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अजमेर जिले में 333 कार्मिकों का पदस्थान, कलक्टर ने जारी किए आदेश

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अजमेर। राजस्व मंडल की ओर से मंत्रालयिक कर्मचारियों के पदों का पुनर्गठन किए जाने के बाद अजमेर कलेक्ट्रेट में पहली बार एक साथ 333 कार्मिकों को पदस्थापन भी मिल गया है। दीगर बात यह है कि इनमें तीन प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं जिन्हें हाल ही में पदोन्नति मिली थी। पदस्थापन के बाद जिले के समस्त उपखंड अधिकारियों को अब रीडर मिल गए हैं।

केलक्टर अशंदीप की ओर से शनिवार को पहली बारी एक साथ 333 कार्मिकों के पदस्थान की सूची जारी की गई। करीब 10 साथ बाद कलेक्ट्रेट इतना बडा बदलाव हुआ है। इससे पहले कलक्टर महावीर सिंह के कार्यकाल के दौरान 110 कार्मिकों को एकसाथ पदस्थान मिला था।

इस बार संस्थापन शाखा के सतीश कुमरार सैनी समेत 25 अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारियों को भी पदस्थापन दिया गया है। इसके अलावा 57 सहायक प्रशासनिक अधिकारी, 86 वरिष्ठ सहायक और 162 कनिष्ठ सहायकों को भी पदस्थापित किया गया है।

मोदी के जन्मदिन पर भाजयुमो की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन

अजमेर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 72वें जन्मदिन पर भाजपा युवा मोर्चा की ओर से अजमेर एवं किशनगढ़ मे रक्तदान शिविरो का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन सांसद भागीरथ चौधरी ने किया।

भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष राहुल जयसवाल ने बताया कि स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जिसके लिए उन्हें पहले से ही प्रेरित कर लिया था। रक्तदान शिविर में 1100 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य पूरा किया गया।

उन्होंने कहा कि युवाओं का उत्साह मोदी जैसे कुशल, परिश्रमी तथा दक्षतापूर्ण कार्यशैली के प्रति कहा जा सकता है क्योंकि 72 वर्षीय लोकप्रिय प्रधानमंत्री ने युवाओं जैसा जोश व कार्य क्षमता है। मोदी ही देश को विश्व में आगे बढ़ाने में सक्षम है।

मोदी के जन्मदिन पर 50 दिव्यांगों को टीएलएम किटों का वितरण

राजस्थान महिला कल्याण मंडल तथा राष्ट्रीय बौद्धिक सशक्तिकरण संस्थान नोएडा के सहयोग से आज जिले के चाचियावास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 72वें जन्मोत्सव पर 50 दिव्यांगों को शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) किटों का वितरण किया गया।

अजमेर की पूर्व जिला प्रमुख व भाजपा की प्रदेश महामंत्री सरिता गैना ने मुख्य अतिथि की हैसियत से अपने उद्बोधन में कहा कि दिव्यांग बच्चों के साथ कार्य करना बहुत चुनौतीपूर्ण कार्य है। संस्था द्वारा बहुत बेहतरीन तरीके से दिव्यांगों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।

संस्था निदेशक राकेश कुमार कौशिक ने बताया कि टीएलएम किट बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षित करने के लिए सामाजिक न्याय एव अधिकारिकता मंत्रालय के उपक्रम राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्था सिकंदराबाद द्वारा विकसित किया गया है जिसके सहयोग से बौद्धिक दिव्यांगजन अपनी उम्र के अनुसार दैनिक दिनचर्या के कार्य, स्वयं की देखभाल, भाषा ज्ञान, संख्या ज्ञान, सामान्य जानकारी आदि बातें कर पाएंगे। संस्था दो हजार से दिव्यांगजनों के साथ कार्य कर रही है।

पुष्कर के जंगल में महिला का शव मिलने से फैली सनसनी

अजमेर। राजस्थान में अजमेर के तीर्थराज पुष्कर के पास जंगलों में एक अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई।

पुष्कर थाना प्रभारी डॉ रवीश सांवरिया ने बताया कि देवनगर गांव के नजदीक नए बाईपास के पास एक महिला का शव पड़ा मिला जो कि ग्रामीण परिवेश की तीस वर्षीय प्रतीत होती है। उसके हाथ पर टैटू बना है तथा अंग्रेजी में एस के एवं प्यार को प्रदर्शित करते चिन्ह बने हैं। शव करीब बारह घंटे पुराना लग रहा है।

घटनास्थल पर एफएसएल टीम के जरिए भी जांच कराई गई है तथा इस अज्ञात महिला के शव को पुष्कर के राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। थाना प्रभारी ने महिला की शिनाख्ती के प्रयास तेज किए हैं।

बदायूं में दलित किशोरी की हत्या, परिजनों ने लगाया रेप कर हत्या का आरोप

बदायूं। उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं में शनिवार को एक नाबालिग दलित किशोरी की हत्या का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया। मामले में परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मामला फैजगंज बहेटा थाना इलाके के एक गांव का है जहां रेलवे स्टेशन के पीछे एक पंद्रह वर्षीय दलित किशोरी का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बिना परिजनों को सूचना दिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि किशोरी की रेप के बाद हत्या की गई है।

मृतका की मां फूलवती ने बताया कि उनकी बेटी के साथ गलत काम किया गया है और इस साजिश में पुलिस चौकी का स्टाफ व बैंक के बाहर ड्यूटी करने वाले गार्ड सभी शामिल हैं। किशोरी के कपड़ो को देखने के बाद ऐसा लग रहा है उसके साथ रेप किया गया है। पुलिस बिना सूचना दिए शव उठा लाई और शिनाख्त करने को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।

परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने जब उन्हें सूचना दी तब तक एसएसपी भी मौके पर पहुंच चुके थे किंतु जब तक परिजन वहां पहुंचे पुलिस ने शव को वहां से हटवा दिया और बदायूं जाकर शिनाख्त करने को कहा जिससे परिजनों में पुलिस के प्रति भारी रोष व्याप्त है।

पीड़िता के चाचा चरण सिंह ने कहा कि हमे एक पुलिसकर्मी ने सूचना दी कि आपकी बेटी का एक्सीडेंट हो गया है हम जब मौके पर पहुंचे तो वहां लाश नहीं थी। पता चला कि उसको बदायूं भेज दिया है। बच्ची के साथ रेप हुआ है। हमारे गांव की घटना स्थल से दूरी डेढ़ किलोमीटर है हम नही पहुंच पाए लेकिन एसएसपी साहब बदायूं से पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने घटना स्थल से सारे सबूत मिटा दिए। हमे आशंका है कि लड़की का रेप कर मारा गया है।

सूचना के बाद मौके पर पहुंचे एसएसपी डॉ़ ओपी सिंह ने बताया कि संबंधित थाने पर मुकद्दमा दर्ज कराया जा रहा है। इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी, पैनल से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने नामीबिया से आए चीतों को कूनो में किया विमुक्त

श्योपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने जन्मदिन पर नामीबिया से आए चीतों को मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में औपचारिक तौर पर बाड़े में छोड़कर लगभग 70 वर्षों बाद देश में फिर से चीता बसाने की महत्वाकांक्षी योजना की शुरूआत की। मोदी ने इसके अलावा जिले के कराहल में आयोजित महिला स्वसहायता समूहों के कार्यक्रम में भी शिरकत की।

नामीबिया से पहले चरण में आठ चीते विशेष विमान से आज ही लाए गए, जिनमें पांच मादा और तीन नर हैं। क्रमिक तौर पर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। फिलहाल इन चीतों को वन्यजीव विशेषज्ञों की देखरेख में रखा गया है और उनकी प्रत्येक गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।

लगभग पांच घंटों की मध्यप्रदेश यात्रा के दौरान मोदी ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के लिए बनाए गए विशेष बाड़े के पास बनी मचान (ऊंचाई पर स्थित सुरक्षित स्थान) पर खड़े होकर दो विशेष पिंजरे खोले और चीते बाहर निकलकर बाड़े में विचरण करने लगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में मोदी ने चीतों को विचरण करते हुए न सिर्फ काफी नजदीक से देखा, बल्कि इन ऐतिहासिक क्षणों को अपने कैमरे में कैद भी किया।

मोदी ने राष्ट्रीय उद्यान में ही चीता मित्रों से संवाद किया। राष्ट्रीय उद्यान के कारण विस्थापित ग्रामीणों में से कुछ का चयन कर उन्हें चीता मित्र बनाया गया है, जो चीतों की सुरक्षा का कार्य देखेंगे। इसके अलावा उन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

मोदी ने चीतों को विमुक्त करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए इस अंचल के लोगों से चीतों की सुरक्षा का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि देश में 70 सालाें बाद चीते बसाने का कार्य हो रहा है और देश के साथ ही मध्यप्रदेश के लोगों ने हमेशा उनका भरोसा कायम रखा है। इसलिए सब लोग चीतों की सुरक्षा का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि विदेश से आए चीतों को अभी अपना घर बनाना है। इसलिए लोगों को चीतों को देखने के लिए धैर्य रखना होगा। अभी ये चीते क्षेत्र से अनजान हैं। इसलिए उन्हें कुछ महीनों का समय देना होगा।

मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि लगभग 70 वर्षों पहले देश से चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया, लेकिन इन्हें फिर से बसाने के कोई प्रयास नहीं हुए। मौजूदा सरकार ने चीतों को बसाने का कार्य तेजी से किया और आज इसी वजह से भारत की धरती पर चीते आ गए हैं। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में हुए कार्याें के बारे में भी विस्तार से बताया।

मोदी ने यह भी कहा कि इक्कीसवीं सदी में तेजी से उभरते भारत ने दुनिया को यह संदेश भी दिया है कि एकॉनॉमी (अर्थव्यवस्था) और एकोलॉजी (पारिस्थितिक तंत्र) विरोधाभासी नहीं हैं। यानी पर्यावरण की रक्षा के साथ देश की प्रगति भी हो सकती है। उन्होंने चीतों को फिर से भारत में बसाने के लिए नामीबिया से मिले सहयोग के लिए वहां की सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

मोदी ने इसके बाद श्योपुर जिले के कराहल में आयोजित महिला स्वसहायता समूहों को संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी ने कहा कि उन्हें सामान्यत: जन्मदिन के बारे में याद नहीं रहता है। लेकिन यदि समय मिल जाता है तो वे इस दिन अपनी मां से मिलने अवश्य जाते हैं। उन्होंने एक तरह से भावुक भरे अंदाज में कहा कि लेकिन आज वे इस दिन पर हजारों आदिवासी महिलाओं के बीच हैं और उनका आशीर्वाद उन्हें मिल रहा है। यह उनके लिए प्रसन्नता की बात है।

मोदी ने बताया कि पिछली शताब्दी और मौजूदा शताब्दी में यही फर्क है कि अब महिलाओं की भागीदारी प्रत्येक क्षेत्र में बढ़ती जा रही है और उनकी उपस्थिति किसी भी क्षेत्र में सफलता का परिचायक बन गया है। महिलाएं अब सेना और पुलिस के कार्य में भी बढ़चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने महिलाओं के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से हाल के वर्षों में उठाए गए कदमों का जिक्र किया और कहा कि आर्थिक सुरक्षा मिलने से महिलाओं की स्थिति और बेहतर हो सकती है।

मोदी ने प्रदेश भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा की मौजूदगी में श्योपुर जिले के कराहल में पार्टी के युवा मोर्चा के हरा भरा मध्यप्रदेश अभियान के तहत पीपल का पौधा रोपा। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा की ओर से श्री शर्मा ने मोदी को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया। मोदी के जन्मदिन पर युवा मोर्चा ने पूरे प्रदेश में 25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।

मोदी निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद श्योपुर से हेलीकॉप्टर से वापस ग्वालियर आए और दिन में लगभग सवा तीन बजे विशेष विमान से वापस लौट गए। इसके पहले मोदी दिल्ली से विशेष विमान से सुबह लगभग दस बजे ग्वालियर पहुंचे थे। वहां पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री चौहान ने उनकी अगवानी की थी। इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से कूनाे राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे थे।

वहीं इसके पहले नामीबिया से विशेष विमान भी आज सुबह ही ग्वालियर पहुंचा था, जिसमें चीतों को लाया गया था। ग्वालियर हवाईअड्डे पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में विमान से चीतों की शिफ्टिंग हेलीकॉप्टर में की गई और हेलीकॉप्टर की मदद से चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचाया गया था। चीतों के कूनो पहुंचने के बाद मोदी ग्वालियर होते हुए श्योपुर आए थे।

विश्व बाजार के हर क्षेत्र में कब्जा करना हो हमारा लक्ष्य : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉजिस्टिक क्षेत्र की दिक्कतों से निपटने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए कहा है कि भारत को विकसित देशों का प्रतिस्पर्धी बनना है इसलिए अपने उत्पादों को विश्व स्तरीय बनाकर दुनिया के बाजार पर हर क्षेत्र में कब्जा करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।

मोदी ने शनिवार को विज्ञान भवन में राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति की शुरुआत करते हुए कहा कि लॉजिस्टिक क्षेत्र को मजबूती देना समय की जरूरत है और इस क्षेत्र की हर चुनौती का समाधान जरूरी है। माल की समय पर ढुलाई कर के लॉजिस्टिक से जुड़ी दिक्कतों का खत्म होना आवश्यक है। इस क्षेत्र की दिक्कत खत्म होने से लोगों का समय और पैसा बचे इसलिए लॉजिस्टिक नीति होनी ही चाहिए। उनका कहना था कि अब लॉजिस्टिक नीति की शुरुआत हो चुकी है इसलिए लॉजिस्टिक कोस्ट को 13,14 प्रतिशत से घटाकर सिंगल डिजिट में लाना है।

उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक क्षेत्र में काम करने वाली विभिन्न इकाइयों के बीच परस्पर समन्वय होना चाहिए और उन्हें विश्वास है की राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। उनका कहना था लॉजिस्टिक में यदि माल की ढउलाई में देरी होती है तो उसे माल की गुणवत्ता प्रभावित होती है और इससे समय के साथ ही धन की भी बर्बादी होती है इसलिए इस काम में सुधार करना समय की जरूरत है।

मोदी ने कहा कि भारत और दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य देर से हासिल हुआ है क्योंकि चारों तरफ नकारात्मकता का माहौल देश में रहा है लेकिन अब धीरे-धीरे स्थिति बदल रही है। समय कैसे बदलता है इस पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि कभी देश में कबूतर छोड़े जाते थे और आज चीते खुले में छोड़े जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश आज निर्यात के बड़े लक्ष्य तय कर रहा है। देश का विनिर्माण क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और दुनिया भी भारत के विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ते दबदबे को मान रही है। इसी तरह से अब लॉजिस्टिक को भी महत्वपूर्ण बनाना है क्योंकि माल की आवाजाही से ही विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। लॉजिस्टिक के लिए जो राष्ट्रीय नीति बनाई गई है उसके लिए वह सब को बधाई देते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहां कि लॉजिस्टिक को महज कागज पर तय की गई नीति के रूप में नहीं लेना है और इसे गति से लागू करना है। उनका कहना था की इस नीति को अचानक लागू नहीं किया गया बल्कि यह आठ साल से लगातार की जा रही मेहनत का परिणाम है और इस नीति को लागू किया जा रहा है। उन्हें पूरा भरोसा है कि देश में इस नीति के कारण लॉजिस्टिक क्षेत्र में बहुत बड़ा बदलाव आएगा।

मोदी ने कहा कि लॉजिस्टिक गतिविधि को सुधारने के लिए देश में सागर माला,भारतमाला जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और इसका लाभ देश को मिल रहा है। देश में पारिस्थितिकी के अनुकूल जलमार्ग बने हैं और कई अन्य बन रहे हैं। उनका कहना था कि लॉजिस्टिक क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश के साथ ही इसमें नवीनतम तकनीकी का भी इस्तेमाल किया गया है और लॉजिस्टिक क्षेत्र के सामने आने वाली सभी चुनौतियों से निपटने के लिए सारे कारगर कदम उठाए गए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉजिस्टिक क्षेत्र में ड्रोन आने वाले समय में अहम भूमिका निभा सकता है। उनका कहना था कि परिवहन क्षेत्र में ड्रोन के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल से लॉजिस्टिक क्षेत्र को बहुत बड़ा फायदा होने वाला है। उनका यह भी कहना था कि ड्रोन के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों में समय पर और आसानी से दवाई आदि पहुंचाई जा सकती है और दूसरे कार्य भी तत्काल किए जा सकते हैं। इस लिहाज से ड्रोन तकनीकी से आने वाले समय में लॉजिस्टिक क्षेत्र को बहुत बड़ा फायदा होने वाला है।

उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक की दर इस समय 13-14 प्रतिशत पर है और इस नीति के बाद इसे घटाकर सिंगल डिजिट में लाने का प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि एक डिजिटल प्लेटफॉर्म इसके के लिए तैयार किया गया है जिससे लॉजिस्टिक क्षेत्र में आने वाली हर दिक्कत का समाधान हो पाएगा।

उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक क्षेत्र को सबसे ज्यादा लाभ पीएम गति शक्ति योजना से मिल सकता है। पीएम गति शक्ति पोर्टल पर सारी सूचनाएं एक जगह है और इससे ढांचागत विकास का काम आसान हुआ है। उनका कहना था कि पहले परियोजनाओं को बिना सोचे समझे तैयार किया जाता था जिससे दशकों तक परियोजनाएं लटकी रहती थी और इसका सीधा नुकसान लॉजिस्टिक क्षेत्र को होता था।

उन्होंने कहा कि देश में विकास की जो गतिविधियां चल रही है उससे दुनिया का भारत के प्रति नजरिया बदल रहा है और बड़े देश भारत का मूल्यांकन करने लगे है। दुनिया का भारत पर भरोसा बढ़ा है और हमें विश्व समुदाय के इस भरोसे पर खरा उतरना है।

झारखंड में बस पलटने से 7 लोगों की मौत, 12 अन्य घायल

रांची। झारखंड में गिरिडीह से रांची जा रही शिवा नामक बस आज हजारीबाग जिले के टाटीझरिया के सेवाने नदी में पलट गई जिसमें सात लोगों की मौत हो गई जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गए।

उपायुक्त नैंसी सहाय ने बताया कि दुर्घटना में 7 लोगों की मौत हो गई है जबकि घायल 12 लोगों को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हजारीबाग में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए रिम्स भेजा गया है। कुछ अन्य यात्रियों को मामूली चोटें लगी थी और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया। खबर मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को कड़ी मशक्कत के बाद बस से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा है।

पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि शिवा नामक बस गिरिडीह से रांची जा रही थी और इसी दौरान हजारीबाग-बगोदर एन एच-100 पर दारू के बीच सेवाने नदी में बस पलट गई। इस बस में 52 लोग सवार थे।

सूत्रों ने बताया कि बस में फंसे घायलों को गैस कटर से निकाला गया है। कई लोग वाहन में फंसे हुए थे। इन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकालकर एंबुलेंस से शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हजारीबाग में भर्ती कराया गया। सूत्रों ने बताया कि सभी लोग रांची धार्मिक कार्यक्रम कीर्तन में शामिल होने जा रहे थे तभी दुर्घटना हुई है।

चित्तौड़गढ़ : क्रूज़र एवं ट्रक की टक्कर में चार लोगों की मौत

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चित्तौड़गढ़। राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के मंगलवाड़ थाना क्षेत्र में क्रूजर एवं ट्रक के आपस में टकराने पर एक महिला सहित चार लोगों की मौत हो गई जबकि करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी ये लोग उदयपुर से आ रहे थे कि इनकी क्रूजर गाड़ी क्षेत्र के मोरवन गांव के समीप एक ट्रक को ओवर टेक करने का प्रयास करने पर सामने से आ रहे अन्य ट्रक से टकरा गई।

हादसे पर आस पास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सुचना दी। गाड़ी में फंसे लोगों को बाहर निकाला, इनमें रजा हुसैन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायलों को मंगलवाड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बाद उदयपुर रैफर कर दिया या जहां सुबह तक सहेल कुरैशी, शकीला कुरैशी और जाहिद कुरैशी ने और दम तोड़ दिया।

घायलों में तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज़ कर लिया है। घटना की सुचना मिलने पर हताहत परिवार के उदयपुर में रहने वाले रिश्तेदार तथा अन्य लोग अस्पताल पहुंच गए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर रक्तदान का बना विश्व रिकॉर्ड

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शनिवार को देश विदेश में 87 हजार से अधिक लोगों ने रक्तदान कर एक नया इतिहास रच दिया।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार देर शाम एक ट्वीट में यह जानकारी देते हुए कहा कि नया विश्व कीर्तिमान! आज मुझे बताते हुए हर्ष है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर रक्तदान अमृत महोत्सव के तहत 87 हज़ार से अधिक लोगों ने अब तक स्वेच्छा से रक्तदान किया है, जो कि एक नया विश्व कीर्तिमान है। अपने प्रिय प्रधानसेवक को देश की तरफ से यह एक अमूल्य भेंट है।

मोदी के जन्मदिन पर देश विदेश में रक्तदान अमृत महोत्सव का आयोजन किया गया है। शाम 7:00 बजे तक इसके लिए कुल 6146 रक्तदान शिविर लगाने के प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया है। इन शिविरों में रक्तदान करने के लिए एक लाख 95 हजार लोगों ने पंजीकरण कराया है। शाम सात बजे तक इन पर 87000 से अधिक रक्तदान कर चुके हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रक्तदान किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि इससे अमूल्य जीवन बचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि रक्तदान-महादान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर आज से शुरू हुए रक्तदान अमृत महोत्सव के अंतर्गत रक्तदान किया। मानवता के इस कार्य में जुड़कर मन प्रफुल्लित है। आप भी इस महान कार्य का हिस्सा बनें।

नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर देशभर में रक्तदान अमृत महोत्सव के अंतर्गत जगह-जगह रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। विदेशों में भी रक्तदान शिविर लगाए गए हैं।

बर्थडे पर इस बार अपनी मां के साथ नहीं दिखे प्रधानमंत्री मोदी

बर्थडे पर इस बार अपनी मां के साथ नहीं दिखे प्रधानमंत्री मोदी

कराहल (श्योपुर)। अपने जन्मदिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के आदिवासीबहुल श्योपुर जिले आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि इस बार उनका जन्मदिन अपनी मां के साथ नहीं, बल्कि लाखों आदिवासी माताओं और बहनों के साथ मन रहा है।

मोदी आज श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान और जिले के आदिवासी अंचल कराहल के दौरे पर आए। इस दौरान उन्होंने कराहल में महिला स्वसहायता समूहों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हर बार वे कोशिश करते हैं कि अपने जन्मदिन के अवसर पर अपनी मां के पास जाएं, लेकिन इस बार उन्हें आदिवासी अंचल की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश की लाखों माताओं-बहनों और बेटियों का आशीर्वाद उनका सबसे बड़ा ‘रक्षा कवच’ है।