Warning: Constant WP_MEMORY_LIMIT already defined in /www/wwwroot/sabguru/sabguru.com/18-22/wp-config.php on line 46 Sabguru News - 7250 का पृष्ठ 7044 -
मुंबई। देश के शेयर बाजारों में सोमवार को रिकार्ड तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 232.81 अंकों की तेजी के साथ 36,283.25 पर और निफ्टी 60.75 अंकों की तेजी के साथ 11,130.40 पर बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही अबतक की सर्वाधिक तेजी के साथ बंद हुए।
कुआलालंपुर। भारत में काफी जद्दोजहद के बाद रिलीज हुई विवादित फिल्म ‘पद्मावत’ को अब ‘इस्लाम की संवेदनशीलताओं’ की चिंताओं के मद्देनजर मलेशिया के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने से रोक दिया गया है। मलेशिया के नेशनल फिल्म सेंसरसिप बोर्ड ने फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ की देश में रिलीज पर रोक लगा दी है।
सबगुरु न्यूज। 31 जनवरी 2018 को माघ शुक्ल पूर्णिमा बुधवार के चन्द्र ग्रहण दिखाई देगा। ग्रहण के समय चन्द्रमा कर्क राशि में रहेगा। यह चन्द्र ग्रहण पूरे भारत के अलावा अमरीका, पूर्वी यूरोप, रूस तथा आर्कटिका क्षेत्रों में भी दिखाई देगा।
भारत के सुदूरवर्ती पूर्वी भाग असम, मणिपुर, मेघालय, अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैण्ड, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, पूर्वी बिहार आदि तथा शेष भारत में यह ग्रहण दिखाई देगा। भारत के सुदूरवर्ती पूर्वी भाग में यह चन्द्र ग्रहण चन्द्रमा उदय होने के बाद शुरू होकर खग्रास रूप में दिखाई देगा तथा शेष समस्त भारत में ग्रहण लगा हुआ चन्द्रमा दिखाई देगा।
इस चन्द्र ग्रहण का प्रारंभ शाम 17:18 बजे होगा तथा ग्रहण 20:42 बजे समाप्त होगा। इस ग्रहण का सूतक सूर्योदय से ही प्रारंभ हो जाएगा साथ ही मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे।
आश्लेषा नक्षत्र और कर्क राशि में यह ग्रहण होने से इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्तियों को प्रभावित कर सकता है साथ ही मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक राशि, मकर, कुंभ व मीन राशि वालों को सावधानी बरतनी चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में भोजन, शयन, विषय सेवन, मूर्ति स्पर्श आदि नहीं करें। ग्रहण के बाद प्रात: काल स्नान कर दान पुण्य की मान्यता है।
ग्रहण और उसके बाद क्या?
ज्योतिष शास्त्र की मैदनीय ज्योतिष संहिताएं आकाशीय ग्रह नक्षत्रों के प्रभाव का लेखा जोखा करतीं हैं जो विशेष रूप से जगत में पड़ने वाले प्रभावों की ओर संकेत करती है। सूर्य व चन्द्र ग्रहण के समय की कुंडली बनाकर आकाश में नभस योगों को देखा जाता है। सूर्य ग्रहण के समय जब सूर्य व चन्द्रमा का अंतर शून्य हो तब तथा चन्द्र ग्रहण की कुंडली सूर्य व चन्द्रमा का अंतर जब 180° हो तब बनाई जाती है।
31 जनवरी 2018 को ग्रहण के समय कर्क लग्न रहेगा तथा उसमें चन्द्र व राहू दोनों ही आश्लेषा नक्षत्र में होगे। कुंडली के चौथे स्थान तुला के वृहस्पति पांचवें स्थान पर वृश्चिक के मंगल छठे स्थान पर धनु के शनि व सातवें स्थान पर सूर्य बुध शुक्र और केतु होंगे।
चन्द्र ग्रहण चर राशि में तीव्र होता है और इसका फल सदा नहीं रहता है। चर राशि के ग्रहण का सम्बन्ध राज्य व्यवस्था, अन्तर राज्यीय व राष्ट्रीय समबन्ध, राजकीय हलचल तथा सुधार से जुडा होता है। जल तत्व की राशि में होने वाला यह ग्रहण समुद्री तूफान, अति वृष्टि, संक्रामक रोग, गुप्त अपराधों में वृद्धि, मृत्यु दर में बढोतरी, प्रसिद्ध पुरूषों की कमी हो जाती हैं। युद्ध की उत्तेजना व हलचल, भारी परेशानी, सहन शक्ति की कमी करने के साथ व अन्य भार बढाती है।
ग्रहण का प्रभाव वहां पर होगा जहां से वह दिखेगा। विशेष ग्रहण मध्य में आने पर उन देशों में भी प्रभाव पडेगा। चन्द्र ग्रहण का प्रभाव शीघ्र आरम्भ हो जाता है और सूर्य ग्रहण का कुछ माह गुजर जाने के बाद।
एक माह में दो ग्रहण होने से शासक वर्ग के लिए शुभ संकेत नहीं देता और पहले भाग में ग्रहण होने से सुनार, लुहार व आश्रमों में रहने वाले व ब्राह्मणों के लिए शुभ नहीं है। माघ मास में ग्रहण बंगाल व काशी, माता पिता के भक्त, स्वाध्याय व धर्म करने वालों के लिए शुभ नहीं है।
ग्रहण के समय की कुंडली में ग्रहों के योग कुछ अनुकूलता नहीं दे रहे। कृषि क्षेत्र में प्रकृति के प्रकोप बढ जाएंगे और वर्षा का असमान वितरण, अकाल व बाढ़ के हालात से जन धन व कृषि उत्पादन को प्रभावित कर सकता है। जनता विरोध करे असंतोष रहे। उपद्रव दंगे फसाद बडे तथा शासक वर्ग के लिए शुभ नहीं रहे।
युद्ध की उत्तेजना व हलचल बढे तथा पर राष्ट्रीय समबन्ध से तनाव बनेगा तथा आर्थिक मामलों में स्थिति प्रभावित होगी। विदेशी कर्ज बढ़े। मार्च, अप्रेल, मई में मंगल, शनि भारी किस्म की आपदा पैदा कर सकते हैं। धार्मिक गतिविधियों विश्व को प्रभावित कर सकती है।
बाजार भावों में एकदम बढोतरी व खाद्यान्न व सोने चांदी की कीमत तथा अन्य धातुओं के मूल्यों में वृद्धि के योग बना सकते हैं। आगजनी आतंकवाद व गृह युद्ध की संभावना बने। दुर्घटना मे प्रसिद्ध पुरूषों की कमी बन सकती है।
कुल मिलाकर यह ग्रहण देश व दुनिया के लिए शुभ नहीं रहेगा। इस ग्रहण का प्रभाव यूरोपीय देशों, रूस व दक्षिणी अमरीका में तथा आर्कटिका क्षेत्रों में भी दिखाई देगा।
यह सभी ज्योतिष शास्त्र की मान्यता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके दोष दूर करने के लिए सफेद रंग का वस्त्र, चावल व चांदी का दान ग्रहण के बाद यथा संभव करने से लाभ मिलेगा। चन्द्रमा के जप, तप और अनुष्ठान करना और कराना लाभप्रद होगा।
मेष राशि वालों को भूमि, भवन, वाहन तथा राजकीय सेवा व व्यापार पेशे से तथा माता पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। मिथुन राशि वालों को पारिवारिक विवाद व धन संपत्ति की चिंता बढ़ सकती हैं। कर्क राशि वालों को घात व विवादों से बचना चाहिए। वृश्चिक राशि वालों को परिश्रम का अल्प लाभ मिले।
धनु राशि वालों को तनाव नहीं रखना चाहिए। मकर राशि वालों को दाम्पत्य जीवन में परेशानी से बचना चाहिए। मीन राशि वालों को अनावश्यक तनाव से बचना चाहिए। शेष सभी राशियों के लिए यह ग्रहण शुभ रहेगा। राजस्थान मे ग्रहण लगा चन्द्र ही दिखाई देगा तथा अजमेर में चन्द्रमा का उदय 18:8 पर होगा।
बेंगलुरू| अभिनेता प्रकाश राज ने धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता पर एक झूठे बयान को उनका बताने की निंदा की। उन्होंने लोगों से निर्भीक होकर सवाल करने का आग्रह किया। खुद को मोदी विरोधी बताने वाले अभिनेता ने एक अपनी फोटो के साथ ट्वीट किया, सभी हिंदुओं को धर्मनिरपक्षता सीखनी चाहिए। हिंदुओं को पाकिस्तान, बांग्लादेश और कश्मीर से भगा दिया गया। उन्होंने मुसलमानों से कभी बदला नहीं चाहा।उन्होंने कहा, उन्होंने चुपचाप मौत को अपना लिया। सभी हिंदुओं को इन हिंदुओं से धर्मनिरपेक्षता सीखनी चाहिए।
प्रकाश ने इसे एक झूठी खबर बताया। उन्होंने कहा, मुझसे बहस करने की अपेक्षा ऐसे झूठ फैलाकर आप लोग दुनिया में साबित कर रहे हैं कि कुंठा, हताशा और आप कितने नीचे स्तर तक गिर सकते हो।
उन्होंने आग्रह किया, प्रिय नागरिकों, कृपया इसे लाइक और रीट्वीट करके ऐसे कायरों को दिखा दो.. कि हम ऐसे निर्भीक समाज के लिए खड़े हैं, जो सवाल करता है।
प्रकाश अपने ट्विटर हैंडल पर अपने ‘जस्ट आस्किंग’ हैशटैग के साथ काफी समय से सक्रिय हैं, वह यहां सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर सवाल उठाते हैं।
हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह और भाजपा नेता तथा केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े पर बयान देते हुए कहा था कि वे (प्रकाश) मोदी विरोधी, शाह विरोधी और हेगड़े विरोधी हैं।
आज इस खबर में हम आपको बताएंगे की अगर आप किसी भी स्मार्टफोन का पैटर्न लॉक, पिन कोड या किसी भी प्रकार का लॉक तोडना चाहते हैं तो क्या करें। इसी के चलते हम आपको ऐसा तरीका बताने जा रहें हैं, जिससे पैटर्न लॉक को मात्र 2 मिनट में तोडा जा सकता हैं। आपको बता दे इस ट्रिक से आप किसी भी प्रकार या किसी का भी फ़ोन का पैटर्न लॉक तोड़ सकते हैं। तो चलिए आपको इस ट्रिक को इस्तेमाल करने का तरीका बताएं।
कैसे तोड़े मोबाइल का लॉक
सबसे पहले अपने फ़ोन को स्विच ऑफ कर दें।
स्विच ऑफ़ करने के बाद, जो स्विच ऑन करने का बटन हैं उसे दबाएं रखें और साथ में वॉल्यूम बढ़ाने वाले बटन को साथ में दबाये उसके बाद कुछ ऐसी स्क्रीन खुलेगी।
rset sabguru.com/18-22
इसके बाद आपको इन ऑप्शन में से Factory Data Reset का ऑप्शन आएगा। उस पर जाकर OK बटन प्रेस करा।
उसके बाद फ़ोन रिसेट होने की प्रक्रिया चालू हो जाएगी।
थोड़ी देर रुके आपका फ़ोन का लॉक टूट जाएगा।
सावधानी:
इस प्रक्रिया से आपका पैटर्न लॉक तो टूट जाएगा पर आपके मोबाइल के अंदर का पूरा डाटा डिलीट हो जाएगा।
ये पैटर्न जब ही अपनाये जब आप अपना पैटर्न लॉक भूल गए हों।
Ramnath Kovind once said, Islam and Christianity are alien to nation
नई दिल्ली| राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने सोमवार को कहा कि सरकार को आधार के जरिए बिचौलियों को हटाने और 57,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बचाने में मदद मिली है। कोविंद ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा, आधार ने बिचौलियों को हटाकर गरीबों के अधिकार सुरक्षित करने में मदद की है। मौजूदा समय में सरकार की 400 से अधिक योजनाओं में डिजिटल भुगतान किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान के जरिए सरकार 57,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बिचौलियों की जेब में जाने से बचाने में सक्षम रही।
कोविंद ने यह भी कहा कि सरकार ने देशभर में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए भीम एप लॉन्च किया।उन्होंने कहा, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने में भीम एप की अहम भूमिका है। हाल ही में लॉन्च किए गए उमंग एप से मोबाइल फोन पर 100 से अधिक सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध हैं।
कोविंद ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्षेत्र में देश में 113 से अधिक मोबाइल फोन कंपनियां काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा, भारत में 2014 में केवल दो मोबाइल विनिर्माण कंपनियां थीं।कोविंद ने कहा, इसके जरिए देशभर के कई युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल रहे हैं।
राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार ने देश में विश्व के सबसे बड़े डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम को शुरू किया है।उन्होंने कहा, कार्यक्रम के तहत सरकार एक करोड़ से अधिक लोगों को डिजिटली साक्षर करने में सक्षम हुई है।
मुंबई| फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी ने कहा है कि भगवान के लिए फिल्म ‘पद्मावत’ को सांस लेने दीजिए। संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ को देखने के बाद अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने फिल्म में सती और जौहर जैसे रिवाजों के महिमामंडन की निंदा करते हुए भंसाली को एक खुला पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि फिल्म देखकर उन्हें लगा कि महिलाएं मात्र योनि तक ही सीमित हैं। वहीं, रविवार को रेडियो मिर्ची पुरस्कार समारोह के इतर इस पत्र पर प्रतिक्रिया जताते हुए रोहित ने कहा, मैं हर किसी से प्रार्थना करता हूं कि बहुत सारी समस्याओं और संघर्षो के बाद ‘पद्मावत’ रिलीज हुई है, कृपया इसे शांति से चलने दीजिए।
उन्होंने कहा, यह हमारी फिल्म है इसलिए अगर मैं कुछ कहता हूं या कोई और कहता है तो इससे फिल्म के लिए और अधिक परेशानी पैदा होगी।
उन्होंने कहा, फिल्म रिलीज हो गई है और दर्शकों को इसे देखने दीजिए। फिल्म से जुड़े सभी सदस्यों विशेष रूप से संजय लीला (भंसाली), दीपिका पदुकोण, रणवीर सिंह और टीवी 18 को बहुत परेशानियां झेलनी पड़ीं, लेकिन अब फिल्म बहुत बढ़िया व्यवसाय कर रही है। कृपया उनकी फिल्म को शांति से चलने दीजिए।
रोहित ने आगे कहा, अब अगर हम कुछ कह और समस्या पैदा करें तो इसका क्या औचित्य है। भगवान के लिए फिल्म को सांस लेने दीजिए। वहीं, फिल्मकार इम्तियाज अली ने भी भंसाली को लिखे स्वरा के खुले पत्र पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा, मैंने स्वरा का पत्र नहीं पढ़ा है लेकिन मुझे उसके बारे में पता है। पद्मावत में कुछ भी ऐसा नहीं है जिसके लिए किसी भी विरोध की आवश्यकता हो, यह केवल अपने-अपने नजरिए की बात है।
Suchitra Krishnamurthy criticized Swara’s statement on ‘Padmavat’
मुंबई। फिल्म ‘पद्मावत’ पर अभिनेत्री स्वरा भास्कर के बयान को लेकर फिल्मी हस्तियों के बीच ट्विटर पर जंग छिड़ गई है। अभिनेत्री ने ‘सती और जौहर प्रथा का महिमामंडन करने के लिए’ फिल्म की आलोचना की थी। सबसे पहले गायिका-अभिनेत्री सुचित्रा कृष्णमूर्ति की ट्विटर पर स्वरा से भिड़ंत हुई। इसके बाद स्वरा के समर्थन में अभिनेत्री तिल्लोतमा शोम आगे आईं।
Maharashtra: Death of a poisoning farmer in the ministry, politics is hot
मुंबई| महाराष्ट्र सरकार के मुख्यालय ‘मंत्रालय’ में रविवार को एक 84 वर्षीय किसान ने जहर खा लिया, और उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर राज्य की राजनीति सोमवार को गरमा गई है। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने सरकार पर हमला किया और कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी-शिवसेना द्वारा की गई हत्या है। सरकार के वरिष्ठ मंत्री सोमवार को अस्पताल पहुंचे। धुले के किसान धर्मा पाटील की जमीन को सौर ऊर्जा परियोजना के लिए महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी ने अधिगृहित किया था, जिसके उचित मुआवजे के लिए वह 22 जनवरी को मंत्रालय पहुंचे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने की कोशिश की।
इसबीच वह अचानक गिर गए और उन्हें तुरंत ही सेंट जॉर्ज अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में उन्हें सर जे.जे. अस्पताल ले जाया गया।
रास्ते में पाटील ने अपने बेटे को बताया कि उन्होंने चूहे मारने वाली दवा खा ली है। बाद में उनकी हालत नाजुक हो गई और उन्हें डायलिसिस पर रखा गया, लेकिन रविवार रात उनकी मौत हो गई।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि यह पाटील की हत्या हुई है, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार है और उसे न्याय मिलना चाहिए।
चव्हाण ने कहा, वह शख्स अपनी जमीन के उचित मुआवजे की मांग के लिए वहां आया था। सिर्फ चार लाख रुपये देकर उसकी जमीन खरीद ली गई थी, जबकि उसके अन्य पड़ोसियों को करोड़ों रुपये बतौर मुआवजा दिया गया। वह निराश था और न्याय चाहता था, लेकिन सरकार ने उसे नजरअंदाज कर दिया और उसे असहाय छोड़ दिया।
महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता राकांपा के धनंजय मुंडे ने कहा कि पाटील की मौत सरकार की क्रूरता का परिणाम है और सत्तारूढ़ भाजपा-शिवसेना किसानों को न्याय नहीं दे सकते।
पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि वह 84 वर्षीय किसान की मौत की खबर सुनकर काफी दुखी हैं, जो असंवेदनशील और उदासीन सरकार के खिलाफ लड़ रहा था।
स्वाभिमानी शेतकरी संघटना के नेता और सांसद राजू शेट्टी ने कहा कि राज्य सरकार और उसका पुनर्वास विभाग पाटील की मौत के लिए अकेला जिम्मेदार है।
शेट्टी ने कहा, अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इस मामले में कोई बिचौलिया शामिल नहीं है, उसे केवल चार लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था।
इससे पहले सोमवार को पाटील का पोस्टमार्टम करने के बाद शव उनके परिवार को सौंप दिया गया, लेकिन परिवार ने शव लेने से मना कर दिया और सरकार की तरफ से जमीन का अतिरिक्त मूल्य दिए जाने का लिखित आश्वासन मांगा।
इस बीच मुद्दे को एक बड़ा विवाद बनता देख सरकार ने पाटील के परिवार को बढ़ा हुआ मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिया।
नई दिल्ली| विजय गोखले ने सोमवार को विदेश सचिव का पदभार संभाल लिया। गोखले ने एस. जयशंकर का स्थान लिया है। विजय गोखले 1981 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, भारतीय विदेश सेवा के 1981 बैच के अधिकारी श्री विजय गोखले ने भारत के विदेश सचिव का पदभार आज (सोमवार को) सुबह संभाल लिया। ।विदेश सचिव बनने से पहले गोखले विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।जयशंकर के कार्यकाल को बीते साल एक साल का विस्तार दिया गया था, जो रविवार को समाप्त हुआ। गोखले राजनयिक के तौर पर हांगकांग, हनोई, बीजिंग व न्यूयॉर्क में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
वह विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान उप सचिव (वित्त), निदेशक (चीन व पूर्व एशिया) व संयुक्त सचिव (पूर्व एशिया) के रूप में अपनी सेवा दे चुके हैं।
वह मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त के तौर पर जनवरी 2010 से अक्टूबर 2013 तक, जर्मनी में भारत के राजदूत के तौर पर अक्टूबर 2013 से जनवरी 2016 तक और चीन में देश के राजदूत के तौर पर जनवरी 2016 से अक्टूबर 2017 तक सेवाएं दे चुके हैं।