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वाशिंगटन। टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलॉन मस्क ने गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन की पत्नी निकोल शानाहन के साथ अपने प्रेम प्रसंग की चर्चाओं को खारिज किया है और कहा कि इस तरह की चर्चा में कोई तथ्य नहीं है।
अमरीकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल में दोनों की दोस्ती खत्म होने के बारे में प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद मस्क ने यह टिप्पणी सामने आई है। मस्क ने ट्विटर पर एक पोस्ट के साथ लिंक की इस रिपोर्ट का जवाब देते हुए कहा कि यह कुल निराधार (बीएस) है। सर्गेई और मैं दोस्त हैं और हम कल रात एक पार्टी में साथ-साथ थे!
मस्क ने कहा कि मैंने निकोल को तीन साल में केवल दो बार देखा है, दोनों बार आसपास कई अन्य लोग भी साथ में थे इसमें कुछ भी रूमानी बात नहीं थी।
वाल स्ट्रीट जरनल (डब्ल्यूएसजे) अखबार की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह कहा है कि मस्क का अपने पुराने दोस्त और गूगल के सह संस्थापक ब्रिन की पत्नी के साथ पिछले साल गर्मियों में थोड़े समय के समय तक प्रेम प्रसंग चला था और इसके चलते ब्रिन ने इस साल अपनी पत्नी से तलाक के लिए अर्जी दाखिल कर दी और मस्क के साथ पुरानी दोस्ती तोड़ दी।
ओटावा। कनाडा के व्हिस्लर विलेज में ब्रदर्स कीपर्स गैंगस्टर मनिंदर धालीवाल समेत दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
वैंकुवर सन के मुताबिक रविवार (स्थानीय समयानुसार) गोलीबारी के समय व्हिस्लर विलेज के बीच में सुंडियाल होटल के पास गैंगस्टर सतिंदर गिल (29) एक दोस्त के साथ था, जो उनके गिरोह को सदस्य नहीं था।
गोलीबारी में मनिंदर धालीवाल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उसके दोस्त ने बाद में स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में दम तोड़ दिया। इंटीग्रेटेड होमिसाइड इन्वेस्टिगेशन टीम ने कहा कि गोलीबारी लोअर मेनलैंड में अलग अलग गैंग के बीच संघर्ष का नतीजा है।
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार इस गोलीबार के बाद इस प्रसिद्ध स्की शहर में सन्नाटा पसरा है। गौरतलब है कि पिछले साल कोल हार्बर में मनिंदर धारीवाल के भाई हरब की हत्या कर दी गई थी।
भुवनेश्वर। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी को सोमवार को हवाई एम्बुलेंस से भुवनेश्वर लाया गया और चिकित्सीय जांच के लिए यहां एम्स में भर्ती कराया गया।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को स्वास्थ्य जांच के लिए सोमवार को पार्थ चटर्जी को एयर एम्बुलेंस से एम्स, भुवनेश्वर ले जाने की अनुमति दी थी।
एम्स के सूत्रों ने यहां बताया कि पश्चिम बंगाल के मंत्री व तृणमूल कांग्रेस के महासचिव चटर्जी सोमवार को करीब साढ़े दस बजे कोलकाता से एयर एंबुलेंस से पहुंचे थे। उन्हें एम्स के आई-10 निजी वार्ड में भर्ती कराया गया है जहां कार्डियोलॉजी, मेडिसिन, पल्मोनरी और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच शुरू कर दी गई है।
स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) भर्ती घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तारी के बाद शनिवार को कोलकाता की एक विशेष अदालत ने चटर्जी को दो दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था।
ईडी रिमांड में जाने के बाद चटर्जी ने अस्वस्थता की शिकायत की और अदालत के निर्देश के अनुसार उन्हें सरकारी एसएसकेएम अस्पताल की सघन कोरोनरी केयर यूनिट (आईसीसीयू) में भर्ती कराया गया।
ईडी ने चटर्जी को सरकारी अस्पताल के अलावा किसी अन्य अस्पताल में स्थानांतरित करने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और अदालत ने ईडी को स्वास्थ्य जांच के लिए उन्हें एम्स, भुवनेश्वर ले जाने की अनुमति दी थी। एम्स, भुवनेश्वर के पश्चिम बंगाल के मंत्री की स्वास्थ्य स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट सोमवार को अपराह्न तीन बजे तक सौंपे जाने की संभावना है।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख पूर्व केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश को पत्र लिख कर कहा है कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा नेताओं एवं उनके परिवारों के विरुद्ध विद्वेष के कारण राजनीतिक विमर्श की मर्यादा तार-तार कर रही है और अगर कांग्रेस नेताओं की बदजुबानी और अशोभनीय वक्तव्यों को लेकर अदालत का रुख किया तो कांग्रेस के सारे के सारे नेता अदालतों के चक्कर काटते फिरेंगे।
शुक्ला ने पत्र को ट्वीटर पर भी जारी कर दिया। उन्होंने पत्र में लिखा कि आपके द्वारा हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को एक पत्र लिखा गया है। इस पत्र को पढ़ कर साफ ज्ञात होता है कि उक्त पत्र संदर्भित बहस को पूरी तरह से देखे बिना ही लिखा गया।
23 जुलाई 2022 को उक्त बहस में कांग्रेस के प्रवक्ता द्वारा भारत सरकार की महिला मंत्री स्मृति ईरानी और उनकी 18 वर्षीय पुत्री की अनावश्यक ढंग से सार्वजनिक रूप से अवमानना की जा रही थी। उससे राजनीतिक विमर्श की मर्यादा तार-तार हो रही थी। कांग्रेस पार्टी विद्वेषवश एक परिवार को जिस तरह से क्षुद्र राजनीति में घसीट रही है, वह राजनीतिक अपसंस्कृति का प्रमाण है।
इस तरह की हरकतें कांग्रेस नेता आए दिन करते रहते हैं। चूंकि आपको कांग्रेस की मीडिया का प्रभार नया-नया मिला है, इसलिए तथ्यों से अवगत कराने के लिए यह पत्र आपको प्रेषित करना आवश्यक है।
शुक्ला ने लिखा कि कांग्रेस के छोटे नेताओं से लेकर शीर्ष स्तर तक के नेताओं ने बारंबार दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनेता, प्रधानमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेताओं के खिलाफ अपशब्द कहा है। कई अपशब्द तो ऐसे हैं, जिसे बोला भी नहीं जा सकता। सोनिया गांधी और राहुल गांधी से लेकर तमाम कांग्रेस नेताओं ने जी भर के देश के प्रधानमंत्री का अपमान किया है। तब क्यों कांग्रेस के किसी भी नेता को शर्म नहीं आई।
शर्म आती भी क्यों? क्योंकि आप लोगों ने शर्म को भी घोल कर पी लिया है। आपकी पार्टी के नेताओं ने 80 से अधिक बार प्रधानमंत्री को बेहद अशोभनीय, बेहद आपत्तिजनक और बेहद बदजुबानी भरे लहजे में अपशब्द कहा है। आप लोग प्रधानमंत्री को अपशब्द कहते हैं जबकि प्रधानमंत्री देश के जन-जन के कल्याण के लिए काम करते हैं।
प्रवक्ता ने पत्र में लिखा कि आपने अपने पत्र में महिलाओं के सम्मान की बात की है। इस पर कांग्रेस को बात करने का तो कोई अधिकार ही नहीं है। कांग्रेस कार्यालय में महिला कर्मी से अभद्रता होती है तो कांग्रेस चुप रहती है। तंदूर कांड से लेकर महिलाओं को टंच माल कहने तक कांग्रेस के नेताओं ने महिलाओं के खिलाफ अभद्रता की चरम सीमा पार कर रखी है।
यहां तक कि देश की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए भी आपके नेताओं ने अत्यंत ही निंदनीय टिप्पणी की है। महिलाओं के खिलाफ बयान देने में तो आपकी कांग्रेस पार्टी के नेताओं के दर्जनों ऐसे बयान हैं जिसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की राजनीति के स्तर को गर्त तक गिरा दिया है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित आप से अपील है कि आप कांग्रेस नेताओं की शर्मनाक हरकत, देश की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के खिलाफ अशोभनीय बयानबाजी और कांग्रेस नेताओं द्वारा बारंबार देश की महिलाओं का अपमान करने के लिए देश की जनता से माफी मांगे।
साथ ही, आप अपने प्रवक्ताओं और नेताओं को राजनीति की गरिमा को ठेस न पहुंचाने और अभद्र भाषा व बदजुबानी से परहेज करने की सीख दें। अगर हमने कांग्रेस नेताओं की बदजुबानी और अशोभनीय वक्तव्यों को लेकर अदालत का रुख किया तो कांग्रेस के सारे के सारे नेता अदालतों के चक्कर काटते फिरेंगे।
शुक्ला ने कहा कि आशा है, आप इस पत्र को अन्यथा नहीं लेंगे और पत्र में उद्धृत तथ्यपूर्ण संदर्भों पर अपनी गिरेबां में झांकेंगे, अपने आकाओं के साथ बैठ कर चिंतन-मनन करेंगे और पहले अपने नेताओं पर कार्रवाई करने का साहस करेंगे।
नेपिडॉ। म्यांमार में दशकों बाद पहली बार लोकतंत्र समर्थक दो कार्यकर्ताओं सहित चार लोगों को फांसी दी गई है। क्योडो न्यूज ने स्थानीय मीडिया के हवाले से कहा कि 1976 के बाद से म्यांमार में राजनीतिक कैदियों को फांसी नहीं दी गई है और आखिरी बार 1990 में मौत की सजा दी गई थी।
न्यूज एजेंसी ने बताया कि जिन चार लोगों को फांसी दी गई उनमें दो राजनीतिक कैदी भी शामिल हैं। राजनेता आंग सान सू की की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी के पूर्व सांसद फ्यो ज़ेयर थाव और लोकतंत्र समर्थक एक प्रमुख कार्यकर्ता क्याव मिन यू को फांसी दी गई है।
सैन्य न्यायाधिकरणों ने हत्या सहित आतंकवादी कृत्यों में शामिल होने पर जनवरी में दोनों को मौत की सजा सुनाई थी। अन्य दो पर एक महिला की हत्या करने का आरोप लगाया गया था जो एक कथित सैन्य मुखबिर थी।
क्योडो न्यूज ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय देशों और अमेरिका के साथ-साथ क्षेत्रीय नेताओं, जिनमें कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन सेन भी शामिल हैं ने सैन्य सरकार (जुंटा) को फांसी नहीं देने का आह्वान किया था।
Droupadi Murmu delivers first speech as 15th President of India
नई दिल्ली। नव-निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि उनका राष्ट्रपति बनना देश के प्रत्येक गरीब की उपलब्धि है और इस बात का भी प्रमाण भी है कि भारत में गरीब सपने देख सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है।
मुर्मू ने संसद के केन्द्रीय कक्ष में देश के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद अपने पहले संबोधन में कहा कि यह देश के लोकतंत्र की शक्ति है कि गरीब घर और आदिवासी क्षेत्र में पैदा हुई पुत्री सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंची है।
उन्होंने कहा कि ये हमारे लोकतंत्र की ही शक्ति है कि उसमें एक गरीब घर में पैदा हुई बेटी, दूर-सुदूर आदिवासी क्षेत्र में पैदा हुई बेटी, भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच सकती है। राष्ट्रपति के पद तक पहुंचना, मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, यह भारत के प्रत्येक गरीब की उपलब्धि है। मेरा निर्वाचन इस बात का सबूत है कि भारत में गरीब सपने देख भी सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है।
देश की सबसे युवा राष्ट्रपति ने कहा कि सदियों से वंचित और विकास के लाभ से दूर रहे गरीब, दलित, पिछड़े तथा आदिवासी उनमें अपना प्रतिबिंब देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे इस निर्वाचन में देश के गरीब का आशीर्वाद शामिल है, देश की करोड़ों महिलाओं और बेटियों के सपनों और सामर्थ्य की झलक है। जगत कल्याण की भावना के साथ, मैं आप सबके विश्वास पर खरा उतरने के लिए पूरी निष्ठा और लगन से काम करने के लिए सदैव तत्पर रहूंगी।
उन्होंने कहा कि वह समस्त देशवासियों विशेषकर युवाओं तथा महिलाओं को यह विश्वास दिलाती हूं कि उनके हित उनके लिए सर्वोपरि होंगे। उन्होंने कहा कि मेरे लिए भारत के लोकतांत्रिक-सांस्कृतिक आदर्श और सभी देशवासी हमेशा मेरी ऊर्जा के स्रोत रहेंगे।
मुर्मू ने राष्ट्रपति के रूप में उनके निर्वाचन पर सभी सांसदों तथा विधानसभा सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मत देश के करोड़ों नागरिकों के विश्वास की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृतकाल के महत्वपूर्ण कालखंड में उन्हें यह जिम्मेदारी मिलना उनका सौभाग्य है।
उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों को स्वाधीनता सेनानियों की अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए अमृतकाल में तेज गति से काम करना है। उन्होंने कहा कि इन 25 वर्षों में अमृतकाल की सिद्धि का रास्ता दो पटरियों पर आगे बढ़ेगा- सबका प्रयास और सबका कर्तव्य। हमारे स्वाधीनता सेनानियों ने आजाद हिंदुस्तान के हम नागरिकों से जो अपेक्षाएं की थीं, उनकी पूर्ति के लिए इस अमृतकाल में हमें तेज गति से काम करना है।
उन्होंने कारगिल विजय दिवस देश की सेनाओं के शौर्य और संयम, दोनों का प्रतीक बताते हुए सेनाओं तथा देश के समस्त नागरिकों को अग्रिम शुभकामनाएं भी दी। राष्ट्रपति पद तक पहुंचने की अपनी यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने अपनी जीवन यात्रा ओडिशा के एक छोटे से आदिवासी गांव से शुरू की थी। मैं जिस पृष्ठभूमि से आती हूं, वहां मेरे लिए प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करना भी एक सपने जैसा ही था।
लेकिन अनेक बाधाओं के बावजूद मेरा संकल्प दृढ़ रहा और मैं कॉलेज जाने वाली अपने गांव की पहली बेटी बनी। मैं जनजातीय समाज से हूं, और वार्ड कौन्सिलर से लेकर भारत की राष्ट्रपति बनने तक का अवसर मुझे मिला है। यह लोकतंत्र की जननी भारतवर्ष की महानता है।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भारत ने वैश्विक संकट का सामना करने में जिस तरह का सामर्थ्य दिखाया है, उसने पूरे विश्व में भारत की साख बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिन पहले भारत ने कोरोना वैक्सीन की 200 करोड़ डोज़ लगाने का कीर्तिमान बनाया है। इस पूरी लड़ाई में भारत के लोगों ने जिस संयम, साहस और सहयोग का परिचय दिया, वह एक समाज के रूप में हमारी बढ़ती हुई शक्ति और संवेदनशीलता का प्रतीक है।
युवाओं और महिलाओं का देश निर्माण में बढ़-चढ़ कर सहयोग करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि हमारी सभी बहनें और बेटियां अधिक से अधिक सशक्त हों तथा वे देश के हर क्षेत्र में अपना योगदान बढ़ाती रहें।
मैं अपने देश के युवाओं से कहना चाहती हूं कि आप न केवल अपने भविष्य का निर्माण कर रहे हैं, बल्कि भविष्य के भारत की नींव भी रख रहे हैं। देश के राष्ट्रपति के तौर पर मेरा हमेशा आपको पूरा सहयोग रहेगा।
नई दिल्ली। द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को संसद के केन्द्रीय कक्ष में देश के पन्द्रहवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। वह देश की दूसरी महिला तथा आदिवासी समुदाय से सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली पहली नेता हैं।
मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने मुर्मू को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। मुर्मू आजाद भारत में जन्म लेने वाली देश की पहली तथा सबसे युवा राष्ट्रपति हैं। उन्होंने निर्वतमान राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का कार्यकाल पूरा होने के बाद इस पद को संभाला है।
शपद ग्रहण समारोह में कोविंद, उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय मंत्री, सांसद, विभिन्न राजनयिक मिशनों के प्रमुख और अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। राष्ट्रपति को इस मौके पर 21 तोपों की सलामी दी गई।
शपथ लेने के बाद श्रीमती मुर्मू ने राष्ट्रपति के तौर पर अपना पहला संबोधन किया। संबोधन के बाद मुर्मू और निवर्तमान राष्ट्रपति पारंपरिक काफिले के साथ राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हो गए। शपथ लेने के लिए संसद भवन आने से पहले मुर्मू राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट गई, जहां उन्होंने राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी जिन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके आवास से भारी मात्रा में नकदी और अन्य कीमती सामान बरामद किए जाने के बाद गिरफ्तार किया था, रविवार को उस समय मामूली रूप से घायल हो गईं जब कार चालक ने दुर्घटना से बचने के लिए अचानक ब्रेक लगाए। अर्पिता को पूछताछ के लिए केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय ले जाया जा रहा था।
कार में आगे बैठी अर्पिता मुखर्जी उस समय घायल हो गई जब अज्ञात वाहन के उनके काफिले में घुसने के बाद चालक ने दुर्घटना को रोकने के लिए आपातकालीन ब्रेक लगाया। सूत्रों ने बताया कि कार में सवार सभी ईडी अधिकारी सुरक्षित हैं और घटना को लेकर पुलिस में कोई शिकायत नहीं दी गई है।
यह दुर्घटना उस समय हुई जब मुखर्जी को बैकशॉल अदालत से साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय ले जाया जा रहा था। अदालत ने अर्पिता को एक दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेजा है।
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार सुबह सड़क किनारे खड़ी एक डबल डेकर बस को एक अन्य तेज रफ्तार बस ने टक्कर मार दी। इस हादसे में कम से कम 8 यात्रियों की मृत्यु हो गई जबकि करीब 20 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हे लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। घायलों में कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख व्यक्त किया है और घायलों के उचित इलाज का प्रबंध करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद है। संबंधित अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य तेजी से संचालित करने और घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दिए गए हैं। प्रभु श्री राम दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बिहार के दरभंगा से करीब 50 सवारियां लेकर दिल्ली जा रही डबल डेकर बस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सड़क किनारे खड़ी एक अन्य बस से टकरा गई। इस हादसे में बस में बैठे यात्री घायल हो गए। पुलिस ने घायल यात्रियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने आठ लोगों को मृत घोषित कर दिया।
घायलों में बिहार के सीतामढ़ी और मुजफ्फरनगर के 12 से अधिक यात्री शामिल है जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है। टक्कर मारने वाली बस के चालक और परिचालक फरार हो गए। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का काम शुरू किया, इस बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। तड़के हुए इस हादसे के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की एक लेन पर जाम की स्थिति बन गई। दुर्घटनाग्रस्त बसों को क्रेन की मदद से अलग कर यातायात सुचारू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
नासाउ। बहामास के प्रधानमंत्री फिलिप डेविस ने सुरक्षाबलों को हैती प्रवासियों के कम से कम 17 शव तट के पास से बरामद हुए हैं। डेविस ने रविवार को बताया कि बचावकर्मियों का मानना है कि ‘संदिग्ध मानव तस्करी अभियान’ के बीच समुद्र में जहाज के पलटने से इन प्रवासियों की मौत हुई हैं।
सीएनएन ने डेविस के हवाले से बताया कि रॉयल बहामास पुलिस बल और रॉयल बहामास डिफेंस फोर्स को न्यू प्रोविडेंस से सात मील दूर स्थानीय समयानुसार करीब एक बजे नौकायन की घटना में 15 महिलाओं, एक पुरूष और एक शिशु के शव पानी में मिले। उन्होंने बताया कि 25 लोगों को बचा लिया गया और कई लोगों के लापता होने की आशंका है। तलाश और बचाव अभियान जारी है।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि एक दो इंजन वाली स्पीड बोट एक बजे 60 लोगों के साथ वेस्ट बे स्ट्रीट से डॉकिंग से मियामी, फ्लोरिडा के लिए रवाना हुई थी। डेविस ने कहा कि मैं इस त्रासदी में अपनी जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति अपनी सरकार और बहामास के लोगों की ओर से संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं।
उन्होंने कहा कि हम मानव तस्करी के अभियान की कड़ी निंदा करते हैं जोकि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता कर मानव जीवन को जोखिम में डालता हैं। उन्होंने इस अभियान में शामिल पाए लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम लोगों से इस तरह की यात्रा नहीं करने की अपील करते हैं।
बहामास के पुलिस आयुक्त क्लेटन फर्नांडर के अनुसार ऐसा माना जा रहै कि 20 फुट की स्पीडबोट करीब 50 से 60 लोग सवार थे। उन्होंने बताया कि बचाए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।