरकार रही तो’?

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार लोढ़ा क्यों बोले, ‘सरकार रही तो’?

सिरोही। मुख्यमंत्री के सलाहकार सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में राजस्थान की कांग्रेस सरकार को लेकर सबसे बड़ी आशंका जताई है।

उन्होंने गांधी जयंती के अवसर पर सिरोही में महात्मा गांधी की प्रतिमा के अनावरण के दौरान कहा कि उन्होंने सिरोही बावड़ियों के जीर्णोद्धार के लिए भी प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है ‘यदि सरकार रही तो’ वो जनवरी में इसे भी पूर्ण करवा लेंगे। लोढ़ा की ये आशंका स्पष्ट कर रही है कि राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार पर खतरा मंडरा रहा है।

लोढा की आशंका के दोहरे अर्थ

संयम लोढ़ा का मंच से ये बयान दोहरे अर्थ को समाहित किया हुआ है। उनके इस वक्तव्य का एक कयास ये लगाया जा रहा है कि अशोक गहलोत अब ज्यादा दिन तक मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और कांग्रेस से ही दूसरा मुख्यमंत्री बनेगा। दूसरा कयास ये लगाया जा रहा है कि वो इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि जनवरी से पहले राजस्थान में कांग्रेस की सरकार भी ढह जाएगी। दोनों ही अर्थों में ये तो तय है कि राजस्थान में अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री काल के गिने चुने दिन बचे हैं।

बनेवड़ा गांव में सोलथंबी देवरी माता का विशाल मेला अष्टमी को भरेगा

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नसीराबाद। हर साल की तरह इस बार भी बनेवड़ा गांव में सोलथंबी देवरी माता का विशाल मेला 3 अक्टूबर (अष्टमी) को धूमधाम से भरेगा। मेले का मुख्य आकर्षण कबड्डी प्रतियोगिता रहेगी।

मेला कमेटी के अनुसार बनेवडा में श्री देवरी माता का बड़ा चमत्कारिक मंदिर है। यह मंदिर 400 वर्ष पुराना है। यहां आने वाले हर श्रद्धालू की मनोकामना पूर्ण होती है। मंदिर तालाब की पाल पर स्थित है।

कबड्डी के सारे मैच मेट पर ही होंगे। कबड्डी प्रतियोगिता में विजेता टीम को पुरस्कार के रूप में 11000 नगद राशि, द्वितीय विजेता को 7100 नगद राशि तथा मेले में सबसे चांडाल आने वाले को 2 किलो मिठाई दी जाएगी।

मेले में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक रामस्वरूप लांबा, विशेष अतिथि पूर्व विधायक रामनारायण गुर्जर, पूर्व विधायक और पीसीसी सचिव महेंद्र सिंह गुर्जर होंगे।

इंडोनेशिया में फुटबॉल मैच में भगदड़, 170 से ज्यादा लोगों की मौत

जकार्ता। इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत में एक फुटबॉल मैच के दौरान मची भगदड़ में कम से कम 174 लोगों की मौत हो गई। इंडोनेशिया के पूर्वी जावा के उप-राज्यपाल एमिल दर्डक ने रविवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कोम्पास टीवी ब्रॉडकास्टर को बताया कि अधिकारियों ने शनिवार को मलंग के कांजुरुहान स्टेडियम में हारने वाले पक्ष के समर्थकों पर आंसू गैस के गोले दागे। इसके परिणामस्वरूप भीड़ में भगदड़ मच गई और कुल 174 लोगों की मौत हो गई। करीब 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 11 की हालत गंभीर है।

स्टेडियम के अंदर ही 30 से अधिक मौतें हुईं, जहां लोगों को न केवल भगदड़ के दौरान, बल्कि आंसू गैस के इस्तेमाल के कारण घुटन से भी पीड़ित होना पड़ा। इंडोनेशियाई फुटबॉल संघ (पीएसएसआई) के महासचिव यूनुस नुसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) ने त्रासदी पर एक रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने त्रासद हादसे के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और पुलिस तथा पीएसएसआई को पूरी जांच करने का आदेश दिया। इंडोनेशियाई फुटबॉल लीग के खेल अगली सूचना तक स्थगित रहेंगे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार हारने वाली टीम के समर्थकों ने हार को स्वीकार नहीं किया और बड़ी संख्या में समर्थक फुटबॉल मैदान में घुस गए। इसके बाद पुलिस के साथ संघर्ष हो गया और भगदड़ मच गई।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टो के अनुसार दोनों टीमों के समर्थक स्टेडियम के अंदर आपस में झगड़ने लगे। पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े जिससे भीड़ में दहशत फैल गई और स्टेडियम से बाहर निकलने के लिए भगदड़ मच गई। इंडोनेशिया के युवा और खेल मंत्री ज़ैनुद्दीन अमली ने घटना के लिए माफी मांगी और कहा कि अधिकारी घटना की जांच करेंगे।

कानपुर : ट्रक-लाेडर की टक्कर में एक ही परिवार के 5 की मौत, 10 घायल

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीती रात हुए भीषण सड़क हादसे के बाद रविवार को सुबह दूसरा सड़क हादसा हो गया, जिसमें ट्रक और लोडर की जबरदस्त टक्कर में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई जबकि 10 अन्य घायल हो गए।

पुलिस ने बताया कि सुबह चकेरी थाना क्षेत्र के अहिरवा फ्लाई ओवर पर एक लोडर (छोटा हाथी) को तेज रफ़्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हताहत हुए लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से कानपुर के हैलट अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने 5 को मृत घोषित कर दिया।

मृतक एक ही परिवार के सदस्य बताए गए हैं। पुलिस ने मृतकों की पहचान कानपुर निवासी सुनील पासवान, उनकी मां रामा देवी (60 साल), बहन गुड़िया(40 साल), साली कसक (17 साल) और लोडर चालक सूरज (20 साल) के रुप में होने की पुष्टि की है। घायलों में मृतक सुनील पासवान का बेटा प्रिंस, बेटी त्रिशा, पत्नी रेनू, भांजा प्रथम, सास रानी, साला आकाश, मौसी रीता, रेखा, प्रिया और कुटपुट शामिल हैं। इनका उपचार हैलट अस्पताल में चल रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लोडर में सवार होकर स्थानीय ग्रामीण विंध्याचल मुंडन कराने जा रहे थे। गौरतलब है कि शनिवार को रात में कानपुर नगर में ट्रैक्टर ट्राली हादसे में 26 लोगों की मौत हुई थी। ये लोग भी मुंडन संस्कार के लिए फतेहपुर जिले में एक देवी मंदिर जा रहे थे।
राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुःख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को इस घटना के घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। इसके साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर राहत कार्य को युद्धस्तर पर कराने के निर्देश दिए हैं।

कानपुर : श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्राली तालाब में गिरी, 26 की माैत