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फर्रुखाबाद में पुत्री की गोली मारकर हत्या कर पिता ने की आत्महत्या

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद जिले के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में कर्ज के बोझ से पीड़ित पिता ने पुत्री की गोली मारकर हत्या कर दी और खुद गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने गुरुवार को बताया कि क्षेत्र के ग्राम याकूत गंज के मोहल्ला पसारगडडा केनिवासी प्रमोद कुमार (40) हलवाई की मिठाई दुकान याकूत गंज के बाजार में थी। दुकान न चलने पर हलवाई प्रमोद कुमार ने भारी मात्रा में कर्जा ले लिया और कारीगरी का काम करने लगा था।

उन्होंने बताया कि हलवाई प्रमोद कुमार अपने मकान की ऊपरी दूसरी मंजिल पर रहा था, आज उसने अपनी पुत्री मुस्कान (17) की गोली मारकर हत्या कर दी और खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस दौरान मृतक हलवाई की पत्नी नीचे मकान बाथरूम में थी और सात वर्षीय बालक अश नीचे खेल रहा था।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप सिंह, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जेपी पाल तथा अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप,दल, वल के साथ मौके पर पहुंचे और हत्या तथा आत्महत्या के कारणों की जांच पड़ताल शुरू की।

अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप ने बताया कि प्रथम दृष्टया हलवाई प्रमोद कुमार ने भारी मात्रा में कर्जा ले रखा था इसके अलावा भी अन्य तथ्यों पर हत्या एवं आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

2022 में टीम इंडिया के 7 कप्तान होना क्या एक विश्व रिकॉर्ड है?

नई दिल्ली। वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध 22 जुलाई से शुरू हो रही वनडे सीरीज़ में शिखर धवन इस साल भारतीय टीम का नेतृत्व करने वाले सातवें खिलाड़ी बनेंगे। पिछले दो दशकों में कई बार अंतरराष्ट्रीय टीमों को एक साल के भीतर कप्तानी में बदलाव करने पड़े हैं। नज़र डालते हैं पांच पुरुष अंतरराष्ट्रीय टीमों पर जिन्होंने एक वर्ष में पांच से अधिक कप्तानों का उपयोग किया है।

भारत, 2022 : सात कप्तान

पीठ की चोट के चलते विराट कोहली के मैच से बाहर होने के बाद केएल राहुल ने जोहानसबर्ग टेस्ट में टीम की कप्तानी की थी। 1-2 से सीरीज़ हारने के बाद कोहली ने टेस्ट कप्तानी त्याग दी थी जिसके बाद रोहित शर्मा को तीनों प्रारूपों में टीम का कप्तान बनाया गया। हालांकि राहुल को वनडे सीरीज में चोटिल रोहित की जगह टीम की कमान सौंपी गई थी।

घर पर श्रीलंका और वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध रोहित टीम के कप्तान थे और टीम ने लगातार 11 मैचों में जीत दर्ज की। हालांकि आईपीएल के बाद भारत को नए कप्तान का रुख़ करना पड़ा जब रोहित और राहुल दोनों अनुपस्थित थे। तब ऋषभ पंत को साउथ अफ़्रीका के विरुद्ध टी20 सीरीज़ के लिए कप्तान बनाया गया था।

इसके बाद भारतीय टीम को आयरलैंड में टी20 सीरीज़ के साथ-साथ इंग्लैंड में टेस्ट मैच की तैयारी करनी थी। ऐसे में हार्दिक पंड्या के नेतृत्व में एक टीम आयरलैंड गई जबकि कोरोना संक्रमित रोहित की जगह जसप्रीत बुमराह ने एजबेस्टन में टेस्ट टीम की कप्तानी की। वनडे और टी20 सीरीज के लिए रोहित ने टीम में वापसी की लेकिन अब वेस्टइंडीज़ वनडे सीरीज़ के लिए उन्हें आराम दिया गया है। उनकी जगह धवन कप्तानी करेंगे। इससे पहले धवन पिछले साल श्रीलंका में एक युवा भारतीय वनडे टीम का नेतृत्व कर चुके हैं।

श्रीलंका, 2017 : सात कप्तान

इस साल भारत से पहले केवल एक पुरुष टीम ने एक वर्ष में सात अलग कप्तानों की नियुक्ति की थी। पांच वर्ष पहले श्रीलंका ने ऐसा किया था।

दक्षिण अफ़्रीका दौरे पर टीम के नियमित कप्तान ऐंजेलो मैथ्यूज़ ने दो टेस्ट और दो टी20 मैचों में कप्तानी की जिसके बाद हैमस्ट्रिंग की चोट ने उन्हें पांच महीनों के लिए दरकिनार कर दिया। दिनेश चांदीमल ने एक टी20 मैच में कप्तानी करते हुए 2-1 से सीरीज़ जिताई लेकिन वनडे सीरीज़ में कमान उपुल थरंगा को सौंपी गई।

जहां सीमित ओवर मैचों में थरंगा कप्तानी कर रहे थे, रंगना हेराथ ने तीन टेस्ट मैचों में कप्तान की भूमिका निभाई। जब चैंपियंस ट्रॉफ़ी में धीमे ओवर रेट के कारण थरंगा पर प्रतिबंध लगा, मैथ्यूज़ ने टीम की कप्तानी की लेकिन घर पर ज़िम्बाब्वे के विरुद्ध वनडे सीरीज़ हारने के बाद उन्होंने इस पद से इस्तीफ़ा दे दिया। चांदीमल को टेस्ट कप्तान बनाया गया और थरंगा वनडे और टी20 टीम की ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे। हालांकि इस दौरान लसिथ मलिंगा और चमारा कापुगेदरा ने एक-एक वनडे में कप्तानी की थी।

अक्तूबर में थिसारा परेरा एक साल में श्रीलंका के सातवें कप्तान बने जब कई खिलाड़ियों ने यूएई में पाकिस्तान के विरुद्ध होने वाली टी20 सीरीज़ से नाम वापस ले लिया था। इसका कारण यह था कि सीरीज़ का अंतिम मैच लाहौर में खेला जाना था।

ज़िम्बाब्वे, 2001 : छह कप्तान

2001 में अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेल रही ज़िम्बाब्वे को नेतृत्व की उथल-पुथल से गुज़रना पड़ा। साल के पहले छह महीनों में हीथ स्ट्रीक टीम के कप्तान थे और टीम ने न्यूज़ीलैंड के विरुद्ध वनडे सीरीज़ के साथ-साथ भारत के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक टेस्ट जीत दर्ज की थी।हालांकि वेतन और कोटा को लेकर बोर्ड से असहमति के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया।

स्ट्रीक के अचानक इस्तीफ़े की विवादास्पद परिस्थितियों के कारण, गाय व्हिटल ने शुरू में भारत और वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ घरेलू त्रिकोणीय सीरीज़ के लिए टीम का नेतृत्व करने से इनकार कर दिया। ग्रांट फ़्लावर ने शुरुआती मैच में कप्तानी की लेकिन स्ट्रीक दूसरे मैच के लिए कप्तानी पद पर लौट आए। इसके बाद व्हिटॉल अंततः तीन मैचों में ज़िम्बाब्वे के तीसरे कप्तान बने।

जुलाई में स्ट्रीक को फिर से कप्तान नियुक्त किया गया लेकिन उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए तीन महीने बाद फिर से इस्तीफ़ा दे दिया। लेग स्पिनर ब्रायन मर्फ़ी ने शारजाह में एक त्रिकोणीय सीरीज़ के लिए उनकी जगह ली, जबकि वर्ष के अंत तक ऐलेस्टर कैंपबेल और स्टुअर्ट कार्लाइल ने भी टीम की कप्तानी की।

इंग्लैंड, 2011 : छह कप्तान

इंग्लैंड ने साल की शुरुआत ऐंड्रयू स्ट्रॉस की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया में 3-2 से ऐशेज़ सीरीज़ जीतकर की थी। एक साल पहले टीम को पहली बार टी20 विश्व विजेता बनाने वाले पॉल कॉलिंगवुड ने दो टी20 मैचों में टीम की कप्तानी की और फिर स्ट्रॉस वनडे सीरीज़ के लिए वापस लौट आए।

वनडे विश्व कप के सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने से चूकने के बाद स्ट्रॉस ने वनडे टीम की कप्तानी से इस्तीफ़ा दे दिया। इंग्लैंड के चयनकर्ताओं ने स्ट्रॉस को टेस्ट कप्तान बनाए रखा और वनडे और टी20 टीम की कमान क्रमशः ऐलेस्टर कुक और स्टुअर्ट ब्रॉड को सौंप दी। जब आयरलैंड के विरुद्ध वनडे के लिए कुक को आराम दिया गया, डबलिन में जन्में ओएन मॉर्गन ने कप्तान की भूमिका निभाई। इसके बाद चोटिल मॉर्गन और ब्रॉड की जगह ग्रीम स्वॉन को तीन टी20 मैचों में कप्तानी करने का अवसर मिला।

ऑस्ट्रेलिया, 2021 : छह कप्तान

पिछले साल जनवरी में ऑस्ट्रेलिया को भारत के हाथों बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी में हार का सामना करना पड़ा। यह टेस्ट कप्तान टिम पेन की आख़िरी सीरीज़ साबित हुई। ऐशेज़ से पहले एक महिला सहकर्मी को भेजे गए उनके अश्लील संदेश मीडिया में सामने आए और उन्होंने कप्तानी पद से इस्तीफ़ा दे दिया। पैट कमिंस नए टेस्ट कप्तान बने और अपनी पहली सीरीज में उन्होंने 4-0 से जीत दर्ज की। हालांकि एडिलेड टेस्ट से पहले एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति के क़रीबी संपर्क के रूप में पहचाने जाने के कारण उन्हें मैच से बाहर बैठना पड़ा। इसके चलते स्टीव स्मिथ को तीन सालों बाद टीम की कप्तानी करने का मौक़ा मिला।

वहीं नियमित कप्तान आरोन फ़िंच को घुटने में लगी चोट के कारण ऐलेक्स कैरी को वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध वनडे सीरीज़ के लिए कप्तान बनाया गया। अगस्त में जब पहली पसंद के कई खिलाड़ियों को टी20 टीम से आराम दिया गया तब मैथ्यू वेड ने बांग्लादेश सीरीज़ में टीम का नेतृत्व किया। अंत में फ़िंच ने टीम में वापसी करते हुए उन्हें पहला टी20 विश्व कप ख़िताब दिलाया।

जीएसटी को लेकर कांग्रेस समेत विपक्ष पर सरकार का करारा पलटवार

नई दिल्ली। चावल, आटा, पनीर, दूध, छाछ आदि पैकेज्ड खाद्य पदार्थाें पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने को लेकर संसद के मानसून सत्र की शुरूआत से ही सदन में हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों पर कड़ा हमला करते हुए केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को कहा कि ये लोग जीएसटी परिषद की बैठक में इसका समर्थन करते हैं और सदन और बाहर इसका विरोध करते हैं।

ठाकुर ने आज भी प्रश्नकाल के दौरान राज्यसभा में महंगाई और आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी को वापस लेने की मांग को लेकर सदन में हंगामा कर रहे सदस्यों पर तीखा हमला किया और कहा कि ये वे लोग हैं जो जीएसटी परिषद की बैठक में चुपचाप सब कराते हैं और बाहर आकर उसका विरोध करते हैं। फेक न्यूज को लेकर भी उन्होंने तीखा प्रकार किया और कहा कि कुछ लोग यहां भी है जो इस तरह की खबरे छपवाते हैं और फिर उसका विरोध करते हैं।

उन्होंने कहा कि फेक न्यूज को लेकर उनके मंत्रालय के साथ ही इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी कार्रवाई कर रहा है। देश में 70 से अधिक यू ट्यूब चैनल बंद किये गये हैं। इसी तरह से कुछ सोशल मीडिया अकाउंट भी रोक दिए गए हैं। उनका मंत्रालय इस मामले में कोई राहत देने के पक्ष में नहीं है और इस तरह की गतिविधियां संचालित करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जाती रहेगी।

फेक न्यूज के आधार पर समाज में वैमनस्यता फैलाने के बारे में पूछे गए एक पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले में आईटी कानून 2000 के नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि 18 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में अब तक एक भी दिन संसद की कार्यवाही नहीं चल सकी है और राज्यसभा में भी कोई कामकाज नहीं हो सका है। आज भारी हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल संचालित किया गया है और 12.25 बजे से लेकर 12.35 बजे तक 10 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

सबगुरु राशिफल : 21 जुलाई गुरुवार को आपके भाग्य में क्या होगा बदलाव

सबगुरु न्यूज। सावन मास, कृष्ण पक्ष, अष्टमी तिथि, वार गुरुवार, सम्वत 2079, वर्षा ऋतु, रवि दक्षिणायन, सुबह 08.12 बजे बाद नवमी तिथि प्रारम्भ।

मेष :- आज मिला-जुला दिन है। धार्मिक और सामाजिक कार्यों के पीछे अधिक धन खर्च होगा। करीबी लोगों के साथ वाद-विवाद से मन अशांत रहेगा। दोपहर बाद आज सभी कार्य सरलतापूर्वक पूरे होते नजर आएंगे। वहीं दफ्तर में आपके प्रभाव क्षेत्र में भी वृद्धि होगी। उच्च अधिकारियों की कृपादृष्टि आप पर बनी रहेगी।

वृषभ :- आज का दिन आपके लिए शुभ रहेगा। आज व्यापार आदि संबंधित कार्यों के लिए भी लाभदायक दिन सिद्ध होगा। घर में कोई शुभ कार्य का आयोजन हो सकता है। निवेश से आर्थिक लाभ होने की पूरी संभावना है। दोपहर बाद स्वास्थ्य केे प्रति सजग रहें।

मिथुन :- आज नकारात्मक विचारों को मन से दूर रखना हितकर रहेगा। खान-पान का ध्यान रखिएगा। इसके अलावा कोई अकारण का खर्च भी आज करना पड़ सकता है। किसी जरूरी काम से बाहर भी जाना पड़ सकता है। फिलहाल आपका धन का खर्च अधिक न हो, इसका ध्यान रखने की खास जरूरत है।

कर्क :- आज आपको अपने मन के सारे काम करने के पूरे अवसर प्राप्त होंगे। वहीं आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। आज अचानक धन खर्च करना पड़ सकता है। नौकरी- व्यवसाय में परिस्थिति अनुकूल बनी रहेगी। अपने गुस्से को काबू में रखने का लाभ मिलेगा। फिलहाल किसी नए काम की शुरुआत मत करिए।

सिंह :- आज व्यापार विस्तार के लिए नई योजनाओं को अमल में ला सकते हैं। आज किसी अच्छे काम के लिए धन खर्च होगा। विदेश से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। फिलहाल प्रबल लाभ के योग बन रहे हैं। आकस्मिक धन खर्च होगा। भागीदारों के साथ आंतरिक मतभेद हो सकते हैं। किसी नए कार्य की शुरुआत आज करने से बचें।

कन्या :- आज का दिन सुख व शांतिपूर्वक बीतेगा। श्रम के साथ-साथ कला के प्रति भी अभिरुचि बनी रहेगी। व्यापार के लिए आज का दिन बहुत अच्छा है। स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा। व्यवसाय व कार्यक्षेत्र में स्थिति आपके अनुकूल बनेगी और साथी कर्मचारियों का सहयोग भी प्राप्त होगा।

तुला :- आज का दिन मध्यम फलदायी रहेगा। आपका स्वास्थ्य कुछ नरम बना रहेगा। परिवार या कार्यक्षेत्र में किसी से बड़ा वाद-विवाद हो सकता है। परंतु दोपहर बाद से आपकी स्थिति में सुधार आता जाएगा। वहीं आज आप किसी कलात्मक विधा के प्रति आर्कषित हो सकते हैं।

वृश्चिक :- आज संपत्ति संबंधित कार्यों में पूर्णतः सफलता प्राप्त होगी। भाई-बंधुओं का पूरा सहयोग मिलेगा। वहीं सभी प्रतिस्पर्धी परास्त होंगे। परंतु दोपहर बाद से कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। व्यावहारिक जीवन में अपयश मिलने की संभावना भी बनी हुई है। आज दिन खत्म होने तक कोई भारी धन हानि का भी योग बन रहा है।

धनु :- आज किसी करीबी की बात से मन दुख सकता है। वहीं स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा। आज का दिन आध्यात्मिक प्रवृत्तियों के लिए बहुत अच्छा है। व्यवसाय में आर्थिक लाभ भी होगा। दोपहर बाद से सभी अधूरे काम पूरे होते नजर आएंगे। आज आपके शत्रु कमजोर रहेंगे। ईश्वर का ध्यान करें।

मकर :- आज धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवृत्तियों में आज वृद्धि होगी। व्यापार में भी वातावरण अनुकूल बना रहेगा। आज आपके हर कार्य सरलता से पूर्ण होंगे। फिर भी दोपहर बाद से आपके विचारों में नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकते हैं। इससे हताशा बढ़ेगी। शेयर में निवेश का अच्छा लाभ मिलेगा।

कुंभ :- आज का दिन मिला-जुला असर वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आज आप किसी नई कार्य-योजना पर काम कर सकते हैं। स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रतिस्पर्धियों के साथ वाद-विवाद हो सकता है। व्यापारियों को फिलहाल यात्रा करने का लाभ नहीं होगा। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति हो सकती है।

मीन :- व्यावसायिक तथा अन्य क्षेत्रों में आज का दिन आप के लिए लाभप्रद रहेगा। किसी शुभ कार्य के आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं। आस-पास के क्षेत्रों की यात्रा तथा मित्रों से उपहार आदि मिल सकते हैं। दोपहर बाद हर कार्य में कुछ सावधानी बरतने की आवश्यकता है। व्यावसायिक कार्यों में सरकारी प्रभाव से काम बनते नजर आएंगे।

इराक : रिसॉर्ट में बम विस्फोट में 8 पर्यटकों की मौत, 23 घायल

बगदाद। इराक के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र कुर्दिस्तान के दुहोक प्रांत के एक रिसॉर्ट में बुधवार को तोपखाने की बमबारी में आठ लोगों की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए। तोपखाने की बमबारी दोपहर 13:50 बजे हुई।

संयुक्त अभियान कमान के मीडिया कार्यालय ने एक बयान में कहा कि जाखो क्षेत्र के पारख गांव में एक रिसॉर्ट पर, आठ लोगों की मौत हो गई और 23 घायल हो गए, जिनमें से सभी पर्यटक थे।

बयान के अनुसार इराकी प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी ने घटना की तत्काल जांच का आदेश दिया और विदेश मंत्री फुआद हुसैन और कई सैन्य कमांडरों को घटनास्थल पर भेजा।

इससे पहले, दुहोक अस्पताल के एक चिकित्सा सूत्र ने नाम न छापने पर कहा कि तुर्की के तोपखाने ने रिसॉर्ट को नष्ट कर दिया और जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई और 17 घायल हो गए। हालांकि तुर्की की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

महिला सांसद नूर नफी ने संसद में बमबारी पर चर्चा के लिए एक आपातकालीन सत्र बुलाने का आह्वान किया। बमबारी तब हुई, जब कई इराकी गर्मी की गर्मी से बचने के लिए उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में रिसॉर्ट्स में रूके हुए थे।

तुर्की सेना अक्सर कुर्दिस्तान के कुर्दिस्तान के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र, विशेष रूप से कंदील पर्वत, कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के मुख्य आधार पर जमीनी अभियान, हवाई हमले और तोपखाने की बमबारी करती है। पीकेके को तुर्की, अमरीका और यूरोपीय संघ द्वारा एक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

बड़वानी : धोखाधड़ी मामले में मेधा पाटकर पुलिस के समक्ष उपस्थित

बड़वानी। मध्यप्रदेश की बड़वानी में सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर की नर्मदा नव निर्माण एनजीओ से जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज धोखाधड़ी के प्रकरण में नोटिस दिए जाने के उपरांत आज मेधा पाटकर तथा ट्रस्ट के कुछ अन्य सदस्य एसआईटी के समक्ष उपस्थित हुए।

बड़वानी के पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने बताया कि राजपुर निवासी फरियादी प्रीतम राज बडोले की शिकायत पर नर्मदा नवनिर्माण एनजीओ से जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध थाना बड़वानी पर धोखाधड़ी के पंजीबद्ध हुए प्रकरण के सिलसिले में आरोपी मेधा पाटकर व ट्रस्ट के कुछ अन्य सदस्य एसआईटी के समक्ष उपस्थित हुए।

उन्होंने बताया कि मेधा पाटकर ने दस्तावेज सौंपे तथा कुछ ट्रस्टियों के बयान लिए गए। फिलहाल मेधा पाटकर के बयान नहीं लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी के समक्ष बड़वानी और मुंबई में आज 10 ट्रस्टी उपस्थित हुए, जिनमें से छह के बयान लिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में एसआईटी की 2 टीम मुंबई स्थित नर्मदा नवनिर्माण एनजीओ के मुख्यालय पहुंची और वहां से दस्तावेज एकत्रित किए। इसके अलावा एक अन्य ट्रस्टी परवीन जहांगीर और अन्य कुछ ट्रस्टियों के बयान भी लिए गए। परवीन जहांगीर ने हिसाब किताब, ऑडिट आयकर रिटर्न और अन्य जानकारियां साझा की।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एनजीओ नर्मदा नव निर्माण पर मेधा पाटकर, परवीन जहांगीर, विजया चौहान और मोहन पाटीदार का ही वित्तीय नियंत्रण था। कुछ अन्य ट्रस्टियों ने एनजीओ का सदस्य होना स्वीकार किया है, लेकिन उन्हें वित्तीय लेनदेन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

उन्होंने बताया कि एक टीम मझगांव डॉक लिमिटेड भी गई है, और उनसे सीएसआर की राशि के बारे में पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक टीम एनजीओ द्वारा संचालित बड़वानी के भादल में 1 तथा महाराष्ट्र के नंदूरबार जिले में संचालित सात जीवन शालाओं की जानकारी लेने भी गई है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में मेधा पाटकर समेत 12 ट्रस्टी आरोपी थे, जिसमें से एक की मृत्यु हो चुकी है तथा दो अन्य ने इस्तीफा दे दिया था। इस मामले में मध्यप्रदेश के चार अन्य लोगों को ट्रस्टियों के रूप में जोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि समस्त ट्रस्टियों के व्यक्तिगत खातों के भी रिकॉर्ड हासिल किए जा रहे हैं ताकि मामले की विवेचना में मदद मिल सके।

उल्लेखनीय है कि बड़वानी पुलिस ने प्रीतम राज बडोले की शिकायत पर मेधा पाटकर समेत नर्मदा नवनिर्माण एनजीओ के 11 अन्य प्रश्नों के विरुद्ध धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने मध्य प्रदेश तथा महाराष्ट्र में आदिवासी बच्चों के विकास तथा शिक्षा को लेकर एकत्रित किए गए साढ़े 13 करोड़ से अधिक की राशि का दुरुपयोग किया है। इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। मेधा पाटकर ने सभी आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र निरूपित किया है।

अवैध खनन रोकने की मांग : साधु बाबा ने किया आत्महत्या का प्रयास

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के डीग थाना क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ पसोपा गांव में चल रहे साधु-संतों के आंदोलन में आज एक संत आत्मदाह के प्रयास में गंभीर रुप से झुलस गए जबकि प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत से समझौता हो जाने पर इस मांग को लेकर दिया जा रहा धरना समाप्त हो गया।

प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने के साथ ही कनकांचल और आदि पर्वत को वन क्षेत्र घोषित करवाने की मांग पर चल रहा धरना समाप्त हो गया है। पसोपा में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह की उपस्थिति में प्रदर्शनकारियों ने यह घोषणा की तथा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार व्यक्त किया।

जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने पसोपा में साधु संतों और ग्रामीणों की उपस्थिति में समझौता पत्र पढकर सुनाया। श्री विश्वेन्द्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर पहले दिन से ही संवेदनशील हैं तथा इस मुद्दे पर बेवजह की राजनीति कर गुमराह करना गलत है। किसी को गुमराह कर मोबाइल टावर पर चढने या स्वयं को आग लगाने के लिये उकसाना गम्भीर बात है। हर व्यक्ति की जान कीमती है। ऐसे कृत्यों को बढावा न दें।

समझौते के अनुसार गत 12 अक्टूबर को भरतपुर कलेक्टर द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार कनकांचल और आदि पर्वत को 15 दिन के भीतर वन क्षेत्र घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी। यहां स्थित खानों की लीज अन्य स्थान पर ट्रांसफर की जाएगी ताकि यहां रोजगार प्राप्त कर रहे लोगों का रोजगार प्रभावित न हो।

आदि पर्वत व कनकांचल क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। इससे पूर्व सम्भागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा, आईजी, भरतपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव, जिला कलेक्टर आलोक रंजन और पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमण्डल से कई दौर की वार्ता की। इसके बाद इन चारों अधिकारियों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।

प्रदर्शकारियों की ओर से गोपेश बाबा, रमा प्रिय, रमाकान्त शास्त्री, सुनील सिंह, हरीबोल बाबा, महन्त शिवराम दास, भूरा बाबा, मुकेश शर्मा, मोहना, सुल्तान गुर्जर ने हस्ताक्षर किए।

इससे पहले इस मांग को लेकर पसोपा में संत विजय दास ने खुद को आग लगा ली। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी आग को बुझाया लेकिन तब तक संत काफी झुलस गए जिन्हें भरतपुर के राज बहादुर मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया।

बाद में उन्हें जयपुर भेज दिया गया और एसएमएस अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। 551 दिन से चलाये जा रहे इस आंदोलन से जुड़े बरसाना के रहने वाले एक अन्य बाबा नारायण दास 33 घंटे टावर पर बैठे रहने के बाद दोपहर टॉवर से नीचे उतर आए।

आत्मदाह की घटना पर सतीश पूनियां ने सरकार को घेरा

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां ने कहा है कि साधु-संतों की मांग के बाद एवं सरकार के हस्तक्षेप के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं होने की परिणिति एक साधु की आत्मदाह के प्रयास के रूप में हुई।

डा पूनियां ने भरतपुर जिले में साधु द्वारा आत्मदाह का प्रयास करने के मामले में अपने बयान में कहा कि बृज के कामां क्षेत्र में पिछले 551 दिनों से अवैध खनन को लेकर साधु समाज का आंदोलन चल रहा है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार की हठधर्मिता का बड़ा उदाहरण है कि 27 जनवरी 2005 में अवैध खनन के खिलाफ खनन पर रोक के बावजूद भी जब इस तरीके से अवैध खनन हो रहा है तो उसको लेकर साधु संतों और आम जनता बड़ा आक्रोश था, क्योंकि यह पूरा क्षेत्र ब्रज चौरासी क्षेत्र में आता है जो धार्मिक आस्था का एक बड़ा केंद्र है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार की कानून व्यवस्था की पोल तो इस मामले से खुलती ही है, लेकिन किस तरीके से राजस्थान की सरकार एवं प्रशासन लापरवाह है उसकी यह बानगी है। बाबा विजय दास के आत्मदाह ने राजस्थान की सरकार की हठधर्मिता की और मुद्दों के समाधान नहीं करने की पोल खोल दी है।

सतीश पूनियां ने कहा कि मुझे लगता है कि यह राजस्थान के लिए शर्मनाक है कि 551 दिन के आंदोलन पर संज्ञान नहीं लेना, यह जन आक्रोश का एक बड़ा कारण बना है।

बारां में पेट्रोल पंप से 4 लाख की लूट के मामले में मैनेजर अरेस्ट

बारां। राजस्थान में बारां जिले के केलवाड़ा थाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप के मैनेजर से चार लाख आठ हजार रुपए की लूट का बुधवार को खुलासा करते हुए पुलिस ने पेट्रोल पंप के मैनेजर को ही गिरफ्तार किया।

जिला पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीना ने बताया कि मंगलवार को गोयल पेट्रोल पंप खंडेला के मालिक राकेश गोयल ने दी रिपोर्ट में बताया कि पंप के मैनेजर हलावनी निवासी प्रेमा गुर्जर को ख्यावदा रोड के पास तीन नकाबपोश बदमाशों ने बाइक को लात मारकर नीचे गिरा दिया और उसके बैग में रखे चार लाख आठ हजार रुपए लूटकर ले गए।

पुलिस ने थानाधिकारी महेंद्र कुमार के नेतृत्‍व में एक विशेष टीम का गठन कर अज्ञात आरोपी की तलाश की गई। इस दौरान टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी जांच में पेट्रोल पंप मैनेजर प्रेमा गुर्जर की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो मैनेजर प्रेमा गुर्जर ने बताया कि उसने उसके परिचितों को उधार में डीजल दे दिया था, जिसकी रकम अधिक हो गई। इस रकम के बारे में पेट्रोल पंप मालिक को पता नहीं चले, इसलिए उसने यह साजिश रची थी। पुलिस ने मैनेजर प्रेमा गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है।

सुप्रीम कोर्ट का मोहम्मद जुबैर को रिहा करने का आदेश, मुकदमे दिल्ली स्थानांतरित

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने बुधवार को ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को कथित आपत्तिजनक ट्वीट के मामले में उत्तर प्रदेश में दर्ज सभी छह मुकदमों को सम्मिलित कर दिल्ली स्थानांतरित करने के साथ-साथ आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया।

न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने जुबैर की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह भी आदेश दिया कि भविष्य में यदि याचिकाकर्ता के खिलाफ इस मामले में अलग प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो उसके खिलाफ अंतरिम तौर पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

शीर्ष अदालत ने जुबैर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक ट्वीट के आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल को भंग कर दिया तथा सभी मामलों को दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ को स्थानांतरित करने का आदेश दिया।

शीर्ष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने इस तथ्य पर गौर किया कि जुबैर के ट्वीट के मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। इस मामले में उसे दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत से जमानत मिल चुकी है। ऐसे में उसी तरह के मामले में आरोपी को लगातार हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं था।

शीर्ष अदालत ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज मामलों को स्थानांतरित करने का उसका आदेश भविष्य की उन सभी प्राथमिकी पर भी लागू होगा, जो उनके ट्वीट के आधार पर दर्ज की जा सकती हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करवाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। पीठ ने याचिकाकर्ता जुबैर के ट्वीट के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज सभी छह मामलों में अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि गिरफ्तारी की शक्ति का कम से कम इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की उस गुहार को खारिज कर दिया, जिसमें जुबैर को भविष्य में कोई भी ट्वीट करने से रोकने का आदेश देने की गुजारिश की गई थी।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता से पूछा कि यह एक वकील से यह कहने जैसा है कि आपको बहस नहीं करनी चाहिए। हम एक पत्रकार से कैसे कह सकते हैं कि वह नहीं लिखेगा। इस पर राज्य के वकील ने कहा कि वह पत्रकार नहीं हैं।

पीठ ने कहा कि अगर कानून के खिलाफ कोई ट्वीट होता है तो वह जवाबदेह होगा। हम अग्रिम आदेश कैसे पारित कर सकते हैं कि कोई नहीं बोलेगा। हम यह नहीं कह सकते कि वह फिर से ट्वीट नहीं करेगा।

शीर्ष अदालत ने 18 जुलाई को उत्तर प्रदेश पुलिस को बुधवार 20 जुलाई तक जुबैर के खिलाफ कोई प्रारंभिक कार्रवाई नहीं करने को कहा था। शीर्ष अदालत ने 12 जुलाई को जुबैर के खिलाफ सीतापुर में दर्ज मामले में दी गई अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया था।

जुबैर के खिलाफ दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश के हाथरस में दो, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और सीतापुर में एक-एक प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। दिल्ली पुलिस ने जुबैर को 27 जून को गिरफ्तार किया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में था।

तवज्जो न मिलने से नाराज मंत्री दिनेश खटीक ने शाह को भेजा अपना इस्तीफा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महज चार महीने पुरानी योगी सरकार के मंत्रियों का असंतोष सतह पर आने लगा है। नई तबादला नीति के पालन में अपने ही विभाग में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत मुख्यमंत्री से कर चुके उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और लोकनिर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद के बाद जलशक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने दलित होने के कारण विभाग में उन्हें कोई महत्व नहीं दिए जाने की शिकायत केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से करते हुए अपने इस्तीफे की भी पेशकश कर दी है।

बुधवार को मिली जानकारी के मुताबिक खटीक ने शाह को भेजे पत्र में कहा कि उन्हें विभाग में तवज्जो नहीं दी जा रही है और विभाग में भ्रष्टाचार भी खूब हो रहा है। उन्होंने मंगलवार को लिखे पत्र में विभागीय अनियमितताओं का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन सब बातों से आहत होकर वह मंत्री पद से त्यागपत्र दे रहे हैं।

उन्होंने पत्र में कहा कि जल शक्ति विभाग में दलित समाज का राज्य मंत्री होने के कारण मेरे किसी भी आदेश पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है, न ही मुझे किसी बैठक की सूचना दी जाती है, न ही विभाग में कौन-कौन सी योजनाएं वर्तमान में संचालित है तथा उस पर क्या कार्यवाही हो रही है इत्यादि कोई सूचना अधिकारियों द्वारा नहीं दी जाती है। जिसके कारण राज्य मंत्री को विभाग के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं हो पाती है। सम्बंधित विभाग के अधिकारी राज्य मंत्री को केवल विभाग द्वारा गाड़ी उपलब्ध करा देना ही राज्य मंत्री का अधिकार समझते हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में पाठक ने स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों में अनियमितताओं की शिकायत योगी से की थी। इसी प्रकार पीडब्ल्यूडी में भी तबादला नीति के पालन में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद मंत्री जितिन प्रसाद के ओएसडी सहित पांच वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध मुख्यमंत्री के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की गई।

खटीक ने विभाग में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस विभाग में स्थानांतरण सत्र में बहुत बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है। उन्होंने अधिकारियों द्वारा उनकी बात को अनसुना करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी की भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टारलेंस’ नीति को ध्यान में रखते हुए तबादलों में जब भ्रष्टाचार होने की बात उनके संज्ञान में आई, तब उन्होंने तबादलों की सूचना गत नौ जुलाई को अधिकारियों से मांगी, लेकिन अब तक उसका कोई जवाब नहीं मिला।