Warning: Constant WP_MEMORY_LIMIT already defined in /www/wwwroot/sabguru/sabguru.com/18-22/wp-config.php on line 46
Sabguru News - 7250 का पृष्ठ 732 -
होम ब्लॉग पेज 732

बड़वानी : मेधा पाटकर और 11 अन्य के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज

बड़वानी। मध्यप्रदेश की बड़वानी कोतवाली पुलिस ने नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर तथा 11 अन्य लोगों के विरुद्ध उनके एनजीओ द्वारा आदिवासी बच्चों की शिक्षा तथा अन्य सामाजिक कार्यों के नाम पर साढ़े तेरह करोड़ से अधिक की राशि एकत्र कर कथित तौर राजनीतिक गतिविधियों और विकास परियोजनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में दुरुपयोग करने के मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने आज बताया कि राजपुर थाना क्षेत्र के टेमला बुजुर्ग निवासी प्रीतम राज के शिकायत आवेदन पर मेधा पाटकर, परवीन समी जहांगीर, विजया चौहान और संजय जोशी समेत 12 लोगों के विरुद्ध धारा 420 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर इसकी विवेचना आरंभ कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि मेधा पाटकर तथा अन्य न्यासियों के विरुद्ध उनकी संस्था नर्मदा नवनिर्माण अभियान के माध्यम से वर्ष 2007 से 2022 के बीच विभिन्न शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों के नाम पर एकत्र 13 करोड़ 50 लाख से अधिक राशि के दुरुपयोग का आरोप है। उन्होंने बताया कि प्रकरण की विवेचना में धाराएं बढ़ भी सकती हैं।

आरोप के मुताबिक मेधा पाटकर एवं अन्य आरोपियों ने सामाजिक कार्यों तथा मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के आदिवासी बच्चों के प्राथमिक स्कूल स्तर पर शैक्षणिक उद्देश्य आदि के लिए दान एकत्र किया गया। लेकिन इस राशि से राजनीतिक गतिविधियों के वित्त पोषण के साथ विकास परियोजनाओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के प्रबंधन और आयोजन किए गए।

प्राथमिकी में बताया गया है कि लगभग 14 वर्षों में जिस समय न्यासियों ने लगभग 13 करोड 52 लाख 59 हजार 304 रुपयों की कुल धनराशि जमा की एवं उतनी ही धनराशि खर्च की, परंतु न तो धन का स्त्रोत और न ही इसके लिए किए गए व्यय का स्पष्ट खुलासा किया गया है।

इसमें बताया गया है कि वर्ष 2020 से 2022 के दौरान भी जब पूरी दुनिया कोविड-19 से ग्रसित थी उक्त न्यास सीएसआर नीति से मझगांव डक लिमिटेड से प्राप्त 65 लाख रुपये से अधिक राशि खर्च करने में कामयाब रहा, जिसका हिसाब भी दर्ज नहीं है।

प्राथमिकी में सीएसआर निधि का दुरुपयोग, नर्मदा नवनिर्माण के तीन खातों से 1.69 करोड रु नगद निकासी, ऑडिट रिपोर्ट/खाता विवरण का अस्पष्ट होना, व्यय का तथ्य के अनुरूप ना होना, ट्रस्ट द्वारा बनाए गए सभी 10 खातों में वित्तीय लेनदेन में संदिग्ध पैटर्न देखा जाना जिसमें 4.7 करोड की राशि की नियमित और अज्ञात नगद निकासी हुई है।

प्राथमिकी में इंदौर की अदालत में मेधा पाटकर द्वारा अपनी सालाना आय 6000 बताए जाने के विरुद्ध उनके व्यक्तिगत खाते में वर्ष 2007 से 2021-22 के बीच 19 लाख 25 हजार 711 रुपए प्राप्त हुए हैं।

प्राथमिकी में यह भी आशंका जताई गई है कि नर्मदा नव निर्माण अभियान शायद या तो धन शोधन के लिए एक मोर्चा है या राष्ट्र विरोधी/ भारत विरोधी गतिविधियों के वित्त पोषण के लिए महाराष्ट्र में धन भेजने के लिए बनाया गया है।

इसमें यह भी बताया गया है कि अभियान के तौर तरीकों से ऐसा प्रतीत होता है कि मेधा पाटकर जो ट्रस्ट की न्यासी हैं, ने अपने ब्रांड और छवि का उपयोग पारिस्थितिक संरक्षण के नाम पर सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के खिलाफ योजना बनाने और प्रबंधन करने के लिए करती हैं और उनकी अनधिकृत तरीके से प्राप्त लोकप्रियता के कारण, नर्मदा नव निर्माण द्वारा वित्तीय दान प्राप्त किया जाता है और उक्त दान को निजी या राजनीतिक उद्देश्यों के लिए धन शोधन का उपयोग किया जाता है।

उधर, इस संबंध में मेधा पाटकर ने आज बड़वानी में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि फिलहाल उन्हें इस तरह के प्रकरण दर्ज होने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले भी इस तरह के आरोप लग चुके हैं और हमारे पास आय और व्यय संबंधित समस्त दस्तावेज और ऑडिट उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि विस्थापन बच्चों के अध्ययन के लिए चलाई जाने वाली जीवनशालाएं 30 वर्षों से संचालित है। यह लॉकडाउन के दौरान बंद रही, लेकिन अभी पुनः आरंभ हो गई है।

उन्होंने कहा कि जीवन शालाओं में निमाड़ के किसान अनाज भी प्रदान करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जीवन शालाओं के लिए जो मदद आती है वह उसी में खर्च की जाती है। इसके अलावा शिक्षा स्वास्थ्य प्रशिक्षण पुनर्वसन आदि में भी काम किया जाता है।

उन्होंने अपनी सालाना आय 6 हजार रुपए बताए जाने और उनके खातों में 19 लाख रुपए से अधिक की राशि पाए जाने को लेकर कहा कि वह उक्त खाता स्वयं नहीं संचालित करती है। इसका संचालन एक सेवानिवृत्त व्यक्ति करते हैं। उधर, शिकायतकर्ता प्रीतम राज का कहना है कि वह आरएसएस तथा एबीवीपी से अवश्य जुड़ा है लेकिन प्रकरण से इसका कोई संबंध नहीं है।

अमरनाथ त्रासदी : मृतक महिला का शव बदल जाने से मचा हड़कंप

श्रीगंगानगर। जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के दौरान पवित्र गुफा के निकट बादल फटने की त्रासदी में श्रीगंगानगर शहर के काल कलवित हुए दंपति में महिला का शव बदलने का पता चलने पर दंपति के परिवारजनों में हड़कंप मच गया।

श्रीनगर से शव भेजने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों में भी अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही घंटे में स्पष्ट हुआ कि श्रीनगर से हवाई जहाज द्वारा नई दिल्ली भेजे गए तीन शवों में श्रीगंगानगर की सुनीता वधवा महाराष्ट्र की निवासी सुनीता नाम की दूसरी महिला का शव गलती से भेज दिया गया है।

यह स्पष्ट होने पर श्रीनगर के शौर्य हॉस्पिटल में पड़े शवों की दोबारा जांच की गई। इसी दौरान वहां पहुंचे श्रीगंगानगर के पूर्णराम हलवाई ने वीडियो कॉल के द्वारा शव की श्रीगंगानगर और नई दिल्ली में इंतजार कर रहे परिवार जनों से शिनाख्त करवाई।

रविवार शाम समाचार लिखे जाने तक मृतका सुनीता वधवा का शव श्रीनगर के शौर्य हॉस्पिटल में ही था। वधवा परिवार के करीबी राजेंद्र छाबड़ा राजू ने बताया कि दोबारा जांच के लिए शौर्य हॉस्पिटल में पैकिंग करके रखे हुए शवों को फिर से निकाला गया।

पूरी तरह तसल्ली करने के बाद शव को दोबारा पैक करने में काफी वक्त लगा। इस कारण अभी तक सुनीता देवी के शव को श्रीनगर से नई दिल्ली नहीं भेजा गया है। देर रात की फ्लाइट से शव दिल्ली पहुंचने की संभावना है। तत्पश्चात नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मुर्दाघर में रखे हुए सुनीता देवी के पति मोहनलाल वधवा के शव के साथ ही कल सुबह श्रीगंगानगर लाया जाएगा।

गौरतलब है कि पवित्र गुफा के निकट शुक्रवार को बादल फट जाने से कई कैंप तहस-नहस हो गए थे। इन्हीं कैंपों में एक कैंप में पवित्र गुफा के दर्शन करने के बाद विश्राम कर रहे श्रीगंगानगर निवासी कपड़ा व्यापारी मोहन लाल वधवा (59), उनकी पत्नी सुनीता (57) मोहनलाल वाधवा के समधि एवं राजस्थान पुलिस के सेवानिवृत्त स्पेक्टर सुशील खत्री की मौत हो गई थी।

शनिवार को श्रीनगर में पोस्टमार्टम होने के बाद अधिकारियों ने सुशील खत्री, मोहनलाल और सुनीता के शव हवाई मार्ग द्वारा नई दिल्ली भेज दिए। सुशील खत्री के शव को उसके परिवार वाले लेकर रात करीब 12 बजे श्रीगंगानगर रवाना हुए। आज श्रीगंगानगर में पदमपुर रोड कल्याण भूमि में सुशील खत्री को अंतिम विदाई दी गई।

उधर, नई दिल्ली में कल देर रात एयरपोर्ट की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वधवा दंपति के शव लेकर परिवार वाले रवाना होने लगे तो अधिकारियों ने पहले शव की तस्दीक करवाई। जब सुनीता देवी के शव को परिजनों ने देखा तो उन्होंने शव सुनीता का होने से इनकार कर दिया।

इससे नई दिल्ली में मौजूद अधिकारियों में ही हड़कंप नहीं मचा बल्कि श्रीनगर में भी अधिकारी हैरान परेशान हो गए। कुछ ही देर में स्पष्ट हुआ कि नई दिल्ली में सुनीता वधवा की जगह महाराष्ट्र की किसी सुनीता नाम की महिला का शव भेज दिया गया है।

राजेंद्र छाबड़ा ने बताया कि अमरनाथ की यात्रा पर गए हुए श्रीगंगानगर के एक हलवाई पूर्णराम जोकि आज सौभाग्य से श्रीनगर में ही थे, वह वधवा परिवार के परिचित भी हैं, उन्होंने श्रीनगर हॉस्पिटल में जाकर वीडियो कॉल से वधवा परिवार से शव की तस्दीक करवाई। इसके बाद दोबारा शव को पैक करने में काफी वक्त लगा। अब शव देर रात नई दिल्ली पहुंचेगा,जिसे कल सुबह मोहनलाल वधवा के शव के साथ ही श्रीगंगानगर लाया जाएगा। कल दोपहर बाद वधवा दंपति का अंतिम संस्कार होने की संभावना है।

अमरनाथ त्रासदी में मारे गए लोगों में श्रीगंगानगर के यह तीन लोग भी शामिल हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुख व्यक्त किया है। साथ ही मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

कोटा में बुजुर्ग की हत्या के मामले में तीन युवक अरेस्ट

कोटा। राजस्थान में कोटा के गुमानपुरा थाना इलाके के छावनी में एक लॉन्ड्री की दुकान लगाने वाले बुजुर्ग सुरेश रजक की सिर पर पत्थर से वार कर हत्या करने के मामले में पुलिस ने आज तीन युवकों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

पुलिस अधीक्षक (शहर) केसर सिंह शेखावत ने आज गुमानपुरा थाने में पत्रकारों को बताया कि अपने परिवार से अलग रहकर छावनी इलाके में लॉन्ड्री की दुकान लगाने वाले 60 वर्षीय सुरेश रजक का शव गत चार जुलाई की सुबह लहूलुहान हालत में दुकान के बाहर पड़ा मिला था। रात को किसी ने उसके सिर पर पत्थरों से वार करके उसकी हत्या कर दी गई थी।

शेखावत ने बताया कि इस मामले में शामिल अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने कोटा शहर और ग्रामीण के कई इलाकों में टीमें भेजी। बाद में डीएसटी टीम और साइबर सेल की मदद से आसपास के कई इलाकों के सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद मोटरसाइकिल पर आए तीन युवकों में से एक युवक के उस वृद्ध पर हमला करने की तस्वीर सामने आई, लेकिन हमलावर की शिनाख्त नहीं हो पाई।

इसके बाद किए गए प्रयासों के तहत पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से तीन युवकों कुलदीप मीणा(19), प्रदीप मीणा (19) और राहुल उर्फ चिंटू (18) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

शेखावत ने बताया कि सुरेश रजक की दुकान के पास लगे एक वाटर कूलर के समीप एक युवक कुलदीप के पेशाब करने से टोकने के बाद उसकी और सुरेश रजक के बीच विवाद हुआ था और इसी विवाद को लेकर कुलदीप और उसके दो अन्य साथियों ने बाद में दुकान पर पहुंच कर पत्थर से वार कर सुरेश रजक की हत्या कर दी और फरार हो गए।

भड़काऊ वीडियो केस : खादिम सलमान चिश्ती को भेजा जेल

अजमेर। राजस्थान में अजमेर के बहुचर्चित भड़काऊ वीडियो मामले में गिरफ्तार आरोपी हिस्ट्रीशीटर खादिम सलमान चिश्ती को आज एक दिन के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।

अजमेर दरगाह थाना पुलिस ने दो दिन का पुलिस रिमांड पूरा होने पर आज छुट्टी के दिन अवकाशकालीन न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उसे एक दिन के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।

दरगाह सीआई दलबीर सिंह फौजदार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर उसे केंद्रीय कारागृह लाया गया लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से आदेश पर उच्च सुरक्षा कारागृह शिफ्ट कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि दरगाह थाना पुलिस आरोपी सलमान चिश्ती को दो दो दिन के दो बार पुलिस रिमांड पर लेकर उसके मोबाइल बरामदगी से लेकर यूट्यूब चैनल पर अन्य विवादास्पद वीडियो भी हासिल कर चुका है।

फतेहपुर : देवर ने विधवा भाभी की फावड़ा से हमलाकर की हत्या की

फतेहपुर। फतेहपुर जिले के असोथर थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार को देर रात देवर ने विधवा भाभी के सिर पर फावड़ा से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।पुलिस ने रविवार को सुबह आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

असोथर थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) नीरज कुमार यादव ने बताया कि शनिवार की देर रात क्षेत्र के सातों जोगा गांव के मजरा केवटरा गांव में विधवा रानी देवी (56) पत्नी स्व. रामसरन अपने घर पर थी, तभी रात करीब साढ़े आठ बजे उसका देवर बलराम निषाद (55) आया और दूसरे लोगों के साथ खेत में काम न करने की बात पर झगड़ा करने लगा।

उन्होंने बताया कि इसी दौरान बलराम ने पास में रखे फावड़े से महिला के सिर पर प्रहार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। एसएचओ ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया और आज सुबह आरोपी बलराम को गांव से ही गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की कर रही है।

श्रीलंका में प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रपति भवन से मिली 1 करोड़ रुपए से अधिक राशि

काेलंबो। श्रीलंका में सरकार के खिलाफ आम लोगों में पनपे जबरदस्त गुस्से और आक्रोश के बीच अपदस्थ किए गए देश के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के निवास ने प्रदर्शनकारियों को एक करोड़ 78 लाख 50 हजार रूपए मिले जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

‘गोटा गो गामा’ प्रदर्शन की ओर से रविवार को जारी बयान में यह जानकारी दी गई। एक ट्वीट में कहा गया कि राष्ट्रपति के घर के अंदर करीब एक करोड 78 लाख 50 हजार रूपए कल प्रदर्शनकारियों को मिले, जिसे फोर्ट पुलिस थाने में जमा करा दिया गया है।

श्रीलंका में एक के बाद एक सत्ता परिवर्तन के बावजूद अर्थव्यवस्था और लोगों को आधारभूत जरूरतों को भी पूरा करने पाने में शीर्ष नेतृत्व की विफलता को देखते हुए राजधानी कोलंबो में शनिवार को लोगों का असंतोष एक बार भी दंगों की शक्ल में सड़कों पर नजर आया। गुस्साये प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति निवास के बाहर सारी सुरक्षा दीवारों और बेरिकेडिंग को तोड़ते हुए दीवारें फांद कर परिसर में घुस गए।

श्रीलंका के एक समाचारपत्र ‘अदादेराना‘ के अनुसार देश में लगातार बिगड़ रहे हालातों के बीच ऐसी खबरें हैं कि राष्ट्रपति देश छोड़ कर भाग गए हैं और अब 13 जुलाई को वे पद छोड़ रहे हैं।

संसदीय अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्दना ने शनिवार को पार्टी नेताओं की हुई एक आपातकालीन बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में राजपक्षे को बताया था। बैठक के लिए गए फैसले देश में लगातार बिगड़ते हालातों को देखते हुए लिए गए थे। पत्र में राष्ट्रपति राजपक्षे और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को तुरंत त्यागपत्र देने को कहा गया था और कार्यकारी राष्ट्रपति की नियुक्ति सात दिन के भीतर करने को कहा गया था।

श्रीलंका आजादी के बाद से अबतक के सबसे खराब आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। अप्रैल के मध्य में श्रीलंका ने विदेशों से लिए गए सभी तक के कर्जों को चुकाने में असमर्थता जताई थी और इसके बाद आईएमएफ के सहयोग से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक कार्यक्रम लाया गया था।

सरकारी की गलत नीतियों और विदेशी मुद्रा भंडार के लगातार कम होने से साथ ही कोविड-19 के प्रतिंबंधों के बीच श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था के सबसे मजबूत स्तम्भ पर्यटन पर कड़ी चोट पडने से श्रीलंका आर्थिक मंदी के कुचक्र में फंस गया था।

इन हालातों में देश में तेल की जबरदस्त किल्लत हो गई और लोगों को खाने पीने के सामान से लेकर जरूरी चीजों तेल और गैस के भारी कमी का सामना करना पड़ा। यह किल्लत लगातार बढते जाने से परेशान लोगों ने देश के कई हिस्सों में सरकार के खिलाफ विद्रोह कर दिया और सड़कों पर उतर आए।

रानिल विक्रमसिंघे के घर पर हमला करने के आरोप में तीन अरेस्ट

हैप्पी बर्थडे : 73 साल के हुए लीजेंड सुनील गावस्कर

मुंबई। ओरिजिनल लिटिल मास्टर और महानतम सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर रविवार को 73 साल के हो गए। गावस्कर टेस्ट क्रिकेट में 10000 रन का आंकड़ा पार करने वाले पहले बल्लेबाज थे। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपने अंतिम टेस्ट मैच में पाकिस्तान के खिलाफ यह मील का पत्थर हासिल किया। अहमदाबाद में मार्च 1987 में इतिहास रचा गया था। गावस्कर ने लाल गेंद का खेल छोड़ने से पहले एक और टेस्ट मैच खेला।

भारत के दिग्गज सुनील गावस्कर 10 जुलाई को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। खेल की शोभा बढ़ाने वाले महानतम बल्लेबाजों में से एक गावस्कर ने अपने शानदार करियर के दौरान 125 टेस्ट और 108 एकदिवसीय मैच खेले। उन्होंने सभी प्रारूपों में टीम इंडिया का नेतृत्व किया और 1985 में क्रिकेट की विश्व चैम्पियनशिप में खिताबी जीत के लिए मेन इन ब्लू की कप्तानी की थी।

वह कपिल देव के नेतृत्व वाली 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य थे जिसने फाइनल में वेस्टइंडीज को हराया था। गावस्कर ने संन्यास के बाद कमेंट्री की और अब वह एक अनुभवी क्रिकेट कमेंटेटर हैं। उन्होंने आईपीएल से संबंधित कार्यों के लिए बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष के रूप में भी काम किया।

गावस्कर ने अपने टेस्ट करियर का अंत 10122 रन के साथ किया। गावस्कर के नाम टीम इंडिया के लिए लगातार सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने का रिकॉर्ड भी है। वह एक के बाद एक 100 से अधिक टेस्ट खेलने वाले एकमात्र भारतीय हैं। 1971 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले गावस्कर ने अपनी स्ट्रीक 1975 में शुरू की थी। यह सिलसिला उनके अंतिम टेस्ट मैच से ठीक एक महीने पहले समाप्त हुआ।

उन्होंने उन 12 वर्षों के दौरान लगातार 106 टेस्ट खेले और टीम इंडिया के एक महत्वपूर्ण सदस्य बने रहे। गावस्कर ने इस दौरान टीम की कप्तानी भी की। उनके नेतृत्व में भारत ने 47 में से 9 टेस्ट जीते। भारत ने 8 मैच गंवाए जबकि 30 टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुए।

गावस्कर की महानता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 5000 रन का आंकड़ा पार करने का उनका 42 साल पुराना रिकॉर्ड आज भी कायम है। वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा जैसे खिलाड़ी रिकॉर्ड तोड़ने के करीब आए, लेकिन ये सभी कम पड़ गए।
भारतीय क्रिकेट कण्ट्रोल बोर्ड, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और एशियाई क्रिकेट परिषद ने गावस्कर को उनके जन्मदिन पर बधाई दी है।

कैलाश विजयवर्गीय की रैली में जेब काटने वाले गिरोह के 5 सदस्य अरेस्ट

खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की रैली में जेब काटने वाले धार जिले के एक गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बड़वाह के थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले ने आज बताया कि धार जिले के मनावर थाना क्षेत्र के मनोज सोलंकी और राजा अजनारे, गंधवानी थाना क्षेत्र के दिलीप मंडलोई एवं राजू रावत और बाग थाना क्षेत्र के सुभान भूरिया को कल गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से एक कार, चुराया हुआ पैन कार्ड, 45 हजार रुपए और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

आरोपी नेताओं की जनसभा के बारे में जानकारी लेने के बाद वहां पहुंचते थे और भीड़ में शामिल होकर जेब काटने का काम करते थे। उन्होंने खरगोन जिले के बड़वाह में 8 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की नगरीय निकाय चुनाव के रोड शो में मौलाना आजाद मार्ग पर भाजपा नेता अजय वर्मा के पैन कार्ड और 45 हजार रुपए निकाल लिए थे।

दक्षिण अफ्रीका के बार में गोलीबारी, 15 की मौत, कई घायल

केप टाउन। दक्षिण अफ्रीका के सोवेटो शहर में रविवार को एक बार में बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलियां जलायी जिससे 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

बीबीसी की एक रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से कहा गया कि रविवार सुबह तड़के बंदूकधारियों ने ऑरलैंडो ईस्ट टैवर्न में प्रवेश किया और युवाओं के एक समूह पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।

पुलिस ने कहा कि बंदूकधारी एक सफेद मिनीबस में बार से भाग गए। हमले के पीछे के मकसद का अभी पता नहीं चल पाया है। अस्पताल में कई और लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़ितों की उम्र 19 से 35 के बीच बताई जा रही है।

पुलिस ने कहा कि आज ही दक्षिण-पूर्वी प्रांत क्वाज़ुलु-नताल में एक अलग सराय में गोलीबारी में चार अन्य लोगों के मारे जाने की भी खबर है।

संतों ने देश को एक तथा श्रेष्ठ बनाने के संकल्प को जीया : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि संतों ने देश को एक तथा श्रेष्ठ बनाने के संकल्प को मिशन के रूप में लिया है फिर चाहे सैकड़ों साल पहले आदि शंकराचार्य हों या आधुनिक काल में स्वामी विवेकानंद, संत परंपरा हमेशा एक भारत, श्रेष्ठ भारत का उद्घोष करती रही है।

मोदी ने स्वामी आत्मस्थानानंद जी के जन्म शताब्दी कार्यक्रम को रविवार को वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये संबोधित करते हुए कहा कि सैकड़ों साल पहले आदि शंकराचार्य हों या आधुनिक काल में स्वामी विवेकानंद, हमारी संत परंपरा हमेशा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का उद्घोष करती रही है।

रामकृष्ण मिशन की तो स्थापना ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विचार से जुड़ी हुई है। स्वामी विवेकानंद ने इसी संकल्प को मिशन के रूप में जिया था। उनका जन्म बंगाल में हुआ था। लेकिन आप देश के किसी भी हिस्से में जाइए, आपको ऐसा शायद ही कोई क्षेत्र मिलेगा जहां विवेकानंद जी गए न हों, या उनका प्रभाव न हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मस्थानानन्द जी को श्री रामकृष्ण परमहंस के शिष्य, पूज्य स्वामी विजनानन्द जी से दीक्षा मिली थी। स्वामी रामकृष्ण परमहंस जैसे संत का वो जाग्रत बोध, वो आध्यात्मिक ऊर्जा उनमें स्पष्ट झलकती थी। रामकृष्ण मिशन की इसी परंपरा को स्वामी आत्मस्थानानन्द जी ने अपने पूरे जीवन आगे बढ़ाया। उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में अपना जीवन खपाया, अनेक काम किए, और जहां भी वो रहे, वहां पूरी तरह रच बस गए।

मोदी ने कहा संन्यास का अर्थ है स्वयं से ऊपर उठकर समष्ठि के लिए कार्य करना, समष्ठि के लिए जीना। स्व का विस्तार समष्ठि तक। सन्यासी के लिए जीव सेवा में प्रभु सेवा को देखना, जीव में शिव को देखना यही तो सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि इस महान संत परंपरा को, सन्यस्थ परंपरा को स्वामी विवेकानंद जी ने आधुनिक रूप में ढाला।

स्वामी आत्मस्थानानन्द जी ने संन्यास के इस स्वरूप को जीवन में जिया, और चरितार्थ किया। उनके निर्देशन में बेलूर मठ और श्री रामकृष्ण मिशन ने भारत ही नहीं बल्कि नेपाल, बांग्लादेश जैसे देशों में भी राहत और बचाव के अदभुत अभियान चलाए। उन्होंने निरंतर ग्रामीण क्षेत्रों में जन कल्याण के लिए काम किया, इसके लिए संस्थान तैयार किए। आज ये संस्थान गरीबों को रोजगार और जीवन यापन में लोगों की मदद कर रहे हैं।

मोदी ने कहा कि रामकृष्ण मिशन की ये जागृत परंपरा रामकृष्ण परमहंस जैसी दैवीय विभूति की साधना से प्रकट हुई है। स्वामी रामकृष्ण परमहंस, एक ऐसे संत थे जिन्होंने माँ काली का स्पष्ट साक्षात्कार किया था, जिन्होंने माँ काली के चरणों में अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे संतों ने हमें दिखाया है कि जब हमारे विचारों में व्यापकता होती है, तो अपने प्रयासों में हम कभी अकेले नहीं पड़ते! आप भारत वर्ष की धरती पर ऐसे कितने ही संतों की जीवन यात्रा देखेंगे जिन्होंने शून्य संसाधनों के साथ शिखर जैसे संकल्पों को पूरा किया। यही विश्वास, यही समर्पण मैंने पूज्य आत्मस्थानानन्द जी के जीवन में भी देखा था। उनसे मेरा गुरु भाव का भी संबंध रहा है।

मैंने उन जैसे संतों से निष्काम होकर शत प्रतिशत समर्पण के साथ खुद को खपाने की सीख ली है। इसीलिए, मैं ये कहता हूँ कि जब भारत का एक व्यक्ति, एक ऋषि इतना कुछ कर सकता है, तो हम 130 करोड़ देशवासियों के सामूहिक संकल्पों से कौन सा लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता?

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि, हमारे संतों के आशीर्वाद और उनकी प्रेरणा देश को इसी तरह मिलती रहेगी। आने वाले समय में हम वैसा ही भव्य भारत बनाएँगे जिसका आत्मविश्वास हमें स्वामी विवेकानंद जी ने दिया था, और जिसके लिए स्वामी आत्मस्थानानन्द जैसे संतों ने प्रयास किया था।