रामझरोखा मंदिर की भूमि की जांच रिपोर्ट में दिखी अजीबो-गरीब क्रोनोलॉजी 

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जांच रिपोर्ट के अनुसार पट्टा जारी होने और पट्टे लिए आवेदन कर की तिथि।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। रामझरोखा मंदिर के पास कथित रूप से मंदिर की जमीन को बेचने के मामले में जिला कलेक्टर ने नगर पालिका के राजस्व अधिकारी भंवरलाल, सहायक अभियंता पंकज कुमार गुर्जर, राजस्व निरीक्षक सुशील कुमार पुरोहित की जांच समिति गठित की थी। इस जांच समिति ने जो जांच रिपोर्ट पेश की थी उसमें भी तथ्य ऐसे हैं जिनका आपस में सामंजस्य ही नहीं बैठता दिख रहा है। अब ये जानबूझकर किया या अनजाने में हुआ या इसका भी किसी सर्कुलर के आधार पर तकनीकी आधार था। शायद इसलिए ही इस क्रोनोलॉजी को इस रिपोर्ट में भी शक के दायरे से बाहर रखा जा रहा है।

– पट्टे के बाद किया ऑनलाइन आवेदन!

सबसे अद्भुत आंकड़ा इन आठ पट्टों की जांच की पहली पंक्ति में ही है। इस जांच रिपोर्ट में पट्टे के अनुसार रिपोर्ट बनाई गई है। हर पट्टे की बिन्दुवार रिपोर्ट बनाई गई है। सारे पट्टे एकसाथ और एक की भूमि के थे ऐसे में जांच रिपोर्ट में इनको लेकर टिप्पणियां भी एक सी हैं। बस लाभार्थी का नाम और पट्टों को जारी करने की तिथि बदली हुई है। जांच रिपोर्ट के शीर्षक में पट्टा संख्या और उसे जारी करने की तारीख लिखी है। पट्टा जारी करने की तारीख वही है जो संयम लोढ़ा और रामझरोखा की नियंत्रण एवं सलाहकार समिति के द्वारा रजिस्ट्रार ऑफिस से निकलवाए गए पट्टों में है।

लेकिन जांच टिप्पणी में इनके ऑनलाइन आवेदन की तिथि इससे भिन्न है। जांच रिपोर्ट के शीर्षक के अनुसार सभी आठ पट्टे 7 अगस्त 2025 को जारी किए गए। लेकिन इनके लिए ऑनलाइन आवेदन 21 अगस्त को किया गया। यानि ऑनलाइन आवेदन से पहले ही ऑफलाइन या फिजिकल पट्टे जारी हो गए। आवेदन से पहले पट्टे देने का प्रावधान किस सर्कुलर में आया हुआ इसका जिक्र जांच रिपोर्ट में नहीं किया गया है।

– ऑफलाइन फाइल तो संधारित ही नहीं

जांच रिपोर्ट की प्रस्तावना बताया गया है कि इन पट्टों की ऑफलाइन पत्रावली संधारित ही नहीं की गई या उस पर नोटिंग ही नहीं की गई। ऐसा नहीं किए जाने का प्रावधान यूडीएच के किस आदेश संख्या में है इसका जिक्र इसके साथ नहीं किया गया है। ऑफलाइन फाइल अगर पहले जमा हुई होती और उस पर नोटिंग के बाद ऑफलाइन पट्टे जारी कर दिए होते तो फिर भी क्रोनोलॉजी बैठ जाती। लेकिन, ऑफलाइन फाइल संधारित नहीं हुई और 69 ए के ऑनलाइन आवेदन पट्टे जारी होने के बाद किए गए हैं तो फिर सारी कार्यालय टिप्पणियां कहां गईं? ये जादू हुआ कैसे कि आवेदन से पहले पट्टे निकल गए।