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पूर्वी अल्जीरिया में आग लगने से 26 लोगों की मौत

काहिरा। अफ्रीकी देश अल्जीरिया के पूर्वी हिस्से में पड़ रही असामान्य गर्मी के कारण आग लगने से 26 लोगों की मौत हो गई। अल्जीरियाई मीडिया ने देश की नागरिक सुरक्षा सेवा के हवाले से यह रिर्पोट दी है।

अल्जीरियाई अखबार एन-नाहर की रिपोर्ट में बताया गया है कि अल्जीरिया के पूर्वोत्तर शहर अन्नाबा के पास जंगल में लगी आग की चपेट में आने से एक यात्री बस सवार आठ लोगों की मौत हो गई।

मीडिया रिर्पोट के अनुसार गृहमंत्री कामेल बेल्डजौद ने बुधवार को बताया कि उत्तरी अल्जीरिया के 14 जिलों के जंगल में लगी आग में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य लोग झुलस गये है।

रिपोर्ट के मुताबिक अल्जीरिया के पूर्वोत्तर के आठ प्रांत इस समय आग की चपेट में हैं। अल्जीरिया की सेना तेजी से फैल रही आग नियंत्रण पाने के लिए हेलीकॉप्टरों उपयोग कर रही है। अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बौने ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष अल्जीरिया के उत्तर-पूर्व में जंगल की लगी आग के ऊपरी इलाकों में फैलने के कारण 69 लोग मारे गए थे।

काबुल मस्जिद में विस्फोट, 30 से अधिक लोगों की मौत

काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मस्जिद में हुए विस्फोट से मरने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। इस विस्फोट में 40 से अधिक लोग घायल हुए है।

रक्षा विभाग के सूत्र के हवाले से मीडिया ने बताया कि कल हुए विस्फाेट में मारे गए लोगों की सूची में प्रसिद्ध धार्मिक विद्वान आमिर मोहम्मद कबाली शामिल हैं। अभी तक किसी आतंकवादी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

तालिबान का दावा है कि उनका अफगानिस्तान पर पूर्ण नियंत्रण है लेकिन इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह (आईएस) के आतंकवादी देश भर में नागरिकों और पुलिस पर हमला करना जारी रखे हुए है।

दो हफ्ते पहले काबुल में हुए दो घातक विस्फोटो में 10 मारे गए थे जबकि 40 अन्य घायल हो गए थे। मीडिया के रिपोर्ट के अनुसार इस्लामिक स्टेट ने दोनों हमलों की जिम्मेदारी ली है।

सबगुरु राशिफल : 18 अगस्त गुरुवार को आपके भाग्य में क्या होगा बदलाव

सबगुरु न्यूज। भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष, सप्तमी तिथि, वार गुरुवार, सम्वत 2079, वर्षा ऋतु, रवि दक्षिणायन, रात 09.21 बजे बाद अष्टमी तिथि प्रारम्भ।

मेष : आज आपको कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। परिवार और पैसों के मामलों में आप व्यस्त हो सकते हैं। ग्रह-स्थिति शुभ है। धन लाभ के योग बन रहे हैं। आप सिर्फ अपने मन पर भरोसा रखें। किसी रिश्तेदार के स्वभाव या व्यवहार के बारे में आपको कुछ बातें समझ आ सकती हैं। दूसरों की बातें सुनने और समझने में सावधान रहें। कर्ज चुकाने में आसानी रहेगी। सकारात्मक मन रखने की कोशिश करें। धैर्य रखें। आज आप काफी जोश और उत्साहित नजर आयेंगे और सजने सवरने में आपकी रूचि ज्यादा रहेगी।

वृषभ : आज सफलता प्रदान करने वाला दिन है। दूसरों की सलाह ज्यादा गंभीरता से न लें। बेचैनी के कारण आप परेशान हो सकते हैं। जो भी काम करे अपनी जानकारी में करे और सोच समझकर करे। पुराना मित्र मिलेगा। आधी बात सुनने-समझने से समस्या हो सकती है। इसी तरह अपनी बात ठीक से न कह पाने के कारण भी कोई समस्या हो सकती है। हालात को नियंत्रण में रखने के लिए शांत रहें। इससे आपको फायदा होगा। जो भी आपसे मिले, उसके साथ विनम्र और सुखद व्यवहार करें। बहुत कम लोग ही आपके इस आकर्षण का राज जान पाएंगे। किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करे नहीं तो आज धोखा भी खा सकते है।

मिथुन : आज आप आस्था और आत्मविश्वास से सभी क्षेत्रों में उम्मीद से अच्छा करेंगे। अधिकारीगण आप के कार्य से संतोष का अनुभव करेंगे। मुसीबत से बाहर निकलने के लिए आपको अपनों की मदद लेनी चाहिए। स्वास्थ्य का ख्याल रखें। आकस्मिक धनलाभ होने की भी संभावना है। आपको मानसिक संतोष मिलेगा। पिता और बड़ों के आशीर्वाद से लाभ होगा। प्रभावशीलता बनी रहेगी। सेहत के लिहाज से जरा संभलकर रहें। कहीं बाहर आप अपने दोस्तों के साथ वक़्त का भरपूर लुत्फ़ उठा सकते हैं। इससे पहले कि नकारात्मक विचार मानसिक बीमारी का रूप ले लें, आप उन्हें खत्म कर दें।

कर्क : आज व्यापार के क्षेत्र में आपको लाभ होगा। संतानों के साथ संबंध अच्छे रहेंगे। आप के व्यवसाय से अन्य व्यापारी भी धन का लाभ ले पाएंगे। स्वास्थ्य संभालकर चलिएगा। दूर स्थित स्नेहीजनों के समाचार मिलेंगे। मध्याह्न के बाद कार्यालय में उपरी अधिकारी का सहयोग मिलेगा। गृहस्थों को सुख और संतोष की भावना आज दिनभर मन में रहेगी। व्यावसायियों को पदोन्नति से लाभ होगा। सम्मान होने से आज मन प्रसन्न रहेगा। विपरीत लिंगीय व्यक्तियों के साथ संभलकर व्यवहार करें नहीं तो परेशानी होगी। पैसों के मामलों में आप बहुत उदार हो सकते हैं। विदेश जाने के अनुकूल परिस्थिति का निर्माण होगा।

सिंह : आज आप निजी और पेशेवर जीवन दोनों में अपना सर्वश्रेष्ठ देने में सक्षम होंगे। निजी जीवन में कुछ अच्छे बदलाव होंगे। परिवार के सदस्यों का प्यार व सहयोग प्राप्त होगा। तन-मन से स्वस्थ और प्रफुल्लित रहेंगे। पड़ोसी और भाई-बंधुओं के साथ के संबंध सौहार्दपूर्ण रहेंगे। भाग्यवृद्धि के लिए अवसर सामने आएंगे। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त कर सकेंगे। किसी भी प्रकार के वाद विवाद से दूरी बनाये रखें। नई योजनायों का आरम्भ करके और नाम कमायेंगे। व्यापार में भी लाभ होने की संभावना है। हाथ में लिए हुए कार्य समय पर पूरा न होने पर हताशा अनुभव कर सकते हैं।

कन्या : नए कार्यों का आयोजन करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए अनुकूल दिन है। नौकरी और व्यवसाय में लाभदायक परिणाम मिलेंगे। व्यापार में नई दिशाएं खुलती प्रतीत होंगी। सरकार द्वारा लाभ के समाचार मिलेंगे। आप की शारीरिक स्फूर्ति और मानसिक प्रफुल्लता बनी रहेगी। परिवारजनों और मित्रों के साथ खान-पान का स्वाद ले पाएंगे। मध्याह्न के बाद आप को सहसा शारीरिक शिथिलता और मानसिक व्यग्रता का अनुभव होगा। मध्याह्न के बाद खान-पान में ध्यान रखिएगा। कार्य अपूर्ण रह जाने की पूरी संभावना है। प्रवास में विघ्न आएंगे। आध्यात्मिकता और ईश्वरभक्ति ही आप को सहायता देगी।

तुला : आज कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले आपका सोच-विचार कर लेना ठीक रहेगा। रुका हुआ पैसा भी मिल सकता है। सामाजिक और सार्वजनिक क्षेत्र में प्रसिद्धि मिलेगी। परिवार एवं दांपत्य जीवन में सुख-संतोष का अनुभव करेंगे। रोमांस की पराकाष्ठा का अनुभव होगा। जीवनसाथी के साथ अच्छा मेल-जोल रहेगा। आज आपको हर मामले में अनुकूलता का अनुभव होगा। घर में सुख-शांति आएगी, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। आज का दिन घर से बाहर जाने तथा मित्रों से लाभ मिलने का है।

वृश्चिक : आज आपको पारिवारिक जीवन में शांति बनाए रखने के लिए आपको कड़ा संघर्ष करना पड़ सकता है। किसी भी वाद-विवाद में पड़ने की बजाय अगर आप मामलों को शांति से सुलझाएं तो आपके लिए बेहतर होगा। आपको किसी कठिन स्थिति का सामना भी करना पड़ सकता है। परिवार में भी किसी न किसी तरह की उलझन भरी स्थिति बन सकती है। इन समस्याओं में समय और ऊर्जा काफी खर्च हो सकती है। आपके खर्चे भी बढ़ सकते हैं, सावधान रहें। कोई परेशानी की स्थिति बनने पर शांत रहने की कोशिश करें। व्यापारीगण साझेदारों के साथ धैर्य से काम लें। सार्वजनिक जीवन में अपयश न मिले इसका ध्यान रखें।

धनु : आज नौकरी में आप अपने कार्य को बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। जो पहल करेंगे या नया कदम उठाएंगे, समय आने पर उसके अच्छे नतीजे भी आपको मिल सकते हैं। आपके लिए बेहतर यह रहेगा कि सोचे हुए काम करते जाएं। अपने महत्वपूर्ण कामों की लिस्ट बनाएं और उन पर ध्यान दें। खुद को किसी से कम न समझें। जो आप सोचेंगे वह आसानी से करेंगे। कई महत्वपूर्ण मामले आज टल भी सकते हैं, लेकिन उससे आपको फायदा होगा। घर के बाहर के मामलों में आपकी महत्वाकांक्षाएं भी बढ़ सकती है। आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

मकर : आज का दिन लाभकारी रहेगा। पैसों का फायदा होने और कार्यक्षेत्र में कोई उपलब्धि मिलने का योग बन रहा है। आज आप शांत मन से काम करेंगे तो आपको काफी फायदा होगा। दूसरों की बात गंभीरता से सुने। कोई महत्वपूर्ण जानकारी आपको मिल सकती है। इस राशि के जो लोग प्लास्टिक के व्यापार से जुड़े हैं आज उनकी किसी बड़े व्यापारी से साझेदारी हो सकती है। विवाहितों के लिए आज का दिन शानदार रहने वाला है। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। जीवनसाथी से आपको सरप्राइज मिल सकता है।

कुंभ : आज शिथिलता एवं अधिक कार्यभार के कारण मानसिक व्याकुलता का अनुभव होगा। सामाजिक दृष्टि से अपमानित न होना पड़े इस बात का ध्यान रखें। नए कार्य का प्रारंभ न करने की सलाह है। दूर रहने वाली संतानों से शुभ समाचार मिलेंगे। निर्धारित समय में आप अपना कार्य पूर्ण कर पाएंगे। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए हानिकर भोजन न लें। प्रवास में विघ्न आने की संभावना है। परंतु मध्याह्न के बाद दूर स्थित स्नेही सम्बंधियों के समाचार मिलने से आप का आनंद दूना हो जाएगा। नौकरी पेशावालों के लिए आज का दिन शुभ है। आकस्मिक धन खर्च की संभावना है।

मीन : आज का दिन आपके लिए शानदार रहेगा। कोई नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फायदा दिलायेगा। बिजनेसमैन पुरानी बातों को पीछे छोड़कर आगे आने वाले अच्छे वक़्त की ओर देखें। आपकी कोशिशें फलदायी रहेंगी। जीवनसाथी की किसी बात को गंभीरता से न लेने पर विवाद हो सकता है।सेहत आज फिट रहेगी। नए कार्यों का प्रारंभ कर सकेंगे। नए कार्य का प्रारंभ करने का भी आज के दिन उत्साह रहेगा।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आध्यात्मिक महत्व, पूजन का समय एवं विधि

पूर्णावतार भगवान श्री कृष्ण ने श्रावण कृष्ण पक्ष अष्टमी को पृथ्वी पर जन्म लिया। उन्होंने बाल्यकाल से ही अपने असाधारण क्रियाकलापों के द्वारा भक्तों के संकट दूर किए। हर वर्ष भारत में मंदिरों, धार्मिक संस्थानों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता है। यह उत्सव प्रत्येक प्रांत में अलग-अलग पद्धति से मनाया जाता है। इस उत्सव के निमित्त बहुत संख्या में लोग एकत्र होकर भक्ति भाव से यह उत्सव मनाते हैं। इस वर्ष श्री कृष्ण जन्माष्टमी 18 अगस्त को है इस लेख में हम श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महत्व जानने वाले हैं।

महत्व – जन्माष्टमी के दिन श्री कृष्ण तत्व प्रतिदिन की अपेक्षा एक सहस्र गुना अधिक कार्यरत रहता है। इस तिथि को ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ यह नाम जप और श्रीकृष्ण की अन्य उपासना भावपूर्ण करने से श्रीकृष्ण तत्व का अधिक लाभ मिलने में सहायता होती है। मासिक धर्म, अशौच और स्पर्श-अस्पर्श इन सभी का स्त्रियों पर जो परिणाम होता है वह इस दिन उपवास करने से और ऋषि पंचमी का व्रत करने से उसका परिणाम कम होता है। (पुरुषों पर होने वाला परिणाम क्षौरादी प्रायश्चित कर्म से, और वास्तु पर होने वाला परिणाम उदक शांति से कम होता है)

उत्सव मनाने की पद्धति – इस दिन पूर्ण दिवस व्रत करके रात को 12:00 बजे बाल कृष्ण का जन्म मनाया जाता है। उसके पश्चात प्रसाद लेकर उपवास पूर्ण करते हैं या दूसरे दिन सुबह दही काला का प्रसाद लेकर उपवास पूर्ण करते हैं।

श्री कृष्ण के पूजन का समय – श्री कृष्ण के जन्म का समय रात को 12:00 बजे होता है। इस कारण इसके पूर्व पूजन की तैयारी करके रखनी चाहिए। रात को 12:00 बजे यदि संभव हो तो श्री कृष्ण जन्म का पालना गीत लगाना चाहिए।

श्री कृष्ण का पूजन (श्री कृष्ण की मूर्ति अथवा चित्र की पूजा) – श्री कृष्ण जन्म का पालना भजन होने के पश्चात श्री कृष्ण की मूर्ति अथवा चित्र की पूजा करनी चाहिए।

षोडशोपचार पूजन : जिनको श्रीकृष्ण जी की षोडशोपचार पूजा करना संभव हो उन्होंने उस प्रकार पूजा करनी चाहिए।

पंचोपचार पूजन : जिनको श्री कृष्ण की षोडशोपचार पूजा करना संभव ना हो उनको ‘पंचोपचार पूजा ‘करनी चाहिए। पूजन करते समय ‘सपरिवाराय श्री कृष्णाय नमः’ यह नाम मंत्र कहते हुए एक-एक सामग्री श्री कृष्ण को अर्पण करना चाहिए। श्री कृष्ण जी को दही ,पोहा और मक्खन का भोग लगाना चाहिए। उसके पश्चात श्री कृष्ण जी की आरती करनी चाहिए। (पंचोपचार पूजा : गंध, हल्दी -कुमकुम, फूल, धूप-दीप और भोग इस क्रम से पूजा करनी चाहिए)

श्री कृष्ण की पूजा कैसे करें ? – भगवान श्री कृष्ण की पूजा के पूर्व उपासक ने स्वयं को मध्यमा से दो खड़ी लाइन में गंध लगाना चाहिए। श्री कृष्ण की पूजा में उनकी प्रतिमा को गोपी चंदन का गंध प्रयोग में लाया जाता है। श्री कृष्ण की पूजा करते समय अनामिका से गंध लगाना चाहिए। श्री कृष्ण जी को हल्दी कुमकुम चढ़ाते समय पहले हल्दी और फिर कुमकुम दाहिने हाथ के अंगूठे और अनामिका मैं लेकर उनके चरणों में अर्पण करना चाहिए। अंगूठा और अनामिका जोड़कर जो मुद्रा तैयार होती है,उससे पूजक का अनाहत चक्र जागृत होता है। उस कारण भक्ति भाव निर्माण होने में सहायता होती है।

श्रीकृष्ण जी को तुलसी क्यों चढ़ाते हैं? – जिस चीज में विशिष्ट देवताओं के पवित्रक (देवताओं के सुक्ष्म से सुक्ष्म कण) को आकर्षित करने की क्षमता अन्य वस्तुओं की अपेक्षा अधिक होती है वह वस्तु देवताओं को अर्पित की जाती है इस कारण देवता की मूर्ति में वह तत्व अधिक प्रभाव में आकर आकर्षित होता है और इस कारण देवता की चैतन्यता का लाभ जल्दी होता है। तुलसी में कृष्ण तत्व प्रचुर मात्रा में होता है। काली तुलसी यह श्री कृष्ण के मारक तत्व और हरी पत्तों वाली तुलसी यह श्री कृष्ण के तारक तत्व का प्रतीक होती है। इसी कारण श्री कृष्ण जी को तुलसी अर्पित की जाती है।

श्रीकृष्ण जी को कौन से फूल चढ़ाने चाहिए? कृष्ण कमल के फूल में श्री कृष्ण के पवित्रको को आकर्षित करने की क्षमता सबसे अधिक होने के कारण यह फूल श्री कृष्ण जी को चढ़ाना चाहिए। देवताओं के चरणों में फूल विशिष्ट संख्या में और विशिष्ट आकार में चढ़ाने से फूलों की ओर देवताओं का तत्व जल्दी आकर्षित होता है। उस अनुसार श्री कृष्ण को फूल चढ़ाते समय तीन या तीन तीन गुणा लंबा गोलाकार आकार में चढ़ाने चाहिए श्री कृष्ण जी को चंदन का इत्र लगाना चाहिए। श्री कृष्ण जी की पूजा करते समय उनका तारक तत्व ज्यादा अधिक प्रमाण में आकर्षित करने के लिए चंदन, केवड़ा, चंपा, चमेली, जाई, खस और अंबर इनमें से किसी भी प्रकार की उदबती प्रयोग में लानी चाहिए और श्रीकृष्ण के मारक तत्व को अधिक प्रमाण में आकृष्ट करने के लिए हिना या दरबार इस सुगंध वाली अगरबत्ती प्रयोग में लानी चाहिए।

श्री कृष्ण की मानस पूजा – यदि कोई किसी कारणवश श्रीकृष्ण की प्रत्यक्ष पूजा नहीं कर सकता है तो उन्होंने । श्रीकृष्ण की मानस पूजा करनी चाहिए। (मानस पूजा अर्थात प्रत्यक्ष पूजा करना संभव न हो तो पूजन की सभी सामग्री मानस रूप से श्रीकृष्ण को अर्पित करनी चाहिए)

पूजा के पश्चात नाम जप करना– पूजा होने के पश्चात कुछ समय श्री कृष्ण का ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ यह नाम जप करना चाहिए।

‘अर्जुन के समान असीम भक्ति निर्माण होने के लिए श्रीकृष्ण को मनोभाव से प्रार्थना करना – श्रीकृष्ण जी द्वारा भगवद्गीता में यह वचन ‘मेरे भक्त का नाश नही होता ‘ का स्मरण करके हममे अर्जुन के समान असीम भक्ति निर्माण हो इसके लिए मनोभाव से प्रार्थना करनी चाहिए।

दही काला – अनेक खाद्य पदार्थ दही ,दूध ,मक्खन इन सब को एकत्र करके जो खाद्य पदार्थ बनता है वह है काला।

श्री कृष्ण जी ने ब्रजभूमि में गायों को चराते समय स्वयं का और सभी ग्वालो के भोजन को एकत्र करके खाद्य पदार्थ काला बनाया और सभी लोगों ने एक साथ ग्रहण किया इसी का अनुसरण करते हुए गोकुलाष्टमी के दूसरे दिन काला बनाने की और दही हांडी फोड़ने की प्रथा प्रारंभ हुई। आजकल दही काला के निमित्त लूटपाट, अश्लील नृत्य, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ आदि अपप्रकार सरेआम होते हैं। इस अपप्रकार के कारण उत्सवों की पवित्रता नष्ट होकर उत्सव से देवताओं के तत्वों का जो लाभ होना चाहिए वह तो होता ही नहीं है अपितु धर्म की हानि होती है। उपरोक्त अनैतिक कार्य रोकने के लिए प्रयत्न करने से उत्सव की पवित्रता टिकेगी व उत्सव का सही अर्थ में लाभ सभी को होगा इस प्रकार की कृति करना श्रीकृष्ण की समष्टी उपासना ही है।

आज के समय में विविध प्रकार से धर्म हानि हो रही है धर्म हानि रोक कर धर्म संस्थापना के कार्य में सहभागी होकर श्री कृष्ण की कृपा संपादन करें! (हे अर्जुन उठो और लड़ने के लिए तैयार हो ) कृष्ण की आज्ञा के अनुसार अर्जुन ने धर्म रक्षण किया और वह श्री कृष्ण के प्रिय बने इसी प्रकार देवताओं का अपमान, धर्मांतरण, लव जिहाद, मंदिरों से होने वाली चोरी, गौ हत्या, मूर्तियों को तोड़ना इस माध्यम से धर्म पर होने वाले आघातो के विरुद्ध अपनी क्षमता के अनुसार वैद्य तरीके से कार्य करना चाहिए।

भगवान श्री कृष्ण धर्म संस्थापना के आराध्य देवता है। आज के समय धर्म की स्थापना का कार्य करना यह सबसे महत्वपूर्ण समष्टि साधना है। धर्म संस्थापना अर्थात समाज व्यवस्था और राष्ट्र रचना आदर्श करने का प्रयत्न करना। धर्म स्थापना के लिए अर्थात् हिंदू राष्ट्र की स्थापना के लिए सभी लोगों ने प्रयत्न करना चाहिए।

संदर्भ : सनातन संस्था का लघु ग्रंथ ‘श्री कृष्ण’

राहुल जी, प्रियंका जी कुछ दिन गुजारिए राजस्थान में : शेखावत

नई दिल्ली। राजस्थान की लचर कानून-व्यवस्था के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जिम्मेदार ठहराया। शेखावत ने कहा कि साढ़े तीन वर्षों से राजस्थान मॉब लिंचिंग, महिलाओं के साथ दुराचार, अबोध बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार, बच्चों की तस्करी, दलितों के साथ दुर्व्यवहार और हिंदुओं के खिलाफ घृणित अपराधों के लिए नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हाथरस, उन्नाव की घटना पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले तथा सलेक्टिव पॉलिटिक्सी करने वाले राहुल गांधी जी व प्रियंका गांधी जी राजस्थान में कुछ दिन गुजारिए और राज्य के हालातों को भी देखिए।

भाजपा मुख्यालय पर बुधवार को शेखावत मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने राजस्थान में अपराध के आंकड़े रखते हुए कहा कि राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान आज रेप के मामले में देश में नंबर वन और नाबालिग बच्चियों की तस्करी के मामले में दूसरे नंबर पर है।

उत्तर प्रदेश में लड़की हूं लड़ सकती हूं, का नारा देने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा जी को इन लड़कियों की बदहाली क्यों नहीं दिखाई देती है? शेखावत ने कहा कि अलवर की रेप की घटना के बाद में प्रियंका जी सवाईमाधोपुर में अपने बच्चों और परिवार के साथ शेरनी के बच्चे की अटखेलियां देखने के लिए गईं थीं। उनके पास छुट्टी मनाने का समय था, लेकिन अलवर की उस मासूम बेटी के आंसू पोंछने का समय नहीं था। इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता।

शेखावत ने कहा कि दुर्भाग्यापूर्ण है कि खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रेपिस्टों की सजा कम होनी चाहिए, इसकी पैरवी करते नजर आते हैं। निर्भया कांड के बाद जो कठोर कानून अबोध बच्चियों के खिलाफ यौन हिंसा को कम करने के मकसद से बनाया गया था, उसमें से मौत की सजा कम करने की पैरवी करते हैं। यहां तक कहते हैं कि मौत की सजा रेप के बाद हत्या का कारण बनते हैं। इससे ज्यादा शर्मनाक कोई विषय नहीं हो सकता।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम सबने देखा है, राजस्थान के वरिष्ठ मंत्री शांति धारीवाल ने विधानसभा में कहा कि राजस्थान में रेप की घटनाएं इसलिए हो रही हैं, क्योंकि राजस्थान मर्दों का प्रदेश है। अगर कोई इस तरह की टिप्पणी करे और उस पार्टी के नेता एक साथ ठहाके लगाकर हंसे और सरकार फौरी तौर पर एक बयान जारी कर खुद को इससे अलग करने की कोशिश करे तो यह उनके चरित्र का सबसे बड़ा उदाहरण तो है ही, लेकिन इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में ही केवल कांग्रेस की यह कहानी नहीं है, बल्कि पूरे देश में कांग्रेस के नेताओं के यही हालात हैं। कर्नाटक में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़के के विधायक बेटे ने सरेआम महिलाओं के प्रति जिस तरह की टिप्पणी की है, उस तरह के अनेक बयान कांग्रेस के नेताओं द्वारा दिए गए, जिससे हम सबका सर शर्म से नीचे झुक जाता है।

राज्य में सालभर में 5310 रेप के मुकदमे

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देशभर में कुल मिलकर सालभर के अंदर 28,046 मुकदमे रेप के दर्ज हुए, इसका छ्ठे हिस्से के बराकर 5310 मुकदमे राजस्थान में दर्ज हुए। इसमें एक चौथाई से ज्यादा केस ऐसे हैं, जिनमें पीड़िताओं की उम्र 18 साल से कम है। बेहद हैरानी की बात है कि देशभर में नाबालिगों से ज्यादती की जहां 2,640 घटनाएं एक साल में हुई, वहीं अकेले राजस्थान में यह आंकड़ा 1,279 रहा।

राज्य की निष्क्रिय पुलिस से बैखोफ हवस के दरिंदे मासूमों तक को नहीं बख्श रहे हैं। एनसीआरबी के मुताबिक एक साल में राजस्थान में 53 नाबालिग लड़कियों की तस्करी के मामले सामने आए। इनमें अधिकतर मामले ट्राइबल बेल्ट के हैं। हाल में खुलासा हुआ कि प्रदेश की 12 नाबालिग बच्चियों को तस्करी करके केरल ले जाया गया। आश्चर्य की बात है कि राजस्थान पुलिस की मानव तस्करी निरोधी यूनिट को इसकी भनक तक नहीं लगी।

दलितों के खिलाफ अत्याचार से सत्ताधारी नेता भी दुखी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दलितों के खिलाफ अत्याचार में भी राजस्थान आज सर्वोच्च पायदान के राज्यों में पहुंच चुका है। राज्य के कांग्रेस विधायक पाराचंद मेघवाल ने इन घटनाओं से व्यथित होकर अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को भेज दिया। पार्टी के 13 से ज्यादा चुने हुए पार्षदों ने पत्र भेजा है और अनेक विधायकों ने कड़े शब्दों में अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाई है।

कहां हैं सोनिया गांधी और ह्यूमन राइट के चैंपियन

शेखावत ने कहा कि जब देश 76वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, उसी दिन अलवर जिले में मुस्लिमों ने गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के रामबास गांव में सब्जी का ठेला लगाकर गुजर बसर करने वाले चिरंजीलाल की पीट-पीट कर हत्या कर दी। जयपुर के रायसर जमवारामगढ़ में दलित महिला टीचर पर पेट्रोल डालकर सरेआम मात्र इसलिए आग लगा दी जाती है, क्योंकि वो कुछ लोगों से उधार पैसे मांगती थी। इससे पहले सरेआम कन्हैया लाल की हत्या हुई, फिर एक सिख के साथ मॉब लिंचिंग हुई, लेकिन गहलोत सरकार अपने वोटबैंक की राजनीति के चलते चुप्पी साधे हुए हैं। राजस्थान में इतनी बड़ी घटना हुई तो राहुल गांधी जी कहां खोए हैं, सोनिया गांधी जी कहां हैं और साथ ही साथ खुद को हृयूमन राइट के चैंपियन बताने वाले आज कहां छुपे हुए हैं?

खुलेआम हो रही तुष्टीकरण की राजनीति

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजस्थान के करौली, जोधपुर आदि जगहों पर खुलेआम तुष्टीकरण की राजनीति होते दिखी। हालात यह है कि मुख्यमंत्री गहलोत जी की रोजा इफ्तार पार्टी तक में बारां सांप्रदायिक हिंसा का आरोपी न सिर्फ बेखौफ पहुंचता है, बल्कि कांग्रेस नेताओं के साथ फोटो लेकर सोशल मीडिया तक पर डालता है। गहलोत सरकार की मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति ने हिंदू समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। इसे देखकर बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए विधायक और सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कांग्रेस से अलग होने की धमकी दी है।

धर्म के आधार पर भेदभाव कर रही सरकार

शेखावत ने कहा कि राजस्थान की गहलोत सरकार में धर्म के आधार पर भी भेदभाव हो रहा है। रीट एग्जाम में हिंदू छात्राओं के दुपट्टे, मंगलसूत्र और चूड़ियां तक उतरवा लिए गए, जबकि हिजाब पहनकर परीक्षा देने की छूट दी गई। हालात यह भी है कि हिंदू त्योहारों पर शहरों में दंगे हो रहे हैं, लेकिन असामाजिक तत्वों को पुलिस की जरा भी परवाह नहीं है। हालात इतने बदतर हैं कि हिंदू मंदिरों, राम दरबार को तोड़ा जा रहा है।

हालात इतने खौफनाक हैं कि उदयपुर में वीडियो बनाकर कट्टर आतंकी सर तन से जुदा कर देते हैं और अजमेर दरगाह का खादिम सरेआम हिंदुओं और उनके देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं। सच तो यह है कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार में हिन्दू दोयम दर्जे के नागरिक बन गए हैं। कोटा पुलिस ने आगामी गणेश चतुर्थी और दुर्गा पूजा के लिए मूर्तियां बनाने वाले मूर्तिकारों को कुछ प्रतिबंधों के साथ दिशा-निर्देश दिए हैं। इनमें प्रतिमाओं की ऊंचाई 3 फीट से अधिक नहीं होने की बात भी कही गई है। इससे मूर्ति कारीगरों की परेशानी बढ़ गई है।

साधु की हत्या के लिए सरकार परोक्ष रूप से जिम्मेदार

शेखावत ने कहा कि ब्रजक्षेत्र में अवैध खनन को लेकर सरकार के मंत्रियों को बचाने के लिए चौरासी कोसी परिक्रमा के पर्वतों को भी नहीं बख्शा गया, शिकायतें भी नहीं सुनी गई और साधु विजय दास की बलि ले ली गई। साधु विजय दास की हत्या के लिए राजस्थान सरकार परोक्ष रूप से जिम्मेदार है।

समाजों में वैमनस्त से बड़ा झूठ और कुछ नहीं

एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि मैं राजस्थान के ठेठ गांव से आता हूं। मैंने 25 साल तक लगातार धरातल पर रहकर के गांवों में काम किया है। राज्य में अगड़ों और पिछड़ों के बीच में वैमनस्य से बड़ा झूठ और कुछ नहीं हो सकता। जालोर में जो घटना हुई है, मैं उस घटना के कारणों और उसमें नहीं जाना चाहता, वो समीक्षा, अनुसंधान और पुलिस जांच का विषय है।

कारण चाहे मटकी का हो या न हो, जिस तरह की खबरें अखबारों में आई हैं कि वहां मटकी नहीं थी। वहां सभी साथ पानी पीते थे, दोनों समाज के टीचर्स और लोग मिलकर रहा करते थे। जो कुछ हुआ, वो दुर्भाग्यपूरर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसी कई घटनाएं देखने को मिलती हैं, तब विषय यह नहीं होता कि समाजों के बीच में वैमनस्य है, विषय यह है कि सरकार इनसब विषयों पर ठीक से समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं करती?

अपराधी बेलगाम, आम जनता भयभीत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजस्थान में जिस तरह के हालात आपने देखा है, लॉयन ऑर्डर जिस तरह से कमजोर हुआ है, राजस्थान की पुलिस का जो ध्येय वाक्य है कि अपराधियों में खौफ और आमजन में विश्वास, लेकिन आज स्थिति ठीक इसके उलट है। राजस्थान की सरकार केवल कुर्सी बचाने में व्यस्त है और अपराधी बेलगाम हैं, जबकि आम जनता भयभीत है। सरकार से आम जनता इतनी तस्त्र है कि वह एक-एक दिन इसके कालखंड की गिन रही है।

गहलोत साहब सरकार बचाने नहीं, चलाने पर ध्यान दीजिए

सचिन पायलट और मुख्यमंत्री के बीच खींचतान पर शेखावत ने कहा कि गहलोत साहब ने हाल में कहा कि कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान की चिंता करने वाले पहले खुद की चिंता करें, अपने गिरेबां में झांक कर देखें। ये जो लड़ाई है साहब, इस लड़ाई का खामियाजा राज्य के करोड़ों लोग, महिलाएं, बच्चियां, गरीब और राजस्थान का विकास भुगत रहा है। इस लड़ाई को बंद करिए और सरकार चलाने पर ध्यान दीजिए, बचाने पर नहीं।

शोपियां में कश्मीरी पंडित के हत्यारों की हुई पहचान, जल्द सजा मिलेगी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बुधवार को कहा कि शोपियां में मंगलवार को कश्मीरी पंडित सुनील कुमार की हत्यारोपी दो लोगों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द ही उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।

सिंह ने बुधवार को पहलगाम के चंदनवाड़ी में सड़क दुर्घटना में मारे गए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सम्मान में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह के मौके पर संवाददाताओं से कहा कि शोपियां में कश्मीरी पंडित सुनील की हत्या में शामिल दोनों लोगों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने प्रदेश में जमीनी स्तर पर हुए सकारात्मक बदलाव का समर्थन किया है, जो शांति के विरोधी तत्वों को पसंद नहीं है और वे किसी ने किसी तरीके से प्रदेश में शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच और 15 अगस्त के समारोहों के दौरान जिस तरह से लोगों ने सकारात्मक कदमों का समर्थन किया वह काबिले तारीफ है। लोगों ने मिलकर हर संभव तरीके से अमरनाथ यात्रा काे सफल बनाया, जिससे अराजग तत्व बौखलाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके प्रयास भविष्य में भी नाकाम रहेंगे।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि शोपियां में कश्मीरी पंडित की हत्या के मामले में दो लोगों की पहचान कर ली गई है और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने मंगलवार को चंदनवाड़ी पहलगाम सड़क दुर्घटना में शहीद आईटीबीपी जवानों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि घायलों का विशेष उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो घायलों को बेहतर उपचार के लिए दिल्ली भेजा जाएगा।

जम्मू में दो मकानों से एक ही परिवार के 6 शव बरामद, एसआईटी गठित

मुख्यमंत्री महिला को जलाने जैसी घटनाओं के प्रति संवेदनशील नहीं : सतीश पूनियां

जयपुर। राजस्थान के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर आपराधिक घटनाओं के प्रति संवेदनशील नहीं होने और उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह नाकाम रहने का आरोप लगाया है।

डा पूनियां ने जयपुर जिले के जमवारामगढ़ में महिला को जलाने और प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर आज यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस शासन में यह पहली घटना नहीं है, इस तरीके की घटनाएं साल में कई हो रही हैं और अब तक पूरे प्रदेश में सात लाख से अधिक मुकदमे, औसतन 18 बलात्कार और सात हत्याएं प्रतिदिन, यह अपने आप में आंकड़ा कांग्रेस सरकार के कामकाज की कानून व्यवस्था की बानगी को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की नाक के नीचे हुई यह घटना जैसी घटनाएं सुदूर किसी आदिवासी ,सीमावर्ती एवं मेवात के क्षेत्र में होती है, जब अपराधी बैखोफ होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की शिथिलता, लापरवाही और कानून व्यवस्था के प्रति उसकी संवेदनहीनता यह ऐसे मामलों को और ज्यादा प्रेरित करती है और यह घटना भी जो जमवारामगढ़ के रायसर गांव में घटित हुई, एक दलित महिला शिक्षिका के साथ में यह समाज के लिए आंख खोलने वाली घटना है।

उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन यदि तत्पर होते, यदि उसकी सुनवाई होती तो यह घटना नहीं होती। घटनाओं की लंबी फेहरिस्त है और दुर्भाग्य है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री इस तरीके की घटनाओं के प्रति न तो संवेदनशील हैं और उनको रोकने के लिए पूरी तरह से नाकाम भी हैं।

मंत्रियों और विधायकों द्वारा विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को लेकर किए गए सवाल पर डॉ. पूनियां ने कहा कि यह सरकार ही गैर-जिम्मेदार है, इसलिए सरकार का मंत्री जिम्मेवार होगा इसकी कैसे उम्मीद कर सकते हैं जबकि मुख्यमंत्री खुद गैर जिम्मेवार हों ऐसे में कांग्रेस सरकार की अब जो पॉलिटिक्स है वो प्रतिशोध, ईर्ष्या एवं तुष्टीकरण की राजनीति है, इसलिए कांग्रेस का कोई मंत्री निरपेक्ष होकर काम करेगा इसकी उम्मीद नहीं की जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, राजनीतिक दलों को वादे करने से नहीं रोक सकते

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने चुनावी लोकलुभावन वादों के खिलाफ दायर याचिका पर बुधवार को कहा कि वह राजनीतिक दलों को मतदाताओं से वादे करने से नहीं रोका सकता।

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना और न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि वह राजनीतिक दलों को मतदाताओं से वादे करने पर रोक नहीं सकती लेकिन इस मुद्दे पर विचार किया जाना चाहिए कि क्या सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा, पीने के पानी जैसी आवश्यक चीजों को जनता तक तक पहुंचाने को मुफ्त उपहार की श्रेणी में माना जा सकता है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि वास्तव में ये कुछ ऐसी योजनाएं हैं, जो नागरिकों के अधिकार हैं तथा उन्हें जीवन की गरिमा प्रदान करती हैं। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने यह भी कहा कि यह मुद्दा तेजी से जटिल होता जा रहा था और सवाल यह था कि सही वादे क्या हैं?

पीठ ने कहा कि हम राजनीतिक दलों को वादे करने से नहीं रोक सकते हैं। सवाल यह है कि बहस और चर्चा होनी चाहिए कि सही वादे क्या हैं। क्या हम मुफ्त शिक्षा के वादे, सत्ता की कुछ आवश्यक इकाइयों को मुफ्त के रूप में वर्णित कर सकते हैं?

मुख्य न्यायाधीश ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार मुहैया कराने वाली ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ जैसी योजना का भी हवाला दिया। न्यायमूर्ति रमना ने संबंधित पक्षों से कहा कि मनरेगा ऐसी योजना है, जो जीने की गरिमा देती हैं। मुझे नहीं लगता कि वादे केवल पार्टियों के चुने जाने का आधार हैं। कुछ वादे करते हैं और फिर भी वे नहीं चुने जाते। आप सभी अपनी राय दें और फिर विचार के बाद हम किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं।

भारतीय जनता पार्टी नेता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने राजनीतिक दलों द्वारा अपने चुनावी घोषणापत्र में मुफ्त उपहारों के वादे पर प्रतिबंध लगाने या ऐसे राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द करने का निर्देश देने की शीर्ष अदालत से लगाई है। केंद्र सरकार ने उनकी इस जनहित याचिका का समर्थन किया है।

आम आदमी पार्टी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने उपाध्याय की याचिका का विरोध किया। डीएमके की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी विल्सन ने मामले की जांच के लिए एक विशेषज्ञ पैनल गठित करने के सुझाव का विरोध किया। विल्सन ने द्रमुक की ओर से कहा कि भारत एक समाजवादी कल्याणकारी राज्य है। कल्याणकारी उपाय होने चाहिए। हम एक समिति गठित करने के पक्ष में नहीं है।

आम आदमी पार्टी ने भी समिति गठन करने के सुझाव का विरोध किया है। उधर, मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने भी जनहित याचिका का विरोध करते हुए एक याचिका दायर की। शीर्ष अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को करेगी।

घटिया प्रेशर कुकर बेचने के मामले में फ्लिपकार्ट पर एक लाख रुपए जुर्माना

नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने स्थापित मानकों के हिसाब से घटिया घरेलू प्रेशर कुकर की बिक्री के लिए ऑनलाइन बाजार मंच ‘फ्लिपकार्ट’ पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि प्राधिकरण ने फ्लिपकार्ट को ऐसे 598 प्रेशर कुकरों के खरीदारों को खामी की सूचना देने तथा इन प्रेशर कुकरों को वापस लेने और उपभोक्ताओं को उनकी कीमतों की प्रतिपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार कंपनी को इन आदेशों का अनुपालन कर 45 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कंपनी को अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऐसे प्रेशर कुकर की बिक्री की अनुमति देने और उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपए का जुर्माना देने का भी निर्देश दिया गया है।

केंद्र सरकार ने 1 फरवरी 2021 से घरेलू प्रेशर कुकर (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश 2347:2017 अनिवार्य किया है। विज्ञप्ति के अनुसार सीसीपीए ने पाया कि फ्लिपकार्ट के उपयोग की शर्तें में उत्पाद के प्रत्येक चालान पर पावर्ड बाय फ्लिपकार्ट शब्दों का अनिवार्य उपयोग और विभिन्न लाभों के वितरण के लिए विक्रेताओं को सोने, चांदी और कांस्य के रूप में प्रतिष्ठित करने के प्रावधान किए गए थे। ये बातें प्रेसर कुकर की बिक्री में फ्लिपकार्ट द्वारा निभाई गई भूमिका की भूमिका को इंगित करती हैं। फ्लिपकार्ट ने ऐसे प्रेशर कुकर की बिक्री के माध्यम से कुल 1,84,263 रुपए अर्जित किए थे।

उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता और गुणवत्ता जागरूकता बढ़ाने के लिए, सीसीपीए ने केंद्र सरकार द्वारा प्रकाशित क्यूसीओ का उल्लंघन करके बेचे जाने वाले खास कर हेलमेट, घरेलू प्रेशर कुकर और रसोई गैस सिलेंडर पर रोकने के लिए एक देशव्यापी अभियान शुरू किया है।

सीसीपीए ने देश भर के जिला कलेक्टरों को इस तरह के उत्पादों के निर्माण या बिक्री से संबंधित अनुचित व्यापार प्रथाओं और उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन की जांच करने और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए लिखा है। इस अभियान के तहत 1,435 प्रेशर कुकर और 1,088 हेलमेट बीआईएस द्वारा जब्त किए गए हैं।

अलवर : बदमाशों ने सूरत के दो व्यापारियों से साढे 19 लाख रूपए लूटे

अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र में केसरपुर के शमशान घाट के पास गुजरात के सूरत में कबाडी काम करने वाले व्यापारी जीजा साला से आज साढे 19 लाख रूपए लूट लिए जाने का मामला सामने आया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार भरतपुर के कामां के धोमडी गांव निवासी जीजा हाकमदीन एवं साला हारुन अलग अलग बाइक पर लिवारी से दादर जा रहे थे। साले के पास नोटों का बैग था। दोपहर करीब 12 बजे तभी पीछे से दो बाइक पर पांच बदमाश आए। एक ने हारुन की बाइक के आगे बाइक लगा दी। दूसरे ने कनपटी पर कट्टा लगा दिया। तीसरे ने नोटों से भरा बैग छीन लिया और भागे। यह देख हाकमद्दीन ने बदमाशों का पीछा किया। उनकी बाइक को एक बार टक्कर भी मार दी। जिससे दोनो के चोट आई है। बदमाश जयसमंद बांध की पाल से होते निकल गए।

पीड़ित हाकमदीन ने बताया कि वह कामां का निवासी है। लिवारी में उसका रिश्तेदार रहता है। इस कारण उसने पास में दादर गांव में एक बीघा जमीन खरीदी है। भविष्य में यहां कबाड़े का काम करने का प्लान था और परिवार को यहां शिफ्ट करना है। जमीन के सौदे के कारण पैसा लेकर आए थे। लिवारी गांव से जब वे दादर की तरफ जा रहे थे। तब बदमाशों ने पीछा कर रकम लूट ली। आज जमीन मालिक को पैसा देना था।

हाकम ने बताया कि जमीन का सौदा हो चुका था। आज ही कुछ पैसा बैंक में जमा कराना था। कुछ रकम जमीन मालिक को नकद देनी थी। यह रकम पिदले 10 दिनों में एकत्रित की थी। इस कारण लिवारी में आए थे। अब जमीन फाइनल हो गई तो पैसा देना था। हाकमदीन ने बताया कि उसके चार बेटे हैं। दो भाई सूरत में कबाड़े का काम करते हैं। वहां करीब 18 साल काम करके कुछ पैसा कमाया था। एक बार में ही पूरा पैसा लुट गया।

घटना की सूचना पर पुलिस ने पीछा कर दो लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस थानेदार भी बदमाशों के पीछे हैं। अभी तीन बदमाशों के पीछे पुलिस है। माना जा रहा है कि जल्दी लुटेरे गिरफ्तार होंगे। पुलिस मामले का जल्दी खुलासा करेगी।