पत्थलगांव में सोशल मीडिया पर युवती से दोस्ती, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल

पत्थलगांव/जशपुर। छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव में सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद एक युवती की अश्लील वीडियो बनाने और उसे वायरल करने के आरोप में थाना बागबहार पुलिस ने आरोपी विकास नोनिया (22) को गिरफ्तार किया है।
पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड विधान तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू की थी।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से रविवार को मिली जानकारी के अनुसार मामले की शिकायत 28 नवंबर 2025 को बागबहार थाना क्षेत्र के एक गांव की 23 वर्षीय युवती ने दर्ज कराई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2021 में फेसबुक पर आरोपी का फ्रेंड रिक्वेस्ट आया था, जिसमें उसने खुद को झारखंड निवासी बताया था। फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद दोनों में लगातार चैटिंग होने लगी और संबंधों में घनिष्ठता बढ़ गई। इसी दौरान विकास ने वीडियो कॉल के माध्यम से युवती की अश्लील वीडियो बना ली थी।

आरोप यह भी है कि 26 फरवरी 2024 को आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को रायपुर बुलाया और भय का फायदा उठाकर उसे बस से झारखंड स्थित अपने घर ले गया, जहां युवती तीन दिनों तक उसके साथ रही। नानी की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर पीड़िता किसी तरह वापस अपने गृहग्राम लौट आई, लेकिन इसके बाद भी आरोपी उसे बार-बार लौटने का दबाव डालता रहा और धमकियां देता रहा।

युवती द्वारा बात बंद कर देने के बाद आरोपी ने आक्रोश में आकर युवती के नाम से फर्जी आईडी बनाई और उसे बदनाम करने की नीयत से अश्लील वीडियो को उसके परिवार तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया।जांच के दौरान बागबहार पुलिस को सूचना मिली कि विकास पीड़िता से मिलने के लिए पत्थलगांव क्षेत्र में आया है। पुलिस ने त्वरित घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध स्वीकार किए, जिसके बाद पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जप्त किया है और आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर, शशि मोहन सिंह ने इस घटना पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जशपुर पुलिस महिलाओं से जुड़े अपराधों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। ऐसे कृत्यों में संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आगे जोड़ा कि महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़, ब्लैकमेलिंग और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई ज़ीरो टॉलरेंस पर आधारित रहेगी।