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बिहार में जदयू एवं भाजपा गठबंधन तो टूटना ही था, टूट गया : अशोक गहलोत

उदयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा है कि तानाशाही प्रवृत्ति से लोकतंत्र की हत्या की जा रही हैं और बिहार में जनता दल यूनाइटेड और भाजपा के बीच गठबंधन लोकतंत्र का गला घोंटकर सरकार बनाने के लिए था, जो टूटना ही था और टूट गया।

गहलोत ने बिहार में जदयू एवं भाजपा गठबंधन के टूट जाने पर आज यहां मीडिया से यह बात कही। उन्होंने कहा कि इनकी तानाशाही प्रवृत्ति से गोवा, मणिपुर, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और अभी महाराष्ट्र में लोकतंत्र की हत्या हुई है। ये लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं, लोकतंत्र के हत्यारे है, संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। देश इनको माफ नहीं करेगा।

उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने महंगाई एवं बेरोजगारी को लेकर अभियान शुरू कर दिया है, इससे ये लोग रक्षात्मक मुद्रा में आ गए हैं। कांग्रेस ने ब्लॉक, जिला, राज्‍य एवं राष्‍ट्रीय स्‍तर पर यह आंदोलन शुरू किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पार्टी के सांसद, सब लोग गिरफ्तार हुए वहां पर, इसलिए ये लाेग डिफेंस में आ गए।

उन्होंने कहा कि आगामी 28 अगस्त को नई दिल्‍ली के रामलीला मैदान में देशव्यापी रैली हो रही है, देखना इनकी स्थिति क्या बनती हैं। हाहाकार मचा हुआ हैं महंगाई को लेकर और महंगाई की मार ऐसी है क‍ि रसोई चलाना मुश्किल हो गया महिलाओं के लिए, ये लोग महिलाओ की बात करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कब तक धर्म के नाम पर लोगों को बरगलाओगे। इसकी एक सीमा होती है। पेट रोटी मांगता है, रोटी नहीं मिल रही है, क्योंकि बेरोजगारों को रोजगार नहीं हैं। देश में हालात बहुत गंभीर हैं।

उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस एवं उनकी सरकार पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने की लगातार मांग करती आ रही है और इसे लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाए रखेगी।

उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए राज्य सरकार बराबर काम कर रही हैं लेकिन केन्द्र सरकार इस पर काम नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि यह पहला मामला होगा कि केन्द्र सरकार द्वारा मदद करने की बजाय योजना के काम को बंद करने के लिए राज्य सरकार को कहा गया।

सबके दिल में बसने वाले नेता थे सांवरलाल जाट : भागीरथ चौधरी

भिनाय। सांसद भागीरथ चौधरी ने कहा कि किसान नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय सांवरलाल जाट 36 कौम और हर वर्ग के दिल मे बसने वाले नेता थे। वे मंगलवार को स्वर्गीय जाट की पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित कर रहे थे।

चोधरी ने कहा कि स्वर्गीय जाट किसान कौम के भले के लिए ही जन्म थे और अंतिम समय में भी किसानों की समस्याओं को उठाते हुए प्राण त्यागे। चौधरी ने स्वर्गीय जाट को युग पुरुष की संज्ञा दी।

इस मौके पर सीसीबी चेयरमैन मदनगोपाल चौधरी ने कहा कि किसान नेता स्वर्गीय जाट ने आमजन को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रूपए की राशि स्वीकृत कर गांव ढाणी तक बीसलपुर योजना पहुंचाई व किसानों की जरूरत के अनुरूप तालाब और एनीकट बनवाए।

आरेलपी महासचिव जगदीश लाम्बा ने बड़े भाई की यादों को सभा के माध्यम से गिनाया। भूमि विकास बैंक चेयरमैन चेतन चौधरी ने स्वर्गीय जाट को अजमेर जिले का रखवाला बताया। भाजपा अजमेर देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष नवीन शर्मा ने कहा कि जाट के निधन के बाद पूरे जिले में एक नेता के रूप में खालीपन नजर आ रहा है जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता।

अजमेर के पूर्व सभापति सुरेन्द्र सिंह उर्फ लाला बना ने कहा कि स्वर्गीय जाट हैंडपंप व टंकी वाले बाबा थे। उन्होंने गांव गांव ढाणी में हैंडपंप, उच्च जलाशय व भूतल जलाशय बनाकर ग्रामीणों की बीसलपुर से प्यास बुझाई।

सभा को सम्बोधित करते हुए जाट के ज्येष्ठ पुत्र व भाजपा नेता कैलाश लाम्बा ने कहा पूरा परिवार उनकी कमी की भरपाई तो नहीं कर सकता लेकिन उनके द्वारा बताए मार्ग पर चलकर जनता की सेवा के लिए हमेशा तैयार मिलेगा।

सभा को पूर्व संसदीय सचिव शत्रुघ्न गौतम प्रधान सम्पतराज लोढा, होनहार सिंह, राजेंद्र विनायका, बच्छराज जाट, जसराज चौधरी, सुभाष वर्मा, दाऊ राम शर्मा, हंसराज गुर्जर, रमेश रावत, महेश मेहरा, हीरा सिंह रावत, अशोक सिंह रावत, महेंद्र चौधरी, ताराचंद रावत, सुरेन्द्र सिंह शिखरानी, बालचंद्र लोढा सहित कई नेताओं ने सम्बोधित किया।

अंत में नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लाम्बा ने अपने पिता के पदचिन्हों पर चलकर सेवा करने का भरोसा दिलाते हुए श्रद्धांजलि सभा में पधारे सभी नेता व कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व सभी नेताओं ने जाट की आदम कद प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

सांसद ने 10 लाख की घोषणा की

अजमेर संसद भागीरथ चौधरी ने कार्यकर्ताओं की मांग पर सभा स्थल वाले स्टेज पर बड़ा स्टेज बनाने के लिए सांसद कोष से 10 लाख रुपए स्वीकृत करने की मांग की जिसपर चौधरी ने मांग को सहर्ष स्वीकार करते हुए मंच से ही 10 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा कर दी। घोषणा पर कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाकर चौधरी का आभार प्रकट किया।

ये थे मौजूद श्रद्धांजलि सभा में भाजपा नेता रणजीत रहलानी, घीसालाल पटेल, तुलसीराम, कैलाश गुर्जर, आशीष सांड, रामदयाल जाट, संजय लोढा, नारायण जोशी, हीरालाल बफ़ेडिया, सरपंच हरिराम चौधरी, गणपत ग्वाला, फूलसिंह राठौड़, रघुनाथ गुर्जर, जीवराज जाट, कल्याण मल जांगिड़, शिवराज वैष्णव, पन्नालाल गेना, ज्ञानसिंह रावत, धनराज जाटोलिया, सत्यनारायण चौधरी, नेमीचंद शर्मा, रामलाल मास्टर, रामसुख पत्रकार, शम्भू मास्टर, अमरचंद मेघवाल, रामदेव गुर्जर न्यारा, भंवरलाल डूंगा, सत्यनारायण डूंगा, डॉ रोडू भीचर, भंवरलाल भड़ाना, पप्पू प्रजापत, जितेंद्र सिंह रावत, पुखराज जांगिड़, नारायण जोशी, गुलाब शर्मा, उमराव सिंह, रणजीत सिंह, बालूराम शर्मा, छीतर आचार्य, बालचंद्र जांगिड़, रंगलाल जाट, गोविंद प्रजापत, कानसिंह रावत, शैतान सिंह रावत, कैलाश जाट, मुकेश लाम्बा, शिवराज गुर्जर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

भूतपूर्व सैनिकों का किया सम्मान-श्रद्धाजंलि सभा में भाजपा के आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम के तहत भूतपूर्व सैनिक चांदसिंह गोहिल, फतेह सिंह, वीरसिंह व रामकिशन का माला व साफा पहनाकर सम्मान किया। इससे पूर्व शहीदो को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।

रक्षाबंधन महोत्सव : ब्रम्हाकुमारी बहनों ने बांधे रक्षा सूत्र

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अजमेर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से रक्षाबंधन महोत्सव अभियान के अंतर्गत मंगलवार को भी बीके योगिनी के नेतृत्व में रक्षा सूत्र बांधने का सिलसिला बना रहा।

ब्रह्माकुमारी बहनों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री भजन लाल जाटव, राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़, राजस्थान केश कला बोर्ड के अध्यक्ष महेंद्र गहलोत, राजस्थान फाउंडेशन के कमिश्नर धीरज श्रीवास्तव, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता संजय गुर्जर, पूर्व पीसीसी सचिव महेंद्र सिंह रलावता, पूर्व जिला प्रमुख रामस्वरूप चौधरी, अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष विजय जैन, महासचिव शिव कुमार बंसल, किसान नेता कानाराम चोटिया, अजय तेन्गौर, पार्षद हेमंत जोधा आदि को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु की कामना की।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर बुरी आदत छुड़वाने एवं जरूरतमंदों की मदद करने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर पिंकी बहन व अंजना बहन समेत महिला सदस्य भी उपस्थित रहीं।

अजमेर भाजपा की समीक्षा बैठक में संगठन स्तर पर हुए कार्यक्रमों पर चर्चा

अजमेर। भारतीय जनता पार्टी शहर जिला अजमेर की समीक्षा बैठक मंगलवार को होटल दाता इन में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

वन्दे मातरम गीत के साथ आरंभ हुई बैठक में शहर जिलाध्यक्ष डॉ प्रियशील हाड़ा ने बताया कि शहर जिला अजमेर मे 13 मंडल हैं, 140 शक्ति केंद व 651 बूथ हैं। अब तक 431 बूथों में समितियां पूर्णरूप से अस्तित्व में आ चुकी हैं।

सीपी जोशी ने संगठन स्तर पर हुए अब तक के कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए समर्पण निधि महाअभियान, बूथ समितियां, मंडलों की संरचना, हर–घर तिरंगा अभियान के बारे में चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक कार्यक्रम मन की बात को सफल बनाने के लिए शक्ति केंद्रों पर कार्यक्रम करने तथा प्रत्येक कार्यकर्ता की सहभागिता सुनिश्चित करने की योजना बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला संगठन प्रभारी बिरमदेव सिंह, प्रदेश मंत्री वंदना नोगिया, उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी, जिला महामंत्री सम्पत सांखला, रमेश सोनी, वेदप्रकाश दाधीच, धर्मेन्द्र गहलोत, अरविन्द यादव, आनंद सिंह राजावत, कंवल प्रकाश किशनानी, सीमा अखावत, नीरज जैन, राजेश शर्मा, जय किशन परवानी, मनोज डिडवानिया, विकास सोनगरा, राजकुमार लालवानी, अरविन्द दरगड, महेंद्र पाटनी, शम्भु शर्मा, भारती श्रीवास्तव, अंकित गुर्जर, मुकेश खींची, अनीश मोयल, रचित कच्छावा, अनिल आसनानी, अनुभव शर्मा आदि उपस्थित रहे।

आजादी का अमृत महोत्सव : भाजपा प्रबुद्धजन प्रकोष्ठ बांटेगा 5100 राष्ट्रध्वज

आजादी का अमृत महोत्सव : भाजपा प्रबुद्धजन प्रकोष्ठ बांटेगा 5100 राष्ट्रध्वज

 

भाजपा महिला मोर्चा ने प्रभातफेरी निकाल कर दिया हर घर तिरंगा का संदेश

अजमेर। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत भाजपा महिला मोर्चा शहर जिला अजमेर की ओर से मंगलवार अल सुबह प्रभातफेरी एवं तिरंगा यात्रा के जरिए हर घर तिरंगा लगाने का संदेश दिया गया।

प्रदेश अध्यक्ष अलका मूंदड़ा के निर्देशानुसार भाजपा महिला मोर्चा शहर जिलाध्यक्ष भारती श्रीवास्तव के सान्निध्य में प्रभातफेरी एवं तिरंगा यात्रा सत्यनारायण मंदिर शांतिपुरा से शुरू हुई तथा एलआईसी कॉलोनी, कैलाशपुरी, आनंद नगर, किशनगंज होते हुए पुन: सत्यनारायण मंदिर पर पहुंचकर विसर्जित हुई। इस आयोजन में प्रभारी उमेश गर्ग व मोर्चा की सदस्यों का सहयोग रहा।

कार्यक्रम की संयोजक लक्ष्मी यादव, बजरंग मंडल उपाध्यक्ष राजश्री कुमावत, पार्षद प्रियंका सांखला, सरिता शेखावत, बबीता ईनाणी, अलका कुमावत, प्रभा गुप्ता, हिम्मत कंवर, शकुंतला शेखावत, अंजू माथुर, सुमन शर्मा, कृष्णा उबाना, गीता कुमावत, अंजू जांगिड़, अलका, विमला जांगिड़, रेणु उबाना, अनुराधा खंडेलवाल, गीता, खुशबू कुमावत, मोना कुमावत, अंजू कुमावत, अलका, सुनीता, आशु समेत बडी संख्या में मोर्चा की सदस्यों ने कार्यक्रम में भागीदारी की।

आजादी का अमृत महोत्सव : भाजपा प्रबुद्धजन प्रकोष्ठ बांटेगा 5100 राष्ट्रध्वज

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में महिलाओं को जगह न मिलने से सुप्रिया सुले नाखुश

मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के मंगलवार को हुए विस्तार पर असंतोष जताते हुए कहा है कि यह खेदजनक है कि इसमें एक भी महिला को जगह नहीं मिली।

सुले ने ट्वीट किया कि एकनाथ शिंदे सरकार में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद थी, लेकिन एक भी महिला को मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कहते हैं कि देश की प्रगति के लिए महिला सशक्तिकरण जरूरी है लेकिन कुल 18 में से किसी महिला को मंत्री नहीं बनाया गया।

इस बीच, औरंगाबाद के सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सदस्य सईद इम्तियाज जलील ने कहा कि अब जबकि औरंगाबाद में पांच मंत्री हैं–दो केंद्र में (डॉ भागवत कराड और रावसाहेब दानवे) तथा तीन राज्य में (अब्दुल सत्तार, संदीपन भुमरे और अतुल सावे)– आइए हम सभी उम्मीर करें कि मेरे जिले और मराठवाड़ा का विकास हो।

केप टाउन में सड़क हादसे में पूर्व अंपायर रूडी कर्ट्जन का निधन

केप टाउन। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व आईसीसी एलीट पैनल अंपायर रूडी कर्ट्ज़न का केप टाउन में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया है। जब यह सड़क दुर्घटना हुई तब 73 वर्षीय कर्ट्ज़न एक कार में केपटाउन से ईस्टर्न केप प्रांत में अपने घर जा रहे थे।

कर्ट्ज़न ने 2010 में सन्यास लेने से पहले 331 मैचों में अंपायर की भूमिका निभाई, जो उस समय एक रिकॉर्ड था। वह 100 से ज्यादा मैचों में अंपायरिंग करने वाले तीन अंपायरों में से एक हैं। इनके अलावा पाकिस्तान के अलीम दार और वेस्ट इंडीज़ के स्टीव बकनर भी ऐसा कर चुके हैं।

दार ने कर्टज़न की मौत के बारे में कहा कि यह उनके परिवार, दक्षिण अफ्रीका और क्रिकेट के लिए सबसे बड़ी क्षति है। मैं उनके साथ इतने सारे मैचों में खड़ा था। वह न केवल एक अंपायर के रूप में बहुत अच्छे थे, बल्कि एक उत्कृष्ट सहयोगी भी थे। हमेशा मैदान पर बहुत सहयोगी और हमेशा मैदान के बाहर मदद करने के लिए तैयार रहते थे। अपने किरदार की वजह से वह खिलाड़ियों के बीच भी सम्मानित थे।

कर्टज़न के हमवतन अंपायर मरैस इरास्मस ने कहा कि रूडी शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद मजबूत थे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी अंपायरों के लिए विश्व मंच पर पहुंचने का मार्ग प्रशस्त किया। हम सभी को विश्वास दिलाया कि यह संभव है। एक युवा अंपायर के रूप में मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है।

कर्टज़न की पहली अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 1992-93 में भारत का दक्षिण अफ्रीका दौरा था, जिसके दूसरे एकदिवसीय मैच में उन्होंने पहली बार अंपायरिंग की थी।

आगे चलकर वह दुनिया के सबसे अच्छे और सबसे सम्मानित अंपायरों में से एक बने। सितंबर 1999 में सिंगापुर में वेस्टइंडीज और भारत के बीच एक मैच में हेरफेर करने के लिए रिश्वत से इनकार करने के लिए उन्होंने खूब प्रशंसा प्राप्त की थी।

नीतीश का राजग से नाता तोड़ना धोखा, जनता कभी माफ नहीं करेगी : भाजपा

पटना। बिहार भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से नाता तोड़ने को बहुत बड़ा धोखा करार दिया और कहा कि प्रदेश की जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद संजय जायसवाल ने पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री मंगल पांडेय समेत कई अन्य मंत्रियों की उपस्थिति में मंगलवार को यहां प्रदेश मुख्यालय में जल्दबाजी में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वर्ष 2020 के चुनाव में राजग के तहत हम सभी ने मिलकर चुनाव लड़ा था, जो बहुमत था वह राजग में भाजपा और जनता दल यूनाइटेड को मिला था।

जायसवाल ने कहा कि भाजपा के 74 सीट जीतने में कामयाब रहने के बावजूद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जो वादा किया था उसका पालन किया गया और कुमार को मुख्यमंत्री बनाया गया। जो कुछ भी हुआ है, वह बिहार की जनता के साथ और भाजपा के साथ धोखा है। यह उस जनादेश के साथ भी धोखा है। यह न सिर्फ भाजपा बल्कि बिहार की जनता से भी धोखा है। बिहार की जनता इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

..मैंने पहले ही कहा था, नीतीश राजग छोड़ देंगे : चिराग

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के जमुई लोकसभा सीट से सांसद चिराग पासवान ने राज्य में मंगलवार के घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि कुमार भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़ देंगे।

उन्होंने कुमार पर बिहार को अंधेरे में झोंकने का आरोप लगाते हुए चुनौती दी कि यदि उनमें राजनीतिक साहस है तो वह अकेले चुनाव लड़कर जनादेश लें। पासवान ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मैंने तो पहले ही कह दिया था कि श्री नीतीश कुमार राजग से नाता तोड़ सकते हैं।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में श्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड शून्य सीट पर सिमट जाएगी। सांसद ने कहा कि उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले ही आगाह किया था कि कुमार चुनाव बाद कभी भी पलटी मार सकते हैं। आज वह दिन आ गया।

उन्होंने कहा कि कुमार को बिहार में सबसे अच्छे से कोई जानता है तो मैं दावे के साथ बोल सकता हूं कि मैं जानता हूं। उनके अहंकार के कारण प्रदेश का बुरा हाल हुआ है। पासवान ने कहा कि कुमार में यदि राजनीतिक हिम्मत है तो चुनाव में चलें। कुमार किसी भी प्रकार सत्ता में बने रहना चाहते हैं।

उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के ‘चिराग मॉडल’ संबंधी बयान पर कहा कि हां यह बात सही है कि उन्होंने भाजपा से कहा था, वह अकेले चुनाव लड़ना चाहते हैं क्योंकि वह किसी भी कीमत पर कुमार के साथ काम नहीं कर सकते।

गौरतलब है कि ललन सिंह ने कहा था कि भाजपा ने जनता दल (यूनाइटेड) को कमजोर करने के लिए पिछले चुनाव में पासवान से जद (यू) के प्रत्याशियों के खिलाफ अपनी पार्टी के उम्मीदवार खड़े कराए थे।

पासवान ने कहा कि कुमार ने न सिर्फ उनके पिता दिवंगत रामविलास पासवान का अपमान किया था बल्कि पूरे बिहार को अंधकार में झोंक दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी प्रतिज्ञा के कारण ही नीतीश की पार्टी के खिलाफ विधानसभा का चुनाव लड़ा था।

लोजपा सांसद ने कहा कि उस समय अकेले चुनाव लड़ने के लिए जो साहस चाहिए था, वह सिर्फ मुझमें ही था। अन्य किसी ने भी उस समय अकेले लड़ने की हिम्मत नहीं दिखाई। मैं फिर से कहना चाहता हूं कि कुमार में हिम्मत है तो अकेले चुनाव लड़कर देख लें।

उन्होंने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में 43 सीटें जदयू को मिली लेकिन अगली बार जदयू शून्य पर सिमट जाएगा। जो भी नए साथी नीतीश कुमार के साथ जाएंगे, वह उन सबका भविष्य खराब कर देंगे।

जदयू के बाद हम ने भी भाजपा का साथ छोड़ा

बिहार में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बाद अब हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) ने भी भारतीय जनता पार्टी से अपना नाता तोड़ लिया।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं हम के संरक्षक जीतनराम मांझी ने मंगलवार को यहां कहा कि उनकी पार्टी राजग को छोड़कर बिना किसी शर्त के नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार को अपना समर्थन देगी। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। अब जल्द ही महागठबंधन में शामिल होकर सरकार बनाएंगे।

इस महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जदयू, कांग्रेस और वामपंथी दलो के अलावा जीतन राम मांझी की पार्टी हम भी होगी।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफा, एनडीए से तोडा नाता

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफा, एनडीए से तोडा नाता

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफा, एनडीए से तोडा नाता

लालू के हुए नीतीश, थम गया बिहार का सियासी भूचाल

पटना। बिहार में पिछले लगातार तीन दिनों से जारी सियासी भूचाल आज लगभग थम गया।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से अपनी पार्टी जनता दल यूनाइटेड का सम्बन्ध तोड़ने की विधिवत घोषणा की है। इसके बाद वह राष्ट्रीय जनता दल नीत महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे।

मंडल की राजनीति से नेता बनकर उभरे नीतीश कुमार को बिहार को अच्छा शासन मुहैया कराने का श्रेय दिया जाता है। हालांकि उनके विरोधी उन पर अवसरवादी होने का आरोप लगाते रहे हैं। भले ही इसे राजनीतिक अवसरवादिता कहा जाए या उनकी बुद्धिमत्ता लेकिन राजनीतिक शतरंज की बिसात पर कुमार की चालों ने कई साल से सत्ता पर उनका दबदबा बनाए रखा है।

अब एक बार फिर कुमार आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। कुमार ने पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ 3 मार्च 2000 को ली थी। हालांकि बहुमत नहीं होने के कारण महज सात दिनों के भीतर उनकी सरकार गिर गई थी। इसके बाद 24 नवंबर 2005 को कुमार दूसरी बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। तब उनका कार्यकाल 24 नवंबर 2005 से 24 नवंबर 2010 तक पूरे पांच साल चला। वर्ष 2010 में बिहार विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद श्री कुमार ने 26 नवंबर को बिहार के मुख्यमंत्री बने।

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में हालांकि उनकी पार्टी को मिली करारी हार के बाद उन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया और अपनी पार्टी के जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री का पद सौंप दिया। 22 फरवरी 2015 को कुमार ने चौथी बार एक बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर कमान संभाली। वर्ष 2015 में कुमार ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पार्टी के साथ मिलकर महागठबंधन सरकार बनाई थी।

20 नवंबर 2015 को महागठबंधन सरकार की तरफ से कुमार ने पांचवी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली, जिसमें तेजस्वी प्रसाद यादव उपमुख्यमंत्री बने। लगभग डेढ़ वर्ष सरकार चलाने के बाद कुमार ने राजद से गठबंधन तोड़ने का फैसला किया और भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई।

इस तरह कुमार छठी बार 27 जुलाई 2017 को मुख्यमंत्री बने। इसके बाद वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में सत्ता विरोधी लहर के बावजूद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को शानदार जीत मिली और कुमार सातवीं बार मुख्यमंत्री बनने में कामयाब रहे थे। अब कुमार एक बार फिर राजद से गठबंधन कर आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफा, एनडीए से तोडा नाता

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफा, एनडीए से तोडा नाता

नीतीश कुमार राजद संग मिलकर बनाएंगे नई सरकार, फिर बनेंगे मुख्यमंत्री

पटना। बिहार में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के भारतीय जनता पार्टी से एक बार फिर नाता तोड़ने की घोषणा के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और अब राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस तथा वामपंथी दलों के साथ गठजोड़ कर नई सरकार बनाने की कवायद शुरू कर दी है।

जदयू के सांसद, विधायक और पार्टी के वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक में भाजपा से नाता तोड़ने का निर्णय लिए जाने के बाद मुख्यमंत्री शाम करीब 4 बजे राजभवन पहुंचे और राज्यपाल फागू चौहान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद कुमार सीधे पूर्व मुख्यमंत्री तथा राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर पहुंचे। वहां राजद नेता और लालू प्रसाद यादव के छोटे पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव भी मौजूद हैं। कांग्रेस विधायक शकील अहमद खान ने कहा कि नीतीश कुमार महागठबंधन की नई सरकार में मुख्यमंत्री होंगे। सब कुछ तय हो चुका है और अब जल्दी ही नई सरकार बनेगी।

उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई में बनने जा रही नई सरकार को राजद, कांग्रेस, वामदल और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) का समर्थन प्राप्त है। वर्तमान में जदयू के 45, राजद के 79, कांग्रेस के 19, वामदल के 16 और एक अन्य विधायक हैं, जिससे इस सरकार के पास कुल 164 विधायकों का समर्थन होगा।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफा, एनडीए से तोडा नाता