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मुफ्त की रेवड़ी बांटकर वोट बटोरने के कल्चर को मिटाना है : मोदी

उरई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मतदाताओं को लुभाने के लिए जनता में मुफ्त की सौगात बांटने को देश के लिए घातक बताते हुए कहा है कि देश में मुफ्त की रेवड़ी बांट कर वोट बटोरने की परिपाटी पनप रही है, ये ‘रेवड़ी कल्चर’ देश के लिये घातक है और सभी को मिलकर इस ‘रेवड़ी कल्चर’ को राजनीति से हटाना है।

मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का यहां कैथेरी गांव में लोकार्पण करने के बाद अपने संबोधन में देशवासियों को आगाह किया कि मुफ्त की वस्तुएं बांटकर वोट बटोरने वाली राजनीति से बहुत सावधान रहने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने यहां विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश में मुफ्त की रेवड़ी बांटकर वोट बटोरने का कल्चर लाने की कोशिश हो रही है। ये रेवड़ी कल्चर देश के विकास के लिए बहुत घातक है। इस रेवड़ी कल्चर से देश के लोगों को बहुत सावधान रहना है।

मोदी ने लोगों से इस परिपाटी को मिटाने का आह्वान करते हुए कहा कि रेवड़ी कल्चर वाले कभी आपके लिए नए एक्सप्रेसवे नहीं बनाएंगे, नए एयरपोर्ट या डिफेंस कॉरिडोर नहीं बनाएंगे। रेवड़ी कल्चर वालों को लगता है कि जनता जनार्दन को मुफ्त की रेवड़ी बांटकर, उन्हें खरीद लेंगे। हमें मिलकर उनकी इस सोच को हराना है, रेवड़ी कल्चर को देश की राजनीति से हटाना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार मुफ्त की रेवड़ी बांटने का शॉर्टकट नहीं अपना रही, बल्कि मेहनत करके राज्य के भविष्य को बेहतर बनाने में जुटी है।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक और केन्द्रीय मंत्री भानु प्रताप वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का लोकार्पण किया। मोदी ने कहा कि यह एक्सप्रेस वे बुंदेलखंड को विकास आैर स्वरोजगार से जोड़ेगा।

उन्होंने कहा कि पहले यह माना जाता था कि बेहतर सड़कों का लाभ सिर्फ बड़े शहरों को ही मिलता है, लेकिन अब सरकार बदली है तो मिजाज भी बदला है। अब छोटे शहरों को भी उतनी ही प्राथमिकता दी जा रही है और सही मायने में यही सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास है।

इस अवसर पर योगी ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड के विकास का जीवंत प्रमाण है। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्र को नई पहचान दिलाकर यहां औद्योगिक निवेश को आमंत्रित करने का नया माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि ‘बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे’ एवं ‘इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ के निर्माण से प्रदेश में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह एक्सप्रेस-वे उ.प्र. के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

गौरतलब है कि मोदी ने फरवरी 2020 में 14,850 करोड़ रुपए की लागत से बने चार लेन वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का चित्रकूट में शिलान्यास किया था। इसका आज उद्घाटन होने से बुंदेलखंड के सात जिले चित्रकूट से इटावा तक, एक्सप्रेस वे के माध्यम से दिल्ली और लखनऊ से सीधे जुड़ गए हैं।

दिल्ली और लखनऊ से सीधे जोड़ने वाले 296 किमी लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के जरिये दिल्ली से चित्रकूट तक की 630 किमी की दूरी तेज गति से फर्राटा भर कर तय की जा सकेगी। वैश्विक महामारी कोरोना के बावजूद बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे निर्माण की अनुमानित अवधि से आठ महीने पहले बनकर तैयार हाे गया है। इसे 28 माह में बना लिया गया है। उप्र सरकार का दावा है कि इसे अनुमानित लागत से करीब 12.72 प्रतिशत कम कीमत में बना लिया गया है। इससे सरकारी खजाने को 1132 करोड़ रुपये का लाभ हुआ।

विभिन्न एक्सप्रेस वे के जरिये दिल्ली से चित्रकूट तक की 630 किमी की दूरी को पूरा करने में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे की हिस्सेदारी 296 किमी रहेगी। जबकि, डीएनडी फ्लाईवे नौ किमी, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे 24 किमी, यमुना एक्सप्रेस वे 165 किमी और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे 135 किमी की हिस्सेदारी निभाएंगे।

बुंदलेखंड एक्सप्रेस वे लोगों को दिल्ली सहित अन्य राज्यों से भी जोड़ेगा। इससे चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा जिलों के लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। सरकार का कहना है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे इस इलाके की कनेक्टिविटी में सुधार के साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा। बांदा और जालाैन में एक्सप्रेस वे के किनारे औद्योगिक कारिडोर भी बनाया जा रहा है। इसके लिए सलाहकार एजेंसी का चयन हो चुका है। उद्योग लगने से लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा। एक्सप्रेस वे के आरओडब्ल्यू के तहत लगभग सात लाख पौधे रोपे जा रहे हैं।

यह एक्सप्रेस वे चार लेन की चौड़ाई वाला है। एक्सप्रेसवे पर प्रवेश और निकासी के लिए 13 स्थानों पर इंटरचेंज सुविधा दी गई है। परियोजना के आस-पास के गांव के निवासियों को सुगम आवागमन की सुविधा के लिए सर्विस रोड का निर्माण किया गया है। एक्सप्रेसवे पर चार रेलवे ओवर ब्रिज, 14 दीर्घ सेतु, छह टोल प्लाजा, सात रैम्प प्लाजा, 293 लघु सेतु, 19 फ्लाई ओवर और 224 अण्डरपास का निर्माण किया गया है।

मोदी ने 2014 से पहले उत्तर प्रदेश की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि खराब कानून व्यवस्था और खराब ‘कनेक्टिविटी’ यहां की सबसे बड़ी चुनाैती थी। उन्होंने कहा कि पहले जब मैं उत्तर प्रदेश आता था तो मुझे लगता था कि अगर इन दो चुनौतियों को दुरुस्त कर दिया जाये, तो उत्तर प्रदेश चुनौतियों को भी चुनौती दे सकता है। आज योगी राज में कानून व्यवस्था भी सुधरी है और कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश, खासकर बुंदेलखंड में बच्चों के खिलौने बनाने की पारिवारिक एवं पारंपरिक परिपाटी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में खिलौने बनाना पारंपरिक व्यवसाय रहा है। मैंने खिलौना उद्योगों को नए सिरे से काम करने का आग्रह किया था। लोगों से भी भारतीय खिलौने खरीदने का आग्रह किया था।

उन्हाेंने कहा कि इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार के स्तर पर जो काम जरूरी थे, वो भी किये गये। इसका नतीजा ये निकाला कि पहले बच्चों के जो खिलौने विदेशों से आयात होते थे, आज विदेश से आने वाले खिलौनों की संख्या बहुत बड़ी मात्रा में कम हो गई है। साथ ही भारत से अब बड़ी संख्या में खिलौने विदेश में जाने लगे हैं।

उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से चित्रकूट से दिल्ली की दूरी तो 3-4 घंटे कम हुई ही है, लेकिन इसका लाभ इससे भी कहीं ज्यादा है। ये एक्सप्रेस वे यहां सिर्फ वाहनों को गति नहीं देगा, बल्कि ये पूरे बुंदेलखंड की औद्योगिक प्रगति को गति देगा।

मोदी ने कहा कि उप्र अब नए संकल्पों को लेकर तेज गति से दौड़ने के लिए तैयार हो चुका है। यही सबका साथ है, सबका विकास है। कोई पीछे न छूटे, सब मिलकर काम करें, इसी दिशा में डबल इंजन की सरकार लगातार काम कर रही है। यूपी के छोटे-छोटे जिले, हवाई सेवा से जुड़ें, इसके लिए भी तेजी से काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के पास स्थित छोटे बड़े पुराने किलों का जिक्र करते हुए योगी सरकार से आग्रह किया कि वे इस एक्सप्रेस वे को इस इलाके के किलाें को पर्यटन से जोड़ें। मोदी ने कहा कि इस एक्सप्रेस वे के बगल में जो स्थान हैं, वहां बहुत सारे किले हैं। यूरोप के बहुत सारे देशों में किले देखने का बहुत बड़ा पर्यटन उद्योग चलता है। मैं आज योगी जी की सरकार से कहूंगा कि अब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बनने के बाद आप भी इन किलों को देखने के लिए एक शानदार टूरिज्म सर्किट बनाइये।

उन्होंने उप्र में विकास की गति राह में आ रहे बदलाव का भी उल्लेख किया। मोदी ने कहा, पहले की सरकार के समय उप्र में हर साल औसतन 50 किमी रेल लाइन का दोहरीकरण होता था, आज औसतन 200 किमी रेल लाइन का दोहरीकरण हो रहा है। उप्र में 2014 से पहले सिर्फ 11,000 कॉमन सर्विस सेंटर थे, आज यूपी में 1.30 लाख से ज्यादा कॉमन सर्विस सेंटर काम कर रहे हैं। एक समय में सिर्फ प्रदेश में 12 मेडिकल कॉलेज थे, आज उप्र में 35 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज हैं और 14 नए मेडिकल कॉलेज का काम चल रहा है।

नुपूर शर्मा को लेकर धमकी देने के मामले में पोटला बंद

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा के समर्थन में स्टेटस लगाने पर एक युवक को जान से मारने की धमकी देने के मामले को लेकर आज पोटला कस्बा बंद रहा।

इस मामले को लेकर सर्व हिन्दू समाज आक्रोशित हो गया और इसके विरोध में आज पोटला बंद रखा गया। पोटला के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। इस दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए और अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। हालांकि इस दौरान कहीं से कोई अप्रिय खबर प्राप्त नहीं हुई हैं।

सर्व हिन्दू समाज की बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि उपखंड अधिकारी से आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग का ज्ञापन दिया जाएगा। इस मामले में गंगापुर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। पुलिस ने धमकी मिलने वाले युवक के परिवार को सुरक्षा भी प्रदान की गई हैं।

भीलवाड़ा : नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने पर धमकी के मामले में 5 अरेस्ट

सोनिया ने गुजरात, मोदी को बदनाम करने के लिए तीस्ता का इस्तेमाल किया : भाजपा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर आज आरोप लगाया कि गुजरात दंगों को लेकर उसने नरेन्द्र मोदी को अपमानित एवं बदनाम करने के लिए तीस्ता सीतलवाड़ का इस्तेमाल किया और इसके लिए करोड़ों रुपए खर्च किए।

भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने गुजरात दंगों को लेकर उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित विशेष कार्रवाई दल (एसआईटी) के एक हलफनामे का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात दंगे 2002 में जिस प्रकार माननीय नरेन्द्र मोदी को अपमानित करने की चेष्टा कांग्रेस ने षड्यन्त्र के तहत की थी, परत दर परत उसकी सच्चाई सामने आ रही है।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने इस पर कहा था कि कुछ लोग षड्यन्त्र के तहत इस विषय को जीवित रखने का प्रयत्न कर रहे थे तथा गलत तथ्य प्रस्तुत कर रहे थे और अब इन लोगों पर भी कानून का शिकंजा कसे।

इस संदर्भ में गठित एसआईटी ने अदालत में एक हलफनामा पेश किया है जिसमें पूरी साजिश की कलई खुल गई है। उन्होंने कहा कि हलफनामा कहता है कि तीस्ता सीतलवाड़ और उसके सहयोगी मानवता के तहत काम नहीं कर रहे थे। ये राजनीतिक मंसूबे के साथ काम कर रहे थे।

पात्रा ने कहा कि कांग्रेस के दो लक्ष्य थे। पहला, गुजरात की तब की सरकार को अस्थिर किया जाए तथा दूसरा बेगुनाह लोगों को इसमें शामिल किया जाए जिसमें मोदी का भी नाम शामिल है। उन्होंने कहा कि हलफनामे में ये सामने आया है कि षड्यंत्र के रचयिता सोनिया गांधी के पूर्व मुख्य राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल थे। अहमद पटेल तो सिर्फ नाम है, इस सबके पीछे मुख्य रूप से सोनिया गांधी का नाम है। सोनिया गांधी ने गुजरात की छवि और मोदी को अपमानित करने का षड्यंत्र रचा।

उन्होंने कहा कि मीडिया में सामने आए इस हलफनामे के अनुसार इस काम के लिए पैसे दिए गए, पहले क़िस्त के रूप में 30 लाख रुपए सोनिया गांधी ने तीस्ता सीतलवाड़ को दिए। उन्होंने कहा कि अहमद पटेल हमारे बीच नहीं है, लेकिन उन्होंने तो केवल वो डिलीवरी की थी। ये 30 लाख उस जमाने में मात्र पहली किस्त के रूप में दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इसके बाद न जाने कितने करोडों रुपए सोनिया गांधी ने मोदी को अपमानित और बदनाम करने के लिए और केवल राहुल गांधी को बढ़ाने के लिए तीस्ता सीतलवाड़ का इस्तेमाल सोनिया गांधी ने किया।

उन्होंने कहा कि हलफनामे में कहा गया है कि तीस्ता सीतलवाड़ राज्यसभा में जाना चाहती थीं। एसआईटी ने सच सामने ला दिया है। अहमद पटेल ने तो सिर्फ पैसे दिए हैं, असल में पैसा तो सोनिया गांधी के घर से दिया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से मोदी की छवि खराब करने के लिए तीस्ता सीतलवाड़ को दिए गए थे। तीस्ता सीतलवाड़ कांग्रेस की बड़ी साजिश का हिस्सा रहीं हैं।

उन्होंने कहा कि असल में पूरे षडयंत्र को रचने में सोनिया गांधी ड्राइविंग सीट पर बैठी थीं। उन्होंने अहमद पटेल की मदद से गुजरात एवं मोदी की छवि को धूमिल करने की कोशिश की।

गहरी चोट से गई डाेनाल्ड ट्रम्प की पहली पत्नी इवाना की जान

वाशिंगटन। न्यूयॉर्क के चिकित्सकों ने कहा है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पहली पत्नी इवाना ट्रम्प की मौत गहरी चोट के कारण हुई।

ट्रम्प की तीन संतानों की मां (73) के निधन के बारे में सूत्रों ने मीडिया को जानकारी दी थी कि वह न्यूयॉर्क सिटी में अपने घर में सीढ़ियों के नीचे बेहोशी की हालत में पाई गई थीं और ऐसा माना जा रहा है कि वह सीढ़ियों से गिर गई होंगी। पुलिस का मानना है कि उनकी मृत्यु किसी दुर्घटना की वजह से हुई होगी।

बाद में चिकित्सकों ने बताया कि गहरी चोटों की वजह से इवाना ट्रम्प की मृत्यु हुई है। ट्रम्प ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल में इसकी जानकारी देते हुए लिखा था कि वह एक खूबसूरत गजब की महिला थी, जिसने एक बेहतरीन और प्रेरणादायक जीवन बिताया।

पूर्व चेकोस्लोवाकिया में कम्युनिस्ट शासन में पली-बढ़ीं इवाना ट्रंप 1977 में पूर्व राष्ट्रपति संग शादी के बंधन में बंधी थीं और इसके 15 साल बाद 1992 में दोनों एक-दूसरे से अलग हो गए।

वर्ष 1980 और 1990 के दशक में न्यूयॉर्क में इन दोनों की जोड़ी नामी-गिरामी हस्तियों की सूची में शामिल थी और इनके बीच की दूरी ने उन दिनों खूब सूर्खियां बटोरी थीं। इवाना ट्रम्प अलग होने के बाद सौंदर्य उत्पादों, कपड़ों और आभूषणों के पेशें से जुड़ गई थीं। इसके अलावा, उन्होंने कई किताबें भी लिखीं।

उन्होंने वर्ष 2017 में प्रकाशित अपने संस्मरण ‘राइजिंग ट्रंप’ में अपने तीन बच्चों की परवरिश का जिक्र किया था। इवाना ट्रम्प के निधन पर उनके परिवार से जुड़े तमाम लोगों और परिचितों ने दुख जताया है।

अमरीका के मोंटाना में तेज तूफान की चपेट में आए कई वाहन, 6 लोगों की मौत

वाशिंगटन। अमरीका के मोंटाना में कई वाहनों के तेज तूफान के चपेट में आ जाने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

मोंटाना प्रांत के इंटरस्टेट 90 पर शुक्रवार शाम को धूल भरी आंधी चलने के कारण 21 वाहनों के आपस में टकरा जाने के कारण छह लोगों की मौत हो गई। मोंटाना राजमार्ग गश्ती दल के सार्जेंट जे नेल्सन ने बताया कि प्राधिकारियों को लगता है कि यह हादसा खराब मौसम के कारण हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि तेज हवाएं चलने के कारण धूल भरी आंधी से दृश्यता शून्य हो गई थी।

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने बिलिंग्स में नेशनल वेदर सर्विस के मौसम विज्ञानी निक वर्ट्ज़ के हवाले से कहा कि इस क्षेत्र में शुक्रवार को गरज के साथ 62 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे धूल भरी आंधी की चपेट में आकर कई वाहन आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना करीब छह लोगों की मौत हो गयी जबकि कई लोग घायल हुए हैं।

गवर्नर ग्रेग जियानफोर्ट ने ट्वीट किया कि हार्डिन के पास घटित दुर्घटना की खबर से मैं आहत हूं। मैं मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। मृतकाें के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायल हुए व्यक्तियों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। ‘द बिलिंग गजट’ की वीडियो में सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रेलर और कारों को राजमार्ग पर आपस में टकराते हुए देखा जा सकता है।

पाकिस्तान: एक अभियान में 9 बलूच अलगावादियों की मौत, एक जवान शहीद

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में एक हफ्ते पहले अगवा हुए आर्मी अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल लाइक बेग मिर्जा की हत्या के बाद कथित हत्यारों के खिलाफ एक अभियान चलाया गया जिसमें नौ बलूच अलगाववादी की मौत हो गई है और एक जवान शहीद हो गया है।

कर्नल लाइक बेग मिर्जा अपने परिवार के साथ जियारत से क्वेटा के सफर पर निकले थे कि तभी आतंकवादियों ने उनका अपहरण कर लिया। इस दौरान, आतंकवादियों ने उनके चचेरे भाई उमर जावेद को भी अगवा कर लिया, जिसके ठिकाने का पता अभी तक नहीं चल पाया है।

पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा कि सुरक्षा बलों ने गुरुवार देर रात जियारत के पास पहाड़ियों में अलगाववादियों के एक ठिकाने पर धावा बोला था। इससे दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ की स्थिति उत्पन्न हुई और सेना का एक जवान शहीद हो गया। हालांकि, इस दौरान सुरक्षा बलों के जवान प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के पांच लड़ाकों को भी ढेर करने में कामयाब रहे।

इसके बाद जियारत नाले के पास सुरक्षा बलों की नजर अलगाववादियों के एक और समूह पर पड़ी और इसके चार सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया गया। इस बीच, दोनों पक्षों की अंधाधुंध फायरिंग के बीच घने अंधेरे में आतंकवादी उमर जावेद को अपने साथ लेकर फरार होने में सफल रहे।

अपहरण मामला : रुबिया सईद जम्मू में टाडा कोर्ट में हुई पेश

जम्मू। पूर्व गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की छोटी बेटी, डॉ रुबिया सईद शुक्रवार को पहली बार टाडा कोर्ट में आठ दिसंबर 1989 के अपने अपहरण मामले में पेश हुई।

जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख और अलगाववादी नेता यासीन मलिक इस मामले के मुख्य आरोपी हैं। अदालत के सूत्रों ने बताया कि यासीन मलिक पर उसके साथियों के साथ आठ दिसंबर 1989 को रुबिया सईद के अपहरण का आरोप है।

सूत्रों ने कहा कि टाडा कोर्ट जम्मू ने रूबिया सईद को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था और निर्देशों के अनुसार, वह शुक्रवार सुबह जानीपुर स्थित उच्च न्यायालय परिसर में अदालत में पेश हुई।

इस मामले में यासीन मलिक के अलावा अली मोहम्मद मीर, मोहम्मद जमान मीर, इकबाल अहमद, जावेद अहमद मीर, मोहम्मद रफीक, मंजूर अहमद सोफी, वजाहत बशीर, मेहराज-उद-दीन शेख और शौकत अहमद बख्शी भी आरोपी हैं।

भीलवाड़ा : नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने पर धमकी के मामले में 5 अरेस्ट

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने पर एक युवक को जान से मारने की धमकी देने एवं उसके जीजा को दुकान पर जाकर धमकाने के मामले में पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार इस मामले में गंगापुर पुलिस ने इन युवकों को शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर निगरानी रख रही पुलिस टीम को इस बारे में पता चला तो यह कार्रवाई की। वहीं पीड़ित युवक ने भी एक रिपोर्ट पुलिस को दी है।

गंगापुर थाने के दीवान जेठमल ने बताया कि गांधीनगर निवासी आयुष ने अपने वाट्स ऐप स्टेटस पर नुपुर शर्मा के समर्थन वाली एक पोस्ट लगाई थी। इसे लेकर उसे धमकी मिलनी शुरू हो गई। पुलिस इस तरह के मामलों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार नजर रखे हुये है। उक्त मामला भी इस टीम की निगरानी में आया।

इसे लेकर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आशिक उर्फ बबरी, शकील शाह, बिलाल मोहम्मद, आरीफ मोहम्मद मंसूरी एवं मोहम्मद तालिम रंगरेज को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करने के फैसले पर रोक

मुंबई। महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी गठबंधन सरकार ने औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर, उस्मानाबाद का धराशिव तथा नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का नाम बदलकर डीबी पाटिल करने के फैसले पर रोक लगा दी है। इन तीनों शहरों को नाम बदलने का फैसला राज्य की उद्धव ठाकरे के नेतृत्ववाली महा विकास अघाड़ी की पूर्ववर्ती सरकार ने लिए था।

सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल द्वारा नई सरकार को बहुमत साबित करने के लिए पत्र जारी करने के बाद ऐसा रणनीतिक और लोकप्रिय निर्णय नहीं लिया जा सकता है, इसलिए नाम परिवर्तन को स्थगित कर दिया गया है। इससे पहले राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी यह मुद्दा उठाया था।

उल्लेखनीय है कि औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर करने की घोषणा के बाद सभी नागरिक समाजों के नेतृत्व में औरंगाबाद नामंतर विरोधी कृति समिति, वामपंथी दलों सहित विपक्षी दलों ने इस कदम का कड़ा विरोध किया और निर्णय के विरोध में औरंगाबाद में एक मौन मार्च भी निकाला था।

भीलवाड़ा में नाबालिग से रेप के दोषी को 20 वर्ष का कारावास

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाडा में विशिष्ट न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) देवेंद्रसिंह नागर ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा और 30 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

विशिष्ट लोक अभियोजक हर्ष रांका ने बताया कि आरोपी रतन रैगर पर एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसला कर ले जाने व 15-16 दिन अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाकर रखते हुए रेप करने का आरोप है। अभियोजन पक्ष ने मामले में रतन पर लगे आरोप सिद्ध करने के लिए न्यायालय में 17 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाते हुए 30 दस्तावेज पेश किए।

उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग को अगवा कर ले जाने के बाद रतन ने उसे पहले कांटी ले गया। इसके बाद उसे वह भवानीपुरा ले गया। दोनों ही जगह उसे 15-16 दिन बंधक बनाकर रखते हुए आरोपित ने दुष्कर्म किया।

भवानीपुरा से पुनरू कांटी ले जाते समय नाबालिग को पुलिस ने दस्तयाब व आरोपित को पकड़ा था। पुलिस ने मामले में तफ्तीश कर रतन के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी।