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भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नगर परिषद की पार्षद लक्ष्मी देवी सेन एवं उसके पति मुकेश सेन को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में आज गिरफ्तार कर लिया।
ब्यूरो के निरीक्षक नरसीलाल मीणा ने बताया कि गुढा का खेड़ा बरसनी निवासी और महालक्ष्मी कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर एवं नगर परिषद के ठेकेदार सुवालाल ने ब्यूरो में शिकायत दी कि उसे वार्ड संख्या 29 काशीपुरी में विष्णु जलपान गृह के पास नाला निर्माण कार्य का मिले काम को शुरू की एवज में पार्षद लक्ष्मी देवी सेन एवं उसके पति मुकेश सेन ने डेढ़ लाख रुपए की मांग कर रहे हैं।
शिकायत का सत्यापन के बाद परिवादी एवं ठेकेदार सुवालाल कुमावत डेढ़ लाख रुपए (एक लाख 20 हजार का चेक और 30 हजार नकद) लेकर विष्णु जलपान गृह के पास पहुंचा जहां उससे पार्षद पति मुकेश सेन ने चेक और रुपए ले लिए। इसी दौरान ब्यूरो की टीम पार्षद पति को चेक एवं रुपए सहित दबोच लिया। उन्होंने बताया कि रिश्वत की मांग करने पर पार्षद लक्ष्मी देवी सेन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
मुंबई। महाराष्ट्र में अप्रत्याशित राजनीतिक उथल-पुथल के बीच शिव सेना ने आज शाम पांच बजे विधायकों की बैठक बुलाई है और सभी विधायकों को शामिल होने के लिए व्हिप जारी किया है।
इस बीच कांग्रेस के नेता कमलनाथ ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार के लिए अपना समर्थन जारी रखेगी। शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने आज कहा कि उनके साथ शिव सेना के 46 विधायक हैं और 6-7 निर्दलीय विधायक भी साथ में हैं।
शिंदे ने कहा कि हम स्वर्गीय बाल ठाकरे के सच्चे शिव सैनिक हैं और हम हिंदुत्व की उनकी अवधारणा के साथ आगे बढ़ेंगे। हमने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना को नहीं छोड़ा है और न ही छोड़ेंगे।
शिवसेना के अधिकांश विधायक पहुंच से बाहर : रिपोर्ट
शिवसेना के 55 विधायकों में से कम से कम 48 पहुंच के बाहर हैं।शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे अपने ‘वफादार’ 40 विधायकों के साथ बुधवार की सुबह भारतीय जनता पार्टी शासित राज्य असम के गुवाहाटी पहुंचे हुए हैं।
सुबह लगभग 11.30 बजे, शिवसेना सांसद संजय राउत ने मराठी में ट्वीट किया जिसका मोटे तौर पर अनुवाद है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक विकास की यात्रा विधानसभा को बर्खास्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के संकट के बीच तेजी से बदलते परिदृश्य में दिन में एक और बड़ा विकास हुआ, क्योंकि एमवीए सरकार के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने अपने ट्विटर बायो से अपने ‘मंत्री प्रोफाइल’ को हटा दिया। इसके बाद भविष्य की राजनीति की अटकलें लगाई जा रही हैं।
सुबह साढ़े छह बजे गुवाहाटी हवाईअड्डे पर उतरने के बाद श्री शिंदे ने संवाददाताओं से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि उनके पास शिवसेना के 40 और छह निर्दलीय विधायकों का समर्थन है और वह बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि हमने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना को नहीं छोड़ा है और न ही छोड़ेंगे।
शिंदे ब्रिगेड का स्वागत भाजपा नेता सुशांत बोरगोहेन और पल्लब लोचन दास ने किया। गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल में डेरा डाले हुए शिवसेना के बागी विधायक अपनी अगली कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए बैठक कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि शिंदे ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सरकार बनाने के लिए अपनी ताकत दिखाने के वास्ते एक बैठक बुलाने को लेकर पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि विधायक असम के होटल में तीन दिनों तक रुक सकते हैं। पर एक बार शिंदे के पास सरकार बदलने के लिए पर्याप्त संख्या होने के बाद परिदृश्य बदल भी सकता है।
ऐसी खबरें थीं कि शिंदे शाम तक गोवा के राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई से मिलने के लिए एक विशेष उड़ान ले सकते हैं। गौरतलब है कि बुधवार को कोश्यारी के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद पिल्लई को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि पिल्लई ने पहले ही शिंदे को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए अपनी सहमति दे दी है। वीडियो कांफ्रेंस के जरिये विद्रोही नेता सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन दिखा सकते हैं।
गुवाहाटी। असम के गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल में डेरा डाले शिवसेना के बागी विधायक अपनी अगली कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए यहां लगातार मंत्रणा कर रहे हैं।
रेडिसन ब्लू में 33 शिवसेना के और सात निर्दलीयों सहित कुल 40 विधायक ठहरे हैं और आपस में मंत्रणा कर रहे हैं। इसके अलावा यहां असम के कुछ वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी मौजूद हैं।
सूत्रों ने कहा कि शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सरकार बनाने के लिए शक्ति प्रदर्शन करने के लिए मुलाकात के लिए पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि विधायक यहां होटल में तीन दिन रुक सकते हैं, लेकिन जब श्री शिंदे को यह यकीन हो जाएगा कि उनके पास सरकार बदलने के लिए पर्याप्त संख्या बल है तो परिदृश्य बदल सकता है।
इधर, राज्यपाल कोश्यारी का बुधवार से कोविड-19 का उपचार चल रहा है। उनकी अनुपस्थिति में गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई को महाराष्ट्र के राज्यपाल अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस तरह की पुख्ता सूचना है कि श्री पिल्लई ने बागी नेता शिंदे को वीडियों कांफ्रेस के जरिये सरकार बनाने के लिए अपना संख्या बल दिखाने पर अपनी सहमति दे दी है।
कुछ सूत्रों ने हालांकि दावा किया कि शिंदे बुधवार को भी पिल्लई से मिलने के लिए मुंबई के लिए उड़ान भर सकते हैं। इससे पहले वह अपने पक्ष के सभी विधायकों से मुलाकात कर अपनी ताकत पर सुनिश्चित होना चाहते है।
इससे पूर्व शिंदे महाराष्ट्र के अन्य पार्टी विधायकों के साथ बुधवार सुबह साढ़े छह बजे गुवाहाटी पहुंचे। हवाई अड्डे पर भाजपा नेता सुशांत बोरगोहेन और पल्लब लोचन दास ने उनका स्वागत किया। यहां आने से पहले ये बागी विधायक गुजरात में सूरत के एक होटल में रुके हुए थे।
आबूरोड के तलहटी क्षेत्र में वन विभाग के द्वारा मनमोहिनी के निकट हटाया जा रहा अतिक्रमण। फ़ाइल
सिरोही। राजस्थान हाइकोर्ट द्वारा माउंट आबू वन्यजीव सेंचुरी में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा किए गए अतिक्रमण पर माउंट आबू डीएफओ द्वारा दिए गए निर्णय पर स्टे को वेकेट करने के बाद ब्रह्माकुमारी संस्थान ने ये भूमि इस पर किए गए निर्माण कार्य के साथ ही माउंट आबू अभयारण्य के हैंड ओवर कर दिए हैं।
इसके बाद बिना किसी विवाद के अतिक्रमित भूमि और इस पर किया निर्माण माउंट आबू सेंचुरी की सम्पत्ति हो गई है। सेंच्युरी की जमीन सुपुर्दगी के बाद माउंट आबू वन विभाग ने कब्जा सुपुर्दगी ले ली।
क्या था विकल्प?
माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा किए गए 5 बीघा 10 बिस्वा जमीन के कब्जे के निर्णय ओर हाईकोर्ट का स्टे हटने के बाद क्या ब्रह्माकुमारी संस्थान के पास सुपुर्दगी के अलावा कोई विकल्प बचा था। तो जवाब है नहीं। दरअसल, माउंट आबू उपवन संरक्षक हेमंत सिंह ने दिसम्बर 2019 के अपने निर्णय में जो लिखा उसी में ही इसका जवाब है।
ब्रह्माकुमारी के कब्जे पर जो आदेश पारित किया गया था वो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना में दिया है। क्योंकि ये आदेश वन्यजीव सेंच्युरी के सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट की अनुपालना में दिए हैं। ऐसे में हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में भी कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी हाईकोर्ट में इतने दिन तक मामले का लंबित रह जाना भी सरकार की तरफ से की गई न्यायिक पैरवी की विफ़लता के कारण हुआ है। ऐसा नहीं हो सकता फिर भी वन भूमि और कब्जे का नियमितीकरण कहीं नहीं हो सकता था फिर भी ब्रह्माकुमारी संस्थान का लीगल विभाग संस्थान को भ्रमित करके न्यायिक वाद में अटकाए रखा।
आठ बीघा का डायवर्जन पहले ही किया रद्द
वन्यजीव अभयारण्य और सेंच्युरी की भूमि पर कब्जा होने या उसे उपयोग में लेने के बाद उस भूमि का डायवर्जन किया जाता है। लेकिन, इसके भी प्रावधान हैं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत जनहित के सिर्फ 10 मामलों में ये डायवर्जन हो सकता है। ब्रह्माकुमारी संस्थान ने भी 2019 में 8 बीघा भूमि का डायवर्जन मांगा था।
ब्रह्माकुमारी संस्थान का अतिक्रमण उन दस मापदंडों में नहीं आ सकता ऐसे डायवर्जन के अनुरोध को निरस्त कर दिया गया था। लेकिन, इस डायवर्जन की अर्जी पर सवाल अब एक नया खड़ा हो गया है। वो ये कि ब्रह्माकुमारी संस्थान के खिलाफ 2019 में हुए फैंसले में सिर्फ 5 बीघा 10 बिस्वा जमीन और अतिक्रमण का जिक्र है, फिर संस्थान द्वारा वन विभाग से 8 बीघा का डायवर्जन क्यों मांगा गया।
जिस खसरे में डायवर्जन मांगा जाता है उसका जिक्र आवेदन में किया जाता है तो सवाल ये उठता है कि 5 बीघा जमीन के अलावा 3 बीघा ओर कहीं और भी अतिक्रमण होकर निर्माण हुआ है या नहीं। ये जांच का विषय है।
इनका कहना है…
न्यायालय से स्टे वेकेट होने के बाद संस्थान ने उक्त भूमि और उस पर हुआ निर्माण वन विभाग के सुपुर्द कर दी है। विभाग कहेगा तो इनमे लगे पौधों का संधारण कर सकते हैं।
पटना। बिहार की मुख्य विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल नीत महागठबंधन ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर अग्निपथ योजना से रोजगार के नाम पर युवाओं के भविष्य के साथ छलावा करने का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और महागठबंधन में शामिल कांग्रेस को छोड़कर सभी वामपंथी दलों के विधायकों एवं विधान पार्षदों ने बुधवार को अग्निपथ योजना के विरोध में यहां के बिहार विधानमंडल परिसर से राजभवन मार्च निकाला। पुलिस की कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था और उमस भरी गर्मी के बीच महागठबंधन के नेता नारेबाजी करते हुए राजभवन की ओर धीरे-धीरे बढ़ते रहे। मीडियाकर्मियों का हुजूम भी उनके साथ रहा।
राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात के बाद राजभवन परिसर के बाहर विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता यादव ने वामपंथी दलों के नेताओं की मौजूदगी में संवाददाताओं से बातचीत में केंद्र सरकार से तत्काल अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग की। साथ ही अग्निपथ के विरोध के दौरान बिहार में गिरफ्तार किए गए सभी आंदोलनकारियों को रिहा करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना देश हित में नहीं है। केंद्र की मोदी सरकार रोजगार के नाम पर युवाओं के भविष्य से छलावा कर रही है। प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि यह योजना तत्काल बंद होनी चाहिए। यह भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का हिडेन एजेंडा है।
उन्होंने अग्निपथ के खिलाफ युवाओं का आंदोलन शांत होने के बावजूद राजभवन मार्च पर सफाई देते हुए कहा कि वायलेंस शांत हो गया लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि विरोध शांत हुआ है। वायलेंस विरोध प्रदर्शन नहीं होता है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि आज सरकार कह रही है चार साल के बाद 14 लाख देंगे, 14 लाख देकर क्या एहसान करेंगे।
यादव ने अग्निपथ योजना की खामियां गिनाते हुए कहा कि सरकार ग्रेच्युटी का पैसा बचाना चाहती है। ऐसी योजनाओ से देशभक्ति की भावना नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि हमने सरकार से 20 सवाल किए थे, जिनके जबाब नही मिले हैं। भाजपा के नेता कहते है चार साल के बाद अग्निपथ में सेवा कर लौटने वालों को भाजपा कार्यालय में रखेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता युवाओं को इस बयान के जरिये बेइज्जत करने में लगे हुए हैं।
प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि भाजपा के नेता अपने बच्चों को अग्निवीर बनाएं। हम 24 लाख देंगे और राजद कार्यालय में रख लेंगे। उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी पर भी सवाल खड़ा किया। मुख्यमंत्री कुमार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विरोध करना है तो कुमार खुलकर विरोध करें।
इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अग्निपथ योजना को लेकर केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में आग लगाने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों के कारण आज सभी जगह यह हाल है। केंद्र सरकार युवाओं को नौकरी देने के बदले परेशान कर रही है।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से इतर आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल ने राष्ट्रपति चुनाव में राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं।
वाईएसआर कांग्रेस के संसदीय दल के नेता वी. विजयसाई रेड्डी ने ट्वीटर पर अपने संदेश में मुर्मू को बधाई देते कहा है कि मुर्मू को राजग द्वारा राष्ट्रपति चुनाव में प्रत्याशी घोषित किए जाने पर हार्दिक बधाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बात बिल्कुल सही है कि मुर्मू हमारे देश की एक महान राष्ट्रपति साबित होंगी। रेेड्डी ने ट्वीटर पर मुर्मू से मुलाकात करते हुए अपनी एक फाइल फोटो भी साझा की है।
आंध्र प्रदेश की 175 सदस्यीय विधानसभा में वाईएसआर कांग्रेस के 150 और विधान परिषद में 33 सदस्य हैं। लोकसभा में 25 में से 22 सदस्य और राज्यसभा में 11 में से 6 सदस्य हैं।
भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले सत्तारूढ़ राजग के पास कुल 10.79 लाख वोटों के आधे से थोड़ा कम यानी 5,26,420 है। उसे वाईएसआर कांग्रेस और बीजू जनता दल जैसे दलों एवं निर्दलीयों के सहयोग की जरूरत होगी। राष्ट्रपति पद के लिए आदिवासी एवं महिला श्रेणी में आने वाली मुर्मू के ओडिशा से होने का भी फायदा मिलेगा।
बीजू जनता दल के नेता एवं ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी यह साफ कर दिया है। उन्होंने ट्वीटर पर मुर्मू को बधाई देते हुए लिखा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनसे इस बात की चर्चा की तो उन्हें बहुत खुशी हुई। यह ओडिशा के लोगों के लिए एक गौरवशाली क्षण है। मुझे भरोसा है कि मुर्मू देश में महिला सशक्तीकरण की एक चमकती हुई मिसाल बनेंगी।
राज्यसभा में ओडिशा से 10 में नौ सदस्य, लोकसभा में सभी 12 सदस्य बीजद के हैं। विधानसभा में बीजद के 114 विधायक हैं जबकि एक निर्दलीय एवं भाजपा के 22 सदस्य हैं। इस प्रकार से ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में मुर्मू को 137 सदस्यों का समर्थन मिलने की संभावना है।
गुवाहाटी। असम के गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल में डेरा डाले महाराष्ट्र शिवसेना के बागी विधायक तीन दिन तक यहां ठहरेंगे और वे महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बात करेंगे।
सूत्रों ने बुधवार को बताया कि शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने सरकार बनाने के लिए अपनी ताकत दिखाने के वास्ते राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को बैठक बुलाने के लिए पत्र लिखा है।
गौरतलब है कि कोश्यारी के बुधवार को कोरोना वायरस से संक्रमित होने का पता चला है। उनकी अनुपस्थिति में गोवा के राज्यपाल श्रीधरन रेड्डी को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
इस बीच विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि रेड्डी पहले ही शिंदे को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं। इसके जरिये विद्रोही नेता सरकार बनाने के समर्थन में अपने विधायकों की संख्या गिनाने का प्रयास करेंगे।
इस बीच, सभी 40 विधायक, जिनमें शिवसेना के 33 विधायक और सात निर्दलीय शामिल हैं, होटल में एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हैं। रेडिसन ब्लू होटल में असम के कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी मौजूद हैं।
शिंदे महाराष्ट्र के अन्य पार्टी विधायकों के साथ बुधवार सुबह 6:30 बजे गुवाहाटी पहुंचे। हवाई अड्डे पर भारतीय जनता पार्टी के नेता सुशांत बोरगोहेन और पल्लब लोचन दास ने उनका स्वागत किया। असम रवाना होने से पहले शिंदे और पार्टी के अन्य विधायक गुजरात के सूरत में एक होटल में डेरा डाले हुए थे।
लंदन। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ज़हीर अब्बास की तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें लंदन के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
जियो न्यूज़ ने मंगलवार को अब्बास के परिवार के हवाले से बताया कि उन्हें तीन दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जियो न्यूज़ ने कहा कि दुबई से लंदन जाते हुए अब्बास कोरोना संक्रमित हो गए थे। लंदन पहुंचने के बाद उन्होंने गुर्दे में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें निमोनिया होने की जानकारी मिली।
सूत्रों के अनुसार वह इस समय डायलिसिस पर हैं और डॉक्टरों ने उन्हें किसी से भी मिलने से मना किया है।
मुंबई। शिव सेना के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा सदस्य संजय राउत ने बुधवार को ट्वीट कर महाराष्ट्र विधान सभा भंग करने का संकेत दिया।
उद्धव ठाकरे अपराह्न एक बजे मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है और इस मंत्रिमंडल की बैठक में कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिव सेना के लगभग 35 विधायकों ने विद्रोह कर दिया है जिसके कारण उद्धव सरकार के सामने सरकार को बचाने का खतरा मंडरा रहा है।
शिव सेना की आज शाम पांच बजे होगी बैठक
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सरकारी आवास वर्षा में आज शाम पांच बजे शिव सेना के विधायकों और सांसदों की बैठक बुलाई गई है।
इस बीच कांग्रेस खेमें में भी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलनाथ पार्टी विधायक दल के नेता बालासाहब थोराट से मिलने के लिए मुंबई आ गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायक बिकाऊ नहीं हैं। कमलनाथ उद्धव ठाकरे से 12 बजे मुलाकात करेंगे। कमलनाथ को मुंबई का पार्टी पर्यवेक्षक बना कर भेजा गया है। ठाकरे आज अपराह्न अपने मंत्रिमंडल की बैठक भी बुलाई है।
भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने सभी विधायकों को मुंबई पहुंचने का आदेश दिया है। इस बीच निर्दलीय विधायक गीता जैन ने शिव सेना से समर्थन वापस ले लिया है और वह देवेन्द्र फडनवीस से मिलने के लिए पहुंच गई हैं।
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश के माहौल को चिंताजनक बताते हुए कहा है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से 50 घंटे तक प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ में पुलिस का रवैया दुश्मन जैसा रहा और ऐसा रुख किसी सरकार का विपक्ष के प्रति पहले कभी देखने को नही मिला।
गहलोत ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विपक्ष के साथ पहली बार ऐसा व्यवहार देखने को मिला। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और खासकर महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की गई है। गांधी से 50 घंटे तक पूछताछ करना और पुलिस प्रशासन का इस दौरान जो तानाशाही रवैया रहा किसी राजनीतिक दल नेता के साथ पहले कभी ऐसा देखने को नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में विपक्ष जनता के मुद्दे को लेकर अक्सर ऐसा करता है लेकिन पहली बार देखने को मिला कि विपक्ष के नेता के साथ दुश्मन जैसा व्यवहार हुआ है। उनका कहना था कि राज्यों में भी विपक्ष होता है और भाजपा कई राज्यों में विपक्ष में है लेकिन उनके साथ कांग्रेस सरकार ऐसा व्यवहार नहीं करती है जैसा केंद्र ने राहुल गांधी के साथ किया। यह खतरनाक है और अब यह कहना मुश्किल हो गया है कि देश किस तरफ जा रहा है इसलिए जनता के लिए अब सत्य का साथ देने का वक्त आ गया है।
गहलोत ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ भी अन्याय कर रही है, देश की अर्थव्यवस्था खराब हो गई है, बेरोजगारी चरम पर है और सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की बजाय इन मुद्दों को उठाने के लिए विपक्ष को डराने एवं धमकाने का काम कर रही है।