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राष्ट्रपति से मिलने जा रहे राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कई नेता हिरासत में

नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि सरकार के तानाशाही रवैए के खिलाफ पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई नेता नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन जा रहे थे तो उन्हें जाने से रोका गया और राहुल गांधी सहित सभी नेताओं को हिरासत में लिया गया।

गांधी ने सरकार की रवैये को तानाशाही करार देते हुए कहा कि तानाशाही देखिए, शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं कर सकते, महंगाई और बेरोज़गारी पर चर्चा नहीं कर सकते। पुलिस और एजेंसियों का दुरूपयोग करके, हमें गिरफ़्तार करके भी, कभी चुप नहीं करा पाओगे। ‘सत्य’ ही इस तानाशाही का अंत करेगा।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने कहा कि मानसून सत्र के आरंभ से अब तक संसद में कोई काम नहीं हो पाया है। विपक्ष महंगाई के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है लेकिन सरकार विपक्षी दलों की बात सुनने को तैयार नहीं है। हक की लड़ाई लड़ रहे कांग्रेस के चार लोकसभा सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने हक की लड़ाई लड़ रही है और उसके सांसद आज राष्ट्रपति को यह बताने जा रहे थे कि सरकार के अड़ियल रवैये के कारण संसद नहीं चल रही है लेकिन उन्हें राष्ट्रपति से मिलने की अनुमति नहीं दी गई है।

एक विलेन रिटर्न्स में इंटीमेट सीन करने में सहज रही दिशा पटानी

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पटानी का कहना है कि फिल्म एक विलेन रिटर्न्स में जॉन अब्राहम के साथ इंटीमेट सीन करने में वह सहज रही।

एक विलेन रिटर्न्स में जॉन अब्राहम, अर्जुन कपूर, दिशा पाटनी और तारा सुतारिया ने मुख्य भूमिका निभाई है। इस फिल्म में जॉन अब्राहम और दिशा पाटनी की कई इंटीमेंट सीन्स देखने को मिलेंगे।

दिशा पटानी ने जॉन के साथ इंटीमेंट सीन्स किये जाने को लेकर कहा कि जब आप इंटीमेंट सीन्स कर रहते हैं तो सबसे बड़ा फ्रक यह पड़ता है कि आप इन सीन्स को कर किसके साथ रहे हो। जॉन मुझे हर बिंदु पर सहज महसूस करा रहे थे और ईमानदारी से कहूं मुझे कोई शिकायत नहीं है।

गौरतलब है कि मोहित सूरी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘एक विलेन रिटर्न्स’ 29 जुलाई 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म को एकता कपूर को बालाजी मोशन पिक्चर, टी-सीरीज के साथ मिलकर प्रोड्यूस कर रहा है।

भीलवाड़ा में मूसलाधार वर्षा से सड़कें बनी दरिया, जनजीवन अस्त व्यस्त

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में मूसलाधार बारिश होने से कई निचले इलाकों में घरों में पानी भर गया और जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। सोमवार रात हुई तेज बारिश में एक कार के अंडरपास में भरे पानी में फंस जाने से दो लोगों को सुरक्षित बचाया गया।

पुराने शहर के बड़े मंदिर इलाके की सड़कों पर नदी की तरह पानी बहने लगा और निचले क्षेत्रों में स्थित घरों में पानी भर गया। तिलक नगर, नेहरू रोड एवं बस स्टैंड पर यह स्थिति नजर आई। तिलक नगर जाने वाले रास्ते पर नाला उफान पर होने से एक रोडवंज बस भी वहां फंस गई।

बांगड़ अस्पताल के बाहर सड़क पर कारे पानी में आधी डूब गई है और जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। भीलवाड़ा में आठ इंच से ज्यादा बारिश होने से शहर में पानी ही पानी नजर आने लगा।

अजमेर रोड पर बाइस्कोप के पास अंडर ब्रिज में भरे पानी में कार फंस जाने से उसमें दो लोग फंस गए बाद में आसपास के लोगों ने मशक्कत कर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जबकि विजय सिंह पथिक नगर क्षेत्र में भी पानी के भराव में एक कार पानी में डूब गई। कलेक्टर आशीष मोदी ने सभापति राकेश पाठक के साथ मोटरसाइकिल से जलभराव क्षेत्रों का जायजा लिया है और बचाव कार्य शुरू किए हैं।

अजमेर : संगम मति माताजी चतुर्मास पत्रिका का भव्य विमोचन

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अजमेर। आचार्य विद्यासागर तपोवन में चल रहे पावन चतुर्मास की पत्रिका का भव्य विमोचन हुआ। गणिनी आर्यिका गुरु मां 105 श्री संगममति माता जी के पावन सान्निध्य में हो रहे इस चतुर्मास में बढ़-चढ़कर धर्म प्रभावना हो रही है। संपूर्ण चतुर्मास के कार्यक्रमों को लेकर इस भव्य पत्रिका का विमोचन किया गया।

संगम मति माताजी ने कहा कि यह पत्रिका चातुर्मास का आईना है। संपूर्ण चतुर्मास के कार्यक्रमों की रूपरेखा है। इन्हीं कार्यक्रमों की रूपरेखा से आप अपनी जीवनशैली बना लीजिए और चातुर्मास से जुड़ जाइए। जागृति मंच द्वारा संघ संचालिका सोनम अजीत विनायका का भी आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने बहुत ही सुंदर तरीके से पत्रिका को तैयार किया।

चातुर्मास पत्रिका का भव्य विमोचन मैं सामाजिक संसद के अध्यक्ष प्रदीप पाटनी, जागृति मंच के चातुर्मास अध्यक्ष सुनील जैन होकरा, महेश गंगवाल, महेंद्र बाकलीवाल, कमल सोगानी, कमल बड़जात्या, सुनील पालीवाल, महावीर अजमेरा आदि उपस्थित थे। संपूर्ण समाज की उपस्थिति में हुए इस भव्य विमोचन के विमोचन करने वाले सभी परिवार का सम्मान किया गया।

आज सरस्वती प्रदीप पाटनी ने श्रीजी के समक्ष अखंड ज्योत लगाकर पुण्य का संचय किया। मंजू लता, अनुराग गोधा परिवार ने णमोकार मंत्र अनुष्ठान में दीप प्रज्वलन एवं माता जी पाद प्रक्षालन की। रात्रि में 8 से 9 बजे णमोकार महामंत्र अनुष्ठान का भव्य आयोजन नियमित रूप से चल रहा है और सैकड़ों से अधिक श्रद्धालु गण यहां णमोकार का जाप कर रहे हैं। प्रातः कालीन प्रवचन में प्रत्येक दिन अभी छह डाला पुस्तक की विवेचना चल रही है जिसमें श्रद्धालु गण माता जी के मुखारविंद से ज्ञान की प्राप्ति कर रहे हैं।

दशम पुष्कर अखंड आनंद तीर्थ प्रदक्षिणा पदयात्रा, श्रद्धालु कमा रहे धर्म लाभ

पुष्कर। अखिल विश्व गायत्री परिवार राजस्थान गायत्री शक्तिपीठ द्वारा आयोजित दशम पुष्कर अखंड अरण्य तीर्थ प्रदक्षिणा के तीसरे दिन आज पदयात्रा थावला से यज्ञ एवं हवन कर प्रारंभ होकर भारी बरसात के बीच प्राचीन ऎतिहासिक एवं पुरातत्व महत्व के मंदिरों के दर्शन करती हुई कड़ेल पहुंची।

पदयात्रा में राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री धर्मेंद्र राठौड़ ने सपत्निक भृर्तहरी मंदिर, गोरखनाथ पीठ, भैरव मंदिर, बालाजी का मंदिर आदि के दर्शन करते हुए बांडी घाटी होते हुए कडैल तक पदयात्रा की।

पदयात्रा के दौरान निगम अध्यक्ष राठौड़ ने पौधारोपण किया एवं पदयात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। पदयात्रा का पूर्व विधायक डॉ श्रीगोपाल बाहेती ने कड़ेल में भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर निगम अध्यक्ष राठौड़ ने ग्रामीणों से जनसंवाद किया।

भारी बरसात के बावजूद पद यात्रियों का उत्साह एवं जोश देखने लायक था। आज यज्ञउपरांत भैरवनाथ मंदिर, भृर्तहरी की तप स्थली, बालाजी मोड़, बांडी घाटी, तिलोरा, डूंगरिया खुर्द, रेवन्त होती हुई कड़ेल पहुंची। गायत्री शक्तिपीठ द्वारा निकाली गई रथ यात्रा रातादुण्डा, कल्याणपुरा, सनेडिया, पीह, रघुनाथपुरा, बांसेली, चित्रकूट धाम, देवनगर होती हुई कडैल पहुंची और रात्रि विश्राम किया।

गायत्री शक्ति पीठ द्वारा निकाली जा रही यात्रा बुधवार को यज्ञउपरांत मझेवला, ऋषि तप स्थली बैजनाथ धाम, मार्कंडेय आश्रम, बाहदर माता होती हुई बूढ़ा पुष्कर पहुंचेगी। वही रथ यात्रा कंवलाई, बस्सी, सिड़िया वास, बवाल माता, मायापुर, खुंडियास, बबायचा, अरडका, नरवर, चचियावास, होती हुई बूढ़ा पुष्कर पहुंचेगी।

भारी बरसात के बावजूद आज पदयात्रा जारी रही। पदयात्रा में निगम अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़ के साथ दातार सिंह, राजेंद्र सिंह, गोपी सिंह रावत, महेंद्र सिंह मझेवाला, घनश्याम सिंह राठौड़, ओम प्रकाश अग्रवाल, टीआर शर्मा, गोपाल स्वामी, साहब सिंह, सीताराम पारीक, विष्णु सिंह राठौड़, कृपाल सिंह राठौड़ सहित सैकड़ों यात्री शामिल रहे।

शिक्षा विभाग में मंत्रालयिक संवर्ग केडर रिव्यू की स्वीकृति जारी

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बीकानेर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और शिक्षा मंत्री ने वित्त विभाग की स्वीकृति के तहत शिक्षा विभाग (प्रारंभिक एवं माध्यमिक) में मंत्रालयिक संवर्ग केडर रिव्यू कर कई पदों में वृद्धि की गई है। इसके तहत संस्थापन अधिकारी के 230 पद, प्रशासनिक अधिकारी के 697, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के 1799, सहायक प्रशासनिक अधिकारी के 1864 तथा वरिष्ठ सहायक के 40 में बढोतरी हुई है।

शिक्षा विभाग में मंत्रालयिक संवर्ग केडर रिव्यू की स्वीकृति जारी होने साथ ही वर्ष में 2 बार पदोन्नति के अवसर की घोषणा का स्वागत करते हुए शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ ने जश्न मनाया।

शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान-बीकानेर की ओर से लगातार पदों की स्वीकृति हेतु किए गए प्रयास सफल हुए। साथ ही अब कार्मिकों_को साल में दो बार पदोन्नति के अवसर मिलेंगे तथा विभागीय पदोन्नति समिति की साल में दो बार बैठकें हो सकेगी।

नियमित DPC पश्चात रिक्त पदों को भरने के लिए रिव्यू DPC, सभी सेवाओं में पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों पर यदि नियमित DPC30 सितंबर से पूर्व हो जाती है। DPC के पश्चात किसी पद/संवर्ग के 15 प्रतिशत से अधिक पद 31 दिसम्बर तक रिक्त हो जाते हैं, तो ऐसे पदों को भरने के लिए DPC अनुशंसाओं का रिव्यू किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा का आभार व्यक्त करते हुए सभी कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही थी।

संघ के संस्थापक मदनमोहन व्यास, प्रदेश संरक्षक राजेश व्यास, प्रदेशाध्यक्ष गिरजा शंकर आचार्य, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य, प्रदेश परामर्शक विष्णु दत्त पुरोहित, प्रदेश महामंत्री, मनोज वर्मा सम्भाग अध्यक्ष अजमेर, वर्धमान जैन ज़िला अध्यक्ष अजमेर, शिवराज आचार्य ज़िला अध्यक्ष भीलवाड़ा, रमस्वरूप विश्नोई ज़िला अध्यक्ष नागौर, अजमेर सम्भाग के समस्त ब्लाक अध्यक्ष, गिरीराज हर्ष, ओम विश्नोई, नवरतन जोशी, मनीष शर्मा, अविकान्त पुरोहित, प्रवीण गहलोत, रविन्द्र पुरोहित, अब्बास अली, महेश रंगा सहित अन्य पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया है। साथ ही निदेशक महोदय से मांग की है कि स्वीकृति के अनुसार पदों को जारी कर पदोन्नति हेतु समय बद्ध डीपीसी आयोजित की जाए सभी पदों को भरा जाए।

बांग्लादेशी हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के संबंध में क्यो चुप है सरकार?

वर्तमान में बांग्लादेश में हजारों की संख्या में अपराधी प्रवृत्ति के मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं को लक्ष्य किया जा रहा है। कुरान अथवा मोहम्मद पैगंबर का अपमान करने का झूठा आरोप लगाते हुए हिन्दुओं के मंदिर तोडना, देवताओं की मूर्तियां तोडना, हिन्दुओं की बस्तियां जलाना, हिन्दुओं की हत्या करना तथा महिला-लडकियों पर बलात्कार किए जा रहे हैं। ये घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढती जा रही हैं। बांग्लादेश सरकार और पुलिस हिन्दुओं की रक्षा के लिए कुछ नहीं करते। इसलिए अब बांग्लादेश में हिन्दू सुरक्षित नहीं रह सकते।

हिन्दुओं की रक्षा के लिए वहां कोई नहीं है। यह यदि ऐसे ही चलता रहा, तो पहले के समान परिस्थिति उत्पन्न होकर बांग्लादेश में हिन्दू शेष नहीं रहेंगे। इसलिए संपूर्ण विश्व के देश, संयुक्त राष्ट्र संघ और भारत को यह विषय संज्ञान में लेकर हिन्दुओं की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए, ऐसा आवाहन हिन्दुओं के मानवाधिकार के लिए संघर्ष करनेवाले ‘बांग्लादेश मायनॉरिटी वॉच’ के अध्यक्ष अधिवक्ता (पूज्य) रविंद्र घोष ने किया। हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित ऑनलाइन विशेष संवाद बांग्लादेशी हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के संबंध में क्यों चुप है सरकार? में वे बोल रहे थे।

इस समय बांग्लादेश के ‘रिसर्च एंड एम्पावरमेंट ऑर्गेनाइजेशन’ के अध्यक्ष प्रा. चंदन सरकार ने कहा कि वर्ष 2012 से 2022 में बांग्लादेश में योजना बनाकर हिन्दुओं की बस्तियों पर आक्रमण कर हिन्दुओं को लक्ष्य किया जा रहा है। जिससे हिन्दू बांग्लादेश छोडकर भाग जाएं। इसलिए हिन्दुओं की जनसंख्या निरंतर घट रही है। पहले यह जनसंख्या 28 प्रतिशत थी, वह अब 6 प्रतिशत रह गई है।

बांग्लादेश के ‘वर्ल्ड हिन्दु फेडरेशन’ के प्रधान सचिव दिपेन मित्रा ने कहा कि गत कुछ महीनों में 325 से अधिक हिन्दुओं के मंदिर, श्री दुर्गापूजा पंडाल तोडे गए। हिन्दुओं की हत्या कर महिलाओं का अपहरण किया जा रहा है। हिन्दुओं को किसी प्रकार मे अधिकार नहीं रह गए हैं; परंतु संपूर्ण विश्व और पडोसी देश भारत शांति से यह देख रहा है। हिन्दुओं की प्रताडना रोकने के लिए हमें सहायता की आवश्यकता है।

इस समय हिन्दू जनजागृति समिति के पूर्व और पूर्वाेत्तर भारत समन्वयक शंभू गवारे ने कहा कि कहीं मुसलमानों पर अत्याचार होने पर संसार के 57 इस्लामी देश एकत्रित आकर उसके विरोध में आवाज उठाते हैं। ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ और ‘यूरोपीय यूनियन’ भी मुसलमानों के पक्ष में बोलते हैं, फिर 30 वर्षाें से चल रहा कश्मीरी हिन्दुओं का नरसंहार और बांग्लादेश के हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के संबंध में वे क्यों नहीं बोलते? इसलिए समस्त हिन्दुओं को अब एकत्रित आना चाहिए।

बांग्लादेश के हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में ‘नीदरलैंड’ के सांसद गिर्ट विल्डर्स 13 प्रश्न पूछकर संसार में आवाज उठाते हैं। वैसे ही भारत में स्थित बांग्लादेशी दूतावास के बाहर हिन्दुओं को एकत्रित आकर आंदोलन करना चाहिए तथा उन पर दबाव बनाना चाहिए। ‘मानवाधिकार संगठन’ और ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए।

भरतपुर कलेक्टर की रिपोर्ट पर कुंडली मारकर क्यों बैठी रही गहलोत सरकार : शेखावत

जयपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने हर पाप के लिए भारतीय जनता पार्टी को दोष देने में अशोक गहलोत को महारत हासिल है।

गहलोत सरकार को कुंभकर्णी नींद से जगाने के लिए संत बाबा विजय दास जी को अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी, पर असल मुद्दे के बजाय मुख्यमंत्री मौत की परिस्थितियों की जांच प्रिंसिपल सेक्रेटरी से कराने के बहाने सच से बचने की कोशिश कर रहे हैं। आखिर क्या कारण थे, जो 9 महीने से ज्यादा समय तक गहलोत सरकार भरतपुर कलेक्टर की रिपोर्ट पर कुंडली मारकर बैठी रही।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गहलोत सरकार की निगरानी में हिंदुओं की आस्था के प्रतीक कनकालचल और आदिब्रदी पहाड़ों को अंधाधुंध तरीके से छलनी किया जा रहा था, जिसके विरोध में साधु-संत संघर्ष कर रहे थे, लेकिन अब गहलोत साहब सफाई दे रहे हैं कि वहां कोई अवैध खनन नहीं हो रहा था। लीज पर खदानें चल रही थीं, जबकि सच्चाई यह है कि वहां बड़े स्तर पर अवैध रूप से खनन हो रहा था, जिसके खिलाफ सैकड़ों एफआईआर दर्ज हैं।

शेखावत ने कहा कि मीडिया ने भी इस बात को उजागर किया है कि माफिया 60 से अधिक स्थानों पर अवैध खनन कर रहा था। मात्र 9 महीनों में 10 प्रतिशत पर्वतों को माफिया खा गया। 30 लाख टन पत्थर माफिया खोद ले गया। साधु-संतों ने सत्तारूढ़ सरकार के नेताओं और अफसरों पर खनन माफिया से गठजोड़ के गंभीर आरोप तक लगाए थे।

शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री जी कह रहे हैं कि 18 जुलाई को मीडिया के माध्यम से मैंने साधु-संतों को मैसेज करा दिया था। मैं मुख्यमंत्री जी से पूछना चाहता हूं, जब 1 अक्टूबर 2021 को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के हस्तक्षेप के बाद मुख्यमंत्री ने साधु-संतों और आंदोलनरत लोगों से मुलाकात कर आश्वासन दिया था कि खनन की गतिविधियों को बंद कर दिया जाएगा।

2 अक्टूबर 2021 को भरतपुर कलेक्टर को जांच के आदेश दिए थे, जिसने अपनी रिपोर्ट 12 अक्टूबर 2021 को सौंप दी थी। फिर आखिर क्या कारण थे, जो 9 महीने से ज्यादा समय तक गहलोत सरकार कलेक्टर की रिपोर्ट पर कुंडली मारकर बैठी रही। जब इतने दिनों आपकी सरकार ने कलेक्टर की रिपोर्ट पर कुछ नहीं किया तो मीडिया के माध्यम से पहुंचाए आपके संदेश पर साधु-संत कैसे भरोसा कर लेते?

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सच्चाई यह है कि अवैध खनन को रोकने में गहलोत सरकार की रुचि नहीं थी। उसके ढुलमुल रवैये ने संत बाबा विजय दास जी को आत्मदाह के लिए विवश किया। गहलोत सरकार ही संत की मौत के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के प्रिय खान मंत्री के संरक्षण में खनन माफिया प्रदेश में काम कर रहा है। सत्ता पक्ष के विधायक चीख-चीख कर इस बात को कह रहे हैं, लेकिन जाने कौन सी मजबूरी है, लालच है, जो मुख्यमंत्री आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे हैं या दिल्ली से कोई इशारा है।

दो दिन पहले अवैध खनन को लेकर कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संत बाबा विजय दास जी की भांति आत्मदाह तक की चेतावनी दे चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अब तक भरत सिंह जी के आरोपों का जवाब नहीं दिया है। उनका तो हर सवाल पर एक ही रटा-रटाया जवाब होता है कि भारतीय जनता पार्टी दोषी है।

शेखावत ने कहा कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) पर मुख्यमंत्री की मंशा साफ नहीं है। वो ईआरसीपी को लागू करने के प्रति गंभीर नहीं हैं, वो इस योजना के बहाने जनता को गुमराह करना चाहते हैं। उनका उद्देश्य असल मुद्दों से जनता को भटकाना है, जबकि ईआरसीपी पर वो भलीभांति जानते हैं कि 75 प्रतिशत डिपेंडबिलिटी पर ही प्रोजेक्ट कंसीव किया जा सकेगा। ईआरसीपी पर राजनीति कर वे 13 जिलों की जनता के साथ अन्याय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिर्फ और सिर्फ गांधी परिवार को खुश करने के लिए हर मुद्दे पर प्रधानमंत्री के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल से गहलोत साहब कुर्सी कैसे बची रहे, ऐन-केन-प्रकारेण से इसी में लगे हुए हैं। अपनी पार्टी के युवा नेता के साथ उन्होंने क्या व्यवहार किया है, यह जगजाहिर है। बसपा पार्टी के विधायकों का केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि इसमें भी क्या भारतीय जनता पार्टी का दोष है।

शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार ईडी के दुरुपयोग का रोना रोते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी नेशनल हेराल्ड केस में जमानत पर हैं। जांच में ईडी का सहयोग करने के बजाय कांग्रेस पार्टी जो राजनीति और हंगामा खड़ा करना चाहती है, वो भी देश देख रहा है। आखिर भ्रष्टाचार के मामलों की जांच से ऐसा क्या डर है, मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि सुशासन और शानदार परफॉर्मेस जैसी बातें मुख्यमंत्री गहलोत के मुख से अच्छी नहीं लगतीं। बेरोजगार, युवा, किसान, माताएं-बहनें, छात्र, आमजन आपके सुशासन से परिचित हैं। प्रदेश में लूट, बलात्कार, हत्या जैसी घटनाएं रोजाना अखबारों की सुर्खियां बनती हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का हाल तो यह है कि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल एसएमएस में दवाएं नहीं मिल रही हैं। डाई खत्म होने से एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी अटक गई। बेरोजगार सड़कों पर संघर्ष कर रहा है। रीट जैसी परीक्षाओं की व्यवस्थाओं से सब वाकिफ हैं।

शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री जी आपके भारतीय जनता पार्टी को दोष देने से जनता संतुष्ट नहीं होने वाली। प्रदेश की जनता सब देख रही है। वो जानती है कि तुष्टीकरण की राजनीति का असली चैंपियन कौन है। पिछले बार आपको जनता ने 21 सीटों पर समेट दिया था। इस बार भी वैसा ही सबक सिखाने के लिए जनता इंतजार कर रही है। लगता है कि जनता आपका पिछला रिकॉर्ड भी तोड़ेगी। अच्छा तो यही होगा कि आरोप-प्रत्यारोप और भ्रम की राजनीति करने के बजाय शेष बचे 17-18 महीने के कार्यकाल में जनता से किए वादे पूरे करें।

सबगुरु राशिफल : 26 जुलाई मंगलवार को आपके भाग्य में क्या होगा बदलाव

सबगुरु न्यूज। सावन मास, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी तिथि, वार मंगलवार, सम्वत 2079, वर्षा ऋतु, रवि दक्षिणायन, शाम 06.47 बजे बाद चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ।

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

आज के दिन आपके घरेलू सुखों में वृद्धि होगी। व्यापार नौकरी से भी आशाजनक लाभ की प्राप्ति कर सकेंगे। नौकरी पेशा जातको को उच्चाधिकारियों की निकटता का लाभ मिलेगा। थोड़ी चापलूसी भी करनी पड़े तो संकोच ना करें भविष्य में उन्नति का कारण बनेगी। व्यवसायी वर्ग को नए लाभ के अनुबंध मिलेंगे पुराने कार्यो से भी शीघ्र ही लाभ की संभावना जागेगी। दैनिक उपभोग की वस्तुओं में निवेश लाभदायक रहेगा लेकिन शेयर आधी में अनुभवियों की सलाह से ही धन लगाए। आज गृहस्थ में महिलाओं की ज्यादा चलेगी रिश्तेदारों से आनंददायक भेंट होगी। संध्या के समय शुभ समाचार मिलने से मन हर्षित होगा। व्यवहारिकता से आज के दिन का लाभ उठाएं।

वृष (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

आज के दिन आपके लिए सुख शांति वाला रहेगा। कार्य क्षेत्र और परिवार के बीच तालमेल बैठाने में थोड़ी असुविधा होगी फिर भी दिन आनंद दायक रहेगा। महिलाएं आज दिन भर मनोरंजन के मूड में रहेंगी इस कारण घरेलू कार्यो में विलंब हो सकता है। नौकरी वाले जातक आज आराम के चक्कर मे कार्य क्षेत्र पर ठीक से ध्यान नही देंगे। व्यवसायी वर्ग भी आज समय से लाभ हो जाने से भविष्य के प्रति निश्चिन्त रहेंगे। संध्या का अधिकांश समय खर्चीला रहेगा सुखोपभोग पर व्यय करेंगे। सामाजिक कार्यो में योगदान न्यून रहेगा फिर भी सम्मान बना रहेगा। घरेलू वातावरण शांत रहेगा। प्रेम प्रसंगों में थोड़ी परेशानी के बाद नजदीकियां बढ़ेंगी।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)

आज के दिन भावनाओं में बह कर आप स्वयं ही अपना नुकसान कर लेंगे। मनोरंजन की ओर ध्यान ज्यादा रहने से जरूरी कार्य बिगड़ सकते हैं। फिर भी आर्थिक दृष्टिकोण से दिन लाभ की सौगात देकर जाएगा। संध्या से पहले का समय व्यवसाय में उन्नति वाला रहेगा। इसके पहले एवं बाद का अधिकांश समय उदासीन रहेगा। आज कोई व्यक्ति आपकी उदारता का नाजायज लाभ उठा सकता है। भावुकता में आकर कोई निर्णय ना लें बाद में परेशानी होगी। सावधानी से कार्य करने पर भी थोड़ी बहुत क्षति अवश्य होगी। परिवार में मांगलिक कार्यक्रमों पर खर्च बढेगा। महिलाओं को मनोकामना पूर्ति होने पर भी कुछ कमी रहेगी।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

आज भी दिन का अधिकांश समय प्रतिकूल ही रहेगा। विशेष कर आज धन संबंधित उलझने बढ़ सकती है। नौकरी पेशा जातको को भी कार्य क्षेत्र पर नीचा देखना पड़ेगा। अधिकारियों को बातों की अवहेलना आज भारी पड़ सकती है सावधान रहें। व्यवसायी वर्ग नए कार्यो में धन निवेश से दुख अनुभव करेंगे। धर्म कर्म में आज कम ही रुचि लेंगे लेकिन ज्योतिष आदि विषयों को समय देंगे। संध्या का कुछ समय आकस्मिक धनागम से राहत प्रदान करेगा परन्तु खर्च बराबर रहने से बचत नही कर सकेंगे। पारिवारिक वातावरण किसी सदस्य के उद्दंड व्यवहार के कारण उग्र बनेगा। घर के बुजुर्गों का मार्गदर्शन काम आएगा।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

आपका आज का दिन आर्थिक रूप से उतना लाभदायी नहीं रहेगा जितना व्यावहारिक में वृद्धि कराएगा। प्रातः काल से ही कार्यो में जुटने से लाभ की संभावनाएं बढ़ेंगी साथ ही थकान भी ज्यादा अनुभव करेंगे। व्यवसायी लोग आज निर्णय लेने में थोड़ा असमंजस अनुभव करेंगे। व्यवासायिक गतिविधियां काम चलाऊ रहेंगी फिर भी संतोषजनक स्थिति बना ही लेंगे। आज जहां से अधिक लाभ की आशा रहेगी वहां से निराश होना पड़ेगा। इसके विपरीत जहां सम्भवना ही नहीं वहां से लाभ हो जाएगा। अतिरिक्त घरेलू कार्य बढ़ने से व्यस्तता अधिक रहेगी फिर भी परिजनो को पूर्ण संतुष्ट नही कर सकेंगे। किसी ना किसी की नारजगी झेलनी ही पड़ेगी।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

आज के दिन कार्यो में सफलता की संभावना अधिक रहेगी। महत्त्वपूर्ण कार्य संध्या से पहले करने का प्रयास करें इसके बाद कार्य विलंब से पूर्ण होंगे। सरकारी अथवा अन्य कागजी कार्य मध्यान तक पूर्ण करें सफलता अवश्य मिलेगी। नौकरी वाले जातकों को शुभ समाचार की प्राप्ति होगी व्यवसायी। लोग भी निसंकोच होकर निर्णय के सकते हैं। थोड़े विलंब से ही सही पर लाभ अवश्य होगा। आज आप किसी की सहायता लेना पसंद नहीं करेंगे फिर भी धन संबंधित कार्यो में निर्णय बदल भी सकते हैं। आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा लेकिन किसी के भ्रमित करने से कुछ समय के लिए दुविधा की स्थिति बनेगी। महिलाएं पुरुषों से अधिक प्रभावी सिद्ध होंगी। घर का वातावरण सामान्य रहेगा।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

आज आप अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख सकेंगे मन की बात हर किसी को बताने से बाद में परेशानी हो सकती है। कार्य व्यवसाय निर्बाध्य रूप से चलेंगे फिर भी अन्य लोगों के परामर्श से ही महत्त्वपूर्ण कार्य करें। आध्यात्मिक कार्यो में अधिक रुचि लेंगे। गूढ़ विषयों को जानने की लालसा रहेगी। देव यात्रा अथवा अन्य पूण्य के कार्यो में संलग्न होंगे। मानसिक शांति के लिए ये विशेष लाभदायी रहेगा। आर्थिक रूप से दिन मिला जुला रहेगा बिक्री सामान्य रहेगी फिर भी धन की आमद निश्चित नहीं होगी। परिवार के वरिष्ठ जनों से वैचारिक मतभेद उभर सकते है। स्त्री वर्ग से भी स्वार्थ सिद्धि के व्यवहार रहेंगे।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

आज के दिन आप किसी के कहे में ना आएं। भ्रामक बातों पर जल्द विश्वास करने से हानि हो सकती है। व्यवहार शून्यता भी आज संबंधों में कड़वाहट बनाएगी। सेहत में उतार चढ़ाव लगा रहेगा। कार्य व्यवसाय के प्रति कम ही गंभीरता दिखाएंगे। व्यवसायी वर्ग मनमाने रवैये के कारण हानि उठा सकते हैं। धन का निवेश आज ना ही करे तो बेहतर रहेगा। प्रतिस्पर्धी भी पूरी तरह से हावी रहेंगे। धन लाभ बिना किसी की सहायता के होना मुश्किल ही रहेगा। पारिवारिक वातावरण भी डांवाडोल रहेगा सदस्यों में एक राय ना होने से संघर्ष की स्थिति बनेगी महिलाओं की बातों को अनदेखा करना भी मुश्किल में डाल सकता है। विपरीत लिंगीय आकर्षण सम्मान हानि कराएगा सावधान रहें।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)

आज का दिन आलस्य के चलते आवश्यक कार्यो में विलंब होगा। आज आप जल्दी से किसी कार्य को करने के लिए तैयार नहीं होंगे लेकिन एक बार आरम्भ करने के बाद पूरा करके ही दम लेंगे। व्यवसायी वर्ग कार्य क्षेत्र पर मंदी के कारण मध्यान तक ऊबन अनुभव करेंगे इसके बाद व्यसाय में गति आने से व्यस्तता बढ़ेगी धन की आमद होगी लेकिन मध्यम ही रहेगी। नौकरी पेशा जातक आज जल्दबाजी में कार्य करेंगे जिससे कुछ ना कुछ त्रुटि अवश्य रह जाएगी। आज किसी के उकसावे में आकर अपशब्दों का भी इस्तेमाल कर सकते है जिससे छोटी बात का बतंगड़ बनेगा। महिलाएं आज नकारात्मक भाव से ग्रस्त परन्तु गृहस्थ के लिए लाभदायी रहेंगी।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)

आज का दिन भी सामान्य से अच्छा रहेगा। दिनचार्य थोड़ी अस्त-व्यस्त रहेगी फिर भी आवश्यकताओं की पूर्ति ले देकर हो ही जाएगी। कार्य व्यवसाय में आज दिमागी मेहनत ज्यादा रहेगी। पर्तिस्पर्धा आज अधिक रहेगी धन लाभ के लिए भाग-दौड़ ज्यादा करनी पड़ेगी। सामाजिक क्षेत्र पर समय देना पड़ेगा इसका फल सम्मान के रूप में मिल जाएगा। महिलाएं आवश्यकता से अधिक दिमाग लड़ाएगी जिससे सिर दर्द के साथ ही परिवार में अनबन हो सकती है। पैतृक संपत्ति के कार्यो को फिलहाल विराम देना ही बेहतर रहेगा अन्यथा कोई नई समस्या खड़ी होगी। भाई-बंधुओं का सहयोग मिल सकेगा लेकिन मतभेद भी रहेंगे। घर मे सुख के साधनों का पूर्ण उपभोग करेंगे।

कुंभ (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

आज के दिन आप जो भी कार्य करेंगे उसका फल निकट भविष्य में शीघ्र ही देखने को मिलेगा। परिश्रम आज अधिक करना पड़ेगा परन्तु फल मिलने में थोड़ा विलंब हो सकता है। दिमागी कार्यो में आज सफलता की संभावना अधिक रहेगी। व्यवहारिक जगत में आप अन्य लोगों की तुलना में बुद्धिमान माने जाएंगे लेकिन इसका आर्थिक लाभ नहीं मिल पाएगा। भविष्य के लिए योजनाएं बनाएंगे परन्तु वर्तमान स्थिति को देखते हुए ये सब ये सब खयाली पुलाव जैसे लगेंगे। कार्य व्यवसाय से रुक रुक कर आंशिक मात्रा में लाभ होता रहेगा। दैनिक खर्च आराम से निकाल लेंगे। पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति आज आर्थिक कारणों से अधूरी रहेगी।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

आज का दिन स्त्री वर्ग से सावधानी से बिताएं। घर मे अथवा किसी अन्य महिला के कारण कलह क्लेश हो सकता है। भावुकता अधिक रहने से विपरीत लिंगीय के प्रति शीघ्र आकर्षित हो जाएंगे। अनैतिक कार्यो से भी दूरी बना कर रखें मानहानि की प्रबल सम्भावनाएं है। संध्या तक मन में उहापोह की स्थिति बनी रहेगी कही से भी कोई कार्य बनता नजर नहीं आएगा जिससे मन पर नकारात्मकता हावी रहेगी। लेकिन संध्या के बाद आकस्मिक शुभ समाचार अथवा लाभ की प्राप्ति कुछ राहत प्रदान करेगी। कार्य क्षेत्र पर भी ज्यादातर मौन रहने का प्रयास करें मन की निराशा आवेश बनकर फुट सकती है। महिलाएं पारिवारिक वातावरण बिखेरने के लिए ज्यादा जिम्मेदार रहेंगी।

राजनीतिक दल किसी व्यक्ति या दल के विरोध को देश के विरोध में न बदलें : मोदी

कानपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने सोमवार को सभी राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि वे किसी व्यक्ति या पार्टी विशेष के प्रति अपने विरोध को इस हद तक आगे न ले जाएं, जिससे कि वह देश के विरोध में तब्दील हो जाए।

मोदी ने समाजवादी विचारधारा के वरिष्ठ नेता चौधरी हरमाेहन सिंह की 10वीं पुण्यतिथि के अवसर पर कानपुर के मेहरवान पुरवा में आयोजित समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि विचारधारा पर आधारित विरोध की सीमाओं का सम्मान करना सभी राजनीतिक दलों का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि ये हर एक राजनीतिक पार्टी का दायित्व है कि दल का विरोध या व्यक्ति का विरोध, देश के विरोध में न बदले। विचारधाराओं का अपना स्थान है, और होना चाहिए। राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं, तो हो सकती हैं। लेकिन, देश सबसे पहले है, समाज सबसे पहले है। राष्ट्र प्रथम है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपातकाल के दौरान जब देश के लोकतन्त्र को कुचला गया तो सभी प्रमुख पार्टियों ने एक साथ आकर संविधान को बचाने के लिए लड़ाई भी लड़ी। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में चौधरी हरमोहन सिंह यादव भी संघर्ष के एक जुझारू सैनिक थे। यह इस बात का प्रतीक है कि आजाद भारत में देश और समाज के हित सदैव सियासी दलों की विचारधाराओं से बड़े रहे।

मोदी ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा और दलगत राजनीति से देश हित प्रभावित होने की प्रवृत्ति बढ़ने पर चिंता व्यक्त भी की। उन्होंने कहा कि हालांकि, हाल के समय में विचारधारा या राजनीतिक स्वार्थों को समाज और देश के हित से भी ऊपर रखने का चलन शुरू हुआ है। कई बार तो सरकार के कामों में विपक्ष के कुछ दल इसलिए अड़ंगे लगाते हैं क्योंकि जब वो सत्ता में थे तो अपने लिए फैसले वो लागू नहीं कर पाए।

प्रधानमंत्री ने दलील दी कि राजनीतिक दलों का अस्तित्व लोकतन्त्र की वजह से है और लोकतन्त्र का अस्तित्व देश की वजह से है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में अधिकांश पार्टियों ने, विशेष रूप से सभी गैर-कांग्रेसी दलों ने इस विचार को, देश के लिए सहयोग और समन्वय के आदर्श को निभाया भी है।

इसके लिए उन्होंने चौ. हरमोहन सिंह की नजीर पेश करते हुए कहा कि हरमोहन सिंह ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में न केवल सिख संहार के खिलाफ राजनैतिक स्टैंड लिया, बल्कि सिख भाई-बहनों की रक्षा के लिए वो सामने आकर लड़े। अपनी जान पर खेलकर उन्होंने कितने ही सिख परिवारों की, मासूमों की जान बचाई। देश ने भी उनके इस नेतृत्व को पहचाना और उन्हें शौर्य चक्र दिया गया।

गौरतलब है कि कानपुर जिले में ग्राम सभा के प्रधान पद का चुनाव जीतकर अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले चौ. हरमोहन सिंह समाजवादी आंदोलन के प्रखर नेता के रूप में उभरे और संसद के उच्च सदन राज्य सभा तक के सदस्य रहे।

उनके योगदान को याद करते हुए मोदी ने कहा कि लोहिया जी के विचारों को उत्तर प्रदेश और कानपुर की धरती से हरमोहन सिंह यादव जी ने अपने लंबे राजनैतिक जीवन में आगे बढ़ाया। उन्होंने प्रदेश और देश की राजनीति में जो योगदान किया, समाज के लिए जो कार्य किया, उनसे आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन मिल रहा है।