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केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के आरोप में उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को शुक्रवार को जमानत दे दी।

मुख्य न्यायाधीश यू यू ललित और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने याचिकाकर्ता कप्पन को जमानत देते हुए छह सप्ताह तक दिल्ली में रहने और उसके बाद उन्हें केरल जाने की अनुमति दी। पीठ ने जमानत स्वीकार करते हुए यह भी कहा कि याचिकाकर्ता करीब दो साल से जेल में है और आरोप तय होने में समय लगेगा।

शीर्ष अदालत ने कहा कि कप्पन को तीन दिनों के अंदर निचली अदालत में पेश किया जाएगा। पासपोर्ट जमा करने और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रिहा कर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीया एक दलित लड़की के साथ रेप और हत्या के बाद कप्पन एवं अन्य हाथरस जा रहे थे, इसी दौरान पांच अक्टूबर 2020 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

शीर्ष अदालत में पिछली सुनवाई 29 अगस्त को जमानत याचिका पर बहस के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा था कि मैं एक पत्रकार हूं, मैंने एक ऐसे संगठन के लिए काम किया, जिसका पीएफआई से संबंध था। मैं अब वहां काम नहीं कर रहा हूं। उन्होंने मुझे यह कहते हुए गिरफ्तार कर लिया कि मैं हाथरस क्यों गया।

वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार सरकार के वकील ने कहा था कि इस मामले में कुल आठ आरोपी थे। चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति दिल्ली दंगों और दूसरा बुलंदशहर दंगों का भी आरोपी है। अदालत ने कहा था कि सरकार को जो भी कहना है, लिखित रूप में दाखिल करें।

इस पर सिब्बल ने कहा था कि 5000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है, लेकिन उन्हें केवल 165 पन्नों की ही चार्जशीट तामील की गई। आरोपी पत्रकार कप्पन ने वकील हारिस बीरन के माध्यम से दायर अपनी याचिका में कहा है था कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने दो अगस्त को जमानत की याचिका खारिज कर दी थी। याचिका खारिज होने के कारण वह, एक महत्वपूर्ण अधिकार से वंचित हो गया।

याचिका में दावा किया गया था कि याचिकाकर्ता को झूठे आरोपों के आधार पर लगभग दो सालों से जेल में बंद रखा गया है। याचिकाकर्ता हाथरस बलात्कार और हत्या के मामले में रिपोर्टिंग के अपने पेशेवर कर्तव्य का निर्वहन करने की मांग की थी।

नई वंदे भारत ट्रेन के ट्रायल पूरे, अक्टूबर से 180 की रफ्तार से दौड़ेगी

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे की नई पीढ़ी की वंदे भारत ट्रेन के सभी परीक्षण आज सफलता पूर्वक पूरे हो गए हैं और अब यह गाड़ी 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से यात्रियों की सेवा के लिए तैयार हो गई है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस का नया रैक पहले से हल्का है और नई आधुनिक बोगी डिजायन के कारण यात्रियों को 180 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से बिना कोई झटका या कंपन के दौड़ने में सक्षम है। पहली वंदे भारत 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलने के अनुकूल है।

वैष्णव ने कहा कि वंदेभारत एक्सप्रेस के 75 रैकों का निर्माण अगले माह से चेन्नई में इंटीग्रल कोच कारखाने में शुरू हो जाएगा और हर माह दो तीन से शुरू हो कर आठ दस रैक प्रतिमाह तक बनने लगेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने के अनुरूप वंदे भारत के भविष्य में बनने वाले 400 रैक 200 किलाेमीटर प्रतिघंटे की गति से चलने में सक्षम होंगे जिन्हें विकसित देशों में निर्यात भी किया जाएगा।

वंदे भारत के पहले संस्करण एवं इस नए संस्करण के बीच अंतर का उल्लेख करते हुए कहा कि पहली वंदे भारत ट्रेन शून्य से सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की गति 54.6 सेकेण्ड में पकड़ती थी जबकि नई वंदे भारत 52 सेकेण्ड में इस गतिसीमा को पार कर लेती है। पहली वंदे भारत का एक्सल लोड 17 टन था जो नई गाड़ी में 15.3 टन है।

पहली गाड़ी का वजन 430 टन था लेकिन नई गाड़ी का वजन 392 टन है यानी 38 टन कम है। बाढ़ की दशा में यदि पटरियों पर करीब दो फुट तक पानी भरा है तो भी वंदे भारत ट्रेन को आराम से चलाया जा सकता है, पहले संस्करण का केवल 40 सेंटीमीटर यानी सवा फुट से कुछ अधिक तक भरे पानी में ही चलाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि नई गाड़ी में वायु प्रशीतन (एसी) प्रणाली को भी उन्नत बनाया गया है और अब इसमें एक फोटो कैटलिटिक एयर प्यूरीफायर सिस्टम लगाया गया जो वातावरण में कोरोना सहित किसी भी वायरस को खत्म कर देता है। नए एसी सिस्टम में ऊर्जा की खपत 15 प्रतिशत कम होगी। नई गाड़ी में अब रिक्लाइनिंग सीटें लगाईं गई हैं जो यात्रियों के लिए अधिक आरामदेह हैं।

पहले संस्करण में बैटरी बैक अप एक घंटे है जबकि नए संस्करण में तीन घंटे का बैटरी बैक अप है। नए रैक में टक्कररोधी तकनीक ‘कवच’ लगाई गई है। गाड़ी में आग लगने की स्थिति में इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों को बचाने के लिए स्वचालित प्रणाली लगाई गई है। आपात निकास भी बढ़ाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेन की बाेगी की डिजायन में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। एयर स्प्रिंग के कारण पटरियों से झटके नहीं लगते हैं जबकि साइड डैम्पर्स के कारण कोच में तेज गति के कारण दाएं बाएं होने से बचाव होता है। इसी कारण 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति पर पानी के गिलास में एक बूंद भी नहीं छलकती है।

रेल मंत्री ने कहा कि रेलगाड़ियों में आरामदेह यात्रा को कम्फर्ट इंडेक्स से आंका जाता है। वंदे भारत ट्रेन के नए संस्करण का कम्फर्ट इंडेक्स 3.2 है जबकि विश्व के विकसित देशों में प्रमुख लग्ज़री गाड़ियों का कम्फर्ट इंडेक्स 2.8 से 3 तक है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत को यदि विदेशों में बिछी पटरियों के स्तर वाले ट्रैक पर चलाया जाए तो कम्फर्ट इंडेक्स 2.8 तक आसानी में आ जाएगा।

वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत के उन्नत संस्करण को विश्व बाजार में निर्यात के लिए पेश किया जा सकता है। दूसरे लग्ज़री रेल रैकों की तुलना में कम लागत वाले और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कम्फर्ट इंडेक्स वाले रैक को बाज़ार में अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की आशा है। नई वंदे भारत एक्सप्रेस को किस मार्ग पर चलाया जाएगा, इस बारे में पूछने पर रेल मंत्री ने मुस्करा कर कहा कि थोड़ा सा इंतजार कीजिए।

पट्टे देने में आनाकानी करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई : अशोक गहलोत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रशासन शहरों के संग अभियान में पट्टे देने में आनाकानी करने वाले सरकारी कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गहलोत ने आज इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के शुभारंभ समारोह में यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कच्ची बस्तियों का नियमानुसार नियमन किया जाएगा। उन्होंने नगर निगम, नगरपालिका एवं नगरपरिषद के जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे लक्ष्य निर्धारित कर अपने अपने क्षेत्रों में पट्टों से वंचितों को पट्टे दिलाने में अह्म भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि जो अधिकारी एवं कर्मचारी प्रशासन शहरों के संग अभियान में पट्टे बनाने एवं वितरण करने में आनाकानी करता है। पार्षद-मेयर सहित दूसरे जनप्रतिनिधि ऐसे राजकीय कार्मिकों की सूची तैयार करके भिजवाएं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों को किसी भी तरह से मकानों का पट्टा मिल सके, इसके लिए नियमों में कई संशोधन भी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेवड़ियां बांटने के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि हमने रेवड़ियां जोहरी बाजार में ठेले पर बिकती देखी हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जनता के लिए स्वास्थ्य की महत्वाकांक्षी चिरंजीवी योजना हैं जिसके तहत सबका नि:शुल्क इलाज हो रहा है, क्या यह रेवड़ी हैं। जनता को मुफ्त इलाज और रोजगार देना रेवड़ियां नहीं सरकार की जिम्मेदारी है।

गहलोत ने फिर दोहराया कि वह चाहते है कि मोदी अपील करे, सभी लोग प्यार, मोहब्बत, भाईचारे, विश्वास से रहें। तब देश मजबूत होता है। मैं हिंसा बर्दाश्त नहीं करूंगा। सब लोग प्यार मोहब्बत से रहें। इसमें क्या दिक्कत है।

उन्होंने अंग्रेजी का जिक्र करते हुए कहा कि आजकल के युग में बिना अंग्रेजी के दुनिया में काम नहीं चलता और आगे बढ़ने के लिए इसकी जरुरत होती है इसलिए आगे बढ़ना है तो अंग्रेजी ज्ञान बढ़ाएं। प्रदेश में अंग्रेजी स्कूल खोलने की शुरुआत की गई और अब तो इनमें प्रवेश लॉटरी से होने लगे हैं। लोग समझ गए हैं, गांव के किसान भी समझ गए हैं कि भविष्य इंगलिश के साथ हैं। उन्होंने इसे गरीबों के लिए बहुत बड़ा वरदान बताया हैं।

उन्होंने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) का जिक्र करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार को इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देना चाहिए लेकिन राज्य सरकार इसे पूरी करके ही रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को आठ हजार करोड़ रुपए पेंशन के रुप में दे रही हैं और इसके तहत एक व्यक्ति को एक हजार रुपए पेंशन दे रही हैं जबकि केन्द्र सरकार दो सौ रुपए दे रही हैं यह कहां का न्याय हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि केन्द्र भी एक हजार रुपए की पेंशन दे और राज्य सरकार दे ही रही हैं तो यह पेंशन दो हजार रुपए हो जाएगी ताकि इससे काफी सहारा मिलेगा।

कोहली की विराट पारी के पाकिस्तानी खिलाड़ी भी हुए मुरीद

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दुबई। एशिया कप के सुपर-4 मैच में विराट कोहली के 1020 दिनों के बाद शतक बनाने पर न सिर्फ भारतीय प्रशंसकों ने, बल्कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने भी उनके फॉर्म में लौटने की प्रशंसा की है।

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हसन अली और मोहम्मद आमिर ने ट्विटर पर कोहली को टी20 अंतरराष्ट्रीय में पहले और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 71वें शतक के लिए बधाई दी है। हसन ने ट्वीट किया कि महान क्रिकेटर विराट कोहली फिर से लौट आए हैं।

आमिर ने बधाई देते हुए कहा कि आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। किंग कोहली का शानदार शतक। 1020 दिन के अंतराल के बाद आए इस शतक से पहले कोहली खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और और कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों ने भारत की टी20 टीम में उनकी जगह पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे।

वर्ष 1983 के विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव ने यहां तक ​​कहा कि अगर रविचंद्रन अश्विन जैसा गेंदबाज टीम से बाहर हो सकता है, तो कोहली को भी उनके खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर कर दिया जाना चाहिए।

पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर एवं बल्लेबाज कामरान अकमल ने ट्वीट किया कि फॉर्म अस्थायी है, क्लास स्थायी है। कोहली को खेलते हुए देखना हमेशा अच्छा लगता है। आप लाजवाब हैं, आप क्रिकेट के असली बादशाह हैं।

पाकिस्तान के हरफनमौला इमाद वसीम ने कोहली को विश्व का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बताते हुए कहा कि विश्व का सबसे अच्छा खिलाड़ी फिर से रंगत में लौट आया है, विराट कोहली सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ हैं। कोहली ने गुरुवार को अपने पहले टी20 शतक का श्रेय पत्नी अनुष्का शर्मा और बेटी वामिका को दिया।

कोहली का यह शतक खास था क्योंकि यह तीन साल के अंतराल के बाद उनके बल्ले से निकला। कोहली ने 6 गेंदों पर 122 रन की पारी में 12 चौके और छह छक्के लगाये, जिसकी बदौलत भारत ने अफगानिस्तान के लिए 213 रनों का विशाल लक्ष्य दिया और 101 से मैच जीता। भुवनेश्वर कुमार ने भी पिछले दो मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद इस मैच में चार रन के बदले पांच विकेट लेकर अफगानिस्तान को पीछे धकेल दिया।

कोहली ने कहा कि पिछले ढाई साल में वक्त ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया जिससे उन्होंने बहुत सी चीजों को परिप्रेक्ष्य में रखा। कोहली ने चीजों को परिप्रेक्ष्य में रखने का श्रेय अनुष्का शर्मा को दिया। उन्होंने कहा कि वह थोड़ा चौंक गए क्योंकि उन्हें टी20 मैच में शतक बनाने की उम्मीद बहुत कम थी।

कोहली का यह 71वां अंतरराष्ट्रीय शतक है, जिससे उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड की बराबरी की। पूर्व कप्तान ने हालांकि पोंटिंग की तुलना में कम पारियां खेल कर यह मील का पत्थर हासिल किया है। अब कोहली शतकों के मामले में सिर्फ मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (100) से पीछे हैं।

अशोक गहलोत ने इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना का किया शुभारम्भ

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना का आज यहां शुभारम्भ किया। गहलोत ने यहां टनल चौराहा स्थित अम्बेडकर भवन में आयोजित समारोह में इस योजना का शुभारंभ किया।

राज्य सरकार का ध्येय है कि प्रदेश में हर व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो। हर हाथ को रोजगार मिले। कोई जरूरतमंद, असहाय या गरीब वर्ग का व्यक्ति अपनी आजीविका से वंचित नहीं रहे और इसी मकसद से इस योजना की शुरुआत की गई हैं और यह शहरी क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने की देश की सबसे बड़ी रोजगार योजना है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने योजना के तहत खानिया की बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्यक्रम का शुभारम्भ भी किया। श्री गहलोत ने श्रमदान भी किया और श्रमिकों से संवाद भी किया। इस दौरान जॉब कार्ड भी दिए और काम के लिए औजार भी दिए गए।

उल्लेखनीय है कि देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना शुरू की गई थी। इस योजना के सकारात्मक परिणाम के मद्देनजर देशभर में बेरोजगारों को रोजगार के अवसर आसानी से सुलभ होने लगे। मुख्यमंत्री ने इसी को ध्यान में रखते हुए शहरी क्षेत्रों में भी मनरेगा की तर्ज पर रोजगार गारंटी योजना शुरू करने का ऎतिहासिक निर्णय लिया और इस वित्त वर्ष के बजट में इस योजना की घोषणा की।

योजना में शहरी क्षेत्र के बेरोजगार व्यक्तियों को आजीविका अर्जन की दृष्टि से प्रतिवर्ष 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 800 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा है। राज्य में कोविड-19 महामारी के दौरान रोज़गार छिनने से जो परिवार कमज़ोर और असहाय हो गए हैं। उन्हें भी इस योजना से बड़ा संबल मिल सकेगा।

योजना का क्रियान्वयन स्थानीय निकाय विभाग के माध्यम से किया जाएगा। योजना के तहत जॉब कार्डधारी परिवार को 100 दिवस का गारंटीशुदा रोज़गार उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें जॉब कार्डधारी परिवार के 18 से 60 वर्ष की आयु के सभी सदस्य पात्र हैं। योजना में पंजीयन जन आधार कार्ड के माध्यम से किया जा रहा है। एक परिवार के सदस्यों को अलग-अलग पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है।

जिन परिवारों के जन आधार कार्ड उपलब्ध नहीं हैं, वे ई-मित्र या नगरपालिका सेवा केंद्र पर जन आधार के लिए आवेदन कर उसके क्रमांक के आधार पर जॉब कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। योजना में आवेदन ई-मित्र के माध्यम से निःशुल्क किया जा सकता है। आवेदन करने के पश्चात 15 दिन में रोज़गार उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। पारिश्रमिक का भुगतान सीधे जॉब कार्डधारी के खाते में किया जाएगा।

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 2569 विभिन्न पदों पर कार्मिकों की नियुक्ति की जा चुकी है। साथ ही सभी निकायों के संबंधित कार्मिकाें एवं ई-मित्र संचालकों का प्रशिक्षण पूर्ण कराया जा चुका है। राज्य सरकार का प्रयास है कि इस योजना का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन हो। इसके लिए राज्य, संभाग, जिला एवं निकाय स्तर पर समितियों का गठन भी कर दिया गया है। योजना की सतत मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाएगी।

योजना में श्रम एवं सामग्री का अनुपात निकाय स्तर पर 75ः25 में निर्धारित किया गया है। विशेष प्रकृति की तकनीकी कार्यों में निर्माण सामग्री लागत तथा तकनीकी विशेषज्ञों एवं कुशल श्रमिकों के लिए पारिश्रमिक के भुगतान का अनुपात 25ः75 हो सकेगा। योजना में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता एवं सेनिटेशन, संपत्ति विरूपण रोकना, सेवा संबंधी कार्य, कन्वर्जेशन कार्य, हेरिटेज संरक्षण सहित अन्य कार्य कराए जा सकेंगे।

योजना में अब तक लगभग 2 लाख 25 हजार से अधिक जॉब कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इनके माध्यम से पंजीकृत सदस्यों की कुल संख्या 3 लाख 18 हजार से अधिक है। समस्त 213 निकायों में 9 हजार 593 कार्य चिह्नित किए गए हैं और सभी नगरीय निकायों का बजट भी आवंटित कर दिया गया है। चिह्नि कार्यों की अनुमानित राशि करीब 658 करोड़ रूपए है। लगभग छह हजार कार्यों के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति भी जारी की जा चुकी है।

महाराष्ट्र : 100 करोड़ की अघोषित आय का खुलासा, 5 करोड़ की अघोषित संपत्ति जब्त

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में रेत खनन, चीनी उत्पादन, सड़क निर्माण, हेल्थकेयर, और मेडिकल कॉलेजों का संचालन करने वाले दो समूहाें पर आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी में 100 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित संपत्ति का पता चलने के साथ ही पांच करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति जब्त भी की गई है।

आयकर विभाग ने आज जारी बयान में बताया कि गत 25 अगस्त को सोलापुर, ओसमानाबाद, नासिक और कोल्हापुर जिलों में स्थित 20 से अधिक परिसरों पर एक साथ यह कार्रवाई की गई थी। इस दौरान जो साक्ष्य और दस्तावेज आदि मिले हैं उससे बडे़ पैमाने पर कर चोरी किए जाने का अनुमान है और इसके लिए कई तरीके भी अपनाए जाने का पता चला है।

रेत खनन और चीनी उत्पादन करने वाले समूह के यहां 15 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित नकदी बरामद हुई है। समूह के प्रवर्तकों और इसके ऋण दाताओं ने स्वीकार किया है कि 10 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित नकदी बनाई गई है। इसके साथ ही एक गैर पंजीकृत कंपनी की संपत्ति को बेचने से 43 करोड़ रुपए के पूंजीगत लाभ का भी साक्ष्य मिला है। विभाग ने कहा कि हेल्थकेयर और मेडकिल कॉलेज का संचालन करने वाले एक अन्य समूह के यहां से मिले साक्ष्यों से 35 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता चला है।

ओएसएम ने लॉन्च की लंबी रेंज वाली ई थ्री व्हीलर विक्टर, कीमत 5 लाख

नई दिल्ली। विश्व इलेक्ट्रिक वाहन दिवस पर ओमेगा सेकी मोबिलिटी (ओएसएम) ने भारत में दुनिया की सबसे लंबी रेंज वाली इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर ‘विक्टर’ लॉन्च करने की घोषणा की है जिसकी दिल्ली में सरकार की सब्सिडी के बाद एक्स शोरूम आरंभिक मूल्य 5 लाख रुपए है।

कंपनी ने यहां जारी बयान में कहा कि विक्टर में 20 केडब्ल्यूएच लिथियम-आयन बैटरी पैक का पावर है जो सिंगल चार्ज पर 250 किलोमीटर ले जाएगा और यह इस सेगमेंट में पहली बार होगा। विक्टर की बुकिंग आज से ओएसएम डीलरशिप में शुरू है। बुकिंग की राशि 9,999 रुपए है और नवंबर 2022 से इलेक्ट्रिक वाहनों की डिलीवरी शुरू होगी।

कंपनी के संस्थापक और अक्षय उदय नारंग ने कहा कि ओमेगा सेकी मोबिलिटी का यह दृढ़ विश्वास है कि आने वाला कल पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों का है और यह ‘ग्रीन, जेनुइन और ग्राउंड ब्रेकिंग’ वाहनों के उत्पादन को भावी परिवहन का आधार मानती है।

ओमेगा सेकी मोबिलिटी भारत में ईवी प्रौद्योगिकी की अग्रणी कम्पनी है और अपने नए, फ्यूचरिस्टिक ईवी वाहनों और समाधानों के साथ अपनी दूरदृष्टि साकार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ओएसएम विक्टर ओएसएम को लास्ट माइल डिलीवरी वाहनों में और आगे ले आएगा और पहले से बाजार की दिग्गज इस कंम्पनी की प्रगति को पर लगा देगा। यह वाहन देश के ई-कॉमर्स कारोबार की विभिन्न लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी संबंधी जरूरतें बखूबी पूरी करेगा।

उन्होंने कहा कि लास्ट माइल डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स सेगमेंट में भरोसेमंद और सस्ता माल परिवहन के लिए लंबी दूरी वाले प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेजी दिखी है। हम एक नई मिसाल और हमारे उद्योग का पहला इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर ओएसएम विक्टर लॉन्च कर बहुत उत्साहित हैं।

यह सिंगल चार्ज से 250 किमी की रेंज देगा। वाहन में नवीनतम तकनीक है और दमदार कार्य प्रदर्शन है। इस तरह ओएसएम ने भारत को दुनिया के मानचित्र पर स्थापित कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस वाहन की माल परिवहन क्षमता 450 किलोग्राम है।

झुंझुनूं : हुंडई कंपनी के शोरूम में आग लगने से जली ढाई करोड़ की कारें

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झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं के रीको औधोगिक क्षेत्र में हुंडई कंपनी के शोरूम में लगी आग से 12 लग्जरी कारें चार घंटे तक धू-धू कर जल गई।

गत रात्रि लगी आग पर सुबह छह बजे काबू पाया जा सका। करीब ढाई करोड़ की कारों का अब मलबा बचा है। अभी शोरूम में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जब तक आग की सूचना मिली पूरा शोरूम लपटों में घिर चुका था।

प्राथमिक तौर पर ढाई करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया है। यह नुकसान इससे काफी बड़ा भी हो सकता है। आग की सूचना पर आस-पास के इलाके से पांच दमकलें रात 2.15 बजे तक मौके पर पहुंच गई थीं। इसके बाद लगातार शोरूम में पानी की तेज बौछार की गई लेकिन सुबह आग पर काबू पाने में पांच दमकलों को आठ-आठ चक्कर लगाने पड़े।

हुंडई शोरूम में आग से इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि आग लगने की असल वजह का अभी खुलासा नहीं हुआ है। रीको इलाके में हुंडई कार का मरुधरा के के नाम से शोरूम है। गुरुवार ड्यूटी पर तैनात गार्डों ने शोरूम के अंदर से धुंआ उठता देखा। उन्होंने शोरूम के मैनेजर ओम सिंह को सूचना दी। इसके बाद शोरूम के मालिक पृथ्वी सिंह को आग की सूचना दी गई।

भरतपुर में इंडिया बल बैंक का 33 लाख रूपए से भरा ATM उखाडा

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के कस्वा जुरहरा में पुलिस थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर बदमाशों द्वारा 33 लाख रुपए से भरे एक एटीएम को उखाड़ कर ले जाने का मामला सामने आया है।

प्राइवेट इंडिया बल बैंक के इस एटीएम में गुरुवार को ही 33 लाख रुपए डाले गए थे। पता चला है कि कस्बे के सहसन तिराहे पर बैंक के इस एटीएम को बदमाशों ने रस्सी से बांधकर एक गाड़ी से इतनी ताकत के साथ खींचा कि एटीएम अपनी फाउंडेशन से उखड़ गया।

बाद में बदमाश इस एटीएम को उठा कर गाड़ी में रख फरार हो गए। बताया गया है कि इस प्राइवेट कंपनी की एजेंसी इमरान चौधरी नाम के व्यक्ति ने ले रखी है और दुकान में एटीएम मशीन लगा रखी है। रात में वह इत्येक बूथ की शटर लगा कर चला जाता है।

रोजाना की तरह बीती रात को भी इमरान चौधरी एटीएम बूथ का ताला लगाकर घर चला गया था। लेकिन रात को कुछ बदमाशों ने एटीएम बूथ की पूरी शटर को ही दुकान से निकाल कर बगल वाली दुकान के सामने रख दिया।

बदमाशों में शटर के अंदर लगे कांच के गेट को भी तोड़ दिया। इसके बाद बदमाशों ने एटीएम मशीन को रस्सी से बांधा और रस्सी का दूसरा हिस्सा एक गाड़ी से बांध कर उसे तेज से खींच उखाड़ लिया। उसके बाद उन्होंने एटीएम मशीन को गाड़ी में रखा और फरार हो गए।

वारदात का पता आज सुबह उस समय लगा जब एक व्यक्ति घूमने के लिए निकला। एटीएम बूथ का शटर टूटा हुआ पड़ा देख उसने इमरान चौधरी को फोन कर घटना की सूचना दी। घटना की सूचना पर थाना पुलिस, कामा के एडिशनल एसपी, डीएसपी ने मौके पर पहुंच हालात का जायजा लिया है। एफएसएल व डॉग स्क्वॉड टीम से घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया है।

नेपाल क्रिकेट टीम के कप्तान संदीप लामिछाने ने रेप के आरोपों को निराधार बताया

जमैका। नेपाल क्रिकेट टीम के कप्तान संदीप लामिछाने ने शुक्रवार को कहा कि उनपर लगे बलात्कार के आरोप निराधार हैं और उन्हें नेपाल की कानून व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। वर्तमान में कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) में खेल रहे लामिछाने ने ट्वीट करके कहा कि वह टूर्नामेंट से छुट्टी लेकर जल्द अपने देश लौट आएंगे।

नेपाल के लेग स्पिनर ने ट्वीट किया कि मैं निर्दोष हूं और नेपाल के सम्मानजनक कानूनों में पूर्ण विश्वास रखता हूं। मैंने सीपीएल से छुट्टी लेने और कुछ दिनों के भीतर अपने देश वापस जाने का फैसला किया है। मैं इन सभी निराधार आरोपों का सामना करने के लिए तैयार हूं। निर्दोषों को न्याय मिले और इसमें शामिल सभी लोगों की सही जांच हो। उम्मीद है कि कानून सभी के लिए समान कार्य करेगा।

लामिछाने का यह बयान आने से पहले नेपाल क्रिकेट संघ ने उन्हें कथित बलात्कार मामले में आरोपी होने के कारण निलंबित कर दिया। उल्लेखनीय है कि काठमांडू के एक थाने में लामिछाने के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज होने की खबर गुरुवार को सामने आई थी। उस समय लामिछाने वेस्टइंडीज में सीपीएल के लिए जमैका तल्लावाह टीम के साथ थे।

लामिछाने ने अब तक जमैका के लिए तीन मैचों में से किसी में भी भाग नहीं लिया है, और फ्रेंचाइजी ने गुरुवार को घोषणा की कि वह तत्काल प्रभाव से टूर्नामेंट छोड़ देंगे। 22 वर्षीय लामिछाने नेपाल के एकमात्र खिलाड़ी हैं जो इंडियन प्रीमियर लीग, ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग, बांग्लादेश प्रीमियर लीग, लंका प्रीमियर लीग और कैरेबियन प्रीमियर लीग सहित दुनिया भर की टी-20 लीगों में खेल चुके हैं।

दिल्ली डेयरडेविल्स ने जनवरी 2018 में हुई आईपीएल नीलामी में लामिछाने को 20 लाख रुपए में टीम में शामिल किया था, जिसके बाद वह रोशनी में आए थे। मेलबर्न स्टार्स ने भी अक्टूबर 2018 में बिग बैश लीग (बीबीएल) के लिए उन्हें साइन किया और वह बीबीएल में खेलने वाले पहले नेपाली क्रिकेटर बने।