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महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, मलिक, देशमुख को वोटिंग की इजाजत

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को विधायकों की संख्या बल के ‘शक्ति परीक्षण’ के राज्यपाल के फैसले में दखल देने से बुधवार को साफ तौर पर इनकार कर दिया।

शीर्ष अदालत ने हालांकि अन्य याचिकाओं की सुनवाई के बाद जेल में बंद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता एवं राज्य के मंत्री नवाब मलिक और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की अर्जी स्वीकार करते हुए गुरुवार को होने होने वाले शक्ति परीक्षण में उन्हें शामिल होने की इजाजत दे दी।

न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की अवकाशकालीन पीठ ने संबंधित पक्षों की घंटों दलीलें सुनने के बाद करीब रात नौ बजे अपना फैसला सुनाया।

शीर्ष अदालत ने शक्ति परीक्षण पर अपना फैसला सुनाने के कुछ समय बाद ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों नेताओं को गुरुवार को होने वाले शक्ति परीक्षण में शामिल होने की अनुमति देने संबंधी अपना फैसला सुनाया। इसके लिए अलग-अलग याचिका दायर की गई थी। महाराष्ट्र विधानसभा में विधायकों के संख्या बल का ‘शक्ति परीक्षण’ विवाद पर संबंधित पक्षों के वकीलों ने जोरदार दलीलें दीं।

न्यायमूर्ति सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ के समक्ष राज्यपाल की ओर से सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता और सत्ताधारी शिवसेना की ओर से डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें दीं।

इससे पहले दिन में शिवसेना का पक्ष रख रहे डॉ. सिंघवी की शीघ्र सुनवाई की गुहार स्वीकार करते हुए कहा था कि वह इस (शक्ति परीक्षण पर रोक लगाने की मांग संबंधी) याचिका पर में शाम पांच बजे सुनवाई करेगी।

वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ सिंघवी ने ‘विशेष उल्लेख’ के दौरान पीठ के समक्ष उद्धव ठाकरे समर्थक समूह की ओर से दायर याचिका के तथ्यों का हवाला देते हुए तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि कल पूर्वाहन 11 बजे शक्ति परीक्षण होना है। लिहाजा, उनकी (शिवसेना सदस्य की) इस याचिका पर तत्काल सुनवाई की जाए।

उन्होंने तर्क देते हुए कहा था कि शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले विधायकों के समूह को ‘अवैध शक्ति परीक्षण’ में वोट नहीं करने देना चाहिए।

शिंदे गुट की ओर से वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल ने डॉक्टर सिंघवी के पीठ से अनुरोध का विरोध किया लेकिन पीठ ने कहा था कि शक्ति परीक्षण से पहले मामले की सुनवाई करनी होगी।

पीठ ने कहा था कि हम फैसला पक्ष में करें या नहीं, उनकी सुनवाई से इनकार नहीं किया जा सकता। तत्काल सुनवाई की अनुमति दी जानी चाहिए।

शिवसेना के भरोसेमंद नेताओं में शामिल महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ शिंदे और कई विधायकों के एक समूह के महाराष्ट्र छोड़ने के बाद राज्य में राजनीतिक संकट गहराया हुआ है शिवसेना के बागी विधायकों की अच्छी खासी संख्या है। ये विधायक पहले गुजरात के सूरत और वहां से असम में गुवाहाटी चले गए थे। वे वहां एक सप्ताह से अधिक समय से हैं।

माना जाता है कि शिंदे समूह कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ शिवसेना के गठबंधन से नाराज हैं। विद्रोही गुट का दावा है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला शिवसेना पार्टी के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों के खिलाफ कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस से गठबंधन किया हुआ है। विद्रोही गुट खुद को ‘शिवसेना (बालासाहेब)’ बता रहा है।

उदयपुर की घटना इस्लाम की शिक्षाओं के विरुद्ध है: मौलाना मदनी

देवबंद। इस्लामिक सामाजिक संगठन जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने राजस्थान के उदयपुर में एक दर्जी कन्हैया लाल की इस्लाम के नाम पर की गई बर्बर हत्या की निंदा करते हुए कहा हे कि जिस तरह भीड़ हिंसा की मुख़ाल्फ़त की गई उसी तरह यह अमानवीय कृत्य भी इस्लामिक शिक्षाओं के विरुद्ध है।

मदनी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि वह इस घिनौनी वारदात को मुल्क की शांति व्यवस्था के लिए बहुत ख़तरनाक समझते हैं, यह देश के संविधान और धर्म के खि़लाफ़ है। उन्होंने कहा कि हम क़ानून को अपने हाथ में लेने के सदैव विरोधी रहे हैं। उदयपुर की घटना बहुत दुखद, ग़ैर इस्लामी और अमानवीय है। इसलिए इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है।

मौलाना मदनी ने यह भी कहा कि किसी की बदजुबानी के कारण हुए पैगम्बर के अपमान के फलस्वरूप जो कुछ हुआ, बहुत बुरा हुआ, लेकिन देश में शांति व्यवस्था और सांप्रदायिक सदभावना को बनाए रखने के लिए ज़रूरी है कि धैर्य रखा जाए।

गौरतलब है कि बीते दिनों पैगम्बर मोहम्मद के बारे में विवादित बयान देने वाली भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में उदयपुर के दर्जी कन्हैला लाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट चस्पा कर दी। इसके विरोध में दो कट्टरपंथी युवकों ने तालीबानी अंदाज में दर्जी की गला रेत कर दुकान में ही हत्या कर सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट भी वायरल कर दी।

मदनी ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि हम जिस तरह इस घटना का विरोध करते हैं उसी तरह हम इस बात के भी घोर विरोधी हैं कि किसी भी धार्मिक व्यक्ति का अपमान करके या किसी धर्म के खि़लाफ़ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करके उसके मानने वालों की भावनाओं को आहत किया जाए।

मौलाना मदनी ने कहा कि देश के शक्तिशाली व्यक्तियों की ख़ामोशी और अपमान करने वालों की गिरफ़्तारी न होना ही वह कारण है, जिसने सारी दुनिया में देश की छवि को ख़राब किया है और शांति व्यवस्था को आग लगाई है।

उन्होंने सरकार सेे अपील की है कि जिन लोगों ने पैगम्बर का अपमान किया है, उनको फ़ौरन गिरफ़्तार कर क़ानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए ताकि, भविष्य में फिर कोई ऐसा करने का साहस न कर सके, और पूरी दुनिया के मुसलमानों को संतुष्टि भी प्राप्त हो सके।

उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के दूसरे दिन अंतिम संस्कार, भारी भीड़ जुटी

उद्धव ठाकरे सरकार ने औरंगाबाद, उस्मानाबाद के नाम बदले

मुंबई। महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उथल पुथल के बीच उद्धव ठाकरे नीत मंत्रिमंडल ने राज्य के मराठवाड़ा क्षेत्र के दो शहरों औरंगाबाद और उस्मानाबाद का नाम क्रमशः संभाजी नगर और धाराशिव करने को बुधवार को मंजूरी दे दी।

राज्य मंत्रिमंडल ने विदर्भ विकास महामंडल, मराठवाड़ा विकास महामंडल और शेष महाराष्ट्र विकास महामंडल के पुनर्गठन का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) के उम्मीदवारों के लिए अधिकांश पद सृजित करने के लिए एक विधेयक पेश करने का भी निर्णय लिया, जो चुने गए लेकिन नियुक्त नहीं किए गए, क्योंकि मंत्रिमंडल की ओर से पारित मराठा आरक्षण रद्द कर दिया गया था।

मंत्रिमंडल के अन्य निर्णयों में हिंगोली जिले में राज्य के लिए हल्दी अनुसंधान एवं प्रसंस्करण नीति को लागू करना, अहमदनगर जिले के कर्जत में एक अदालत की स्थापना, एक नई अहमदनगर-बीड-परली वैजनाथ रेलवे लाइन परियोजना का पुनर्निर्माण तथा विशेष पिछड़ा वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले घरकुल योजना को लागू करना शामिल है।

राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी व कांग्रेस के अधिकांश और शिवसेना के कुछ मंत्री शामिल हुए। बैठक में शिवसेना के केवल उन मंत्रियों ने भाग लिया जो ठाकरे के साथ हैं।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बोलते हुए ठाकरे ने अपनी ही पार्टी के विधायकों द्वारा धोखा दिए जाने पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुझे मेरी ही पार्टी के विधायकों ने धोखा दिया है। उन्होंने सहयोगी दलों, राकांपा और कांग्रेस को पिछले ढाई वर्षों के दौरान उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

गौरतलब है कि शिवसेना के संस्थापक स्व़ बाल ठाकरे ने कई साल पहले औरंगाबाद और उस्मानाबाद का नाम बदलने की मांग की थी।

उल्लेखनीय है कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे नीत महा विकास आघाड़ी की सरकार को गुरुवार को विधानसभा में शक्ति परक्षण कराने और बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है।

भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेंद्र फडनवीस के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार की रात राज्यपाल से मुलाकात की और बहुमत प्रदान करने के लिए एमवीए को तत्काल निर्देश देने की मांग की। इसके तुरंत बाद राजभवन द्वारा मंगलवार देर रात विधानसभा सचिव को इस आशय का तीन पन्नों का पत्र जारी किया गया।

साधु संतों के सान्निध्य में सर्व हिन्दू समाज की समीक्षा बैठक आयोजित

अजमेर। महान हिन्दू सनातन संस्कृति के सम्मान एवं हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान के विरोध में 26 जून को लोेको ग्राउड परशुराम मंदिर से कलेक्ट्रेट तक संत महात्माओं की अगुवाई में सकल हिन्दू समाज द्वारा विशाल हजारों की तदाद में हिन्दू शांति मार्च निकाला गया था।

सकल हिन्दू समाज की ओर से संत महात्माओं की मौजूदगी में रसोई बेनकॉट हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में अजमेर के विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने शिरकत की।

इस अवसर पर नृसिंह मंदिर होलीदड़ा के महन्त श्याम सुंदर शरण देवाचार्य ने कहा कि जाति पंथ से ऊपर उठकर राष्ट्र व सनातन धर्म की बात आने पर सब संगठित होकर साथ चलें। विशाल शांति मार्च मेरे जीवन का सबसे आनंद पूर्वक क्षण था, अब हिन्दू समाज जागृत हो रहा है उसे आत्मचिन्तन कर इस उत्साह को बनाए रखना होगा। समाज के आवहान पर हमेशा आगे होकर अपना सर्वोच्च न्यौछावर होने के लिए तैयार रहना चाहिए।

चित्ती योग संस्थान की साध्वी अनादि सरस्वती ने कहा कि अपनी स्वयं की शक्ति को पहचान कर संगठित होकर किया गया यह प्रदर्शन राष्ट्र प्रेम का प्रदर्शन है। यह शान्ति मार्च नहीं महाउत्सव है, इस अग्नि को चेतन रखना होगा। सभी समाज पंथ, संगठन, संस्था, धर्म सामूहिक रूप से एक पथ पर चलकर संदेश देने के लिए हमें तत्पर रहना चाहिए।

अखिल भारतीय संत समिति राष्ट्रीय महामंत्री महन्त सेवानंद गिरी ने कहा कि हमें अपनी शक्ति, कठिनाईयों के मार्ग को पहचानकर और उसके समाधान के लिए पूरी ताकत के साथ केन्द्रित होकर सनातन धर्म को बनाए रखना होगा।

कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए सुनील दत्त जैन ने कहा कि अजमेर के सभी व्यापारी, सामाजिक संगठन, सभी जाति बिरादरी के बंधु व सामान्य दुकान पर काम करने वाला व्यक्ति के साथ सभी चालक एसोशिएसन ने जो सहयोग सकल हिन्दू समाज के इस रैली में दिया है, इस ऊर्जा को बरकरार रखना आवश्यक है।

सभी आंगुतकों का स्वागत संत महात्माओं द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन संजय तिवारी ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में ओम राय ने काव्य गीत प्रस्तुत किया। संतों का परिचय शशि प्रकाश इंदौरिया ने कराया।

इस अवसर पर पुष्कर के महन्त वासुदेवानन्द गिरि, विधायक वासुदेव देवानानी, अनिता भदेल, समाज बंधु कालीचरण खंडेलवाल, चरणजीत सिंह, सूरज नारायण, अनिल भारद्वाज, शीतलमल प्रजापति, गोपाल गोयल, बाबू सिंह पंवार, होतचंद, तुलसी सोनी, दिलीप मंघानी, राजेन्द्र खंडेलवाल, मोती जेठानी, ओम मुद्गल, नरेश मुद्गल, आनंद अरोड़ा, कमलेश हेमनानी, भवानी पंवार, राजेश गोयल, बीएस वालिया, नरेन्द्र सिहं छाबड़ा, नीरज पारीक, अशोक मेघवाल, किशोर टेकवानी, जगदीश प्रसाद साहू, सुशील सोनी, दिलीप सिंह, शिवरत्न वैष्णव, सुरेश तबोली, हरीश पेन वाला, बलजीत वालिया, अजय जैन, दिलीप, साजन छबलानी, गौरव भाटी, कंवल प्रकाश किशनानी, रामा अवतार, सुनील भगतानी, उमेश गर्ग सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

धारा 144 की हो सख्ती से पालना : मुख्य सचिव ऊषा शर्मा

अजमेर। मुख्य सचिव ऊषा शर्मा ने प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कानून एवं शांति व्यवस्था की पालना के लिए जिलों में धारा 144 एवं अन्य उपायों की सख्ती से पालना कराई जाए।

प्रशासन सभी तरह की घटनाओं पर चौकन्नी नजर रखे एवं किसी भी तरह माहौल को बिगड़ने नहीं दिया जाए। कोई भी व्यक्ति निषेधाज्ञा या नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाए।

मुख्य सचिव ऊषा शर्मा ने आज वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए कानून एवं शांति व्यवस्था की समीक्षा की। अजमेर संभागीय मुख्यालय पर एडीजी बिनीता ठाकुर, संभागीय आयुक्त बीएल मेहरा, पुलिस महानिरीक्षक रूपिन्दर सिंघ, कलक्टर अंश दीप एवं पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा आदि ने भाग लिया।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कानून व्यवस्था के संधारण, असामाजिक, अवांछित एवं बाधक तत्वों की गतिविधियों को नियंत्रित करने तथा लोक शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें।

इसके तहत विभिन्न अवसरोंं पर निकाली जाने वाली शोभायात्रा, प्रदर्शन, सार्वजनिक कार्यक्रम, जुलूस, रैली इत्यादि का आयोजन पूर्णतया प्रतिबन्धित रहेगा। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या इससे अधिक व्यक्तियों के इकट्ठे होकर किसी भी तरह का जमाव, धरना, प्रदर्शन, नारे बाजी आदि पर सख्ती से रोक रखी जाए। कोई भी व्यक्ति विस्फोटक पदार्थ लेकर नही चलेगा और ना ही इनका सार्वजनिक स्थल पर प्रदर्शन या उपयोग करेगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशासन एवं पुलिस इंटरनेट तथा सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप एवं यूट्यूब आदि के माध्यम से समाज में विद्वेष पैदा करने वालों पर निगरानी रखे। कोई भी व्यक्ति इस तरह के भडकाऊ मैसेज इंटरनेट के माध्यम से डालता या फॉरवर्ड करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए।

प्रशासन शान्ति व्यवस्था तथा लोक शान्ति भंग होने की किसी भी प्रकार की आशंका के प्रति सतर्क रहे। कोई भी व्यक्ति अफवाह फैलाते या ऎसा कृत्य करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस एवं प्रशासन समाज के साथ समन्वय बनाए रखें। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी रखी जाए। इस अवसर पर अतिरिक्त कलक्टर शहर भावना गर्ग, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीबी सिंह, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल जैन एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

अजमेर संभाग में इन्टरनेट सेवाएं 24 घण्टे तक निलम्बित

अजमेर। संभाग में इन्टरनेट सेवाएं आगामी 24 घण्टे तक निलम्बित रखने का निर्णय लिया गया है।

संभागीय आयुक्त बीएल मेहरा ने बताया कि संभाग में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए व अफवाहें आदि से कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति उत्पन्न ना हो इस बाबत संभाग के अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, टोंक जिलों के जिला मजिस्ट्रेट के अनुरोध पर अजमेर संभाग में 29 जून मध्यरात्रि 12 बजे से आगामी 24 घण्टों तक इन्टरनेट सेवाओं को अस्थाई निलम्बन करने का निर्णय लिया गया है।

लोक सुरक्षा अथवा लोक आपात को दृष्टिगत रखते हुए संभाग के अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, टोंक जिले में 29 जून मध्यरात्रि 12 बजे से 24 घण्टों तक इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर द्वारा 2जी, 3जी, 4जी डेटा, इन्टरनेट सर्विस, बल्क एसएमएस तथा एमएमएस, व्हाट्स एप, फेसबुक, ट्वीटर और अन्य सोशियल मीडिया का अस्थाई रूप से निलबंन किया जाता है। लैंडलाईन और मोबाईल फोन पर वॉइस कॉल, लैंडलाईन ब्रॉडबैंड और लीज लाईन डेटा सुचारू रूप से जारी रहेेंगे।

प्रशासन और पुलिस ने की शांति व भाईचारा बनाए रखने की अपील

संभागीय आयुक्त बीएल मेहरा, पुलिस महानिरीक्षक रूपिन्दर सिंघ, जिला कलक्टर अंशदीप एवं पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने आमजन से शांति, प्रेम और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि आमजन किसी भी तरह के बहकावे में ना आएं, आपस में प्रेम और भाईचारा बनाए रखें। सोशल मीडिया के माध्यम से किसी भी तरह के भड़काऊ मैसेज पर विश्वास नहीं करे और ना ही इन्हें फॉरवर्ड करें।

संभागीय आयुक्त मेहरा ने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस अजमेर संभाग में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है। किसी भी तरह माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

अग्निपथ पर मनीष तिवारी की राय से कांग्रेस ने किया किनारा

नई दिल्ली। अग्निपथ को राष्ट्र हित के खिलाफ बताने वाली कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी ने इस योजना को रक्षा सुधारों की दिशा में बड़ा कदम बताया है तो कांग्रेस ने खुद को इन विचारों से अलग करके इसे तिवारी की निजी विचार करार दिया है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट करके कहा कि कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने अग्निपथ पर एक लेख लिखा है। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है लेकिन यहां बताना जरूरी है कि यह उनके निजी विचार हैं पार्टी के नहीं। पार्टी दृढता से मानती है कि अग्निपथ राष्ट्रीय सुरक्षा के विरुद्ध तथा युवाओं के खिलाफ है। यह योजना बिना विचार विमर्श के लाया गया बुल्डोजर है।

गौरतलब है कि तिवारी ने एक अंग्रेजी दैनिक में इस संबंध में एक लेख लिखा है जिसमें उन्होंने कहा कि अग्निपथ रक्षा सुधारों और सेना के आधुनिकीकरण की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।

कांग्रेस शुरू से ही इस योजना का विरोध कर रही है और उसका कहना है कि इससे देश की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी और युवाओं का भविष्य चौपट हो जाएगा। इस योजना के विरोध में पिछले दिनों पूरे देश में भारी हंगामा हुआ।

अश्लील वीडियो बनाकर ब्लेकमेल करने वाले तीन आरोपी अरेस्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की साइबर क्राइम पुलिस ने अश्लील वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया में वारयल करने की धमकी देकर पैसे वसूलने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। यह सभी हरियाणा के रहने वाले हैं।

साइबर क्राइम पुलिस सूत्रों के अनुसार जय प्रकाश को उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल कर अश्लील वीडियो रिकार्ड कर उसे धमकी देकर पैसे मांगे गए। इसके बाद जय प्रकाश से विभिन्न किस्तों में 6 लाख 82 हजार रुपए फर्जी खातों में डलवा लिए है।

मामले की शिकायत के बाद साइबर क्राइम ने इसकी जांच की और राजस्थान और हरियाणा से मो़ आदिल, अजरूद्दीन और तामिल खान को गिरफ्तार कर लिया। तीन आरोपी हरियाणा के निवासी बताए गए हैं।

आरोपियों के कब्जे से एक टैब मोबाइल, 3 मोबाइल फोन एवं 6 सिमकार्ड, 3 बैंक एटीएम कार्ड, एक बैंक पासबुक एवं एक बैंक चेकबुक को विधिवत जप्त किया गया है।

साइबर क्राइम ने बताया कि आरोपी सबसे पहले सोशल मीडिया पर विभिन्न साइट पर लडकी के नाम से फर्जी आईडी बनाकर दोस्ती करते हैं, फिर चैटिंग कर लोगों से मीठी-मीठी बात कर जाल मे फंसाकर वीडियो कॉल करते हैं।

वीडियो कॉल के समय कैमरे के सामने अश्लील वीडियों चलाकर सामने वाले को नग्न होने के लिए मजबूर करते हैं फिर मोबाइल में स्क्रीन रिकार्डर चलाकर हो रही वीडियों का वीडियो को रिकार्ड कर लेते हैं।

बाद में सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसो की मांग करते हैं। आरोपीगणों द्वारा अन्य राज्यो के फर्जी सिमकार्ड एवं खातों का उपयोग किया जाता है एवं गिरोह के अन्य साथी एटीएम से पैसा निकालकर आपस में बांट लिया करते हैं।

रेखा से डांस की तुलना किए जाने पर खुश हैं उर्वशी रौतेला

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला अपने डांस की तुलना रेखा से किए जाने पर बेहद खुश है।

उर्वशी रौतेला ने हाल ही में उमंग अवॉर्ड्स 2022 में क्लासिकल डांस करते हुए परफॉर्म किया। इस परफॉर्मेंस के बाद उर्वशी की तुलना रेखा से होने लगी, जिससे वह फूली नहीं समा रही हैं।

‘उमंग’ अवॉर्ड्स के दौरान उर्वशी ने फिल्म ‘भूल भुलैया 2’ के गाने ‘मेरे ढोलना’ पर बेहतरीन डांस परफॉर्मेंस दी। इसी परफॉर्मेंस पर उनकी तुलना रेखा से की गई।

उर्वशी रौतेला ने कहा कि मैं सच में बेहद खुद को खुशनसीब महसूस कर रही हूं क्योंकि मेरी तुलना लोगों ने मेरी फेवरिट ऐक्ट्रेस रेखा जी से की है। मैं इसके बाद बेहिसाब खुश हूं।

उर्वशी ने अपने सोशल मीडिया पर अपने बैकस्टेज रिहर्सल का एक वीडियो क्लिप भी शेयर किया है। इसमें वह भारी-भरकम मेकअप और कलरफुल साड़ी में नजर आ रही हैं।

उर्वशी ने काफी गहने भी बहने हुए हैं और उनके सिर में फूलों का गजरा नजर आ रहा है। उर्वशी की आने वाली फिल्मों में दिल है ग्रे, ब्लैक रोज और तमिल फिल्म द लेजेंड शामिल है।

गहलोत जी, जनता को बताएं कि क्यों आपको इस्तीफा नहीं देना चाहिए? : शेखावत

जयपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उदयपुर, करौली, जोधपुर की घटनाओं को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी का नाम लेने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा। शेखावत ने कहा कि सीएम साहब कांग्रेस के तुष्टीकरण का जवाब मोदी जी विकास से देते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री को तो राजस्थान में हिंदुओं की जान से ज्यादा राहुल गांधी के लिए दिल्ली में प्रदर्शन की पड़ी है। ज़रा भी नैतिकता होती तो उदयपुर में आतंक की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देते। जनता को बताएं कि क्यों आपको इस्तीफा नहीं देना चाहिए? क्यों हिंदू आपका यकीन करें?

राहुल जी को नफरत केवल हिंदुओं में दिखाई देती है

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के त्रिपुरा और उदयपुर की घटना को लेकर किए ट्वीट्स को पोस्ट करते हुए शेखावत ने कहा कि राहुल जी को नफरत केवल हिंदुओं में दिखाई देती है। अतः वे हिंदू शब्द का टारगेटेड इस्तेमाल करते हैं। उनके लिए हिंदू हमारे भाई नहीं हैं।

घायल ईश्वर सिंह के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि उदयपुर में आतंकी मानसिकता का शिकार हुए कन्हैया लाल साहू के साथी ईश्वर सिंह की बहादुरी को मेरा नमन है। उन्होंने जान की परवाह न करते हुए वहशी दरिंदों को रोकने की कोशिश की।

शेखावत ने कहा कि राज्य सरकार उनकी और उन सभी की सुरक्षा पर ख़ास ध्यान लगाए, जो धर्मांधों के निशाने पर हैं, संभव है, इस तरह की जघन्यता सरल-सीधे लोगों पर दोहराई जाए। मैं ईश्वर सिंह की शीघ्र स्वस्थता के लिए प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करता हूं।