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अवैध संबंध में अड़चन बन रहे पिता का विवाहित बेटी ने कराया कत्ल

श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़ थाना क्षेत्र में पाकिस्तान सीमा के समीप चक 6-एपीएम में अधेड़ उम्र के एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

पुलिस के अनुसार बीती रात्रि हुई इस हत्या के मामले में मृतक की विवाहिता पुत्री, उसके प्रेमी और प्रेमी के दो दोस्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें प्रेमी युवक को ग्रामीणों ने मौके पर ही पकड़ कर बुरी तरह से पीट दिया। वह अस्पताल में उपचाराधीन है। इस युवक के दो साथी मौके पर से फरार हो गए, जिनको पुलिस ने आज तड़के लगभग 25 किमी दूर पतरोड़ा गांव में काबू कर लिया।

पुलिस के अनुसार मृतक चौनाराम (60) की पत्नी मीरा देवी द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर इस दंपती की बेटी रोशनी देवी (30) उसके आशिक गुरतेजसिंह उर्फ गग्गीसिंह (30), गुरतेजसिंह के दो दोस्तों विशाल नायक (26) तथा संदीप (25)के खिलाफ कत्ल का मामला दर्ज किया गया है। चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। चौनाराम का यह कत्ल उसकी विवाहिता बेटी रोशनी के गैर मर्द के साथ अवैध संबंध होने के चलते अंजाम दिया गया।

अजमेर में भाजपा 50 लाख झंडों का वितरण एवं फहराने का काम करेगी : देवनानी

अजमेर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर घर तिरंगा अभियान के तहत 50 लाख झंडों का वितरण का काम तथा फहराने का काम करेगी।

अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने आज पत्रकारों को बताया कि साथ ही अजमेर शहर में 75 हजार झंडे हर घर में पहुंचाएं जाएंगे जिनमें से 40 हजार अकेले अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में होंगे। उन्होंने बताया कि हमारा प्रयास है कि क्षेत्र में हर घर तक झंडा पहुंचे और पूरा अजमेर तिरंगा मय हो जाए ताकि लोगों को प्रेरणा मिल सके कि आजादी के क्या मायने हैं।

आजादी के वर्षों बाद भी जन साधारण में देशभक्ति का जज्बा बना रहे और वह कायम रहे। इस मकसद से हर घर तिरंगा फहराने की मुहिम प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि घरों के अलावा टैम्पो, ठेलों, सार्वजनिक स्थानों पर भी शक्ति केंद्र प्रभारियों, बूथ कार्यकर्ताओं के जरिए झंडे पहुंचाएं जाएंगे।

इसके अलावा प्रभातफेरी, शहीदों के स्मारकों का सफाई अभियान आदि का भी काम होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान का यह भी मकसद है कि जन साधारण में राष्ट्र भक्ति का भाव बने और देश के सामने चल रही आतंकवादी व कट्टरपंथी जैसी परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करने के साथ जवाब दिया जा सके।

प्रदेश सरकार लम्पी की रोकथाम में प्रभावी कदम उठाने में रही नाकाम

पूर्व शिक्षा मंत्री वासूदेव देवनानी ने कहा है कि प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार गौवंश के लम्पी बीमारी की रोकथाम में प्रभावी कदम उठाने में नाकाम रही है।

अजमेर उत्तर विधायक देवनानी ने आज कहा कि राज्य में लम्पी बीमारी से हजारों गायों का मरना पहली बार हुआ है इसकी युद्ध स्तर पर रोकथाम जरूरी है। उन्होंने कहा कि हजारों गाय मर रही है लेकिन कांग्रेस राज में बचाव के काम नहीं हो रहे जोकि दुखद है। उन्होंने गौधन के इस बीमारी से समाप्त होने पर दुख व्यक्त करते हुए पशुपालकों के नुकसान की भरपाई में एक लाख देने की मांग भी की।

उन्होंने अपने विधायक कोष से बीमारी से निपटने में टीका-इंजक्शन-दवाइयों आदि के लिए पांच लाख मंजूर करने की जानकारी देते हुए कहा कि गौवंश की रक्षा में पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने राज्य सरकार से यह भी मांग की कि इस बाबत केन्द्र सरकार से आ रही राहत सामग्री का व्यवस्थित वितरण हो।

लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्वदेशी तोप से दी जाएगी सलामी

नई दिल्ली। लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार 21 तोपों की सलामी द्वितीय विश्व युद्ध के समय की ब्रिटिश काल की तोपों के साथ साथ पहली बार स्वदेशी तोप एडवांस्ड टॉड आर्टिलरी गन सिस्टम (अटैग) से दी जाएगी।

रक्षा सचिव डा. अजय कुमार ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर मनाए जा रहे आजादी के अमृत महोत्सव के तहत ऐतिहासिक लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इसका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे और वह लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित भी करेंगे।

उन्होंने कहा कि इस समारोह का विशेष आकर्षण देश में ही ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित घरेलू होवित्जर तोप, अटैग होगी जो पहली बार लाल किले पर औपचारिक 21-तोपों की सलामी के दौरान गर्जना करेगी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा डिजाइन और विकसित पूरी तरह से स्वदेशी तोप अटैग, ब्रिटिश काल की तोपों के साथ सलामी देगी। अब तक पारंपरिक रूप से ब्रिटिश काल की तोपों से ही सलामी दी जाती रही है।

वैज्ञानिकों और तोपखाने के अधिकारियों के नेतृत्व में डीआरडीओ के आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान पुणे की टीम ने इसे संभव बनाने के लिए इस परियोजना पर काम किया। एटीएजीएस परियोजना 2013 में डीआरडीओ द्वारा भारतीय सेना में प्रयोग की जा रही पुरानी तोपों को आधुनिक 155 एमएम आर्टिलरी गन के साथ बदलने के लिए शुरू की गई थी।

एआरडीई ने इस विशेष तोप के निर्माण के लिए दो निजी प्रतिष्ठानों भारत फोर्ज लिमिटेड और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के साथ साझेदारी की। एटीएजीएस 155 एमएम कैलिबर गन सिस्टम है जिसमें 48 किलोमीटर की फायरिंग रेंज और उच्च गतिशीलता, त्वरित तैनाती, सहायक शक्ति पद्धति, उन्नत संचार प्रणाली, रात के दौरानप्रत्यक्ष-फायर पद्धति में स्वचालित कमांड और नियंत्रण प्रणाली जैसी उन्नत विशेषताएं हैं। एटीएजीएस एक विश्व स्तरीय प्रणाली है जो जोन 7 में बाइमोड्यूलर चार्ज सिस्टम को फायर करने में सक्षम है। दुनिया में किसी अन्य तोपको अभी तक उस क्षमता के लिए नहीं जाना जाता है।

डा. कुमार ने कहा कि ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए देश के सभी जिलों के एनसीसी कैडेटों को आमंत्रित किया गया है। इन कैडेटों को भारत के मानचित्र के भौगोलिक फॉरमेशन में लाल किले की प्राचीर के सामने ‘ज्ञान पथ’ पर बैठाया जाएगा। वे भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक स्थानीय परिधानों में सुसज्जित होकर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संदेश को प्रसारित करेंगे। इसके अलावा

समाज के उस वर्ग को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है,जिसे आमतौर पर अनदेखा किया जाता है। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रेहड़ी-पटरी वाले, मुद्रा योजना ऋणग्राही व्यक्ति, शवगृह कार्यकर्ता आदि शामिल हैं। उन्हें लाल किले पर मुख्य कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस बार 14 देशों अमरीका, ब्रिटेन, अर्जेंटीना, ब्राजील, फिजी, इंडोनेशिया, किर्गिस्तान, मालदीव, मॉरीशस, मोजाम्बिक, नाइजीरिया, सेशेल्स, संयुक्त अरब अमीरात और उज्बेकिस्तान के 26 अधिकारी, पर्यवेक्षक और 127 कैडेट भारत आए हुए हैं। ये लालकिले पर मुख्य कार्यक्रम में भाग लेने के अलावा दिल्ली और आगरा में सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थानों का दौरा करेंगे।

सिंह 12 अगस्त को वीर गाथा प्रतियोगिता (सुपर -25) के 25 विजेताओं को सम्मानित करेंगे। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के हिस्से के रूप में शुरू की गई अनूठी परियोजनाओं में से एक वीर गाथा का आयोजन सशस्त्र सेनाओं के वीरतापूर्ण कार्यों और बलिदानों के बारे में बच्चों को प्रेरित करने और उनमें जागरूकता फैलाने के लिए किया गया था।

गत वर्ष 21 अक्तूबर से 20 नवंबर के बीच आयोजित राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता में 4,788 स्कूलों के आठ लाख से अधिक छात्रों को निबंध, कविताओं, चित्रकारी और मल्टीमीडिया प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रेरणादायक कहानियों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। कई दौर के मूल्यांकन के बाद 25 छात्रों का चयन कर उन्हें ‘सुपर-25’ घोषित किया गया। सिंह इन सुपर-25 को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे।

पहले संस्करण में सफलता के बाद वीर गाथा 2.0 सितंबर 2022 में लॉन्च होने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस दूसरे संस्करण में छात्रों की एक बड़ी भागीदारी की उम्मीद है।

कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को ह्रदयाघात, एम्स अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली। लोकप्रिय कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ह्रदयाघात का शिकार होने पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अस्पताल में भर्ती कराया गया।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को दिल का दौरा मंगलवार देर शाम को उस दौरान पड़ा, जब वह दक्षिण दिल्ली के एक जिम में ट्रेडमिल पर दौड़ रहे थे। उस दौरान उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वह गिर गए। वहां पर उपस्थित उनके जिम प्रशिक्षक उन्हें तुरंत एम्स अस्पताल ले गए। इस संस्थान के डॉक्टरों ने उन्हें दिल का दौरा पड़ने की पुष्टि की और उनकी हालत खतरे के बाहर बताई।

उनके दोस्त और कॉमिक सुनील पाल ने अभिनेता श्रीवास्तव के स्वास्थ्य के बारे में सोशल मीडिया पर बताय़ा कि अभिनेता की हालत में अब सुधार आ रहा है और वह जल्द ही घर लौटेंगे। श्रीवास्तव की टीम ने संवाददाताओं को बताया कि वह कुछ राजनीतिक नेताओं से मिलने दिल्ली पहुंचे थे।

अभिनेता राजू श्रीवास्तव (58) द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज, बिग बॉस के सीजन 3, देख भाई देख जैसे टेलीविजन कार्यक्रमों और ‘बॉम्बे टू गोवा’ और ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रहे हैं।

न्यायमूर्ति यूयू ललित भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित को भारत का अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना 26 अगस्त को सेवानिवृत्त होंगे। न्यायमूर्ति ललित 27 अगस्त को शपथ ग्रहण करेंगे।

केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग की ओर से बुधवार को जारी एक अधिसूचना में न्यायमूर्ति ललित की नियुक्ति संबंधी जानकारी दी गई। न्यायमूर्ति रमना ने न्यायमूर्ति ललित को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए जाने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

न्यायमूर्ति रमना ने केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से राय मांगे जाने पर न्यायमूर्ति ललित को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त करने संबंधी सिफारिश तीन अगस्त को की थी।

भारत के 48वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति रमना 26 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। वरिष्ठता क्रम में उनके बाद न्यायमूर्ति ललित आते हैं।

वकालत करते हुए 13 अगस्त 2014 को सीधे सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने वाले न्यायमूर्ति ललित के 27 अगस्त, 2022 को कार्यभार संभालने की संभावना है। मुख्य न्यायाधीश के पद पर दो महीने 13 दिनों के बाद आठ नवंबर 2022 तक इस पद पर बने रहेंगे।

न्यायमूर्ति ललित को 1983 के जून में एक वकील के रूप में पंजीकृत किया गया था। उन्होंने दिसंबर 1985 तक बाम्बे उच्च न्यायालय में वकालत की थी। उन्हें अप्रैल 2004 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था।

मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के सभी मामलों में सुनवाई करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के लिए विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) के रूप में नियुक्त किया था।

हनुमानगढ़ के युवक-युवती नहर में कूदे, युवक का शव बरामद

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श्रीगंगानगर। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में संगरिया शहर से गायब युवक एवं युवती में से युवक का शव आज पुलिस ने नहर से बरामद किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार संगरिया के समीप ही शार्दुल ब्रांच नहर पर आज सुबह लोगों को एक मोटरसाइकिल संदिग्ध अवस्था में खड़ा दिखाई दिया। पास में मोबाइल फोन, जूते लेडीज चप्पल और पायजेब की जोड़ी पड़ी थी। लोगों को आशंका हुई कि कोई युवक और युवती नहर में रात को किसी समय कूद गए हैं। सूचना दिए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस ने बताया कि मोटरसाइकिल नंबर और मोबाइल फोन से पता चला कि संगरिया के वार्ड नंबर 34 का एक युवक नरेंद्र मेघवाल लापता है। इसी वार्ड में विवाहित एक युवती भी गायब है। युवती के छह और डेढ साल के दो बच्चे हैं। पुलिस और लोगों द्वारा प्रयास किए जाने पर दोपहर बाद घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर युवक का शव बरामद हो गया। नरेंद्र अविवाहित है।

देर शाम समाचार लिखे जाने तक युवती का शव बरामद नहीं हुआ था। युवती के परिवार जन भी मौके पर ही हैं। पुलिस ने बताया कि अभी कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। नरेंद्र के परिवार वालों द्वारा रिपोर्ट दिए जाने पर आगे कार्यवाही की जाएगी।

नरेन्द्र के शव को अस्पताल के मुर्दाघर में सुरक्षित रखा गया है। प्रथम दृष्टया यह मामला प्रेम प्रसंग के चलते प्रेमी प्रेमिका द्वारा नहर में कूदकर आत्महत्या कर लिए जाने का माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज होने पर और गहनता से जांच करने पर इसका खुलासा हो पाएगा।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, नूपुर शर्मा पर दर्ज सभी मुकदमें दिल्ली स्थानांतरित

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में कई राज्यों में अपराधिक मुकदमों का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी की निलंबित नेता नूपुर शर्मा को बुधवार राहत देते हुए मुकदमों को दिल्ली स्थानांतरित करने की उनकी अर्जी बुधवार को स्वीकार कर ली।

न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जेबी. पारदीवाला की पीठ ने नूपुर की याचिका मंजूर करते हुए उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज प्राथमिकियों (इस विवाद से संबंधित भविष्य में होने वाले सभी प्राथमिकी शामिल) को एक जगह सम्मिलित कर उसकी जांच दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित करने तथा जांच पूरी होने तक नूपुर पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया।

पीठ ने यह स्पष्ट किया कि भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच दिल्ली पुलिस के इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) द्वारा की जाएगी। इस मामले में यदि जरूरत पड़े तो दिल्ली पुलिस अपनी अन्य शाखाओं की मदद ले सकती है।

पीठ ने याचिकाकर्ता को प्राथमिकी रद्द करने या अन्य राहत की मांग संबंधी याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर करने की अनुमति प्रदान की। पीठ ने पैगंबर मोहम्मद विवाद से संबंधित मुकदमों के मामले में नूपुर की नयी याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा इस मामले की अदालत की देखरेख में एक विशेष जांच दल गठित कर उससे से जांच कराने की याचिका खारिज कर दी। शीर्ष अदालत ने इससे पहले 19 जुलाई को ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तारीख मुकर्रर करते हुए नूपुर पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश संबंधित राज्य सरकारों/पक्षों को दिया था।

शीर्ष न्यायालय ने नूपुर की उस याचिका पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक तथा अन्य राज्यों को नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्होंने उन राज्यों में (पैगंबर मोहम्मद पर की गई विवादास्पद टिप्पणियों से संबंधित) अपने खिलाफ दर्ज अपराधिक मुकदमों को रद्द करने या उन्हें दिल्ली स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था।

न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की अवकाशकालीन पीठ ने एक जुलाई को सख्त टिप्पणियों के साथ उनकी उस याचिका को खारिज कर दी थी, जिसमें उनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज मुकदमों को रद्द करने या उन्हें दिल्ली स्थानांतरित करने की गुहार लगाई गई थी।

नूपुर ने एक निजी टीवी चैनल पर चर्चा के दौरान कथित तौर पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसके बाद उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न राज्यों में एक के बाद एक नौ प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं।

उन्होंने अदालत में पुनः याचिका दायर कर सभी मुकदमों को रद्द करने या दिल्ली स्थानांतरित करने तथा इस मामले में अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की गुहार अदालत से लगाई थी।

आरोपी नूपुर ने अपनी नई याचिका में तर्क दिया था कि शीर्ष अदालत द्वारा उसके खिलाफ पहले की कड़ी टिप्पणियों के बाद उसे नए सिरे उन्हें धमकियां दी गईं। बलात्कार और जान से मारने तक की धमकियों का उन्हें सामना करना पड़ा।

शीर्ष अदालत की इसी पीठ ने पिछली सुनवाई की विभिन्न तारीखों पर भाजपा नेता नूपुर को कड़ी फटकार लगाई थी और कहा था कि उनकी अनुचित टिप्पणियों से देश का माहौल खराब हुआ।

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि देश में जो हो रहा है (पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणियों के बाद कई जगहों पर दंगे और हिंसक झड़पें हुई थीं) उसके लिए वह अकेले ही जिम्मेदार है। पीठ ने कहा था कि उनकी गैरजिम्मेदाराना टिप्पणियों से पता चलता है कि वह जिद्दी और घमंडी हैं।

उच्चतम न्यायालय ने तब उसकी याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्हें अपनी याचिका वापस लेनी पड़ी थी। नूपुर को मई में एक टीवी पर ज्ञानवापी विवाद पर चर्चा के दौरान उनकी कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विवाद बढ़ने के बाद भाजपा से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं और देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

नूपुर पर दिल्ली के अलावा मुंबई और कोलकाता सहित विभिन्न स्थानों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। शीर्ष अदालती आदेश के बाद इन जगहों पर दर्ज सभी मुकदमों को एक जगह कर दिल्ली में अदालती कार्रवाई की जाएगी।

2014 में सत्ता पाने वाले 2024 में नहीं आएंगे : नीतीश कुमार

पटना। बिहार में आठवीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर निशाना साधते हुए आज कहा कि भविष्य को कोई नहीं जानता, जो वर्ष 2014 में सत्ता में आए वह 2024 में वापस नहीं आएंगे।

कुमार ने बुधवार को यहां राजभवन में मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेने के बाद संवाददताओं से बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी का नाम लिए बगैर कहा कि कोई भी भविष्य नहीं जानता। वह जो 2014 में सत्ता में आए थे, 2024 में वापस नहीं आएंगे। हम रहें या न रहें, वे 2024 में नहीं रहेंगे। उन्होंने पूरे देश में विपक्ष को फिर से खड़ा करने का ऐलान करते हुए कहा कि जिन लोगों ने कहा है कि कुछ लोगों को लगता है कि विपक्ष खत्म हो जाएगा लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि अब वह (कुमार) विपक्ष में हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 में सफलता पाने के लिए पूरे विपक्ष को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड की ताकत तब कम हो गई जब उसने वर्ष 2020 का विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ लड़ा जबकि यह तब बेहतर था जब उसने वर्ष 2015 का विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय जनता दल के साथ लड़ा था। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई महीने में हुए राजनीतिक घटनाक्रम से हर कोई अवगत है और सही समय पर तथ्यों को उजागर किया जाएगा।

कुमार ने कहा कि हम लोगों ने उनको सपोर्ट किया लेकिन उनकी तरफ से जदयू को ही खत्म करने की कोशिश की गई। इसीलिए हम पुरानी जगह पर चले गए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अंतर के बारे में पूछने पर कहा कि वह तो बहुत प्रेम करते थे। उसे हम भूल नहीं सकते हैं। उस समय की बात ही दूसरी थी। अटल जी और उस वक्त के लोगों का जो प्रेम था, उसे भूला नहीं जा सकता।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कुछ भी साफ कहने से इनकार कर दिया लेकिन जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि हमने एक आदमी दिया था, वह तो उनका ही हो गया। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा का सत्र शीघ्र आहूत किया जाएगा।

जयपुर : 10वीं की छात्रा ने बिल्डिंग की छत से कूदकर की सुसाइड

जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर में दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढने वाली 10वीं की एक छात्रा नव्या सहगल ने सोडाला में स्थित मल्टीप्लस बिल्डिंग की छत से कूदकर सुसाइड कर ली। बुधवार सुबह नव्या की लाश घर के पास ही बने सामुदायिक क्रेंद्र में पड़ी मिली। लाश देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सोडाला पुलिस ने एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया। मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की छत से नव्या का मोबाइल और सैंडल भी बरामद किया गया है।

सोडाला थाना सीआई सतपाल ने बताया कि अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि रात करीब 1.30 बजे नव्या की अपने बड़े भाई से बात हुई थी। तब भाई ने उसे मोबाइल छोड़कर सो जाने के लिए कहा था। इसके बाद भाई अपने रूम में चला गया था। संभवता देर रात नव्या छत पर पहुंची और छलांग लगा दी। सुबह लोग सामुदायिक केंद्र पहुंचे तो लाश पड़ी मिली।

नव्या का परिवार सोडाला थाना क्षेत्र में सामुदायिक भवन के पीछे तीन मंजिला बिल्डिंग में रहता है। इस बिल्डिंग में सेकेंड फ्लोर पर नव्या के परिवार का फ्लेट है। जो डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) में पढ़ती थी। वहीं, नव्या के पिता विनय सहगल कार कंपनी में मैनेजर हैं। घर में विनय, बेटी नव्या और बेटा ही रहते थे।

सीआई सतपाल ने बताया कि फिलहाल पुलिस नव्या के कमरे की तलाशी ले रही है। हालांकि अब तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सबूत नहीं लगे हैं। नव्या का सुबह शव मिलने से परिजनों का बुरा हाल है। वह अपने परिवार के साथ पिछले कई समय से इस फ्लैट में रह रहे थे। नव्या के उठाए गए इस कदम से पूरा परिवार सदमे में हैं।

किसी व्यक्ति को मच्छर ज्यादा क्यों काटते हैं?

नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से मच्छर अन्य लोगों की तुलना में किसी एक व्यक्ति की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं।

न्यू मैक्सिको स्टेट यूनिवर्सिटी में सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रोफेसर डॉ. जगदीश खुबचंदानी ने अनुसार यदि घर में सात व्यक्ति हैं तो किसी एक व्यक्ति को मच्छर सबसे ज्यादा काटते हैं और उसके मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि बीमारियों की चपेट में आने की अत्यधिक आशंका रहती है।

डॉ. खुबचंदानी ने कहा कि मच्छर करीब 3,500 से अधिक प्रकार हैं जिनमें से कुछ ही लोगों को काटते हैं। खास बात यह है केवल मादा मच्छर ही लोगों को काटती हैं क्योंकि उन्हें अपने अंडों के लिए प्रोटीन के स्रोत के रूप में रक्त की आवश्यकता होती है। एनोफिलीज प्रजाति के मच्छर मलेरिया, पीले बुखार और डेंगू का कारण बनने वाले विषाणुओं समेत कई जानलेवा बीमारी के लिए जिम्मेदार हैं।

वर्ष 1968 की शुरुआत में एक अध्ययन में पाया गया कि पीले बुखार के लिए जिम्मदार मच्छर लैक्टिक एसिड से अत्याधिक आकर्षित होते हैं। इसे मच्छरों के लिए एक ‘हस्ताक्षर मानव गंधक’ कहा गया है। व्यायाम करते समय लैक्टिक एसिड अधिक बनता है , इसलिए व्यायाम करने के बाद साबुन से अच्छी तरह स्नान कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें भाने वाली तुलसी, लैवेंडर, लेमन थाइम और गेंदे के फूल जैसे सुगंधित पौधे की खुशबू से मच्छर दूर रहते हैं।

उन्होंने कहा कि एक से अधिक अध्ययनों से पता चला है कि मच्छरों को आकर्षित करने अथवा दूर रखने में व्यक्तियों का रक्त समूह भी जिम्मेदार है। ब्लड ग्रुप ‘ए’ वाले लोगों के लिए यह अच्छी खबर है। मच्छरों को यह ग्रुप कम आकर्षक लगता है, लेकिन ब्लड ग्रुप ‘ओ’ के लिए यह इतना अच्छा नहीं है। इस ब्लड ग्रुप वाले लोगों से मच्छर ‘ए’ ग्रुप वाले की तुलना में दोगुना आकर्षित होते हैं, लेकिन ‘ओ ’ग्रुप वाले व्यक्तियों के लिए राहत की बात है कि वे गंभीर मलेरिया की चपेट में नहीं आते हैं।

इन अध्ययनों में शरीर की गंध, शरीर का रंग, त्वचा का तापमान और बनावट, त्वचा पर रहने वाले रोगाणुओं, गर्भावस्था की स्थिति, मनुष्यों द्वारा उत्सर्जित कार्बन डाइऑक्साइड, शराब और आहार के प्रकार पर चर्चा की गई है। कुल मिलाकर, अध्ययनों से पता चलता है कि गर्भवती महिलाएं, उच्च शरीर के तापमान और पसीने वाले लोग, विविध त्वचा सूक्ष्म जीवों की उपस्थिति, और गहरे रंग की त्वचा वाले लोग मच्छर को अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।