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आगरा में हवाला कारोबारियों से दिनदहाड़े 40 लाख रुपए की लूट

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में शहर के व्यस्ततम किराना बाजार में शुक्रवार को बदमाशों ने दिनदहाड़े एक हवाला कारोबारी की 40 लाख रुपए की रकम लूट ली।

पुलिस के अनुसार तमंचे के बल पर बदमाशों ने कारोबारियों को बंधक बनाया और रुपए लूटने के बाद मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद बाजार में हड़कंप मच गया। मौके पर एडीजी राजीव कृष्ण समेत पुलिस के आला अधिकारी पहुंच गए। पुलिस बदमाशों का पता लगाने में जुटी हुई है।

पुलिस ने बताया कि तिवारी गली में मेवा और मसाले का कारोबार होता है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं। फुटेज में बदमाश कैद हो गए हैं। इन्हें पकड़ने के लिये पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। पुलिस अधिकारियों ने जल्द ही घटना का खुलासा होने की उम्मीद जताई है।

एडीजी राजीव कृष्ण ने बताया कि पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। चार टीमें लगाई गई हैं, जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा। उन्हाेंने बताया कि घटना दोपहर एक से दो बजे के बीच की है।

थाना कोतवाली के व्यस्ततम रावतपाड़ा बाजार की तिवारी गली में एनएम कोरियर कंपनी का कार्यालय है। मेहसाणा (गुजरात) निवासी आनंद पुरी कंपनी के मैनेजर हैं। पिछले दस साल से वह यहां कार्यरत हैं। ऑफिस के ऊपर ही कर्मचारियों के लिए कमरा बना है। दोपहर तकरीबन एक बजे आफिस में आनंद पुरी, सनी पटेल, कृपाल और सहदेव बैठे हुए थे, तभी हाथों में पिस्तौल लिये चार नकरबपोश बदमाश घुस आए।

उन्होंने पिस्तौल की नोंक पर कर्मचारियों ऑफिस में रखे 10 लाख रुपए जबरन ले लिए। इसके बाद दो बदमाशों ने कर्मचारी सनी ऑफिस की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में ले गए। बदमाशों ने कमरे में रखे 30 लाख रुपए कब्जे में ले लिए।

इसके बाद चारों बदमाश ऑफिस में एक फायर कर शटर गिराकर भाग निकले। रावतपाड़ा, पीपल मंडी, तिवारी गली, दरेसी शहर के व्यस्ततम बाजारों में शामिल हैं। यह इलाका हवाला कारोबार के लिए भी जाना जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने दी आजम खान को राहत

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने समाजवादी पार्टी नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दी गई जमानत की शर्तों में से एक को खारिज करते हुए उन्हें शुक्रवार को जमानत दे दी।

न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति जेबी पादरीवाला ने हाईकोर्ट द्वारा पूर्व मंत्री खान को जमानत की शर्तों में रामपुर के मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के परिसर को सील करने की शर्त को गैरजरूरी बताते हुए उसे खारिज कर दिया। शीर्ष अदालत ने समाजवादी पार्टी के नेता को रामपुर जाने से रोकने की राज्य सरकार की गुहार को भी खारिज कर दी।

उच्चतम न्यायालय की इस पीठ ने उच्च न्यायालय के द्वारा जमानत के लिए इस प्रकार की शर्त लगाने पर हैरानी व्यक्त की और कहा कि वह ऐसे आदेश से परेशान थी।

पूर्व सांसद खान पर उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई जमानत की शर्तों में मौलाना अली जौहर विश्वविद्यालय (खान इस विश्वविद्यालय ट्रस्टी हैं) को दी विवादित जमीन के एक हिस्से को 30 जून 2022 तक कब्जे में लेने का निर्देश रामपुर जिला मजिस्ट्रेट को दिया था। उच्च न्यायालय ने उस जमीन के चारों ओर चारदीवारी और कंटीले तारों से दीवार खड़ी करने का भी निर्देश जारी किया था।

शीर्ष अदालत ने इससे पहले सुनवाई करते हुए जमानत की इस शर्त को गैर जरूरी बताते हुए इस पर अंतरिम रोक लगा दी थी। पीठ ने कहा था कि प्रथम दृष्टया यह अनुचित शर्त लगती है। इस शर्त का याचिकाकर्ता के उपस्थिति सुनिश्चित करने या मुकदमे को बाधित नहीं होने की संभावना से कोई उचित संबंध नहीं है।

पीठ ने कहा था कि उच्च न्यायालय की ओर से जमानत की शर्त के तौर पर दिया गया आदेश दीवानी अदालत के आदेश जैसा लगता है। इससे पहले इसी तरीके के एक अन्य मामले में 19 मई को न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बीआर गवई और एएस बोपन्ना की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत प्राप्त अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए अंतरिम जमानत का आदेश पारित कर याचिकाकर्ता पूर्व मंत्री को संबंधित स्थानीय अदालत के समक्ष दो सप्ताह के भीतर नियमित जमानत की अर्जी दाखिल करने की अनुमति दी थी।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की ओर से (19 मई को) इस मामले में जमानत मामले में कोई फैसला लेने में देरी पर शीर्ष अदालत ने अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। न्यायालय ने पिछले साल दिसंबर में पूर्व मंत्री की जमानत अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस बीच याचिकाकर्ता ने अंतरिम जमानत के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जहां उन्हें उच्च न्यायालय में जाने का निर्देश दिया गया था।

शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता खान को जमानत की सुनवाई के दौरान 87 मामलों में से 86 में जमानत मिलने के तथ्य पर गौर किया था तथा कथित तौर पर जमीन हड़पने के एक मामले में जमानत पर फैसला करने में देरी पर नाराजगी जताते हुए सख्त टिप्पणियां की थीं।

उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय को आजम खान की जमानत पर अपना कोई फैसला लेने का मौका देते हुए कहा था कि अब फैसला सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है। 137 दिनों मे कोई आदेश पारित नहीं किया गया है। उन्हें (आजम खान को) 86 मामलों में जमानत पर रिहा किया गया था। यह एक मामला है। हम केवल इतना ही कह सकते हैं कि यह (इस हालत में जमानत पर फैसले में में देरी) न्याय का मजाक है। यदि आवश्यकता होगी तो हम और कुछ कहेंगे। यह मामला उत्तर प्रदेश रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परियोजना के लिए जमीन हड़पने के आरोप से जुड़ा हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा संसद भवन पर स्थापित राजचिह्न ‘सिंह’ अनुकृति विवाद

नई दिल्ली। नवनिर्मित संसद भवन की छत पर स्थापित भारत के ‘राजचिह्न’ अशोक स्तंभ के सिंह की अनुकृति के कथित रूप से भाव एवं दृश्य परिवर्तन के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।

अधिवक्ता अल्दानिश रीन और रमेश कुमार मिश्रा की ओर से दायर याचिका में शीर्ष अदालत से गुहार लगाई गई है कि वह केंद्र सरकार को भारत के राजचिह्न को सही करने के लिए एक निर्देश जारी करे।

याचिका में दावा किया गया है कि हाल ही में नई दिल्ली में सेंट्रा विस्टा परियोजना के तहत निर्मित नए संसद भवन की छत पर स्थापित अशोक स्तंभ में सिंह की अनुकृतियां ‘खुले मुंह के साथ क्रूर और आक्रामक’ लगती हैं।

याचिका में कहा गया है कि नए स्थापित राज्य चिह्न में ‘सिंहों’ के डिजाइन में एक स्पष्ट अंतर है। ये सारनाथ संग्रहालय में संरक्षित प्रतीक की तुलना में बदले हुए रूप को दर्शाते हैं।

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि भारत का राजचिह्न केवल एक ग्राफिक डिजाइन नहीं है, बल्कि इसका सांस्कृतिक और दार्शनिक महत्व भी है। सिंह को अशोक के दार्शनिक और आध्यात्मिक अर्थ के कारण भारत के राजचिह्न के रूप में अपनाया गया था। इसे अनजाने और अवैध रूप से नहीं बदला जाना चाहिए था।

शिवसेना के बागी विधायक गद्दार, शिंदे सरकार गिरेगी : आदित्य ठाकरे

औरंगाबाद। युवा सेना प्रमुख एवं पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बागी विधायकों को गद्दार करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी की मदद से बनाई गई शिंदे सरकार निश्चित रूप से गिर जाएगी।

ठाकरे दो दिवसीय व संवाद यात्रा’ के लिए शुक्रवार को नासिक जिले से यहां के वैजापुर पहुंचे। वैजापुर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी गद्दारों ने सत्ता के लिए पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की पीठ में छुरा घोंपा और वे असली शिव सैनिक नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें बहुत सारे पद और शक्ति दी लेकिन उन्होंने पार्टी के साथ ‘गंदी राजनीति’ की। पिछले ढाई वर्षों के दौरान राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि ठाकरे ने दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे के सपनों को पूरा किया क्योंकि उन्होंने औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर रखा, जो पिछले कई वर्षों से लंबित था।

उन्होंने कहा कि ठाकरे ने कोविड महामारी को बहुत ईमानदारी और मेहनत से संभाला, जिसे पूरे देश ने देखा था। इसके अलावा राज्य में किसानों की कर्ज माफी समेत कई विकास और कल्याणकारी कार्य किए गए हैं।

इस मौके पर औरंगाबाद के पूर्व सांसद चंद्रकांत खैरे, विधान परिषद सदस्य और जिलाध्यक्ष अंबादास दानवे, विनोद घोषालकर, मनीषा कायंडे तथा कई अन्य नेता उपस्थित थे। गौरतलब है कि वैजापुर शिवसेना विधायक रमेश बोर्नारे भी शिंदे खेमे में हैं।

गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सफदरजंग अस्पताल में संत विजय दास से की मुलाकात

नई दिल्ली/जयपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचाररत संत बाबा विजय दास से मुलाकात की।

राजस्थान में अवैध खनन के विरोध में 20 जुलाई को भरतपुर के डीग में विजय दास ने अग्नि स्नान कर लिया था। शेखावत ने चिकित्सकों से विजय दास की रिकवरी के बारे में जानकारी ली। केंद्रीय मंत्री ने उनकी देखभाल में लगे साथियों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री पर साधा निशाना

अवैध खनन को लेकर सांगोद के कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र पर भी केंद्रीय मंत्री शेखावत ने निशाना साधा। शेखावत ने कहा कि गहलोत जी को “कांख में छोरा गांव में ढिंढोरा” से इशारा दिया है कि अवैध खनन रोकने के लिए उन्हें क्या करना होगा? इस मामले में खान मंत्री का जिला ही नंबर वन है।

कांग्रेस के ही विधायक का अपने मुखिया से पूछना कि क्या अवैध खनन रोकने के लिए अपना जीवन खतरे में डालकर संदेश देना होगा? एक बड़ा सवाल है। शेखावत ने कहा कि गहलोत जी को जुबानी जमाखर्च के बजाय कड़ा निर्णय लेकर दिखाना चाहिए।

नमाज कहां पढ़ी जाए,ये तो राजा तय करेगा : आजम खान

रामपुर। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर उठ रहे विवाद पर समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और विधायक आजम खान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिये बगैर कहा कि प्रदेश में नमाज को लेकर कोई पाबंदी नहीं है मगर नमाज कहां पढ़ी जाए, यह ‘राजा’ के दिल पर निर्भर करता है।

जिला न्यायालय में पेशी पर पहुंचे खान ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नमाज कहां पढ़ी जाए यह राजा के दिल पर निर्भर करता है। राजा का दिल कितना बड़ा या कितना छोटा है। नमाज पर कहीं पाबंदी नहीं है लेकिन कहां पढ़ी जाए, यह बहस का मामला है और यह इस पर भी निर्भर करता है कि राजा का दिल कितना बड़ा या कितना छोटा है।

उन्होने कहा कि देश की सबसे बड़ी अदालत में भी इस वक्त हमारा ही मैटर डिस्कस हो रहा है। अदालत के आदेशों की अवमानना, अनदेखी हुई। उसके लिए हम कंटेम्पट में गए हैं, जो गलत और जबरन तरीके से जिला प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की जमीन पर कब्जा किया है, उसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना के लिए हम कोर्ट गए हैं। यही बहस सुप्रीम कोर्ट में चल रही है।

द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अब तो वह राष्ट्रपति बन गई है। विपक्ष का कैंडिडेट हार गया और क्रॉस वोटिंग का भ्रम वह चैनल्स फैला रहे हैं जिन्होंने सत्ता से पैसा ले रखा है।

पुष्कर में जोगणिया धाम का 15वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया

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पुष्कर। तीर्थनगरी पुष्कर स्थित जोगणिया धाम का 15वां स्थापना दिवस आज श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।

धाम के उपासक महंत भवरलाल ने बताया कि इस अवसर पर सातू बहना धिराणिया की चल प्रतिमा का तीर्थ सरोवर पुष्कर के जयपुर घाट मे अभिषेक कराया गया। श्रद्धालुओं ने सरोवर के जल से कावड यात्रा निकाली जो गाजे बाजे के साथ जोगणिया धाम पहुंची।

धाम में स्थापित चन्द्रेश्वर महादेव का पुष्कर के पवित्र जल से अभिषेक किया गया। दिन में आरती के बाद करीब 12 बजे सातु बहना को भोजन प्रसादी का भोग अर्पण किया गया। इस बीच भजन सरिता में राजस्थान के प्रसिद्ध गायक कलाकार कोजाराम राव ने बायां सा धिराणियों की कथा भजनों के माध्यम से प्रस्तुत की। सुमधुर संगीत के साथ राजस्थानी भजनों पर भक्तजन झूम उठे।

ग्वालियर में घर के अंदर मिले एक ही परिवार के 4 लोगों के शव

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में आज एक ही परिवार के चार लोगों के शव घर के अंदर बरामद हुए हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिनव चौकसे ने बताया कि महाराजपुरा गांव में एक स्कूल में कार्यरत जितेन्द्र बाल्मीक और उसकी पत्नी निर्जला में काफी वर्षो से विवाद चला आ रहा है। पहले यह लोग संयुक्त परिवार में रहते थे। उसके बाद भी विवाद होता रहा। फिर यह एक अलग घर लेकर रहने लगे तब भी विवाद होता रहा।

उन्होंने बताया कि दोनों को बीती रात लडकी के माता पिता ने दोनों को समझाइश दी। लेकिन उसके बाद फिर दोनों पति पत्नी में विवाद हुआ। इस बीच पत्नी ने जहरीला पदार्थ खा लिया और दो वर्ष की बच्ची जानवी को भी जहर दे दिया। जिससे दोनों की मौत हो गई। वहीं पति जितेन्द्र ने बेटे कुलदीप को फांसी पर लटकाया और स्वयं फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने हत्या और आत्महत्या का मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मुकेश अंबानी की सुरक्षा को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के अध्यक्ष मुकेश अंबानी एवं उनके परिवार को केंद्र सरकार की ओर से मुंबई में दी जा रही सुरक्षा को जारी रखने की शुक्रवार को अनुमति दे दी।

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने अंबानी एवं उनके परिवार को दी जा रही जेड प्लस सुरक्षा को उचित करार दिया। पीठ ने कहा कि त्रिपुरा उच्च न्यायालय के समक्ष सुरक्षा को चुनौती देने वाली जनहित याचिका की सुनवाई जारी रखने का उसे कोई कारण नहीं लगता।

शीर्ष न्यायालय ने बिकास शाह द्वारा त्रिपुरा उच्च न्यायालय के समक्ष दायर जनहित याचिका को गैरजरूरी बताते हुए केंद्र सरकार की अपील स्वीकार कर ली। केंद्र सरकार ने सुरक्षा जारी रखने की गुहार लगाई थी।

उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि अंबानी अपनी सुरक्षा की लागत का भुगतान सरकार को कर रहे हैं।

न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की अवकाशकालीन पीठ ने 29 जून को संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद त्रिपुरा उच्च न्यायालय में सुरक्षा के सवाल पर दायर जनहित याचिका पर चल रही सुनवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

केंद्र सरकार की सिफारिश पर अंबानी और उनके परिवार को दी जा रही सुरक्षा पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिका में उन्हें (अंबानी एवं उनके परिवार को) के खतरे की आशंका से संबंधित विवरण मांगने के त्रिपुरा उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ केंद्र ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

सॉलिसिटर जनरल ने तर्क देते हुए शीर्ष न्यायालय के समक्ष कहा था कि अंबानी को प्रदान की गई सुरक्षा का त्रिपुरा सरकार से कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए जनहित याचिका पर विचार करने का वहां के उच्च न्यायालय के पास कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।

मेहता ने उच्च न्यायालय के उस आदेश की वैधता पर भी सवाल उठाया, जिसमें खतरे की आशंका से संबंधित दस्तावेजों के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों को उच्च न्यायालय ने अपने अंतरिम आदेश में 28 जून को पेश होने के लिए कहा गया था।

सॉलिसिटर जनरल ने शीर्ष न्यायालय के समक्ष यह भी कहा था कि केंद्र ने त्रिपुरा उच्च न्यायालय को यह भी बताया गया था कि बॉम्बे उच्च न्यायालय ने अंबानी को सुरक्षा प्रदान करने पर इसी तरह की एक याचिका को खारिज कर दी थी।

CBSE ने 10वीं कक्षा के नतीजे घोषित किए, लड़कियां फिर अव्वल

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शुक्रवार को 12वीं के नतीजे घोषित करने के कुछ देर बाद 10वीं बोर्ड के नतीजे घोषित कर दिए जिसमें लड़कियां एक बार फिर लड़कों से आगे रही। दसवीं का पास प्रतिशत 94.40 रहा। लड़कियों का उतीर्ण प्रतिशत जहां 95.21 रहा वहीं लड़कों का उनसे 1.41 प्रतिशत कम रहकर 93.80 फीसदी रहा।

इस साल कुल 2093978 विद्यार्थियों ने दसवीं की परीक्षा दी, जिनमें से 1976668 ने परीक्षा उत्तीर्ण की। परीक्षा उत्तीर्ण 94.40 प्रतिशत रहा। इस वर्ष दसवीं के नतीजों में 64908 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक और 236993 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।

बारहवीं के परिणाम की तरह 10वीं के नतीजों में केरल के तिरुवनंतपुरम के छात्रों ने 99.68 प्रतिशत के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसके बाद बेंगलूरु में 99.22, चेन्नई में 98.97, अजमेर में 98.14 और पटना में 97.65 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण हुए। गुवाहटी में हालांकि सबसे कम 82.23 पास प्रतिशत रहा।

इससे पहले आज सुबह सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड के नतीजे घोषित किए, जिसमें कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 92.71 प्रतिशत रहा। बारहवीं के परीक्षा में भी लड़कियों ने एक फिर से बाजी मारी। लड़कियों का उतीर्ण प्रतिशत 94.54 रहा जबकि लड़कों का 91.25 फीसदी रहा।

इस साल बारहवीं में कुल 1435366 छात्रों ने परीक्षा दी जिनमें से 1330662 छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की जिनका कुल पास प्रतिशित 92.71 रहा। जबकि पिछले वर्ष यह 99.37 प्रतिशत था। इस वर्ष बारहवीं के नतीजों में 33432 छात्रों ने 95 प्रतिशत से अधिक और एक लाख 34 हजार 797 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सीबीएसई की 12वीं और 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी छात्रों को बधाई दी। मोदी ने ट्वीट किया जिसमें उन्होंने बारहवीं के छात्रों को उनसे अपनी अंतरआत्मा की आवाज सुनने की बात कही और उन विषयों को लेने का आग्रह किया, जिसके बारे वे अच्छी तरह से वाकिफ हो।

प्रधानमंत्री ने एक अन्य ट्वीट में छात्रों की सराहना की और कहा कि उन्होंने इन परीक्षाओं की तैयारी ऐसे समय में की जब मानवता एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है और उन्होंने उस समय यह सफलता हासिल की।

मोदी ने दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि मैं उन सभी को बधाई देता हूं जिन्होंने सीबीएसई दसवीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की है। मैं उनके आगे एक फलदायी शैक्षणिक यात्रा की कामना करता हूं। मुझे विश्वास है कि ये युवा आने वाले समय में सफलता की नई ऊंचाइयों को छुएंगे। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष बारहवीं की परीक्षा 26 अप्रैल से शुरू हुई और 24 मई तक चली।

सीबीएसई के बारहवीं कक्षा के नतीजों में लड़कियों ने मारी बाजी