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सुप्रीम कोर्ट से अग्निपथ का अध्ययन करने को पैनल गठित करने का आग्रह

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय में अधिवक्ता द्वारा एक याचिका दायर कर अग्निपथ योजना और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सेना पर इसके प्रभाव की जांच के लिए शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

अधिवक्ता विशाल तिवारी ने केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई विवादास्पद सैन्य भर्ती योजना ‘अग्निपथ’ के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शनों की जांच के लिए शीर्ष न्यायालय से एक विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने का भी आग्रह किया है।

अधिवक्ता ने अग्निपथ योजना के विरोध में रेलवे सहित सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए उचित निर्देश देने की भी मांग की।

अलवर : कार की चपेट में आई बाइक, तीन लोगों की मौत

अलवर। राजस्थान में अलवर-भरतपुर मार्ग स्थित जुगरावर टोल नाके के पास दो मोटरसाइकिलों के कार की चपेट में आने से दंपती सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि अन्य तीन घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बख्तल की चौकी निवासी नरेश पत्नी सरिता, उनकी छह वर्षीय बेटी मन्नू उर्फ माही एवं बेटा कृष्ण के साथ ससुराल कैथवाड़ा जा रहा था कि सामने से आई कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। उनके पीछे आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल को भी कार ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में कार रुपारेल नदी में गिरकर पलट गई।

हादसे में नरेश, सरिता, मन्नू एवं कृष्ण तथा दूसरी मोटरसाइकिल सवार एवं घाट निवासी पप्पू उर्फ रामचरण जोगी एवं कार चालक टोंक निवासी शिवराज घायल हो गए।

सूचना के बाद बड़ौदमेव पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सीएचसी बड़ोदामेव में भर्ती कराया जहां से उन्हें अलवर भेज दिया गया। इनमें नरेश, सरिता एवं मन्नू ने दम तोड़ दिया। शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए।

टाटा एलेक्सी 1000 इंजीनियरों को देगा रोजगार

कोझीकोड़। यूएल साइबर में टाटा एलेक्सी का कोझीकोड़ विकास केन्द्र अगले दो वर्ष में एक हजार इंजीनियरों को रोजगार देगा।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंधन निदेशक मनोज राघवन ने कहा कि कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन, कनेक्टेट कार, ओटीटी, 5 जी, कृत्रिम सतर्कता और इंटरनेट जैसे आधुनिक क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित कर रही है।

वर्तमान में यूएल पार्क में ली गई जगह पर 500 लोग रह सकते हैं। हाईब्रिड कार्य मॉडल को देखते हुए इसका उपयोग एक हजार लोगों को रोजगार देने में किया जाएगा।

यह भर्तियां उत्तर केरल में परिसरों से की जाएगी। क्षेत्र की अग्रणी कॉलेज के अलावा एनआईटी पर भी विचार किया जाएगा। सीईओ ने यह जानकारी कोझीकोड़ में यूएल साइबर पार्क में नए टाटा एलेक्सी विकास केन्द्र की घोषणा करते हुए एक प्रेस कांफ्रेस में दी।

काबुल में गुरुद्वारे कार्ते परवान पर हमला, अंदर फंसे 15 सिख, दो की मौत

काबुल/नई दिल्ली। काबुल में कार्ते परवान गुरुद्वारा पर आतंकवादी हमले में दो लोगों की मौत हो गई। हमले में एक बजुर्ग सिख और अन्य एक अफगानी सुरक्षा गार्ड की मौत की रिपोर्ट है।

रिपोर्ट के अनुसार इस्‍लामिक स्‍टेट के खुरासन गुट (आईएसआईएस) से जुड़े कुछ आतंवादियों ने शनिवार सुबह गुरुद्वारे पर गोलाबारी की। हमले के समय धमाकों और गोलीबारी की आवाज दूर तक सुनाई दे रही थी।

सिख नेता मंजिन्दर सिंह सिरसा ने बाद में बताया कि हमलावरों को अफगानी सुरक्षा बलों के जवानों ने काबू में कर लिया है। गुरुद्वारे परिसर की स्थिति पर अब अफगानी पुलिस का नियंत्रण है।

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के सिख और हिन्दू गुरुद्वारे में फंस गए हैं और दो लोग घायल हुए जिन्हें अस्पताल भेजा गया जिनमें से एक की मौत हो गई।

सिंह ने कहा कि हमले में 60 वर्षीय अफगान सिख सविंदर सिंह की मौत हो गयी है। वह गजनी प्रांत का मूल निवासी था, जबकि उनका परिवार दिल्ली में रहता है।

उन्होंने कहा कि मेरी संवेदना सविंदर सिंह के परिवार के साथ है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक सिख कई समस्याओं से जूझ रहे हैं और काबुल में आतंकवादी हमले ने सिखों के लिए शांति और सदभाव की उम्मीदें खत्म हो गई हैं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने काबुल गुरुद्वारा हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा कार्ते परवान पर कायरतापूर्ण हमले की सभी को कड़े शब्दों में निंदा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमले की रिपोर्ट मिलने के बाद से हम घटनाक्रम पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और पहली और मुख्य चिंता सिख समुदाय के कल्याण की है।

भारत सरकार ने कहा कि काबुल में गुरुद्वारे पर हमले की रिपोर्ट से सरकार चिंतित है और स्थिति पर नजरें बनाएं हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक बयान में कहा कि काबुल से गुरुद्वारे पर हमले की रिपोर्ट से हम बेहद चिंतित हैं।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने हमले पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के काबुल में एक गुरुद्वारा साहिब पर हमले की खबर सुनकर बहुत चिंतित हूं।

देश से बाहर रह रहे अफगानी नेता अमरुल्ला सालेह ने ट्वीट में कहा है कि हमला हक्कानी नेटवर्क द्वारा किया गया है। सोशल मीडिया के अनुसार शुरुआती जानकारी में गुरुद्वारे के गेट के बाहर हुए धमाकों में दो अफगान मारे गए।

अफगान नागरिक हबीब खान ने ट्वीट किया आतंकवादियों ने काबुल शहर के बगहेबाला क्षेत्र में गुरुद्वारे को निशाना बनाकर हमला किया। गुरुवारे के आसपास हिन्दू और सिख समुदाय के लोग रहते हैं। सोशल मीडिया के अनुसार वहां अब तक तीन धमाकों की गूंज सुनाई दी और गोलीबारी जारी थी।

भारत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक गौरव पुनर्स्थापित हो रहे हैं: मोदी

पावागढ़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को गुजरात में पंचमहाल जिले के सुप्रसिद्ध तीर्थ धाम पावागढ़ की यात्रा पर पहुंच कर शास्त्र विधि के अनुसार पूजा के बाद पावागढ़ मंदिर में ध्वजारोहण कर कहा कि आज भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव पुनर्स्थापित हो रहे हैं।

मोदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि आज सदियों बाद पावागढ़ मंदिर में एक बार फिर से मंदिर के शिखर पर ध्वज फहरा रहा है। ये शिखर ध्वज केवल हमारी आस्था और आध्यात्म का ही प्रतीक नहीं है। ये शिखर ध्वज इस बात का भी प्रतीक है कि सदियाँ बदलती हैं, युग बदलते हैं, लेकिन आस्था का शिखर शाश्वत रहता है।

आज भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव पुनर्स्थापित हो रहे हैं। आज नया भारत अपनी आधुनिक आकांक्षाओं के साथ साथ अपनी प्राचीन धरोहर और पहचान को भी उसी उमंग और उत्साह के साथ जी रहा है, कि हर भारतीय उस पर गर्व कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि स्वामी विवेकानंद जी मां काली के आशीर्वाद लेकर के जनसेवा से प्रभुसेवा में लीन हो गए थे। मां मुझे भी आशीर्वाद दे कि मैं और अधिक उर्जा के साथ, और अधिक त्याग और समर्पण के साथ देश के जन-जन का सेवक बनकर उनकी सेवा करता रहूं। मेरा जो भी सामर्थ्य है मेरे जीवन में जो भी कुछ पुण्य है वो मै देश की माताओं-बहानों के कल्याण के लिए देश के लिए समर्पित करता रहूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले पावागढ़ की यात्रा इतनी कठिन थी कि लोग कहते थे कि कम से कम जीवन में एक बार माता के दर्शन हो जाएँ। आज यहां बढ़ रही सुविधाओं ने मुश्किल दर्शनों को सुलभ कर दिया है। पावागढ़ में आध्यात्म भी है, इतिहास भी है, प्रकृति भी है, कला-संस्कृति भी है। यहां एक ओर मां महाकाली का शक्तिपीठ है, तो दूसरी ओर जैन मंदिर की धरोहर भी है। यानी पावागढ़ एक तरह से भारत की ऐतिहासिक विविधता के साथ सर्वधर्म समभाव का एक केंद्र रहा है।

उल्लेखनीय है कि ध्वजारोहण के साथ पावागढ़ तीर्थ धाम का गौरवशाली इतिहास भी जुड़ा हुआ है। पंद्रहवीं शताब्दी में पावागढ़ पर हमला होने के बाद गत पांच सदियों से मंदिर का शिखर जर्जर अवस्था में था। अब इस शिखर को नए रंगरूप के साथ आधुनिक शैली में तैयार किया गया है।

सर्वप्रथम पावागढ़ पहाड़ की चोटी को विशाल कर बड़े परिसर की बुनियाद रखी गई। उसके बाद परिसर की पहली और दूसरी मंजिल पर अनुषांगिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। महाकाली माता के गर्भगृह में मूल स्थापन को यथावत रखते हुए संपूर्ण मंदिर को नया बनाया गया।

इसके अतिरिक्त, मुख्य मंदिर और चौक को भी विशाल बनाया गया है। माताजी के पुराने मंदिर में शिखर के ठीक ऊपर बनी दरगाह को समझौते के जरिए हटाकर नया शिखर बनाया गया, जिस पर ध्वजदंडक को पुनःस्थापित किया गया है।

अभी मंदिर में श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए विश्राम गृह, शुद्ध पेयजल, नए और सुविधा युक्त शौचालय के साथ ही स्ट्रीट लाइट की सुविधा खड़ी की गई है। इसके साथ ही मंदिर की पुरानी और उबड़-खाबड़ सीढ़ियों की स्थान पर बड़ी-चौड़ी और सुव्यवस्थित सीढ़ियों का निर्माण किया गया है। मांची से रोप-वे के अपर स्टेशन तक 2200 सीढ़ियों तथा अपर स्टेशन से दूधिया तालाब होकर माताजी के मंदिर तक 500 सीढ़ियों का नवनिर्माण किया गया है।

मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य लगभग 12 करोड़ रुपए की लागत से ट्रस्ट द्वारा संपन्न किया गया है। मंदिर के अलावा समग्र परिसर के विकास कार्यों के लिए किए गए लगभग 125 करोड़ रुपए के खर्च में से 70 फीसदी गुजरात सरकार के पवित्र यात्राधाम बोर्ड की ओर से और 30 फीसदी खर्च ट्रस्ट की ओर से किया गया है।

अतिथि गृह और मल्टी-लेवल पार्किंग का भी होगा निर्माण आगामी समय में यज्ञ शाला, दूधिया तालाब के पास बृहद भोजनशाला और श्रद्धालुओं-पर्यटकों के रात ठहरने के लिए भक्ति निवास सुविधा तथा छासिया तालाब के निकट से सीधे माताजी के मंदिर तक पहुंचाने वाली दो बड़ी लिफ्ट भी लगाई जाएगी।

इसके साथ ही पावागढ़ पर्वत पर माताजी के मंदिर के समग्र परिसर की प्रदक्षिणा करने के लिए दूधिया और छासिया तालाब को जोड़ने वाला प्रदक्षिणा पथ तैयार किया जाएगा। मांची के पास अतिथि गृह और मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। आसपास के पर्वतों पर वन विभाग के सहयोग से बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने की भी योजना है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका खारिज

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी की एक विशेष अदालत ने कथित धनशोधन मामले में गिरफ्तार दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका शनिवार को खारिज कर दी।

आय से अधिक संपत्ति से संबंधित धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 30 मई को जैन को गिरफ्तार किया था।

विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) गीतांजलि गोयल ने 13 जून को ईडी की ओर से दलीलें सुनने के बाद जैन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश पारित किया था। इसके ठीक अगले दिन 14 जून को जमानत याचिका पर दलीलें सुनने के बाद आदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

अलवर के बहरोड़ में जयपुर-दिल्ली मार्ग पर युवाओं ने किया उपद्रव

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के बहरोड़ में जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ पर युवाओं ने केन्द्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ आज सुबह जाम लगा दिया और तोड़फोड़ कर उपद्रव किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बहरोड़ एवं आसपास के गांवों के युवा बहरोड़ पहुंच गए और अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन करने लगे और अवरोधक लगाकर राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और राजमार्ग पर तोड़फोड़ एवं आगजनी कर उपद्रव किया। इस दौरान निजी बसों के शीशे तोड़ दिए गए।

बहरोड में युवाओं ने रोडवेज बस में तोड़फोड़ कर सीट पर आग भी लगा थी लेकिन समय रहते दुकानदारों ने पानी डालकर आग पर काबू पा लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उपद्रव कर रहे युवाओं को खदेड़ा।

बहरोड़ पुलिस उपाधीक्षक आनंद राव ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने राजमार्ग को जाम कर दिया और पुलिस पर पथराव भी किया। इसके बाद पुलिस ने युवाओं की भीड़ को मौके से खदेड़ दिया।

इस दौरान पुलिस ने आधा दर्जन युवाओं को हिरासत में भी लिया। उपद्रव कर रहे युवाओं में अधिकतर ने मुंह पर सफेद कपड़ा एवं रुमाल बांध रखा था। राजमार्ग पर यातायात सुचारु करने के लिए पुलिस का भारी जाब्ता मौके पर बुलाया गया। इससे पहले राजमार्ग पर जाम के कारण कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

इसके अलावा अलवर जिले के ही इसी राजमार्ग पर स्थित शाहजहांपुर के दो सौ फुट रोड पर युवाओं की भीड़ जमा हो गई। बहरोड़ पुलिस वृत्ताधिकारी महावीर सिंह शेखावत मार्ग पर लगातार गस्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इसके बाद अलवर रेलवे स्टेशन पर भी पुलिस की गस्त बढ़ा दी गई है।

भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मिली जान से मारने की धमकी

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की लोकसभा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को फोन पर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा जान से मारने की धमकी देने के बाद सांसद ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

सूत्रों के अनुसार प्रज्ञा ठाकुर को कल देर रात ये धमकी भरा फोन कॉल आया। उन्होंने इस कॉल की रिकॉर्डिंग पुलिस को उपलब्ध कराते हुए आज इस बारे में शिकायत दर्ज कराई है।

फोन करने वाले ने खुद को अंडरवर्ल्ड से जुड़ा हुआ बताते हुए प्रज्ञा ठाकुर की हत्या करने की धमकी दी। ठाकुर की इस पूरी बातचीत का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में कॉल करने वाला व्यक्ति स्वयं को इकबाल कासकर का आदमी बताता है। वह ये कहते हुए सुनाई दे रहा है कि ठाकुर मुस्लिमों को निशाना बनाती हैं। वह व्यक्ति ये भी कहते हुए सुनाई दे रहा है कि ठाकुर की हत्या होने वाली है और वह इस बाबत उन्हें सूचना दे रहा है।

शहडोल में बारात की पिकअप पलटी, 5 की मौत, 37 घायल

शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में बारातियों से भरा पिकअप वाहन पलटने से उसमें सवार पांच लोगों की मौत हो गई।

ब्योहारी पुलिस सूत्रों के अनुसार कल देर रात जयसिंहनगर से बाणसागर जा रहा एक पिकअप वाहन पलट गया। जिससे उसमें सवार 42 बारातियों में से पांच की मौत हो गई। करीब 37 लोग घायल हैं, जिनमें से 10 को गंभीर हालत के कारण शहडोल मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक बलवन्त, बुढमाल, रामबहोर, दीपक और मालिक सिंह सभी गोंड आदिवासी थे। घायलों में दूल्हा भी शामिल है, जिसका ब्योहारी अस्पताल में इलाज जारी है।

सरजावाव दरवाजे पर ढूंढा कलेक्ट्रेट पर मिली कांग्रेस, गहलोत राज में कांग्रेस पर फिर भारी अधिकारी

सिरोही में ईडी की कार्रवाई और महंगाई, बेरोजगारी पर जनता के उत्पीड़न के खिलाफ प्रदर्शन करते कांग्रेस जन।
सिरोही में ईडी की कार्रवाई और महंगाई, बेरोजगारी पर जनता के उत्पीड़न के खिलाफ प्रदर्शन करते कांग्रेस जन।

सिरोही। आम जनता को महंगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल के बढ़ते दाम, कोयले की रुकी सप्लाई जैसे मुद्दों पर संघर्ष की बजाय राहुल गांधी को बचाने के लिए निकली कांग्रेस को शुक्रवार को सरजावाव दरवाजे से लेकर हर धरना स्थल पर ढूंढा। अंत में मिली कलेक्ट्रेट पर। कारण ये कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के राज में कांग्रेस संगठन पर जिले में भी अधिकारी हावी रहे।

जिला कांग्रेस के आह्वान पर केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय एजेन्सियों के दुरुपयोग के खिलाफ सरजावाव दरवाजे पर धरना, प्रदर्शन और प्रधानमंत्री व केन्द्रीय गृह मंत्री का पुतला दहन का कार्यक्रम था। सभी कांग्रेसजनों को सरजावाव दरवाजे पर सुबह 11 बजे एकत्र होना था। काफी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

इस बीच घड़ी की सुइयां आगे बढ़ती गई एक भी कांग्रेसी दरवाजे की ओर नजर नहीं आया। उन्हें देखने के लिए 11.15 पर कलेक्ट्री गए वहां भी कांग्रेस नहीं दिखी। फिर सरजावाव दरवाजे पहुंचे तब भी कांग्रेस वहां नहीं पहुंच पाई थी।

पुलिस और लोगों में कांग्रेस के गुम हो जाने से पसोपेश की स्थिति थी। तब आधे घण्टे बाद पता चला कि कांग्रेस कलेक्ट्रेट पर है। पुलिस बल आनन फानन वहां पहुंचा। कलेक्ट्रेट पर एकत्रित हुए गिनती के कांग्रेसियों का पूरा कार्यक्रम महज 10-15 मिनट में निपट गया। जगह इधर उधर करने का कारण पूछने पर जिलाध्यक्ष बोले कि एसडीएम ने दरवाजे पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी।

ये हाल कांग्रेस का तब है, प्रदेश में कांग्रेस की अशोक गहलोत की सरकार है। सरजावाव दरवाजा सिरोही में अल्पकालिक प्रदर्शन का मुख्य स्थल रहा है और यहां आवाजाही भी रहती है तो लोगों में एक प्रदर्शन भी होता है। वैसे दावा ये भी किया जा रहा है कि कुछ दिन पहले आरएसएस प्रकल्प के एक कार्यक्रम को भी यहां इजाजत नहीं दी गई थी।

सिरोही में कलेक्टर कार्यालय ओर प्रदर्शन स्थल पर पुतला लाते जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य।
सिरोही में कलेक्टर कार्यालय ओर प्रदर्शन स्थल पर पुतला लाते जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य।

गहलोत और डोटासरा की कांग्रेस को कार्यकर्ता की किल्लत

कांग्रेस राज में कांग्रेस की दुर्गति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस अध्यक्ष के पुत्र और प्रमुख राष्ट्रीय नेता को बचाने के लिए किए जा रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए कार्यकर्ता और पदाधिकारी नहीं मिल रहे हैं। ये हालात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा राजनीतिक नियुक्तियों में देरी, डोटासरा द्वारा सांगठनिक पुनर्गठन के अभाव के कारण है।

कल के प्रदर्शन में शामिल कांग्रेसजनों की संख्या बता रही थी कि कार्यकर्ताओं के हितों को नजरअंदाज करने वाले केंद्रीय नेतृत्व को जमीनी कार्यकर्ताओं ने भी नजरअंदाज करना शुरु कर दिया है। स्थिति ये रही कि अमित शाह के पुतले को तो खुद जिलाध्यक्ष अपने कंधों पर ढोकर आयोजन स्थल पर लाए।

नजर नहीं आई कांग्रेस (एस)

प्रदर्शन में कांग्रेस (जे) नजर आई। लेकिन, निर्दलीय विधायक के फॉलोवर्स वाली कांग्रेस (एस) की मौजूदगी नहीं रही। यहां तक कि कांग्रेस के सिरोही ब्लॉक के पदाधिकारियों के अलावा सिरोही नगर परिषद के सभापति और पार्षदों ने भी मुंह दिखाई नहीं करवाई। जिलाध्यक्ष जीवाराम के अलावा संयम लोढ़ा के एंटी गुट के लगभग सभी नेता धरने में दिखाई दिए। ये बात अलग है कि इन नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं का जमावड़ा नजर नहीं आया।

जिलाध्यक्ष का दावा, पार्टी का हर कार्यकर्ता राहुल गांधी के साथ

कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की जांच और कांग्रेस मुख्यालय में दिल्ली पुलिस के घुसने के विरोध में कांग्रेस ने केन्द्र की मोदी सरकार के सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया तथा शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी के बुलावे पर जिले भर से पहुंचे कांग्रेसजनों ने धरना-प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह का पुतला फूंका।

कांग्रेस संगठन महासचिव जैसाराम मेघवाल ने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव करते हुए सुबह 11 बजे कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता सरजावा दरवाजे की बजाय कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए जहां जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य के नेतृत्व एवं वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में धरना दिया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में जीडीपी पाताल में महंगाई आसमान में, जनता पर महंगाई का डाका यही मोदीराज का खाका, महंगाई की मार भ्रष्ट मोदी सरकार इत्यादि नारे लिखी तख्तियां व पार्टी के झंड़े थामकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया तथा प्रधानमंत्री व गृहमंत्री का पुतला फूंका।

विरोध प्रदर्शन करते हुए उपस्थित कांग्रेसजनों ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व  भाजपा के खिलाफ कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।

मेघवाल ने बताया कि विरोध प्रदर्शन व पुतला दहन के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रेस से मुखातिब होकर कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष खिलाफ ईडी द्वारा राजनीतिक दबाव में परेशान करने की नीयत से बार-बार बुलाकर पूछताछ करने की कार्यवाही को सरासर गलत व बदनाम करने के षडयंत्र का हिस्सा करार दिया। आर्य ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ की जा रही ईडी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है।

उन्होंने कहा कि इस पर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। लोकतंत्र में सबको आवाज उठाने का अधिकार है। राहुल गांधी लगातार जनता के मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। उनके खिलाफ जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। लोकतंत्र को बचाने के लिए कांग्रेस सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेगी। कांग्रेस का हर कार्यकर्ता राहुल गांधी के साथ खड़ा है। केंद्र सरकार के ऐसे हथकंडों से पार्टी नहीं डरेगी।

कांग्रेस प्रवक्ता संजय कुमार वर्मा ने बताया कि नेशनल हेराल्ड केस में ईडी द्वारा की जा रही कार्रवाई से कांग्रेसियों में नाराजगी है कांग्रेस  नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राजनीतिक प्रतिशोध और द्वेष भावना से प्रेरित होकर सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव राजेन्द्र सांखला, इन्दरसिंह देवड़ा, जिला संगठन महासचिव जैसाराम मेघवाल, उपाध्यक्ष एडवोकेट मुनव्वर हुसैन, पुखराज गहलोत, राजेश गहलोत, भूपेन्द्र सिंह सोलंकी, रतनलाल प्रजापत, मोहनलाल मीणा, महासचिव पुखराज परिहार, सचिव विजयसिंह रुखाड़ा, फूलाराम सुथार, पिंडवाड़ा नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश रावल, सिरोही नगर कांग्रेस प्रभारी जयंतीलाल माली, प्रवक्ता परबतसिंह काबा, अंकुर रावल, जिला क्रीड़ा परिषद उपाध्यक्ष हरदेव आर्य, महिला शक्ति अनीता कुंवर, जसोदा कुंवर,सूरज कुंवर,सिरोही ब्लॉक कांग्रेस महासचिव छगनलाल कुम्हार आदि मौजूद थे।

पूर्व सरपंच जबरसिंह, वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रतापसिंह राठौड़, मिश्रीमल चौहान, लेखराज ओझा, सक्रिय कार्यकर्ता शहजाद शाह, भंवरलाल हिण्डोनिया, युसुफ मंसुरी, सत्तार मोहम्मद गुजराती, भरत राणा, छोगाराम गोयली, पिंडवाड़ा से भैराराम मेघवाल, जैसाराम हीरागर, भूपेन्द्र परमार, महेन्द्र मारु, देवेन्द्र पाल, सरुपगंज से जवानाराम माली, कसनाराम देवासी, रमेश चौधरी, रामाराम गरासिया, अनादरा से नगर अध्यक्ष कानाराम मेघवाल, वरिष्ठ कांग्रेसी वली मोहम्मद, वेलाराम कोली इत्यादि सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर विरोध प्रदर्शन किया।