Warning: Constant WP_MEMORY_LIMIT already defined in /www/wwwroot/sabguru/sabguru.com/18-22/wp-config.php on line 46
Sabguru News - 7250 का पृष्ठ 662 -
होम ब्लॉग पेज 662

ललितपुर : सेल्फी लेते समय बेतवा नदी में गिरकर छात्रा की मौत

ललितपुर। उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में रविवार को राजघाट बांध पर बेतवा नदी के पुल पर मोबाइल फोन से सेल्फी लेते समय 12वीं कक्षा की एक छात्रा अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार कोतवाली सदर अंतर्गत ग्राम राजघाट निवासी संजना खटीक (16 साल) दोपहर अपनी चचेरी बहन के साथ राजघाट बांध पर सेल्फी लेने जा पहुंची। पुल पर चढ़कर दोनों बहनें फोटो निकालने लगीं, तभी संजना पुल के पाइप पर पैर रखकर मोबाइल से सेल्फी लेने लगी। उसका अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में जा गिरी।

नदी के पानी का तेज बहाव होने के कारण वह बहकर लापता हो गई। उसकी बहन घर जाकर इस घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने पुलिस को सूचित किया तब पुलिस ने रानी लक्ष्मीबाई राजघाट बांध के गेट बंद कराए। जिससे बेतवा नदी के पानी का बहाव कम होने पर गोताखोरों ने नदी किनारे पत्थरों के बीच छात्रा को फंसा पाया। परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 

कोटा में शांति धारीवाल की अगुवाई में निकाली तिरंगा रैली

कोटा। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल की अगुवाई में राजस्थान के कोटा में आज तिरंगा रैली निकाली गई

आजादी की 75वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर कोटा में नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के नेतृत्व में रविवार को कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुई इस तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर उमड़े और भारत माता की जय वंदे मातरम के जयकारे लगाते रैली में शामिल होते रहे। गुमानपुरा कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुई तिरंगा यात्रा विभिन्न मार्गाे से होती हुई नयापुरा पहुंचकर संपन्न हुई।

रैली में धारीवाल खुली जीप में हाथों में तिरंगा लिए भारत माता का जयघोष करते हुए कार्यकर्ताओं में देशभक्ति का जोश आगे बढ़ाते हुए आगे बढ़ते देखे गए। तिरंगा रैली जिस-जिस मार्ग से भी गुजरी, व्यापारियों ने भी तिरंगा रैली में शामिल होकर भारत माता की जय, वंदेमातरम के जयकारे लगाए जिससे माहौल देश भक्ति से लबरेज नजर आया।

तिरंगा रैली में भारत माता की झांकी आकर्षण का केंद्र रही, वही लोक कलाकारों ने भी तिरंगा रैली के दौरान देश भक्ति गीतों पर अद्भुत प्रस्तुति देकर माहौल में देशभक्ति की सरिता बहा दी। तिरंगा रैली में देशभक्ति के तराने के साथ ढोल-नगाड़ों की गूंज देखते ही बन रही थी।

तिरंगा रैली के दौरान नयापुरा सहित मार्गों पर आतिशबाजी कर हर्षाेल्लास के साथ 75वें स्वाधीनता दिवस मनाया। तिरंगा रैली में कांग्रेस नेता अमित धारीवाल, राजस्थान खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष पंकज मेहता, कांग्रेस जिलाअध्यक्ष रविंद्र त्यागी, पूर्व जिला अध्यक्ष गोविंद शर्मा, पीसीसी सदस्य शिवकांत नंदवाना सहित कांग्रेस पार्षद, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

पीलीभीत में कोचिंग पढ़ने जा रही छात्रा के साथ गैंगरेप

पीलीभीत। उत्तर प्रदेश में पीलीभीत जिले के बीसलपुर नगर में कोचिंग पढ़ने जा रही एक छात्रा के साथ कुछ दबंगों द्वारा सामूहिक बलात्कार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।पुलिस ने रविवार को इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों काे गिरफ्तार कर लिया।

बीसलपुर के क्षेत्राधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि शनिवार को देर शाम हुई इस वारदात के बारे में पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दोनों नामजद आरोपियों रोहित एवं अंशुमान के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

कोतवाल नरेश त्यागी ने पीड़िता की तहरीर के हवाले से बताया कि छात्रा कल शाम कोचिंग पढ़ने जा रही थी। अंधेरे का फायदा उठाकर दबंगो ने उसे रोक लिया और जबरन उसके साथ गैंगरेप किया। किसी तरह वहां से छूटकर वह घर वापस लौटी और पूरी घटना के बारे में अपनी मां को बताया।

स्वतंत्रता दिवस पर 1,082 जवानों को पुलिस पदक

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 1,082 जवानों को पुलिस पदक से सम्मानित किये जाने की घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि इनमें से 347 को वीरता के लिए पुलिस पदक हैं और सबसे अधिक पदक जम्मू कश्मीर को मिले हैं।

बयान के अनुसार 347 वीरता पुरस्कारों में से अधिकांश 204 कर्मियों को जम्मू और कश्मीर में उनकी वीरता के लिए, वामपंथी चरमपंथ प्रभावित क्षेत्रों में 80 कर्मियों को उनकी वीरता के लिए और पूर्वोत्तर क्षेत्र में वीरता के लिए 14 कर्मियों को सम्मानित किया गया।

केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 109 जवानों को वीरता पुरस्कार, जम्मू-कश्मीर पुलिस के 108 जवानों, बीएसएफ के 19 जवानों, महाराष्ट्र के 42, छत्तीसगढ़ के 15 वीरता पदक मिले है तथा शेष अन्य राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों और सीएपीएफ से हैं।

विशिष्ट सेवा के लिए 87 जवानों को राष्ट्रपति पुलिस पदक, और सराहनीय सेवा के लिए 648 को पुलिस पदक भी दिए जाएंगे। स्वतंत्रता दिवस से पहले पुलिस पदकों के अलावा, वीरता के लिए राष्ट्रपति पदक और विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक के साथ-साथ अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड के कर्मियों को वीरता पदक और सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए गए।

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 55 कर्मियों को अग्निशमन सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। इनमें से 11 कर्मियों को उनकी वीरता और शौर्य के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान किया गया।

विशिष्ट सेवा के लिए छह कर्मियों को राष्ट्रपति अग्निश्मन सेवा पदक और सराहनीय सेवा के लिए तथा संबंधित विशिष्ट और मेधावी सेवाओं के 38 कर्मियों कोे अग्निशमन सेवा पदक प्रदान किया है। विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा पदक तथा सराहनीय सेवा के लिए होमगार्ड सात और 37 नागरिक सुरक्षा पदक प्रदान किए हैं।

विभाजन-विभीषिका दिवस सामाजिक सदभाव, मानव सशक्तीकरण और एकता के लिए : द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली। विभाजन-विभीषिका स्मृति दिवस को लेकर विपक्ष द्वारा उठाये जा रहे सवालों के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज कहा कि इस स्मृति दिवस को मनाने का उद्देश्य सामाजिक सदभाव, मानव सशक्तीकरण और एकता को बढ़ावा देना है।

मुर्मू ने रविवार शाम 76वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज 14 अगस्त के दिन को विभाजन-विभीषिका स्मृति-दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस स्मृति दिवस को मनाने का उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, मानव सशक्तीकरण और एकता को बढ़ावा देना है।

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने पिछले वर्ष 14 अगस्त को घोषणा की थी कि 1947 में विभाजन के दौरान भारतीयों के कष्टों और बलिदानों की राष्ट्र को याद दिलाने के लिए 14 अगस्त को सालाना ‘विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस’ या ‘विभाजन भयावह स्मरण दिवस’ के रूप में याद किया जाएगा।

कांग्रेस ने इसका विरोध करते हुए आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मौके का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करते हैं और इस बार विभाजन विभीषिका ‘स्मृति दिवस’ मनाकर वह बंटवारे की त्रासदी का राजनीतिक लाभ लेने के लिए कर रहे हैं।

मुर्मू ने कहा कि देश में संवेदनशीलता व करुणा के जीवन-मूल्यों को प्रमुखता दी जा रही है। इन जीवन-मूल्यों का मुख्य उद्देश्य हमारे वंचित, जरूरतमंद तथा समाज के हाशिये पर रहने वाले लोगों के कल्याण हेतु कार्य करना है। उन्होंने कहा कि आज देश में स्वास्थ्य, शिक्षा और अर्थ-व्यवस्था तथा इनके साथ जुड़े अन्य क्षेत्रों में जो अच्छे बदलाव दिखाई दे रहे हैं उनके मूल में सुशासन पर विशेष बल दिए जाने की प्रमुख भूमिका है।

उन्होंने कहा कि देश के नए आत्म-विश्वास का स्रोत युवा, किसान और सबसे बढ़कर देश की महिलाएं हैं। महिलाएं अनेक रूढ़ियों और बाधाओं को पार करते हुए आगे बढ़ रही हैं। सामाजिक और राजनीतिक प्रक्रियाओं में उनकी बढ़ती भागीदारी निर्णायक साबित होगी।

आज हमारी पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की संख्या चौदह लाख से कहीं अधिक है। हमारे देश की बहुत सी उम्मीदें हमारी बेटियों पर टिकी हुई हैं। समुचित अवसर मिलने पर वे शानदार सफलता हासिल कर सकती हैं। हमारी बेटियां फाइटर पायलेट से लेकर स्पेस साइंटिस्ट होने तक हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं।

मुर्मू ने कहा कि पिछले वर्ष से हर 15 नवंबर को ‘जन-जातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का सरकार का निर्णय स्वागत-योग्य है। देश के जन-जातीय महानायक केवल स्थानीय या क्षेत्रीय प्रतीक नहीं हैं बल्कि वे पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

कोरोना महामारी के दौरान देश की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमने देश में ही निर्मित वैक्सीन के साथ मानव इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया। पिछले महीने हमने दो सौ करोड़ वैक्सीन कवरेज का आंकड़ा पार कर लिया है। इस महामारी का सामना करने में हमारी उपलब्धियां विश्व के अनेक विकसित देशों से अधिक रही हैं।

उन्होंने कहा कि जब दुनिया कोरोना महामारी के गंभीर संकट के आर्थिक परिणामों से जूझ रही थी तब भारत ने स्वयं को संभाला और अब पुनः तीव्र गति से आगे बढ़ने लगा है। इस समय भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही प्रमुख अर्थ-व्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि वर्ष 2047 तक हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों को पूरी तरह साकार कर लेंगे।

मूर्म ने देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले तथा इस दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले देश के महान सपूतों को याद करते हुए कहा कि उन लोगों ने अपना सर्वस्व इसलिए बलिदान कर दिया कि नागरिक खुली हवा में सांस ले सकें। लाेकतांत्रिक परंपराओं और देश में लोकतंत्र की मजबूत जड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकांश लोकतान्त्रिक देशों में वोट देने का अधिकार प्राप्त करने के लिए महिलाओं को लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा था। लेकिन हमारे गणतंत्र की शुरुआत से ही भारत ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को अपनाया। आज़ादी का अमृत महोत्सव’ मार्च 2021 में दांडी यात्रा की स्मृति को फिर से जीवंत रूप देकर शुरू किया गया।

उन्होंने कहा कि आजादी के संघर्ष ने देश की दुनिया में अलग छवि बनाई। उन्होंने कहा कि उस युगांतरकारी आंदोलन ने हमारे संघर्ष को विश्व-पटल पर स्थापित किया। उसे सम्मान देकर हमारे इस महोत्सव की शुरुआत की गई। यह महोत्सव भारत की जनता को समर्पित है।

राष्ट्रपति ने कहा कि जब हमारे पर्यावरण के सम्मुख नई-नई चुनौतियां आ रही हैं तब हमें भारत की सुंदरता से जुड़ी हर चीज का दृढ़तापूर्वक संरक्षण करना चाहिए। जल, मिट्टी और जैविक विविधता का संरक्षण हमारी भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य है। हमारे पास जो कुछ भी है वह हमारी मातृभूमि का दिया हुआ है। इसलिए हमें अपने देश की सुरक्षा, प्रगति और समृद्धि के लिए अपना सब कुछ अर्पण कर देने का संकल्प लेना चाहिए।

अंत में उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैं भारत के सशस्त्र बलों, विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों और अपनी मातृभूमि को गौरवान्वित करने वाले प्रवासी-भारतीयों को स्वाधीनता दिवस की बधाई देती हूं। राष्ट्रपति के तौर पर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों के नाम उनका यह पहला संबोधन था।

बिहार : नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं लालू

पटना। राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव बिहार में महागठबंधन सरकार के 16 अगस्त को होने वाले नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं।

राजद सूत्रों ने रविवार को बताया कि महागठबंधन सरकार के 16 अगस्त को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार और शपथ ग्रहण समारोह में राजद अध्यक्ष भी शामिल हो सकते हैं। यादव के कल दिल्ली से यहां आने की संभावना है। यादव स्वास्थ्य कारणों से इन दिनों दिल्ली में अपनी पुत्री एवं राज्यसभा सांसद मीसा भारती के सरकारी आवास पर रह रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि बिहार में महागठबंधन की सरकार में अभी तक सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कैबिनेट मंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ ली है। 16 अगस्त को मंत्रिमंडल का विस्तार होगा।

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने महिलाओं को वितरित किए तिरंगा

जयपुर। राजस्थान के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां ने आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज तिरंगा राखी संगम कार्यक्रम में घरों पर लगाने के लिए महिलाओं को तिरंगा वितरित किए।

अभियान के तहत आमेर विधानसभा क्षेत्र में इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया जहां उन्हें तिरंगा वितरित किए गए और साथ ही प्रदेश महामंत्री एवं सांसद दिया कुमारी तथा अन्य महिलाओं ने डॉ. पूनियां को रक्षासूत्र बांधा।

आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के ऐतिहासिक अवसर पर केन्द्र की मोदी सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना के तहत डा पूनियां ने राशि जमा कराकर 75 कन्याओं के खाते खुलवाने का शुभारंभ किया और बेटियों के सशक्तीकरण के लिए सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खुलवाने की लोगों से अपील भी की।

इस अवसर डॉ. पूनियां ने अपने संबोधन में कहा कि चूरू जिले के एक छोटे से गांव में एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे मेरे जैसे सामान्य कार्यकर्ता को यहां तक पहुंचाने में मातृशक्ति एवं बहन-बेटियों के आशीर्वाद और प्यार की बड़ी ताकत है।

उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि राजस्थान की मजबूती एवं विकास के लिए अगले वर्ष भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार बनवाने में माता-बहनों का भरपूर आशीर्वाद मिलेगा और वर्ष 2024 में नरेन्द्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने में भी मातृशक्ति का हमेशा की तरह विशेष योगदान रहेगा।

डॉ. पूनियां ने महिला सशक्तीकरण एवं सम्मान के लिए केन्द्र सरकार की उज्जवला, सुकन्या आदि जन-कल्याणकारी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने का आमजन से आह्वान किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में दिया कुमारी के अलावा प्रदेश मंत्री महेन्द्र यादव, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा, महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष अलका मूंदड़ा, महिला मोर्चा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूजा कपिल, महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री बादाम देवी वर्मा, जयपुर जिला प्रमुख रमा देवी, जयपुर ग्रेटर नगर निगम मेयर सौम्या गुर्जर, जयपुर देहात उत्तर जिलाध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष भगवान शर्मा, आमेर प्रधान बद्रीनारायण बागड़ा, जालसू प्रधान हरदेव यादव आदि मौजूद थे।

हमारी संस्कृति में विश्व बाजार नहीं, अपना परिवार है : डॉ. शैलेंद्र

जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जयपुर प्रांत के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र ने कहा कि पूरी दुनियां के लोग भारत को व्यापार का क्षेत्र मानते हैं, वे विश्व को बाजार मानते है, लेकिन हम अपनी संस्कृति में विश्व को अपना परिवार मानते हैं।

डॉ. शैलेन्द्र रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऋषि गालव भाग की ओर स्वाधीनता से स्वंतत्रता की ओर विषय पर से आयोजित प्रबुद्धजन गोष्ठी में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारा सतत संघर्ष का इतिहास रहा है। बाहर से आए लोगों ने हमारे उपर आक्रमण करके राज किया। इन्होंने किन आधार पर हमारे देश पर राज किया, अपनी क्या कमियां थीं। इस पर आज विचार करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि देश स्वतंत्र हो गया। स्वाधीतनता को 75 वर्ष हो गए, हम अमृत महोत्सव मना रहे हैं। जब तक समाज समरस नहीं होगा, तब तक जिस समर्थ समाज की हम कल्पना करते हैं वह संभव नहीं है।

डॉ. शैलेन्द्र ने कहा कि आज देश बदल रहा है। देश में अच्छी बातें हो रही है। चाहे भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण हो या काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण, धारा 370 का विषय हो या 100 से अधिक उपग्रह छोड़ने का विश्व कीर्तिमान हो। आज अनेक विकसित देश में भारत से अपने उपग्रह स्थापित करवाते हैं। भारत हर क्षेत्र में उन्नति कर रहा है। भारत इस क्षेत्र में दुनियां में तीसरे स्थान पर है। भारत के लोगों की धाक पूरे विश्व में बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि जो लोग प्रश्न उठाते हैं कि देश को स्वतंत्र कराने में संघ का क्या योगदान था। इस पर उन्होंने कहा कि 1930 में डॉक्टर साहब ने अपना सरसंघचालक का दायित्व परांजपे जी को देकर स्वयं जेल में गए और नौ माह तक सश्रम कारावास की सजा पूरी की। ऐसे अनगिनत स्वयंसेवकों का देश की स्वतंत्रता और देश निर्माण में योगदान रहा है।

उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में संघ के कई स्वयंसेवकों ने अपना बलिदान दिया है। 1947 में भारत छोड़ो आंदोलन में अनेक स्वयंसेवकों ने सहभाग किया। दादरा नगर हवेली को स्वतंत्र कराने के लिए 15 से अधिक स्वयंसेवक शहीद हुए, सौ से अधिक स्वयंसेवकों को जेल में डाल दिया गया। अनेक स्वयंसेवकों पर मानवीय अत्याचार किए गए।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी विपिन चंद्र शर्मा ने कहा कि आज कोई भी भारत को आंख उठाकर नहीं देख सकता। देश में सामाजिक उथल पुथल चल रही है। देश में कई आंतरिक चुनौतियां है, इनका सामना करने के लिए हिन्दू समाज को एकत्रित करना होगा।

प्रवासी भारतीयों ने हांगकांग में लहराया हर घर तिरंगा

हांगकांग। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर घर तिरंगा पहल का समर्थन करते हुए हांगकांग में प्रवासी भारतीयों ने आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ सामूहिक अभियान के साथ स्वतंत्रता दिवस की खुशी मनाई।

इस अवसर अपने भारत प्रेम और प्रधानमंत्री के प्रति अपने समर्थन व सम्मान को दर्शाते हुए ओएफबीजेपी हांगकांग और चीन ने गर्व के साथ ‘हर घर तिरंगा फॉर हांगकांग इंडियंस’ के माध्यम से हर घर तिरंगा में अपनी भागीदारी की घोषणा की है।

ओएफबीजेपी हांगकांग और चीन के अध्यक्ष सोहन गोयनका ने कहा कि हमारा मकसद ‘भारत को भारतीयों तक पहुंचाना’ है। हम हांगकांग में हर भारतीय तक तिरंगा वितरित कर रहे हैं। ओएफबीजेपी हांगकांग और चीन ने हर भारतीय के घरों और ऑफिस के लिए 6000 से अधिक तिरंगे वितरित किए हैं। हांगकांग में बसे सभी भारतियों ने खुशी-खुशी मातृभूमि की जय-जयकार कर आजादी का अमृतमहोत्सव मनाया।

उपाध्यक्ष, राजू सबनानी, रमाकांत अग्रवाल, अजय जकोटिया, राजू शाह, कुलदीप एस. बुट्टर, सोनाली वोरा अभियान के समर्थन में आए और इन सभी की मेहनत और समर्पण के द्वारा हर घर तिरंगा अभियान हांगकांग में सफलतापूर्वक संभव हो पाया।

ओएफबीजेपी हांगकांग और चीन के महासचिव शशि भूषण ने कहा कि हमें अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हर घर तिरंगा पहल में भाग लेने पर बहुत गर्व है, जिन्होंने इस अभियान के साथ भारतियों को देश व विदेश में एकजुट कर दिया है। हजारों एनआरआई ने हर घर तिरंगे में भाग लिया और राष्ट्र प्रेम में अपने घर, कार्यालयों में झंडा फहराया।

नहीं रहे दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला, पीएम ने जताया शोक

मुंबई। अरबपति निवेशक राकेश झुनझुनवाला का रविवार की सुबह यहां ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। वह 62 साल के थे। झुनझुनवाला के परिवार में पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री है। वह गुर्दे की बीमारी और कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित थे। उन्हें आज सुबह 6.45 बजे अस्पताल में लाया गया।

अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि झुनझुनवाला की मौत हृदयघात की वजह से हुई। उन्हें जब अस्पताल लाया गया था, तब उनमें जान नहीं थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झुनझुनवाला के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया।

मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि राकेश झुनझुनवाला अदम्य साहस वाले व्यक्ति थे। वह बड़े जिंदादिल, समझदार और गहरी दृष्टि वाले थे। उन्होंने वित्तीय क्षेत्र में अमिट योगदान किया है। वह भारत के प्रगति के बारे में बड़े जज्बाती थे। उनका जाना दुखद है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना है। ओम शांति।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने झुनझुनवाला के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया कि दिग्गज निवेशक, साहसिक जोखिम लेने वाला, शेयर बाजार की उत्कृष्ट समझ रखने वाला, संचार में स्पष्ट एक कुशल व्यक्तित्व थे। हमारे बीच हुई कई बातचीत हमें याद है। उन्हें भारत की ताकत और क्षमताओं में दृढ़ विश्वास था। ओम शांति।

झुनझुनवाला का जन्म पांच जुलाई 1960 को हुआ था और वह मुंबई में पले-बढ़े। यहां पर उनके पिता एक आयकर अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। वह एक व्यापारी और चार्टर्ड एकाउंटेंट थे तथा देश के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक थे। वह हंगामा मीडिया और एप्टेक के अध्यक्ष भी थे और उन्होंने वाइसराय होटल्स, कॉनकॉर्ड बायोटेक, प्रोवोग इंडिया और जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के निदेशक के रूप में भी काम किया था।

झुनझुनवाला अकासा एयर और स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस के प्रमोटर भी थे। वह जब कॉलेज में थे, तब उन्होंने शेयर बाजार में हाथ आजमाना शुरू कर दिया था। उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया में दाखिला लिया, लेकिन स्नातक होने के बाद उन्होंने पहले दलाल स्ट्रीट में कदम रखने का फैसला किया। उन्होंने 1985 में शेयर बाजार में 5,000 रुपए का निवेश किया था। वह पूंजी सितंबर 2018 तक बढ़कर 11,000 करोड़ रुपए हो गई थी।

उन्होंने रेखा झुनजुनवाला से शादी की थी, जो एक शेयर बाजार निवेशक भी हैं। उन्होंने करीब 10 माह पहले पत्नी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। मोदी ने खुद ट्वीट करके इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने ‘वन एंड ऑनली राकेश झुनझुनवाला’ कहकर उनकी तारीफ की थी। प्रधानमंत्री के साथ दंपति की फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।

टाइटन, टाटा मोटर्स, क्रिसिल, ल्यूपिन, फोर्टिस हेल्थकेयर, नजारा टेक्नोलॉजीज, फेडरल बैंक, डेल्टा कॉर्प और टाटा कम्युनिकेशंस समेत 37 से ज्यादा स्टॉक में हाथ आजमाने वाले झुनझुनवाला एक समय ब्रोकिंग का काम करते थे, जिस वजह से उनके सपने उड़ान नहीं भर पा रहे थे। पत्नी ने ही ट्रेडिंग कंपनी शुरू करने की सलाह दी थी। उनकी कंपनी का नाम ‘रेयर इंटरप्राइजेज’ है जिसका पोर्टफोलियो मैनेजमेंट वह स्वयं करते थे।