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कंपनियों ने खरीदे 1.50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के 5 जी स्पेक्ट्रम

नई दिल्ली। देश के इस वर्ष अक्टूबर के अंत तक 5 जी सेवायें शुरू करने के उद्देश्य से की गई स्पेक्ट्रम की नीलामी के आज समाप्त होने के साथ ही कंपनियों ने 150173 करोड़ रुपए में 51236 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम खरीदे हैं।

केन्द्रीय संचार, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज शाम पांच बजे नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संवाददाताओं को बताया कि इस नीलामी में चार कंपनियों ने विशेषकर भाग लिया और इन चारों ने कुल मिलाकर 150173 करोड़ रुपए के 51236 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम खरीदे हैं। ये कंपनियां कर वर्ष 13365 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी।

उन्होंने बताया कि इसमें अदाणी डेटा नेटवर्क, भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया सेलुलर शामिल है। रिलायंस जियो ने सबसे अधिक 88078 करोड़ रुपए में 24740 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम लिया है। भारती एयरटेल ने 48088 करोड़ में लिए 19867 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम, वोडाफोन आइडिया सेलुलर ने 18799 करोड़ रुपए में 6228 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम और अदाणी डेटा नेटवर्क ने 212 करोड़ रुपए में 400 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम लिया है।

उन्होंने कहा कि 10 अगस्त से पहले स्पेक्ट्रम आवंटित कर दिया जाएगा और इस वर्ष अक्टूबर तक देश में 5 जी सेवाएं शुरू किये जाने की संभावना है। मंत्री ने कहा कि नीलामी के लिए कुल मिलाकर 72098 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए पेश किया गया था जिसमें से करीब 70 प्रतिशत स्पेक्ट्रम के लिए कंपनियों ने बोलियां लगाई है। इसमें सबसे अधिक 80590 करोड़ रुपए 3300 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम की नीलामी से मिले हैं।

गुजराती सावन महीने के पहले सोमवार पर शिवमय हुआ गुजरात

अहमदाबाद। गुजराती सावन महीने के पहले सोमवार के अवसर पर राज्य के सभी शिवालयों में आज श्रद्धालुओं की भारी भीड उमड़ पड़ी और ओम नमः शिवाय के नाद से शिवालय गूंज उठे जिससे वातावरण शिवमय हो गया।

गिर सोमनाथ जिले के प्रभास पाटन में समुद्र के किनारे स्थित सोमनाथ मंदिर में आज तड़के चार बजे से ही भक्तों की लाइन लग गई। सोमनाथ महादेव को आलौकिक प्रात: श्रृंगार करने के बाद महापूजन किया गया। उसके बाद सोमनाथ महादेव की पालकी शोभायात्रा निकली।

इस अवसर पर हजारों लोगों ने महाआरती तथा सोमेश्वर महादेव के अभिषेक और विशेष पूजा की। महादेव के दर्शन करके श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। इस अवसर पर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से इस प्रथम शिवलिंग का मनोहारी श्रृंगार भी किया गया। मंदिर में भजन, कीर्तन तथा अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

प्रदेश के कच्छ, राजकोट, अंबाजी, महेसाणा, सूरत, जामनगर, पाटन, वडोदरा समेत सभी स्थानों पर शिवालयों में आज भारी भीड़ देखी गई। अहमदाबाद में नाराणपुरा के कामेश्वर महादेव मंदिर, घाटलोडिया के नीलकंठ मंदिर, साबरमती के श्रीओमकारेश्वर महादेव मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भी सभी शिवालयों में भक्तों ने जलाभिषेक और पूजन किया और भगवान शिव के दर्शन करने बड़ी संख्या में भक्त उमड़ पड़े। उल्लेखनीय है कि गुजरात में सावन की शुरुआत 28 जुलाई हरियाली अमावस्या से हुई है।

चित्तौड़गढ़ : भू संरक्षण विभाग का कनिष्ठ अभियंता 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कनिष्ठ अभियंता को पचास हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

ब्यूरो के निरीक्षक दयालाल ने बताया कि प्रार्थी अनिल खटीक ने परिवाद दर्ज करवाया कि वह जिस फर्म में प्रबंधक है उसका जिले के गंगरार स्थित भू संरक्षण विभाग अंतर्गत विभिन्न गावों में ड्रिप सिंचाई, बोरिंग एवं अन्य कार्य है जिनका करीब 48 लाख का बकाया बिल पास करने की एवज में कनिष्ठ अभियंता फूलचंद स्वामी 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है।

सूत्रों के अनुसार 19 जुलाई को शिकायत के सत्यापन के बाद आज कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित पार्किंग में आरोपी ने प्रार्थी से रिश्वत राशि लेकर अपनी कार में रखी तो पहले से मौजूद ब्यूरों के दल ने उसे पकड़कर रिश्वत राशि बरामद कर ली। आरोपी को उसके गंगरार स्थित आवास ले जाया गया है जहां तलाशी जारी है।

अंचिता शुली ने CWG रिकॉर्ड के साथ भारत को दिलाया तीसरा स्वर्ण

बर्मिंघम। भारोत्तोलक अंचिता शुली ने राष्ट्रमंडल खेलों में 73 किग्रा वर्ग में नया गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए भारत को इन खेलों का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया है। 20 साल के अचिंता शुली ने स्नैच में 143 और क्लीन एन्ड जर्क में 170 किलो सहित कुल 313 किग्रा वजन उठाया।

इस स्वर्ण के साथ भारत के कुल 6 मेडल हो गए हैं। भारत का यह मेडल भी वेटलिफ्टिंग में ही आया है। अचिंता शुली ने स्नैच में 143 किलो वजन उठाया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड है। उन्होंने क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में 166 किलो वजन उठाया। दूसरे प्रयास में फेल होने के बाद तीसरे में उन्होंने 170 किलो का वजन उठाया। अचिंता शुली ने कुल 313 किलो का वजन उठाते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया।

मलेशिया के एरी हिदायत ने सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने कुल 303 किलोग्राम वजन उठाया। कनाडा को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। मुकाबला शुरू होने से पहले ही अचिंता शुली जीत के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। उन्होंने 2021 में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। 2021 में ही जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने अपने नाम सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।

बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का यह छठा मेडल है। देश को सभी मेडल वेटलिफ्टिंग में ही मिले हैं। अचिंता शुली से पहले मीराबाई चानू और जेरेमी लालरिनुंगा ने भी वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। संकेत महादेव सरगर और बिंदियादेवी रानी ने सिल्वर मेडल जीता था। गुरुराज पुजारी को ब्रॉन्ज मिला था। भारत के तीन गोल्ड, दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल हो गए हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत वेटलिफ्टिंग में सबसे ज्यादा मेडल जीतने वाला देश भी है। अभी तक 7 इवेंट हुए हैं और इनके सिर्फ एक में भारत को मेडल नहीं मिला।

जबलपुर के निजी अस्पताल में आग लगने से 8 लोगों की मौत

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्थित एक निजी अस्पताल में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई। जिसमें तीन मरीज सहित एक पुरुष व दो महिला स्टाॅफ के अलावा एक मरीज को देखने आए दो व्यक्ति शामिल है।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा के अनुसार शिवनगर स्थित न्यू लाईव मल्टी स्पेश्लिस्ट हॉस्पिटल में आग लगने के कारण आठ व्यक्तियों की मौत हो गई। जिसमें से तीन मरीज सहित एक पुरूष तथा दो महिला स्टॉफ थी। इसके अलावा दो व्यक्ति एक मरीज को देखने आए थे। अस्पताल में भर्ती तीन मरीजों को आज सुबह की डिस्चार्ज किया गया था।

बहुगुणा के अनुसार अस्पताल के बाहर रखे जनरेटर में स्पार्किंग होने के कारण यह घटना घटी। आग लगने के कारण अस्पताल में नीचे तल में चल रही ओपीडी के व्यक्ति बाहर आ गए थे। पहले तल में स्थित आईसीसीयू वार्ड के व्यक्ति नहीं निकल पाते इसके पहले ही आग ने विकरात रूप धारण कर लिया था। अस्पताल की बिल्डिंग पूरी तरह जल गई।

सूचना मिलने पर दमकल व पुलिस अमला घटनास्थल में पहुंच गया था। उन्होंने आईसीसीयू से 13 व्यक्यिों को बाहर निकाला। इस बीच कई लोग आग से झुलस गए थे और कई धुंए के कारण सांस नहीं लेने के कारण बेहोश हो गए थे। जिन्हे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। जिसके से आठ व्यक्तिों की मौत हो गई तथा दो व्यक्ति की हालत गंभीर है। तीन व्यक्तियों की हालत खतरे से बाहर है।

कलेक्टर इलैयाराजा टी ने बताया कि घटना की जांच के लिए कमेटी गठित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी जांच करेगी और नियम के उल्लंधन में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

मध्य उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनय सक्सेना ने घटना की जानकारी मिलने पर अपरान्ह 2.40 बजे नगर निगम को फोन किया। उन्होंने दमकल कर्मियों को बताया कि पहली मंजिल में लोग फंसे हुए। दमकल कर्मी सीढी की मदद से तीन व्यक्तियों को बाहर निकाला। दमकल कर्मियों ने एक घंटे की कडी मशक्कत के बाद शाम 4 बजे तक आग में काबू प्राप्त कर घायलों को बाहर निकालकर उपचार के लिए भिजवाया।

इस घटना की जानकारी मिलने पर कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक घटना स्थल पर पहुंचे। संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी घटित कर दी है। कमेटी में संभागायुक्त बी चंद्रशेखर के अलावा संयुक्त संचालक स्वास्थ संजय मिश्रा, संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश आर के सिंह तथा अधीक्षक यंत्री विद्युत सुरक्षा अरविंद बोहरे सदस्य होगे।

कमेटी को अग्नि दुर्घटना के कारण, फायर सेफटी तथा इलेक्टिकल सेफटी की अनुमतियां तथा नगर पालिका अधिनियम के प्रावधान अनुसार भवन अनुज्ञा संबंधित अनुमत्यिों तथा क्रियान्वयन के संबंध में जांच करेगी।

मुख्य सचिव को नजर बनाए रखने के निर्देश : शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जबलपुर के एक अस्पताल में अग्नि दुर्घटना के मामले में मुख्य सचिव को नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। चौहान ने ट्वीट करते हुए हादसे के बारे में कहा कि वे स्थानीय प्रशासन और कलेक्टर से संपर्क में हैं। मुख्य सचिव को संपूर्ण मामले पर नजर बनाए रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं। राहत एवं बचाव के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

पति ने पत्नी की हत्या के आरोप काटी सजा, वह अपनी बहन के घर मिली सुरक्षित

बहराइच। उत्तर प्रदेश में बहराइच के रामगांव क्षेत्र में एक शख्स अपनी पत्नी के अपहरण और हत्या के आरोप में 10 वर्ष की सजा काट रहा था, वह महिला अपनी बहन के घर सुरक्षित बरामद हुई है। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को न्यायालय में पेश करने के बाद वन स्टॉप सेंटर भेज दिया। फिलहाल आरोपी पति जमानत पर बाहर है।

पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि थाना रामगांव इलाके के जमापुर गांव के रहने वाले कंधई की शादी साल 2006 में गांव की ही रहने वाली रामवती से हुई थी। वर्ष 2009 में रामवती ससुराल से अचानक लापता हो गई।

रमावती के मायके वालों ने अदालत की शरण लेकर पति समेत चार लोगों पर अपहरण और हत्या का केस दर्ज करा दिया। वर्ष 2017 में पति कंधई को न्यायालय ने 10 वर्ष की सजा सुनाई। सजा के बाद कंधई ने हाईकोर्ट में अपील की, कुछ महीनों बाद उसको जमानत मिल गई।

जानकारी के अनुसार जिस पत्नी के अपहरण व हत्या के आरोप में कंधई (पति) 12 साल से कोर्ट के चक्कर काट रहा है। वह बीते गुरुवार को अपने बहन के यहां मिली। जानकारी होते ही पूरा गांव इकट्ठा हो गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना पाते ही रामगांव थानाध्यक्ष संजय सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे, महिला रामवती को वहां मौजूद पाया। सुरक्षा के मद्देनजर महिला सिपाहियों की मौजूदगी में रामवती को लेकर कोर्ट में पेश किया गया और उसके बाद वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी हुई है।

लोकसभा में पक्ष, विपक्ष में टूटा गतिरोध, 4 कांग्रेस सदस्यों का निलंबन खत्म

नई दिल्ली। कांग्रेस द्वारा सदन में नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करने एवं तख्तियां नहीं लाने के आश्वासन के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर कांग्रेस के चार सदस्यों के निलंबन को आज वापस ले लिया गया।

कांग्रेस के चार सदस्यों ज्याेतिमणि, मणिक्कम टैगोर, टीएन प्रतापन एवं रमैया हरिदास को 25 जुलाई काे तख्तियां दिखाने एवं आसन के इर्दगिर्द जमा हो कर शोरशराबा एवं हंगामा करने पर पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद सदन में कांग्रेस ने कार्यवाही में भाग नहीं लिया था।

आज दो बार के स्थगन के बाद सदन के समवेत होने पर गतिरोध टूटा। सूत्रों के अनुसार बिरला ने अपराह्न सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई और लोकसभा की उत्पादकता घटने पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार उनकी मांग के मुताबिक सदन में महंगाई पर चर्चा सूचीबद्ध है और सदन में विपक्ष का हंगामा बंद करके उनके इच्छित विषय पर चर्चा होनी चाहिए।

अपराह्न दो बजे सदन में अध्यक्ष ओम बिरला के आग्रह पर संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कांग्रेस के चारों सदस्यों का निलंबन समाप्त करने का प्रस्ताव पेश किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से स्वीकृति प्रदान की और इसके बाद सदन में कांग्रेस की मांग केे अनुरूप नियम 193 के तहत महंगाई पर चर्चा शुरू हुई।

इससे पहले अध्यक्ष बिरला ने कहा कि सदन में हुई घटनाओं से सब आहत हैं। मैं भी आहत हुआ हूं, देश को भी पीड़ा पहुंची है। यह संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है। यहां की संसदीय परम्परा पर हम सब को गर्व है। चर्चा-संवाद और सकारात्मक बहस से सदन को प्रतिष्ठा मिली है। हमारे पूर्ववर्ती अध्यक्षों और सदस्यों ने मर्यादा और परम्पराओं को निभाया है। इस मर्यादा-शालीनता की रक्षा करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। विषयों पर सहमति-असहमति हो सकती है। लेकिन हमने सदन की गरिमा को बनाए रखा है।

चर्चा-संवाद, तर्क-वितर्क हो, विषयों पर बात हो। सभी दलों के नेता और सदस्य चाहते हैं कि सदन चले। सदन चलता है तो सबको पर्याप्त समय और अवसर देता हूं। सदस्य व्यक्तिगत तौर पर भी इसके लिए आग्रह करता हैं। आजादी के अमृतकाल में हत जनकल्याण के लिए सामूहिक पहल करें। नियम-प्रक्रियाओं की पालन कर इस सर्वोच्च सदन की मर्यादा बनाए रखेंगे। ऐसा देश की जनता हम पर विश्वास रखती है।

इस पर कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हम दूर दराज से इस सदन में चुन कर आते हैं चर्चा एवं बहस के लिए ताकि आम लोगों की तकलीफों का निवारण हो सके। सदन में कोई बड़ा छोटा नहीं होता। हम भी चाहते हैं कि सदन की प्रतिष्ठा नहीं गिरे लेकिन सत्ता पक्ष को अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सदन से निलंबित चार सदस्यों का निलंबन समाप्त किया जाए।

अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री इस आशय का प्रस्ताव लाएंगे लेकिन उन्हें आश्वासन देना होगा कि सदस्य तख्तियां लेकर नहीं आएंगे। उन्हें अंतिम बार मौका दिया जाएगा।

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार सदन की उत्पादकता बढ़ाने का प्रयास कर रही है। अभी महंगाई पर चर्चा होनी थी। हमने कहा था कि वित्त मंत्री कोविड से स्वस्थ होकर आ जाएंगी तो चर्चा कराई जाएगी। वित्त मंत्री सदन में आ चुकी हैं और हम चर्चा कराने के लिए तैयार हैं। लेकिन विपक्ष को वादा करना होगा कि सदस्य तख्तियां लेकर नहीं आएंगे।

चौधरी ने कहा कि विपक्ष नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करेगा। इस पर बिरला ने हस्तक्षेप किया और कहा कि सदन में कोई तख्ती लेकर नहीं आएगा। क्या सब सहमत हैं, इस पर सभी ने सहमति प्रदान की। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री ने निलंबित सदस्यों के निलंबन को समाप्त करने का प्रस्ताव किया जिसे स्वीकृति मिल गई और इसके बाद महंगाई पर चर्चा शुरू हो गई। कांग्रेस के मनीष तिवारी ने महंगाई पर चर्चा शुरू की।

पश्चिम बंगाल में करंट लगने 10 तीर्थयात्रियों की मौत, 16 घायल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कूचबिहार जिले के चंगराबंध में सोमवार को बिजली करंट की चपेट में आकर कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और अन्य 16 लोग घायल हो गए।

पुलिस ने बताया कि घटना उस समय हुई जब भारी बारिश में एक पिकअप वैन में साउंड बॉक्स को रखकर तीर्थयात्री जलपेश मंदिर में भगवान शिव के दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान साउंड बॉक्स में करंट आ गया और उसकी चपेट में आकर 10 लोगों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायलों को जलपाईगुड़ी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सभी यात्री सीताकुची पुलिस थाना क्षेत्र के रहने वाले थे और इनके परिवार को हादसे की जानकारी दे दी गई है। वाहन को जब्त कर लिया गया है लेकिन ड्राइवर अभी फरार है। माथाभंगा के अतिरिक्त एसपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि यह जनरेटर (डीजे सिस्टम) की वायरिंग के कारण हो सकता है जो वाहन के पिछले हिस्से में लगाया गया था।

वरद विनायक (दूर्वा) चतुर्थी महात्म्य, विधि एवं कथा

सबगुरु न्यूज। प्रत्येक चंद्र माह में दो चतुर्थिया पड़ती हैं। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार चतुर्थी भगवान गणेश की तिथि है। शुक्ल पक्ष के दौरान अमावस्या या अमावस्या के बाद की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के रूप में जाना जाता है और कृष्ण पक्ष के दौरान पूर्णिमा या पूर्णिमा के बाद पड़ने वाले चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी के रूप में जाना जाता है। इस वर्ष वरद विनायक दूर्वा चतुर्थी 10 अगस्त सोमवार के दिन पड़ रही है।

भगवान श्री गणेश जी को चतुर्थी तिथि का अधिष्ठाता माना जाता है तथा ज्योतिष शात्र के अनुसार इसी दिन भगवान गणेश जी का अवतरण हुआ था इसी कारण चतुर्थी भगवान गणेश जी को अत्यंत प्रिय रही है। विघ्नहर्ता भगवान गणेश समस्त संकटों का हरण करने वाले होते हैं. इनकी पूजा और व्रत करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

वरद विनायक (दूर्वा) श्रीगणेश चतुर्थी का व्रत भारतीय पञ्चाङ्ग के अनुसार श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है. इस दिन दान करने का अधिक महत्व होता है. इस दिन गणेश भगवान को मोदक का भोग लगाया जाता है. भगवान गणेश का स्थान सभी देवी-देवताओं में सर्वोपरि है. गणेश जी को सभी संकटों को दूर करने वाला तथा विघ्नहर्ता माना जाता है. जो भगवान गणेश की पूजा-अर्चना नियमित रूप से करते हैं उनके घर में सुख व समृद्धि बढ़ती है।

गणेश जी से जुड़े पौराणिक तथ्य

1 किसी भी देव की आराधना के आरम्भ में किसी भी सत्कर्म व अनुष्ठान में, उत्तम-से-उत्तम और साधारण-से-साधारण कार्य में भी भगवान गणपति का स्मरण, उनका विधिवत पूजन किया जाता है। इनकी पूजा के बिना कोई भी मांगलिक कार्य को शुरु नहीं किया जाता है। यहाँ तक की किसी भी कार्यारम्भ के लिए ‘श्री गणेश’ एक मुहावरा बन गया है। शास्त्रों में इनकी पूजा सबसे पहले करने का स्पष्ट आदेश है।

2 गणेश जी की पूजा वैदिक और अति प्राचीन काल से की जाती रही है। गणेश जी वैदिक देवता हैं क्योंकि ऋग्वेद-यजुर्वेद आदि में गणपति जी के मन्त्रों का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

3 शिवजी, विष्णुजी, दुर्गाजी, सूर्यदेव के साथ-साथ गणेश जी का नाम हिन्दू धर्म के पाँच प्रमुख देवों (पंच-देव) में शामिल है। जिससे गणपति जी की महत्ता साफ़ पता चलती है।

4 ‘गण’ का अर्थ है – वर्ग, समूह, समुदाय और ‘ईश’ का अर्थ है – स्वामी। शिवगणों और देवगणों के स्वामी होने के कारण इन्हें ‘गणेश’ कहते हैं।

5 शिवजी को गणेश जी का पिता, पार्वती जी को माता, कार्तिकेय (षडानन) को भ्राता, ऋद्धि-सिद्धि (प्रजापति विश्वकर्मा की कन्याएँ) को पत्नियाँ, क्षेम व लाभ को गणेश जी का पुत्र माना गया है।

6 श्री गणेश जी के बारह प्रसिद्ध नाम शास्त्रों में बताए गए हैं; जो इस प्रकार हैं: 1. सुमुख, 2. एकदंत, 3. कपिल, 4. गजकर्ण, 5. लम्बोदर, 6. विकट, 7. विघ्नविनाशन, 8. विनायक, 9. धूम्रकेतु, 10. गणाध्यक्ष, 11. भालचंद्र, 12. गजानन।

7 गणेश जी ने महाभारत का लेखन-कार्य भी किया था। भगवान वेदव्यास जब महाभारत की रचना का विचार कर चुके तो उन्हें उसे लिखवाने की चिंता हुई। ब्रह्माजी ने उनसे कहा था कि यह कार्य गणेश जी से करवाया जाए।

8 पौराणिक ग्रंथों के अनुसार ॐ को साक्षात गणेश जी का स्वरुप माना गया है। जिस प्रकार प्रत्येक मंगल कार्य से पहले गणेश-पूजन होता है, उसी प्रकार प्रत्येक मन्त्र से पहले ॐ लगाने से उस मन्त्र का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

गणेश जी और दूर्वा की कथा

हम सभी यह जानते हैं कि श्री गणेश को दूर्वा बहुत प्रिय है। दूर्वा को दूब भी कहा जाता है। यह एक प्रकार की घास होती है, जो सिर्फ गणेश पूजन में ही उपयोग में लाई जाती है। आखिर श्री गणेश को क्यों इतनी प्रिय है दूर्वा? इसके पीछे क्या कहानी है? क्यों इसकी 21 गांठे ही श्री गणेश को चढ़ाई जाती है?

एक पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीनकाल में अनलासुर नाम का एक दैत्य था, उसके कोप से स्वर्ग और धरती पर त्राहि-त्राहि मची हुई थी। अनलासुर एक ऐसा दैत्य था, जो मुनि-ऋषियों और साधारण मनुष्यों को जिंदा निगल जाता था। इस दैत्य के अत्याचारों से त्रस्त होकर इंद्र सहित सभी देवी-देवता, ऋषि-मुनि भगवान महादेव से प्रार्थना करने जा पहुंचे और सभी ने महादेव से यह प्रार्थना की कि वे अनलासुर के आतंक का खात्मा करें।

तब महादेव ने समस्त देवी-देवताओं तथा ऋषि-मुनियों की प्रार्थना सुनकर, उनसे कहा कि दैत्य अनलासुर का नाश केवल श्री गणेश ही कर सकते हैं। फिर सबकी प्रार्थना पर श्री गणेश ने अनलासुर को निगल लिया, तब उनके पेट में बहुत जलन होने लगी। इस परेशानी से निपटने के लिए कई प्रकार के उपाय करने के बाद भी जब गणेशजी के पेट की जलन शांत नहीं हुई, तब कश्यप ऋषि ने दूर्वा की 21 गांठें बनाकर श्री गणेश को खाने को दीं। यह दूर्वा श्री गणेशजी ने ग्रहण की, तब कहीं जाकर उनके पेट की जलन शांत हुई। ऐसा माना जाता है कि श्री गणेश को दूर्वा चढ़ाने की परंपरा तभी से आरंभ हुई।

गणेश दूर्वा चतुर्थी व्रत विधि

सुबह स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए. उसके उपरान्त एक स्वच्छ आसन पर बैठकर भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान भगवान गणेश की धूप-दीप आदि से आराधना करनी चाहिए। विधिवत तरीके से भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। फल,फूल, अक्षत, रौली,मौली, पंचामृत से स्नान आदि कराने के पश्चात भगवान गणेश को घी से बनी वस्तुओं या लड्डुओं का भोग लगाना चाहिए।

इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को लाल वस्त्र धारण करने चाहिए। पूजा करते समय पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। विधिवत तरीके से भगवान गणेश की पूजा करने के बाद उसी समय गणेश जी के मंत्र ॐ गणेशाय नम: का 1008 बार जाप करना चाहिए। इसी के साथ गणेश गायत्री मंत्र –

एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

का जाप करते हुए पूजन करना चाहिए। संध्या समय में कथा सुनने के पश्चात गणेश जी की आरती करनी चाहिए. इससे आपको मानसिक शान्ति मिलने के साथ आपके घर-परिवार के सुख व समृद्धि में वृद्धि होगी।

वरद विनायक (दूर्वा) चतुर्थी व्रत कथा

गणेश चतुर्थी के संबंध में एक कथा जग प्रसिद्ध है। कथा के अनुसार एक बार माता पार्वती के मन में ख्याल आता है कि उनका कोई पुत्र नहीं है। ऐसे में वे अपने मैल से एक बालक की मूर्ति बनाकर उसमें जीव भरती हैं। इसके बाद वे कंदरा में स्थित कुंड में स्नान करने के लिए चली जाती हैं। परंतु जाने से पहले माता बालक को आदेश देती हैं कि किसी परिस्थिति में किसी को भी कंदरा में प्रवेश न करने देना।

बालक अपनी माता के आदेश का पालन करने के लिए कंदरा के द्वार पर पहरा देने लगता है। कुछ समय बीत जाने के बाद वहां भगवान शिव पहुंचते हैं। शिव जैसे ही कंदरा के भीतर जाने के लिए आगे बढ़ते हैं बालक उन्हें रोक देता है। शिव बालक को समझाने का प्रयास करते हैं लेकिन वह उनकी एक न सुना, जिससे क्रोधित हो कर भगवान शिव अपनी त्रिशूल से बालक का शीश धड़ से अलग कर देते हैं।

इस अनिष्ट घटना का आभास माता पार्वती को हो जाता है। वे स्नान कर कंदरा से बाहर आती हैं और देखती है कि उनका पुत्र धरती पर प्राण हीन पड़ा है और उसका शीश कटा है। यह दृष्य देख माता क्रोधित हो जाती हैं जिसे देख सभी देवी-देवता भयभीत हो जाते हैं। तब भगवान शिव गणों को आदेश देते हैं कि ऐसे बालक का शीश ले आओ जिसकी माता का पीठ उस बालक की ओर हो।

गण एक हथनी के बालक का शीश लेकर आते हैं शिव गज के शीश को बाल के धड़ जोड़कर उसे जीवित करते हैं। इसके बाद माता पार्वती शिव से कहती हैं कि यह शीश गज का है जिसके कारण सब मेरे पुत्र का उपहास करेंगे। तब भगवान शिव बालक को वरदान देते हैं कि आज से संसार इन्हें गणपति के नाम से जानेगा। इसके साथ ही सभी देव भी उन्हें वरदान देते हैं कि कोई भी मांगलिक कार्य करने से पूर्व गणेश की पूजा करना अनिवार्य होगा। यदि ऐसा कोई नहीं करता है तो उसे उसके अनुष्ठान का फल नहीं मिलेगा।

गणेश जी की आरती

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी,
माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी।
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा।।
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी।

पाकिस्तान के कराची में समुद्र तट पर छह बच्चे डूबे

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के दक्षिणी बंदरगाह शहर कराची में पिछले 24 घंटों के दौरान दो अलग-अलग हादसों में कम से कम छह बच्चे अरब सागर में डूब गए। एक बचाव संगठन ने रविवार को यह जानकारी दी। संगठन के मुताबिक शनिवार को शहर के हॉक्स बे बीच पर दो किशोर डूब गए। हादसे के समय दोनों युवक अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गए थे।

ईधी फाउंडेशन ने कहा कि घंटों के तलाश अभियान के बाद दोनों के शव बरामद कर लिए गए। एक शव शनिवार शाम और दूसरा रविवार सुबह मिला। बचाव संगठन ने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। वहीं, हॉक्स बे स्थित टर्टल बीच के पास रविवार को तैराकी के दौरान चार युवकों की डूबने से मौत हो गई।

फाउंडेशन ने कहा कि दो शव मिले हैं जबकि शेष दो की तलाश की जा रही है। फाउंडेशन ने बताया कि सभी पीड़ित वहां पिकनिक मनाने गए थे। पुलिस ने आगंतुकों को समुद्र तट में प्रवेश करने से रोक दिया है, क्योंकि इन दिनों मानसून की बारिश के कारण समुद्र का जलस्तर बढ़ गया है।