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चुनाव में मुफ्त उपहार पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार से सवाल, सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुला सकती

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से सवाल किया कि चुनाव के समय मतदाताओं को ‘मुफ्त उपहार’ देने वाले वादों का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव की जांच के लिए वह एक सर्वदलीय बैठक बुलाने के साथ-साथ एक समिति क्यों नहीं बना सकती।

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार ने भारतीय जनता पार्टी नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय एवं अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह सवाल किया।

न्यायमूर्ति रमना ने कहा कि केंद्र सरकार ने भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर उस जनहित याचिका का समर्थन किया था, जिसमें चुनाव आयोग को जांच करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में मुफ्त उपहारों के देश की अर्थव्यवस्था के साथ ही स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर विपरीत प्रभाव की आशंका पर चिंता व्यक्त की गई है।

पीठ ने कहा कि इस मामले में राजनीतिक दलों को साथ लेकर चलने और उनके बीच विचार-विमर्श और बहस की जानी चाहिए। केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे मेहता ने अपनी ओर से कहा कि अंततः मामला जांच के लिए अदालत के सामने ही आएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले से जुड़ी सभी सूचनाएं और आंकड़े अदालत के समक्ष रखेगी।

मेहता ने पीठ के समक्ष यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी ने मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए दावा किया है कि उसे संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार है। इस अधिकार में चुनावी भाषण और वादे भी शामिल हैं।

याचिकाकर्ता उपाध्याय का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने सुझाव दिया कि मामले की जांच के लिए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढ़ा और पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जा सकती है।

इस पर न्यायमूर्ति रमना ने कहा कि कहा कि जो व्यक्ति सेवानिवृत्त होता है या सेवानिवृत्त होने वाला है, उसका इस देश में कोई मूल्य नहीं है। न्यायमूर्ति रमना 26 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

सिंह ने पीठ के समक्ष दलील देते हुए कहा कि सुब्रमण्यम बालाजी बनाम तमिलनाडु सरकार में शीर्ष अदालत के 2013 के फैसले पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। इस फैसले में शीर्ष अदालत ने माना था कि चुनावी घोषणा पत्र में राजनीतिक दलों द्वारा किए गए वादे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के अनुसार भ्रष्ट आचरण नहीं होंगे। न्यायमूर्ति रमना ने मामले की अगली सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पीठ का गठन किया।

नवसृजित अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के पदों पर पदोन्नति

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अजमेर। राजस्व मंडल की ओर से संपूर्ण राजस्थान के मंत्रालयिक कर्मचारियों का केडर रिव्यू होने तथा नए पुनर्गठन के पश्चात अजमेर जिले में सहायक प्रशासनिक अधिकारी से अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के 15 कार्मिकों की पदोन्नति बुधवार को हो गई।

प्रदेश में अजमेर पहला जिला है जहां पदोन्नति को सबसे पहले अमलीजामा पहनाया गया।कलेक्टर, संबंधित कमेटी सदस्यों अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन), प्रोटोकॉल अधिकारी, कोषाधिकारी, वरिष्ठ लेखाधिकारी, संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं संबंधित शाखा से यह संभव हो पाया।

अतिरिक्त प्रशा अधिकारी (संस्थापन) सतीश कुमार सैनी ने समस्त पदोन्नत कार्मिकों को कलेक्ट्रेट स्टाफ की ओर से बधाई दी साथ ही इसके लिए प्रयास करने वाले कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंभू सिंह राठौड़ को धन्यवाद प्रेषित किया।

माध्यमिक शिक्षा विभाग में मंत्रालयिक संवर्ग केडर रिव्यू जारी

राजस्थान के धौलपुर जिले में बाढ़ से हालात बिगड़े

धौलपुर। राजस्थान में चंबल नदी में कोटा बैराज और काली सिंध नदी से छोड़ा गया पानी धौलपुर जिले के 80 गांवों के लोगों के लिए मुसीबत बन गया है।

चंबल नदी के किनारों पर बसे कई गांव जलमग्न हो गए हैं। नदी में लगातार छोड़े जा रहे पानी से 26 सालों का रिकॉर्ड टूट सकता है। नदी में साल 1996 में पानी का लेवल 145 मीटर तक पहुंचा था। ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बन जाने के बाद ऊंचाई पर स्थित धौलपुर शहर का मुक्तिधाम भी पानी में डूबा हुआ है।

बाढ़ के हालात को संभालने के लिए एसडीआरएफ की चार कंपनियां तैनात की गई है। इसके साथ ही सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है। मध्यप्रदेश और राजस्थान को जोड़ने वाला चंबल नदी पर बना पुराना पुल भी पानी में डूब चुका है। चंबल नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासनिक अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।

उधर, पुलिसकर्मी नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगे हैं। पिछले 12 घंटे से लगातार बचाव अभियान चलाकर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा गया है।

चंबल नदी में लगातार हो रही पानी की आवक के नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 12 मीटर ऊपर पहुंच चुका है। नदी के शाम तक खतरे के निशान से 15 मीटर ऊपर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में चंबल नदी का जलस्तर 143 मीटर पहुंच चुका है।

प्रशासन के मुताबिक आगामी 24 घंटे धौलपुर जिले के लिए भारी हो सकते हैं। सिंचाई विभाग के एक्सईन रामअवतार मीणा ने बताया कि वर्ष 1996 में चंबल नदी का जलस्तर 145 मीटर तक पहुंचा था और जिले में बाढ़ आई थी। पिछले साल भी चंबल नदी में कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने पर जलस्तर 144.70 मीटर तक पहुंच गया था।

उन्होंने बताया कि करौली जिले में मंडरायल और धौलपुर के पाली गांव तक चंबल नदी का जलस्तर 144 मीटर तक पहुंच गया है। ऐसे में इस बार 1996 का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। धौलपुर क्षेत्र के मोरोली, बसई नीम, कामरे का पूरा, सरमथुरा उपखंड क्षेत्र के दुर्गशी, झिरी, शंकरपुरा समेत 10 से ज्यादा गांवों में पानी घुस चुका है। बाड़ी क्षेत्र के सेवर पाली, सोने का गुर्जा समेत कई गांवों में भी बाढ़ आ गई है। प्रशासन की अलग-अलग टीमें डूब क्षेत्र तैनात की गई हैं।

चित्तौड़गढ़ में अतिवृष्टि से महिला की मौत, कॉलोनियों में बाढ़ के हालात

कोटा में फ्रूट का ठेला लगाने के विवाद में चचेरे भाई का हत्या

कोटा। राजस्थान में कोटा के विज्ञान नगर थाना क्षेत्र में आज ठेला लगाने की बात पर फ्रूट का ठेला लगाने वाले दो चचेरे भाइयों के हुए विवाद में चाकू से हमले में एक की मौत हो गई।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि चाकू का वार ठेला चालक सुफेल के दिल पर लगा जिससे अधिक रक्तस्राव होने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बीच-बचाव की कोशिश में तीन अन्य लोगों के भी चाकू लगा है जिसका एमबीएस अस्पताल में प्राथमिक उपचार करवाया गया। मृतक सुफेल श्रीपुरा का रहने वाला था।

पुलिस के अनुसार महावीर नगर निवासी आरोपी रशीद एवं श्रीपुरा निवासी मृतक सुफेल आपस में चाचा-ताऊ के लड़के हैं। दोनों के तीन-तीन फल के ठेले लगते हैं। ठेला लगाने की बात को लेकर सुफेल का अपनी मौसी के लड़के रशीद से दो-तीन दिन पहले झगड़ा हुआ था।

इसी बात को लेकर आज झालावाड़ रोड़ पर सिटी मॉल के पास दोनों के बीच झगड़ा हुआ जिसके बाद रशीद कुछ साथियों को लेकर आया। आते ही उसने सुफैल के पिता पर चाकू से हमला क़िया। बीच-बचाव में आए सुफैल को भी चाकू मारे। हमले में सुफेल, उसके पिता एवं दो भाई भी घायल हुए। घायलों को तुरंत हॉस्पिटल लाया गया। जहां सुफैल की मौत हो गई।

थाना प्रभारी देवेश भारद्वाज ने बताया कि रशीद ने ताऊ मटरू एवं उसके लड़के सुफेल, शानू, जावेद से धारदार हथियार से मारपीट की। हमले में सुफैल की मौत हो गई। घटना के बाद फ़रार हो गए आरोपी को पुलिस तलाश रही है।

सीबीआई विशेष अदालत ने अनुब्रत मंडल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा

कोलकाता/आसनसोल। केन्द्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अदालत ने तृणमूण कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल को बुधवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। नेता को सात सितंबर को अदालत में पेश किया जाएगा।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मंडल को सीमा पार कथित गौ तस्करी मामले में आज सुबह पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया।

तृणमूल कांग्रेस बीरभूम जिला इकाई के अध्यक्ष मंडल को 11 अगस्त को सीबीआई के सीमा पार से चल रहे पशु तस्करी घोटाले में कथित रूप से सहयोग न करने के आरोप में उनके गांव निचुपट्टी स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। शहर के निजाम पैलेस में सीबीआई के 10 समन भेजने पर भी उसे नजरअंदाज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

आसनसोल की विशेष अदालत द्वारा 62 वर्षीय राजनेता को संघीय जांच एजेंसी के तहत रिमांड पर लेने के बाद वह पहले ही क्रमशः 10 और चार दिन के दो सप्ताह की सीबीआई हिरासत पूरी कर चुके हैं। इस बीच, आसनसोल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आसनसोल दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय ने आसनसोल अदालत के न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती को मिले कथित धमकी भरे पत्र की जांच शुरू कर दी है।

आसनसोल के विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश चक्रवर्ती को कथित तौर पर एक व्यक्ति से धमकी भरा पत्र मिला, जिसने उन्हें मंडल को जमानत नहीं देने पर धमकी दी है। पत्र में लिखा गया है कि ऐसा नहीं करने पर उनके परिवार के सदस्यों को झूठे ड्रग्स मामले में फंसाया जाएगा।द न्यायाधीश को 20 अगस्त को धमकी भरा पत्र मिला था। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय (एडीपीसी) ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सिसोदिया-केजरीवाल दोनों शराब घोटाले में शामिल : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ दिल्ली के प्रमुख सचिव के रिपोर्ट देने और सारे साक्ष्य उनके विरुद्ध होने के बावजूद मुख्यमंत्री केजरीवाल उनका बचाव कर उन्हें भारत रत्न देने की बात कर रहे हैं जिससे साफ है कि दोनों नेता इस शराब कांड में शामिल हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केजरीवाल सरकार ने ईमानदारी से भ्रष्टाचार तक का सफर बहुत जल्दी तय किया है। इस सरकार ने दिल्ली को बर्बाद करने के लिए गली मोहल्लों में शराब के ठेके खोलने की नीति बनाई और एक बोतल के साथ मुफ्त बोतल देकर घोटाला किया है।

उन्होंने कहा कि जिस शराब नीति ने दिल्ली को राजस्व के हिसाब से ज्यादा पैसा मिलने की बात की जा रही थी तो उस नीति को फिर वापस क्यों लिया गया। नीति गलत थी तो फिर आबकारी मंत्री के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए। सिसोदिया कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का उनके विधायकों को फोन आ रहे है तो फोन करने वाले नेताओं का नाम भी उजागर होना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंजाब में स्वास्थ्य मंत्री जेल गए तो इसको लेकर खूब ढोल पीटा गया गया लेकिन जिस व्यक्ति के खिलाफ दिल्ली के मुख्य सचिव रिपोर्ट देते हैं उन उपमुख्यमंत्री को बचाने के लिए केजरीवाल खुद सामने आकर उनका बचाव करने लगते हैं। इससे साफ है कि केजरीवाल भी इस मामले में शामिल है इसलिए भ्रष्टाचारी मंत्री का बचाव कर उन्हें भारतरत्न देने की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में शराब घोटाले की बात हो रही है तो इसमें शिक्षा नीति और स्वास्थ्य नीति को क्यों लाया जा रहा है। स्वास्थ्य नीति यदि बहुत अलग थी तो दिल्ली में कोरोना के समय बेड नहीं मिलने के कारण सड़कों पर तड़पते हुए लोगों क्यों दम तोड़ रहे थे। इसी तरह से दिल्ली की शिक्षा की बात करने वालों को भी समझना चाहिए कि दिल्ली के बोर्ड के परिणाम देश के पहले 10 राज्यों में भी शामिल नहीं है जबकि पहले स्थिति इसके विपरीत थी।

उन्होंने भाजपा पर भी हमला किया और कहा कि उसने भी शराब नीति का फायदा उठाया और शराब माफियाओं से जमकर के चंदा लिया। यही वजह है कि भाजपा इस मामले में कभी मुखर नहीं रही और अब कांग्रेस के प्रयास से मामला सामने आया तो बड़ी-बड़ी बातें की जा रही है।

चित्तौड़गढ़ में अतिवृष्टि से महिला की मौत, कॉलोनियों में बाढ़ के हालात

चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में तीन दिन लगातार बरसात से दीवार ढहने से एक महिला की मौत हो गई तो रावतभाटा क्षेत्र के स्कूलों में दो दिन अवकाश घोषित कर दिया है।

जिले भर में रविवार शाम से शुरू हुआ बरसात का दौर मंगलवार शाम तक बना रहने से सभी बड़े छोटे बांध तालाब भरकर ओवरफ्लो हो गए जिसके कारण शहर में होकर बहने वाली गंभीरी एवं बेड़च नदी मंगलवार को उफान पर आ गई।

शहर में बाढ़ के हालातों से बचने के लिए जिला कलेक्टर अरविन्द पोसवाल ने जल संसाधन एवं पुलिस अधिकरियो के साथ दोनों नदियो का जायजा लेकर बचाव एवं राहत के निर्देश दिए। हालांकि देर रात गंभीरी बांध में पानी की आवक कम होने से बाढ़ की स्थिति फ़िलहाल टल गई है। दूसरी ओर शहर की कई नव विकसित कॉलोनियों में तीन तीन फ़ीट पानी आज भी भर हुआ है।

वर्ष 2016 में रिकॉर्ड बरसात से हुई जलप्लावन के हालातों से स्थानीय निकाय ने सबक नही सीखा और पानी निकासी की कोई व्यवस्थाएं नहीं होने के चलते सांसद, विधायक एवं ज़िला प्रमुख सहित कई अधिकारियो के सरकारी आवास वाले मधुवन क्षेत्र में जल निकासी नहीं होने के कारण तीन से पांच फ़ीट पानी भर गया तो निम्बाहेड़ा रोड पर भी इतना ही पानी भरने के कारण आवागमन ठप होने के साथ आज भी जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया।

इस बीच तीन दिनों की बरसात का प्रतिकूल असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला जिसके चलते सेमलपुरा ग्राम में कल दोपहर अपने कच्चे मकान एक दीवार ढह गई जिससे घर में खाना बना रही महिला मलबे में दब गई जिसे घायलावस्था में उदयपुर रैफर किया लेकिन देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई।

ग्रामीण क्षेत्रों में नदी नाले उफान पर होने के कारण कई रस्ते आज भी जाम है। रावतभाटा उपखंड में भारी बरसात के कारण जिला कलेक्टर पोसवाल ने स्कूलों में विद्यार्थियो के लिए बुधवार व गुरुवार का अवकाश घोषित कर दिया है।

बदायूं में गन्ने के खेत में गई किशोरी से रेप, आरोपी अरेस्ट

बदायूं। उत्तर प्रदेश में बदायूं जिले के कुंवरगांव क्षेत्र में मंगलवार रात शौच को गई किशोरी के साथ गांव के ही एक युवक ने दुष्कर्म किया।

पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि कुंवरगांव इलाके के एक गांव की निवासी नाबालिग किशोरी रात में शौच के लिए घर के पास स्थित गन्ने के खेत में गई थी जहां गांव के ही रहने वाले रजनेश ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

किशोरी की चीख सुनकर ग्रामीण व परिजन पहुंचे और भाग रहे आरोपी को दबोच लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस आरोपी समेत पीड़िता को थाने ले गई। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित किशोरी को आज सुबह मेडिकल के लिए भेजा गया है।

अपर पुलिस अधीक्षक अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि आधी रात को खेत में गई किशोरी के साथ गांव के एक युवक ने दुष्कर्म किया। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने मौके से आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले किया। परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसे दोपहर को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

तृणमूल कांग्रेस ने त्रिपुरा प्रदेश अध्यक्ष सुबल भौमिक को किया बर्खास्त

अगरतला। तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को त्रिपुरा प्रदेश अध्यक्ष सुबल भौमिक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया। प्रदेश अध्यक्ष को पार्टी में शामिल होने के एक वर्ष के अंदर ही आज अचानक बर्खास्त कर दिया गया।

पार्टी ने एक बयान में कहा कि सुबल भौमिक को तत्काल प्रभाव से त्रिपुरा तृणमूल कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष के रूप में उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है। राज्य के प्रभारी राजीव बनर्जी और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति तक पार्टी के कामकाज को देखेंगे।

एक रिपोर्ट के मुताबिक भौमिक भारतीय जनता पार्टी में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें हालांकि अभी इस संबंध में अंतिम आदेश नहीं प्राप्त हुआ है। सूत्रों अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा की शनिवार की त्रिपुरा यात्रा के दौरान इस मामले को अंतिम रूप दिया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव और मौजूदा केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सामाजिक न्याय राज्य मंत्री प्रतिमा भौमिक के करीबी नेताओं का एक वर्ग भौमिक की पार्टी में वापसी के विरोध में है।

मुख्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष माणिक साहा और उपमुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा भौमिक की वापसी के पक्ष में हैं। सूत्रों ने कहा कि भौमिक ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले देव के साथ अनबन के बाद भाजपा छोड़ दी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने पश्चिम त्रिपुरा निर्वाचन क्षेत्र से भौमिक की उम्मीदवारी को ठुकरा दिया था जिससे वह नाराज हो गए थे। भौमिक तब कांग्रेस में शामिल हो गए और पश्चिम त्रिपुरा से प्रतिमा भौमिक के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।

सत्तारूढ़ दल ने चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली और चुनाव में हेरफेर के आरोप लगाए थे। भारत के निर्वाचन आयोग को पश्चिम त्रिपुरा संसदीय क्षेत्र में कुल 1679 मतदान केंद्रों में से 168 मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान करना पड़ा।

भौमिक पिछले वर्ष दिसंबर में शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़ दी और रातोंरात तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी बाद के चुनावों और संगठनात्मक गतिविधियों में भौमिक के प्रदर्शन से खुश नहीं थे।

पार्टी ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से उनके कामों के संबंध में जानकारी लेने सहित कई स्तरों पर भौमिक के प्रदर्शन की समीक्षा की और उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने का फैसला किया। तृणमूल कांग्रेस के राज्य प्रभारी एवं पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री राजीव बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस नए जोश के साथ नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में अपनी गतिविधियां फिर से शुरू करेगी। कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है, जो कुछ भी हो रहा है वह पार्टी और राज्य के लोगों के लिए अच्छा होगा।

बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने अगरतला नगर निगम सहित शहरी निकायों के चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया है। वह वहां दूसरे स्थान पर रही। इन चुनावों का प्रबंधन सीधे पश्चिम बंगाल के नेताओं द्वारा किया जाता था, लेकिन जून में चार विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों में, पार्टी ने भौमिक के नेतृत्व में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और पार्टी संगठन भी ठीक से काम नहीं कर रहा था।

उन्होंने कहा कि हमने उम्मीदवारों के चयन और चुनाव प्रबंधन रणनीतियों सहित उनके सभी प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया था। चुनाव में संसाधनों की कोई कमी नहीं थी। पार्टी द्वारा जब भी और जो कुछ भी मांगा गया था, उसे मंजूरी दे दी गई थी, लेकिन परिणाम विनाशकारी था। पार्टी अब नए चेहरों के साथ आक्रामक तरीके से शुरुआत करेगी।

जौनपुर : बारात से लौट रही कार पुल से गिरी, दूल्हे के भाई सहित दो की मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के ग्रामसभा गौरैयाडीह मे आई बारात वापस लौटते समय कार सतहरिया के करीब पुल की रेलिंग तोड़ते हुए बुधवार को खाई मे जा गिरी। जिससे दूल्हे के भाई सहित दो लोगो की घटना स्थल पर ही मौत हो गई और कार सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

सभी घायलों का प्राथमिक इलाज सीएचसी सतहरिया में करने के बाद बेहतर उपचार हेतु जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना मंगलवार की रात करीब 12 बजे की है। पुलिस के अनुसार जिले में मुंगरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गौरैयाडीह मे मुन्ना राईन के यहां काली कुत्ती जौनपुर से बारात आई थी।

बारात वापस लौटते समय एक कार मे दूल्हे के भाई शकलैन शिद्दीकी समेत पांच लोग जौनपुर जाने के लिए रवाना हुए। जैसे ही जौनपुर रायबरेली हाईवे पर सतहरिया के करीब कार अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग को तोड़ते हुए 10 फिट गहरी खाई में जाकर पलट गई। चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग वहां पहुंचे और कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

सूचना मिलने पर सतहरिया चौकी प्रभारी अजय पांडेय भी मौके पर पहुंच गए। इस हादसे में जौनपुर शहर के ओलंदगंज निवासी कार सवार दूल्हे के भाई 28 वर्षीय शकलैन शिद्दीकी और 23 वर्षीय सर्वजीत उर्फ राजा की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में सवार 23 वर्षीय कमलेश रावत, 24 वर्षीय आदित्य उर्फ रीशू, 22 वर्षीय आयुष श्रीवास्तव, निवासीगण काली कुत्ती जौनपुर गंभीर रूप से घायल हो गए।

सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी बारात में आए अन्य लोगों व लड़की के पक्ष को हुई तो उनके घर में कोहराम मच गया। दोनों पक्ष घटनास्थल पर पहुंचे गए।

इस संबंध में थानाध्यक्ष सदानंद राय ने बताया कि बारात में आए कार चालक से बारातियों की कुछ कहासुनी हो गई थी। जिसके चलते कार चालक कार को छोड़कर फरार हो गया था। मृतक में से कोई एक युवक कार को चलाकर जौनपुर जा रहे थे और रास्ते मे हादसे के शिकार हो गए।