Warning: Constant WP_MEMORY_LIMIT already defined in /www/wwwroot/sabguru/sabguru.com/18-22/wp-config.php on line 46
Sabguru News - 7250 का पृष्ठ 643 -
होम ब्लॉग पेज 643

ऑडी की कारें होंगी 2.4 प्रतिशत तक महंगी

मुंबई। जर्मनी की लक्जरी कार निर्माता कंपनी ऑडी ने आज भारत में अपनी कारों के अलग-अलग मॉडलों की कीमतों में 2.4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने की घोषणा की।

कंपनी ने यहां जारी बयान में कहा कि लागत बढ़ने के कारण कारों की कीमतों में यह बढ़ोतरी की जा रही है। कीमतों में यह वृद्धि 20 सितंबर 2022 से लागू होगी।

ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लन ने कहा कि हम एक स्‍थायी बिजनेस मॉडल चलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इनपुट और सप्‍लाई चेन की बढ़ती लागत के कारण, हमें अपनी कारों के अलग-अलग मॉडलों की कीमतों में 2.4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने की जरूरत महसूस हुई।

चिंता की बात नहीं, राहुल द्रविड़ समय पर लौट आएंगे : रवि शास्त्री

0

बेंगलूरु। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने अपने उत्तराधिकारी राहुल द्रविड़ के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद मंगलवार को कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि द्रविड़ कोरोना को मात देकर भारत-पाकिस्तान मुकाबले के लिए मैदान पर आ जाएंगे।

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इससे ज्यादा फर्क पड़ेगा। आज उसे कोविड-19 न कहें, वह सिर्फ फ्लू है। द्रविड़ तीन-चार दिन में स्वस्थ होकर मैदान पर लौट आएंगे। उल्लेखनीय है कि भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ टीम के यूएई रवाना होने से पहले मंगलवार को कोरोना संक्रमित पाए गए।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को उम्मीद है कि द्रविड़ कोरोना से उबरने के बाद भारतीय दल में शामिल होंगे। वह फिलहाल बीसीसीआई की चिकित्सीय टीम की निगरानी में हैं। शास्त्री ने कोरोना को लेकर यह भी कहा कि अगर भारतीय टीम इंग्लैंड टेस्ट शृंखला का पांचवां और अंतिम मैच 2021 में ही खेलती तो वह शृंखला जीत सकती थी।

भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवां टेस्ट 2021 में कराने के लिए प्रयास किए गए थे, लेकिन कोरोना वायरस के कई मामले सामने आने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। यह मैच अंततः जुलाई 2022 में खेला गया, जिसे जीतकर इंग्लैंड ने शृंखला 2-2 से ड्रॉ की।

शास्त्री ने कहा कि जब मुझे पिछले साल कोरोना संक्रमण हुआ था, मैं छह दिन में ड्रेसिंग रूम में लौट सकता था। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अगर मैं छह-सात दिन में ड्रेसिंग रूम में लौट गया होता और हमने वह मैच ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला होता, तो हम वह मैच जीतते। अब आप कोरोना की बात मत कीजिये, यह सिर्फ फ्लू है। दो पैरासिटामोल खाइए और आप भारत बनाम पाकिस्तान मैच के लिए मैदान पर वापस होंगे।

दुमका : मुस्लिम युवक ने पेट्रोल छिड़क कर छात्रा को लगा दी आग

दुमका। झारखंड में दुमका जिले के नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार को एकतरफा प्यार में पागल एक सिरफिरे युवक ने पेट्रोल छिड़क कर बारहवीं कक्षा की एक छात्रा को आग लगा दी जिससे छात्रा गंभीर रूप से झुलस गई।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना मंगलवार की सुबह दुमका नगर थाना क्षेत्र के जरुआडीह मोहल्ले की है। पीड़ित छात्रा 12वीं कक्षा की छात्रा है। छात्रा अपने घर में खिड़की खोल कर सोयी हुई थी। इस बीच पहले से मौके का इंतजार कर रहे युवक शाहरुख ने खिड़की से सोयी हुई छात्रा के शरीर पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दिया। जिससे छात्रा गम्भीर रूप से झुलस गई।

सूत्रों ने बताया कि आननफानन में परिजनों ने उसे स्थानीय फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

इस बीच घटना की सूचना मिलते ही कार्यपालक दंडाधिकारी चरणजीत सिंह और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नूर मुस्तफा अंसारी ने मौके पर पहुंच कर गम्भीर रूप से झुलसी छात्रा के परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली और घटना स्थल का जायजा लिया। चिकित्सकों द्वारा गम्भीर रूप से झुलसी छात्रा को बेहतर इलाज के बाहर रेफर किया जा रहा है।

मामले की सूचना पर दुमका के सांसद सुनील सोरेन दुमका स्थित फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे और आग से झुलसी इलाजरत अंकिता कुमारी का हालचाल जाना। सांसद ने पीड़िता के पिता से घटना और चल रहे इलाज की जानकारी ली।

बीएमएस ने किया औद्योगिक संबंध श्रम संहिता का विरोध

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने औद्योगिक संबंध श्रम संहिता का विरोध करते हुए कहा है कि इसके लागू से होने 99 प्रतिशत कामगार श्रमिक संबंधी कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे।

बीएमएस के महासचिव हिरण्यमय पांड्या ने मंगलवार को बताया कि बीएमएस के एक प्रतिनिधिमंडल ने यहां केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की और श्रम संहिताओं के अंतिम स्वरूप से विचार-विमर्श किया। पांड्या ने बताया कि बीएमएस वेतन श्रम संहिता और सामाजिक सुरक्षा श्रम संहिता से सहमत हैं लेकिन औद्योगिक संबंध श्रम संहिता का कड़ा विरोध करता है।

उन्होंने कहा कि इस संहिता में संबंधित संस्थान या कारखाने के सभी विभागों को अलग-अलग इकाई माना गया है। इससे किसी भी संस्थान के 99 प्रतिशत कर्मचारी श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि संस्थान बंद करने की सीमा 100 कर्मचारी से बढ़ाकर 300 कर्मचारी कर दी गई है। इसका सीधा असर रोजगार सुरक्षा पर पड़ेगा।

पांड्या ने कहा कि इस औद्योगिक संबंध श्रम संहिता के लागू होने से मजदूर संघ के पंजीकरण की प्रक्रिया में अनावश्यक बाधा खड़ी हो जाएगी और गैर जरूरी विवाद खड़े हो जाएंगे। कामगारों को नियोक्ता की मनमर्जी पर छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सावधि रोजगार का बीएमएस लगातार विरोध करता रहा है और इस पर अडिग है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने बीएमएस की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है।

डा अरविंदर सिंह का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में शुमार

जयपुर। शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अधिक डिग्री एवं डिप्लोमा प्राप्त करने पर राजस्थान में उदयपुर के अर्थ ग्रुप के डा अरविंदर सिंह का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में शामिल किया गया हैं।

डा सिंह ने बताया कि वह पहले ऐसे पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल डॉक्टर है, जिन्हे मेडिकल साइंस के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में भी महारत हासिल है, जिनमें मैनेजमेंट, क़ानून, विशेषज्ञ, कोस्मेटोलॉजी, कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग आदि शामिल हैं और उनके पास कुल 123 डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट है, जिसमें 77 ऐकडेमिक एवं 46 नॉन-एकेडेमिक प्रमुख है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अधिक डिग्री एवं डिप्लोमा प्राप्त करने पर उनका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में शुमार किया गया हैं।

डा सिंह ने वर्ष 2009 में आईआईएम टॉप करने वाले भारत के प्रथम डॉक्टर होने का गौरव प्राप्त किया था। आईआईएम करते हुए ही उनको वर्ष 2008 में उस वर्ष का सबसे बड़ा 90 लाख का पैकेज स्कॉटलैंड से मिला था पर डा सिंह ने उस पैकेज को ठुकरा कर भारत में ही रहकर कार्य करने का फैसला लिया। डा सिंह ने शिक्षा क्षेत्र के अलावा निशानेबाज़ी में गोल्ड मैडल, स्कूबा डाइविंग का रिकॉर्ड, बिज़नेस लीडर अवार्ड जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी हासिल की है।

डॉ सिंह अभी कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजी एवं पैथोलॉजी के क्षेत्र में अर्थ ग्रुप के डायरेक्टर एवं सीईओ हैं। उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड, यूके, अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ़ एस्थेटिक मेडिसिन, कैनेडियन बोर्ड ऑफ़ एस्थेटिक मेडिसिन, इंटरनेशनल अकादमी ऑफ़ स्वीडन तथा जर्मनी से कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजी, एस्थेटिक मेडिसिन, सौंदर्य शास्त्र एवं क्लिनिकल कॉस्मेटोलॉजी, मेडिकल लेज़र आदि विषयों में विभिन्न डिप्लोमा एवं सर्टिफकेट हासिल कर राजस्थान के प्रथम इंटरनेशनल बोर्ड सर्टिफाइड कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट एवं एस्थेटिक फिजिशियन होने का भी गौरव प्राप्त किया।

उनको कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजी क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ने भी हाल में सम्मानित किया। डॉ सिंह का मानना है कि मेडिकल के क्षेत्र में क़्वालिटी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके नेतृत्व में अर्थ स्किन सेंटर भारत का प्रथम क़्वालिटी प्रमाणित सेंटर बना, साथ ही अर्थ डायग्नोस्टिक भी ऐसा डायग्नोस्टिक सेंटर है जिसे एनएबीएल एवं एनएबीएच दोनों क़्वालिटी प्रमाण पत्र प्राप्त है।

डॉ सिंह ने अभी हाल में इंस्टिट्यूट ऑफ़ एस्थेटिक मेडिसिन, कॉस्मेटोलॉजी एवं लेज़र की स्थापना भी की है जिसको लंदन से मान्यता एवं अमरीका से रजिस्ट्रेशन प्राप्त है। उन्होंने आशा जताई की इस सेंटर से ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी रोज़गारपरक कोर्स करेंगे और मेडिकल क्षेत्र में भी यह इंस्टिट्यूट ट्रेनिंग एवं सर्टिफकेशन उपलब्ध कराएगा। इसके तहत मेडिकल कॉस्मेटोलॉजी, एस्थेटिक्स एवं मेडिकल लेज़र के डिप्लोमा, फ़ेलोशिप्स की ट्रेनिंग होगी।

झुंझुनूं में हजारों लागों ने दी शहीद सतपाल सिंह को अंतिम विदाई

झुंझुनूं। जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकी हमले में घायल होने के बाद शहीद हुए राजपूताना राइफल्स के हवलदार सतपालसिंह का आज पैतृक गांव झुंझुनूं जिले के जैतपुरा में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

39 वर्षीय हवलदार सतपाल सिंह पिछले करीब 10 दिन से आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती थे। शहीद सतपाल के बेटे शांतनू ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान 11 राज राइफल्स के रिटायर्ड जवानों के साथ लोगों ने नारे लगाकर नम आंखों से विदाई दी।

इससे पहले शहीद की पार्थिव देह गमगीन माहौल में दोपहर घर लाई गई। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए लोग उमड़ पड़े। बच्चे, युवा, महिलाएं, बड़े-बुजुर्ग तिरंगा हाथ में लिए भारत की माता की जय, सतपाल अमर रहें जैसे नारे लगा रहे थे। घर पर परिवार की महिलाएं-पुरुष और गांव के लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद के अंतिम दर्शन किए। अंतिम दर्शन के बाद वीरांगना विंतोष बेसुध हो गईं।

सैनिक कल्याण राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह गुढा, कलेक्टर लक्ष्मण सिंह कुडी, पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा, सूरजगढ़ विधायक सुभाष पूनिया, बुहाना प्रधान हरिकृष्ण यादव, सूरजगढ़ प्रधान सत्यवान सिंह ने शहीद हवलदार सतपाल सिंह के पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनको नमन किया।

इस दौरान राज्य मंत्री ने गुढा ने कहा कि शहीद की वीरांगना को ईश्वर संबल दे। इस नुकसान की पूर्ति नहीं की जा सकती है। हमें गर्व है कि शहीद सतपाल का परिवार सेना को समर्पित है। शहीद के अंतिम संस्कार के दौरान अंत्येष्टि स्थल पर काफी संख्या में लोग पहुंचे।

शहीद वीरांगना विंतोष देवी ने हाथ जोड़कर शहीद पति के अंतिम दर्शन किए। शहीद सतपाल सिंह की पार्थिव देह बुहाना से तिरंगा यात्रा के साथ उनके घर लाई गई। इसमें काफी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे।

आबकारी के सवालों पर ‘कट्टर ईमानदारी’, ‘बिरादरी’ के नाम की ‘मक्कारी’ नहीं चलेगी : भाजपा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल एवं मनीष सिसोदिया को आज फिर चुनौती दी कि वे आबकारी नीति को लेकर तकनीकी सवालों का सही सही जवाब दें क्योंकि आबकारी के सवालों पर ‘कट्टर ईमानदारी’ और ‘बिरादरी’ के नाम की मक्कारी नहीं चलने वाली है।

भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और बाहरी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा ने पार्टी मुख्यालय में आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह दिल्ली की आबकारी नीति को लेकर वह राजनीतिक नहीं बल्कि तकनीकी सवाल पूछ रहे हैं और आबकारी के इन तकनीकी सवाल के जवाब आबकारी पर होने चाहिए, न कि ‘कट्टर ईमानदारी’ और ‘बिरादरी’ पर।

उन्होंने दिल्ली सरकार की आबकारी नीति के कुछ प्रावधानों को उद्धृत किया जिसमें साफ साफ कहा गया है कि शराब उत्पादक, थोक वितरक और खुदरा वितरक, परोक्ष या प्रकारान्तर, किसी भी प्रकार से संबद्ध नहीं होना चाहिए अन्यथा एकाधिपत्य का खतरा बन जाएगा। लेकिन हकीकत दूसरी है। ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं जिनमें उत्पादक एवं वितरक एक ही हैं। इंडो स्प्रिट नामक एक कंपनी को उत्पादन का लाइसेंस मिला, उसे ही ज़ोन 04, 23 एवं 22 में वितरण का भी लाइसेंस दिया गया।

त्रिवेदी ने कहा कि ये भाजपा का आरोप नहीं है, बल्कि आबकारी विभाग ने दिल्ली सरकार से यह पूछा है। उन्होंने कहा कि गत 25 अक्टूबर 2021 को आबकारी विभाग ने पत्र लिख कर जवाब मांगा था लेकिन इसका कोई जवाब नहीं दिया गया। केजरीवाल सरकार ने आबकारी नीति को सीधे सीधे ध्वस्त कर दिया है। लोगों में मिथ्या भ्रम एवं झूठ फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों के अनुसार उत्पादक वही है जो थोक वितरक है और वही खुदरा वितरक भी है तथा इस ‘कट्टर ईमानदारी’ के असत्य को निर्लज्जता से फैलाने वाले भी वही हैं।

प्रवेश वर्मा ने कहा कि आबकारी नीति को बनाने के लिए गठित समिति ने तय किया था कि किसी एक ब्रॉण्ड को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। एक पेटी के साथ एक पेटी मुफ्त का प्रचार करना गलत था। समिति का मानना था कि थोक वितरक एक सरकारी उपक्रम होना चाहिए जैसे कि कर्नाटक में है। पर ऐसा नहीं किया गया।

केजरीवाल सरकार ने थोक वितरक का कमीशन दो प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत क्यों किया, इसका कोई उत्तर नहीं है। नीति में 800 दुकानें खोलने एवं एक एक आदमी को अलग अलग दुकानें देने की बात कही गयी थी लेकिन यहां एक ही आदमी को सौ सौ दुकानें आवंटित की गयी हैं। महादेव एवं बड़ी पंजाब जैसी दो कंपनियां हैं जिनको तीनों लाइसेंस मिल हुए हैं।

वर्मा ने कहा कि थोक वितरक लाइसेंस धारकों को जमानत का 144 करोड़ रुपए वापस कर दिया गया है लेकिन छोटे व्यापारियों को कुछ नहीं दिया गया। नीति में लिखा है कि किसी को भी पैसा वापस नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली ऐसा पहला प्रदेश होगा जहां आबकारी मंत्री और शिक्षा मंत्री एक ही व्यक्ति है। शिक्षा मंत्री ने शराब के सेवन की आयुसीमा घटा दी ताकि विद्यार्थी भी शराब का सेवन कर सकें। जब मंत्री महोदय से सवाल विज्ञान का किया जाता है तो वह उत्तर इतिहास का देते हैं क्योंकि दिल्ली के 60 प्रतिशत स्कूलों में विज्ञान पढ़ाया ही नहीं जाता है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-20 में दिल्ली में दस हजार करोड़ रुपए की शराब बिकी और 4200 करोड़ रुपए का आबकारी शुल्क मिला। वर्ष 2020-21 में 7860 करोड़ रुपए की शराब बिक्री हुई और आबकारी शुल्क 3300 कराेड़ रुपए का मिला। लेकिन वर्ष 2021-22 के सात माह में दस हजार करोड़ रुपए से अधिक की शराब विक्रय हुआ लेकिन आबकारी शुल्क केवल 158 करोड़ रुपए मिला। इस प्रकार से पता चलता है कि राजस्व में तीन हजार करोड़ रुपए और आबकारी शुल्क में 3500 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ।

वर्मा ने कहा कि किसी सरकार को उसकी नीति से 6500 करोड़ रुपए का नुकसान होता है तो यह निश्चित रूप से गंभीर अपराध है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ये पैसा गया कहां। त्रिवेदी ने कहा कि केजरीवाल को समझ लेना चाहिए कि आबकारी पर सवाल के जवाब भी आबकारी पर होने चाहिए। कट्टर ईमान एवं बिरादरी की बात की मक्कारी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि हमारे सवाल तकनीकी हैं, राजनीतिक नहीं तो जवाब भी तकनीकी ही होने चाहिए।

महाराष्ट्र में मटकी फोड़ ‘गोविन्दा’ का निधन, शिंदे ने दिया मदद का आश्वासन

मुंबई। महाराष्ट्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर दही-हांडी उत्सव के दौरान घायल हुए 24 वर्षीय गोविंदा संदेश दलवी ने आज उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में आश्वासन दिया कि दलवी के परिवार को हरसंभव मदद दी जाएगी।

कुर्ला वेस्ट निवासी संदेश दलवी दही-हांडी उत्सव के दौरान हांडी फोड़ते समय ऊपर से गिरने से घायल हो गया था। उसे 19 अगस्त को नगर निगम द्वारा संचालित आरएन कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह शिव शंभो गोविंदा पाठक समूह का हिस्सा था।

एक अधिकारी ने कहा कि गोविंदा को 19 अगस्त को कूपर अस्पताल लाया गया था, लेकिन उनके परिवार ने डिस्चार्ज अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस लिया और उन्हें 21 अगस्त को नानावती अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उन्हें सोमवार को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

नानावती अस्पताल के डॉ करण ने कहा कि मरीज के सिर में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद सर्जरी की गई, लेकिन बच नहीं सका और कल रात नौ बजे उसकी मौत हो गई। राज्य में दही-हांडी के दौरान 222 लोगों को चोटें आने की रिपोर्ट मिली थी। जिनमें से 204 काे उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य 17 मरीज अस्पताल में उपचाराधीन रहे।

इस बीच महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता अजित पवार ने आज सरकार से मांग की कि जन्माष्टमी उत्सव के दौरान ऊंचाई से गिरकर मरने वाले युवक के परिवार को तत्काल 10 लाख रुपए की सहायता प्रदान की जाए।

सदन में जब शिवसेना विधायक अजय चौधरी ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया, तो उसे अध्यक्ष ने उसे खारिज कर दिया लेकिन पवार ने सरकार को इस मुद्दे को स्पष्ट करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि दही-हांडी में कई युवक मचान से गिरकर घायल हो गए। बाद में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सदन को आश्वासन दिया कि पीड़ित दलवी के परिवार को मदद दी जाएगी।

चित्तौड़गढ़ में एक पटवारी 4000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों अरेस्ट

चित्तौड़गढ़। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने चित्तौड़गढ़ जिले की डूंगला तहसील के मंगलवाड़ पटवार हल्के के पटवारी झाबरमल को एक मामले में चार हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए आज गिरफ्तार किया।

एसीबी के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि ब्यूरो की उदयपुर इकाई को परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई कि कृषि भूमि का नामांतरण खोलने की एवज में पटवारी झाबरमल पांच हजार रुपए की रिश्वत मांग कर परेशान कर रहे हैं।

सोनी ने बताया कि इस पर ब्यूरो की उदयपुर इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन करके ब्यूरो की पुलिस निरीक्षक सोनू शेखावत एवं उनकी टीम ने ट्रेप कार्यवाही की, जिसमें पटवारी ने परिवादी से चार हजार रुपए की रिश्वत लेकर अपने दलाल पुष्कर अहीर को दे दी।

उन्होंने बताया कि दलाल रिश्वत के ये रुपए लेकर मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश की जा रही है जबकि पटवारी को प्रकरण में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।

चूरू में पुलिस हैड कांस्टेबल पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट

भाजपा ने तेलंगाना पार्टी विधायक राजा सिंह को किया निलंबित

हैदराबाद/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय अनुशासन समिति ने मंगलवार को अपने तेलंगाना विधायक टी राजा सिंह को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में एक विशेष समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के लिए निलंबित कर दिया।

भाजपा केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य सचिव ओम पाठक ने नोटिस जारी करके कहा कि आपने विभिन्न मामलों पर पार्टी की स्थिति के विपरीत विचार व्यक्त किए हैं, जो भारतीय जनता पार्टी के संविधान के नियम XXV. 10 (ए) का स्पष्ट उल्लंघन है।

पाठक ने कहा कि मुझे आपको यह बताने को निर्देशित किया गया है कि आगे की जांच लंबित रहने तक आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी से और आपकी जिम्मेदारियों तथा कार्यों से निलंम्बित किया जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि कृपया इस नोटिस की तारिख से 10 दिनों के भीतर कारण बतायें कि आपको पार्टी से क्यों नहीं निकाला जाना चाहिए। पाठक ने कहा कि आपका विस्तृत जवाब दो सितंबर 2022 तक मिल जाना चाहिए। राजा सिंह 2018 के विधानसभा चुनाव में तेलंगाना के गोशामहल निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए थे।