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पूर्व न्यूजीलैंड गेंदबाज़ हीथ डेविस ने समलैंगिक होने का खुलासा किया

आकलैंड। पूर्व न्यूज़ीलैंड तेज़ गेंदबाज़ हीथ डेविस ने पहली बार सार्वजानिक रूप से समलैंगिक होने का खुलासा किया है। वह ऐसा करने वाले अपनी देश के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं।

‘द स्पिनऑफ़’ के लिए एक डॉक्युमेंट्री में डेविस ने कहा कि (1994 में) इंग्लैंड का पहला दौरा वह वक़्त था जब मैं आत्म खोज में व्यस्त था। मैं बार में जाता था और देखने की कोशिश करता था कि मेरे लिए क्या सही होगा। मैंने यह वहीं छोड़ दिया था। मैं अपने व्यक्तिगत जीवन को अलग रखना चाहता था। इससे काफ़ी अकेलापन होता था। आप पहचाने ना जाने के लिए सौना और अन्य एकांत के जगह ढूंढते थे। मेरे पास ऐसे लोग थे जिनसे मैं बात कर सकता था लेकिन मैंने कभी सहज महसूस नहीं किया।

डेविस अपने खेल जीवन में न्यूज़ीलैंड के सबसे तेज़ गति के गेंदबाज माने जाते थे हालांकि गेंद के नियंत्रण को लेकर उन्हें काफ़ी संघर्ष करना पड़ता था। उन्होंने 1994 और 1997 के बीच कुल पांच टेस्ट और 11 वनडे अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले थे। साल 1997 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे के बाद जब उन्हें ड्रॉप कर दिया गया तो उन्होंने वेलिंग्टन से ऑकलैंड में बसने का फ़ैसला लिया।

उन्होंने इस बारे में कहा कि ऐसा लगा इस फ़ैसले के लिए सारे आसार सही थे। ऑकलैंड में सबको मेरे समलैंगिक होने का पता था। टीम में भी इस बात पर कोई दिक़्क़त नहीं आई। मुझे आजाद होने का अनुभव मिला।

डेविस इसके बाद 2004 में ब्रिस्बेन में जाकर बस गए थे। 2009 में एक फ़ॉर्कलिफ़्ट के दुर्घटना में उनके होने के बाद उनके पैर के एक हिस्से को काटना पड़ा था। डेविस ने टेस्ट क्रिकेट में 17 विकेट लिए, जिसमें श्रीलंका के विरुद्ध 63 रन देकर पांच विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ स्पेल था, और वनडे क्रिकेट में उनके 11 विकेट हैं। साल 2011 में पूर्व इंग्लैंड विकेटकीपर स्टीवन डेवीस पहले पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बने जिन्होंने समलैंगिक होने की बात सार्वजानिक की थी।

ED निदेशक का कार्यकाल बढ़ाने के खिलाफ याचिकाओं पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्र का कार्यकाल बढ़ाने की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोटिस जारी करने के साथ ही कहा कि वह उन याचिकाओं पर 10 दिन बाद सुनवाई करेगी।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस नेताओं जया ठाकुर, रणदीप सिंह सुरजेवाला, साकेत गोखले, महुआ मोइत्रा और वकील एमएल शर्मा के अलावा कृष्ण चंद्र सिंह एवं विनीत नारायण ने ईडी निदेशक के कार्यकाल विस्तार को चुनौती दी। याचिकाकर्ता ने मिश्रा का कार्यकाल एक और वर्ष बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 17 नवंबर 2021 को जारी आदेश को चुनौती दी है।

याचिका में केंद्रीय सतर्कता आयोग (संशोधन) अधिनियम 2021 की वैधता को भी चुनौती दी गई है, जिसने निदेशालय के प्रवर्तन निदेशक के कार्यकाल को पांच साल तक बढ़ाने की अनुमति दी। कांग्रेस नेता सुरजेवाला का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने प्रस्तुत किया कि संशोधन ने केंद्र सरकार को ईडी निदेशक को पांच साल तक का वार्षिक विस्तार देने की अनुमति को अनुचित करार दिया।

उन्होंने कॉमन कॉज बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के फैसले का हवाला दिया, जिसके द्वारा शीर्ष अदालत ने 2021 में निर्देश दिया था कि मिश्र को और विस्तार नहीं दिया जा सकता है। सुनवाई के दौरान एक अन्य वकील ने कहा कि मिश्र को दिया गया सेवा विस्तार शीर्ष अदालत के निर्देशों का घोर उल्लंघन है। उन्होंने ईडी निदेशक के रूप में चार साल पूरे कर लिए हैं।

एक अन्य वकील ने तर्क दिया कि ईडी निदेशक मिश्र 2017-2020 से अपनी अचल संपत्ति रिटर्न अपलोड करने में विफल रहे। वकील ने कहा कि सतर्कता नियम और आधिकारिक ज्ञापन में कहा गया है कि यदि रिटर्न अपलोड नहीं किया जाता है तो पद को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

70 वर्ष से ऊपर के उम्र के नेताओं को टिकट ना मिले तो इसमें बुराई नहीं : पूनियां

जैसलमेर। राजस्थान के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां ने चुनावों में सत्तर वर्ष से अधिक उम्र वालों को टिकट नहीं देने के पार्टी द्वारा संभावित फार्मूले के संदर्भ में कहा है कि उनके व्यक्तिगत विचार से यदि ऐसा फैसला होता है तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

डा पूनियां ने आज दो दिवसीय जैसलमेर प्रवास पर पहुंचने पर मीडिया के इस संबंध में किए गए सवाल के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि उनके व्यक्तिगत विचार से यदि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ऐसा फैसला करता है तो इसमें कोई बुराई नहीं है। नए लोग एवं नई पीढ़ी कैसे जुड़े इस पर फोकस करना जरूरी है। कई प्रदेशों में यह प्रयोग किया गया और सफल भी हुआ है।

उनसे पूछा गया कि यदि यह निर्णय होता है तो पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल सहित कई बड़े नेताओं के टिकिट कट जाएंगे, इस पर उन्होंने कहा कि पार्टी में प्रत्येक नेता, कार्यकर्ता की अपनी एक अहमियत होती है। पार्टी नेतृत्व सभी की क्षमताओं का आकलन करके उन्हें दायित्व देता है। फिल्हाल इस फाॅर्मूले पर मनन मंथन चल रहा है पार्टी ने कोई अंतिम निर्णय नहीं किया है, केन्द्रीय संगठन इस संबंध में कोई निर्णय करेगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा पर कहा कि यह हमारी प्राथमिकता नहीं है। हमारी पहली कोशिश यही रहेगी कि कांग्रेस को सता से बाहर करना और भाजपा को बहुमत दिलाना। देश का सौभाग्य है कि उसके पास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसा चेहरा है। चेहरे के तौर पर सबल एवं सक्षम चेहरा है भाजपा के पास। पार्टी को कब किस व्यक्ति को सम्मान देना है, पार्टी अपने स्तर पर तय करती है। मुख्यमंत्री प्रदेश इकाई तय नहीं करती।

डा पूनियां ने कहा कि जैसलमेर आने की वजह संगठनात्मक चर्चा करना है और सबसे बड़े अभियान को लेकर पार्टी के हर एक कार्यकर्ता को जिम्मेदारी सौंपना है। पूरा विश्व देखेगा 15 अगस्त को देश के 20 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले नौ से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत राजस्थान के 50 लाख एवं देश के 20 करोड़ घरों तक तिरंगा फहराया जाएगा जिससे देश भक्ति जागेगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा पार्टी के मजबूत कार्यकर्ताओं एवं मजबूत संगठन पर ही अगला 2023 एवं 2024 चुनाव जीत कर फिर सत्ता में लौटेंगे। उन्होंने पीएफआई को सिमी का ही वर्जन बताते हुए कहा कि देश एवं खासतौर पर प्रदेश में पीएफआई अपनी गतिविधियां चला रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को केन्द्र सरकार को पीएफआई को बैन करने के संबंध में चिट्ठी लिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टेरर फंडिंग हो रही है बाहरी देशों से पैसा आ रहा है।

उन्होंने कहा कि जोधपुर जिले में हादसे में दो मौतों को लेकर मुख्यमंत्री ने पांच-पांच लाख रुपए की घोषणा कर दी लेकिन अनूपगढ़ में इसी तरह के हादसे में पांच जनों की मौत हुई लेकिन मुख्यमंत्री ने कोई घोषणा नहीं की।

पाकिस्तान से लौटे हिन्दू पाकिस्तानी विस्थापितों को भारतीय नागरिकता मिलने में हो रही देरी एवं कई नियम कानून कायदों में पेचिदगियों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली है वह केंद्र के समक्ष इस मुद्दे को उठाएंगे।

उन्होंने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के संबंध में मुख्यमंत्री पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान में कांग्रेस ने 55 साल तक शासन किया हैं और इनकी पार्टी की सरकारें भी कई प्रदेशों में हुआ करती थी लेकिन तब भी कांग्रेस राजस्थान को उनके हिस्सा का पानी नहीं दिला पाई।

हेराल्ड हाउस छापामारी प्रतिशोध की कार्रवाई : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने यहां बहादुशाह ज़फर मार्ग में स्थित हेराल्ड हाउस में छापेमारी की निंदा करते हुए मंगलवार को कहा कि यह मोदी सरकार की मुख्य विपक्षी दल के साथ प्रतिशोध की करवाई का परिणाम है।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने कहा कि भारत के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के खिलाफ जारी प्रहार के तहत बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस पर छापेमारी की गई।

उन्होंने इस कार्रवाई को विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए कहा कि मोदी सरकार के विरुद्ध उठने वाली हर आवाज के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति की हम कड़ी भर्त्सना करते हैं। आप हमें चुप नहीं करा सकते। ईडीशाही बंद करो।

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने हेराल्ड मामले में लेनदेन को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से पूछताछ करने के बाद पिछले सप्ताह पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी कई घंटे तक पूछताछ की थी।

मोदी सरकार की तानाशाही से डरने नहीं, लड़ने की जरूरत : राहुल गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोगों का आह्वान किया है कि मोदी सरकार उसके खिलाफ बोलने वालों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है इसलिए उसकी तानाशाही से डरने की बजाय उसके खिलाफ लड़ने की जरूरत है।

गांधी ने मंगलवार को फेसबुक पर पोस्ट अपने एक संदेश में कहा कि आम जनता कांग्रेस की ताकत है और जिन लोगों को सरकार द्वारा सताया जा रहा है उन्हें खुद को अकेला समझने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस उनकी आवाज है और उनके साथ मिलकर उनकी लड़ाई लड़ेगी।

उन्होंने कहा कि तानाशाह के हर फ़रमान से जनता की आवाज़ दबाने की हर कोशिश से हमें लड़ना है। आपके लिए, मैं और कांग्रेस पार्टी लड़ते आ रहे हैं, और आगे भी लड़ेंगे। आज देश में किन मुद्दों पर विचार-विमर्श होना चाहिए, ये आप अच्छे से जानते हैं क्योंकि सरकार की हर ग़लत नीति का असर आपके जीवन पर पड़ रहा है।

गांधी ने कहा कि कांग्रेस संसद के चालू सत्र में सरकार से जनता के सवालों के जवाब मांगना चाह रही थी लेकिन सबने देखा है कि कैसे सरकार ने विपक्ष के सदस्यों को निलंबित करवाया और जब कांग्रेस ने सरकार की नीतियों का विरोध किया तो उन्हें गिरफ़्तार करवाया गया। सदन स्थगित करवाया गया और कल जब चर्चा हुई भी तो सरकार ने साफ कहा कि ‘महंगाई जैसी कोई समस्या है ही नहीं’!

उन्होंने कहा कि देश बेरोज़गारी की महामारी से जूझ रहा है, करोड़ों परिवारों के पास स्थिर आय का कोई साधन नहीं बचा। लेकिन सरकार सिर्फ़ एक ‘अहंकारी राजा’ की छवि चमकाने में अरबों रुपए फूंक रही है। महंगाई और ‘गब्बर सिंह टैक्स’ आम आदमी की आय पर सीधा प्रहार है। आज की वास्तविकता ये है कि आम इंसान अपने सपनों के लिए नहीं बल्कि दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहा है।

गांधी ने कहा कि सरकार चाहती है कि लोग बिना सवाल किए तानाशाह की हर बात को स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि मैं आप सबको विश्वास दिलाता हूं, इनसे डरने की और तानाशाही सहने की ज़रुरत नहीं है। ये डरपोक हैं, आपकी ताकत और एकता से डरते हैं, इसलिए उनपर लगातार हमला कर रहे हैं। अगर आप एकजुट हो कर इनका सामना करोगे, तो ये डर जाएँगे। मेरा आपसे वादा है, न हम डरेंगे और न इन्हें डराने देंगे।’

पीटीआई विदेशी फंडिंग मामले में दोषी, पाकिस्तान चुनाव आयोग का फैसला

इस्लामाबाद। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने निषिद्ध फंडिंग मामले में मंगलवार को अपने सर्वसम्मत फैसले में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को विदेश से प्रतिबंधित धन प्राप्त करने का दोषी ठहराया।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सिकंदर सुल्तान राजा के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय पीठ ने आज अपने फैसले में यह घोषणा की। ईसीपी के फैसला सुनाए जाने की घोषणा से पहले फ़ाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि पीटीआई को अबराज के संस्थापक आरिफ नकवी से संबंधित वूटन क्रिकेट क्लब से धन प्राप्त हुआ था और यह धन एक चैरिटी मैच के माध्यम से अर्जित किया गया था।

एफटी रिपोर्ट ने पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) को राजनीतिक सज्जा प्रदान किया और उन्होंने पीटीआई के संस्थापक सदस्य अकबर एस बाबर द्वारा 2014 में दायर किए गए मामले में फैसले की जल्द घोषणा की मांग की।

रिपोर्ट के मुताबिक बाबर ने खान को बार-बार समझाया कि पीटीआई के कुछ शीर्ष नेता वित्तीय गड़बड़ी में शामिल थे। इसके बावजूद पीटीआई अध्यक्ष ने उनकी तरफ से आंखें मूंद लीं और अंततः पूर्व-पीटीआई नेता ने पाकिस्तान चुनाव आयोग के समक्ष यह मामला उठाया।

सूत्रों ने यह भी कहा कि यदि पीटीआई सीईसी के खिलाफ जाएगी तो वह केवल खुद को ही नुकसान पहुंचाएगी। क्योंकि कुछ मामले जो पहले जनता की नजरों के सामने नहीं आए थे वे भी सुनवाई के दौरान सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि ईसीपी एक संवैधानिक संस्था है और हर हालत में संवैधानिक रास्ते पर चलती रहेगी।

बंगाल के मंत्री केन्द्रीय मंत्री के फोन नहीं उठाते, बात नहीं करते : प्रतिमा भौमिक

नई दिल्ली। लोकसभा में आज केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री प्रतिमा भौमिक के साथ सदन में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार के मंत्री जरूरी फोन नहीं उठाते और बात तक नहीं करते हैं।

प्रश्नकाल में प्रधानमंत्री दक्ष योजना के बारे में एक सवाल में भारतीय जनता पार्टी के सदस्य एस के आहलूवालिया ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार विलासिता में डूबी हुई है और विकास योजनाओं को लेकर हमारा (केन्द्र सरकार का) सहयोग नहीं कर रही है। इस कारण उनका जिला दक्ष योजना में शून्य पर है।

सवाल के जवाब में भौमिक ने कहा कि जिलाधिकारी क्या, मंत्री को दस दस बार फोन करें तो वे फोन नहीं उठाते हैं और उनके सहायक लोग मंत्री का फोन नंबर देने से डरते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि स्वरोजगार के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया जाये। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

इस योजना में 32 प्रकार की विधाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। सरकार आदिवासियों, दलितों, घूमंतू जातियों आदि सभी पिछड़े एवं वंचित वर्गाें को प्रशिक्षित करके रोज़गार से जोड़ना चाहती है। सरकार इसके लिए प्रचार माध्यम से जागरूकता अभियान चलाती है। भौमिक के जवाब का तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने विरोध करते हुए आरोप को गलत बताया और केन्द्रीय मंत्री के रवैये पर सवाल उठाए।

इसके बाद अधीर रंजन चौधरी ने भी कहा कि उनके मुर्शिदाबाद में भी दक्ष योजना में एनरोलमेंट शून्य है जबकि जिले की आबादी 80 लाख के करीब है। लेेकिन यह सही बात है कि कोई अधिकारी कोई मंत्री फोन नहीं उठाते हैं और बात नहीं करते हैं। ये उनकी आदत बन गई है। इस पर भौमिक ने कहा कि मुर्शिदाबाद से इच्छुक लोगों का ऑनलाइन आवेदन कराया जा सकता है।

शहड़ोल : प्रेमी की हत्या के मामले में प्रेमिका और उसका सहयोगी अरेस्ट

शहड़ोल। मध्यप्रदेश के शहड़ोल जिले में एक युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी प्रेमिका और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गोहपारू के संदीप की हत्या के मामले में उसकी पूर्व प्रेमिका काजल सोनी और उसके सहयोगी अफरोज को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस जांच में पता चला है कि संदीप विवाह के बाद भी काजल को परेशान करता था।

28 जुलाई को काजल ने संदीप को जंगल में बुलाया और उसके हाथ गमछे से वृक्ष में बांध दिए तथा बैग में रखे चाकू से पेट में कई वार किए, जिससे संदीप की मौत हो गयी। पुलिस ने चाकू, मोबाइल सहित कई साक्ष्य एकत्र कर आरोपी काजल सोनी और सहयोगी अफ़रोज़ को गिरफ्तार कर लिया है।

महिला अधिकारी ने बिल्डिंग की 5वीं मंजिल से छलांग लगाकर की आत्महत्या

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में एक महिला अधिकारी ने बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मंत्रालय के इंडस्ट्रियल डेवेपमेंट कॉरपोरेशन में मैनेजर के पद पर पदस्थ रानी शर्मा (27) शाहपुरा क्षेत्र के प्रधान अर्बन लाइफ में अपनी एक महिला साथी के साथ किराए के फ्लैट में रहती थीं। वह कल तड़के अपने फ्लैट की बॉलकनी से छला लगा दीं। उन्हें गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दमतोड़ दिया।

पुलिस पूछताछ में पता चला है कि महिला अधिकारी को काम को लेकर काफी दबाव था, जिसके चलते वह तनाव में रहतीं थीं और संभवत: इसी के चलते उन्होंने बिल्डिंग से छलांग लगा कर जान दे दी है। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। महिला अधिकारी मूलरूप से ग्वालियर की रहने वालीं थीं।

एमबीबीएस छात्रा ने हॉस्टल की छत से कूदकर की आत्महत्या

भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के हॉस्टल की तीसरी मंजिल से एमबीबीएस की एक छात्रा ने कूदकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार केरल निवासी मरियम मथाई भोपाल एम्स में एबीबीएस सेकंड ईयर की छात्रा थी। उसने दो दिन पूर्व गर्ल्स हॉस्टल की तीसरी मंजिल से नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली। छात्रा के आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच कर रही है।

ब्लूचिस्तान में राहत मिशन का सैन्य हेलीकॉप्टर लापता

कराची/क्वेटा। पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान में सोमवार रात वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को लेकर जा रहा एक हेलीकॉप्टर लापता हो गया। जो राहत मिशन पर जा रहा था।

इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि बलूचिस्तान के लासबेला में बाढ़ राहत कार्यों में लगे एक पाकिस्तानी सेना के हेलीकॉप्टर का हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) से संपर्क टूट गया। कुछ रिपोर्टों ने यह भी पता चला है कि पाकिस्तान तटरक्षक बल के महानिदेशक ब्रिगेडियर अमजद हनीफ सत्ती भी लापता हेलिकॉप्टर में सवार थे।

सेना के मीडिया विंग के अनुसार हेलीकॉप्टर का तलाश अभियान चल रहा है और जानकारी उपलब्ध होते ही अधिक विवरण जारी किया जाएगा। तलाशी अभियान के बारे में बताते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक खुजदार रेंज परवेज उमरानी ने बताया कि पुलिस और फ्रंटियर कोर के जवान पिछले पांच घंटे से संयुक्त तलाश अभियान चला रहे हैं।

जिस क्षेत्र में हेलिकॉप्टर लापता हुआ था वह पहाड़ी इलाका है। यहां तक कोई कार या जीप भी नहीं जा सकती है। इसके साथ ही तलाश और बचाव दलों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पहाड़ी इलाके तक पहुंचने के लिए या तो आप पैदल या फिर मोटरसाइकिल से जा सकते है। इसके अलावा हवाई निगरानी की जा सकती है।

गौरतलब है कि बलूचिस्तान के बाढ़ प्रभावित जिलों में कुछ हफ्तो से हेलीकॉप्टर सहित सैन्यकर्मी और उपकरण से राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कल भी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अख्तर नवाज के साथ बलूचिस्तान में थे। जैसे ही हेलीकॉप्टर के लापता होने की खबर मिली। कई प्रमुख हस्तियों ने इस पर चिंता व्यक्त की और उसमें सवार सभी लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की।

शरीफ ने ट्वीट किया कि सेना विमानन के हेलीकॉप्टर के लापता होने की खबर बेहद चिंताजनक हैं। बाढ़ राहत कार्यों में शामिल कर्मियों की सुरक्षा और वापसी के लिए पूरा देश अल्लाह के सामने सजदा करता है।

पंजाब के मुख्यमंत्री परवेज इलाही ने ट्वीट किया कि मैं हेलीकॉप्टर में सवार सैन्य अधिकारियों के सुरक्षित रहने के लिए इबादत कर रहा हूं। अल्लाह सभी सैन्य अधिकारियों की रक्षा करे।पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान ने ट्वीट किया कि सेना के हेलीकॉप्टर के लापता होने और उसमें सवार सभी लोगों के लिए इबादत करने की खबर से मैं बहुत चिंतित हूं। पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने भी अधिकारियों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की।