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पत्थरबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के योगी ने दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विभिन्न शहरों में शुक्रवार को पथराव की घटनाओं के बाद प्रशासन को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि योगी ने राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से पथराव एवं नारेबाजी वाले शहरों की स्थिति की जानकारी ली है। उन्होंने राज्य के अपर मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को उपद्रवियों की पहचान कर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

इस बीच अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने कहा कि प्रयागराज सहित कुछ शहरों से जुमे की नमाज के बाद पथराव और नारेबाजी की घटनाएं होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर प्रदेश में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अता की गई। जिन स्थानों पर शांति भंग करने के प्रयास किए गए, वहां उपद्रवियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिन शहरों में भी शांतिभंग करने की कोशिश की गई, उनमें बच्चों और किशोरों को आगे किया गया। अवस्थी ने कहा कि ऐसे लोगों से अपील की जाती है कि वे अपने दायित्वों को समझते हुए शांति बनाए रखें।

राज्य के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक डीएस चौहान ने कहा कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के मद्देनजर पूरे प्रदेश में धर्मगुरुओं और इलाके के सम्मानित नागरिकों से पहले ही शांति बनाए अपील की गई थी। चौहान ने कहा कि उपद्रव की आशंका के मद्देनजर पूरे प्रदेश में व्यापक पैमाने पर पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया था। नतीजतन प्रयागराज, फिरोजाबाद, मुरादाबाद और सहारनपुर को छोड़कर पूरे प्रदेश में अमन चैन कायम रहा। उपद्रव की कोशिश वाले शहरों में भी पुलिस ने संयम से काम लिया और जनहानि नहीं होने दी।

चौहान ने कहा कि जहां लोगों ने कानून का पालन किया वहां किसी को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन जहां कहीं भी जिन लोगों ने कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश की है, उन्हें कानून के दायरे में लाकर न्यायालय के दरवाजे तक ले जाया जायेगा, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

इस बीच उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश दंगा मुक्त है और दंगा मुक्त रहेगा। उन्होंने कहा कि दंगा फैलाने की जिन लोगों ने भी कोशिश की है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

तीन राज्यसभा सीटों पर कांग्रेस की विजय लोकतंत्र की जीत : गहलोत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यसभा चुनाव परिणामों पर खुशी जताते हुए कहा है कि राज्य में तीन राज्यसभा सीटों पर कांग्रेस की विजय लोकतंत्र की जीत है।

गहलोत ने राज्यसभा चुनाव परिणाम सामने आते ही अपनी प्रतिक्रिया में यह बात कही। उन्होंने कहा कि मैं तीनों नवनिर्वाचित सांसदों प्रमोद तिवारी, मुकुल वासनिक एवं रणदीप सुरजेवाला को बधाई देता हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि तीनों सांसद दिल्ली में राजस्थान के हक की मजबूती से पैरवी कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यह शुरू से स्पष्ट था कि कांग्रेस के पास तीनों सीटों के लिए जरूरी बहुमत है। परन्तु भाजपा ने एक निर्दलीय को उतारकर हॉर्स ट्रेडिंग का प्रयास किया। हमारे विधायकों की एकजुटता ने इस प्रयास को करारा जवाब दिया है। मुख्यमंत्री ने दावा करते हुए कहा कि अगले वर्ष विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को इसी तरह हार का सामना करना पड़ेगा।

राज्यसभा चुनाव : कांग्रेस के रणदीप, मुकुल एवं प्रमोद तथा BJP के घनश्याम जीते

प्रयागराज के हालात काबू में, अब चलेगा ‘गुंडई की दुकानों’ पर बुल्डोजर : एडीजे प्रेम प्रकाश

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार को खुल्दाबाद इलाके में अटाला बाग की मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद नारेबाजी और पथराव की घटना के पीछे पुलिस ने उपद्रवियों द्वारा बच्चों को ढाल बना कर हुए उपद्रव की मूल वजह बताई है।

प्रयागराज क्षेत्र के अपर पुलिस महानिदेशक प्रेम प्रकाश ने कहा कि पुलिस को उपद्रवियों द्वारा बच्चों को ढाल बना कर अशांति फैलाने की खुफिया सूचना पहले मिली थी। इसके मद्देनजर अशांति की आशंका वाले इलाकों में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर स्थानीय लोगों, धर्मगुरुओं और अन्य समूहों से बातचीत कर अमन चैन कायम करने की अपील की गई थी।

उन्होंने कहा कि आज जैसे ही जुमे की नमाज खत्म हुई, उसके बाद कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरु कर दी। पुलिस ने जब इन लोंगों को समझाना चाहा, तो पथराव शुरु कर दिया गया। जो लोग इस उपद्रव में शामिल थे, उन्हें पहचान कर उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन घरों और जगहों से पत्थर फेंके गये हैं उन स्थानों की वीडियोग्राफी कराई गई है और इसके आधार पर माकूल कार्रवाई की जाएगी।

प्रकाश ने कहा कि गुरुवार को प्रयागराज के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने धर्मगुरुओं के साथ मिलकर बैठक की थी, जिसमें इन सभी लोगों ने भरोसा दिलाया था कि शांंति बनाए रखी जाएगी और कुछ नहीं होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, यह सरासर वादाखिलाफी है। बच्चों और नौजवानों की आड़ में पत्थरबाजी की गई। इसकी वजह से पुलिस ने पूरे संयम के साथ कार्रवाई की, जिससे कि बच्चों को कोई नुकसान न पहुंचे।

यह पूछे जाने पर कि इस वारदात के पीछे किसका हाथ हो सकता है, उन्होंने कहा कि इसके पीछे वामपंथी संगठनों का हाथ हो सकता है। प्रकाश ने कहा कि जो संगठन सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, उनके भी नाम इस उपद्रव में शामिल होने में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें आइसा, एआईएमआईएम और सपा के कुछ लोगों के भी नाम सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि कल हमने कुछ लोगों को निजी मुचलके पर पाबंद किया था, लेकिन उन्होंने मुचलके का उल्लंघन किया है। ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रकाश ने कहा कि शुक्रवार की घटना के जरिये इलाके में अशांति फैलाने वालों की पहचान कर इनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरु हो गई है। यह घटना बड़ी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में बहुत से लोगों ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर दुकानें आदि बनाई हैं।

प्रकाश ने कहा कि नूरुल्ला रोड पर काफी बड़े पैमाने पर अवैध कब्जों की सफाई कर दी गई थी। अब इस इलाके में (अटाला बाग) भी अब बुल्डोजर चला कर अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस इलाके में अवैध कब्जों की आड़ में गुंडई की दुकानें चलाई जा रही थीं, जिन्हें अब बहुत सख्ती के साथ बुल्डोलर से साफ कर दिया जाएगा।

राज्यसभा चुनाव : कांग्रेस के रणदीप, मुकुल एवं प्रमोद तथा BJP के घनश्याम जीते

जयपुर। राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटों पर आज हुए चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक एवं प्रमोद तिवारी तथा भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी घनश्याम तिवाडी विजयी रहे जबकि भाजपा समर्थित एवं निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चन्द्रा चुनाव हार गए।

राज्यसभा की इन चार सीटों के चुनाव में कांग्रेस के तीनों प्रत्याशी चुनाव जीत गए जबकि इस चुनाव में भाजपा अपना उम्मीदवार को जीताने में सफल रही लेकिन वह अपने समर्थित एवं निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चन्द्रा को नहीं जीता सकी। इस चुनाव में भाजपा ने निर्दलीय को समर्थन देकर एक तरह से अपना दूसरा प्रत्याशी खड़ा किया था लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जादूगरी के आगे उसकी रणनीति विफल रही।

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के सुरजेवाला को 43, वासनिक को 43 तथा प्रमोद तिवारी काे 41 मत मिले जबकि भाजपा के घनश्याम तिवाडी ने 43 मत हासिल किए। चुनाव हार चुके चन्द्रा को 30 मत मिले। इस चुनाव में भाजपा विधायक शोभारानी ने क्रोस वोटिंग की। उन्होंने अपना मत कांग्रेस प्रत्याशी को दिया।

इस चुनाव के बाद कांग्रेस के राज्यसभा में छह सांसद हो गए। इनके अलावा वर्तमान में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं। इसी तरह नीरज डांगी एवं केसी वेणुगोपाल भी कांग्रेस से राज्यसभा सांसद हैं।

भाजपा के राज्यसभा में अब चार सांसद रह गए हैं जिनमें घनश्याम तिवाड़ी के अलावा केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव राजस्थान से राज्यसभा सांसद है। इसी तरह राजेन्द्र गहलोत एवं किरोड़ी लाल मीणा भी राजस्थान से भाजपा सांसद है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले राजस्थान से राज्यसभा में भाजपा के सर्वाधिक सात सांसद थे।

सुरजेवाला हरियाणा के कैथल से विधायक बनकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा नीत कांग्रेस सरकार में वर्ष 2009 से 2014 तक मंत्री रहे हैं। वह हरियाणा के सबसे कम आयु के मंत्री बने थे। वर्ष 2005 में उन्हें यातायात व संसदीय कार्य मंत्री भी बनाया गया। वर्ष 2014 के चुनावों में कांग्रेस प्रदेश में तीसरे स्थान पर रही लेकिन रणदीप अपनी सीट से पुनः निर्वाचित होने में सफल रहे।

कांग्रेस के राज्यसभा चुनाव जीतने वाले दूसरे प्रत्याशी मुकुल वासनिक महाराष्ट्र की बुलढाना लोकसभी सीट से 25 साल की उम्र में सांसद बन थे। मुकुल वासनिक ने बुलढाना संसदीय सीट से 1984, 1991 और 1998 में लोकसभा चुनाव जीता था।

वर्ष 2009 में उन्होंने अपनी पारंपरिक सीट बुलढाना को छोड़ दिया और रामटेक से लोकसभा चुनाव जीता। उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार (संप्रग) में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री बनाया गया था। वह राजस्थान में पार्टी प्रभारी भी रहे।

कांग्रेस के चुनाव जीतने वाले तीसरे उम्मीदवार प्रमोद तिवारी उत्तर प्रदेश में रामपुर खास विधानसभा सीट से नौ बार लगातार चुनाव जीता। प्रमोद तिवारी इस सीट से पहली बार 1980 में जीते थे। प्रमोद तिवारी 1984 से 1989 के बीच दो बार राज्य मंत्री बने। प्रतापगढ़ की रामपुरखास सीट से लगातार नौ विधानसभा चुनाव जीतकर गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज कराने वाले प्रमोद तिवारी पिछले दो दशक से कांग्रेस विधायक दल के नेता भी रहे।

इनके अलावा भाजपा उम्मीदवार के रुप में राज्यसभा चुनाव जीतने वाले करीब 75 वर्ष के घनश्याम तिवाड़ी का लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है। वह करीब 45 साल से राजनीति में सक्रिय हैं। भाजपा की सरकारों में मंत्री भी रहे। चिकित्सा, शिक्षा जैसे महकमे भी संभाले। वर्ष 2013 में वसुंधरा राजे ने तिवाड़ी को मंत्री नहीं बनाने पर उन्होंने राजे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

बाद में जून 2018 में तिवाड़ी ने भाजपा छोड़ दी और भारत वाहिनी पार्टी नाम से अपनी नई पार्टी बना ली और सांगानेर से अपनी पार्टी के उम्मीदवार के रुप में विधानसभा का चुनाव लड़ा लेकिन वह भाजपा प्रत्याशी के आगे अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। इसके बाद लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस में शामिल हो गए लेकिन बाद में वापस भाजपा में आ गए।

बेंगलूरु में शादी से इंकार करने पर तलाकशुदा युवती पर फेंका तेजाब

बेंगलूरु। कर्नाटक की राजधानी व सिलिकॉन सिटी के नाम से मशहूर बेंगलूरु में एसिड का एक और मामला सामने आया जब एक शख्स ने 32 साल की युवती पर तेजाब फेंक दिया।

घटना शहर के सरक्की सिग्नल के पास हुई और आरोपी की पहचान अहमद के रूप में की गई है। पति से तलाकशुदा उक्त युवती का दो साल से अहमद के साथ अवैध संबंध रहा था। शादी को लेकर दोनों के बीच में बहस भी हुई थी।

जब युवती ने बेटी रहने कारण अहमद से शादी करने से इंकार कर दिया तो उसके बाद महिला पर (एसिड) तेजाब फेंककर अहमद फरार हो गया। घटना के सम्बन्ध में कुमारस्वामी लेआउट थाना में मामला दाखिल किया गया है। पीड़िता को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आरोपी अहमद बेंगलूरु के गोरीपलिया का रहने वाला है और पीड़िता व अहमद एक दूसरे को पसंद करते थे। पीड़िता ने हालांकि, पहले बेटी के कारण दोबारा शादी करने के लिए कुछ समय मांगा था। नहीं मानने वाले अहमद ने मांग की कि वह तुरंत शादी कर ले।

आत्मदाह मामले में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वकीलों का प्रदर्शन

अजमेर। राजस्थान के अजमेर में आज वकीलों ने सीकर के एक वकील द्वारा आत्मदाह मामले में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिला कलक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया।

जिला बार एसोसिएशन के बैनर तले वकील समुदाय जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर से नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में जिलाधीशालय पहुंचे।

वकीलों की मांग रही कि सीकर जिले के खण्डेला थानाक्षेत्र में 40 वर्षीय युवा वकील हंसराज मावलिया द्वारा पेट्रोल छिड़क कर लगाई आग के पीछे क्या कारण रहे, इसकी जांच कराई जाए साथ ही दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाए। बार एसोसिएशन ने कलक्टर को दिये ज्ञापन में दिवंगत वकील के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए निष्पक्ष जांच कराने एवं न्याय की मांग की है।

बाबा योगेन्द्र के निधन पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्कार भारती के सरंक्षक बाबा योगेन्द्र के शुक्रवार को हुए निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि ‘संस्कार भारती’ के संस्थापक, असंख्य कला प्रेमियों के प्रेरणास्रोत, कला ऋषि, पद्मश्री बाबा योगेन्द्र जी का निधन राष्ट्र के लिये अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति व उनके असंख्य प्रशंसकों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार योगी ने अपने शोक संदेश में कहा कि बाबा योगेन्द्र कला के प्रति समर्पित रहे। उन्होंने नवोदित कलाकारों को हमेशा प्रोत्साहित किया। उनके निधन से कला जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं संस्कार भारती के संरक्षक पद्मश्री बाबा योगेंद्र का यहां एक अस्पताल में शुक्रवार को सुबह निधन हो गया था। वह 98 वर्ष के थे। बाबा योगेंद्र पिछले कुछ समय से अस्वस्थ्य थे तथा उनका लखनऊ स्थित एक अस्पताल मे उपचार चल रहा था। सुबह करीब 8 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

बाबा योगेंद्र कला के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था संस्कार भारती के संस्थापक थे। उनका जन्म 7 जनवरी 1924 को उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में हुआ था। बचपन में ही वह गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में जाने लगे। इसके बाद गोरखपुर में पढ़ाई के दौरान उनका संपर्क संघ के प्रचारक नानाजी देशमुख से हुआ। संघ का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वह प्रचारक बने।

राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की चार सीटों पर मतदान जारी

जयपुर। राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटों पर आज सुबह नौ बजे शुरू हुआ मतदान जारी है। मतदान शुरू होते ही पहला मत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डाला है। इसके बाद बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस में आए विधायकों ने वोट डाला। इनमें मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने दूसरा वोट डाला।

इससे पहले कांग्रेस विधायकों की पहली बस विधानसभा पहुंची जिसमें 40 से अधिक विधायक वोट डालने पहुंचे। इसके बाद भाजपा विधायकों की पहली बस पहुंची और विधायकों ने अपना मतदान किया।

इसी तरह कांग्रेस एवं उसके समर्थित विधायक तीन बसों में आए जबकि भाजपा के विधायक दो बसों में भरकर मतदान करने पहुंचे। भाजपा के डा सतीश पूनियां, गुलाबचंद कटारिया, राजेंद्र सिंह राठौड़ सहित कई विधायक अपना वोट डाल चुके हैं। शुरू में मतदान के लिए कांग्रेस और भाजपा एवं अन्य विधायक पंक्ति में खड़े अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मतदान का समय सायं चार बजे तक का है और मतगणना पांच बजे शुरू होगी।

उल्लेखनीय है कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन उम्मीदवार रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक एवं प्रमोद तिवारी चुनाव मैदान में हैं जबकि भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी उम्मीदवार हैं। सांसद सुभाष चन्द्रा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है।

विधानसभा में विधायकों की संख्या बल के आधार पर दो कांग्रेस एवं एक भाजपा के उम्मीदवार की जीत पक्की मानी जा रही है और चौथी सीट के लिए मुकाबला है। कांग्रेस के नेता उसके समर्थित निर्दलीय, कुछ क्षेत्रीय दलों के विधायकों सहित 126 विधायकों का समर्थन बताते हुए तीनों उम्मीदवारों के जीतने का दावा कर रहे हैं।

भाजपा को संभालना चाहिए अपना घर : गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी  को अपना घर संभालने की नसीहत देते हुए फिर कहा है कि राज्यसभा चुनाव में हमारे तीनों उम्मीदवार आराम से चुनाव जीत रहे हैं।

गहलोत ने आज राज्यसभा मतदान के अवसर पर मीडिया से आज यह बात कही। उन्होंने कहा कि फिर कहूंगा तीनों सीटें हम जीत रहे हैं आराम से और भाजपा को अपना घर संभालना चाहिए क्योंकि भगदड़ मची हुई वहां पर है। इन्होंने जिस प्रकार से दूसरा उम्मीदवार खड़ा किया, उसको उनकी पार्टी के विधायकों ने ही लाइक नहीं किया। अनावश्यक हॉर्स ट्रेडिंग से दूसरा उम्मीदवार जीतने की क्या तुक थी।

उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में इसका रिएक्शन है। अनावश्क चुनाव करवा दिए, वरना चारों सीटें, तीन हमारी एक भाजपा की आराम से जीतती। ऐसे एक्ट को कोई लाइक नहीं करता। पहले भी इन्होंने ऐसे ही किया था पिछले चुनाव में, वहां भी मात खानी पड़ी इन लोगों को, अब फिर इस बार ये लोग मात खाएंगे।

सादगी और समरसता की मिसाल बना सेवा भारती का सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन

सवाईमाधोपुर। गंगादशमी के पावन अवसर पर गुरुवार को सेवा भारती समिति सवाई माधोपुर की ओर से श्रीराम जानकी प्रथम सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया।

सवाई माधोपुर के बालिका आदर्श विद्या मंदिर मानटाउन के प्रांगण में हुए इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में तीन अलग-अलग समाजों के 5 जोड़ों ने अग्नि के समक्ष फेरे लेकर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया। इस आयोजन ने सादगी और समरसता का अनूठा उदाहरण स्थापित किया।

विवाह के विभिन्न आयोजनों का आरंभ प्रातः 7.30 बजे वर व वधु के परिवारजनों के आगमन के साथ हुआ। वधु पक्ष की व्यवस्था विद्या मंदिर में और वर पक्ष की व्यवस्था ब्राइटसन सीसेपब्लिक स्कूल में की गई। अल्पाहार के बाद वर निकासी हुई।

सजे-धजे दूल्हे घोड़ी पर बैठकर डीजे पर बजती धुनों के साथ विवाह स्थल की ओर चले। श्रीराम जानकी की झांकी के साथ दूल्हों की बारात मुख्य बाजार से होकर विवाह स्थल पर 11.10 बजे पहुंची जहां विधि विधान से तोरण की रस्म हुई और वर-वधु को मंच पर लाया गया। मंच पर वरमाला का कार्यक्रम हुआ।

इस अवसर पर सेवा भारती समिति राजस्थान के क्षेत्रीय मंत्री राधेश्याम शर्मा ने सेवा भारती के सेवा कार्यों की जानकादी देते हुए सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन का महत्व और उपयोगिता बताई। आश्रम चणक्य दह के संत देवानंद गिरि महाराज, विष्णु दास महाराज ने सभी जोड़ों को सफल गृहस्थ जीवन के लिए आशीर्वाद प्रदान किया। सेवा भारती राजस्थान के क्षेत्रीय संगठन मंत्री मूलचंद सोनी, सेवा भारती के जिला संरक्षक डॉ. पी.एल बंसल, विवाह आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. आरपी गुप्ता ने भी जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।

इसके बाद पूज्य आचार्य द्वारा वैदिक रीति से पांचों जोड़ों का पाणिग्रहण संस्कार हुआ। सभी जोड़ों को उपहार स्वरूप घर-गृहस्थी का जरूरी सामान भेंट दिया गया। सम्मेलन की विभिन्न व्यवस्थाओं को सेवा भारती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने संभाला।

ज्ञानगंगा के ब्रोशर का विमोचन

जयपुर।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख स्वांतरंजन के करकमलों से गुरुवार को ज्ञानगंगा प्रकाशन के ब्रोशर का विमोचन हुआ। जामड़ोली स्थित एक शिक्षण संस्थान में यह विमोचन कार्यक्रम हुआ। संघ के जयपुर प्रांत संघचालक सरदार महेंद्र सिंह मग्गो भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि ज्ञानगंगा प्रकाशन द्वारा अनेक राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर पुस्तकों का प्रकाशन हुआ है। भारतीय संस्कृति और महापुरुष के जीवन पर भी पुस्तक प्रकाशन किया गया है।

राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी संघ ने रेवेन्यू बोर्ड चैयरमेन को सौंपा ज्ञापन

अजमेर। मंत्रालयिक सेवा के पदों का पुनर्गठन कर राजस्व न्यायालयों में सुधार एवं उपखंड कार्यालयों में कार्यभार अनुसार अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के पदों के आवंटन के संदर्भ में गुरुवार को राजस्थान राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी संघ की ओर से रेवेन्यू बोर्ड के चैयरमेन को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में बताया गया कि मुख्यमंत्री के बजट भाषण के बिन्दू संख्या 125 की पालना में राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय मंत्रा​लयिक सेवा का पुनर्गठन किए जाने बाबत वित्त विभाग् के आदेशानुसार संयुक्त शासन सचिव राजस्व ग्रुप 2 विभाग के प्रासंगिक पत्र द्वारा राजस्व मंडल से मंत्रालयिक संवर्ग के स्वीकृत पदों के पुनर्गठन किए जाने बाबत प्रस्ताव 10 जून तक अनिवार्य रूप से चाहे गए हैं।

राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी संघ का निवेदन है कि राजस्व विभाग में कलक्टर कार्यालय, सहायक कलक्टर कार्यालय, उपखंड कार्यालय, तहसील कार्यालय एवं उप तहसील कार्यालयों में कार्यभार के अनुसार पदों का वितरण हो। कलक्टर के अधीन संचालित कार्यालयों में नवीन सृजित होने वाले कुल 524 संभावित पदों में से 308 पद उपखंड कार्यालयों में राजस्व न्यायालयों में सुधार हेतु रीडर कार्य हेतु आवंटित किया जाना आवश्यक है ताकि राजस्व न्यायालयों का कार्य सुचारू रूप से हो सके एवं उपखंड स्तर पर समस्त विभागों का प्रभावी नियंत्रण एवं उपखंड स्तर पर राज्य सरकार की समस्त फ्लेगशिप योजनाओं की प्रभावी मोनिटरिंग हो सके व आमजन को सही समय पर राहत मिल सके।

राजस्व विभाग में नवीन सृजित होने वाले पदों को जिला कलक्टर कार्यालय, उपखंड कार्यालय, सहायक कलक्टर कार्यालश् तथा तहसील व उप तहसील कार्यालयों में कार्यभार के अनुसार वितरण किया जा सकता है।

राजस्व विभाग के अधीनस्थ उपखंड एवं पदेन सहायक कलक्टर कार्यालय संचालित होते हैं जिनमें राजस्व न्यायालय का कार्य संपादित होता है जो कि राजस्व वाद दायर का प्रथम न्यायालय है। उपखंड न्यायालयों के निर्णय पश्चात अपीलीय न्यायालयों के निर्णय भी उपखंड न्यायालय के निर्णय पर ही आधारित होते हैं।

उपखंड कार्यालय में उपखंड स्तर पर विभिन्न वि​भागों के पर्यवेक्षण एवं उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के अधिकार भी प्राप्त हैं एवं राज्य सरकार की समस्त फ्लेगशिप योजनाओं की क्रियान्विति एवं धरातल पर योजनाओं के पर्यवेक्षण का कार्य होता है। परंतु वर्तमान में उपखंड कार्यालयों में सुधार हेतु रीडर का कार्य, कार्यालय अधीक्षक के रूप में अधिनस्थ कार्मिकों का पर्यवेक्षण, ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के प्रकरण, लेखा का प्रभारी तथा आहरण वितरण अधिकारी के कार्य हेतु आवश्यक है।

राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी संघ ने कहा है कि राजस्व विभाग में कार्यभार अनुसार पदों का वितरण कर राजस्व विभाग के कार्यों को गति देने एवं राजस्व न्यायालयों में सुधार एवं उपखंड स्तर पर समस्त विभागों का प्रभावी नियंत्रण एवं उपखंड स्तर पर राज्य सरकार की समस्त फ्लेगशिप योजनाओं की प्रभावी मोनिटरिंग होने से आमजन को राहत मिल सकेगी।