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हिस्सेदारी अधिग्रहण को लेकर अडानी-एनडीटीवी की खींचतान तेज

नई दिल्ली। समाचार प्रसारक एनडीटीवी औ उद्यम हस्ती गौतम अडानी के समूह के बीच हिस्सेदारी अधिग्रहण को लेकर खींचतान शुक्रवार को उस समय और तेज हो गई जब प्रणय रॉय और राधिका रॉय द्वारा स्थापित मीडिया कंपनी के दावों को खारिज करते हुए अडानी समूह ने कहा कि 29 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए बाजार नियामक सेबी से किसी पूर्व स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है।

एक नियामक फाइलिंग में अडानी समूह ने कहा कि एनडीटीवी के प्रमोटर समूह की कंपनी आरआरपीआर द्वारा उठाए गए तर्क निराधार, कानूनी रूप से अस्थिर और अयोग्य हैं। इसलिए आरआरपीआर तत्काल अपने दायित्व को पूरा करने तथा वारंट एक्सरसाइज नोटिस में निर्दिष्ट इक्विटी शेयरों को आवंटित करने के लिए बाध्य है।

अडानी समूह ने कहा कि आरआरपीआर सेबी के 27 नवंबर-2020 के आदेश का एक पक्ष नहीं है। नतीजतन, सेबी आदेश के पैरा 111 (बी) और 112 में आरआरपीआर द्वारा बताए गए प्रतिबंध उस पर लागू नहीं होते हैं। वीसीपीएल द्वारा एक अनुबंध के तहत वारंट नोटिस जारी किया गया है जो आरआरपीआर पर बाध्यकारी है, इसलिए वह आरआरपीआर अपने संविदात्मक दायित्वों का पालन करने के लिए बाध्य है।

उल्लेखननीय है कि अडानी समूह ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उसकी मीडिया शाखा एएमजी मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड (एएमएनएल) परोक्ष रूप से एनडीटीवी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी और 26 फीसदी शेयरों के लिए खुला ऑफर भी पेश करेगी।

उसी दिन समूह ने स्टॉक एक्सचेंजों बीएसई और एनएसई को भी सूचित किया कि एएमएनएल ने वीसीपीएल में 100 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी हासिल कर ली है। अडानी समूह की घोषणा के तुरंत बाद एनडीटीवी ने कहा था कि वीसीपीएल द्वारा अधिकारों का प्रयोग बिना किसी इनपुट, बातचीत या एनडीटीवी के संस्थापकों की सहमति के बिना किया गया है।

बीकानेर : रामदेवरा जा रहे पैदल यात्री ने पेड़ से फंदा लगाकर की सुसाइड

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बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर जिले में नाल थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी के सामने गोचर भूमि में आज सुबह एक युवक ने पेड़ से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।

पुलिस को 10 मिनट बाद ही इस घटना की सूचना मिल गई। मौके पर गए हवलदार श्रवणराम ने बताया कि मृतक की पहचान चुरू जिले में राजलदेसर निवासी जीतूराम जाट (32) के रूप में हुई है। शव को फंदे से उतारकर सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में सुरक्षित रखवाया गया है। उसके परिवार जनों को सूचना दी गई है, जो नाल के लिए रवाना हो गए हैं।

पुलिस ने बताया कि जीतूराम जाट कई अन्य पैदल यात्रियों के जत्थे के साथ रामदेवरा मेले के लिए जा रहा था।सुबह लगभग सात बजे पैदल यात्रियों का जत्था जब यूनिवर्सिटी के सामने से जा रहा था, तभी जीतूराम गोचर भूमि की तरफ चला गया।

उसके पास पानी की बोतल और गमछा था। फिर पैदल यात्रियों ने उसे एक पेड़ पर चढ़ते हुए भी देखा, लेकिन उन्होंने गौर नहीं किया। सहयात्रियों को लगा कि वह ऐसे ही पेड़ पर चढ़ा रहा है। तभी अचानक जीतूराम ने गमछे से फंदा बनाया और उस पर लटक गया।

पुलिस ने बताया कि जीतुराम के साथ चलने वाले श्रद्धालुओं ने फोन कर घटना की सूचना दी। कुछ ही क्षण में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पैदल यात्रियों की मदद से पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने बताया कि अभी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला।

सहयात्रियों से पूछताछ की जा रही है। उसके मोबाइल फोन को भी चेक किया जा रहा है। मृतक शादीशुदा और दो-तीन बच्चों का पिता बताया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि राजलदेसर से परिवारजनों के आने पर तथा उनके द्वारा रिपोर्ट दिए जाने पर उसके मुताबिक ही आगे कार्रवाई की जाएगी।

बरेली में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप के 4 दोषियों को उम्रकैद

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के चार आरोपियों को स्थानीय अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है।

बरेली स्थित विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट रामदयाल ने गुरुवार को चारों आरोपियों को दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई। जिले के थाना फरीदपुर में पीड़िता के पिता ने तहरीर देकर रिपार्ट दर्ज कराई थी।

तहरीर के मुताबिक 4 फरवरी 2015 को वादी की 14 साल की बेटी कॉलेज जा रही थी। तभी चौधरी तालाब निवासी मोहम्मद मियां और कस्सावान निवासी सगीर उसको मिले। दोनों ने उनकी बेटी को तमंचा दिखाकर धमकाया और मुंह बंद करके कार में अपने साथ ले गए। आगे रास्ते में दातागंज निवासी शाकिर और कस्सावान निवासी शफीक उर्फ बल्ला उन्हें मिले।

वे चारों उनकी बेटी को एक होटल में ले गए। वहां उनकी बेटी को जबरन मांस खिलाया और मना करने पर उसे बेल्टों से पीटा। सभी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फोटो भी खींचे। अगले दिन आरोपी उनकी बेटी को एक स्थान पर छोड़कर भाग निकले। अगली सुबह घर वालों को घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुनीति कुमार पाठक ने बताया कि उन्होंने और विशेष लोक अभियोजक शुभव कुमार मिश्रा ने पैरवी की और दस गवाह पेश किए। कोर्ट ने अभियुक्त मोहम्मद मियां, सगीर, शाकिर व शफीक उर्फ बब्ला को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई।

वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद का कांग्रेस से इस्तीफा, राहुुल की आलोचना

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने करीब पांच दशक तक कांग्रेस में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम करने के बाद आज पार्टी को अलविदा कहते हुए कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया।

आजाद ने अपने साढ़े चार पेज के लंबे पत्र में गांधी परिवार के युवा नेता राहुल गांधी की तीखी आलोचना की लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी तक गांधी परिवार से रहे अपने करीबी संबंधों का उल्लेख करते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता की सरहाना की है। उन्होंने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को विस्तार से पत्र लिखकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से लेकर सभी पदों से इस्तीफा दिया है।

गांधी परिवार के साथ अपने नजदीकी संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पार्टी के पूर्व नेता संजय गांधी और आपके पति तथा देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ उनके बहुत करीबी संबंध रहे हैं। उन्होंने सोनिया गांधी के नेतृत्व की भी सरहाना की और कहा कि अपने काम के करण वह उनके भी विश्वासपात्र रहे।

पत्र में राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए आजाद ने कहा कि आपके नेतृत्व में पार्टी अच्छा प्रदर्शन कर रही थी लेकिन दुर्भाग्य से जब से पार्टी में राहुल गांधी की एंट्री हुई और खासतौर पर 2013 के बाद जब आपने उनको पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया, उन्होंने पार्टी में संवाद के सिलसिले की परंपरा का खाका ही ध्वस्त कर दिया। उन्होंने पार्टी पर कब्ज़ा करते ही सभी वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को किनारा करना शुरु कर दिया और अनुभवहीन नेता उनकी नज़दीकी का फायदा उठाकर पार्टी के सभी मामले देखने लगे।

आजाद यहीं नहीं रुके और उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर और कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने ‘रिमोट कंट्रोल मॉडल’ के जरिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त कर दिया था वही व्यक्ति अब उसी मॉडल पर चलकर कांग्रेस संगठन को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि यहां तक सुना है कि हालात इस कदर खराब हैं कि उनके सुरक्षाकर्मी और पीए तक महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल रहते हैं।

कांग्रेस से जुड़ने और पार्टी को मजबूत करने के लिए अपनी सेवाओं और शुरुआती संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के युवा नेता संजय गांधी के नेतृत्व में 1977 में वह युवा कांग्रेस के महासचिव बने और संगठन को मजबूत करने के लिए काम शुरू किया। उस दौरान वह कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ देश की कई जेलों में रहे। सबसे ज्यादा समय वह दिसंबर 1978 से जनवरी 1979 तक तिहाड़ जेल में रहे।

सोनिया गांधी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी दिशा निर्देश और कार्य कुशलता में में ठीक तरह से आगे ही बढ़ती रही है लेकिन कांग्रेस को नुकसान कब शुरू हुआ जब नए और अनुभवहीन नेताओं को राहुल गांधी का संरक्षण मिलने लगा और वह पार्टी के महत्वपूर्ण फैसलों में अपना अनुभवहीन दखल देने लगे।

आज़ाद ने कांग्रेस से जुड़ने के अपने राजनीतिक जीवन की आरंभिक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्र जीवन में महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सुभाष चंद्र बोस और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों से प्रभावित रहे हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि 1975-76 में संजय गांधी के आग्रह पर उन्होंने जम्मू कश्मीर प्रदेश युवा कांग्रेस का अध्यक्ष पद संभाला था। बाद में वह और संघर्ष करते रहे और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार कांग्रेस की मजबूती के लिए काम करते हुए पार्टी की सेवा में डटे रहे।

आजाद ने कहा कि जब से राहुल गांधी का पार्टी में दखल बढ़ा है। कांग्रेस कमजोर होती गई है। उनका कहना था कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस को आम चुनाव में दो बार करारी हार झेलनी पड़ी है। राज्य विधानसभा चुनाव में भी यही हाल रहे और उनके दखल के दौरान कांग्रेस ने 2014 से 2022 के बीच हुए 49 विधानसभा चुनावों में 39 विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखा है। उन्होंने राहुल गांधी की नेतृत्व की शैली की भी आलोचना की और कहा कि इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि कांग्रेस उनके नेतृत्व में मजबूत नहीं हो सकती है।

उन्होंने अपने पत्र में कहा कि वह हमेशा कांग्रेस से ही जुड़े रहे और कांग्रेस पार्टी में अपने पांच दशक से ज्यादा के कार्यकाल में वह करीब 40 साल तक कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य रहे हैं। कांग्रेस सत्ता में रही हो, सत्ता से बाहर रही हो या पार्टी ने अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष किया हो, उन्होंने एक सच्चे सिपाही की तरह अग्रिम पंक्ति में रहकर पार्टी की बेहतरी के लिए हमेशा काम किया है।

आज़ाद ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने लगभग हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में कांग्रेस के प्रभारी महासचिव का दायित्व निभाया है। कांग्रेस के हर आंदोलन में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई और संसद तथा संसद से बाहर हमेशा कांग्रेस की मजबूती के लिए पूरी ताकत से काम किया है।

कांग्रेस ने आज़ाद को जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव की संभावनाओं के मद्देनजर कांग्रेस प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था लेकिन आज़ाद ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार किया है। गौरतलब है कि आजाद कांग्रेस के असंतुष्ट समूह 23 के प्रमुख नेता रहे हैं और असंतुष्ट नेता उनके नेतृत्व में लगातार नेतृत्व परिवर्तन की मांग करते रहे है। आज़ाद ने पत्र के आखिरी पैरा में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय कांग्रेस को ‘भारत जोड़ो’ नहीं बल्कि पार्टी की मजबूती के लिए ‘कांग्रेस जोड़ो’ अभियान चलाने की सख्त जरूरत है।

राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता : देशभक्ति के तरानों से गूंज उठा सभागार

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अजमेर। भारत विकास परिषद की ओर से देशभक्ति के गीतों पर आधारित राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता का सेंट एंसेल्म्स स्कूल के सभागार में अयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सोलह विद्यालयों के लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

हिंदी, संस्कृत और लोकगीत के कर्ण प्रिय गीतों से दर्शक झूम उठे। पारंपरिक वेशभूषा में विद्यार्थियों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को रोचक बना दिया। यह कार्यक्रम भारत विकास परिषद अजयमेरू तथा आदर्श शाखा की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में सेंट एंसेल्म्स स्कूल के प्रिंसिपल फादर नेल्सन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जागृत होती है जो कि देश को नई दिशा देती है। समापन सत्र में विजेताओं को पुरस्कार वितरित करते हुए मुख्य अतिथि सुभाष काबरा ने कहा कि नैतिक मूल्यों का विकास आज की महती आवश्यकता है। उन्होंने प्रतियोगियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी का भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। प्रांतीय पर्यवेक्षक के रूप में श्याम सुन्दर दरगड उपस्थित थे।

प्रतियोगिता में आदर्श विद्यानिकेतन, महात्मा गांधी गवर्नमेंट स्कूल वैशाली नगर, मथुरा प्रसाद गुलाब देवी आर्य कन्या विद्यालय, सेंट स्टीवंज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, प्रायोगिक विद्यालय, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, एचकेएच पब्लिक स्कूल, द टर्निंग प्वाइंट स्कूल, प्रेसीडेंसी स्कूल, महेश्वरी पब्लिक स्कूल, सतगुरु स्कूल, डीएवी सैंटनरी स्कूल, दयानंद बाल निकेतन, हुकम चंद पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रयान इंटरनेशनल स्कूल तथा श्रीबालाजी रॉयल पब्लिक स्कूल ने भाग लिया।

सावन स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मेयो कॉलेज की पूर्व विभागाध्यक्ष कमलेश कश्यप, संगीतकार और गायक गोपी पंजाबी तथा टेलीविजन आर्टिस्ट संगीत विषारद मनीषा शास्त्री रहीं। निर्णायकों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से संगीत की बारीकियां बताईं।

यह अमर शहीदों की धरती.., हम बंगाली हम पंजाबी.., वंदेमातम.., कोटि कोटि कंठों ने गाया, राष्ट्र की जय चेतना.., मना सततम स्मरणीयम आदि गीतों को दर्शकों ने खूब सराहा। लोकगीत पधारो म्हारे देस, मायड़ थारो पूत कठै और लूणी जी रा…आदि ने खूब तालियां बटोरी।

मुख्य शाखा के अध्यक्ष संजय शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में परिषद के प्रकल्पों के बारे में बताया। आदर्श शाखा के उपाध्यक्ष अनुपम गोयल ने समूहगान प्रतियोगिता की परिकल्पना और उद्देश्य पर प्रकाश डाला, शाखा सचिव रमेश चंद जाजू ने प्रतियोगिता के नियम बताए। आदर्श शाखा के संरक्षक रामचंद्र शर्मा,अध्यक्ष दिलीप कुमार दुबे, सचिव आलोक मिश्रा तथा कोषाध्यक्ष वेंकटेश ने अतिथियों का स्वागत किया।

अजयमेरू शाखा की महिला प्रमुख डा नेहा भाटी, नरेश भाटिया तथा राजेंद्र प्रसाद मंगल ने विद्यालय प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। मुख्य शाखा के संस्कार प्रकल्प प्रमुख के जी गोयल, कोषाध्यक्ष जीतमल चौहान तथा उपाध्यक्ष हेमंत गुप्ता ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए। डा सुरेश गाबा ने आभार व्यक्त किया।

भारती कुमावत, नीलमणि गगरानी तथा अलका गुप्ता ने राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला समन्वयक दिलीप पारीक और सुलक्षणा पारीक ने किया। इस अवसर पर संगीत साधक राज माथुर, नाट्य निदेशक शशि कांत शर्मा, बृजेश शर्मा, लक्ष्मीनारायण बंसल तथा एस एन गगरानी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

प्रतियोगिता परिणाम

हिंदी समूह गान प्रतियोगिता

प्रथम – प्रेसीडेंसी स्कूल
द्वितीय – सतगुरु स्कूल
तृतीय – मथुरा प्रसाद गुलाब देवी आर्य कन्या विद्यालय

संस्कृत समूहगान प्रतियोगिता

प्रथम – प्रेसीडेंसी स्कूल
द्वितीय – देहली वर्ड पब्लिक स्कूल
तृतीय – आदर्श विद्यानिकेतन

लोकगीत –

प्रथम – प्रायोगिक विद्यालय
द्वितीय – एच के एच पब्लिक स्कूल
तृतीय – एमजीजीएस स्कूल वैशाली नगर

पीएम मोदी ने देश को दिया गवर्नेंस का नया मॉडल : गजेन्द्र सिंह शेखावत

मोदी@20 : ड्रीम्स मीट डिलीवरी प्रबुद्धजन सम्मेलन
झुंझुनूं। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को गवर्नेंस का नया मॉडल दिया है। इस मॉडल का उद्देश्य अंत्योदय, यानी समाज की अंतिम पंक्ति में शामिल व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन लाना है। शेखावत ने कहा कि मोदीजी को पहले मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा-राष्ट्रसेवा करते 20 वर्ष हो चुके हैं। उनका ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ आज दुनिया को हैरान कर रहा है। मोदीजी जैसे करिश्माई नेतृत्व के चलते आज दुनिया का कोई देश भारत की अनदेखी नहीं कर सकता। अब चाहे कोई मुद्दा पर्यावरण से जुड़ा हुआ हो, ग्लोबल मीट का मुद्दा हो, इन सबके लिए यदि दुनिया किसी एक नेता की तरफ देखती है तो वह भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं।

सोमवार को ‘मोदी@20 : ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ के ‘प्रबुद्धजन सम्मेलन’ में बतौर मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2014 में मोदीजी को देश के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में नामित किया था। देश ने भाजपा को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का मौका दिया, तब से आज तक प्रधानमंत्री अनवरत देशहित में काम कर रहे हैं। मोदीजी ने लालकिले के अपने पहले भाषण में दो संकल्प रखे थे- भ्रष्टाचार दूर करना, दूसरा गरीब के पास भी बैंक का खाता होना। शेखावत ने कहा कि जनधन खाते की योजना के क्रियान्वयन को लेकर लोग आशंका जाहिर कर रहे थे, लेकिन मुझे यह कहते हुए गर्व है कि आज 99.99 प्रतिशत लोगों के पास बैंक खाता है। उसमें 1.70 लाख करोड़ रुपए जमा हैं।

शेखावत ने कहा कि मोदीजी ने साधारण परिवार में जन्म लिया। कई चुनौतियों का सामना किया। संघर्षों को, मुश्किलों को जीया और स्वयं को देश के प्रति समर्पित किया। जीवन में आई कठोरताओं को सहेजते हुए अपने आपके प्रति उत्तरदायी बनाए रखा। सार्वजनिक जीवन को एक यायावर के रूप में व्यतीत करते हुए राष्ट्र के लिए काम किया।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहले देश के 700 जिलों में एक भी ऐसा नहीं था, जहां उन्होंने प्रवास करके वहां की समस्याओं को व्यक्तिगत से नहीं देखा हो। इसी के परिपेक्ष्य में वहां की संभावनाओं को व्यक्तिगत रूप से अनुभव किया। निरंतर यात्राएं की और विभिन्न दायित्वों के साथ काम किया। उनके इस अनुभव ने उनके दृष्टिकोण को सुदृढ़ किया, जो आज देश के काम आ रहा है।

मोदी@20 : ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ किताब बतौर अभूतपूर्व नेतृत्वकर्ता मोदीजी की यात्रा को चित्रित करती है। इस किताब से प्रधानमंत्रीजी की राजनीतिक ईच्छाशक्ति और प्रशासनिक दक्षता का गहन परिचय भी मिलेगा।

अंत्योदय का विकास भाजपा का लक्ष्य

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के समय से ही इसका मूल सिद्धांत था कि अंत्योदय का विकास करना, समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति क जीवन में परिवर्तन लाना है। इसके लिए भाजपा के साधक अनवरत काम करेंगे। इस दौरान न थकेंगे, न रुकेंगे। 20 साल के अपने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के कार्यकाल में पीएम मोदी ने अनवरत कार्य करते हुए अपने आचरण से अपने व्यवहार से इस बात को सिद्ध किया है। मोदीजी का जीवन इस बात के लिए समर्पित है कि दूसरों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए साधक की भांति बिना विश्राम किए काम करना है।

सार्वजनिक जीवन में मोदीजी पर नहीं लगा कोई दाग

शेखावत ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि महापुरुष कभी-कभी विरले ही पैदा होते हैं। ये महापुरुष इतिहास को नई गति प्रदान करते हैं। मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि हमारे प्रधानमंत्री जी भी महापुरुषों की उसी श्रृंखला में से एक हैं। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में करीब 20-21 साल के उनके सार्वजनिक जीवन में आज तक उन पर कोई दाग नहीं लगा सका। यहां तक कि उनकी टीम में काम करने वालों पर भी कोई अंगुली नहीं उठा सकता। गरीब की झोपड़ी की वेदना को अपनी संवेदना बनाकर काम किया है।

मोदीजी देश के सर्वमान्य नेता के रूप में उभरे

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले मैंने एक लेख लिखा था, उसमें मैंने कहा था कि आज यदि लोगों से राय ली जाए कि देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती क्या है? तो कोई कहेगा भ्रष्टाचार, कोई कहेगा आतंकवाद, यानी अलग-अलग चुनौतियां देश में लोगों को दिखाई देगी, लेकिन जो सबसे बड़ी चुनौती है, वह क्षेत्रवाद की है। उस समय देश में क्षेत्रीय दल ताकतवर हो रहे थे। उन्होंने देश के बजाय अपने स्थानीय हितों को आगे रखा। यह क्षेत्रवाद राज्य से नीचे उतर कर जिलों तक चला गया था। इससे संघीय ढांचा कमजोर हुआ।

मेरी राय में इस क्षेत्रवाद से निपटने के दो तरह की संभावनाएं हैं। पहली देश में अमेरिका की तरह केवल दो ही पार्टियां हों। दोनों अपनी-अपनी विचारधार के साथ लोगों के पास जाएंगी। लोग उसमें से विचारधार के आधार पर चुनाव करेंगे। दूसरी संभावना यह है कि आने वाले समय में एक ऐसा नेतृत्व उभरे जिसे सारे देशवासी उसे अपना सर्वमान्य नेता चुन लें। उस आलेख में लिखी मेरी बात वर्ष 2014 में सच हुई, जब मोदी के रूप में देश को सर्वमान्य नेता मिला।

स्वाधीनता संग्राम से सीखें युवा

शेखावत ने युवाओं का आह्वान किया कि वे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से सीख लें। अंग्रेजों और उससे पहले भारत की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्षों को इतिहास के पन्नों से मिटा दिया गया। देश की युवा पीढ़ी हमारे गौरवपूर्ण इतिहास को भूलती जा रही है। उसे फिर से याद करने की जरूरत है। मोदीजी की ओर से चलाया गया हर घर तिरंगा जैसे अभियान युवाओं में राष्ट्रवाद की प्रेरणा भरेंगे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के इस अमृत महोत्सव में अब आने वाले 25 सालों के लिए देशहित में काम करने का संकल्प लेना है। स्वाधीनता सेनानियों के बलिदान से सीख लेकर उस समय रही कमी को पूरा करना होगा। आने वाली पीढ़ी को समर्थ और सम्पन्न भारत बनाने के लिए सभी प्रयास करें।

केन्द्रीय मंत्री का जोरदार स्वागत

केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का अपने प्रदेश राजस्थान के दौरे पर पचेरी बॉर्डर, सिंघाना, चिड़ावा, नूनिया गोठड़ा, बगड़, तोला सेही और झुंझुनूं में कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। शेखावत ने ट्वीट किया कि कार्यकर्ताओं और समर्थकों के स्वागत से मन प्रसन्न हो गया। मेरे लिए आपका आना मुझे कृतज्ञता से भर जाता है।

सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन 1353वीं जयंती पर गूंजे देशभक्ति के तराने

अजमेर। सिधुपति महाराजा दाहरसेन की 1353वीं जयंती, स्मारक का रजत जयंती वर्ष व आजादी के अमृत महोत्सव पखवाडे कार्यक्रमों में हरिभाऊ उपाध्याय नगर विस्तार स्थित स्मारक पर देशभक्ति सांस्कृतिक कार्यक्रम व पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।

इस मौके पर समारोह के मुख्य अतिथि सांसद भागीरथ चौधरी ने कहा कि भारतवर्ष की आजादी के इतिहास में सिंधुपति महाराजा दाहरसेन एवं उनके परिवार के संघर्ष व बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। आजादी के बाद भी अनेक शक्तियां हमारे देश को कमजोर करने में लगी हैं जिनसे हमें सावधान रहना होगा। महाराजा दाहरसेन व उनके परिवार के बलिदान को याद रखने के लिए संसद भवन में उनकी मूर्ति लगाने के प्रयास किएं जाएंगे व पाठक्रम में भी इन महापुरूषों का भी इतिहास जोड़ा जाएगा।

समारोह में पूर्व सांसद ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि देश की आजादी में अमृत महोत्सव में ऐसे महान योद्धाओं का स्मरण करना बेहतर अवसर है। महाराजा दाहरसेन एक ऐसे राष्ट्र भक्त योद्धा थे जिनके बलिदान और त्याग देश की स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। युवा पीढ़ी हमारी संस्कृति को आत्मसात करते हुए देश के नवनिर्माण में अपनी भूमिका निभाए। महाराजा दाहरसेन राष्ट्रीयता का प्रतीक है और उनके प्रति आस्था राष्ट्रीय भक्ति करना है।

भारतीय सिन्धु सभा के राष्ट्रीय मंत्री महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने कहा कि महाराजा दाहरसेन के नाम शोध पीठ हो व विश्वविद्यालय बनना चाहिए जिससे युवा पीढ़ी को सिन्ध की सभ्यता संस्कृति, पहनावा व अन्य संस्कृति की जानकारियां से जुडाव हो सके। इस वर्ष सिन्धु सभा द्वारा यह तक किया गया कि वीर सपूत हेमू कालाणी का जन्म शताब्दी वर्ष चल रहा है और शादाणी दरबार रायपुर के सहयोग से सिन्ध के हेमू कालाणी के जन्म स्थल सक्खर व अन्य जुडाव के शहरों के भी भ्रमण किए जाएंगे।

स्वागत भाषण में कवंल प्रकाश किशनानी ने बताया कि स्मारक पर होने वाले बलिदान दिवस व जयंती के कार्यक्रमों के साथ स्मारक पर महापुरूषों की स्थापित मूर्तियों पर निरतंर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। आने वाले समय में अजमेर आने वाले पर्यटकों व समाज बन्धुओं को स्मारक तक आने के लिए सभी को प्रेरित करना चाहिए।

इस अवसर पर विधायक वासुदेव देवनानी, सिन्धु शोध पीठ के निर्देशक डाॅ.सुब्रतो दत्ता ने भी संबोधित किया। पूर्व उप महापौर सम्पत सांखला ने आभार जताया। मंच का संचालन विष्णु भार्गव व शिव प्रसाद गौतम ने किया। हिंगलाज माता पूजा अर्चना मोहन तुलस्यिाणी ने किया। जगदीश कुर्डिया सहित अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता राजेन्द्र कूडी, अमित बजाज, पर्यटन विभाग से प्रद्युमन सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

देश भक्ति व सांस्कृतिक कार्यक्रम

समारोह के प्रांरभ में मुस्कान कोटवाणी ने वंदे मातरम की प्रस्तुति दी। घनश्याम ठारवाणी भगत के संयोजन में हरीसुन्दर बालिका विद्यालय की छात्राओं ने देश भक्ति कार्यक्रमों में सारे जहां से अच्छा…, स्वामी सर्वानन्द विद्या मन्दिर के विद्यार्थियों ने तलवारों से सिर वार दिए अंगारों पर जिस्म.., संदेशे आते हैं हमें तडपाते है.., हेमू तो वधायो भारत जो शानु…, राउमा विद्यालय सिन्धी देहली गेट के विद्यार्थियों ने ऐ वतन मेरे वतन ऐ वतन आबाद रहे…, केन्द्रीय बाउमा विद्यालय पुरानी मण्डी सामूहिक गीत व नृत्य…, मुस्कान कोटवाणी ऐ मेरे प्यारे वतन ऐ मेरे बिछडे चमन… व अन्य प्रस्तुतियां पर्यटन विभाग द्वारा दी गई।

प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान

सिंधुपति दाहरसेन चित्रकला रंग भरो प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। जुनियर वर्ग में एचकेएच की हर्षिता पंवार प्रथम, राउमावि की जयश्री द्वितीय, माॅडल गर्ल्स स्कूल की रागिनी गायकवाड़ तृतीय, सीनियर वर्ग में संत कंवर राम स्कूल के निखिल मूलचंदानी प्रथम, हरीसुंदर बालिका विद्यालय की अर्चना द्वितीय व माॅडल स्कूल की तनीषा चौहान तृतीय व विद्यालय स्तर की प्रतियोगी विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।

कबड्डी प्रतियोगिता शहीद अविनाश माहेश्वरी आदर्श विद्या निकेतन भगवानगंज की विजेता टीम में शानू, विक्की, आर्यन, रौनक, प्रकाश, प्रिसं, कुनाल व उप विजेता में जतिन, कुनाल, रणवीर, राम, सुनील, हर्ष, भरत को स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सिन्धी सेन्ट्रल महासमिति के महासचिव गिरधर तेजवाणी, पूर्व विधायक हरीश झामनाणी, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी सुरेश सिन्धी, डाॅ.लक्ष्मी ठाकुर, डाॅ. राजेश खत्री, अशोक टेवाणी, शशि प्रकाश इन्दौरिया, भैरू गुर्जर, विनीत लोहिया, प्रहलाद शर्मा, लेखराज राजोरिया, रमेश मेंघाणी, कमल पंवार, महेेश शर्मा, शैलेन्द्र परमार, श्याम बाबू वर्मा, दुर्गाप्रसाद शर्मा, रूकमणी वतवाणी, मोहन लालवाणी, मोहन कोटवाणी, कमलेश शर्मा, रमेश लखाणी, रमेश वलीरामाणी, दीपक राठौड, मुकेश आहूजा, प्रदीप हीरानंदाणी, दीपेन्द्र लालवाणी, नरेन्द्र सोनी, रमेश एच.लालवाणी, एमटी वाधवाणी, राजेन्द्र चैधरी, विक्रम सिंह, प्रकाश हिंगोराणी, जितेन्द्र जोशी सहित अलग अलग संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

सबगुरु राशिफल : 26 अगस्त शुक्रवार को आपके भाग्य में क्या होगा बदलाव

सबगुरु न्यूज। भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष, चतुर्दशी तिथि, वार शुक्रवार, सम्वत 2079, वर्षा ऋतु, रवि दक्षिणायन, दोपहर 12.24 बजे बाद अमावस्या तिथि प्रारम्भ।

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

आज के दिन आपके मन में अनेक योजनाएं बनती रहेंगी लेकिन इनको समय अथवा धन अभाव के कारण साकार रूप नहीं दे पाएंगे। आर्थिक लाभ परिश्रम के बाद भी अल्प रहेगा खर्च भी आज ज्यादा नहीं रहने से एक समस्या कम रहेगी। सरकारी अथवा जमीन सम्बंधित कार्यो में आज देर ना करें अन्यथा लंबे समय के लिए टल सकते हैं। सामाजिक क्षेत्र से प्रसिद्धि मिलेगी। कार्य क्षेत्र पर मंदी के चलते आर्थिक समस्याओं के कारण मानसिक रूप से विचलित रहेंगे। जोखिम के कार्यो में निवेश पहले हानि परन्तु बाद में लाभदायक सिद्ध होगा। पारिवारिक वातावरण में पहले की अपेक्षा सुधार होगा।

वृष (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

आज आप अपने महत्त्वपूर्ण कार्यो में सफलता पाने के लिए जी जान से प्रयत्न करेंगे आरम्भ में इनमे असफलता नजर आएगी परन्तु मध्यान के बाद परिश्रम का फल मध्यम ही सही लेकिन अवश्य मिलेगा। मन भटकेगा भी परन्तु एकाग्र होकर कार्यो में लगे रहें। व्यवसाय में आज जिस योजना पर कार्य करेंगे निकट भविष्य में वह धन लाभ कराएगा। घर एवं बाहर बडबोलेपन के कारण सम्मान हानि हो सकती है, आवश्यकता से अधिक ना बोलें। घरेलु कार्यो के कारण अतिरिक्त श्रम करना पड़ेगा। महिला वर्ग पारिवारिक सम्बन्धों को जोड़े रखने में सहायक रहेंगी। आर्थिक कारणों से आज किसी से ना उलझें।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)

आज के दिन आप जहां भी रहेंगे वहीँ आलस्य प्रमाद फैलाएंगे। आर्थिक लाभ की उम्मीद न एक बराबर रहेगी परन्तु खर्चो में कमी लाने में सफल रहेंगे जिससे धन सम्बंधित समस्या नहीं बनेगी। दिनचर्या के अधिकांश कार्य परिजनों के सहयोग द्वारा पूर्ण हो जाएंगे। दोपहर के बाद किसी आवश्यक कार्य के पूर्ण होने से राहत मिलेगी। घर की महिलाओं से मामूली बात पर नोक झोंक हो सकती है फिर भी शांति बनी रहेगी। सन्तानों से मित्रवत व्यवहार रहेगा। रिश्तेदारों के विषय में कोई अप्रिय समाचार मिलने से थोड़े समय की चिंता बनेगी। संध्या का समय पूरे दिन की अपेक्षा सुख दायक रहेगा।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

आज के दिन आपमें चंचलता अधिक रहेगी बेकार के विषयों में मन भटकेगा परन्तु निकट भविष्य में धन लाभ के प्रबल योग भी बन रहे हैं। आज अपनी तरफ से व्यवहारिकता में कमी ना आने दें इससे लाभदायक संपर्क बनेंगे। परिजनों से व्यर्थ की बातों पर बहस होगी। कार्य क्षेत्र पर निर्णय लेने की क्षमता कम रहेगी। आर्थिक विषयो में सफलता पाने के लिए आज किसी की सहायता लेनी पड़ेगी। दोपहर तक स्वास्थ्य ठीक रहेगा इसके बाद थकान शिथिलता बनेगी। व्यापार में वर्तमान स्थिति बनाए रखें निवेश आज ना करें। दाम्पत्य जीवन में समरसता की कमी रह सकती है।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

आज के दिन आपको विविध कष्टों का सामना करना पड़ेगा। मन समाज में वर्जित कार्यो की और अधिक आकर्षित रहेगा जिससे घर में कलह हो सकती है। सामाजिक क्षेत्र पर भी आलोचना होगी। व्यवहार में कटुता एवं स्वार्थ सिद्धि की भावना अधिक रहेगी। अधिकारी वर्ग से काम निकालने के लिए चाटुकारिता का सहारा लेना पड़ेगा लेकिन फिर भी कार्य सफलता निश्चित नहीं रहेगी। दोपहर के बाद सम्मानित व्यक्ति अथवा महिला के सहयोग से धन लाभ हो सकता है। नए कार्य का आरम्भ फिलहाल निरस्त करें पुराने अधूरे कार्यो को प्राथमिकता से पूर्ण करें अन्यथा धन की आमद रूक जाएगी। घरेलु कार्यो की अनदेखी अशांति का कारण बन सकती है।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

आज के दिन आपको आकस्मिक लाभ की सम्भावनाएं बन रही है। जोखिम वाले कार्यो से डर लगेगा परन्तु शीघ्र ही इसके बेहतर परिणाम मिल सकते है। आज किसी अनजान व्यक्ति से उधार का व्यवहार ना करें डूबने की आशंका है परंतु उधारी चुकाने के लिए दिन उत्तम है। धन लाभ रुक रुक कर होगा खर्च भी विशेष रहेंगे फिर भी कई दिनों का कोटा पूर्ण कर लेंगे। संध्या तक व्यावसायिक कार्यो से निश्चिन्त हो सकेंगे। नौकरी पेशा जातको को आज कार्य क्षेत्र पर तालमेल बैठाने में संघर्ष करना पड़ेगा। अधिकारी वर्ग अकारण नाराज रहेंगे। दाम्पत्य जीवन में थोड़े उतार-चढाव आ सकते है।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

आज का दिन प्रत्येक क्षेत्र से आनंद की प्राप्ति कराएगा। आज आपके अधिकांश कार्य पहले से निर्धारित रहेंगे जिससे दुविधा की स्थिति से बचेंगे। व्यवसायी वर्ग कार्य क्षेत्र की गतिविधियों से संतुष्ट रहेंगे लेकिन थोड़ी देर के लिए सहकर्मियो से नाराजगी के प्रसंग अव्यवस्था कर सकते हैं। सरकारी कार्यो में निश्चित सफलता मिलेगी परंतु पैतृक सम्बंधित मामले किसी अन्य के कारण अनिश्चित रहेंगे। महिलाएं गृहस्थ की गलतफहमियों में सुधार कर वातावरण खुशहाल बनाएंगी घर में मान बढेगा। धार्मिक कार्यो में जितनी आस्था रहेगी उसके अनुरूप समय नहीं दे पाएंगे।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

आज के दिन भी अधिकांश समय परिस्थिति चिंता मुक्त रहेगी। लेकिन भ्रामक खबरों पर देख-भाल कर ही यकीन करें अन्यथा जल्दबाजी में गलत निर्णय हानि करा सकता है। कार्य व्यवसाय में किसी के बेवजह दखल देने से दुविधा में पड़ सकते हैं। बुजुर्ग व्यक्ति ही इससे बाहर निकालने में मददगार बनेंगे। आज स्वयं के लिए निर्णय ज्यादा प्रभावी साबित होंगे। प्रलोभनों से बच कर रहें। धन लाभ जरुरत के अनुसार अवश्य हो जाएगा। महिला वर्ग आज किसी काम के बिगड़ने से चिंतित रहेंगी परन्तु थोड़े अतिरिक्त श्रम के बाद स्थिति सामान्य बन जाएगी। संतानों के ऊपर नजर रखना आवश्यक है।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)

आपका आज का दिन सामान्य रहेगा फिर भी कार्यो को अधिक बेहतर बनाने का प्रयास अवश्य करें। स्वास्थ्य सम्बंधित शिकायते रहेंगी रक्त विकार, जोड़ों अथवा सूजन सम्बंधित समस्या रह सकती है। कार्यो में भी मन कम् ही लगेगा धन की कमी के कारण मन उदास रहेगा परन्तु फिर भी आज के दिन धन से ज्यादा आपसी संबंधों को ज्यादा महत्त्व दें। आगे के लिए लाभदायक एवं शांति स्थापना के लिए आवश्यक है। नौकरी व्यवसाय में लापरवाही के कारण हानि के योग भी है अधिक सावधानी बरतें। सामाजिक रिश्तों में कड़वाहट आएगी। गृहस्थ जीवन मिश्रित रहेगा। महिलाओं का नरम व्यवहार शांति स्थापित करने में मदद करेगा।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)

आज के दिन व्यापारी वर्ग को लाभदायक सौदे मिलेंगे। भविष्य की योजनाओं पर भी धन का निवेश करेंगे साथ ही बचत भी कर पाएंगे। व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा रहने पर भी आपके कार्य निर्विघ्न चलते रहेंगे परन्तु बीच-बीच में सहकर्मियों के कारण थोड़ी असुविधा बन सकती है। धन लाभ आशा के अनुरूप हो जाएगा, कार्य के नए क्षेत्र मिलेंगे। मित्र स्वयजनों के साथ धार्मिक यात्रा के योग भी बनेंगे। महिला वर्ग सेहत को लेकर परेशान रह सकती हैं। थकान अधिक रहेगी। स्वभाव में भी चिड़चिड़ापन रहने से घरेलु कार्य अस्त-व्यस्त रहेंगे। सन्तान पढ़ाई पर कम ध्यान देंगी।

कुंभ (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

आज के दिन आपके द्वारा लिए निर्णय प्रेमीजनों से राग द्वेष की भावना बना सकते हैं। स्वभाव में दिखावे की प्रवृति रहेगी। बेवजह के खर्च आर्थिक समस्या बनाएंगे। आस पड़ोसियों से भी अहम् को लेकर टकराव हो सकता है। किसी भी प्रकार की गंभीर परिस्थिति से बचने के लिए बुद्धि विवेक जाग्रत रखें। व्यवसाय में बदलाव अथवा निवेश अनुभवी व्यक्ति की सलाह से ही करें। दिन की विपरीत परिस्थितियों में घर के बुजुर्ग सहायक बनेंगे। महिला वर्ग से नीरसता युक्त सम्बन्ध रहेंगे दाम्पत्य में सामंजस्य बैठाने में कठिनाई आएगी। आर्थिक विषयो के कारण यात्रा करनी पड़ेगी।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

आज का दिन आपके पक्ष में रहेगा। मन की कल्पनाएं काफी हद तक साकार होने की संभावनाएं रहेंगी। आपके विचार भी लोगो को आकर्षित करेंगे। दो पक्षो के झगडे में मध्यस्थता कर सकते हैं निर्णय निष्पक्ष देने से सम्मान मिलेगा। कार्य व्यवसाय में प्रारंभिक अड़चनों के बाद आय के साधन सुलभ होंगे। आज कई दिनों से मन में चल रही व्यावसायिक योजना को दिशा मिलने से आय के नविन स्त्रोत्र बनेंगे। जोखिम वाले कार्यो में निवेश बेहिचक कर सकते हैं। भविष्य के लिए लाभदायक रहेंगे। महिलाएं पूजा-पाठ के कार्यो में अधिक व्यस्त रहेंगी साथ ही सेहत का ध्यान भी रखें।

कर्नाटक : बलेनहल्ली में लॉरी और टेम्पू की टक्कर में 9 लोगों की मौत

बेंगलूरु/नई दिल्ली। कर्नाटक की राजधानी बेंगलूरु से 200 किलोमीटर दूर बलेनहल्ली में लॉरी और टेम्पू की टक्कर में गुरुवार को दो बच्चों सहित नौ लोगों की मौत हो गई तथा 13 अन्य घायल हो गए।

यह हादसा तुमाकुरु जिला में बलेनहल्ली गेट के पास हुआ। पुलिस की ओर से दी गई प्राथमिक जानकारी के मुताबिक सभी पीड़ित श्रमिक थे और वे रायचुर जिला के निवासी थे। पुलिस ने बताया कि टेम्पू में करीब 24 लोग सवार थे। सूत्रों ने बताया कि इस हादसे में चालक कृष्णाप्पा की भी मौत हो गई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा कर्नाटक के मुख्यमंत्री के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मबई ने कर्नाटक में हुए सड़क हादसे में शोक व्यक्त किया है।

मुर्मू ने अपने शोक संदेश में कहा कि कर्नाटक के तुमकुरु में हुए सड़क हादसे में बच्चों और महिलाओं सहित अन्य लोगों की मौत बेहद दुखद है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है। मैं इस हादसे में घायल हुए लोगों की शीध्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस हादसे पर शोक व्यक्त करने हुए मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत निधि (पीएमएनआरएफ) से दो -दो लाख रुपए तथा घायलों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दुर्घटना हृदय विदारक है। पीड़ित परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना।

बोम्मई ने कहा कि यह जानकर मैं बहुत दुखी हूं कि सड़क हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए। मैं मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

मोदी की सुरक्षा चूक, सुप्रीमकोर्ट ने जांच समिति की रिपोर्ट पंजाब सरकार को भेजी

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट की ओर से नियुक्त जांच समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनवरी में पंजाब दौड़े के दौरान हुई सुरक्षा चूक के लिए फिरोजपुर के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरमनदीप सिंह हंस को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और समय रहते पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहे का आरोप लगाया है।

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने गुरुवार को शीर्ष अदालत की पूर्व न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा ​​कमेटी की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उसे आवश्यक कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को भेजने का आदेश दिया। समिति ने यह रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की थी।

न्यायमूर्ति रमना ने पीठ की ओर से रिपोर्ट के कुछ हिस्सों को पढ़ा, जिसमें कहा गया है कि तत्कालीन एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस पर्याप्त समय रहने के बावजूद अपने कर्तव्यों के निर्वहन करने और समुचित सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहे।

शीर्ष अदालत ने स्वयंसेवी संस्था ‘लॉयर्स वॉयस’ की याचिका की सुनवाई करते हुए 12 जनवरी को पूर्व न्यायाधीश मल्होत्रा के नेतृत्व में ​​एक जांच समिति का गठन किया था। समिति ने इस साल जनवरी में पंजाब में प्रधानमंत्री के काफिले की सुरक्षा चूक की जांच की। समिति ने शीर्ष अदालत को बताया कि राज्य पुलिस की ओर से चूक हुई थी। समिति ने तत्कालीन फिरोजपुर एसएसपी हंस पर मोदी के काफिले की सुरक्षा के संबंध में आवश्यक कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया।

समिति ने भविष्य में इस प्रकार की चूक को रोकने के लिए सुझाव दिया है कि विशेष लोगों की सुरक्षा से संबंधित ‘ब्लू बुक’ के आवधिक संशोधन के लिए एक निगरानी समिति होनी चाहिए। निगरानी समिति देश के शीर्ष पदाधिकारियों की सुरक्षा से संबंधित हो।

जांच समिति के अन्य सदस्यों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक या उनके नामित व्यक्ति शामिल थे, जो महानिरीक्षक (आईजी), केंद्र शासित चंडीगढ़ के डीजीपी, पंजाब के एडीजीपी (सुरक्षा) आदि शामिल थे।

मोदी 5 जनवरी को फिरोजपुर जिले के हुसैनीवाला के दौरे पर गए थे। इसी दौरान उनका काफिला लगभग 20 मिनट तक एक फ्लाईओवर पर फंसा रहा। संवैधानिक पद के व्यक्ति के मामले में यह ‘बहुत गंभीर सुरक्षा उल्लंघन’ की श्रेणी का माना जाता है।