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नागौर : क्रूजर और ट्रक की टक्कर में 5 रामदेवरा श्रद्धालुओं की मौत

नागौर। राजस्थान में नागौर जिले के जायल इलाके में सुरपालिया थाना क्षेत्र में क्रूजर गाड़ी और ट्रक के टकराने से एक बच्चा एवं दो महिलाओं सहित पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि तेरह घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार सीकर जिले के आभावास गांव के ये लोग जैसलमेर जिले में स्थित रामदेवरा में लोकदेवता बाबा रामदेव मंदिर में दर्शन कर लौट रहे थे कि गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे सुरपालिया थाना क्षेत्र में बुरडी फाटा पर उनकी क्रूजर गाड़ी सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई।

हादसे में फूलचंद (32), रुकमा (27), कौशल्या में (25) एवं रोहिताश (25) तथा सात साल के हेमाराम की मृत्यु हो गई। हादसे में घायलों को नागौर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां गंभीर रूप से घायल लगभग आधा दर्जन लोगों को जोधपुर भेज दिया गया।

राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने एलिजाबेथ के निधन पर जताया शोक

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर शोक व्यक्त किया गया है। मुर्मू ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन से दुनिया ने एक महान शख्सियत खो दी है। उन्होंने सात दशकों से अधिक समय तक अपने देश को चलाया और लोगों की सेवा की। मैं ब्रिटेन के लोगों के दुख को साझा करती हूं और उनके परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं।

इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर शोक व्यक्त किया। मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि मेरी संवेदनाएं ब्रिटेन के लोगों के साथ है।

उन्होंने कहा कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन बहुत आहत हूं। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को हमारे समय की एक दिग्गज शासक के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने अपने राष्ट्र और लोगों को प्रेरक नेतृत्व दिया। सार्वजनिक जीवन में उनकी गरिमा और शालीनता से लोगों को सीखना चाहिए। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और ब्रिटेन के लोगों के साथ हैं।

उन्होंने कहा कि मैं 2015 और 2018 में ब्रिटेन के दौरे के दौरान महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से मिला था। मैं उनकी गर्मजोशी और दयालुता को कभी नहीं भूलूंगा। एक बैठक के दौरान उन्होंने मुझे एक रूमाल दिखाया था, जो महात्मा गांधी ने उनकी शादी में क्वीन को गिफ्ट किया था। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ को गुरुवार को 96 साल की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया।

‘रामभक्त और जिन्नाभक्त’ से बातचीत भी नामुमकिन : केशव मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा के सौ विधायक तोड़कर लाने के एवज में सूबे का मुख्यमंत्री बनाने के लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा समर्थन देने की पेशकश पर यह कहते हुए पलटवार किया है कि एक ‘रामभक्त और जिन्नाभक्त’ के बीच तालमेल तो दूर इस तरह की कोई बात करना भी संभव ही नहीं है।

गौरतलब है कि अखिलेश ने हाल ही में मौर्य को भाजपा में उचित सम्मान नहीं मिलने का दावा करते हुए कहा कि अगर वह 100 विधायक अपने साथ लेकर आएं तो उन्हें सपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा। इसके जवाब में मौर्य ने गुरुवार को सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी खुद की पार्टी (सपा) टूटी पड़ी है, उनका परिवार उनसे नाराज है। इस सबसे बढ़कर जो जिन्ना के भक्त हैं, वो राम भक्त के साथ कैसे बात कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता है कि 2024 में सपा का खाता भी खुलेगा।

सपा सुप्रीमो की पेशकश पर मौर्य ने कहा कि अखिलेश मुझसे घृणा करते हैं। मेरे प्रति अखिलेश का प्यार विधान सभा में सबने देखा है। अखिलेश खुद डूबने वाले हैं, वे मुझे क्या मुख्यमंत्री बनाएंगे। उन्होंने कहा कि सपा अब समाजवादी पार्टी के बजाय समाप्तवादी पार्टी हो गई है। जिस तरह से पानी से निकलने के बाद मछली तड़पती है, उसी तरह अखिलेश सत्ता के बिना तड़प रहे हैं।

इतना ही नहीं मौर्य ने अखिलेश को लोगों का मनोरंजन करने वाला चेहरा तक बता दिया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में मनोरंजन के दो ही चेहरे हैं। एक राहुल गांधी जी हैं जो मनोरंजन के लिए ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाल रहे हैं और दूसरे अखिलेश यादव जी हैं जो चार चुनाव हारने के बाद भी ऐसी बातें करते हैं जो मनोरंजन का कारण हो सकती हैं।

विराट कोहली का शतक, भारत ने जीत के साथ समाप्त किया एशिया कप अभियान

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दुबई। भारत ने विराट कोहली (122 नाबाद) के बहुप्रतीक्षित शतक के बाद भुवनेश्वर कुमार (चार रन, पांच विकेट) की घातक गेंदबाजी की बदौलत अफगानिस्तान को एशिया कप के सुपर-4 मैच में गुरुवार को 101 रन से मात दी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 212 रन बनाए थे, जिसके जवाब में अफगानिस्तान पूरे ओवर खेलकर 111 रन ही बना सकी।

कोहली ने आखिरकार अपना 71वां सैकड़ा जमाते हुए 61 गेंदों पर 12 चौकों और छह छक्कों की बदौलत 122 रन बनाए। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय में कोहली का पहला शतक है। कोहली का यह अंतरराष्ट्रीय शतक 1020 दिनों के लंबे इंतजार के बाद आया है, जबकि उनका आखिरी शतक 23 नवंबर 2019 को बांग्लादेश के खिलाफ खेले गये टेस्ट मैच में आया था।

यह फाइनल की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी भारतीय टीम का एशिया कप 2022 में आखिरी मैच था, जिसे जीतकर उसने अपने अभियान को समाप्त किया। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को केएल राहुल और विराट कोहली ने शानदार शुरुआत दिलायी और पहले विकेट के लिये 119 रन जोड़े। राहुल ने आउट होने से पहले 41 गेंदों पर छह चौकों और दो छक्कों की बदौलत 62 रन बनाए।

तीसरे स्थान पर बल्लेबाजी करने उतरे सूर्यकुमार यादव ने पहली गेंद पर छक्का लगाया लेकिन दूसरी गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद विकेट पर आये ऋषभ पंत ने कोहली का साथ दिया और दोनों ने चौथे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 87 रन की साझेदारी की। पंत ने इस साझेदारी में सिर्फ 20 रन बनाए। कोहली ने 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर छक्का जड़कर 84 पारियों बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 रन का आंकड़ा छुआ। कोहली ने आखिरी ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाकर भारत को 20 ओवर में 212 रन तक पहुंचाया।

अफगानिस्तान कोहली की पारी से उभरी भी नहीं थी कि दूसरी पारी में भुवनेश्वर कुमार ने उनके ऊपरी क्रम को ढेर कर दिया। भुवनेश्वर ने नई गेंद से अपना कमाल दिखाते हुए एक मेडेन सहित चार ओवर डालकर पांच विकेट लिए। भुवनेश्वर ने हज़रतुल्लाह ज़ज़ई, रहमानुल्लाह गुरबाज़ और नजीबुल्लाह ज़ादरान को शून्य पर आउट किया, जबकि करीम जन्नत को दो रन पर स्लिप में कैच करवाया।

अर्शदीप ने भुवनेश्वर का साथ देते हुए अफगानिस्तान के कप्तान मोहम्मद नबी को आउट किया, जिसके नतीजे में छह अफगान बल्लेबाज 21 रन के स्कोर पर ही पवेलियन लौट गए।

इब्राहिम ज़ादरान ने अफगानिस्तान के लिए सर्वाधिक 64 (59) रन बनाये और अफगानिस्तान की पूरे 20 ओवर खेलने में मदद की। मुजीब उर रहमान ने 18 (13) रन बनाए जबकि राशिद खान ने 15 (19) रन का योगदान दिया। दिनेश कार्तिक ने 20वां ओवर डालकर 18 रन दिये लेकिन यह अफगानिस्तान की जीत के लिए काफी नहीं था और भारत ने 101 रन की विशाल विजय हासिल की। भुवनेश्वर के पंजे के अलावा अर्शदीप, रविचंद्रन अश्विन और दीपक हुड्डा को भी एक-एक विकेट हासिल हुआ।

नहीं रहीं महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, 96 साल की उम्र में हुआ निधन

लंदन। ब्रिटेन में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का निधन हो गया है। वह 96 साल की थीं। बकिंघम पैलेस ने गुरुवार देर रात उनके निधन की घोषणा की। शाही परिवार ने आधिकारिक अकाउंट से ट्वीट कर कहा कि महारानी का आज दोपहर बाल्मोरल में निधन हो गया।

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय 1952 में सिंहासन आसीन हुई थीं। वर्ष 2015 में वह ब्रिटेन की सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाली महारानी बनीं। उन्होंने महारानी विक्टोरिया के रिकॉर्ड को तोड़ा था, जिन्होंने 1837 और 1901 के बीच शासन किया था।

गुटेरेस ने एलिजाबेथ के निधन पर जताया शोक

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन से दुख व्यक्त किया। गुटेरेस ने एक बयान में कहा कि यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड की महारानी महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उन्होंने शाही परिवार, ब्रिटेन की सरकार, वहां निवासियों और व्यापक राष्ट्रमंडल राष्ट्रों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली और सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की दुनिया भर में उनकी कृपा, गरिमा और समर्पण के लिए व्यापक रूप से प्रशंसा की गई थी। वह दशकों तक व्यापक परिवर्तन के की गवाह रही, जिसमें अफ्रीका का विघटन और एशिया तथा राष्ट्रमंडल का विकास भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि महारानी संरा की एक अच्छी दोस्त थीं और 50 से अधिक वर्षों के अंतराल में दो बार न्यूयॉर्क मुख्यालय का दौरा किया था। वह कई धर्मार्थ और पर्यावरणीय कारणों के लिए प्रतिबद्ध थीं और पिछले नवंबर में ग्लासगो में संरा जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में प्रतिनिधियों से बात की थी। संरा महासचिव ने कहा कि मैं महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहता हूं। दुनिया उनकी भक्ति और नेतृत्व को लंबे समय तक याद रखेगी।

सबगुरु राशिफल : 9 सितम्बर शुक्रवार को आपके भाग्य में क्या होगा बदलाव

सबगुरु न्यूज। भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष, चतुर्दशी तिथि, अनन्त चतुर्दशी पर्व, वार शुक्रवार, सम्वत 2079, शिशिर ऋतु, रवि दक्षिणायन, शाम 06.08 बजे बाद पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ।

मेष :- आज आपको कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। परिवार और पैसों के मामलों में आप व्यस्त हो सकते हैं। ग्रह-स्थिति शुभ है। धन लाभ के योग बन रहे हैं। आप सिर्फ अपने मन पर भरोसा रखें। किसी रिश्तेदार के स्वभाव या व्यवहार के बारे में आपको कुछ बातें समझ आ सकती हैं। दूसरों की बातें सुनने और समझने में सावधान रहें। कर्ज चुकाने में आसानी रहेगी। सकारात्मक मन रखने की कोशिश करें। धैर्य रखें। आज आप काफी जोश और उत्साहित नजर आयेंगे और सजने सवरने में आपकी रूचि ज्यादा रहेगी।

वृषभ :- आज सफलता प्रदान करने वाला दिन है। दूसरों की सलाह ज्यादा गंभीरता से न लें। बेचैनी के कारण आप परेशान हो सकते हैं। जो भी काम करे अपनी जानकारी में करे और सोच समझकर करे। पुराना मित्र मिलेगा। आधी बात सुनने-समझने से समस्या हो सकती है। इसी तरह अपनी बात ठीक से न कह पाने के कारण भी कोई समस्या हो सकती है। हालात को नियंत्रण में रखने के लिए शांत रहें। इससे आपको फायदा होगा। जो भी आपसे मिले, उसके साथ विनम्र और सुखद व्यवहार करें। बहुत कम लोग ही आपके इस आकर्षण का राज जान पाएंगे। किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करे नहीं तो आज धोखा भी खा सकते है।

मिथुन :- आज आप आस्था और आत्मविश्वास से सभी क्षेत्रों में उम्मीद से अच्छा करेंगे। अधिकारीगण आप के कार्य से संतोष का अनुभव करेंगे। मुसीबत से बाहर निकलने के लिए आपको अपनों की मदद लेनी चाहिए। स्वास्थ्य का ख्याल रखें। आकस्मिक धनलाभ होने की भी संभावना है। आपको मानसिक संतोष मिलेगा। पिता और बड़ों के आशीर्वाद से लाभ होगा। प्रभावशीलता बनी रहेगी। सेहत के लिहाज से जरा संभलकर रहें। कहीं बाहर आप अपने दोस्तों के साथ वक़्त का भरपूर लुत्फ़ उठा सकते हैं। इससे पहले कि नकारात्मक विचार मानसिक बीमारी का रूप ले लें, आप उन्हें खत्म कर दें।

कर्क :- आज व्यापार के क्षेत्र में आपको लाभ होगा। संतानों के साथ संबंध अच्छे रहेंगे। आप के व्यवसाय से अन्य व्यापारी भी धन का लाभ ले पाएंगे। स्वास्थ्य संभालकर चलिएगा। दूर स्थित स्नेहीजनों के समाचार मिलेंगे। मध्याह्न के बाद कार्यालय में उपरी अधिकारी का सहयोग मिलेगा। गृहस्थों को सुख और संतोष की भावना आज दिनभर मन में रहेगी। व्यावसायियों को पदोन्नति से लाभ होगा। सम्मान होने से आज मन प्रसन्न रहेगा। विपरीत लिंगीय व्यक्तियों के साथ संभलकर व्यवहार करें नहीं तो परेशानी होगी। पैसों के मामलों में आप बहुत उदार हो सकते हैं। विदेश जाने के अनुकूल परिस्थिति का निर्माण होगा।

सिंह :- आज आप निजी और पेशेवर जीवन दोनों में अपना सर्वश्रेष्ठ देने में सक्षम होंगे। निजी जीवन में कुछ अच्छे बदलाव होंगे। परिवार के सदस्यों का प्यार व सहयोग प्राप्त होगा। तन-मन से स्वस्थ और प्रफुल्लित रहेंगे। पड़ोसी और भाई-बंधुओं के साथ के संबंध सौहार्दपूर्ण रहेंगे। भाग्यवृद्धि के लिए अवसर सामने आएंगे। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त कर सकेंगे। किसी भी प्रकार के वाद विवाद से दूरी बनाए रखें। नई योजनाओं का आरम्भ करके और नाम कमाएंगे। व्यापार में भी लाभ होने की संभावना है। हाथ में लिए हुए कार्य समय पर पूरा न होने पर हताशा अनुभव कर सकते हैं।

कन्या :- नए कार्यों का आयोजन करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए अनुकूल दिन है। नौकरी और व्यवसाय में लाभदायक परिणाम मिलेंगे। व्यापार में नई दिशाएं खुलती प्रतीत होंगी। सरकार द्वारा लाभ के समाचार मिलेंगे। आप की शारीरिक स्फूर्ति और मानसिक प्रफुल्लता बनी रहेगी। परिवारजनों और मित्रों के साथ खान-पान का स्वाद ले पाएंगे। मध्याह्न के बाद आप को सहसा शारीरिक शिथिलता और मानसिक व्यग्रता का अनुभव होगा। मध्याह्न के बाद खान-पान में ध्यान रखिएगा। कार्य अपूर्ण रह जाने की पूरी संभावना है। प्रवास में विघ्न आएंगे। आध्यात्मिकता और ईश्वरभक्ति ही आप को सहायता देगी।

तुला :- आज कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले आपका सोच-विचार कर लेना ठीक रहेगा। रुका हुआ पैसा भी मिल सकता है। सामाजिक और सार्वजनिक क्षेत्र में प्रसिद्धि मिलेगी। परिवार एवं दांपत्य जीवन में सुख-संतोष का अनुभव करेंगे। रोमांस की पराकाष्ठा का अनुभव होगा। जीवनसाथी के साथ अच्छा मेल-जोल रहेगा। आज आपको हर मामले में अनुकूलता का अनुभव होगा। घर में सुख-शांति आएगी, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। आज का दिन घर से बाहर जाने तथा मित्रों से लाभ मिलने का है।

वृश्चिक :- आज आपको पारिवारिक जीवन में शांति बनाए रखने के लिए आपको कड़ा संघर्ष करना पड़ सकता है। किसी भी वाद-विवाद में पड़ने की बजाय अगर आप मामलों को शांति से सुलझाएं तो आपके लिए बेहतर होगा। आपको किसी कठिन स्थिति का सामना भी करना पड़ सकता है। परिवार में भी किसी न किसी तरह की उलझन भरी स्थिति बन सकती है। इन समस्याओं में समय और ऊर्जा काफी खर्च हो सकती है। आपके खर्चे भी बढ़ सकते हैं, सावधान रहें। कोई परेशानी की स्थिति बनने पर शांत रहने की कोशिश करें। व्यापारीगण साझेदारों के साथ धैर्य से काम लें। सार्वजनिक जीवन में अपयश न मिले इसका ध्यान रखें।

धनु :- आज नौकरी में आप अपने कार्य को बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। जो पहल करेंगे या नया कदम उठाएंगे, समय आने पर उसके अच्छे नतीजे भी आपको मिल सकते हैं। आपके लिए बेहतर यह रहेगा कि सोचे हुए काम करते जाएं। अपने महत्वपूर्ण कामों की लिस्ट बनाएं और उन पर ध्यान दें। खुद को किसी से कम न समझें। जो आप सोचेंगे वह आसानी से करेंगे। कई महत्वपूर्ण मामले आज टल भी सकते हैं, लेकिन उससे आपको फायदा होगा। घर के बाहर के मामलों में आपकी महत्वाकांक्षाएं भी बढ़ सकती है। आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

मकर :- आज का दिन लाभकारी रहेगा। पैसों का फायदा होने और कार्यक्षेत्र में कोई उपलब्धि मिलने का योग बन रहा है। आज आप शांत मन से काम करेंगे तो आपको काफी फायदा होगा। दूसरों की बात गंभीरता से सुने। कोई महत्वपूर्ण जानकारी आपको मिल सकती है। इस राशि के जो लोग प्लास्टिक के व्यापार से जुड़े हैं आज उनकी किसी बड़े व्यापारी से साझेदारी हो सकती है। विवाहितों के लिए आज का दिन शानदार रहने वाला है। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। जीवनसाथी से आपको सरप्राइज मिल सकता है।

कुंभ :- आज शिथिलता एवं अधिक कार्यभार के कारण मानसिक व्याकुलता का अनुभव होगा। सामाजिक दृष्टि से अपमानित न होना पड़े इस बात का ध्यान रखें। नए कार्य का प्रारंभ न करने की सलाह है। दूर रहने वाली संतानों से शुभ समाचार मिलेंगे। निर्धारित समय में आप अपना कार्य पूर्ण कर पाएंगे। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए हानिकर भोजन न लें। प्रवास में विघ्न आने की संभावना है। परंतु मध्याह्न के बाद दूर स्थित स्नेही सम्बंधियों के समाचार मिलने से आप का आनंद दूना हो जाएगा। नौकरी पेशावालों के लिए आज का दिन शुभ है। आकस्मिक धन खर्च की संभावना है।

मीन :- आज का दिन आपके लिए शानदार रहेगा। कोई नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फायदा दिलाएगा। बिजनेसमैन पुरानी बातों को पीछे छोड़कर आगे आने वाले अच्छे वक़्त की ओर देखें। आपकी कोशिशें फलदायी रहेंगी। जीवनसाथी की किसी बात को गंभीरता से न लेने पर विवाद हो सकता है। सेहत आज फिट रहेगी। नए कार्यों का प्रारंभ कर सकेंगे। नए कार्य का प्रारंभ करने का भी आज के दिन उत्साह रहेगा।

हिजाब की सिख पगड़ी से तुलना अनुचित : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि सिखों द्वारा पहनी जाने वाली पगड़ी की तुलना मुस्लिम महिलाओं के हिजाब के इस्तेमाल से करना उचित नहीं होगा।

शीर्ष न्यायालय ने यह टिप्पणी शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध को बरकरार रखने वाले कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाले विभिन्न अपीलकर्ताओं द्वारा उसके समक्ष दायर अपीलों पर सुनवाई के दौरान की।

न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता ने पीठ का नेतृत्व करते हुए कहा कि इस न्यायालय की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि पगड़ी और कृपाण सिखों के लिए आवश्यक है। इसलिए, सिखों द्वारा पहनी जाने वाली पगड़ी से तुलना करना अनुचित होगा क्योंकि सिखों के लिए पांच-के को अनिवार्य माना गया है।

याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश हुए वकील निजामुद्दीन पाशा की सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने इसका अवलोकन किया। फ्रांस के विपरीत, यहां सिख लड़के स्कूल जाने के लिए पगड़ी पहनते हैं और इससे स्कूल के अनुशासन में कोई बाधा नहीं आती है। न्यायामूर्ति गुप्ता ने पाशा से कहा कि कृपया हिजाब की तुलना सिख धर्म से न करें क्योंकि यह (सिख धर्म) पूरी तरह से भारतीय संस्कृति में समाया हुआ है।

एक अन्य याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने कहा कि राज्य धर्मनिरपेक्ष गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए कानून बना सकता है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम एक सामाजिक कल्याण कानून है और फिर वे कहते हैं कि हिजाब को प्रतिबंधित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक शिक्षा अधिनियम की प्रस्तावना में कहा गया है कि अधिकार पर कोई भी प्रतिबंध प्रत्यक्ष और निकट होना चाहिए न कि अप्रत्यक्ष या अनुमानित।

कामत ने हिजाब पहनने पर प्रतिबंध के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कभी भी संवैधानिक योजना नहीं हो सकती। ये कहां है कि हिजाब इज्जत कम कर रहा है? दोनों वकीलों कामत और पाशा की दलीलें और प्रस्तुतियां आज पूरी हो गईं और शीर्ष अदालत 12 सितंबर यानी सोमवार को सुनवाई की अगली तारीख पर इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद सहित अन्य वकीलों की नई दलीलों पर सुनवाई शुरू करेगा।

कामत ने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था पर प्रतिबंध वास्तविक और निकट होना चाहिए और दूर की कौड़ी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या कानून के तहत हेडस्कार्फ़ पहनने पर कोई प्रतिबंध है। कोई नहीं है।

उन्होंने कहा कि (कर्नाटक के) सरकारी आदेश पूरी तरह से दिमाग के लागू न होने से ग्रस्त है और (राज्य) उच्च न्यायालय ने आदेश के लिए पूरक कारण दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य ने सरकारी आदेश के तहत एक गैर-राज्य कर्ता कॉलेज विकास समिति को अपनी शक्ति सौंप दी जो स्वीकार्य नहीं है।

वकील पाशा ने कहा कि जिस आयत से पता चलता है कि किसी को भी धर्मांतरण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है को हिजाब धारण करने के लिए इस्तेमाल किया गया है जो इस मामले में अनिवार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि जब एक विश्वास करने वाली लड़की कहती है कि वह पूरी दुनिया की तुलना में अपने लिए हिजाब पहनना चाहती है तथा फिर महिला को शिक्षा और हिजाब के बीच एक विकल्प देना चाहती है, तो यह उसे एक विकल्प से वंचित करने जैसा है। उन्होंने सवाल किया कि जब हिजाब एक लड़की के धर्म का हिस्सा है तो क्या लड़की को स्कूल आने से रोका जा सकता है।

गौरतलब है कि कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी, न्यायमूर्ति कृष्णा दीक्षित और न्यायमूर्ति जेएम खाजी की पूर्ण पीठ ने इस साल 15 मार्च को अपने फैसले में कहा कि महिलाओं द्वारा हिजाब पहनना इस्लाम की एक आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है।

पीठ ने अपने फैसले में मुस्लिम छात्राओं के एक समूह द्वारा पीयू सरकारी कॉलेज के खिलाफ हिजाब पहनकर प्रवेश से इनकार करने के लिए दायर याचिकाओं को भी खारिज कर दिया था।पीठ ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि हिजाब का अभ्यास इस्लाम के तहत एक आवश्यक प्रथा नहीं है और इस प्रकार यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 के दायरे में नहीं आता है।

उच्च न्यायालय ने यह भी माना था कि स्कूल की वर्दी का निर्धारण केवल एक उचित प्रतिबंध है जो संवैधानिक रूप से मान्य है, जिस पर छात्र आपत्ति नहीं कर सकते हैं। न्यायालय ने यह भी कहा कि सरकार के पास ऐसी अधिसूचना जारी करने की शक्ति है और सरकारी अधिसूचना के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है।

26 हजार घंटे में 280 टन की शिला तराश कर बनी है नेताजी की प्रतिमा

नई दिल्ली। राजधानी में इंडिया गेट के पास ऐतिहासिक छतरी के नीचे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जिस प्रतिमा का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को अनावरण किया वह 65 टन वजनी है और इसे ग्रेनाइट की एक शिला को तराश कर सृजित किया गया है। सिद्धहस्त शिल्पी अरुण योगीराग के नेतृत्व में मूर्तिकारों के एक दल ने मनोयोग के साथ कुल 26 हजार घंटे के प्रयास से इस प्रतिमा को गढ़ा।

इसमें प्रयुक्त की गई ग्रेनाइट पत्थर की शिला को तेलंगाना के खम्मम जिले से 1650 किलोमीटर दूर दिल्ली लाया गया था, शिला का भार 280 टन था, इसे दिल्ली लाने के 100 फुट लंबी और 140 पहियों वाले ट्रक का प्रयोग किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इन तथ्यों का उल्लेख राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैले राजपथ को कर्तव्य पथ नाम देते हुए किया है।

इसके निर्माण में पारंपरिक मूर्ति शिल्प की तकनीकों के अलावा आधुनिक औजारों का भी प्रयोग किया गया। इंडिया गेट के पास छतरी के नीचे कभी किंग जार्ज पंचम की प्रतिमा हुआ करती थी। मोदी ने गत 21 जनवरी को वहां नेताजी की एक डिजिटल प्रकाश वाली मूर्ति का उद्घाटन करते हुए कहा था कि उसकी जगह ग्रेनाइट से बनी 28 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

मोदी ने कर्तव्य पथ के उद्घाटन भाषण का एक बड़ा समय नेताजी के योगदान की चर्चा और सरकार द्वारा उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए किए गए कार्यों पर लगाया। उन्होंने कहा कि आज अगर राजपथ का अस्तित्व समाप्त होकर कर्तव्य पथ बना है, आज अगर जार्ज पंचम की मूर्ति के निशान को हटाकर नेताजी की मूर्ति लगी है तो यह गुलामी की मानसिकता के परित्याग का पहला उदाहरण नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में एक के बाद ऐसे कई निर्णय किए हैं, जिन पर नेताजी के आदर्शों और सपनों की छाप है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अखंड भारत के पहले प्रधान थे जिन्होंने 1947 से भी पहले अंडमान को आजाद करवाकर तिरंगा फहराया था।

ग़ुलामी का प्रतीक किंग्सवे यानी राजपथ इतिहास हो गया : मोदी

ग़ुलामी का प्रतीक किंग्सवे यानी राजपथ इतिहास हो गया : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजपथ की भावना और उसकी संरचना को गुलामी का प्रतीक करार देते हुए कहा कि गुलामी का प्रतीक किंग्सवे यानी राजपथ आज से इतिहास की बात हो गया है, हमेशा के लिए मिट गया है एवं कर्तव्य पथ के रूप में नए इतिहास का सृजन हुआ है।

मोदी ने सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का उद्घाटन करने के बाद लोगों को सम्बोधित करते हुए आज कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में देश को आज एक नई प्रेरणा मिली है, नई ऊर्जा मिली है। आज हम गुजरे हुए कल को छोड़कर, आने वाले कल की तस्वीर में नए रंग भर रहे हैं। आज जो हर तरफ ये नई आभा दिख रही है, वो नए भारत के आत्मविश्वास की आभा है।

उन्होंने कहा कि गुलामी का प्रतीक किंग्सवे यानि राजपथ, आज से इतिहास की बात हो गया है, हमेशा के लिए मिट गया है। आज कर्तव्य पथ के रूप में नए इतिहास का सृजन हुआ है। मैं सभी देशवासियों को आजादी के इस अमृतकाल में, गुलामी की एक और पहचान से मुक्ति के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

उन्होंने कहा कि आज इंडिया गेट के समीप हमारे राष्ट्रनायक नेताजी सुभाषचंद्र बोस की विशाल मूर्ति भी स्थापित हुई है। गुलामी के समय यहां ब्रिटिश राजसत्ता के प्रतिनिधि की प्रतिमा लगी हुई थी। आज देश ने उसी स्थान पर नेताजी की मूर्ति की स्थापना करके आधुनिक, सशक्त भारत की प्राण प्रतिष्ठा भी कर दी है।

उन्होंने कहा कि सुभाषचंद्र बोस ऐसे महामानव थे जो पद और संसाधनों की चुनौती से परे थे। उनकी स्वीकार्यता ऐसी थी कि, पूरा विश्व उन्हें नेता मानता था। उनमें साहस था, स्वाभिमान था। उनके पास विचार थे, विज़न था। उनमें नेतृत्व की क्षमता थी, नीतियां थीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर आजादी के बाद हमारा भारत सुभाष बाबू की राह पर चला होता तो आज देश कितनी ऊंचाइयों पर होता लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद हमारे इस महानायक को भुला दिया गया। उनके विचारों को, उनसे जुड़े प्रतीकों तक को नजरअंदाज कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि उस वक्त सुभाष बाबू ने कल्पना की थी कि लाल किले पर तिरंगा फहराने की क्या अनुभूति होगी। इस अनुभूति का साक्षात्कार मैंने स्वयं किया, जब मुझे आजाद हिंद सरकार के 75 वर्ष होने पर लाल किले पर तिरंगा फहराने का सौभाग्य मिला। पिछले आठ वर्षों में हमने एक के बाद एक ऐसे कितने ही निर्णय लिए हैं, जिन पर नेताजी के आदर्शों और सपनों की छाप है। नेताजी सुभाष, अखंड भारत के पहले प्रधान थे जिन्होंने 1947 से भी पहले अंडमान को आजाद कराकर तिरंगा फहराया था।

उन्होंने कहा कि आज भारत के आदर्श अपने हैं, आयाम अपने हैं। आज भारत के संकल्प अपने हैं, लक्ष्य अपने हैं। आज हमारे पथ अपने हैं, प्रतीक अपने हैं। आज अगर राजपथ का अस्तित्व समाप्त होकर कर्तव्यपथ बना है। आज अगर जॉर्ज पंचम की मूर्ति के निशान को हटाकर नेताजी की मूर्ति लगी है तो ये गुलामी की मानसिकता के परित्याग का पहला उदाहरण नहीं है।

आज देश अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे सैकड़ों क़ानूनों को बदल चुका है। भारतीय बजट, जो इतने दशकों से ब्रिटिश संसद के समय का अनुसरण कर रहा था, उसका समय और तारीख भी बदली गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए अब विदेशी भाषा की मजबूरी से भी देश के युवाओं को आजाद किया जा रहा है।

मोदी ने कहा कि कर्तव्य पथ केवल ईंट-पत्थरों का रास्ता भर नहीं है। यह भारत के लोकतान्त्रिक अतीत और सर्वकालिक आदर्शों का जीवंत मार्ग है। यहां जब देश के लोग आएंगे, तो नेताजी की प्रतिमा, नेशनल वार मेमोरियल, ये सब उन्हें कितनी बड़ी प्रेरणा देंगे, उन्हें कर्तव्यबोध से ओत-प्रोत करेंगे। उन्होंने कहा कि राजपथ ब्रिटिश राज के लिए था, जिनके लिए भारत के लोग गुलाम थे। राजपथ की भावना भी गुलामी का प्रतीक थी, उसकी संरचना भी गुलामी का प्रतीक थी। आज इसका आर्किटैक्चर भी बदला है, और इसकी आत्मा भी बदली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर, मैं अपने उन श्रमिक साथियों का विशेष आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने कर्तव्यपथ को केवल बनाया ही नहीं है, बल्कि अपने श्रम की पराकाष्ठा से देश को कर्तव्य पथ दिखाया भी है। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण कार्य में लगे श्रमिक अपने परिवार के साथ आगामी गणतंत्र दिवस पर कर्तव्यपथ पर उनके अतिथि होंगे।

उन्होंने कहा कि नए भारत में आज श्रम और श्रमजीवियों के सम्मान की एक संस्कृति बन गई है, एक परंपरा पुनर्जीवित हो रही है। जब नीतियों में संवेदनशीलता आती है, तो निर्णय भी उतने ही संवेदनशील होते चले जाते हैं, इसलिए देश अब अपनी श्रम शक्ति पर गर्व कर रहा है।

सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई 13 सितंबर तक स्थगित

नई दिल्ली। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने कथित धनशोधन मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई गुरुवार को 13 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

सांसदों/विधायकों के मामले की विशेष सीबीआई न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई 13 सितंबर तक के लिए टाल दी।

अदालत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जैन, उनकी पत्नी और आठ अन्य आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत दायर आरोपपत्र का संज्ञान लेने के बाद उनके (सत्येंद्र जैन) के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।

अदालत ने जैन की पत्नी पूनम जैन तथा दो अन्य अजीत प्रसाद जैन और सुनील कुमार जैन को धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज एक मामले में जमानत दे दी।