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भीलवाड़ा : नहाते समय बनास नदी में डूबने से युवक की मौत

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भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा में मंगरोप थाना क्षेत्र में बनास नदी में नहाते समय बनास नदी में डूबने से आज एक यूवक की मौत हो गई। सहायक उप निरीक्षक सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि हरणी महादेव, पंचवटी निवासी गोविंद नायक 19 अपने बड़े भाई गोपाल के साथ मंगलवार को नहाने के लिए मंगरोप क्षेत्र के पातलियास क्षेत्र से गुजर रही बनास नदी पर गया।

दोनों भाई नदी में नहाने उतरे, तभी गोविंद का पैर फिसल गया और वह गहराई में जाकर डूब गया। हादसे की जानकारी आस-पास मौजूद लोगों को गोपाल ने दी। इसके बाद स्थानीय गोताखोर सांवर कीर, सत्यनारायण कीर, जमुना कीर, लक्ष्मण कीर, उदय माली, मथुरा कीर ने बनास में डूबे युवक की गहरे पानी में तलाश की। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद गोविंद को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

उधर, मृतक के भाई गोपाल ने इस घटना को लेकर शव का पोस्टमार्टम और पुलिस कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया। ऐसे में पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।

पिकअप टैंकर हादसे में एक और घायल की मौत

भीलवाड़ा जिले के बालापुरा के नजदीक अजमेर हाइवे पर कल पिकअप एवं टैंकर में घायल एक और व्यक्ति की आज मौत होने के बाद इस हादसे में मृतकों की संख्या तीन हो गई है। पुलिस ने बताया कि सोमवार रात हाइवे पर स्थित चाय की दुकान पर एक पिकअप रुकी। इस पिकअप में बांसवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं गुजरात के गाडोलिया लौहार जाति के लोग थे, जो रामदेवरा से दर्शन कर बांसवाड़ा लौट रहे थे। इसी दौरान एक टैंकर ने खड़ी पिकअप एवं इसके पास खड़े जातरुओं को चपेट में ले लिया था।

हादसे में मां बेटे की मौत हो गई थी। अस्पताल में भर्ती घायलों में से एक और घायल दाहोद, गुजरात निवासी जितिन गाडोलिया लौहार 35 ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं शेष सभी आठ घायलों को मंगलवार सुबह रैफर कर दिया गया। उधर, तीनों शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। ये शव अंतिम संस्कार के लिए परिजन अपने पैतृक गांव के लिए लेकर रवाना हो गए।

इराक राजधानी बगदाद में संघर्ष में 30 लोग मारे गए, सैकड़ों घायल

बगदाद। इराक की राजधानी बगदाद में इराकी सुरक्षा बलों और एक शक्तिशाली शिया धर्मगुरु के समर्थकों के बीच लड़ाई कम से कम 30 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों अन्य घायल हो गए हैं। मंगलवार को व्याप्त अशांति एवं ‘अत्यधिक तनाव’ के हालत को देखते हुए देश भर में कर्फ्यू लगा दिया गया।

शिया धर्मगुरु मुक्तादा अल-सदर द्वारा राजनीति से अपनी स्थायी सेवानिवृत्ति की घोषणा के बाद सोमवार की हिंसा भड़क गई थी। अल-सदर ने ‘हिंसा और हथियारों के उपयोग’ समाप्त होने तक भूख हड़ताल शुरू की है।

अल जज़ीरा ने अपने एक पत्रकार के हवाले से कहा कि हम रात भर गोलियों की आवाज़ सुन रहे हैं, मध्यम और हल्के हथियारों का इस्तेमाल किया गया है, हमने ग्रीन ज़ोन के अंदर कई विस्फोट भी सुने हैं। ग्रीन जोन में विभिन्न देशों के दूतावास और सरकारी कार्यालय स्थित हैं।

इराकी न्यूज एजेंसी ने सुरक्षा बलों के हवाले से कहा कि ग्रीन जोन की तरफ चार मिसाइल दागे गये। मिसाइलें एक आवासीय परिसर में जा गिरी जिससे काफी नुकसान हुआ।

बयान में कहा गया कि मिसाइलों को राजधानी बगदाद के पूर्व में अल-हबीबिया और अल-बालादियात के इलाकों से लॉन्च किया गया। रुक-रुक कर हो रही गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजों से बगदाद के निवासी जाग गए।

मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि इराकी सुरक्षा बलों ने शिया धर्मगुरु मुक्तदा अल-सदर समर्थकों को रिपब्लिकन पैलेस, जहां प्रधानमंत्री कार्यालय स्थित है, और साथ ही आसपास के क्षेत्रों से बाहर कर दिया।

एक सूत्र ने अल जज़ीरा अरबी को यह भी बताया कि सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ सदरिस्टों और उनके विरोधियों, समन्वय फ्रेमवर्क गठबंधन के नेताओं के बीच बातचीत हो रही है।

रिपोर्ट में कहा गया कि स्थिति बहुत तनावपूर्ण है। इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए नजफ शहर में ग्रैंड शिया धार्मिक संदर्भ ग्रैंड मरजीआ को हस्तक्षेप करने के लिए कहा गया है।

अल-सदर के अनुयायियों के विरोध के बीच बगदाद में घातक हिंसा भड़कने के बाद अल-सदर का अनशन शुरू हुआ। एक चिकित्सा स्रोत के अनुसार कम से कम 30 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं।

बीबीसी ने कहा कि इराक के कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने शांति की अपील की है और सेना ने कई अन्य शहरों में अशांति के बाद देशव्यापी कर्फ्यू की घोषणा की है। सोमवार को सड़कों पर लड़ाई शुरू हो गई क्योंकि गोलियों का आदान-प्रदान हुआ और ट्रेसर राउंड ने रात के आसमान को रोशन कर दिया। इसे हाल के वर्षों में इराकी राजधानी में सबसे खराब हिंसा कहा जा रहा है।

बीबीसी ने कहा कि अधिकांश लड़ाई शहर के ग्रीन ज़ोन के आसपास केंद्रित थी। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि कुछ हिंसा पीस ब्रिगेड, अल-सदर के प्रति वफादार मिलिशिया और इराकी सेना के सदस्यों के बीच हुई थी।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में कुछ लड़ाके रॉकेट से चलने वाले ग्रेनेड (आरपीजी) सहित भारी हथियारों का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं। ईरान ने इराक के साथ अपनी सीमाओं को बंद कर दिया है और कुवैत ने अपने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने का आग्रह किया है।

बीबीसी ने एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के हवाले से बताया कि डॉक्टरों ने दावा किया कि अल-सदर के 30 समर्थकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और लगभग 350 अन्य प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि वह घटनाओं से चिंतित हैं और उन्होंने ‘स्थिति को शांत करने के लिए तत्काल कदम’ उठाने का आह्वान किया। अल-सदर के सहयोगी अंतरिम प्रधान मंत्री मुस्तफा अल-कदीमी ने कैबिनेट की बैठकों को निलंबित कर दिया है और प्रभावशाली मौलवी से हस्तक्षेप करने तथा हिंसा को रोकने का अनुरोध किया है।

अल-सदर के एक वरिष्ठ सहयोगी ने इराक की सरकारी समाचार एजेंसी आईएनए को बताया कि उसने तब तक भूख हड़ताल की घोषणा की जब तक कि हिंसा और हथियारों का इस्तेमाल बंद नहीं हो जाता। अल-सदर की घोषणा के एक दिन बाद हिंसा भड़क उठी कि वह राजनीतिक जीवन से संन्यास रहे हैं।

अक्टूबर में अल-सदर के प्रति वफादार उम्मीदवारों ने इराक की संसद में सबसे अधिक सीटें जीतीं लेकिन वह सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें हासिल करने में विफल रहे। तब से उन्होंने ईरानी समर्थित शिया समूहों के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया, जिससे लगभग एक साल की राजनीतिक अस्थिरता फैल गई।

अल-सदर ने एक बयान में कहा कि मैंने राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने का फैसला किया था, लेकिन अब मैं अपनी अंतिम सेवानिवृत्ति और सभी (सदरिस्ट) संस्थानों को बंद करने की घोषणा करता हूं। हमारे आंदोलन से जुड़े कुछ धार्मिक स्थल खुले रहेंगे।

अल-सदर (48) पिछले दो दशकों से इराकी सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में एक प्रमुख व्यक्ति रहे हैं। उनकी मेहदी सेना सबसे शक्तिशाली लड़ाकों में से एक के रूप में उभरी, जिसने पूर्व शासक सद्दाम हुसैन पर आक्रमण के बाद अमेरिका और सहयोगी इराकी सरकारी बलों से लड़ाई लड़ी। बाद में उन्होंने इसे पीस ब्रिगेड के रूप में पुनः ब्रांडेड किया और यह सबसे बड़े मिलिशिया में से एक है जो अब इराकी सशस्त्र बलों का हिस्सा है।

ऑडी की नई ऑडी क्यू3 लॉन्च, जानिए क्या है खूबियां

नई दिल्ली। लक्जरी कार बनाने वाली जमर्न कंपनी ऑडी ने आज भारतीय बाजार में नई ऑडी क्यू 3 के दो मॉडल उतारने की घोषणा की जिसकी एक्स शोरूम कीमत क्रमश: प्रीमियम प्लस 44,89,000 रुपए और टेक्‍नोलॉजी की कीमत 50,39,000 रुपए है।

ऑडी इंडिया ने आज यहां जारी बयान में कहा कि इसके दो मॉडल उतारे गए हैं जिसमें प्रीमियम प्लस और टेक्‍नोलॉजी श्मेामिल है। अपनी श्रेणी में सबसे अग्रणी प्रदर्शन-ऐतिहासिक क्वॉट्रो ऑल-व्हील ड्राइव के साथ 2.0 लीटर का टीएफएसआई इंजन है, जो 190 एचपी की पावर और 320 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है।

उसने कहा कि में इसमें एलईडी हेडलाइट्स, पैनोरेमिक ग्लास सनरूफ, हाई गलॉस स्टाइलिंग पैकेज, इशारों से कंट्रोल होने वाला टेलगेट के साथ ऑडी वर्चुअल कॉकपिट प्लस, एमएमआई टच के साथ एमएमआई नैविगेशन प्लस, ऑडी ड्राइव सिलेक्ट, वायरलेस चार्जिंग के साथ ऑडी फोन बॉक्स, 30 से ज्यादा रंगों के साथ एंबियंट लाइटिंग पैकेज, लेदर और लैदरेट की सीटें, पावर एडजस्टेबल फ्रंट सीट, चारों और से लकड़ी की कारीगरी से मिलने वाला सपोर्ट और 10 स्पीकर के साथ ऑडी साउंड सिस्टम शामिल है।

अधिकतम सुरक्षा के लिए 6 एयरबैग्स दिए गए हैं। अपनी श्रेणी में 530 लीटर की सबसे बड़ी डिक्की है। इसकी बुकिंग कंपनी की वेबसाइट पर ऑनलाइन की जा सकती है।

कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की अटकलों पर टिप्पणी से शशि थरूर का इन्कार

तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मंगलवार को उनके कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने की अटकलों पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।

थरूर (66) ने तिरुवनंतपुरम में संवाददताओं से कहा कि मुझे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है। मैंने अपने लेख में जो लिखा है, मैं उसे स्वीकार करता हूं कि चुनाव कराना कांग्रेस पार्टी के लिए अच्छा होगा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लेखक ने स्वामी विवेकानंद के हवाले से एक ट्वीट किया कि मैं सिर्फ सुधार में विश्वास नहीं करता, मैं विकास में विश्वास करता हूं। मैं समाज को हुक्म देने की हिम्मत नहीं कर सकता, इस तरह तुम्हें आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मैं बस राम के पुल के निर्माण में गिलहरी की तरह याेगदान देने वाला बनना चाहता हूं, जो अपने हिस्से का रेत का छोटा सा कण भी ले जाने के अपने योगदान से संतुष्ट थी।

थरूर के करीबी सूत्रों के हवाले से खबरें आ रही हैं कि वह कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं और जल्द ही वह इस पर फैसला ले सकते हैं। कांग्रेस के भीतर प्रमुख निर्णय लेने वाली संस्था, कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने पार्टी अध्यक्ष के लिए चुनाव कार्यक्रम की रविवार को घोषणा की है। कांग्रेस अध्यक्ष 19 अक्टूबर तक चुन लिया जाएगा।

उन्हाेंने कहा कि मुझे लगता है कि इसे सीडब्ल्यूसी की कई सीटों के लिए भी चुनावों की घोषणा करनी चाहिए, जो अभी चुनी जानी बाकी हैं। थरूर ने लिखा कि फिर भी, एक नए अध्यक्ष का चुनाव कांग्रेस को फिर से सक्रिय दिशा में ले जाने की एक शुरुआत है। मुझे उम्मीद है कि कई उम्मीदवार अपने विचार रखने के लिए आगे आएंगे। पार्टी और राष्ट्र के लिए अपने दृष्टिकोण को सामने रखना निश्चित रूप से जनहित में है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह से, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एक अच्छी पहल होगी।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन 24-30 सितंबर के बीच दाखिल किए जाएंगे। नाम वापसी की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है और यदि एक से अधिक उम्मीदवार बचते हैं तो 17 अक्टूबर को चुनाव होगा और 19 अक्टूबर को चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे।

सीबीआई ने मनीष सिसोदिया के बैंक लॉकर की ली तलाशी

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया के पंजाब नेशनल बैंक के लॉकर की मंगलवार को तलाशी ली।

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी ने नई आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं को लेकर बैंक की गाजियाबाद शाखा का दौरा किया। तलाशी के कुछ घंटे पहले सिसोदिया ने ट्वीट किया कि सीबीआई हमारे बैंक लॉकर को देखने आ रही है। गत 19 अगस्त को मेरे घर पर 14 घंटे की छापेमारी में कुछ नहीं मिला।

मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि लॉकर में भी कुछ नहीं मिलेगा। सीबीआई आपका स्वागत है। मेरा परिवार जांच में पूरा सहयोग देगा। लॉकर में मेरी पत्नी और बच्चों के गहने और कुछ अन्य सामान हैं।

गौरतलब है कि सीबीआई ने 19 अगस्त को सिसोदिया के आवास पर छापा मारा था। जांच एजेंसी ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि उन्हें उसके घर से कोई सबूत मिले या नहीं।

विशेष सत्र के दौरान दिल्ली विधानसभा में उपमुख्यमंत्री के आवास पर सीबीआई की छापेमारी का मुद्दा भी गूंज उठा। सिसोदिया ने सदन को बताया कि भारतीय जनता पार्टी सीबीआई के छापे से उन्हें डराने की कोशिश कर रही है।

सत्र के दौरान दिल्ली विधानसभा में भाजपा विधायकों ने हंगामा किया और सिसोदिया को उनके पद से बर्खास्त करने की मांग की जबकि आप विधायकों ने विधानसभा परिसर में देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया तथा उपराज्यपाल के खिलाफ सीबीआई-ईडी जांच की मांग की।

सिसोदिया ने विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के पहले दिन कहा कि भाजपा नई आबकारी नीति को लागू करने में करोड़ों रुपए के घोटाले का दावा कर रही है जबकि मेरे घर तलाशी के लिए आए सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि यह सिर्फ एक करोड़ रुपए की जांच है।

हैदराबाद : सामाजिक कार्यकर्ता सैयद अब्दाहु काशफ PD Act के अंतर्गत हिरासत में

हैदराबाद। मुसलमानों और हिंदुओं के बीच नफरत फैलाते वाले हैदराबाद के प्रभावशाली और स्वघोषित सामाजिक एवं नागरिक अधिकार कार्यकर्ता सैयद अब्दाहु कादरी उर्फ काशफ को मंगलवार को प्रिवेंटिव डिटेंशन (पीडी) एक्ट के अंतर्गत हिरासत में लिया गया।

हैदराबाद पुलिस आयुक्त सीवी आनंद के निर्देश पर 27 वर्षीय कार्यकर्ता को 1986 पीडी एक्ट की एक्ट संख्या 1 के तहत हिरासत में लिया गया। 22/ 23 अगस्त की रात काशफ ने अपने समर्थकों के साथ हैदराबाद पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने धरना दिया और पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ईशनिंदा करने वाले भाजपा के निलंबित विधायक टी राजा सिंह की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इस घरने में शहर के हजारों मुस्लिम युवा शामिल हुए।

काशफ ने प्रदर्शनकारियों को भड़काया और नारे लगाने के लिए उकसाया जैसे ‘नारे तकबीर अल्लाह हू अकबर-गुस्ताक-ए-रसूल की एक ही साजा, सर तन से जुदा’ और मुस्लिम और हिंदू समुदायों के बीच घृणा और दुर्भावना फैलाया, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

किसी भी घृणास्पद वीडियो और नारों में दंगा, हिंसा, आतंकवाद को उकसाने की क्षमता होती है। इससे लोगों के जीवन पर विनाशकारी प्रभाव पड़ता है और उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा खतरे में आ जाते हैं, यह भाईचारे, व्यक्ति की गरिमा, राष्ट्रीय एकता और अखंडता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है और भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के अंतर्गत प्राप्त मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन करता है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों ने भड़काऊ नारे लगाए, जिसके कारण हैदराबाद शहर के विभिन्न इलाकों में हिंसक घटनाओं के साथ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया, एक पुलिस स्टेशन पर पथराव किया और होटल विक्रेता और निजी कैब चालक पर हमला किया।

काशफ लंबे समय से आम लोगों के बीच भय, अशांति और दहशत फैला रहा है, समाज में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को खराब करने के अलावा सार्वजनिक व्यवस्था के विरूद्ध काम कर रहा है। काशफ हैदराबाद पुलिस कमिश्नरेट में चार मामलों में अपराधी है, जिनमें से तीन मामले मुसलमानों और हिंदुओं के बीच नफरत फैलाने से संबंधित हैं।

साइबर क्राइम पुलिस, सीसीएस, डिटेक्टिव डिपार्टमेंट, हैदराबाद ने काशफ के लिए पीडी आदेश को क्रियान्वित किया और उसे सेंट्रल जेल, चंचलगुडा, हैदराबाद में रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े मामलों को बंद किया

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने मंगलवार को 2002 के गुजरात दंगों से संबंधित मामलों को अब गैरजरूरी बताते हुए अपनी कार्यवाही बंद कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने अपना आदेश पारित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से हिंसा के मामलों में उचित जांच की मांग समेत दस याचिकाओं का निपटारा कर दिया गया है। इसलिए अब ये मामले आवश्यक नहीं रहे।

पीठ ने कहा कि अदालत ने दंगों से जुड़े नौ मामलों की जांच और मुकदमा चलाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। उनमें से आठ मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। अदालत को अब इन मामलों पर सुनवाई करने की आवश्यकता नहीं है। पीठ ने कहा कि एक मामला निचली अदालत में चल रहा है, जो अंतिम बहस की अवस्था में है।

एसआईटी का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ के समक्ष दलील देते हुए कहा कि नौ मामलों में से सिर्फ एक मामला लंबित है। नरोदा गांव क्षेत्र से संबंधित एक मामले में बहस की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। रोहतगी ने शीर्ष अदालत को बताया कि अन्य मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है और वे मामले या तो उच्च न्यायालय या शीर्ष अदालत के समक्ष हैं।

शीर्ष अदालत के समक्ष अधिवक्ता अपर्णा भट ने दलील देते हुए कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ की सुरक्षा से संबंधित याचिका लंबित है। अपर्णा भट्ट ने कहा कि उसे सीतलवाड़ से निर्देश नहीं मिल सका क्योंकि वह इस समय गुजरात पुलिस द्वारा दर्ज एक नए मामले में हिरासत में है।

इस पर शीर्ष अदालत ने सीतलवाड़ को सुरक्षा के लिए संबंधित प्राधिकरण से संपर्क करने की अनुमति दी। अदालत ने यह भी कहा कि वह कानून के अनुसार याचिकाकर्ता के आवेदन पर फैसला करेगी।

गुजरात के दंगों में 1000 से अधिक लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर मुसलमान थे। वर्ष 2002 में 27 फरवरी को गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में उपद्रवकारियों ने आग लगा दी गई थी, जिसकी वजह से 59 कारसेवकों की मौत हो गई थी। इस हिंसक घटना के बाद गुजरात में दंगे भड़के थे।

आरपीएससी 16 हजार पदों पर भर्ती के लिए आयोजित करेगा परीक्षा

अजमेर। राजस्थान लोकसेवा आयोग जल्द ही 16 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित करेगी। इन परीक्षाओं की तिथियां भी निर्धारित कर दी गई है।

अजमेर मुख्यालय पर आयोग के सचिव एचएल अटल ने बताया कि आगामी अक्टूबर 2022 से जनवरी 2023 के मध्य माध्यमिक शिक्षा तथा संस्कृत शिक्षा विभाग के 16 हजार 279 पदों के लिए भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा कार्यक्रम यथा समय जारी किया जाएगा लेकिन आयोग प्रबंधन ने तारीखें निर्धारित कर दी है।

उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में 26 विषयों के लिए छह हजार पदों की स्कूल लेक्चरर परीक्षा 11 से 21 अक्टूबर के मध्य, वरिष्ठ अध्यापक ग्रेड द्वितीय के आठ विषयों के कुल 9760 पदों के लिए 17 से 24 दिसंबर के बीच परीक्षाएं आयोजित किया जाना संभावित है।

उन्होंने बताया कि संस्कृत शिक्षा विभाग में पांच विषयों के 102 पदों के लिए 15 से 17 नवंबर तक तथा वरिष्ठ अध्यापक ग्रेड द्वितीय के लिए छह विषयों के कुल 417 पदों के लिए जनवरी 2023 के द्वितीय सप्ताह में परीक्षा आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।

1518 पटवारियों को प्रदान की पदोन्नति

राजस्थान राजस्व मंडल में आज मंडल के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह के निर्देशों पर हुई विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में कुल 1518 पटवारी एवं वरिष्ठ पटवारियों को पदोन्नति प्रदान की गई।

अजमेर मुख्यालय पर मंडल निबंधक महावीर प्रसाद ने बताया कि पदोन्नति में 348 भू अभिलेख निरीक्षण और 1175 वरिष्ठ पटवारी पद पर पदोन्नति की गई। पदोन्नत कार्मिकों में 1332 कार्मिक गैर अनुसूचित क्षेत्र से तथा 186 कार्मिक अनुसूचित क्षेत्र से शामिल किए गए हैं।

नसीराबाद : हौद की सफाई करने पहुंचे थानाधिकारी सहित दो अचेत

नसीराबाद। राजस्थान में अजमेर के नजदीक नसीराबाद के श्रीनगर थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले लवेरा गांव स्थित हौद में चार युवकों की मौत के बाद आज घटनास्थल वाले खेत में बने हौद की सफाई करने पहुंचे थानाधिकारी गणपतलाल सहित दो अन्य अचेत हो गए।

हौद की सफाई के दौरान हौद में जहरीली गैस की चपेट में आने से एसएचओ सहित अन्य दो को अचेतावस्था में नसीराबाद के राजकीय सामान्य चिकित्सालय पहुंचाया गया और बाद में उन्हें अजमेर के लिए रेफर कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार टैंक में जहरीली गैस का रिसाव चल रहा है जो कि रहस्यमय बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि लवेरा गांव की इस हौद में एक बच्चे को बचाने के चक्कर में उसके चाचा सहित कुल चार की मृत्यु हो गई थी और तब भी मौत का कारण जहरीली गैस ही बताया गया था।

नसीराबाद : पानी के हौद में गिरे बच्चे को बचाने के प्रयास में 4 युवकों की मौत

मुश्ताक नाडियाडवाला को बच्चों का पता लगाने के लिए विदेश मंत्रालय से मदद

मुंबई। केंद्र सरकार ने फिल्म निर्माता मुश्ताक नाडियाडवाला से कहा है कि वह अपने बच्चों का पता लगाने के लिए विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव से मदद लें। नाडियाडवाल की पाकिस्तानी पत्नी ने बच्चाें को पाकिस्तान के लाहौर में कथित तौर पर हिरासत में रखा है। फिल्म निर्माता ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रभावशाली लोगों द्वारा उनकी पत्नी को भी पाकिस्तान में रखा गया है।

यह बयान स्टूडियो वन के निर्माता द्वारा अदालत में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान दिया था। जिसमें याचिकाकर्ता ने अदालत से केंद्र सरकार को उनके बच्चों की सुरक्षित वापसी की सुविधा मुहैया कराने के लिए निर्देश देने की मांग की थी।

फिल्म निर्माता ने अपनी याचिका में यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को भी उनके प्रभावशाली परिवार द्वारा पाकिस्तान में रख रखा है। उन्होंने सरकार से उनकी भी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की गुहार लगायी है।

न्यायमूर्ति एन एम जमदार और एनआर बोरकर की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को अपने परिवार सुरक्षित वापसी के लिए उठाए गए कदमों के बारे में अदालत को सूचित करने के लिए कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को अन्य आधिकारिक औपचारिकताओं के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए।

नाडियाडवाला का स्टूडियो वन बॉलीवुड की प्रमुख पोस्ट प्रोडक्शन सुविधाओं में से एक है। जिसने 20वीं सेंचुरी फॉक्स, वार्नर ब्रदर्स, सोनी पिक्चर्स, पैरामाउंट, डिज्नी, करण जौहर, संजय लीला भंसाली, यूटीवी, बालाजी के साथ काम किया है।