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सेंसेक्स साढ़े चार माह बाद हुआ 60 हजारी, निफ्टी भी मजबूत

मुंबई। वैश्विक बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा लिवाली से आज सेंसेक्स लगातार सातवें दिन चढ़ता हुआ साढ़े चार महीने बाद 60 हजार अंक को पार कर गया।

बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 417.92 अंक की छलांग लगाकर साढ़े चार माह के उच्चतम स्तर 60 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 60260.13 अंक पर पहुंच गया। इससे पूर्व सेंसेक्स 04 अप्रैल को 60611.74 अंक पर रहा था। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 119 अंक की तेजी लेकर 17944.25 अंक पर रहा।

इस दौरान बीएसई की छोटी और मझौली कंपनियों में भी लिवाली का जोर रहा। मिडकैप 0.64 प्रतिशत मजबूत होकर 25,182.00 अंक और स्मॉलकैप 0.53 प्रतिशत चढ़कर 28,343.00 अंक पर रहा। बीएसई में कुल 3556 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2017 में लिवाली जबकि 1405 में बिकवाली हुई वहीं 134 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह एनएसई में 33 कंपनियों में तेजी जबकि 17 में गिरावट रही।

बीएसई में कैपिटल गुड्स और ऑटो समूह की 0.32 प्रतिशत तक की गिरावट छोड़कर शेष 17 समूहों में तेजी रही। इस दौरान सीडीजीएस 0.59, एफएमसीजी 0.79, वित्त 0.90, आईटी 1.04, दूरसंचार 1.80, यूटिलिटीज 0.80, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.10, पावर 0.69 और टेक समूह के शेयर 1.13 प्रतिशत मजबूत रहे।

वैश्विक स्तर पर मिलाजुला रुख रहा। इस दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई 0.37 और जर्मनी का डैक्स 0.90 प्रतिशत लढ़क गया जबकि जापान का निक्केई 1.23, हांगकांग का हैंगसेंग 0.46 और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.45 प्रतिशत मजबूत रहा।

सेंसेक्स ने 96 अंक बढ़कर 59,938.05 अंक पर कारोबार की शुरुआत की लेकिन बिकवाली होने से थोड़ी देर बाद ही 59,857.80 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया। लिवाली की बदौलत कारोबार के अंतिम चरण में यह 60,323.25 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अंत में पिछले दिवस के 59,842.21 अंक के मुकाबले 0.70 प्रतिशत की तेजी लेकर 60,260.13 अंक पर रहा।

इसी तरह निफ्टी भी 43 अंक की बढ़त लेकर 17,868.15 अंक पर खुला। सत्र के दौरान यह 17,833.35 अंक के निचले जबकि 17,965.95 अंक के उच्चतम स्तर पर भी रहा। अंत में पिछले सत्र के 17,825.25 अंक की तुलना में 0.67 प्रतिशत की मजबूती के साथ 17,944.25 अंक पर रहा।

इस दौरान सेंसेक्स की 23 कंपनियों में लिवाली जबकि शेष सात में बिकवाली हुई। मुनाफा कमाने वाली प्रमुख कंपनियों में बजाज फिनसर्व 5.74, बजाज फिनसर्व 3.28, भारती एयरटेल 2.55, टेक महिंद्रा 2.45, एचसीएल टेक 2.22, एनटीपीसी 1.86, विप्रो 1.37, एक्सिस बैंक 0.86, रिलायंस 0.52, एसबीआई 0.40, आईसीआईसीआई बैंक 0.40, एलटी 0.37, एचडीएफसी 0.33, टीसीएस 0.23 और इंडसइंड बैंक 0.07 प्रतिशत शामिल हैं।

वहीं, नुकसान उठाने वाली कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.07, अल्ट्रासिमको 0.65, मारुति 0.58, टाटा स्टील 0.44, कोटक बैंक 0.33, पावरग्रिड 0.17 और टाइटन 0.06 प्रतिशत शामिल रही।

अलवर मॉब लिचिंग मामले में 7 आरोपी अरेस्ट, शव का अंतिम संस्कार

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के गोविन्दगढ़ थाना क्षेत्र के रामबास गांव में हुई मॉब लिचिंग की घटना के संबंध में पुलिस ने मंगलवार को सात आरोपियों को गिरतार किया।

पुलिस के अनुसार इस मामले में पुलिस ने टीम का गठन किया और नामजद आरोपी विक्रम खां सहित अन्य आरोपी असद खां, स्याबु पुत्र असरफ खां साहुन पुत्र जुमे खां, तलीम खां, कासम खां, पोला उर्फ ताफिक खान निवासी उलाहेडी थाना सदर अलवर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन स्कार्पियो को भी बरामद कर लिया है। इस मामले में अन्य आरोपियों के बारे में जांच की जा रही है।

समझौते के बाद मृतक का किया अंतिम संस्कार

गोविंदगढ़ थाना अंतर्गत रामबास में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए चिरंजीलाल हत्याकांड में परिजन, ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन के बीच समझौता हो गया। पुलिस की देखरेख में परिवारजनों ने मृतक चिरंजीलाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रशासन और ग्रामीणों में हुए समझौते के अनुसार मुख्यमंत्री सहायता कोष से प्रतिकर का 25 फीसदी आर्थिक सहायता तुरंत प्रभाव से दी जाएगी। उसके बाद नियमानुसार संपूर्ण राशि दी जाएगी।

इधर इस मामले में बयानों के बाद मोब लिंचिंग के तहत कार्रवाई कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। उपखंड अधिकारी लक्ष्मणगढ़ लखन सिंह गुर्जर ने बताया कि इस मामले में परिजनों को बताया गया है कि मुख्यमंत्री सहायता कोष से उनकी राशि स्वीकृत कर दी गई है जिसके लिए बैंक अकाउंट और संबंधित कागजात मांगे गए हैं।

कागजात मिलते ही उनके खाते में राशि जमा कर दी जाएगी। इसके अलावा जो उनकी मुख्य मांग 50 लाख रुपए आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी का जो मांग पत्र है उसे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। राज्य सरकार द्वारा स्तर पर ही इस पर कार्रवाई होगी।

इधर, पुलिस उपाधीक्षक कमल मीणा ने बताया कि मोब लिंचिंग की धारा में मुकदमा दर्ज है तथा कई लोगों को डीटेन किया गया है। बयानों के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी दिखाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले को पूरे दिन लेकर चले विवाद के कारण बयान नहीं हो सके इसलिए अब बयानों की कार्रवाई कर आरोपियों की गिरफ्तारी दिखाई जाएगी।

गहलोत की अमर्यादित टिप्पणी मुख्यमंत्री पद को शोभा नहीं देता : सतीश पूनियां

जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाजपा दफ्तर में ट्रक में भरकर पैसा पहुंचने के बयान को अमर्यादित करार देते हुए कहा है कि पैरामिलिट्री फोर्सेज के बारे में इस तरीके की बयानबाजी मुख्यमंत्री पद की गरिमा को शोभा नहीं देता।

पूनियां ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि गहलोत इन दिनों कुर्सी की असुरक्षा, कांग्रेस में अंतर्कलह और देश में कांग्रेस के सिमटते जनाधार से विचलित ज्यादा हैं और इतने विचलित है कि वह मर्यादा एवं सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार को भूल गए और राष्ट्रीय राजनीतिक दल के ऊपर ओछी टिप्पणी की है लेकिन पैरामिलिट्री फोर्सेज के बारे में इस तरीके की बयानबाजी, यह किसी भी मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता।

आप का दल अलग है वह हो सकता है, सरकार अलग हो सकती है, विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन भाजपा एवं उसके दफ्तर को इस तरीके से झूठे तथ्यों से आरोपित करना, उस पर पैरामिलिट्री फोर्स को लेकर अमर्यादित बयान देना, सेना हमारा स्वाभिमान और ताकत है, जिसके खिलाफ बयान देना मुख्यमंत्री पद की गरिमा को शोभा नहीं देता।

उन्होंने अलवर जिले के गोविंदगढ़ में मॉब लिंचिंग मामले को लेकर कहा कि कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष से अधिक के शासनकाल में सबसे पहला यक्ष प्रश्न है यह है कि श्री गहलोत के मुख्यमंत्री रहते उनके गृहमंत्री कालखंड में जिस तरीके से अपराध बढ़े हैं और अपराधियों का हौसला बढ़ा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि

प्रदेश में खासतौर पर मॉब लिंचिंग की घटनाएं और तुष्टीकरण के कारण जो लगातार अपराधियों को प्रश्रय मिला है, पुलिस की शिथिलता, प्रशासनिक कमजोरी यह सब उसके कारक हैं।

उन्होंने कहा कि राजस्थान की कानून व्यवस्था को जो नजर लगी है, गहलोत के सियासी बयान उसको ठीक नहीं कर पाएंगे, मुख्यमंत्री को गंभीरता के साथ कानून व्यवस्था दुरूस्त करने की सख्त जरूरत है, जो वो नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पहले भी मॉब लिंचिंग की अलवर, झालावाड़ और जयपुर सहित कई जिलों में घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें लगातार बहुसंख्यक हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, लेकिन गहलोत तुष्टीकरण की राजनीति के कारण हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

जालोर की घटना पर डॉ. पूनियां ने इस तरीके की घटनाओं के बारे में समाज, प्रशासन और सरकार को सोचने की जरुरत बताते हुए कहा कि कानून का भय खत्म हो जाने, सरकार, पुलिस एवं प्रशासन का इकबाल खत्म हो जाने पर इस तरह की घटनाएं होती हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

भाजपा दफ्तर में ट्रक में भरकर पहुंचता है पैसा : अशोक गहलोत

देश को आत्म निर्भर बनाने का सपना पूरा करने का दायित्व युवाओं पर : ओम बिरला

अजमेर। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने युवाओं पर नए भारत का निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुये कहा है कि देश को आत्म निर्भर बनाने का सपना पूरा करने का दायित्व भी युवाओं पर है।

बिरला मंगलवार को अजमेर जिले के किशनगढ़ के बांदरसिंदरी स्थित राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह में दीक्षांत उद्बोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अजमेर देश की आध्यात्मिक नगरी है और यहां शिक्षा का प्राचीन स्वर्णिम युग रहा है। मुझे खुशी है कि इस धरती पर केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में नन्हा सा पौधा जो आज वट वृक्ष बन चुका है आने वाले दिनों में पूरे विश्व में स्थान बनाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा से देश में सामाजिक, आर्थिक बदलाव लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

उन्होंने कहा कि देश की वर्तमान एवं भावी चुनौतियों का आज का युवा वर्ग अपनी बौद्धिक क्षमता से समाधान निकाले क्योंकि बदलाव भारत के नौजवानों के जरिए ही संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में पीएचडी के विद्यार्थियों को वर्तमान अध्ययन कर देश की योजनाओं के जरिए समाधान निकालने की दिशा में काम करना होगा। वे सरकार के सलाहकार बनकर कार्य करेंगे तो केंद्र अथवा राज्य की सरकारें उनकी सलाह से लाभान्वित होकर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगी।

बिरला ने स्पष्ट कहा कि भारत के सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी नौजवानों की है। युवा नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बने ये उनकी योग्यता पर निर्भर होगा। उन्होंने हर क्षेत्र में महिलाओं द्वारा अपनी क्षमता को सिद्ध करने पर नारी शक्ति पर गर्व जताया और कहा कि आज मातृशक्ति का योगदान भी देश के विकास में कम नहीं है।

बिरला ने स्वयं को लोकतांत्रिक संस्था का प्रमुख बताते हुए युवाओं का आह्वान किया कि युवा राजनीतिक प्रक्रियाओं में ज्यादा से ज्यादा सक्रिय रूप से भाग ले और इस बात का आंकलन करें कि जिस प्रतिनिधि को चुना है वह बेहतरीन कार्य कर रहा है या नहीं। उन्होंने युवा प्रतिनिधियों से कार्यों की समीक्षा करने का भी आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह में बिरला ने 82 छात्र छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए। इसके अलावा 116 पीएचडी एवं 1283 यूजी पीजी छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने भरोसा दिलाया कि विश्वविद्यालय राष्ट्र निर्माण के साथ साथ समाज कल्याण के लिए भी काम करेगा और विश्वविद्यालय को विश्व स्तरीय पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2022 को आक्रमक तरीके से लागू करने की बात कही।

भीलवाड़ा जिले में कोटा के श्रद्धालुओं की बस नदी में उतरी, यात्री सुरक्षित

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया थाना अंतर्गत तिलस्वां महादेव में कोटा के जातरुओं से भरी बस के मंगलवार देर रात ऐरू नदी में गिर जाने से उसका अगला हिस्सा पानी में डूब गया। हालांकि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

बस के नदी में उतर जाने का पता चलते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए लोगों को बस से बाहर निकाल लिया। क्रेन की मदद से बस को बाहर निकाला गया। बस में 60 से ज्यादा लोग सवार थे जो कोटा से रामदेवरा जाने के लिए निकले थे।

सूत्रों के अनुसार मंगलवार देर रात तिलस्वां महादेव में मंदिर के सामने बस अनियंत्रित होकर ऐरू नदी में उतार गई। चालक बस को संभाले पाता तब तक बस नदी के घाट की दो तीन सीढि़यां नीचे उतर गई और बस का अगला हिस्सा पानी मे डूब गया। यह देख बस मे सवार महिलाओं की चीख पुकार मच गई।

महिलाओं की चीख सुन आसपास से लोग दौड़ कर वहां पहुंचे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया कुछ ही देर में सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उसके बाद तीन क्रेनों की मदद से बस को नदी से बाहर निकाला गया। बस नदी में पलट जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

बस चालक मंदिर परिसर में बस को पार्किंग कर रहा था। इसी परिसर के पास से ही ऐरू नदी बहती है। अभी पानी ज्यादा होने से और पार्किंग स्थल पर दीवार नहीं होने से सभी जगह पानी भरा हुआ नजर आता है। और चारों तरफ पार्किंग क्षेत्र ही लगता है। रात को भी बस चालक को पार्किंग क्षेत्र होने का धोखा हो गया। और बस ऐरू नदी में गिर गई।

सबगुरु राशिफल : 17 अगस्त बुधवार को आपके भाग्य में क्या होगा बदलाव

सबगुरु न्यूज। भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष, षष्ठी तिथि, वार बुधवार, सम्वत 2079, वर्षा ऋतु, रवि दक्षिणायन, रात 08.24 बजे बाद चतुर्थी तिथि प्रारम्भ।

मेष राशि :- आज के दिन आपको नकारात्मक मानसिक वृत्ति टालने की कोशिश करना होगा। न बोलने में नौगुण की नीति अपनाकर चलेंगे तो पारिवारिक सदस्यों के साथ संघर्ष से बच सकेंगे। स्वास्थ्य सम्बंधी शिकायत रहेगी। अनावश्यक खर्च पर अंकुश लगाना आवश्यक है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अवरोध आएगा।

वृष राशि :- आज आप नए कार्य या आयोजन का निर्णय ले सकेंगे। नौकरी-धंधे में लाभ के साथ अतिरिक्त आय खड़ी कर सकेंगे। मित्र वर्ग, विशेष रूप से स्त्री मित्रों से आपको लाभ होगा। सामाजिक मंडल में आप ख्याति और प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकेंगे। पत्नी और पुत्र की तरफ से आप सुख और संतोष अनुभव करेंगे। वैवाहिक संयोग निर्मित होंगे। तन-मन से आनंदित रहेंगे।

मिथुन राशि :- आपके लिए आज का दिन शुभ फलदायक है। काम की सफलता और उच्च पदाधिकारियों के प्रोत्साहन आपके उत्साह को बढ़ाएंगे। व्यापारियों को भी व्यापार और आय में वृद्धि होगी। बकाया राशि का भुगतान होगा। पिता एवं बुजुर्ग वर्ग से लाभ होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। परिवार में सुख-शांति रहेगी। उन्नति के संयोग बनेंगे। सरकार की तरफ से लाभ होगा।

कर्क राशि :- आज आपको निर्धारित कार्य में सफलता और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना दिखाई देती है। सपरिवार मांगलिक प्रसंग में उपस्थित होंगे। धार्मिक कार्य मे मन लगेगा। स्वजनों के साथ मिलन आपको हर्षित करेगा। दांपत्य जीवन में निकटता और मधुरता का अनुभव करेंगे। समाज में आपके यश और कीर्ति में वृद्धि होगी।

सिंह राशि :- मौज-मस्ती और मनोरंजन की प्रवृत्तियों में आपको विशेष रुचि होगी। कुटुंबीजन, मित्र-मंडल या प्रिय व्यक्ति के साथ समय बीतेगा। सार्वजनिक जीवन में मान-प्रतिष्ठा की वृद्धि होगी। विपरीत लिंगीय व्यक्तियों के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। प्रणय-प्रसंगों की पूर्व भूमिका निर्मित होगी। सार्वजनिक जीवन में मान-सम्मान के अधिकारी बनेंगे। आपके हाथ से दान-धर्म के कार्य होंगे।

कन्या राशि :- आज आपको ताजगी और स्फूर्ति का अभाव रहेगा। उसके साथ ही क्रोध की अधिकता रहेगी। इसके परिणाम स्वरूप आपका काम बिगड़ने की संभावना रहेगी, अतः गुस्से पर नियंत्रण रखना पड़ेगा। ऑफिस में अधिकारियों और घर में कुटुंबीजनों तथा विरोधियों के साथ वाद-विवाद में पड़े बिना मौन रहकर दिन व्यतीत करना बेहतर रहेगा। किसी धार्मिक कार्य में जाने का अवसर आएगा।

तुला राशि :- आज आप शारीरिक और मानसिक स्वस्थता से काम करेंगे। सृजनात्मक प्रवृत्तियों में विशेष दिलचस्पी रहेगी। साहित्य और कला के क्षेत्र में कुछ नए सृजन करके प्रेरणा मिलेगी। प्रेमीजनों एवं प्रिय व्यक्तियों के साथ मुलाकात होगी। संतानों से जुड़े शुभ समाचार मिलेंगे। धार्मिक या परोपकारी कार्यों में आपका मन लगा रहेगा।

वृश्चिक राशि :- अत्यधिक कार्यभार और खान-पान में लापरवाही से आपका स्वास्थ्य खराब होगा। समय से भोजन और नींद न लेने के कारण मानसिक रूप से बेचैनी का अनुभव होगा। प्रवास में विघ्न आने की संभावना है, संभव हो तो प्रवास न करें। निर्धारित समय पर कार्य पूरा नहीं कर पाने से चिड़चिड़ापन महसूस करेंगे। योग, ध्यान और आध्यात्मिक पठन राहत देगी।

धनु राशि :- वर्तमान समय भाग्यवृद्धि का है, इसलिए साहस के साथ कार्य हाथ में लेने के लिए आज शुभ दिन है। योग्य जगह पर पूंजी-निवेश आपके लिए लाभदायक रहेगा। परिवार में भाई-बंधुओं के साथ आत्मीयता और मेल-मिलाप रहेगा। छोटे धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन कर सकेंगे। विदेश से अच्छे समाचार मिलेंगे।

मकर राशि :- आज का दिन आपके लिए खुशी और सफलता का है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। नौकरीपेशा वालों के लिए ऑफिस में अनुकूल वातावरण रहेगा। नौकर वर्ग और ननिहाल पक्ष से लाभ होगा। स्वास्थ्य बना रहेगा। आर्थिक लाभ होगा, लेकिन आवश्यक खर्च भी होंगे। प्रतिस्पर्धियों को परास्त कर सकेंगे।

कुंभ राशि :- आज आपको प्रतिकूलताओं का सामना करने के लिए तैयार रहना पड़ेगा। शारीरिक स्वास्थ्य के सम्बंध में शिकायत रहेगी। मन पर चिंता का बोझ रहने से मानसिक बेचैनी का अनुभव होगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ खटराग होगा। माता के स्वास्थ्य के सम्बंध में चिंता पैदा होगी। पढ़ाई के लिए अनुकूल समय नहीं है। स्थाई संपत्ति, वाहन से सम्बंधित समस्याएं सामने आएंगी। धन खर्च की संभावना है।

मीन राशि :- आज आप धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवृत्तियों में अत्यधिक व्यस्त रहेंगे। पूजा-पाठ या धार्मिक कार्य के पीछे आपका धन खर्च होगा। सगे-सम्बंधियों तथा परिवारजनों के साथ संभलकर बोलें, क्योंकि आपकी वाणी से किसी को चोट पहुंचने की संभावना है। अधिक परिश्रम से कम सफलता मिलने से हताशा पैदा होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दांपत्य जीवन में खटराग होगा। ईश्वर आपकी मुसीबत कम करेंगे।

उदयपुर में कठार नदी में डूबने से दो चचेरे भाईयों की मौत

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उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र में कठार नदी में डूबने से दो चचेर भाईयों की मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कठार निवासी जयवीरसिंह मोजावत एवं दक्ष सिंह मोजावत दोनों चचेरे भाई सोमवार को नदी के पास दो चचेरे भाई खेल रहे थे। इस दौरान पांव फिसलने से एक नदी में अचानक गिर गया। अपने भाई को नदी में गिरता देख दूसरा भाई भी बचाने के लिए कूदा, लेकिन पानी में डूबने से दोनों की मौत हो गई।

दोनों बच्चे कल देर शाम तक घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश की लेकिन कहीं नहीं मिले। मंगलवार सुबह दोनों बच्चे के शव नदी के किनारे मिले। मृतक बच्चों की उम्र 10 से 15 साल के बीच बताई जा रही है। मृृतक बच्चों के शव आज अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए।

वृंदावन का अदभुत मंदिर, जहां श्रीराम बन गए थे श्रीकृष्ण

वृंदावन। मंदिरों की नगरी वृंदावन में एक चमत्कारी मंदिर ऐसा भी है जहां महाकवि गोस्वामी तुलसीदास ने भगवान श्रीकृष्ण को अपने इष्ट धनुर्धर श्रीराम के रूप में दर्शन देने के लिए बाध्य कर दिया था।

पांच सौ वर्ष पुराने इस मंदिर को मूलत: श्रीकृष्ण मंदिर के नाम से जाना जाता था। लगभग 450 वर्ष पहले हुई इस अदभुत घटना के बाद से अब यह ‘श्री तुलसी राम दर्शन मंदिर’ कहलाता है।

मंदिर के मुख्य पुजारी गौर गोपाल मिश्र ने बताया कि चारों तरफ राधे-राधे की ध्वनि से गुंजायमान वृंदावन में हर रोज हजारों तीर्थयात्री बांके बिहारी और अन्य मंदिरों में श्रीकृष्ण तथा अन्य देवताओं के दर्शन के लिए आते हैं लेकिन जानकारी नहीं होने के कारण वे इस अति प्राचीन मंदिर के दर्शन से वंचित रह जाते हैं, जहां श्रीकृष्ण ने तुलसीदास के लिए मुरली मुकुट छोड़कर धारण कर लिया था धनुष बाण और बन गए थे श्रीराम। पुरानी शिल्पकला और अलौकिक वातावरण से ओत-प्रोत यह मंदिर ज्ञान गुदड़ी क्षेत्र में स्थित है।

मिश्र ने कहा कि यह मंदिर वास्तव में चमत्कारी है, जहां महाकवि गोस्वामी तुलसीदास के प्रेमपाश ने भगवान श्रीकृष्ण को उनके इष्ट धनुर्धर श्रीराम के रूप में दर्शन देने के लिए बाध्य कर दिया था। यह मंदिर परिसर तुलसीदास और भक्तमाल के रचयिता संत शिरोमणि नाभा जी की मिलन स्थली भी है। तुलसीदास जी और नाभा जी काेरी कल्पना तो हैं नहीं! दोनों घटनाओं की जानकारी मुंबई के ‘खेमराज श्रीकृष्णदास श्री वेंकटश्वर’ प्रेस से प्रकाशित रामचरित मानस में मिलती है और उसमें चौपाई के माध्यम से इनके बारे में चर्चा की गई है।

मिश्र ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ब्रज की यात्रा करते हुए वृंदावन आए थे। यहां सर्वत्र ‘राधे-राधे’ की रट सुनकर उन्हें लगा कि यहां के लोगों में भगवान राम के प्रति उतनी भक्ति नहीं है। इस पर उनके मुख से दोहा निकला ‘राधा-राधा रटत हैं, आम ढाक अरु कैर। तुलसी या ब्रज भूमि में कहा, राम सौं बैर’। इसके बाद वह ज्ञान गुदड़ी स्थित श्रीकृष्ण मंदिर पहुंचे और भगवान कृष्ण के श्रीविग्रह के सम्मुख नतमस्तक हुए। मान्यता है कि श्रीकृष्ण ने भक्त की इच्छा के अनुरूप धनुष-बाण धारण करके भगवान श्रीराम के रूप में दर्शन दिए।

उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब तुलसीदास यहां आए थे, तब भगवान श्रीकृष्ण का ही मंदिर था। श्रीकृष्ण ने भगवान श्रीराम के रूप में तुलसीदास को दर्शन दिए, तब यह स्थल तुलसी रामदर्शन स्थल के नाम से जाना जाने लगा। यहां भगवान कृष्ण, राधारानी के साथ विराजमान हैं और पीछे धनुष बाण लिए भगवान राम की मूर्ति शोभायमान है।

मिश्र ने इस अति प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर के जीर्णोंधार के लिए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि मेरी कई पीढ़ियां इस बहुमूल्य विरासत को संभालती आई हैं। वर्तमान में इस अति महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु दर्शन से वंचित रह जाते हैं। मेरी अवस्था ज्यादा हो गई। मैं चाहता हूं कि मेरी आंखों के सामने ही इसके दिन बहुरें और जिस तरह नाभा जी के समय यहां मेला लगता था, वैसा ही माहौल यहां बने और लोग मेरे इष्ट देव की अदभुत छवि को निहारें।

इस अदभुत दर्शन के बारे में पंडित मिश्र धर्मपत्नी सावित्री मिश्रा ने कहा कि जब तुलसीदास जी ने यहां प्रणाम किया तो तत्कालीन महंत परशुराम देवाचार्य जी ने उनसे कहा कि अपने-अपने इष्ट को नमन करे सब कोई, इष्ट विहीन जो नवे सो मूर्ख होई। मिश्रा ने कहा कि यह सुनकर तुलसीदास जी भगवान श्री कृष्ण से मन ही मन प्रार्थना की, प्रभु आपकी छवि बहुत सुंदर है, लेकिन आप कृपा करके मुझे राम रूप में दर्शन दें। कहा कहौं छबि आजुकी, भले बने हो नाथ। तुलसी मस्तक जब नवै, धरो धनुषशर हाथ। मुरली लकुट दुरायकै, धर् यो धनुष शर हाथ। तुलसी लखि रुचि दासकी, श्री कृष्ण भये रघुनाथ। उन्होंने कहा कि भक्त की पुकार सुनकर राधा-कृष्ण के पीछे धनुष धारण किए श्रीराम ने तुलसीदास जी को दर्शन दिए।

वृंदावन शोध संस्थान के एक अधिकारी के अनुसार संत तुलसीदास के समकालीन अविनाश ब्रह्म भट्ट ने गोस्वामीजी के चरित्र को तुलसी प्रकाश पोथी के अंतर्गत कलमबद्ध किया था। इससे ज्ञात होता है कि गोस्वामीजी विक्रम संवत 1628 में माघ शुक्ल पंचमी तिथि मंगलवार को ब्रज में आए थे। तुलसीदास की भक्ति पर प्रभु के धनुष बाण हाथ में लेने का उल्लेख गोवर्धन यात्रा के दौरान भी मिलता है। तुलसीदास ने श्रीरामचरितमानस के लेखन का आरंभ विक्रमी संवत 1631 में किया था। इससे तीन वर्ष पहले वह ब्रज यात्रा कर चुके थे। इसका प्रमाण उनके द्वारा रचित कृष्णपदावली में है।

तुलसीराम दर्शन स्थल में प्रवेश करते ही दायीं तरफ पत्थर निर्मित एक कुटिया नजर आती है। इसके बाद अंदर बड़ा आंगन है और उसके बाद वह स्थान जिसकी वजह से इसका नाम तुलसी राम दर्शन स्थल हुआ। इस कुटिया के बारे में कहा जाता है कि यहां तुलसीदास ने साधना की थी।

अवकाश प्राप्त करने के बाद करीब 10 वर्ष से वृंदावन में अखंड वास कर रहे ‘यूनीवार्ता’ के पूर्व समाचार संपादक दीपक बिष्ट ने कहा कि वृंदावन का यह अत्यंत प्राचीन स्थल प्रचार-प्रसार न होने के कारण अनदेखी का शिकार हो रहा है। मंदिर की सेवा पूजा और देखभाल भले ही निजी हाथों में हो, लेकिन ऐसे स्थानों के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी, जिन पर है वे कुछ भी नहीं कर रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को इस तरह के मंदिरों के बारे में पता ही नहीं चलता।

बिष्ट ने कहा कि वृंदावन प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं, लेकिन तुलसीराम दर्शन स्थल के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण बहुत कम लोगों को ही इस चमत्कारी मंदिर के दर्शन का सौभाग्य मिल पाता है। यहां उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने कुछ साल पहले अपने विभाग का पत्थर लगाकर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली है। श्रीकृष्ण भक्त त्रिकालजना दास ने इस कुटिया का जीर्णोद्धार करवाया है।

सिरोही : अमृत महोत्सव में निकाला साथी के खिलाफ जहर, भाजपा नेता पहुंचा जेल

सिरोही भाजपा किसान मोर्चा के नेता को किया जेसी।

सिरोही। अमृत महोत्सव की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने आजादी का जश्न मनाने के लिए की थी। लेकिन, दिनभर मोदी के गुणगान करने वाले भाजपाई नेता ने इसे अपने ही संगठन के पदाधिकारियों के प्रति मन में भरे जहर को निकालने का माध्यम बना लिया। वो अब जेल में हैं।

भाजपा किसान मोर्चा ने आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान सिरोही के ग्रामीण क्षेत्र में 13 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकाली थी। भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष गणपत सिंह ने बरलूट थाने में एफआईआर दर्ज करवाकर बताया था कि तिरंगा यात्रा जब जावाल और जामोतरा के बीच थी तो बावली निवासी मांगूसिंह देवड़ा ने उनके साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी।

उन्होंने बताया कि जावाल निवासी विजयसिंह और अजीत सिंह ने उन्हें बचाया। बरलूट थानाधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया किमांगूसिंह को गिरफ्तार करके आज सिरोही में पेश किया गया। वहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश हुआ।

अपने ही पार्टी सदस्यों से विवाद का पुराना नाता

बावली निवासी मांगू सिंह भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हैं। इससे पहले वह गणपतसिंह की पूर्व कार्यकारिणी में जिला स्तरीय पदाधिकारी था। मांगूसिंह का दूसरी पार्टी से ज्यादा अपनी ही पार्टी के सदस्यों से विवाद का पुराना रेकर्ड रहा है। सोशल मीडिया और भाजपा के व्हाट्सएप समूहों और फेसबुक पर अपनी ही पार्टी के स्थानीय नेताओं के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी के कारण मांगूसिंह कई बार विवादों में रहा।

फेसबुक पर भाजपा के पार्षद सुरेश सगरवंशी के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी के करने पर उन्होंने उसे मानहानि का नोटिस दिया था। इसके बाद गोयली चौराहे अपनी ही पार्टी के सिरोही मंडल के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष महिपाल सिंह चारण से गोयली चौराहे पर हुए मारपीट में भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी।

हाल ही में प्रदेश कार्यकारिणी प्रशिक्षण शिविर में माउंट आबू में जिला महामंत्री योगेंद्र गोयल से हुए विवाद में भी उनका नाम आया था। इसके अलावा वीरेंद्र चौहान, हेमंत पुरोहित, अशोक पुरोहित आदि से भी विवाद हुआ था। अब ये फ़ेहरिस्त निरंतर बढ़ते हुए किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष गणपतसिंह तक पहुंच गई।

पानीपत में 6 साल की मासूम बच्ची से रेप, हत्या का आरोपी अरेस्ट

चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस ने पानीपत जिले में 15 अगस्त को हुई छह साल की मासूम बच्ची के अपहरण के बाद दुष्कर्म कर हत्या के अपराध में संलिप्त आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पानीपत के पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने तुरंत अपराध स्थल का दौरा किया और वारदात को सुलझाने के लिए पुलिस की पांच टीमों का गठन किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई।

पुलिस टीमों ने इसका संज्ञान लेते हुए आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद फुटेज को खंगाला, जिसमें आरोपी लड़की को ले जाते हुए दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे पानीपत के सेक्टर 25 स्थित जिमखाना क्लब के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान पीरी चमोली (उत्तराखंड) के मूल निवासी ईश्वर के रूप में हुई है, जो वर्तमान में कृष्णा गार्डन में किराएदार के रूप में रह रहा था।

पुलिस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लेकर जाएगी और चिन्हित अपराध की सूची में शामिल कर आरोपी को फांसी की सजा दिलवाने के लिए माननीय न्यायालय से गुजारिश की जाएगी। पूछताछ में आरोपी ने अपराध कबूल करते हुए बताया कि जब पीड़िता अपने छोटे भाई के साथ एक पार्क में खेल रही थी तो उसने मासूम को बहला-फुसलाकर ले गया और दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। आरोपित ईश्वर पिछले पांच महीने से फ्लोरा चैक स्थित एक ढाबे पर काम कर रहा था। आरोपी को कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।