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श्रीगंगानगर में छात्रा का अपहरण कर रेप के दोषी को 10 वर्ष कठोर कारावास

श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) की विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेंद्र खरे ने एक स्कूली छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी को आज 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार का अर्थदंड लगाया।

विशिष्ट लोक अभियोजक गुरचरण सिंह रुपाणा एडवोकेट ने बताया कि जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को एक वर्ष का साधारण कारावास अलग से भुगतना होगा।

घटना मटीली राठान थाना क्षेत्र में एक सीमावर्ती गांव की है। स्कूल में अध्ययनरत 16 वर्षीय एक किशोरी के पिता द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर 10 अगस्त 2016 को रवि उर्फ रविंद्र सिंह मजहबी सिख निवासी चक 10-डब्ल्यू के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। विशिष्ट लोक अभियोजक ने बताया कि प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में 13 गवाह, 15 आर्टिकल और 25 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

इनके आधार पर आज न्यायाधीश ने निर्णय देते हुए रवि को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। पीड़िता को प्रतिकर राशि भी दिए जाने की अनुशंसा की गई है।

रेप मामले में सिमरजीत बैंस का 4 साथियों सहित कोर्ट में आत्मसमर्पण

लुधियाना। रेप के एक मामले में भगौड़े पूर्व विधायक और लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख सिमरजीत सिंह बैंस ने सोमवार को अपने चार साथियों परमजीत सिंह पम्मा, प्रदीप शर्मा गोगी, बलजिंदर कौर और जसबीर कौर उर्फ भाभी के साथ लुधियाना की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने पांचों आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

इससे पहले कमिश्नरेट पुलिस ने इस मामले में बैंस के निजी सचिव सुखचैन सिंह और भाई कर्मजीत सिंह बैंस को गिरफ्तार किया था। आरोपी सुखचैन सिंह भी उन आरोपियों में शामिल था, जिन्हें अदालत ने भगोड़ा करार दिया था। पुलिस ने सुखचैन और कर्मजीत बैंस को दो दिन के रिमांड पर लिया था।

उल्लेखनीय है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इनकी अग्रिम जमानत याचिका रद्द कर दी थी। इतना ही नहीं, सुप्रीमकोर्ट से भी इन्हें कोई राहत नहीं मिली थी। करीब 44 साल की महिला ने आरोप लगाते हुए कहा था कि वह एक प्रॉपर्टी विवाद के सिलसिले में सिमरजीत सिंह बैंस के संपर्क में आई थीं, जिसके बाद विधायक ने उसकी आर्थिक कमजोरी का फायदा उठाया और उसकी मदद करने के बजाए उसके साथ दुष्कर्म किया।

महिला ने आरोप लगाया कि विधायक ने एक बार नहीं बल्कि कई बार उसके साथ घिनौनी हरकत की, जिसके बाद महिला ने परेशान होकर जुलाई 2021 में लुधियाना में बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। महिला का आरोप है कि पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरसिमरनजीत सिंह की अदालत के आदेश पर सात जुलाई 2021 को थाना डिवीजन नंबर छह की पुलिस ने बैंस और उनके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया किया था। इसके बाद गिरफ्तारी को लेकर महिला पिछले काफी समय से पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर बैठी थी। सिमरजीत सिंह बैंस ने मामला दर्ज करने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन उसे रद्द कर दिया गया था।

कन्हैयालाल हत्याकांड मामले में NIA अजमेर पहुंची, गौहर चिश्ती की तलाश

अजमेर। राजस्थान में उदयपुर कन्हैयालाल हत्याकांड की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) इस मामले में आज अजमेर पहुंची।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अजमेर में एनआईए को हत्यारों के संपर्क के मामले में गौहर चिश्ती नामक युवक की तलाश है और इसलिए एनआईए टीम ने अजमेर दरगाह थाना पहुंचकर वहां के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

एनआईए ने दरगाह थाने के नियंत्रण कक्ष से पिछले दो तीन महीने के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लिए हैं। गौहर चिश्ती पर अजमेर में गत 17 जून को दरगाह के निजाम गेट के बाहर भड़काऊ नारे लगाने का आरोप है जब जुम्मे की नमाज के बाद मुस्लिम बिरादरी की ओर से नुपूर शर्मा मामले में एक शांति मार्च निकाला गया था।

ओ पनीरसेल्वम सहित चार समर्थक अन्नाद्रमुक से बर्खास्त

चेन्नई। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्ना द्रमुक) की आम परिषद ने सोमवार को पार्टी के कोषाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम तथा उनके तीन अन्य समर्थकों को पार्टी की नियमों की अवहेलना करने के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया।

पूर्व मंत्री नाथम आर विश्वनाथन द्वारा पेश किए गए विशेष प्रस्ताव को आम परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। विश्वनाथन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया कि पनीरसेल्वम और उनके समर्थक एवं पूर्व मंत्री आर वैथिलिंग, पूर्व विधायक जे सीडी प्रभाकरन तथा मनोज पंडियन को पार्टी को अस्थिर करने के आरोप में उनके पद तथा प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त किया जाता है।

बैठक में प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित होने के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि इन नेताओं से किसी भी तरह का संपर्क नहीं रखें। महासभा की बैठक में लिए गए इस फैसले के बाद पनीरसेल्व पार्टी दफ्तर में आए और अपने खिलाफ की गई कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि पलानीस्वामी तथा मुनुसामी को उन्हें एकतरफा बर्खास्त करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के 1.5 करोड़ से अधिक समर्थकों ने मुझे पार्टी का सहसंयोजक चुना है। उन्होंने कहा कि वह ईके पलानीस्वामी तथा मुनुसामी को पार्टी के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त करने की घोषणा करते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखाएंगे।

श्रीलंका : राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ‘घोषणा के अनुसार’ इस्तीफा देंगे

कोलंबो। श्रीलंका के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को पुष्टि की कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को सूचित किया है कि वे पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। अल जजीरा ने आज यह जानकारी दी। हजारों प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को राजपक्षे और विक्रमसिंघे के आधिकारिक आवासों पर धावा बोल दिया था।

देश में गंभीर आर्थिक संकट के मद्देनजर शनिवार के व्यापक विरोध के बाद, संसद अध्यक्ष ने कहा कि राजपक्षे बुधवार को इस्तीफा देंगे। राजपक्षे की ओर से पद छोड़ने की उनकी योजना के बारे में कोई सीधी बात नहीं की गई है। विक्रमसिंघे ने भी घोषणा की है कि वह भी एक सर्वदलीय अंतरिम सरकार के सत्ता में आने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए पद छोड़ देंगे।

एक वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए पार्टी के नेता गहन चर्चा कर रहे हैं, दिवालिया राष्ट्र के लिए एक बेलआउट कार्यक्रम के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ चर्चा जारी रखने की तत्काल आवश्यकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि विक्रमसिंघे ने सोमवार सुबह कैबिनेट मंत्रियों के साथ चर्चा की।

विधायक उदय गम्मनपिला ने कहा कि मुख्य विपक्षी यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट और राजपक्षे के सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग हुए राजनेताओं ने भी चर्चा की और साथ काम करने के लिए सहमत हुए। मुख्य विपक्षी नेता साजित प्रेमदास और दुलस अल्हाप्परुमा के नाम क्रमशः राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिए प्रस्तावित किए गए हैं।

प्रेमदासा और अल्हाप्परुमा से अनुरोध किया गया है कि वे सोमवार को बाद में संसद अध्यक्ष के साथ बैठक से पहले पदों को कैसे साझा करें, इस पर निर्णय लें।

संवैधानिक विशेषज्ञों का कहना है कि एक बार जब राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री औपचारिक रूप से इस्तीफा दे देते हैं, तो अगला कदम होगा कि अध्यक्ष को कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया जाए और संसद के लिए राजपक्षे के कार्यकाल को पूरा करने के लिए 30 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति के लिए मतदान किया जाए, जो कि 2024 में समाप्त होना था।

भगोड़े विजय माल्या को अवमानना मामले में 4 माह जेल की सजा

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने भगोड़ा घोषित व्यवसायी विजय माल्या को अवमानना के मामले में सोमवार को चार माह की कैद की सजा सुनाई। उन्हें न्यायालय ने चार सप्ताह में चार करोड़ डॉलर मय ब्याज जमा करने का आदेश दिया है।

ग्रीष्मावकाश के बाद इस मामले की सुनवाई करने वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने सरकार से कहा है कि धनराशि चुकाने का आदेश पालन न करने पर माल्या की संपत्तियों की कुर्क करने की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश भी दिया है।

पीठ ने माल्या पर दो हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक आदेशों के उल्लंघन करने का दोषी पाया है। पीठ ने कहा कि माल्या ने यूनाइटेड ब्रूअरीज की संपत्ति की बिक्री से प्राप्त राशि में से जिस तरह से चार करोड़ डॉलर की राशि अपने बच्चों के नाम हस्तांतरित की, जो गलत है। उन्होंने जो भी पैसा हस्तांतरित किया है उसे ऋण वसूली कार्यालय को आठ प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाया जाए।

मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति यूयू ललित, एस. रविन्द्र भट और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्ह की पीठ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि माल्या ने कोई पछतावा नहीं दिखाया है।

गौरतलब है कि माल्या पर उनकी बंद हो चुकी एयरलाइन किंगफिशर के लिए बैंकों से लिए गए कर्ज को जानबूझकर न चुकाना और उसमें हेराफेरी करने का आरोप है। स्टेट बैंक के नेतृत्व में बैंकों के समूह ने उन पर उच्चतम न्यायालय ने अवमानना का मामला दर्ज किया था।

उन्होंने आऱोप लगाया कि माल्या ने यूनाइटेड ब्रूअरीज की संपत्ति की बिक्री का पैसा अपने बच्चों को हस्तांतरित कर न्यायालय की अवमानना की थी। शीर्ष न्यायालय ने माल्या को 2017 में ही अवमानना का दोषी पाया था।

माल्या ने अदालत से 2017 के निर्णय की समीक्षा के लिए अर्जी लगाई थी जिसे अगस्त 2020 में खारिज कर दिया गया था और उन्हें अदालत के समक्ष स्वयं को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।

पीठ ने इसी साल 10 मार्च को माल्या के अनुपस्थिति में ही इस मामले की सुनवाई करते हुए अपना निर्णय आगे के लिए सुरक्षित कर लिया था। माल्या इस समय ब्रिटेन में रह रहा है और भारतीय प्रवर्तन एजेंसियां उसको भारत लाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।

अमरनाथ से सकुशल अजमेर लौटे पत्रकार संतोष खाचरियावास का स्वागत

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अजमेर। जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) की अजमेर इकाई ने श्री अमरनाथ यात्रा से सकुशल लौटे पत्रकार परिवार का सोमवार को अभिनन्दन किया।

जार के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय मौर्य व अजमेर जिलाध्यक्ष अकलेश जैन की अगुवाई में सचिव विनोद गौतम, अरुण बाहेती, उमाकांत जोशी समेत अन्य सदस्यों ने जार के प्रदेश सचिव सन्तोष खाचरियावास, उनकी पत्नी रिंकू तथा पुत्रियों सन्ध्या एवं खुशबू का माला पहनाकर एवं केक कटवाकर स्वागत किया। उनसे यात्रा के अनुभव जाने और वहां आई आपदा एवं उसके बाद उत्पन्न परिस्थितियों पर चर्चा की।

खाचरियावास ने बताया कि उन्होंने 3 जुलाई को पवित्र गुफा के दर्शन किए और गुफा के नजदीक ही रात्रि विश्राम किया, जहां 8 जुलाई को बादल फटने से मलबा आया था। वे जम्मू से अजमेर के लिए सकुशल रवाना हुए ही थे कि ट्रेन में इस आपदा की खबर लगी तो सभी सन्न रह गए। उन्होंने अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा बलों की ओर से बरती जा रही सतर्कता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

मोदी-शाह के डर से राजस्थान के हित की आवाज नहीं उठा रहे शेखावत:लोढ़ा

सिरोही डाक बंगला में मोदी सरकार की जनविरोधी सरकार के खिलाफ ज्जन आंदोलन की तैयारी बैठक को सम्बोधित करते सिरोही विधायक संयम लोढ़ा।
सिरोही डाक बंगला में मोदी सरकार की जनविरोधी सरकार के खिलाफ ज्जन आंदोलन की तैयारी बैठक को सम्बोधित करते सिरोही विधायक संयम लोढ़ा।

सबगुरु न्यूज़-सिरोही। केन्द्रिय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत माउंट आबू में भाजपाईयों को प्रशिक्षण देने आये जबकि उन्हें खुद प्रशिक्षण लेने की जरूरत है। मुख्यमंत्री सलाहकार विधायक संयम लोढा सिरोही डाक बंगले में एनएसयूआई की ओर से आयोजित बैठक में जिले भर से आये लोगो को संबोधित कर रहे थे। 28 जुलाई गुरूवार को केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।

जयपुर : पति-पत्नी की एडिट न्यूड फोटोज से ब्लैकमेलिंग, पैसे नहीं देने पर की वायरल

जयपुर। प्रदेश की राजधानी जयपुर में एक दंप​ती को एडिट न्यूड फोटोज से ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। रुपयों की मांग पूरी नहीं करने पर न्यूड फोटोज को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। महावीर नगर सांगानेर निवासी पीड़ित युवक ने मालपुरा थाने में मामला दर्ज कराया है।

एसएचओ रायसल सिंह ने बताया कि महावीर नगर सांगानेर निवासी एक युवक ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके वॉट्सएप नंबर पर अज्ञात मोबाइल नंबर से फोटोज भेजी गई। वह उसकी और पत्नी की एडिट कर बनाई न्यूड फोटोज थी। न्यूड फोटोज सेंड करने के कुछ देर बाद ही एक युवक ने कॉल कर रुपयों की डिमांड की। रुपए नहीं देने पर पति-पत्नी की बनाई न्यूड फोटोज को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।

रुपए ट्रांसफर नहीं करने पर कई बार धमकाने के लिए कॉल भी आया। जिसके बाद उसके परिचित और रिश्तेदारों के कॉन्टैक्ट नंबर पर एडिट न्यूड फोटोज सेंड कर दी। परिचितों के कॉल आने पर फोटोज के वायरल होने का पता चला। मानसिक रुप से परेशान होकर थाने पहुंचे पीड़ित ने मामला दर्ज कराया। पुलिस मोबाइल नंबर के आधार पर साइबर ठग की तलाश कर रही है।

उदयपुर में सोमवार को कर्फ्यू में 17 घंटे की ढील

उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर शहर में कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद उत्पन्न तनाव के बाद विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगाए गए कर्फ्यू में सोमवार को 17 घंटे की ढील दी गई।

शहर के धानमंडी, घंटाघर, हाथीपोल, अंबामाता, सूरजपोल, सविना, भूपालपुरा, गोवर्धनविलास, हिरणमगरी, प्रतापनगर एवं सुखेर धानमंडी, घण्टाघर, अम्बामाता, हाथीपोल, सूरजपोल, भूपालपुरा एवं सवीना में आज सुबह पांच बजे से रात्रि 10 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई।

कर्फ्यू प्रभावित क्षेत्रों में सभी बाजार खुल गए है और जनजीवन सामान्य है। शहर में मुस्लिम समाज के लोगों ने रविवार को ईद उल अजहा त्यौहार शांति पूर्वक मनाया। इस दौरान कहीं से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

गौरतलब है कि गत 28 जून को उदयपुर शहर के धानमण्डी थाना क्षेत्र में धारदार हथियारों से कन्हैयालाल की हत्या कर देने के बाद उत्पन्न हालात के मद्देेनजर उस दिन रात आठ बजे से आगामी आदेश तक शहर के इन थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया था।